मेरी प्यारी मुस्कान | एक अधूरी प्रेम कहानी| स्कूल लव स्टोरी हिंदी में |Love Feeling | sad love stories in hindi | school love story in hindi

True Feeling StoryBaaz Original सीजन-1 पार्ट -2 
 
ये सच नही हैं कि प्यार में हमेशा धोखा ही मिलती है। कभी-कभी कुछ रिश्ते मजबूरियों और हालातों की वजह से भी टूट जाती है। या यूं कहें कि कभी-कभी मजबूरियों और जिम्मेदारियों की वजह से कुछ रिश्ते को पीछे छोड़कर आगे निकलना पड़ता हैं।
          आज  True Feeling StoryBaaz Original के दूसरे भाग में एक ऐसे ही लडके की कहानी बतायेंगे जो अपनी मजबूरियों के वजह से उसे अपना प्यार खोना पड़ा.
          यह कहानी मुरादाबाद के रोहित का हैं। रोहित अपने माता-पिता, भाई और एक बहन के साथ मुरादाबाद में ही रहा करता था। उनके पिताजी मुरादाबाद में ही आइसक्रीम के ठेले लगाकर आइसक्रीम बेचा करते थे और रोहित पढाई किया करता था । 
            रोहित एक दिन स्कूल से आने के बाद बगल के ही  दुकान में मसूर के दाल लाने के लिए गया हुआ था । उसी किराना दुकान में रोहित के मुलाकात मुस्कान से हुई । मुस्कान भी अपने भाई के साथ उसी दुकान से मसूर का ही दाल लेने आई थी। उस वक्त ना तो रोहित मुस्कान को जानता था और नहीं मुस्कान रोहित को जानती थी।
मगर रोहित को पहली दफा ही मुस्कान को देखकर कुछ-कुछ होने लगी थी । वह अहसास सामान्य तो नही था मगर उस वक्त के लिए प्यार भी नही था बस एक अपनापन-सी लगी थी उसे देख कर ।
          रोहित के लिए वह पहला मुलाकात ही मोहब्बत वाली एहसास दिलाने के लिए काफी था। उस वक्त मुस्कान को देखकर रोहित कहीं खो सा गया था। वह उस समय उसकी सोच मे  इतना खो गया था की उसे पता ही नही चला कि वह लड़की दुकान से कब के जा चुकी है। उस लड़की के दुकान से चले जाने का  एहसास  तब हुआ जब दुकान वाले ने रोहित से दाल के पैसे मांगे। 
“अरे वह लड़की तो यहां से जा चुकी है।” रोहीत खुद से बुदबुदा कर बोला । 
रोहित  दुकान से निकलने के बाद इधर-उधर देखा मगर वह लड़की कहीं नहीं दिखी।उस रात रोहित उस लड़की के चेहरे को अपने आँखों में ही छूपा कर सो गया था और जब वह सुबह उठा तो उसके बारे में हो सोचता उठा। जब वह शाम में अपने घर के पास खेल रहा था तब उसकी नजर एक बार फिर से उस लड़की पर पड़ा । मुस्कान अपनी  दादी के साथ उसके घर वाली गली से गुजर रही थी। रोहित को मुस्कान के बारे में पहले से कोई जानकारी नही था। रोहित उसके घर के बारे में भी कुछ नही जानता था। यही कारण थी कि  उस दिन रोहित  उसके दादी और मुस्कान की  पीछा करते-करते मुस्कान के घर तक चला गया था ।
 
