2021 Navratri Mata Skandmata Wishes – Status – 31+ स्कंदमाता पर शुभकामनाएं सन्देश और विचार

 2021 Navratri Mata Skandmata Wishes – Status – में पढेंगे माँ स्कंदमाता पर शुभकामनाएं सन्देश और विचार, वॉलपेपर. Mata Skandmata Caption, Mata Skandmata Quotes, Messages, Status.

नवरात्रि के पांचवे दिन माँ स्कंदमाता की पूजा अर्चना की जाती हैं.  मां दुर्गा या यह पंचम स्वरूप हैं. माता के चार भुजाएं हैं दाहिने तरफ के हाथ से माता ने स्कंद को गोद में लिया हुआ हैं और दूसरी व चौथी भुजा में कमल का पुष्प लिए हुए हैं. और तीसरे हाथ से माँ आशीर्वाद दे रही है.

माता के इस रूप को पिजाने वाले भक्तो को मां की कृपा से बुद्धि का विकास होता है और ज्ञान का आशीर्वाद प्राप्त होता हैं. और गृह कलह दूर होता हैं और पारिवारिक शांति मिलती हैं. माता का यह स्वरूप भक्तों के लिए कल्याण कारी है.

मां दुर्गा की पांचवीं शक्ति स्वरूपा स्कंदमाता की पिजा अरचना करने से  शत्रुओं और विकट परिस्थितियों पर विजय प्राप्ति होती हैं. नि:संतान दंपत्तियों को संतान सुख प्राप्त होता हैं. और हमें मोक्ष प्रदान करती हैं. 

“।।या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।” –

स्कंदमाता का अर्थ “

भगवान कार्तिकेय का दूसरा नाम स्कंद भी है और जब माता पार्वती ने जब कार्तिकेय को जन्म दिया तब से वह स्कंदमाता हो गईं. और माके इस स्वरूप में बालक के रूप में माता की गोद में भगवान कार्तिकेय (स्कंद) हैं. और इसी लिए माता पार्वती के इस स्वरूप को स्कंदमाता कहते हैं.

2021 चैत्र नवरात्रि का पाँचवे दिन कब हैं?…

“चैत्र नवरात्रि का चौथे दिन माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती हैं, यह इस वर्ष शनिवार, 17 अप्रैल 2021 को पड़ रहा हैं. …।” –

तो आईये अब माँ की आराधना करे और हमारे द्वारा Navratri Skandmata Quotes,  Messages, Images, Greetings के पोस्ट में दिए गए  स्कंदमाता नवरात्रि  के पाँचवे दिन की शुभकामनाएं सन्देश को अपने प्रियजनों में वाट्सऐप फेसबुक और इंस्टाग्राम पर साझा करे और माँ से उनकी मंगलकामना करे. ।।जय-जय माँ स्कंदमाता ।।

“नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें जय माँ स्कंदमाता…।” –

“नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की कृपा आप पर बनी रहे और आपको  बुद्धि ज्ञान का आशीर्वाद मिले. …।” –

प्रार्थना

“॥सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥…।” –

“मोक्ष प्रदान करती माता स्कंदमाता – नवरात्रि के पांचवें दिन की हार्दिक शुभकामनायें….।” –

“नि:संतान दंपत्तियों को संतान सुख का आशीर्वाद देनी वाली माता स्कंदमाता की जय-जय कार – नवरात्रि की पावन मंगल कामना …।” –

“दो भुजाओं में कमल का फूल रखती एक हाथ से सनतकुमार और एक हाथ अभय मुद्रा में मेरी स्कंदमाता — नवरात्रि के पांचवें दिन की हार्दिक शुभकामनायें….।” –

“स्कंदमाता की भक्ति का पर्व है, स्कंदमाता की आराधना का ये पर्व है, बिगड़े काम बनाने का पर्व है, भक्ति का दीया दिल में जलाने का पर्व है। नवरात्रि के पांचवें दिन की हार्दिक शुभकामनायें…।” –

“शत्रुओं और विकट परिस्थितियों पर विजय दिलाने वाली माता स्कंदमाता की जय-जय कार – नवरात्रि की पावन मंगल कामना …।” –

“स्कंदमाता आपको सुख समृद्धि वैभव ख्याति प्रदान करे। जय माता दी।  नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं…।” –

“हमारे अन्दर छाये अँधेरे को दूर कर प्रकाशमान करने वाली स्कंदमाता की जय-जयकार. नवरात्रि के पांचवें दिन की हार्दिक शुभकामनायें….।” –

“महाबले महोत्साहे। महाभय विनाशिनी।  त्राहिमाम स्कन्दमाते। शत्रुनाम भयवर्धिनि।।…।” –

“चार भुजाओं वाली स्कंदमाता की जय-जय कार. …।” –

“नवरात्रि का पांचवां दिन जब आता हैं तो ढेरों खुशियां साथ है लाता, इस बार माँ आपको वो सबकुछ दे, जो कुछ आपका दिल है चाहता। नवरात्रि की शुभ कामनायें…।” –

“शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा की पांचवीं शक्ति स्कंदमाता की जय-जय कार. 2021 नवरात्रि की शुभ कामनायें…।” –

“ओम देवी स्कन्दमातायै नमः॥…।” –

“हमको था इंतजार वो घड़ी आ गई, होकर सिंह पर सवार स्कंदमाता आ गई। शुभ नवरात्र …।” –

” चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें जय माँ स्कंदमाता…।” –

स्कंदमाता बीज मंत्र

“ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:।…।” –

“एक, दो, तीन, चार स्कंदमाता की जय-जय कार. …।” –

स्कंदमाता की आरती

जय तेरी हो स्कंदमाता।
पांचवां नाम तुम्हारा आता।
सब के मन की जानन हारी।
जग जननी सब की महतारी।
तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं।
हर दम तुम्हें ध्याता रहूं मैं।
कई नामों से तुझे पुकारा।
मुझे एक है तेरा सहारा।
कहीं पहाड़ों पर है डेरा।
कई शहरो में तेरा बसेरा।
हर मंदिर में तेरे नजारे।
गुण गाए तेरे भक्त प्यारे।
भक्ति अपनी मुझे दिला दो।
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।
इंद्र आदि देवता मिल सारे।
करे पुकार तुम्हारे द्वारे।
दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए।
तुम ही खंडा हाथ उठाएं
दास को सदा बचाने आईं
चमन की आस पुराने आई।

“भगवान स्कंद की माता स्कंदमाता की जय-जय कार.  नवरात्रि की शुभ कामनायें 2021…।” –