⦑ Best 155+ ⦒ Duniya Shayari – Status Hindi Urdu⧸ 2020 दुनिया शायरी

 Duniya Shayari में पढ़ते हैं दुनिया शायरी  जो हमें दुनिया के तमाम रंग दिखायेगा. Best 155+ Duniya Status Hindi 

दोस्तों आज की पोस्ट को लिया गया हैं Shayari On Topics की List से जहा आपको मिलेगा शायरी का सबसे बड़ा संग्रह.

 दोस्तों आज के समय में इस बदलती हुई दुनिया में कब क्या हो किसी को नहीं पता होता हैं. इंसान आज के समय में अपने स्वार्थ में इस कदर डूब गया हैं. 

जिसे अब ये ख्याल नहीं रहा क्या गलत हैं और क्या सही हैं. एक दुसरे को से आगे बढ़ने की होड़ में सब भूल गए हैं.

⦑ Best 155+ ⦒  Duniya Shayari

तो दोस्तों आज की पोस्ट हैं खास बदलती दुनिया पर आधारित हैं. जिसमे प्यार से मिला धोखा हैं, तो दूसरी तरफ हैं मतलबी दुनिया के मतलबी लोग हैं. 

आज की पोस्ट में मिलेगा दुनिया से जुड़े तमाम शायरी स्टेटस और विचार जो आज की दुनिया पर लागू होता हैं. 

तो अब देर कैसी पढ़ते हैं बेहतरीन लाज़वाब “दुनिया शायरी” के संग्रह को जो आपका दिल जीत लेगा, और दिल से निकलेगा वाह वाह आखिर तू कितना “रंग बदलती हैं ऐ दुनिया

❂•• 1
इस दुनिया में अजीब सा मेला है,
हर कोई महसूस करता अकेला है ..⫼

❂•• 1
ये दुनिया बड़ी मदारी हैं,
रोज नये करतब सिखाती हैं ..⫼
❂•• 3
दिल तू क्यों रोता है,
ये दुनिया है यहाँ ऐसा ही होता हैं ..⫼
❂•• 4
जब से देखी हैं हमने दुनिया करीब से,
लगने लगे हैं सारे रिश्ते अजीब से ..⫼
❂•• 5
बुरे ख्यालों से ये दुनिया नहीं जलती हैं,
यहां हवाएं भी खुदा के इशारे से चलती हैं ..⫼
❂•• 6
मेरे दोस्त क्या तुम्हे मालूम है ..⫼
❂•• 7
दुनिया की ये रीत पुरानी है,
हर एक की दर्द भरी कहानी है,
उम्मीद है सिर्फ़ खुशियों की
जबकि सुख-दुःख ही जिंदगानी है ..⫼
❂•• 8
मर जाएँ तो जीने की दुआ देती हैं दुनिया ..⫼
❂•• 9
जाते जाते दुनिया से ये काम कर गये,
हम मरते मरते ये दिल आपके नाम कर गये ..⫼
❂•• 10
इंसानों की इस दुनिया में,
बस यहीं तो इक रोना हैं,
दिल अपने हो तो ही दिल हैं,
दूजों के हो तो खिलौना हैं ..⫼
❂•• 11
पूरी दुनिया देखती ख़्वाब महलो की,
और जो महलों में है उन्हें नींद
नहीं आती है ..⫼
❂•• 12
दुनिया को अच्छा-बुरा बताने वाले,
ये बदलती रहती है तू इतना जान ले ..⫼
❂•• 13
जालिम दुनिया में जरा संभल कर रहना मेरे यार,
यहाँ पलकों पे बिठाया जाता हैं नजरों
से गिराने के लिए ..⫼
❂•• 14
ये दुनिया है यहाँ दर्द को भी
छुपाना पड़ता है ..⫼
❂•• 15
तुम्हारी हर अदा पर नजर रखते हैं,
मोहब्बत की दुनिया का हम
भी खबर रखते हैं ..⫼.
❂•• 16
प्यार वो नहीं जो दुनिया को दिखाया जाए,
बल्कि वो हैं जो दिल से निभाया जाए ..⫼
❂•• 17
बड़े शौक से गम को सुनती है ये दुनिया,
कोई गम में हो तो मुँह फेर
 लेती है ये दुनिया ..⫼
 

