कोरोना का इन इंडस्ट्रीज पर पड़ेगा बहुत बुरा असर

कोविद-19 अर्थात कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनियां पर तांडव कर रहा है। रोज इससे संक्रमित लोगो की संख्या बढती जा रही है। लाखो में लोग मर रहे हैं। इसका असर लोगो पर ही नही बल्कि देश की कई ऐसी इंडस्ट्रीज पर पड़ रहा है जो रोज बहुत नुक्सान झेल रही हैं और आगे भी नुक्सान बना रह सकता है। इन इंडस्ट्रीज में हज़ारो लोगो की नौकरी जाने का खतरा बना हुआ है। इंडस्ट्रीज को अपने खर्चे कम करने और फिर से पैरो पर खड़े होने के लिए अपने खरोचों में कटौती करनी पड़ेगी। आज इस पोस्ट में हम Which industries will affect more due to covid-19? अर्थात उन इंडस्ट्रीज के बारे में जानेगे जिस पर इसका सबसे बुरा असर पड़ा है।

Most affected industries due to Covid-19 | इंडस्ट्रीज पर कोरोना का बुरा असर

रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate)

कई शहरों में लोग रेंट पर रहते हैं खासकर नौकरी करने आए लोग और पढ़ने गए बच्चे। ऐसे हालातो के बाद जब लम्बे समय तक सबकी आमदनी रुक गयी हो ऐसे में कई लोग किराया देने में असमर्थ होंगे। हो सकता है रेंटल इंडस्ट्री के लोगो को किराया कम करने पड़ेगे और अगर उन्होंने ज्यादा जोर दिया तो हो सकता है उनका फ्लैट खाली ही रह जाए। इसी तरह किराए पर दुकाने भी कम हो सकती हैं क्योकि लोग किराए और डिपाजिट देने में असमर्थ होंगे।


पर्यटन सेक्टर (Tourism Sector)

भारत की जीडीपी में पर्यटन का बहुत बड़ा हाथ है। रोज में लाखो पर्यटक रोज में भारत के कोने कोने से और विदेश से आते हैं। लॉकडाउन के चलते ये सब बंद हो गया और पर्यटन से जुड़े अनेको गाइड, टैक्सी ड्राइवर्स और स्ट्रीट मार्केट वालो की कमाई रुक गयी है। लॉकडाउन खुलने के बाद भी कई महीनो तक लोग घूमने के लिए कही नही जाएंगे और वो बेरोजगार रोजमरा के खर्चे भी नही उठा पाएंगे।


एविएशन और रेलवे इंडस्ट्री (Railway Industries)

लॉकडाउन में ट्रेन्स और फ्लाइट्स भी बंद हो गयी है जिस वजह से एविएशन इंडस्ट्री और रेलवे करोडो रूपये का नुक्सान उठा रही है। वायरस के कहर के बाद वीसा के नियम कठोर हो जाएगे और कुछ और नियम लागू हो सकते है जिस वजह से इंटरनेशनल फ्लाइट्स में कम लोग यात्रा करेंगे। इतना ही नही वायरस के डर से लोग देश में भी एक जगह से दूसरी जगह फ्लाइट से जाने में कतराएंगे। लॉकडाउन के बाद सोशल डिस्टेंसिंग निभाने के चक्कर में एक फ्लाइट और ट्रेन में पहले जितने यात्री आते थे उससे आधे ही सफ़र कर पाएंगे जिससे उनकी कमाई पर बुरा असर पड़ेगा। हो सकता है एविएशन इंडस्ट्री और रेलवे वाले खर्चे कम करने के लिए अपने स्टाफ को कम कर दे और लोग अपनी नौकरियों से हाथ धो दे।


हॉस्पिटैलिटी सेक्टर (Hospitality Sector)

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर अर्थात होटल और होटल में काम करने वाले कुक, वेटर और मालिको को भी बहुत नुक्सान हो रहा है और आने वाले कुछ महीने उनके लिए बहुत कठिन होने वाले हैं। टूरिस्ट स्पॉट पर लोग जाएंगे नही और उनके होटल्स पर बुकिंग नही होंगी और लम्बे समय तक उनकी इनकम रुक जाएगी। ऐसा अनुमान है कोरोना कि वजह से कम से कम 3-4 करोड़ लोग अपना रोजगार खो देंगे।


फ़ूड इंडस्ट्री (Food Industry)

