सिंहासन बत्तीसी की सातवीं कहानी Sinhasan Battisi ki seven Story in Hindi

सिंहासन बत्तीसी की सातवीं पुतली कौमुदी की कहानी – Sinhasan Battisi ki Satvi Kahaani

सिंहासन बत्तीसी की सातवीं कहानी Sinhasan Battisi ki seven Story in Hindi

सातवें दिन जैसे ही राजा भोज एक बार फिर दरबार में पहुंचे और सिंहासन की तरफ बढ़े, सातवीं पुतली कौमुदी राजा से बोली, ‘हे राजन, इस सिंहासन पर बैठने की जिद त्याग दो। इस सिंहासन पर वही बैठ सकता है जो राजा विक्रमादित्य की तरह गुणवान हो। अगर तुम में उनकी तरह एक गुण भी हो तो अवश्य इस सिंहासन पर बैठना।

इस पर राजा बोले, विक्रमादित्य पर ऐसा क्या गुण था जो मेरे में नहीं हैं। पुतली बोली, सुनो मैं तुम्हें परम प्रतापी वीर विक्रमादित्य की कथा सुनाती हूं..

एक दिन राजा विक्रमादित्य अपने कक्ष में आराम से सो रहे थे। अचानक उनकी नींद करुण-क्रंदन सुनकर टूट गई। उन्होंने ध्यान लगाकर सुना तो रोने की आवाज नदी की तरफ से आ रही थी और कोई स्त्री रोए जा रही थी। विक्रम की समझ में नहीं आया कि कौन-सा दुख उनके राज्य में किसी स्त्री को इतनी रात गए बिलख-बिलख कर रोने को विवश कर रहा है। उन्होंने तुरंत राजपरिधान पहना और कमर में तलवार लटका कर आवाज़ की दिशा में चल पड़े।

क्षिप्रा के तट पर आकर उन्हें पता चला कि वह आवाज़ नदी के दूसरे किनारे पर बसे जंगल से आ रही है। उन्होंने तुरंत नदी में छलांग लगा दी तथा तैरकर दूसरे किनारे पर पहुंचे। फिर चलते-चलते उस जगह पहुंचे जहां से रोने की आवाज आ रही थी। उन्होंने देखा कि झाड़ियों में बैठी एक स्त्री रो रही है।

उन्होंने, स्त्री से रोने का कारण पूछा। स्त्री ने कहा कि वह कई लोगों को अपनी व्यथा सुना चुकी है, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। राजा ने उसे विश्वास दिलाया कि वे उसकी मदद करने का हर संभव प्रयत्न करेंगे।

तब स्त्री ने बताया कि वह एक चोर की पत्नी है और पकड़े जाने पर नगर कोतवाल ने उसे वृक्ष पर उलटा टंगवा दिया है। राजा ने पूछा क्या वह इस फैसले से खुश नहीं है। इस पर औरत ने कहा कि उसे फैसले पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वह अपने पति को भूखा-प्यासा लटकता नहीं देख सकती। चूंकि न्याय में इस बात की चर्चा नहीं कि वह भूखा-प्यासा रहे, इसलिए वह उसे भोजन तथा पानी देना चाहती है।

राजा विक्रम ने पूछा कि अब तक उसने ऐसा किया क्यों नहीं। इस पर औरत बोली कि उसका पति इतनी ऊंचाई पर टंगा हुआ है कि वह बगैर किसी की सहायता के उस तक …

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रिलेशनशिप में दरार | अपने पार्टनर को कभी ना कहे ये | Relationship Advice in Hindi

Relationship Advice in Hindi

अगर आप समझते है कि रिलेशनशिप में आप अपने पार्टनर को कुछ भी बोल सकते हो तो आप बिलकुल गलत सोच रखते है. एक छोटी से बहस में कही गयी महज़ एक कड़वी बात रिलेशनशिप में दरार डालने के लिए काफी है. इस relationship advice in hindi को अंत तक ज़रूर पढ़िए ताकि आप कभी ये गलतियां ना करे.