Best Duniya Shayari

❂•• 18
सूरत देखकर लोग अंदाजा लगाते है,
इसलिए दुनिया को सीरत का
पता नहीं चलता है ..⫼
❂•• 19
इश्क़ के सिवा कुछ भी
नहीं है इस दुनिया में,
कम्बख्त पता तब
चल, जब मेरा
दिल टूटा ..⫼
❂•• 20
गमों की धूप हो या ख़ुशी के छाँव
हो, इस दुनिया में सुकून को 
कोई तो गाँव हो ..⫼
❂•• 21
मैं तन्हा था मेरी दुनिया में तन्हाई थी,
वो भी रोई जबकि उसके घर
बज रही शहनाई थी ..⫼
❂•• 22
खामोश से उसके हर सितम को देखते रहे,
दुनिया न देख पाई जो हम देखते रहे ..⫼
❂•• 23
खुश बहुत हूँ कि दिल दुःखा है मेरा,
ये दुनिया किसी की नहीं,
क्या होगा ये तेरा ..⫼
❂•• 24
खुशनसीब होते हैं बादल, जो दूर रहकर भी
जमीन पर बरसते हैं,और एक बदनसीब
हम हैं जो एक ही दुनिया में रहकर
भी मिलने को तरसते हैं ..⫼
❂•• 25
दुनिया की निगाहों में बुरा क्या है भला क्या,
ये बोझ अगर दिल से उतर जाए तो अच्छा ..⫼
❂•• 26
दुनिया का उसूल हैं, जब तक काम है,
तब तक नाम हैं वरना दूर से ही सलाम हैं ..⫼
❂•• 27
सिर्फ़ ख़्वाबों से गुजारा नहीं होता है,
इस दुनिया में कोई किसी का
सहारा नहीं होता है ..⫼
❂•• 28
कुछ से दुश्मनी भी होगी,
पर तुम कितने शिद्द्त
से निभाते हो, यही
सबको याद
होगी ..⫼
❂•• 29
जब दिल की दुनिया बर्बाद होती है,
तब इश्क़ के कर्ज से रूह
आबाद होती है ..⫼
❂•• 30
न हारा है इश्क न दुनिया थकी है
दिया जल रही है हवा चल रही है ..⫼
❂•• 31
दुनिया का बोझ जरा दिल से उतार दे,
छोटी सी जिन्दगी हैं हंस के गुजार दे ..⫼
❂•• 32
दुनिया का यह दस्तूर मुझे जरा भी नहीं भाता है,
जख्म उसको मिलता है जिसे सहना आता है ..⫼
दुनिया शायरी 
❂•• 33
बेहतर तो है यही के ना दुनिया से दिल लगे,
पर क्या करें जो काम ना बेदिल्लगी चले ..⫼
❂•• 34
फिर इस दुनिया से उम्मीद-ए-वफा हैं,
तुझे ऐ जिन्दगी क्या हो गया हैं ..⫼
❂•• 35
किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए,
ज़माना गुज़रा है अपना ख़याल आए हुए ..⫼
❂•• 36
किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए,
ज़माना गुज़रा है अपना ख़याल आए हुए ..⫼ 
❂•• 37
कहने को लफ्ज दो हैं उम्मीद और हसरत,
लेकिन निहाँ इसी में दुनिया की दास्ताँ है ..⫼
❂•• 38
दुनिया की क्या मज़ाल कि देता कोई फ़रेब
अपनी ही आरज़ू के हुवे हम शिकार हैं ..⫼
❂•• 39
इस दुनिया में हर चेहरे पर नकाब है,
शायद इसलिए पूरे होते नहीं ख्वाब है ..⫼
❂•• 40
बुला रही हैं हमें तल्ख़ियाँ हक़ीक़त की
ख़याल-ओ-ख़्वाब की दुनिया से
अब निकलते हैं ..⫼
❂•• 41
जब बात दौलत की होती है, तो मैं अपने
अंदर इक फ़क़ीर को जिन्दा करता हूँ,
बड़े प्यार से, बड़े अदब से मैं इस
दुनिया को शर्मिंदा करता हूँ ..⫼
❂•• 42
इसमें भी रब बसता है, उसमे भी खुदा
का साया है, दुनिया उसकी महफ़िल
है, फिर कौन यहाँ पराया है ..⫼
❂•• 43
रूह की सिलवटों से सिलसिले बन गए,
अपना बस यूँ ही दुनिया में
आना जाना रहा ..⫼
❂•• 44
इसमें में भी रब बसता है, उसमे भी खुदा
का साया है,दुनिया उसकी महफ़िल है,
फिर कौन यहाँ पराया है ..⫼
❂•• 45
वादे तमाम रखो दुनिया से मगर,
रूह का करार बस मेरे
नाम लिखना ..⫼
❂•• 46
दुनिया ने किस का राह-ए-फ़ना में
दिया है साथ तुम भी चले चलो
यूँ ही जब तक चली चले ..⫼ 
❂•• 47
