75+ इश्क Status – Ishq Shayari

2 Lines Shayari

इश्क StatUs  – Ishq Shayari
दोस्तो आज की पोस्ट खास हैं जो  Ishq Shayari  के ऊपर बनाया गया हैं जिसमे आप सभी पढ़ सकते हैं ढेरो  इश्क Status  को जो आप सभी इश्क करने वाले वाले दोस्तों को पसंद आएगा। क्युकी यह पोस्ट खास उन सभी आशिको के लिए हैं, जिन्हे इश्क हुआ हैं किसी से. और यह पोस्ट उन सभी के प्यार की जुबान बनेगा प्यार भरे अल्फ़ाज़ों के साथ  Ishq Shayari के इस कलेक्शन में.
तो आईये पढ़ते इश्क के रंगो से रंगी इश्क Status की इस लाज़वाब किताब को और अपनी मनपसंद शायरी को अपनी मेहबूबा को शेयर या पोस्ट करे कीजिये।

∎ 1

क्या कहूँ
तुमसे मैं,  क्या है इश्क,
जान का रोग है
बला है इश्क
Kya Kahun
Tumase, Mai, Kya Hai Ishk?
Jaan Ka Rog Hai Bala Hain Ishq

चाहे कितनी भी
तकलीफ दे इश्क़,
पर सुकून भी
इश्क़ से ही मिलता है

Chahe Kitani Bhi
Taklif De ishk

Par Sukun Bhi Ishq Se Hi Milata Hai

लफ़्ज़ों से तुम मेरी तारीफ कर लो..
इश्क हम तेरीआंखो में ढूँढ लेंगे
Lafzo Se Tum Meri Tarif Kar Lo

Ishq Ham Teri Ankho Me Dhundh Lenge

इश्क ने कब इजाजत ली है आशिकों से,

वो होता है और होकर
ही रहता ह

Ishq Kab Izaazat Li Hai Aashikon Se?

Wo Hota Hai Aur Hokar Hi Rahata Hai.

इश्क़ है या कुछ और ये तो
पता नहीं ,
पर जो तुमसे है वो किसी
और से नही.

Ishq Hai Ya Kuchh Aur Ye To
Pata Nahi,

Par Jo Tumhase Hai Wo Kisi Aur Se Nahi.

अच्छा सुनो तुम
अपना जरा ध्यान रखना,
अभी मौसम बीमारी का भी हैं
और इश्क का भी.

Achchha Suno Tum
Apna Jara Dhyaan Rakhana
Abhi Mausam Bimaari Ka Bhi Hai
Aur Ishq Ka Bhi

ये इश्क़ के इन्तहा थी
या  दीवानगी मेरी,
हर सूरत में मुझे
सूरत तेरी नज़र आने लगी.

Ye Ishq Ki Intehaa Thi
Ya Deewanagi Meri
Har Surat Me Mujhe
Surat Teri Nazar Aane Lagi

इश्क का रोग है जाता नहीं
कसम से,
गले में डालकर सारे
ताबीज देखे मैंने
Ishq Ka Rog Hai, Jata Nahi
Gale Me Daalkar Saare
Yabij Dekhe Maine
खुदा तू इश्क न करना
वरना बहुत पछतायेगा,
हम तो मर के तेरे पास आयेंगे
तू कहाँ जायेगा?

Khuda Tu Ishq Na Karana
Warana Bahut pachhatayega
Ham To Mar Ke Tere Paas Aayenge
Tu Kaha Jayega?

इश्क Status

तुझसे इश्क़ कर के
ये यक़ीन हुआ की
इबादत के लिए ख़ुदा का मिलना
ज़रूरी नहीं है

Tujhse Ishq Kar Ke
Ye Yakin Hua Ki
Ibadat Ke Liye Khuda Ka Milana

Jaruri Nahi Hai

चर्चे, किस्से नाराजगी आने दो,
मुझको इश्क़ में
और इश्क़ को मुझमें
मशहूर हो जाने दो

Charche, Kisse Narazagi Aane Do
Mujhko Ishk Me
Aur Ishq Ko Mujhme
Mashhur Ho Jaane Do

तुम चाहो अगर तो लिख दो
इश्क़ मेरी तकदीर में.
तुमसे खूबसूरत इबादत तो
जन्नत में भी नही
Tum Chaho Agar To Likh Do
Ishq Meri taqdir Me
Tumase Khubsurat Ibadat To
Jannat Me Bhi Nahi
महफ़िल सजी है सनम भी
Online हैं
हम कंफ्यूज हैं

इश्क़ करे या शायरी?

Mahfil Saji Hai Sanam Bhi
Online Hai
Ham  Confuse Hai
Ishq Kare Ya Shayari?

लफ़्ज़ों से तुम
मेरी तारीफ कर लो..

इश्क हम तेरी आंखो में

ढूँढ लेंगे
Lafzo Se Tum
Meri Tarif Kar Lo
Ishq Ham Teri Ankho Me
Dhundh Lenge
नशा है इश्क़, खता है इश्क़,
क्या करें यारो
बड़ा दिलकश है इश्क़
Nasha Hain Ishq, Khata Hai Ishq
Kya Kare Yaaro
Bada Dilkash Hai Ishq
बादशाह थे
हम अपनी  मिजाज-ए मस्ती के
इश्क़ ने तेरे  दीदार का
फ़क़ीर बना दिया.
Baadshaah The
Ham Apani Mizaz-E-Masti Ke
Ishq Ne Tere Deedaar Ka Ka
Fakir Bana Diya
नजर नमाज
नजरिया सब कुछ बदल गया ,
एक रोज  इश्क हुआ मेरा
खुदा बदल गया
Nazar Namaaz
Nazariyan Sab Kuchh Badal Gaya
Ek Roz Ishq Hua Mera
Khuda Badal Gaya
इबादत ए इश्क बस इतना है
तु रहे सदा पास मेरे
मै रहू सदा एहसासो
मे तेरे
Ibaadat-E-Ishq Bas Itana Hai
Tu Rahe Sada Paas Mere
Main Rahu Sada Ehasaaso
मुक़म्मल इश्क़ तो इबादत है..
बस करते चले जाना है
Mukammal Ishq To Ibadat Hai
Bas Karate Chalo
सुनो.
मुझे इश्क़ हुआ है. दूर रहना
तुम हमसे
सुना है ये मर्ज, छूने से बढ़
जाता है
Mujhe Ishq Hua Hai, Dur Rahana
Tum Mujhse
Suna Hai Ye Marz, Chhune Se Badh

Ishq Shayari

.कितना चाहा
ना जाऊं इश्क़ की गली
पर इस दिल के आगे मेरी
एक ना चली
Kitana Chaha
Naa Jaun Ishq Ki Gali Me
Par Is Dil Ke Aage Meri
Ek Na Chali
वों जुल्फें हवाओं संग
लहरायी थीं,
हम असर इश्क का
समझ बैठे.
Wo Julfe Hawaon Ke Sath
Laharayi Thi,
Ham Asar Ishq Ka
Samjh Baithe
नज़ाक़त
और ग़ुरूर होना चाहिये इश्क़ में
एक तरफ़ा ही सही
पर सुरूर होना चाहिए इश्क़ में
Aur Gurur Hona Chahiye Ishq Me
Ek Tarfa Hi Sahi
Par Surur Hona Chahiye Ishk Me
इश्क कोई घाव नहीं
जो भर जायेगा,
रिवाज है साहब
हीर के बगैर रांझा
मर जायेगा
Ishq Koi Ghav Nahi
Jo Bhar Jayega
Riwaaz Hai Saahab
Heer Ke Bagair Ranjha
Mar Jaayega
इश्क़ की उम्र नही होती,
ना ही दौर होता है,
इश्क तो इश्क़ है जब होता है.
तो बेहिसाब होता है.
Ishq Ki Umr Nahi Hoti,
Naa Hi Daur Hota Hai.
Ishk To Ishk Hai Jab Hota Hai,
To Brhisaab Hota Hai.
इश्क Status
काले जादू जैसा है
ये तेरा तिलस्मी इश्क़,
दुआ और दवा
सब बेअसर मालूम होती है.
Kaale Jaadu Jaisa Hai
Ye Tera Tilasmi Ishq
Dua Aur Dawa
Sab Beasar Malum Hoti Hai
इश्क़ की राह में, खुबसूरत
क्या हैं
एक मैं हूँ, एक तुम हो और
जरूरत क्या हैं.
Ishq Ki Raah Me Khubsurat
Kya Hai?
Ek Mai Hun, Ek Tum Ho Aur Ki
Jarurat  Kya Hai.
क्यों एक दिल को
दूसरे दिल की खबर ना हो
वो दर्द ए इश्क ही क्या
जो इधर हो उधर👦 ना हो.
Kyu Ek Dil Ko
Dusare Dil Ki Khabar Naa Ho,
Wo Dard-E-Ishq Hi Kya
Jo Idhar Ho Udhar Naa Ho.
तेरे दिल में मेरी साँसों को,
पनाह मिल जाये,
तेरे इश्क में मेरी जान,
फ़ना हो जाये.
Tere Dil Me Meri Sanso Ko,
Panaah Mil Jaaye,
Tere Ishq Me Meri Jaan
Fana Ho Jaaye.
इश्क का तो पता नहीं,
पर जो तुझमे है, वो किसी और
में नहीं
Ishq Ka To Pata Nahi,
Par Jo Tujhame Hai, Wo Kisi Aur
अदा-ए-मोहब्बत  सजदा-ए-इश्क,
नाम कुछ भी हो. मतलब
तुम्ही से है
Ada-E-Mohabbat Sajada-E-Ishq,
Naam Kuchh Bhi Ho Matalab
Tumhi Se Hain
मिलावट है तेरे इश्क में
इत्र और शराब की,
कभी हम महक जाते हैं
कभी हम बहक जाते हैं
☜☆☞
Milawat Hai Tere Ishq ME
Itr Aur Sharab Ki,
Kabhi Ham Mahak Jate Hai,
Kabhi Ham Bahak Jaate Hai.
न जिद है न हमे कोई गुरूर है
बस तुम्हे पाने का
हमे सुरूर है.
इश्क गुनाह है तो गलती की
अब सजा जो भी हो
हमे मंजूर है..
☜☆☞
Naa Zid Hai Na Hame Koi Gurur Hai,
Bas Tumhe Paane Ka
Hame Surur Hai.
Ishq Gunaah Hai Galati Ki,
Ab Saja Jo Bhi Ho
Hame Manjur Hai.
एक तो मेरी चाहत
और दुसरा इश्क का बुखार,
शहर का तापमान
50 डिग्री ना हो तो क्या हो.
Ek To Teri Chahat
Aur Dusara Ishq Ka Bukhaar
Shahar Kaa Taapmaan
50 Degree Na Ho To Kya Ho?
भीगेंगे जो
किसी रोज हम मोहब्बत की बरसात में
फिर कमज़ोर से इस दिल को
इश्क का बुखार पक्का है.
Bhigege Jo
Kisi Roj Hum Mohabbat Ki barsat Me ,
Fir Kamjor Se Es Dil Ko

Ishq Ka Bukhar Pakka Hai.

