बाहों का सहारा मिल गया

मुझको फिर वही सुहाना नजारा मिल गया;
इन आँखों को दीदार तुम्हारा मिल गया;
अब किसी और की तमन्ना क्यूँ मैं करूँ;
जब मुझे तुम्हारी बाहों का सहारा मिल गया !!

Mujhko Phir Wahi Suhana Nazara Mil Gaya;
In Aankho Ko Didar Tumhara Mil Gaya;
Ab Kisi Aur Ki Tammana Kyu Mai Karu;
Jab Mujhe Tumhari Bahon Ka Sahara Mil Gaya !!

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