इस रंगीन दुनिया में बेरंग सी सूरत है मेरी,
लोग मुझे कभी उजाला तो कभी
अँधेरा बुलाते हैं ..⫼
❂•• 48
तुझ तक ही मेरी टुनिया है,
तेरा दिल जीत लिया
तो मैंने दुनिया
जीत ली ..⫼
❂•• 49
कहने को बहुत कुछ था अगर कहने
पे आते, दुनिया की इनायत है कि
हम कुछ नहीं कहते ..⫼ 
❂•• 50
अपना किसे कहूँ मैं किसी पर यकीं नहीं
दुनिया बदल गई है तेरी बात की तरह ..⫼
❂•• 51
अलम अपना तो दुनिया में सभी महसूस
करते हैं मगर मैं हूँ के दुनिया का
अलम महसूस करता हूँ ..⫼
❂•• 52
नजात दी ग़म-ए-दुनिया से दर्द-ए-दिल ने मुझे
ये एक राह मिली ग़म से छूट जाने की ..⫼
❂•• 53
उसको फुर्सत ही ना मिली दुनिया की उलझनों से,
हम ख़्वाबों में भी बस इंतज़ार करते रहे ..⫼
❂•• 54
ये दुनिया फिर भी कितनी ख़ुशनुमा है ..⫼ 
❂•• 55
मेरी किस्मत से खेलने वाले
मुझ को दुनिया से बेखबर कर दे ..⫼
❂•• 56
ये दुनिया जज्बातों को तराजू पर तोलती
 है,जेब में पैसा हो तो बाते बड़ी 
मीठी-मीठी बोलती है ..⫼
❂•• 57
ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में
शामिल कर लो नशा बढ़ता
है शराबे जो शराबो
में मिले ..⫼ 
दुनियादारी पर  शायरी
❂•• 58
मैं दिल हूँ मुझे बस धड़कने दो,
दुनिया की कहकहों मुझको
लेना भी क्या ..⫼
❂•• 59
दिल के हाथों कहीं दुनिया में गुज़ारा न रहा,
हम किसी के न रहे कोई हमारा न रहा ..⫼ 
❂•• 60
दिल की दुनिया को खामोश मत रखना,
तकलीफ़ होगी पर हमेशा सच ही कहना ..⫼
❂•• 61
दस्तूर दुनिया का कुछ ऐसा ही है,
जख्म उसी को दिया जाता है,
जिसे सहना आता है ..⫼
❂•• 62
एक टूटी हुई जंज़ीर की फ़रियाद हैं हम.
और दुनिया ये समझती है के
आज़ाद हैं हम ..⫼
❂•• 63
तुम साथ हो जब अपने दुनिया को दिखा देंगे,
हम मौत को जीने के अंदाज़ सिखा देंगे ..⫼ 
❂•• 64
अगर यही तेरी दुनिया का हाल है या रब
तो मेरे क़ैद भली है मुझे रिहाई न दे ..⫼
❂•• 65
किस जहाँ में मिलेंगे ना जाने हम,
इस जहाँ में तो वो दुनिया का हुआ ..⫼
❂•• 66
दुनिया ने हर फ़साना हकीक़त बना दिया,
हम ने हकीक़तों को भी अफ़साना कर दिया ..⫼
❂•• 67
दुनिया की बातों का हम ऐतबार नहीं करते हैं,
जमीर का सौदा करके हम प्यार नहीं करते हैं ..⫼
❂•• 68
जीने के लिये इस दुनिया में,
ग़म की भी ज़रूरत होती है ..⫼
❂•• 69
न हारा है इश्क न दुनिया थकी है
दिया जल रही है हवा चल रही है ..⫼
❂•• 70
मार ही डाले जो बे-मौत ये वो दुनिया है
हम जो ज़िंदा है तो जीने का हुनर रखते हैं ..⫼
❂•• 71
एक टूटी हुई जंज़ीर की फ़रियाद हैं हम
और दुनिया ये समझती है के आज़ाद हैं हम ..⫼
❂•• 72
जज़्बात को कहाँ समझ पाती है दुनिया,
जो किस्सा है दिल का तो किसी और से बोलो ..⫼
❂•• 73
ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो
नशा बढ़ता है शराबें जो शराबों में मिलें ..⫼
❂•• 74
अब दिल की तरफ दर्द की यलगार बहुत है,
दुनिया मेरे जख़्मों की तलबगार बहुत है ..⫼
❂•• 75
सारी दुनिया तेरे जिम्मे, दुनिया की हर चीज़ तेरी
मुझ को तो बस इक मेरे क़िरदार
की तू रखवाली दे ..⫼
❂•• 76
अल्फ़ाज़ तो हैं ज़ज़्बात नहीं,
ये दुनिया भी बस तमाशा भर है ..⫼
❂•• 77
बड़े अजीब से आज-कल इस दुनिया के मेले हैं
दिखती तो भीड़ है लेकिन,चलते सब अकेले हैं ..⫼
❂•• 78
अरे जनाब गर चलाए से यूँ हवाएँ चल जाती,
दुनिया सारी एक माचिस की तीली
