दोस्तों के लिए शायरी हिंदी में – Shayari in Hindi for Friends

खामोशियों में धीमी सी आवाज़ है,
तन्हाईयों में भी एक गहरा राज़ है,
मिलते नही हैं सबको अच्छे दोस्त यहाँ,
आप जो मिले हो हमें खुद पर नाज़ है।

वक्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे दोस्त,
मजा तो तब है जब वक्त बदले पर यार ना बदले।

चाँद की हद १ रात तक है,
सूरज की हद सिर्फ दिन तक है,
हम दोस्ती में दिन-रात नहीं देखते,
क्यूंकि हमारी दोस्ती की हद आखरी साँस तक है

दोस्तों कभी हम तुम्हें याद ना करे,
तो कोई बात नहीं,
तुम तो याद कर सकते हो हमें,
क्या पता तुम्हारा दोस्त कोई
Tension में हो,
बस एक कॉल मार दिया करो,,

दोस्ती का मतलब –
एक प्यारा सा दिल जो कभी नफरत नही करता
एक प्यारी सी मुस्कान जो कभी फीकी नही पड़ती
एक प्यारा सा एहसास| जो कभी दुःख नही देता
और एक प्यारा सा रिश्ता जो कभी खत्म नही होता…

कामयाबी हौसले से मिलती है,
और हौसला दोस्तों से बढ़ता है,
और दोस्त भाग्य से मिलते हैं,
और भाग्य आदमी खुद बनाता है।

दोस्ती कुछ ऐसा नहीं है जो आप स्कूल में
सीख सकते हैं. लेकिन यदि आपने दोस्ती का मतलब
नहीं सीखा है तो वास्तविकता में आपने कुछ भी
नहीं सीखा.

ज़िंदगी में बहुत से हैं Tension,
अच्छे वक़्त का करना हैं Selection,
ज़िंदगी भर का त्यार करना हैं Pension,
जब आप जैसे अच्छे Dosto का हो Composition…
तो life के निकल जाते हैं अच्छे Solutions..

*कमियाँ तो मुझमें भी बहुत है,*
*पर मैं बेईमान नहीं।*
*मैं सबको अपना मानता हूँ,*
*सोचता फायदा या नुकसान नहीं।*
*एक शौक है ख़ामोशी से जीने का,*
*कोई और मुझमें गुमान नहीं।*
*छोड़ दूँ बुरे वक़्त में दोस्तों का साथ,*
*वैसा तो मैं इंसान नहीं।*

दोस्ती में “प्यार” और दोस्ती में
“अच्छाई”,,कभी भी 100% होनी
चाहिये, क्यूँकि सच्चे दोस्त हमेशा
अंत तक साथ देते हैं,,,

एहतराज होता नहीं हमसे तेरी बेवफाई पर ।
नाज़ होता नहीं हमसे खुदा की खुदाई पर।
वादा था किया डोली के साथ अर्थी का वरना। ”
मोहताज होता न ”दीवाना” तेरी विदाई पर ॥

—–0000——-

लाखों – दिए मुहब्बत के इम्तिहान
दोस्तो तब भी हम नाकाम रहे।
चाहे कितने ही बेवफा थे ,

हम बदनाम रहे ॥

—–0000——-

तो क्या हुआ  जो मुहब्बत में,
एक ”दीवाना’। . बर्बाद हो गया।
चलो कैसा गिला ने खुदा से,
घर उसका  तो आबाद न हो गया ॥

—–0000——-

जब हमारे नसीब में ही मुहब्बत नहीं
तो इसमें भला आप क्या कर सकते हो।
जब मिलनी है आपको जिन्दगी में खुशीयाँ,
तो साथ ‘‘दीवाने” के कैसे मर सकते हो।

—–0000——-

मेरी मौत के सबब आप बने ।
इस  दिल के रब – आप बने।
पहले  मिसाल थे वफा की।
जाने यू बवफा कब आप बने ॥

—–0000——-

मैं तेरी बेवफाई पर गिला क्या करं।
जख्म तेरे दिए हुए सिला क्या करें।
तूने ही कहलवाया मेरे शहर न आना।
फिर तू ही बता तुझे मिला क्या करुँ ।

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प्यार मेरा भूलाकर गैर अपनाए उसने
कुछ इस तरह मुझ पर सितम ढाए उसने ।
कहीं जुबां से मैं उसको बेवफा न कह दू ।
बहाने अजीबो गरीब बनाए उसने।

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जिस प्यार को माना था जिन्दगी,
आज वो ही मौत का हथियार बन गया।
जिस फूल को लगाया उनके गेसूओं ,
वो फूलों से मिल मेरे जनाजे का हार बन गया।

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कुछ अपनों ने मारा,कुछ बैगानों ने मारा।
हमें तो लोगों के एहसानों ने मारा ।
गरीब पर तो खुदा भी रहम बख्शता है।
हम गरीबों को समाज के धनवानों ने मारा।

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है, तेरी खुशी के लिए गम अपनाया हमने । ”
आंखों में अपनी नीर बहाया , हमने
मेरी हर तकलीफ से नावाकिफ हो गए।
जख्मी दिल तुम्हें कई बार दिखाया हमने ।

