काश उन्हें भी कभी हम पे ऐतबार तो होता – ऐतबार शायरी

काश उन्हें भी कभी हमपे ऐतबार तो होता
 

काश उनका दिल इतना शख्त न होता ,
प्यार हमसे भी कभी उन्होंने किया होता ..
एक हम भी थे उनके चाहने वाले ,
काश उन्हें भी कभी हमपे ऐतबार तो होता ..

kaash unka dil itna saqt na hota
 

kaash unka dil itna saqt na hota,
payar humse bhi kabhi unhone kiya hota..
ek hum bhi the unke chahne waalo,
kash unhee bhi kabhi humpe etbaar to hota..


हमे तो मोहब्बत हो गयी
 

आप के साथ रहते रहते हमे चाहत सी हो गयी
आप से बात करते करते हमे आदत सी हो गयी
एक पल न मिलो बेचैनी सी लगती है
दोस्ती निभाते निभाते हमे तो मोहब्बत हो गयी

Humay to mohabbat ho gaee
 

Aap ke saath rehte rehte humay chahat si ho gaee
Aap se baat karte karte humay addat si ho gaee
Ek pal na millo bechaini si lagti hai
Dosti nibhate nibhate humay to mohabbat ho gaee..


वफ़ा
 

सारा शहर उस के “जनाज़े ” में था शरीक
” वफ़ा “निभाते नभते जो शख्स मर गया

Wafa
 

Saara Shehar uss ke “Janaazey” mein tha shareek
“wafa” nibhate nbhate jo shaks mar gaya..


सौदागर
 

मुझसे बिछड़ के बेनाम हो जाओगे ..
सौदागर के हाथों नीलाम  हो जाओगे ..

Saudagar
 

Mujhse bichar k benaam ho jaao gay..
saudagar ke hathoon neelam hojao gay..


मुझको अच्छा नहीं लगता
 

मुझको अच्छा नहीं लगता तेरा हर एक से मिलना ..
हर एक से मिलोगे तो आम हो जाओगे …

Mujhko Acha nahi lagta
 

Mujhko Acha nahi lagta tera har ik se Milna..
Har ik say milogay tu Aam ho jaao gay..


जिंदगी
 

ऐ जिंदगी मुझसे यूँ दग़ा न कर ,
मैं जिन्दा राहु ऐसी दुआ न कर ,
कोई छूता है उन्हें तो होती है जलन ,
ऐ हवा तू भी उन्हें छुआ न कर ..

Jindagi
 

ae jindagi mujhse yun daga na kar,
main jinda rahu aisi dua na kar,
koi chuta hai unhe to hoti hai jalan,
ae hawa tu bhi unhe chua na kar..

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