 से जल जाती ..⫼
Duniya Status
❂•• 79
ग़मो की धूप में भी मुस्कुरा कर चलना पड़ता है,
ये दुनिया है यहाँ चेहरा सजा कर चलना पड़ता है ..⫼
❂•• 80
चंद सिक्कों में मिल जाती थी दुनिया,
लड़कपन की बात कुछ
और ही होती थी ..⫼
❂•• 81
जहर देकर वो दुनिया की नजरों में नहीं आया,
मगर किस वक्त दवा लेनी है ये नहीं बताया ..⫼
❂•• 82
खुश हैं बहुत दिल दुःखा के मेरा,
मेरे अपने भी अब तो दुनिया
में शुमार हैं ..⫼
दुनिया पर  शायरी
❂•• 83
ग़लत है या सहीं ये सोचता है कौन दुनिया में,
उधर हि लोग चलते हैं जिधर रहबर चलाता है ..⫼
❂•• 84
दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ,
बाज़ार से गुज़रा हूँ,खरीददार नहीं हूँ ..⫼
❂•• 85
इस दर्द की दुनिया से गुजर क्यूं नहीं जाते,
ये लोग भी क्या लोग हैं मर क्यूं नहीं जाते ..⫼
❂•• 86
मीठे बोल बोलकर ख़ूबसूरत रिश्तें बनाना है,
क्योंकि इक दिन इस दुनिया को
छोड़ के जाना है ..⫼
❂•• 87
लम्हे-लम्हे की सियासत पे नज़र रखते हैं,
हमसे दीवाने भी दुनिया की खबर रखते हैं ..⫼
❂•• 88
अगर यही तेरी दुनिया का हाल है मालिक़,
तो मेरी क़ैद भली है मुझे रिहाई ना दे ..⫼
❂•• 89
ग़म-ए-हयात का झगड़ा मिटा रहा है कोई,
चले भी आओ कि दुनिया से जा रहा है कोई ..⫼ 
❂•• 90
दुनिया की निगाहों में बुरा क्या है भला क्या,
ये बोझ अगर दिल से उतर जाए तो अच्छा ..⫼ 
❂•• 91
अपनी दुनिया आप पैदा कर अगर जिन्दो में है,
सर्र-ए-आदम है, ज़मीर-ए-कुन फिकन है ज़िंदगी ..⫼ 
❂•• 92
इश्क़ को भूल के जन्नत की है दुनिया को तलाश,
इश्क़ की आग़ जो दोज़ख है तो जन्नत क्या है ..⫼
❂•• 93
जिसे डर से दुनिया के दफ़ना दिया,
वो अरमान फिर भी मचलता रहा ..⫼
❂•• 94
ग़मो की धूप में भी मुस्कुरा कर चलना पड़ता है,
ये दुनिया है यहाँ चेहरा सजा कर चलना पड़ता है ..⫼
❂•• 95
ज़िक्र जब होगा मुहब्बत में तबाही का कहीं,
याद हम आयेंगे दुनिया को हवालों की तरह ..⫼
❂•• 96
ये तो हम हैं के तेरा दर्द छुपा के दिल में,
काम दुनिया के बा-दस्तूर किये जाते हैं ..⫼
❂•• 97
दुनिया ने हमेशा मेरे होठों पर मुस्कुराहट पाई,
पर हकीकत में मेरे दिल में भी बसती है तन्हाई ..⫼
❂•• 98
ज़िंदगी हसीन वहमों के सिवा कुछ भी नही,
दुनिया ने इसे ही उम्मीद नाम दे रखा है ..⫼
❂•• 99
ग़म-ए-हयात का झगड़ा मिटा रहा है कोई,
चले भी आओ कि दुनिया से जा रहा है कोई ..⫼
❂•• 100
छोङ दुनिया की सारी झंझट को,
आ मेरे दिल पे हुक्मरानी कर ..⫼
❂•• 101
ख़फ़ा है हमसे ये दुनिया हमारा है क़ुसूर इतना,
समझदारी से हम कुछ पल सुहाने ढूँढ़ लेते हैं ..⫼
❂•• 102
मरीज़-ए-ख़्वाब को तो अब शिफ़ा है,
मगर दुनिया बड़ी कड़वी दवा थी ..⫼ 
❂•• 103
कुछ नहीं है दुनिया में इक सिवा मुहब्बत के,
और ये मुहब्बत ही तुमसे की नहीं जाती ..⫼
❂•• 104
मेरी हर बात से उन्हें उल्फ़त है,मग़र मुझसे नहीं,
दुनिया के खुश-नसीबों में,सब से बद-नसीब हूँ मैं ..⫼
❂•• 105
हमने ख़ामोश बना रक्खी है, दिल की दुनिया,
कोई आवाज़ उभरती है,दबा देते हैं ..⫼
❂•• 106
यही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यों हैं,
यही होता हैं तो आखिर यही होता क्यों है ..⫼
❂•• 107
उठा उठा के तेरे नाज़ ऐ ग़म-ए-दुनिया,
ख़ुद आप ही तेरी आदत ख़राब
की हम ने ..⫼
 

