30+ क़त्ल शायरी 2 लाइन / क़त्ल Status

30+ क़त्ल शायरी 2 लाइन / क़त्ल Status

सोच रहा हूँ इस सादगी का
क़त्ल कर दूँ,

मैं तुम्हें भरी महफ़िल,
में गले लगाना चाहता हूँ.

हमीं को क़त्ल करते हैं,
मीं से पूछते हैं वो.,
शहीदे-नाज, बतलाओ
मेरी तलवार कैसी है.
वो आखों से कत्ल करते हैं
और फरमाते हैं आराम,
हम अगडाइयां भी लेते हैं तो
हो जाते हैं बदनाम.
इतने सलीके से कत्ल किया है उसने,
दुनिया अब भी समझती है कि जिंदा हूं मै.

क़त्ल Shayari

आँख बंद करके
चलाना खंजर हम पे,
कहीं हमने मुस्कुरा दिया,
तो कत्ल़ तुम्हारा होगा.
क़त्ल शायरी 4 लाइन
कसूरवार तुम हो क्यूंकि
तुमने आँख मिलाई है,
क़त्ल हो जाते तो सब
तुम्हें बेचारा कहते.

मेरे क़त्ल का इरादा हो तो
खंजर से वार ना करना,
मेरे मरने के लिए काफी है
तेरा औरों से प्यार करना.
क़त्ल हुआ इस तरह हमारा किस्तो में,
कभी खंजर बदल गये कभी कातिल.
क़त्ल हुआ हमारा,
इस तरह किश्तों में,
कभी खंजर बदल गये,
कभी क़ातिल बदल गये.
ग़जब हाल है
हुस्न ए शबाब का
ये क़त्ल भी कर दें
तो गुनहगार नही होते.
मुझेअपनी फ़िक्र कहाँ,
मुझे तो फ़िक्र तुम्हारे इश्क कि है,

जिसका क़त्ल करने कि इजाजत
मेरा जमीर मुझे नहीं देता.

इरादा कत्ल का था तो मेरा
सर कलम कर देते,
क्यू इश्क मे डाल कर तुने
हर साँस पर मौत लिख दी.

या तो क़त्ल करके ख़तम कर दे
या फिर मुहब्बत करके मुक़म्मल कर दे.

क़त्ल Shayari

कभी क़त्ल कर दिया
और कभी वार कर दिया,
उनकी मस्त अदाओं ने
हमे बेक़रार कर दिया.
झुमके सेकहे दोगालों को चूमना छोड़ दे
इश्क़ रुस्वा हुआ तोक़त्ल हज़ार होंगे.
माफी भी दूर से देना इस शहर में सबको,
कई क़त्ल हुए हैं माफ़ करने के बाद.

Maafi Bhi Dur Se Dena Is Shahar Me Sabako,
Kayi Qatl Huye Hain Maaf Karane Ke Baad

क़त्ल कर या कर इश्क़ मुक़म्मल हम से,
दोनों ही सूरत में तेरे नाम से फ़ना होना है हमको.
महफ़िल भी रोएगी हर दिल भी रोयेगा,
डुबा कर मेरी कश्ती साहिल भी रोयेगा,
इतना प्यार बिखेर देंगे दुनिया में हम,
कत्ल करके हमारा कातिल भी रोयेगा.

क़त्ल Status

क़त्ल करने की खुली छूट है अब भी लेकिन,
प्यार मत करना, यहाँ प्यार पे पाबंदी है.

इतना भी दर्द ना दे
ऐ ज़िन्दगी प्यार ही किया था
किसी का क़त्ल नहीं.
खंजर वाले तो मुफ्त मे बदनाम होते हैं,

ये हसीनों का शहर है,
अदाओं से कत्लेआम होते है.

Khanjar Wale To Muft Me Badnaam Hote Hai,
Ye Haseeno Ka Shahar Hai,
Adaaon Se Qtal-E-Aam Hote Hai.

कत्ल करके जाता तो वो
दुनिया की नजरों में आ जाता.
समझदार कातिल था बस
मोहब्बत कर के छोड़ दिया.

क़त्ल कर दे हम वो नज़र रखते हैं,
मग़र मोहब्बत करे हम वो दिल भी रखते हैं.

उस नजर को ‘क़ाबिले तारीफ’ कैसे कहूँ,
जो हर आशिक़ के कत्ल की गुनहगार है.
हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम,
वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता.
अकबर इलाहाबादी

उसने दोस्ती चाही
मुझे प्यार हो गया,
फिर क्या हुआ हम अपने ही
कत्ल के गुनहगार हो गए.

क़त्ल शायरी 2 लाइन

कत्ल किया था जिसने मेरी
मासूम मुहब्बत का,
वो बा-इज़्ज़त बरी हैऔर हम इश्क़ करके
सारे शहर के गुनहगार हो गये.

इरादा कत्ल का था तो मेरा सर कलम कर देते,
क्यू इश्क मे डाल कर तुने हर साँस पर मौत लिख दी.

कोई योगी आए बेवफाओ के शहर मे भी,
ख्वाहिशो के कत्लखाने वहाँ भी बंद करवाने है.

Ko Yogi Aaye Bewafaao Ke Shahar Me Bhi,
Khwahish Ke Qatlkhane Waha Bhi Band Karawaane Hai.

कातिल नजरो से जो कत्ल किया तो
इश्क की चाहत उभर आई है.
मोहब्बत को छुपालूँ दिल में
आँखें तो हरजा़ई है.
तेरा हुस्न वो कातिल है ज़ालिम,
जो क़त्ल तो करता है और
हाथ में तलवार भी नही रखता.
कत्ल कर के वो कातिल का नाम पूछते है,
दर्द देकर वो दावा का नाम पूछते है,
मार गये हम उनकी इस अदा पे,
होकर मेरे खुदा वो मेरे रहनुमा का नाम पूछते है.

माफी भी दूर से देना इस शहर में सबको
कई क़त्ल हुए हैं माफ़ करने के बाद.

Maafi Bhi Door Se Dena Is Shahar Me Sabako
Kai Katl Huye Hai Maaf Karane Ke Baad.

क़ातिल तेरे शहर में एक और क़त्ल हो गया,
दास्ताँ मेरी सुनकर सदमें में वो गुज़र गया.

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