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उस दिन के बाद रोहित जब भी स्कुल से पढ़ कर वापस अपने घर आता था तो सबसे पहले किताब रख कर मुस्कान के घर का एक चक्कर अवश्य लगा लेता था। ताकि मुस्कान की एक झलक देखने को  मिल जाये ।  शुरुआत में कभी-कभी मिल भी जाती थी तो कभी ना भी मिलती थी। मगर ना मिलने के कारण उसका हौसला नही हारता था और अगले दिन फिर उसके गलियारों में निकल पड़ता था ।  
         उसी क्रम में उसने देखा शाम को इवनिंग वॉक के लिए उसकी दादी हमेशा एक ग्राउंड में जाया करती थी और अपनी दादी के साथ मुस्कान भी रहती थी। उसे देख कर रोहित भी शाम में उसी मैदान में जाने लगा जहाँ मुस्कान अपनी दादी के साथ जाया करती थी।
तब से रोहित के लिए भी इवनिंग वॉक उसके प्रत्येक दिन के रोटीन में शामिल हो गया।
        उस दिन के बाद रोहित भी हमेशा इवनिंग वॉक के लिए  जाया करता था। जहां उसकी दादी अपने उम्रदराज के लोगों के साथ बैठकर गप्पे लड़ाया करती थी। वही दूसरी तरफ मुस्कान इन लोगों से थोड़ी दूर पर अकेली बैठे रहती थी । और रोहित भी कुछ दूरी पर बैठा रहता था। उस वक्त मुस्कान रोहित को कभी कभार देख लिया करती थी। मगर उसके तरफ से ऐसा कोई संकेत नहीं दिखती थी जिससे  जिसे लगे कि मुस्कान भी रोहित को पसंद करती हो।
 उस वक्त रोहित 7th  क्लास में पढ़ता था। उसने अपने क्लास के ही एक दोस्त मनीष को अपनी सारी बातें बताया कि वह  किस तरह से एक लड़की को पसंद करता है और कहां रहती है। जब उसके दोस्त को ये सारी बातें पता चला तो उसके दोस्त ने इसका साथ दिया और अब  रोहित अपने  दोस्त के साथ मिलकर  मुस्कान के घर के तरफ दिन भर में 3-4 चक्कर लगाने लगे। 
        इस तरह से मुस्कान के आगे पीछे चक्कर काटते रहने के  कारण मुस्कान को यह समझ में आने लगी थी कि  यह लड़का मुझे पसंद करता है और प्यार भी करता हैं। एक दिन रोहित  स्कूल से आने के बाद अपने पिता के आइसक्रीम वाले ठेले पर अपने छोटे भाई के साथ खड़ा था। उसका पापा नाश्ता के लिए घर चले गये थे।  उसी वक्त मुस्कान आइसक्रीम लेने के लिए उसके ठेले के पास आयी। मगर मुस्कान को वहां देखकर  रोहित शर्मा गया और आइसक्रीम मुस्कान को देने के लिए अपने भाई को बोल कर वहां से चला गया। 
रोहित को वहां से शर्मा कर भागने के कारण मुस्कान अच्छी तरह से समझ गयी थी कि रोहित उसे सचमुच में  मुझे पसंद करता है और प्यार  भी करता हैं।
 
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 इस तरह से ही  कई महीने बीत जाने के बाद भी रोहित ने मुस्कान को प्रपोज नहीं किया। मगर दोनों को आंखों ही आंखों में क्या हो गया था।अब मुस्कान भी रोहित को पसंद करने लगी थी। जब भी मुस्कान अपनी दादी के साथ इवनिंग वॉक पर जाती तो हमेशा इधर-उधर सड़को पर  रोहित को ही ढूढती जाती और जब उसकी नजर रोहित पर पड़ता, तो वह एक टक  से उसे देखती रह जाती थी । जब ग्राउंड में उसकी दादी  लोगों के साथ बैठकर बातचीत करती थी तब मुस्कान के सारा ध्यान रोहित पर ही रहता था।

