2 Line Shayari #235, Ashk beh gaye aakho se

अश्क़ बह गए आँखों से मगर इतना कह गए,
फिर आएंगे तेरी आँखों में तू अपना सा लगता है।

कर दे नजर-ए-करम मुझपर मैं तुझ पर एतबार कर लूँ,
दीवाना हूं मैं तेरा ऐसा कि दीवानगी की हद पार कर लूं।

वो एक ख्याल है मेरा,
जो अक्सर मेरे सुकूँ से लड़ता है।

ऐसा नही की आपकी याद आती नही,
ख़ता सिर्फ़ इतनी है के हम बताते नही!

महोब्ब्त दिल में कुछ ऐसी होनी चाहिये की हासिल भले,
दुसरे को हो.. पर कमी उसको ज़िन्दगी भर अपनी होनी चाहिये।

इँतजार करते करते एक और रात बीत जायेगी,
पता हैं तुम नहीं आओगे और ये तनहाई जीत जायेगी।

दिल लगाने वालों का कोई मजहवे इश्क़ नहीं होता,
तबीयत जिस पे आ जाए वो ही दिल अजीज होता है।

किस्मत के तराजू में तौलोगे तो फकीर है हम
लेकिन दर्द ऐ दिल मे हम सा नवाब कोई नही।

मेरी​ सांस मेरी धड़कन मेरी जान हो तुम
इश्क की शुरुआत हूं मैं और अंजाम हो तुम।

तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में,
मगर इस पागल की तो कायनात ही तुम हो।

Leave a Reply

%d bloggers like this: