माँ की ममता तो पिता का क्या ??…….Very Good Story in Hindi

Very Good Story in Hindi

Submitted by Renuka Jain

रोहित अपने पिता के साथ बाज़ार में था. रोहित के पिता बाजार में घर के सामान की कुछ खरीददारी कर रहे थे. जब रोहित के पिता सब सामान लेकर अपना बिल देने लगे तो रोहित ने कहा “पापा एक चॉक्लेट भी ले लो”. उसके पिता ने दुकानदार को एक चॉकलेट देने को कहा. तभी रोहित ने पिता को फिर कहा “पापा…एक और चॉकलेट लेनी है…” उसके पिता ने हँसते हुए दोनों चॉकलेट रोहित को दे दी. रोहित के चेहरे की मुस्कान देख कर उसके पिता भी खुश हो रहे थे.

very good story in hindi

Very Good Story in Hindi

घर आते ही रोहित भागते हुए अपनी मम्मी के पास गया और कहा ” मम्मी…देखो आज मैं तुम्हारे लिए चॉकलेट लेकर आया हूँ”. रोहित ने एक चॉकलेट अपनी मम्मी को दी और एक चॉकलेट अपने पास रख ली. वो चॉकलेट उसकी मम्मी को भी अच्छी लगती थी इसलिए उसकी माँ भी खुश हो गयी. रोहित और उसकी माँ बहुत खुश लग रहे थे, रोहित की माँ ने उसे खूब प्यार किया और कहा “मेरा राजा बेटा मेरा कितना ख्याल रखता है.”

Very Good Story in Hindi

तभी रोहित की मम्मी ने अपने पति यानि की रोहित के पापा को टोकते हुए कहा “देखो … तुम्हारा बेटा जानता है कि मुझे क्या अच्छा लगता है लेकिन तुम्हे नहीं पता यार.”

रोहित के पिता ने अपना एक हाथ अपनी पैंट की दायिनी जेब में डाला हुआ था क्यूंकि एक चॉकलेट अलग से वो रोहित की मम्मी के लिए भी लाये थे. लेकिन उन्होंने चॉकलेट निकाली नहीं क्यूंकि वो रोहित और उसकी माँ के प्यार को वहां खड़े महसूस कर रहे थे और उन्हें ये देख कर बड़ा सकून मिल रहा था.

Very Good Story in Hindi

ऐसा अक्सर हम अपने घर में देखते है. बच्चे का लगाव और प्यार ज़्यादातर माँ के प्रति होता है. पिता अपने काम काज और परिवार की ज़रूरतों को पूरा करने में लगा होता है और इसीलिए वो अपने बच्चो को ज़्यादा वक़्त नहीं दे पाता लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो अपने परिवार से प्यार नहीं करता.

पिता ज़्यादातर अपने प्यार को जताते नहीं है और माँ हर वक़्त अपने बच्चो को प्यार देती है.

Very Good Story in Hindi

किसी ने बिलकुल सही कहा है कि माँ तो 9 महीने बच्चे को अपने पेट में रखती है लेकिन एक पिता पूरी उम्र अपने बच्चो का ख्याल अपने दिमाग में रखता है. पिता कभी ये नहीं जताता कि वो अपने बच्चो से कितना प्यार करता है लेकिन पूरी उम्र अपने बच्चो की ख्वाहिशे और जिद को पूरी करने की कोशिश करता है. हमारे समाज में माँ की ममता के तो बहुत तारीफे होती है और होनी भी चाहिए लेकिन पिता के बलिदान और प्यार को भी अगर थोड़ी तवज़्ज़ो मिल जाए तो क्या बात.

%d bloggers like this: