याद-ऐ-गम

तुम याद नहीं करते हम भुला नहीं सकते
तुम हँसा नहीं सकते हम रुला नहीं सकते
दोस्ती इतनी प्यारी है हमारी
तुम जान नहीं सकते और हम बता नहीं सकते

 

दिल गुमसुम जुबान खामोश क्यों है
यह आँखें आज नम क्यों है
जिन्हे कभी पाया ही न था
तो आज उन्हें हमे खोने का गम क्यों है

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