—–0000——-

मेरी वफाएं सभी लोग जानते हैं।
उसकी जफाएं सभी लोग जानते हैं ।
वो ही न समझ पाए मेरी शायरी।
दिल की सदाएं सभी लोग जानते हैं ।

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आगाह हसीनों की बेवफाई से, कोई बशर नहीं होता।
माना प्यार नहीं उस दिल में, हर दिल पत्थर नहीं होता।
इस जालिम मोहब्बत की दास्ताँ कभी सुनना तुम ‘‘दीवाने’ से।
जब दिल चाहा छोड़ दिया रास्ता मोहब्बत ऐसा सफर नहीं होता।

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तेरी जफा को सलाम,तेरी वफा को सलाम।
जिस अदा ने तोड़ा दिल,उस अदा को सलाम।
हम तुम्हारी खता की सजा भी भुगत लेंगे दोस्त।
तुमने जो की खताएँ उस हर खता को सलाम।

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मेरे इन होंठों पे तेरा नाम अब भी है।
भले छीन ली तुमने मुस्कुराहट हमारी ॥

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जब तुम ही देने लगे जख्म दिल को।
ये तो बताओ फिर दवा कौन करेगा।

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सब शिकवे हमसे कागज पे उतारे न जाएंगे।
कहीं पढ़ने वाला तुम्हें बददुआ न दे दे।

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शिकवे हैं ढेरो कागज पे उतारने के लिए।
वक्त कम है पास मेरे कुछ विचारने के लिए।
गर तेरे इंतजार में मौत भी आ गई।
तो आँखें रहेंगी खुली तुम्हें निहारने के लिए।

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तुमसे किया हर वादा निभाऊँगा
तेरे लिए दुनियां छोड़ जाऊँगा में।
आने का वादा कर लौटके न आए।
तेरे ही इंतजार में मर जाऊँगा मै |

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अब भी रात दिन तेरा ही नाम जपती है जुबाँ।
मेरे दिल पे अब भी है तेरे दिए जख्मों के निशाँ।
याद रखना तेरा इंतजार करेगा तब तक ‘दीवाना’।
फूक के जिस्म जब तक न निकलेगा धुआ ।

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दिल तेरा तलबगार में अब भी है ।
मेरे लिए इसमें प्यार अब भी है।
भले तुम न आए जाकर दोबारा।
”दीवाने” को तेरा इंतजार अब भी है। ।

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तेरी राहों में आंखें बिछाए बैठे हैं।
तेरे आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
जो रहती हैं साँसें सीने में दिल के साथ।
अब तो वो भी हम तुझपे लुटाए बैठे हैं।

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वादे किए हुए मुहब्बत में निभाओगे कैसे।
मेरे लिए इस दुनिया से टकराओगे कैसे।
पहरे बिठा दिए बना दिया एक कैदी।
पहरों को तोड़कर तुम आओगे कैसे

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इस दिल का क्या करें जो उन्हें ही पुकारता है।
हर पल उसकी ही तस्वीर को निहारता है।
शायद कभी तो वो मुझसे मिलने को आएंगे।
इसी उम्मीद पे हर पल हर दिन गुजारता है।

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शेयरों में गम उतारा करता हूँ।
अश्कों से अल्फात संवारा करता हूं।
मैं ये जानता हूँ कि तुम नहीं आओगे।
फिर भी तुम्हें पुकारा करता हूँ।

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वर्षों बीत गए तेरे इंतजार में बैठे-बैठे
क्या तेरा न आने का वही बहाना अब भी है
हर तरफ है मुर्दो से शमशान भरा हुआ
इन मुर्दो में जिन्दा तेरा दीवाना’ अब भी है |

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बेवफा कर गई मेरा कुछ हाल ऐसा
मेरी रुह भी तड़पती है उसके प्यार में
जिस्म भले ही तबदील हो चुका लाश में ,
आँखें खुली हैं अब भी उसके इंतजार में।

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तड़पती है आज भी रुह आधी रात को।
निकल पड़ते हैं आँख से आंसू आधी रात को।
इंतजार में तेरे वर्षों बीत गए सनम मेरे।
दिल को है आस आएगी तू आधी रात को।

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आँख अब भी है खुली तेरे इंतजार में।
ये बात और है कि हमें मौत आ गई।

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तेरे मिलने की हर उम्मीद खाक हो गई।
जाने क्यों दिल को है इंतजार तेरे आने का।

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रोकते नहीं वो हमारे लिए कदम तो हम क्या करें।
शायद मुड़कर आएंगे हमारे लिए इसी का इंतजार है।

आओ ….. ताल्लुकात को कुछ और नाम दें,
ये दोस्ती का नाम तो बदनाम हो गया..

दिल के रिश्ते का कोई नाम नहीं होता,
हर रास्ते का मुक़ाम नहीं होता,
अगर निभाने की चाहत हो दोनों तरफ,
तो क़सम से कोई रिश्ता नाक़ाम नहीं होता!

खामोशी मे जो सुनोगे वो आवाज मेरी होगी,
जिंदगी भर साथ रहे वो वफा मेरी होगी,
दुनिया हर ख़ुशी तुम्हारी होगी,
क्योंकि इन सबके पीछे दुआ हमारी होगी

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