                                एक दिन उसके दोस्त मनीष ने कहा यार  हम लोग बहुत दिन से मुस्कान के पीछे पड़े हैं। और अब वह भी तुमको पसंद करने लगी है। तुम्हें अब मुस्कान को प्रपोज कर देनी चाहिए।  मगर रोहित उस वक्त कुछ नही बोल पाया  क्योकिं वह  अपने घर की स्थिति देखकर प्रपोज करने से डरता था। उस वक्रोत रोहित के घर की हालात अच्हिछे नही थे । उस वक्त तो रोहित के पास ना तो कोई मोबाइल था, नहीं कोई गाड़ी  और नहीं पैसे जबकि दूसरी तरफ मुस्कान एक अच्छी घर की लड़की थी। उसके पास एक जावा फोन और हाल ही में उसने एक एक्टिवा स्कूटी भी खरीदी थी।
          कुल मिलाकर मुस्कान एक बड़े घर की लड़की थी। यही कारण थी कि  रोहित ने खुद को कई बार मुस्कान को प्रपोज करने के लिए हिम्मत किया मगर हिम्मत ही नही  जुटा पाया।
जबकि इतने   महीनों में रोहित को अच्छी तरह से मालूम हो चुका था कि मुस्कान भी उसे पसंद करती है। मुस्कान कभी ग्राउंड  में मिलता तो कभी अपने  घर की गलियारों में ।  इस तरह से 2 साल बीत जाने के बाद भी रोहित ने मुस्कान को प्रपोज नहीं किया।
                 और एक दिन रोहित के पिता जी एक बीमारी के कारण इस दुनियां को छोड़ दिए । अपने पिता के मृत्यु  कारण रोहित पूरी तरह से टूट गया था । उसके घर को संभालने वाले सिर्फ उसके पिताजी ही थे। वही  घर की पूरी जिम्मेदारी को आइसक्रीम बेचकर उठाते । अब पिताजी के देहांत के बाद घर की सारा जिम्मेदारी रोहित पर आ गया था । 
 
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अब उसे अपने भाई-बहन और मम्मी के  भरण पोषण की जिम्मेदारी थी। और उसे अपनी बहन के विवाह की भी  चिंता सताने लगी थी । घर में पहले से जो कुछ थोड़ी-बहुत पैसे थे वो सब पिता जी के बीमारी में खत्म हो गया था। अब उसने पैसे के लिए अपने आइसक्रीम के ठेले लगाने लगा मगर उससे उतनी कमाई नही होती थी जिससे की घर के खर्च उठा कर कुछ पैसे भी जमा कर सकें.फिर उसने एक दिन वह किसी दुसरे शहर जाकर पैसे कमाने के बारे में विचार करने लगा .
    और अपनी मजबूरियों के कारण  रोहित अपनी मोहब्बत को प्रपोज करने से पहले ही छोड़ देने का फैसला किया और खुद से वादा किया कि वह जल्द ही एक अच्छे मुकाम हासिल करेगा और फिर मुस्कान को प्रपोज करेगा। और अगर सारी चींजे  सही हो जाएगी तो वह विवाह का भी प्रस्ताव रखेगा।
                   मगर हम सभी जानते हैं कि एक दसवीं पास लड़के को कितनी बड़ी नौकरी मिल सकती है। जिससे कोई जल्द से जल्द अपने घर की स्थिति भी सही कर लेगा और एक अच्छे घर की लड़की वाले को भी शादी के लिए  मना लेगा।
              पिछले 2 साल से रोहित अपने घर के जिम्मेदारियों को संभालने में लगा था और उधर मुस्कान इन सब सारी चीजों से अनजान थी। मुस्कान जब  भी दादी के साथ ग्राउंड में जाती उसकी आंखें रोहित को ही ढूंढता और  उसे ना देखकर निराश हो जाती थी , रोहित के दोस्त मनिष को देख कर वह सोचती थी कि इससे रोहित के बारे में पुछू मगर कभी पूछने की हिम्मत ना जुटा पाती थी।
  और इधर रोहित दुसरे शहर जाकर अपने घर की जरूरते पूरी करने में ही व्यस्त हो चूका था। मगर इतने सालों में ऐसा कोई दिन नही बिता होगा।  जिस दिन रोहित  मुस्कान को याद ना किया हो, उसके बारे में ना नही  सोचा हो और  उसके साथ जीने- मरने  की सपने नही देखा हो।
                                     अब रोहित के पास सिर्फ दो ही काम है। एक अपने घर की जिम्मेदारियों को संभालना और दूसरा  मुस्कान के लिए सपने देखना।
वह भगवान से हमेशा प्रार्थना करता हैं कि मेरे घर की स्थिति संभाल दो ।ताकि वह मुस्औकान से मिल सके उससे विवाह कर सकें । मगर  इन सबके बीच उसे हमेशा एक अनजान सा  डर भी है कि कहीं मुस्कान अब उसे भूल तो नहीं गई होगी या फिर उसके घर वाले कहीं अलग शादी ना कर दिया हो । क्योंकि रोहित  पिछले 3 साल से ना तो मुस्कान से मिला है और नही उससे बात किया किया है।
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