फ़ूड इंडस्ट्री पर भी कोरोना का बुरा असर पड़ा है और आगे भी पड़ेगा। इस वायरस से उभरने के बाद भी लम्बे समय तक लोग बाहर का खाना खाने से बचेंगे खासकर सेहत के लिए सजग लोग। हो सकता है बच्चे जो बाहर पढ़ने जाते है उनको उनके माता पिता बाहर न खाने की सख्त हिदायत दे।


एजुकेशन सेक्टर (Education Sector)

एजुकेशन सेक्टर जैसे कोचिंग इंस्टिट्यूट और एंट्रेंस एक्साम्स की तैयार करने वाले अनगिनत एजुकेशन सेंटर बंद पड़े हैं और आगे में इन्हें खोलने की इज़ाज़त नही दी जाएगी क्योकि यहाँ पर हजारो की संख्या में बच्चे पढ़ने आते हैं। बच्चो के एजुकेशन से जुड़े सभी संस्थानों को सबसे आखिर में खोला जाएगा और भी कठिन शर्तो के साथ। सोशल डिस्टेंसिंग के चलते उन्हें एक क्लास में सिर्फ कुछ ही बच्चो को रखने कि इजाजत होगी। स्कूल और कॉलेज भी इसके असर से बचे नही रहेंगे। सरकार द्वारा उन्हें फीस न लेने और आगे भी फीस में कटौती देने पर जोर दिया जा रहा है।


रिटेल सेक्टर (Retail Sector)

लॉकडाउन खुलने के बाद सोशल डिस्टेंस का खास ध्यान देना होगा और इसका रिटेल सेक्टर पर बुरा असर पड़ेगा क्योकि सोशल डिस्टेंसिंग के चलते कम लोग दूकान पर आएँगे जिससे उनकी कमाई पर असर पड़ेगा। रिटेल सेक्टर में सबसे ज्यादा बुरा असर कपडा व्यापारियों, फ़ूड इंडस्ट्री वालो जैसे रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फ़ूड पर पड़ेगा। राशन वाले रिटेल सेक्टर पर इसका सबसे कम असर पड़ेगा।


फैशन इंडस्ट्री (Fashion Industry)

पार्लर जैसे फैशन इंडस्ट्री से जुड़े व्यवसाय पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। क्योकि पुरुषो के पार्लर में एक कपडे और औज़ारो के इस्तेमाल से कोरोना फ़ैल सकता है। इसी तरफ औरतो के पार्लर में भी कोरोना फ़ैल सकता है। पार्लर में जाने वालो की संख्या बहुत कम हो जाएगी।


टेलीविज़न और सिनेमा इंडस्ट्री (Tv and Cinema)

कोरोना वायरस का असर थिएटर और सिनेमा इंडस्ट्री को भी हुआ है। लॉकडाउन में सभी सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स बंद है जहाँ रोज में अपना मनोरंजन करने हजारो लोग आते थे। इतना ही टेलीविज़न और सिनेमा जगत में कलाकारों के अलावा कई जूनियर आर्टिस्ट और कई अन्य छोटे मोटे काम के लिए हजारो लोग रखे जाते है जिनकी आजीविका बंद हो गयी है। उन हजारो लोगो की आजीविका बंद होने की वजह से उनको आर्थिक तंगी और तकलीफे झेलनी पढ़ रही है। उनके लिए तो रोज काम करना और रोज कमाना ही दिनचर्या थी और इस दिनचर्या के रुक जाने के कारण उनका हाल बुरा हो रहा है। आने वाले वक्त में भी उनका काम कब शुरू होगा ये अनिश्चित है। टेलीविज़न में रोज में आने वाले अनेको सीरियल की शूटिंग रुक गयी है और उन्हें भी नुक्सान झेलना पढ़ रहा है। ऐसा भी सुनने में आ रहा है इस लॉकडाउन की वजह से फिल्म और सीरियल बनाने में लगने वाला बजट गडबडा गया है जिस वजह से टेलीविज़न और सिनेमा जगत के कलाकारों की फीस में कटौती की पूरी सम्भावना है।


अगर आप भी ऐसी किसी इंडस्ट्री के बारे में जानते हैं या ऐसी किसी इंडस्ट्री से जुड़े है जिस पर कोरोना का असर हो रहा है तो कमेंट करके जरुर बताए।


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