बारिश-ए-इश्क की
गहराईयों में खूबसूरत क्या है?
मैं हूँ, तुम हो और कुछ की
ज़रुरत क्या है.
Barish-E-Ishq Ki
Gaharayiyon Me Khubsurat Kya Hai?
Mai Hun, Tum Ho Aur Kuchh Ki
Jarurat Kya Hai.
उल्टी ही चाल चलते हैं
इश्क़ के दीवाने,
आँखों को बंद करते हैं
दीदार के लिये
Ulti Hi Chal Chalate Hai
Ishq Ke Deewane
Ankho Ko Band Karate Hai
Deedaar Ke Liye
गलत सुना था कि, इश्क
आँखों से होता है..
दिल तो वो भी ले जाते है,
जो पलकें तक नही उठाते
Galat Suna Tha Ki, Ishq
Ankho Se Hota Hain,
Dil To Wo Bhi Le Jate Hain,
Jo Palake Tak Nahi Uthate.
मैंने जान बचा के रखी है, एक
जान के लिए,
इतना इश्क कैसे हो गया? एक
अनजान के लिए?
Maine Jaan Bacha Ke Rakkhi Hain,
Ek Jaan Ke Liye..
Itana Ishk Kaise Ho Gaya? Ek
Anjaan Ke Liye?
मंदिर-मस्जिद सब नाम के हैं,
खुदा से रूबरू होना है तो
इश्क़ कर.
Mandir-Maszid Sab Naam Ke Hai
Khuda Se Rubaru Hona Hai To
वो कहने लगी,
नकाब में भी पहचान लेते हो
हजारों के बीच ?
मैंने मुस्करा के कहा,
तेरी आँखों से ही शुरू हुआ था
इश्क हज़ारों के बीच.
Wo Khane Lagi ,
Nakab Me Bhi Pahchan Lete Ho
Hajaron  Ke Bich?
Mene Muskra Ke Kha,
Teri Ankho Se Hi Suru Huwa Tha
Ishq Hajaron Ke Bich
इश्क StatUs  – Ishq ShayAri
नही पसन्द
इश्क मे मिलावट मुझको,
अगर वो मेरा है,
तो ख्वाब भी बस मेरे देखे
Nahi Pasand
Ishk Me Milawat Mujhako
Agar Wo Mera Hai
To Khwaab Bhi Bas Mere Dekhe
एक हम हैं
जो इश्क़ कि बारिश करते है,
एक तुम हो जो भीगने को
तैयार ही नहीं.
Ek Hum Hai
Jo Ishq Ki Barish Karte Hai,
Ek Tum Ho  Jo Bhigne Ko
Tayar Hi Nahi.
जुदा होकर भी
जुदाई नहीं होती इश्क
उम्र कैद है प्यारे इसमें
रिहाई नहीं होती❗
Juda Hokar Bhi
Juda Nahi Hota Ishq
Umra Kaid Hai Pyaare Isame
Rihayi Nhai Hoti
कमबख्त
आईने को भी
तुझसे, इश्क हो गया है,
देखो उसे  भी हर पल तेरे,
दीदार का ही इन्तजार
रहता है
☜☆☞
Kambkhat
Aayine Ko Bhi
Tujhse Ishk Ho Gaya Hai
Dekho Use Bhi Har Pal Tere
Deedaar Ka Hi Intzaar
Rahata Hai
कभी रुक न सकेगा
तुमसे सिलसिला मेरी मोहब्बत का
ऐ जान. मेरा इश्क तेरी “हां” या “ना”
का मोहताज नही
Kabhi Ruk Naa Sakega
Tumase Silsila Meri Mohabbat Ka
E Jaan Mera Ishq Teri Haa Yaa Naa
Ka Mohataaz Nahi
इजहार ए इश्क करूँ या
पुछलूं तबियत उनकी
ऐ दिल कोई तो बहाना बता
उनसे बात करने का
Uzahaar-E-Ishq Karu Yaa
Puchh Lu Tabiyat Unaki
E Dil Koi To Bahaana Bata
Unase Baat Karane Ka?
हमने हमारे इश्क़ का,
इज़हार यूँ किया,
फूलों से तेरा नाम, पत्थरों पे
लिख दिया.
Hamane Hamare Ishk Ka
Izahaar Yun Kiya
Phoolo Se Tera Naam Pattharo Pe
हमें कहा मालूम था क़ि
इश्क़ होता क्या है
बस एक ‘तुम’ मिले
और ज़िन्दगी
मुहब्बत बन गई
Hame Kaha Malum Tha Ki
Ishq Hota Kya Hai?
Bs Ek Tum Mile
Aur Zindagi
Muhabbat Ban Gayi
बंदगी में इश्क सी  दीवानगी
पैदा करों,
एक दम दुआओं में असर
आ जाएगा.
Bandagi Me Ishq Si Deewanagi
Paida Karo
Ek-Dam Duaaon Me Asar
Aa Jaayega
किसी ने पूछा

कभी इश्क हुआ था,

हम मुस्कुरा के बोले
आज भी है.
Kisi Ne Punchha
Kabhi Ishq Hua Tha
Ham Muskura Ke Bole,
Aaj Bhi Hain
Ishq Shayari
किसे पता था मैं इश्क करूंगा,
हकीम भी  दवा नहीं देता
बच्चा समझकर.
Kise Pata Tha Main Ishq Karunga
Hakeem Bhi Dawa Nahi Deta
Bachcha Samjhke.