रिलेशनशिप में दरार | अपने पार्टनर को कभी ना कहे ये | Relationship Advice in Hindi

कई बार रिलेशनशिप में हम अपने पार्टनर से बहुत कुछ ऐसा बोल देते है जिसका उसे बुरा तो काफी लगती है लेकिन आपको इस चीज़ का एहसास तक नहीं होता. प्यार में या रिलेशनशिप में बहस होना बहुत आम बात है लेकिन कुछ शब्दों का इस्तेमाल करने से हमेशा बचना चाहिए. तो आईये देखते है क्या है वो कड़वे शब्द जो अपने पार्टनर को कभी नहीं बोलने चाहिए।

उसे भद्दे शब्दों के द्वारा पुकारना

कृपया अपने गुस्से पर काबू पाने की कोशिश करे और हमेशा अपने  पार्टनर को भद्दे शब्दों द्वारा पुकारने से बचे. कई बार लड़ाई या बहस के दौरान हम अपने पार्टनर को “बेवक़ूफ़”, “पागल”, “बद्द्तमीज़” या कोई और कड़वे शब्दों से बुलाते है जो कि बिलकुल गलत है. ऐसा करने से रिलेशनशिप में दरार तो आएगी ही साथ में आप एक दूसरे के प्रति इज़्ज़त भी गवा देंगे. हो सकता है आपको गुस्सा बहुत आता हो लेकिन फिर भी ऐसे शब्दों का उपयोग करने से बचे.

घर छोड़ने की धमकी देना

अगर आप सच में घर छोड़ना चाहते है तो फिर कोई बात नहीं, ऐसी धमकी आप दे सकते हो लेकिन अगर आप सिर्फ अपने पार्टनर से खेल रहे हो तो ये कभी ना कहे. अगर आप हर बार लड़ाई या बहस हो जाने पर घर छोड़ने की धमकी देते हो तो बाद में आपको इसका पछतावा भी होगा और इससे पार्टनर आपके प्रति बहुत असुरक्षित हो जाएगा. आपका पार्टनर आपसे कभी खुल कर कोई बात नहीं कर पायेगा क्यूंकि उसे पता होगा कि अगर कुछ भी ऐसा वैसा कहा तो आप घर छोड़ कर चले जाओगे। इसलिए घर छोड़ने की धमकी कभी ना दे. बार बार ऐसा करने से कही रिलेशनशिप में गहरी दरार ना पड़ जाए.

हर वक़्त शिकायत करते रहना

“आज सासु माँ ने ये कहा”, “आज कामवाली नहीं आयी”, “तुम मुझे घुमाने क्यों नहीं ले जाते?”, “तुम ज़्यादा क्यों नहीं कमाते”, “तुम काम में मेरी मदद क्यों नहीं करते” आदि आदि. अगर आप अपने पति से हर वक़्त शिकायत करती रहेंगी तो वो हमेशा आपके साथ बात करने में और …

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छोटा और प्यारा सा लव लेटर – Short Love Letter in Hindi for Girlfriend

Short Love Letter in Hindi for Girlfriend

Hello फ्रेंड्स, एक बार फिर हम आपके लिए लाये है थोड़ा छोटा लेकिन बहुत ही प्यारा सा लव लेटर। ये Short Love Letter in Hindi for Girlfriend पढ़कर आपकी GF स्पेशल ज़रूर फील करेगी. दोस्तों, अगर आप किसी से प्यार करते है तो फीलंगस को अपने अंदर यूँ ही ना दबाये रखे बल्कि अपने इमोशंस उसके सामने ज़ाहिर करे और उसे बताये कि आप उससे कितना प्यार करते है. इसीलिए, ये Hindi Love Letter हमने आपके लिए लिखा है.

