मौत का मंज़र आँखों के सामने – Death Story in Hindi

Death Story in Hindi Submitted by Karan Bhatla

Hi Friends, ye doctor strange story in hindi read karne ke baad aap emotional ho jaoge. Ye hai doctor real story in hindi jo ki ek death kahani par aadharit hai. Aapne death ki kahani to bahut suni hogi lekin jab aap is death story in Hindi ko read karoge to aapka dil bhi pighal jaayega. To aayyiye padhte hai ye doctor ki zubani a real death story in Hindi.

मेरा नाम करण भाटला है, मैं एक डॉक्टर हूँ और मैं आपको ये death story in hindi बताने जा रहा हू. ये घटना तब की है जब मैंने अपनी डॉक्टरी पूरी कर ली थी और मुझे पहली बार हॉस्पिटल के ICU में जाना था.

Death Story in Hindi

ICU में जब मैं गया तो मैंने देखा एक 30 साल की लड़की लड़की बेड पर लेती हुई थी. उस लड़की का कार एक्सीडेंट हुआ था और वो पिछले 3 दिन से वेंटीलेटर पर थी. जो मरीज कोमा में चले जाते है या जिनका दिल काम करना बंद कर देता है, उन्हें वेंटीलेटर पर रखा जाता है. इस लड़की के बचने की उम्मीद बिलकुल नहीं थी और आखिर 3 दिन वेंटीलेटर पर रखने के बाद इस लड़की का वेंटीलेटर हटाना था ताकि उसे मृत घोषित किया जा सके.

Death Story in Hindi

और दुर्भाग्य से ये काम मेरा था. मैं ICU में दाखिल हुआ तो उस लड़की का पति, सास, माँ और बाप सब कमरे में थे और आंसू बहा रहे थे. जैसे ही मैंने उस लड़की के घरवालों को देखा मेरे शरीर में कपकपी शुरू हो गयी क्यूंकि ऐसा मैं पहली बार देख रहा था.

जैसे मैं उस परिवार के पास आया उन्हें एहसास हो गया कि अब मैं वेंटीलेटर हटाऊँगा और फिर वो लड़की हमेशा के लिए उन्हें छोड़ कर चली जायेगी.

Death Story in Hindi

इससे पहले मैं कुछ करता, सभी परिवार वालो ने उस लड़की का हाथ पकड़ा और रोते हुए उससे कहने लगे “हम तुमसे बहुत प्यार करते है”

“हमें तुम्हारी याद बहुत आएगी”

“प्लीज वापिस आ जाओ”

वो लड़की कोमा में थी, उसे कोई होश ना था.

परिवार को ऐसे रट बिलखते देख मेरी तो जैसे सांस ही अटक गयी थी. मैंने अपनी ज़िन्दगी में ऐसा मौत का अनुभव कभी नहीं किया था.

Death Story in Hindi

तभी, अचानक मेरे पीछे से एक आदमी आया जिसके हाथ में करीब 3 साल का बच्चा था. बच्चे हंस रहा था और आप जानते है कि वो बच्चा इस लड़की का था. ऐसा लग रहा था कि बच्चा अपनी माँ को कई दिनों के बाद देख रहा है और इसीलिए वो खुश था लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी माँ अब इस दुनिया से जाने वाली है.

ये सब कुछ मैं देख नहीं पाया और फ़ौरन ICU के बाहर आ गया, उस दिन पहली बार ये सब देखकर मेरे आंसू निकल गए. मेरे साथ के डॉक्टर ने फिर मुझे समझाया कि डॉक्टरी में सख्त दिल रखना ही पड़ता है वरना ये नौकरी करनी बहुत मुश्किल हो जायेगी.

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मैंने जैसे तैसे खुद को संभाला और उस परिवार के पास गया और भरी मन से उन्हें कहा कि अब वेंटीलेटर हटाने का वक़्त हो गया है. जैसे ही मैंने वेंटीलेटर उस लड़की के मुंह से हटाया कुछ क्षण में ही उसकी मौत हो गयी.             

डॉक्टरी में अब मैं अपनी आँखों के सामने कई मौते देख चूका हू. सच कहु तो कई बार मुझे दुःख भी होता है और कई बार कोई फर्क नहीं पड़ता. अब मैंने अपने जज्बातों पर काबू पाना सीख लिया है और शायद इसी वजह से मैं अभी तक अपनी नौकरी कायम रखे हू. कमज़ोर दिल वालो की डॉक्टरी लाइन में कोई जगह नहीं !

Friends, agar ye Death Story in Hindi aapke dil ko touch kar gayi to share zarur kare. aur Appke pas bhi koi kahaani ho aur use Publish karna chahte hain to hame bheje.