इश्क़ है अगर

तो शिकायत न कीजिए,
और शिकवे हैं तो मोहब्बत
न कीजिए
Ishq Hain Agar
To Shikayat Naa Kijiye
Aur Shikawe Hai To Mohabbat
Naa Kijiye

मेरे इश्क़ के तरीके

बेहद जुदा हैं.औरों से
मुझे तन्हा होने पर भी
इश्क़ करना आता है. तुमसे
Mere Ishk Ke Tarike
Behad Juda Hai Auro Se
Mujhe Tanha Hone Par Bhi
Ishk Karana Aata Hai Tumase
तुम्हें चाहने की
वजह कुछ भी नहीं,
बस इश्क की फितरत है
बे-वजह होना
Tumhe Chahane Ki
Vajah Kuchh Bhi Nahi
Bas Ishq Ki Fitarat Hain
Be-Vajah Hona
गजल-ए-उल्फत पढ़ लिया करो,
एक खुराक सुबह एक खुराक शाम,
ये वही दवा है
जिससे, बीमारे-इश्क को
मिलता है तुरंत आराम
Gazal-E-Ulfat Padh Liya Karo
Ek Khurak Subah Ek Khurak Shaam
Ye Wahi Dawa Hai
Jisase Bimaare-Ishq Ko
Milata Hai Turant Aaraam
मैंने रंग दिया है
हर पन्ना तेरी यादों से,
मेरी किताबों से पूछ इश्क
किसे कहते हैं
Maine Rang Diya Hai
Har Panna Teri Yaadon Se
Meri Kitaabon Se Puchh Ishk
Kise Kahate Hai
मेरी शायरी को
मेरा इश्क़ ना समझना
ये तो मेरे नादान दिल की ख्वाहिशें हैं
जो तुम्हें बयाँ करता हूँ

Meri Shayari Ko
Mera Ishq Na Samjhna

Ye To Mere Nadan Dil Ki Khwahishe Hai
Jo Tumhe Bayan Karata Hun

इन्हे भी पढ़े

✩✩✩✩✩✩✩✩✩✩✩✩✩✩
इश्क़ करना तो
हम सिखाएंगे आपको.
जरा मेरा इश्क़ कुबूल तो
करके देखिये
Ishk Karana To
Ham Sikhayenge Aapko
Jara Mera Ishk Kabul To
Karake Dekhiye
इश्क Status
मत सिखाओ तुम
हमे मुहब्बत का बही खाता
हिसाब-ऐ-इश्क़ रखना
हम दीवानो को नही आता.
Mat Sikhao Tum
Hame Mohabbat Ka Bahi Khata
Hisab-E-Ishq Rakhana
Ham Deewano Ko Nahi Aata
यकीन है मुझ पर तो

बेपनाह इश्क कर,

वफाए मेरी जवाब देगी
तू सवाल तो कर
Yakin Hai Mujhe Par To
Bepanaah Ishk Kar
Wafaaye Meri Jawab Degi
Tu Sawaal To Kar
तुझे नाज है
तु हुस्न है .तेरे गुलिस्ता की
मुझे फक्र हैमैं इश्क हूँ
तुझे तड़पा न दूं तो
कमाल क्या
Tujhe Naaz Hai
Tu Husn Hain Tere Gulista Ki
Mujhe Fakr Hai Main Ishq Hun
Tujhe Tadapa Na Du To
Kamaal Kya
चाहत से फतेह कर लो
नजरों से करम
फरमाओ
इश्क़ इबादत है मेरी
हर दुआ में तुम नज़र आओ
Chahat Se Fateh Kar Lo
Nazaron Se Karam
Ishq Ibadat Hai Meri
Har Duwa Me Tum Nazar Aao
दिवाना हर शख़्स को