Short Love Letter in Hindi for Girlfriend

हमने कई बार देखा है कि ज़्यादातर लड़के अपनी गर्लफ्रेंड को बोलकर दिल की बात अच्छे से नहीं बता पाते. ऐसे में सबसे अच्छा तरीका यही होता है कि दिल की बात को एक कागज़ में उतार दो और सच बताऊ तो इससे रोमांटिक और कुछ हो ही नहीं सकता. तो बस, इस लव लेटर से थोड़ा आईडिया लीजिये और एक प्यारा सा लव लेटर अभी भेज दीजिये अपनी गर्लफ्रेंड को, या आप इस लेटर को ईमेल या WhatsApp पर भी भेज सकते है.

डियर राधिका,

मैं यह लेटर तुम्हें बस यह बताने के लिए लिख रहा हूं कि मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं. सुबह उठने के बाद तुम ही मेरा सबसे पहला ख्याल होती हो और रात को सोने से पहले भी तुम ही मेरा आखिरी ख्याल.

हर बीते दिन के साथ तुम मेरी आदत बनती जा रही हो और मुझे यह आदत बहुत अच्छी लगने लगी है. जब भी मैं परेशान होता हूं दुखी होता हूं तुम मेरा सारा दुख दर्द पल में दूर कर देती हो. तुम्हें बता नहीं सकता कि जब तुम मेरी आंखों में देखती हो तो मुझे कितना अच्छा लगता है. उस वक्त मुझे ऐसा लगता है कि मैं सिर्फ तुम्हें ही देखता रहूं. जब तुम हंसती हो तो मुझे लगता है कि पूरी दुनिया हंस रही है और जब तुम दुखी होती हो तो मुझे लगता है कि पूरी दुनिया दुखी है.

मैं जानता हूं कि जब भी मैं तुम पर गुस्सा होता हूं तो तुम मुझे कुछ नहीं कहती और फिर अगले दिन मुझसे ऐसे बात करती हो जैसे कुछ हुआ ही ना हो. शायद यह सिर्फ तुम ही हो जो पूरी जिंदगी मेरा साथ दोगी. तुमने हर अच्छी बुरी स्थिति में मेरा हमेशा साथ दिया और इसलिए मैं तुम्हारा तहे दिल से शुक्रिया करता हूं.

अगर तुम खुद को मेरी नजरों से देखो तो जान जाओगी कि तुम मेरे लिए कितने खास हो, मैं

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आरुषि….मैं तुम्हे कैसे माफ़ करू – Very Sad Breakup Story in Hindi

Breakup Story in Hindi Submitted
by Rajesh Prajapati

आरुषि….मैं तुम्हे कैसे माफ़ करू – Very Sad Breakup Story in Hindi

मेरा नाम राजेश प्रजापति है और ये मेरी sad breakup story in hindi है जो मैं आप सबको सुनाने जा रहा हूँ. मैं देखने में ज़्यादा हैंडसम तो नहीं लेकिन एक लडकी थी जिसका नाम आरुषि था जिससे मैं बहुत प्यार करता था और शायद वो भी मुझसे प्यार करती थी..शायद !

ये बात है सितम्बर 2018 के वक़्त की जब मेरी और आरुषि की बाते बहुत कम होने लगी थी. मैंने आरुषि को कई बार पुछा था कि आजकल क्यों तुम मुझसे बात कम करती हो, कोई प्रॉब्लम है क्या…  कोई परेशान कर रहा है क्या …लेकिन आरुषि ने मुझे कुछ नहीं बताया.

Breakup Story in Hindi

फिर एक दिन रात को 11:30  मुझे आरुषि की याद आ रही थी और मैंने सोचा क्यों ना उससे बात कर लू. जब फ़ोन किया तो उसका फ़ोन बिजी था. मुझे बड़ी हैरानी हुई कि इस समय उसका फ़ोन बिजी क्यों है. मैंने 2 – 3 बार try किया लेकिन फिर भी बिजी था. थोड़ी देर बाद आरुषि का फ़ोन आ गया और उसने कहा कि उसकी फ्रेंड नेहा का फ़ोन था और वो कल की कॉलेज असाइनमेंट के बारे में पूछ रही थी.

Breakup Story in Hindi

मुझे थोड़ा शक हो चूका था कि आरुषि किसी और से बात कर रही थी.