Duniya Shayari in Urdu 

❂•• 108
भूल शायद बहुत बड़ी कर ली,
दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली ..⫼
❂•• 109
एक पल की पलक पर है ठहरी हुई ये दुनिया,
एक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है ..⫼
 ⠒  साहिर
❂•• 110
चले तो पाँव के नीचे कुचल गई कोई शय,
नशे की झोंक में देखा नहीं कि दुनिया है ..⫼
 ⠒  शहाब जाफ़री
❂•• 111
अगर यही तेरी दुनिया का हाल है मालिक़,
तो मेरी क़ैद भली है मुझे रिहाई न दे ..⫼
 ⠒  मेराज फैज़ाबादी
❂•• 112
आज भी बुरी क्या है कल भी ये बुरी क्या थी,
इस का नाम दुनिया है ये बदलती रहती है ..⫼
 ⠒  एजाज़ सिद्दीक़ी
❂•• 113
इक तेरी दीद छिन गयी मुझ से,
वरना दुनिया में क्या नही बाकी ..⫼
❂•• 114
उलट जाती हैं तदबीरें, पलट जाती हैं तक़दीरें,
अगर ढूँढे नई दुनिया तो इन्सां पा ही जाता है ..⫼
 ⠒  फ़िराक़
❂•• 115
सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ,
ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ! ..⫼
 ⠒  ख़्वाजा मीर दर्द
❂•• 116
सच बोल तो रहा हूँ मगर यह भी है पता,
दुनिया मैं इसके बाद अकेला रहूँगा मैं ..⫼
 ⠒  काज़िम जरवली
❂•• 117
बड़े वसूक़ से दुनिया फरेब देती है,
बड़े खुलूस से हम ऐतबार करते हैं ..⫼ 
❂•• 118
बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मेरे आगे,
होता है शब्-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे ..⫼
❂•• 119
न जाना कि दुनिया से जाता है कोई,
बहुत देर की मेहरबां आते आते ..⫼
 ⠒  दाग़
❂•• 120
सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ,
ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ ..⫼
 ⠒  मीर दर्द
❂•• 121
दुनिया न जीत पाओ तो हारो न आप को
थोड़ी बहुत तो ज़ेहन में नाराज़गी रहे  ..⫼
 ⠒  निदा फ़ाज़ली
❂•• 122
किसी की जूस्तजू ही बाइसे रग़बत है दुनिया में,
वगरना जी न लगता इस सफ़र की राहगुज़ारों में ..⫼
दुनिया पर  शायरी हिंदी उर्दू 
❂•• 123
या रब हमे तो ख़्वाब में भी मत दिखाइयो,
ये महशर-ए-ख्याल कि दुनिया कहें जिसे ..⫼
 ⠒  ग़ालिब
❂•• 124
बेहतर तो है यही के न दुनिया से दिल लगे,
पर क्या करें जो काम न बे-दिल्लगी चले ..⫼
 ⠒  ज़ौक़
❂•• 125
दुनिया पसंद आने लगी दिल को अब बहुत,
समझो कि अब ये बाग़ भी मुरझाने वाला है ..⫼
 ⠒  जमाल एहसानी