बना देता है इश्क़,
सैर जन्नत की
करा देता है इश्क़,
मरीज हो अगर दिल के तो

कर लो इश्क़,

क्योंकि धड़कना दिलों को
सिखा देता है इश्क़
Deewana Har Shkhs Ko
Bana Deta Hai Ishk
Sair Jannat Ki
Kara Deta Hai Ishq
Mareej Ho Agar Dil Ke To
Kar Lo Ishk
Kyuki Dhdakana Dilo Ko
Sikha Deta Hai Ishk

जूनून-ए-इश्क,

नहीं रास आया हमें,
जब भी देखा आइना,
अक्स उनका ही नजर आया हमें
Junun-E-Ishq
Nahi Raas Aaya Hame
Jab Bhi Dekha Aayina
Aks Unaka Hi Nazar Aaya Hame

Ishq Shayari

दिल एक है तो
कई बार क्यों लगाया जाए,

बस एक इश्क ही काफी है
अगर निभाया जाए

Dil Ek Hai To
Kati Baar Kyu Lagaya Jaay
Bas Ek Ishq Hi Kafi Hai
Agar Nibhaya Jaay

मुझसा कोई
जहान में नादान भी ना होगा
करके जो इश्क कहता है,
कोई नुकसान भी ना होगा.

Mujhsa Koi
Jhaan Me Nadaan Bhi Na Hoga
Karake Jo Ishq Kahata hai
Koi Nuksaan Bhi Na Hoga

किताबें इश्क की पढकर

ना समझो खुद को
आशिक़,
ये दिल का काम,
दिल वालों को करने दो
तो अच्छा है.
Kitabe Ishq Ki Padhkar
Na Samjho Khud Ko
Ye Dil Ka Kaam
Dilwalo Ko Karane Do

To Achchha Hai

लम्हों का

इश्क नही, सदियों की इबादत है

कैसे करें शिकायत, हर साँस को
तेरी चाहत है

Lamho Ka
Ishk Nahi, Sadiyo Ki Ibadat Hai
Kaise Kare Shikayat, Har Sans Ko
Teri Chahat Hai

इश्क़
हुआ है तुमसे,
बस यही ख़ता है मेरी.
तुम दिल हो, तुम मोहब्बत हो,
और तुम ही कमजोरी हो मेरी

Ishq Hua Hai Tumse
Bas Yahi Khata Hai Meri
Tum Dil Ho, Tum Mohabbat Ho
Aur Tum Hi Kamjori Ho Meri

मैंने जान बचा के रखी है,
एक जान के लिए
.इतना इश्क कैसे हो गया❓
एक अनजान के लिए❓

Maine Ek Jaan Bacha Rakhi Hai
Ek Jaan Ke Liye
Itana ishk kaise Ho Gaya
Ek Anjaan Ke Liye?

तुम समझो गर ये ख़ालीपन
तो कोई बात भी बने,
के  बातें बेवजह भी ज़रूरी है
कभी कभी इश्क़ में.

Tum Samjho Gar Ye Khalipan
To Koi Baat Bhi Bane
Ke Baate Bevajah Bhi Jaruri Hai
Kabhi Kabhi Ishq Me

इश्क़ तो सिर्फ़ मुझे हुआ था ,.
उसे तो कुछ पल का
नशा हुआ था
Ishq To Sirf Mujhe Hua Tha
Use To Kuchh Pal Ka
Nasha Huaa Tha.
बहुत थे मेरे भी
इस दुनिया में अपने,
फिर हुआ इश्क
और हम अकेले हो गए
Bahut The Mere Bhi
Is Duniya Me Apne
Fir Hua Ishq
Aur Ham Akele Ho Gaye
इश्क की चोट
का कुछ दिल पर असर हो तो सही,
दर्द कम हो या ज्यदा हो
मगर हो तो सही
Ishq Ki Chot
Ka Kuchh Dil Par Asar Ho To Sahi
Dard Kam Ho Yaa Jyaada Ho

Magar Ho To Sahi

हम
बने थे तबाह होने को,

आपका इश्क़ तो बहाना था.
Ham
Bane The Tabah Hone Ko,
Aapka Ishk To Bahana Tha.

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