इसी तरह एक महीना बीत गया और उस एक महीने में आरुषि मुझसे बहुत कम बाते करने लगी थी. ये बात अब मुझे खटकने लगी थी. एक दिन मैं मार्किट में कुछ लेने के लिए गया था तो मैंने देखा कि आरुषि एक लड़के के साथ रेस्टोरेंट में बैठी हुई है. मेरा शक यकीन में बदल गया लेकिन मैंने उस समय आरुषि को कुछ नहीं कहा, मैंने वहा से चुपके से निकल गया.

Breakup Story in Hindi

घर आ कर मैंने बहुत सोचा कि कही ये मेरा प्यार एक तरफ़ा तो नहीं. मैं बहुत उदास था क्यूंकि उस दिन मैं बहुत अकेला महसूस कर रहा था. अगले ही दिन मैंने आरुषि को फ़ोन किया और उसे मिलने के लिए बुलाया. मैं अंदर ही अंदर जानता था कि ये शायद मेरी आरुषि के साथ आखरी मुलाकात होगी, उस दिन मैं बहुत इमोशनल था.

मैं आरुषि को मिला…उसका हाथ पकड़ा और मैंने वो कहा जो मैंने कभी सोचा भी नहीं था.

Breakup Story in Hindi

मैंने आरुषि को कहा “आरुषि..मैंने तुम्हे बहुत प्यार किया था, मेरा वक़्त, मेरा दिल, मेरी फीलिंग्स सब तुम्हारे …

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फेसबुक पर हो गया प्यार, बाल-बाल बची, Facebook Love Story In Hindi Dhokha

Submitted by 
Kavya Joshi

Facebook Love Story in Hindi 

मेरा नाम काव्य जोशी है और मैं आपको अपनी facebook love story in hindi dhokha बताने जा रही हूँ. ये 2 साल पुरानी बात है. मुझे फेसबुक का बहुत चस्का था. मैं अभी नयी ही फेसबुक इस्तेमाल करने लगी थी और फरेब जैसी चीज़ो से मैं बहुत दूर थी क्यूंकि मैंने कभी इस बारे में सोचा तक नहीं था.

Facebook Love Story in Hindi

फेसबुक ज्वाइन करने के कुछ दिन बाद ही मुझे एक अभय नाम के लड़के की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई और मैंने एक्सेप्ट भी कर ली.

जल्द ही हम अच्छे दोस्त बन गए और रोज़ चैट करने लगे. अभय बहुत अच्छे से बाते करता था, मेरी बहुत इज़्ज़त करता था. कुछ ही दिनों में हम दोनों वीडियो कालिंग के ज़रिये बाते करने लगे और उस वक़्त मुझे अभय से प्यार हो गया था, सच्चा प्यार. अभय इतनी अच्छी बाते करता था कि मुझ पर जैसे जादू सा हो गया था. मैं सोते जागते हर वक़्त अभय के बारे में ही सोचती थी.

Facebook Love Story in Hindi

एक दिन अभय ने मुझे प्रोपोज़ किया और कहा कि वो मुझसे शादी करना चाहता है. वो अच्छे घर से था और इसलिए मैंने भी हाँ कर दी. मैंने अभय को बताया कि मेरे घरवाले कभी इस रिश्ते के लिए नहीं मानेंगे तो उसने कहा कि तुम घर छोड़ कर मेरे पास आ जाओ, बाद में वो भी राज़ी हो जाएंगे. पहले तो मैंने मना कर दिया लेकिन मेरी हालत ऐसी थी कि मैं अभय की जुदाई बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी.

Facebook Love Story in Hindi

एक दिन मैंने और अभय बात कर रहे थे तो अभय ने मुझे बहुत समझाया कि घर छोड़ कर मेरे पास आ जाओ, हम दोनों बहुत खुश रहेंगे और आखिरकार मैं मान गयी.