❂•• 126
दुनिया से निराली है “नज़ीर” अपनी कहानी,
अँगारों से बच निकला हूँ फूलों से जला हूँ ..⫼
 ⠒  नज़ीर बनारसी
❂•• 127
बदल रहे हैं ज़माने के रंग क्या क्या देख,
नज़र उठा कि ये दुनिया है देखने के लिए ..⫼
 ⠒  आफ़ताब हुसैन
❂•• 128
लोगो भला इस शहर में कैसे जिएंगे हम जहां,
हो जुर्म तन्हा सोचना लेकिन सज़ा आवारगी ..⫼
 ⠒  मोहसिन नक़वी
❂•• 129
दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है,
मिल जाए तो मिट्टी है खो जाए तो सोना है ..⫼
 ⠒  निदा फ़ाज़ली
❂•• 130
दुनिया की महफ़िलों से उकता गया हूँ या रब,
क्या लुत्फ़ अंजुमन का जब दिल ही बुझ गया हो ..⫼
 ⠒  अल्लामा इक़बाल
❂•• 131
दुनिया ने किस का राह-ए-फ़ना में दिया है साथ,
तुम भी चले चलो यूँ ही, जब तक चली चले ..⫼
  ⠒  ज़ौक़
❂•• 132
दुनिया ने तजरबात ओ हवादिस की शक्ल में,
जो कुछ मुझे दिया है वो लौटा रहा हूँ मैं ..⫼
 ⠒  साहिर लुधियानवी
❂•• 133
साँथ चलना है तो फिर छोड़ दे सारी दुनिया,
चल न पाए तो मुझे लौट के घर जाने दे ..⫼
 ⠒  नज़ीर बनारसी
❂•• 134
बेवफ़ाई के गिले जिन के हुए थे कल तक,
आज दुनिया के वफ़ादार बने बैठे हैं ..⫼
 ⠒  ज़हीर देहलवी*
❂•• 135
आग दुनिया की लगाई हुई बुझ जाएगी,
कोई आँसू मिरे दामन पे बिखर जाने दे ..⫼
 ⠒  नज़ीर बनारसी
❂•• 136
एक पल की पलक पर है ठहरी हुई ये दुनिया,
एक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है ..⫼
 ⠒   साहिर
❂•• 137
दुनिया तो चाहती है यूँही फ़ासले रहें,
दुनिया के मश्वरों पे न जा उस गली में चल ..⫼
 ⠒  हबीब जालिब
❂•• 138
दिल कभी ख़्वाब के पीछे कभी दुनिया की तरफ़,
एक ने अज्र दिया एक ने उजरत नहीं दी ..⫼
 ⠒  इफ़्तिख़ार आरिफ़
❂•• 139
बेनक़ाब सीरत नहीं मिलती है दुनिया में,
हर किसी की कोई ना कोई सूरत तो होती है ..⫼
❂•• 140
मगर ये बात दुनिया की समझ में क्यों नहीं आती,
अगर गुल ही नहीं होंगे तो फिर गुलदान होगा क्या ..⫼
 ⠒  दानिश
❂•• 141
दुनिया-ए-हुस्न-ओ-इश्क़ मिरी करना है तो
यूँ क़ामिल कर दे,अपने जल्वे मेरी हैरत
नज़्ज़ारे में शामिल कर दे ..⫼
 ⠒  बेदम वारसी
❂•• 142
बहुत मुश्किल है दुनिया का सँवरना,
तेरी ज़ुल्फ़ों का पेच-ओ-ख़म नहीं है ..⫼
 ⠒  असरार-उल-हक़ मजाज़
❂•• 143
दुनिया के मालिक एक एहसान कर,
जो परेशान है उसे और न परेशान कर ..⫼
 ⠒  वेद प्रकाश दूबे “वेदांत
 

