तू आज भी मुझमे कहीं ज़िंदा है – Dard Bhari Kahani Breakup Story

Dard Bhari Kahani

Submitted by Azhar Mehmood

दोस्तों, ये एक breakup story in hindi जो कि काफी इमोशनल है. ये एक ज़ख़्मी दिल की कहानी है जिसने समाज के लिए अपना प्यार खो दिया. ये कहानी मेरे दिल के बहुत करीब है क्यूंकि ये मेरी real Hindi story है.

Dard Bhari Kahani

आँखें मूँद कर जब इस बारिश को महसूस करता हूँ…

तो ऐसा लगता है उसने मेरा हाथ थाम रखा है..

इस सन्नाटे में भी ऐसा लगता है वो मुझे बुला रही है.

मेरा नाम अज़हर मेहमूद है. मुझसे ज़िन्दगी में सिंर्फ एक गलती हो गयी कि मैंने हिन्दू लड़की से प्यार कर लिया, उसका नाम आस्था था. मैंने अपनी ज़िन्दगी में इतना प्यार शायद कभी किसी से नहीं किया था जितना आस्था को करता था. हमारा कॉलेज ख़त्म हुआ, जॉब लग गयी और वो दिन आ गया जिस दिन हमने फैसला किया कि एक दूसरे क घरवालों को अपने रिश्ते के बारे में बताये. 1 जुलाई 2018 का दिन था जब मैंने अपने घरवालों को आस्था के बारे में बताया.

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अम्मी अब्बू तो जैसे सदमे में चले गए थे. मैंने अपना पूरा दिल खोलकर उनके सामने रख दिया था लेकिन अब्बू तो मानने के लिए तैयार ही नहीं थे. वहीँ आस्था के घरवाले भी इस रिश्ते के बिलकुल खिलाफ थे.

अब हम बड़ी दुविधा में फंसे हुए थे. हर पल बस यही सोचते थे कि घरवालों को निकाह के लिए कैसे राज़ी करवाया जाए. मैंने बहुत कोशिश की लेकिन ना तो अम्मी मानी और अब्बू तो बहुत ही ज़्यादा खिलाफ थे इस निकाह के.

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हार कर मैंने आस्था को घर छोड़ कर शादी करने के लिए कहा लेकिन एक लड़की के लिए ये बहुत मुश्किल होता है और मैं उसकी बात समझता था. इसलिए मैंने और आस्था ने मिलकर ये फैसला किया कि हम दोनों अपने घरवालों की ख़ुशी के लिए अलग हो जाएंगे और हमने ये वादा किया कि अब एक दूसरे से कभी नहीं मिलेंगे.

हालांकि मुझे आस्था से दूर हुए अभी 2 ही दिन हुए थे, मेरा दिल बहुत मचल रहा था. वो कहते है न जिसके साथ आपने पूरी ज़िन्दगी बिताने का फैसला किया हो, उसे भूलना इतना आसान नहीं होता साहब. बस आस्था की बाते, उसका चेहरा, उसकी मुस्कराहट हर समय मुझे याद आती थी. लेकिन करता भी क्या, माँ बाप की इज़्ज़त और उनकी ज़िद्द के आगे मैं हार चूका था.

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लेकिन 10 दिन के बाद मुझसे रहा ना गया और मैंने आस्था की बेस्ट फ्रेंड, वैशाली को फ़ोन करके आस्था का हालचाल पूछने की सोची, मुझे क्या पता था कि वो पल मेरी ज़िन्दगी में क़यामत बन कर आने वाला है. 

मैंने वैशाली को फ़ोन किया और कहा “वैशाली…आस्था…..” मेरा इतना ही कहना था कि वैशाली ने कहा “वैशाली, अब इस दुनिया में नहीं रही. आज शाम को उसका अंतिम संस्कार है, आखिरी बार उसे देखने ज़रूर जाना”

Dard Bhari Kahani

ये सुनकर जैसे मेरी पूरी ज़िन्दगी ही थम गयी थी और शायद आज भी थमी पड़ी है. सफ़ेद चादर में मैं आस्था का चेहरा नहीं भूल पा रहा हूँ. मुझे वैशाली ने बताया कि “तुम्हारे बिना उससे ज़िन्दगी जीना एक बोझ लग रहा था और अपने माँ बाप के खिलाफ जाने की वो सोच भी नहीं सकती थी. उसे मरना ज़्यादा आसान लगा.”

ये सुन कर मैंने सोचा कि काश मैंने अपने दिल की सुनी होती और ले गया होता आस्था को अपनी दुनिया में जहाँ सिर्फ वो और मैं होते लेकिन…. ये हो ना सका.

Dard Bhari Kahani

आस्था की याद में मैं सिर्फ इतना कहूंगा …

बहुत उदास है कोई तेरे जाने से

हो सके तो लौट आ किसी बहाने से

तू चाहे जितनी दूर है लेकिन एक बार तो देख

कोई टूट गया तेरे जाने से

सच में…….तुम्हारे जाने के बाद तू मुझमे कही ज़िंदा है.

I Love You Aastha and will Love You Forever.

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