मेरे माँ बाप नौकरी करते है और वो शाम को ही घर आते है. बस इस बात का फायदा उठाते हुए मैंने दिन में अपना सामान बाँध लिया और रात का इंतज़ार करने लगी. रात के 10 बजे जब मम्मी पापा सो गए तो मैं अपने दो बैग जो बांध रखे थे उन्हें लेकर घर से निकल गयी. घर से निकलते ही मैंने ऑटो लिया और अपने बॉयफ्रेंड के बताये पते पर जाने को कहा.

ऑटो वाला करीब 40 की उम्र का व्यक्ति था. मुझे 2 बैग उठाये देख कर उसे शक हो गया और उसने पुछा कि मैडम कहा जा रहे हो. मैंने बताया कि …

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दिल….आखिर तू क्यों रोता है – Sad Story in Hindi Love Breakup

दिल….आखिर तू क्यों रोता है – Sad Story in Hindi Love Breakup

Submitted by Himanshu Verma

Kareeb 2 saal pehle main aur mere kuch dost ek party se aa rahe the. Hum aksar bahut zyada drink (Alcohol) karte the. Us din raat ko party se nikalte waqt hum bikes par the. 2 friends ek bike par aur 3 friends dusri bike par.

Main apne ghar pahunch gaya lekin mere jo wo 2 friends the unki bike ek car se takra gayi jisme mere ek friend ki on the spot death ho gayi. Jo bike chala raha tha uski maut ho gayi aur jo peeche baitha thaw o bach gaya.

Sad Story in Hindi Love

Jo friend us accident me bach gaya, usne sharaab peena chod diya. Us din ke baad usne kabhi sharaab ko haath tak nahi lagaya.

Aapko pata hai kyu?

Kyunki wo apni aankho ke saamne ek maut dekhkar darr chukka tha. Maut ka khauf use itna ho gaya ki usne kabhi sharaab peene ki himmat nahi ki. Usne apni aankho ke saamne apne dost ko marte dekha tha, apni aankhon ke saamne maut ke pehle ka manzar dekha tha aur apni aankho ke saamne maut ka dard kaisa hota hai ye mehsus kiya tha. Aur is ehsas ne use itna dara diya ki usne dobara sharaab peene ki himmat nahi ki.

Sad Story in Hindi Love

Mere dosto, jab pyar me kisi ka dil tootata hai na, to use bhi aisa hi ehsas hota. Wo dobara pyar karne ki himmat nahi karta. Wo pal pal marta hai, use yaad karke. Wo poori duniya ke liye kathor ban jaata hai taki use dobara pyar na ho.

Jab bhi kisi ka breakup hota hai ya dil toot jaata hai to wo fir kabhi zindagi me pyar karne ki koshish nahi karta. Wo kahavat hai na ki doodh ka jala chach bhi fook fook ke peeta hai.

Jab bhi koi relationship me hurt hota hai to uske dil me kisi aur ke liye jagah nahi hoti. Wo sirf ek dil hota hai jo bas dhadakne ka kaam karta hai. 

Sad Story in Hindi Love

Friends, Maine pyar me aisa hi dhokha khaya aura b manzar ye hai ki main apni zindagi ji nahi raha bas kaat raha hu. Ho sakta hai meri family kuch saalo baad meri marriage karva de lekin main kabhi kisi ko saccha pyar nahi kar paunga. …

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उम्र बढ़ाने वाला पेड़: अकबर बीरबल की कहानी

उम्र बढ़ाने वाला पेड़ – Umr Badhane Wala Pedh- Akbar Birbal

Akbar Birbal Hindi Story

एक बार तुर्किस्तान के बादशाह को अकबर की बुद्धि की परीक्षा के लेने का विचार हुआ। उसने एक दूत को पत्र देकर सिपाहियों के साथ दिल्ली भेजा। पत्र का मजमून कुछ इस प्रकार था- ‘अकबरशाह! मुझे सुनने में आया है कि आपके भारततवर्ष में कोई ऐसा पेड़ पैदा होता है जिसके पत्ते खाने से मनुष्य की आयु बढ़ जाती है। यदि यह बात सच्ची है तो मेरे लिए उस पेड़ के थोड़े पत्ते अवश्य भिजवाएं.’

