September 27, 2020

बीते साल की यात्रा कुछ इस तरह

ज़िन्दगी का एक और साल पूरा हुआ
कहीं खुशिया थी तो कहीं गम साथ हुआ

कितना खुशनसीब हूँ मैं,
कुछ पुराने चेहरे साथ रहे
तो कुछ नए चेहरों का दीदार हुआ

किसी को हंसाया तो किसी को रुलाया,
तो कभी मैं भी इन सबसे रूबरू हुआ

ज़िन्दगी का एक और साल पूरा हुआ
कहीं खुशिया थी तो कहीं गम साथ हुआ

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