Duniya Status

❂•• 144

अब मेरे दीद की दुनिया भी तमाशाई है,
तूने क्या मुझको मुहोब्बत में बना रखा है ..⫼
 ⠒  नासिर

❂•• 145
बदल रहे हैं ज़माने के रंग क्या क्या देख
नज़र उठा कि ये दुनिया है देखने के लिए ..⫼
 ⠒  आफ़ताब हुसैन

❂•• 146
खामोश क़हक़हों में भी गम देखते रहे,
दुनिया न देख पाई जो हम देखते रहे ..⫼
 ⠒  नौशाद
❂•• 147
एक हमें आवारा कहना कोई बड़ा इल्ज़ाम नहीं,
दुनिया वाले दिल वालों को और बहुत कुछ कहते हैं ..⫼
 ⠒  हबीब जालिब
❂•• 148
दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया,
तुझ से भी दिल-फरेब हैं गम रोज़गार के ..⫼
 ⠒  फैज़
❂•• 149
दुनिया बदल रही है ज़माने के साथ साथ,
अब रोज़ रोज़ देखने वाला कहाँ से लाएँ ..⫼
 ⠒  इफ़्तिख़ार आरिफ़
❂•• 150
दुनिया है सँभल के दिल लगाना,
यहां लोग अजब अजब मिलेंगे ..⫼
 ⠒  मीर हसन
❂•• 151
कभी दुनिया हो, कभी तुम, कभी तकदीर खिलाफ़,
रोज़ एक ताज़ा सितम हो तो गज़ल होती है ..⫼
 ⠒  नसीम शाहजहाँपुरी
❂•• 152

गाँव की आँख से बस्ती की नज़र से देखा,
एक ही रंग है दुनिया को जिधर से देखा ..⫼
 ⠒  असद बदायुनी

❂•• 153
ऐ खुदा मुझे अपनी पनाह में ले,
अब मुझे दुनिया का जंजाल न दे ..⫼
❂•• 154
दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ,
बाज़ार से गुज़रा हूँ ख़रीदार नहीं हूँ ..⫼
 ⠒  अकबर इलाहाबादी
❂•• 155
दुनिया ने किस का राह-ए-फ़ना में दिया है साथ,
तुम भी चले चलो यूँही जब तक चली चले ..⫼
 ⠒  शेख़ इब्राहीम ज़ौक़
❂•• 156
दुनिया पे ऐसा वक़्त पड़ेगा कि एक दिन,
इंसान की तलाश में इंसान जाएगा ..⫼
 ⠒  फ़ना
❂•• 157
बेहतर तो है यही कि न दुनिया से दिल लगे,
पर क्या करें जो काम न बे-दिल-लगी चले ..⫼
 ⠒  शेख़ इब्राहीम ज़ौक़
❂•• 158
सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई,
दुनिया की वही रौनक दिल की वही तन्हाई ..⫼ 
 ⠒  सूफ़ी तबस्सुम