जब अकबर ने उस पत्र को पढ़ा, तो वह सोच में पड़ गए। इस चिंता से उबरने के लिए अकबर ने बीरबल का सहारा लिया। बीरबल की सलाह पर बादशाह अकबर ने तुर्किस्तान से आए सिपाहियों और दूत को कैद करने का आदेश दिया। सिपाही और दूत के कैदखाने में कई दिन बीत जाने के बाद अकबर और बीरबल एक दिन उनसे मिलने गए। अकबर और बीरबल को आते देख कर वो सोचने लगे कि उन्हें रिहाई मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

बादशाह अकबर जब उनके पास पहुंचे, तो उन्होंने दूत से कहा ‘जब तक इस किले की एक-दो ईंट गिर नहीं जाती, तब तक आप लोगों को आजाद नहीं करेंगे। ऐसा होने तक आप सभी के लिए यहां खाने-पीने का पूरा इंतजाम किया जाएगा।’ इतना कहकर बादशाह अकबर और बीरबल वहां से चले गए। उनके जाने के बाद दूत और सिपाही कैद से निकलने के लिए उपाय सोचने लगे। जब कोई रास्ता नजर नहीं आया, तो भगवान से प्रार्थना करने लगे।

जल्द ही उनकी प्रार्थना रंग लाई और कुछ दिनों बाद अचानक तेज भूकंप आया और भूकंप के कारण किले का एक भाग टूटकर गिर गया। यह घटना के बाद दूत ने अकबर के पास किले की दीवार गिरने की खबर भिजवाई। यह खबर सुनते ही बादशाह अकबर को अपना वादा याद आया और उन्होंने तुर्किस्तान के दूत व सिपाहियों को दरबार में प्रस्तुत होने का आदेश दिया। उनके दरबार में पहुंचते ही बादशाह अकबर बोले ‘अब तो आप सबको अपने बादशाह के द्वारा भेजे गए पत्र का उत्तर मिल गया होगा। अगर अब भी आपको समझ नहीं आया है, तो मैं समझा देता हूं। तुम सिर्फ 100 लोग हो और तुम्हारी आह सुनकर किले का एक हिस्सा गिर गया, तो सोचो जिस देश में हजारों लोगों पर अत्याचार होते हैं, उस देश के बादशाह की आयु कैसे बढ़ेगी। लोगों की आह से उसका पतन तो निश्चित है। हमारे भारत देश में …

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शादी की पहली रात थी सबसे बेस्ट – अरेंज्ड मैरिज फर्स्ट नाईट की कहानी

अरेंज्ड मैरिज फर्स्ट नाईट – Arranged Marriage First Night Story in Hindi

Story by Vishal Jagota

मेरी शादी मामी ने करवाई थी और जिस लड़की से शादी हुई थी उसे मैं कभी नहीं मिला था. सच बताऊ तो मुझे फर्स्ट नाईट के बारे में कोई ज़्यादा जानकारी नहीं थी और इसीलिए मैं काफी नर्वस घबराया हुआ था. फर्स्ट नाईट को जब मैं कमरे में गया तो देखा कि वो सो रही है, मैंने उसे जगाना ठीक नहीं समझा. मैंने सोचा कि शादी की वजह से काफी थक गयी होगी. मैं भी जा कर उसके बगल में सो गया. आधी रात को मेरी नींद खुल गयी क्यूंकि उसका हाथ मेरे कंधे पर था.

अरेंज्ड मैरिज फर्स्ट नाईट Story

मैंने प्यार से पुछा ” क्या हुआ, नींद नहीं आ रही क्या?”

उसने उदास सा मुंह बनाते हुए कहा ” मुझे माफ़ कर देना मैं आपके आने से पहले सो गयी, काफी थक गयी थी इसलिए नींद कब आयी पता ही नहीं चला. “

मैंने कहा ” कोई बात नहीं, मैं भी बहुत थक गया था, तुम सो जाओ”

उसकी आँखों में नींद गायब हो चुकी थी. उसने फिर मुझे कहा ” चलो ना करते है?”

मैं थोड़ा नर्वस सा हो गया और मैंने पुछा ” क्या ??”

उसने कहा ” वही जो सब लोग फर्स्ट नाईट को करते है”

उस वक़्त मैं थोड़ा घबरा गया क्यूंकि हम पहली बार मिल रहे थे और इससे पहले हमने कभी सेक्स के बारे में बात तक नहीं की थी. मैं इस लिए भी घबराया हुआ था क्यूंकि मुझे इसमें कोई एक्सपीरियंस नहीं था. मैं वर्जिन लड़का था और मुझे इस सब के बारे में कुछ नहीं पता था. मैंने दोबारा प्यार से कहा ” जान तुम थक गयी होगी, सो जाओ, इस सब के लिए बहुत टाइम है, हम कर लेंगे. मुझे पता है तुम बहुत थक गयी होगी, अब सो जाओ. “

उसने कहा ” नहीं मुझे नींद नहीं आ रही और मैं हमारी पहली रात को यादगार बनाना चाहती हूँ.”

अब मैं और भी ज़्यादा नर्वस हो गया. मैं सोच रहा था कि मेरी पत्नी बहुत शर्मीली और घरेलु किस्म की होगी लेकिन ये थी काफी बोल्ड. उस दिन मैं सोच रहा था कि जो हम सोचते है वो बिलकुल नहीं होता.

उसने परख लिया कि मैं नर्वस हू और फिर कहा ” अरे बाबा, कुछ नहीं होगा, अगर तुम घबरा रहे हो तो सबसे पहले शांत हो जाओ. मैंने साइकोलॉजी में MA की है और मैं जानती …

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“ज़िन्दगी का कोई भरोसा नहीं” – Story about Life in Hindi

Story about Life in Hindi

Submitted by Arjun Khatri

मेरा नाम अर्जुन है और ये कहानी मेरे एक दोस्त की है जिसका नाम गौरव है. मैं और गौरव एक ही स्कूल में एक ही क्लास में पढ़ते थे और कॉलेज भी हमने एक साथ ज्वाइन किया. ये बात है जब हमारा 12 वीं का रिजल्ट आया था. मैं और गौरव दोनों अच्छे नंबरो से पास हो गए थे और हम बहुत खुश थे. उस दिन हमने रात को खूब पार्टी की. अगले दिन जब गौरव उठा तो उसके पैरो में सूजन थी. ये देख गौरव फ़ौरन डॉक्टर के पास चेक करवाने चला गया. उसने सोचा था कि पार्टी में शायद पैर में मोच आ गयी होगी जिस वजह से सूजन आ गयी.

Story about Life in Hindi

डॉक्टर ने गौरव का पैर देखा और फ़ौरन कुछ टेस्ट करवाने के लिए बोल दिए. जब टेस्ट के रिजल्ट आये तो डॉक्टर ने गौरव को अपने पास बुलाया और बताया कि उसे नेफ्रोटिक सिंड्रोम है जिसकी वजह से बहुत जल्द उसकी दोनों किडनी खराब हो जाएंगी. डॉक्टर ने बताया कि गौरव  स्ट्रांग दवाईया खानी पड़ेंगी वरना कुछ ही दिनों में दोनों किडनी खराब हो जाएंगी.

Story about Life in Hindi

जब डॉक्टर ने ये सब बताया तो गौरव का दिल बैठ गया. उसने फ़ौरन अपनी दवाई खानी शुरू कर दी, उस समय गौरव सिर्फ 18 साल का था. उस दवाई के कई साइड इफ़ेक्ट थे. उसका चेहरा सूज जाता था, पूरे बदन पर धब्बे से हो गए थे और वो इस ज़िन्दगी से बहुत परेशान था. आखिरकार, गौरव ने अपनी ज़िन्दगी से हार मान ली और दवाईया खानी बंद कर दी. कुछ दिनों बाद सुबह के वक़्त गौरव की माँ ने देखा कि वो बेहोश है, उसे फ़ौरन हॉस्पिटल ले जाया गया जहाँ पता चला कि गौरव की दोनों किडनी खराब हो चुकी है. जब तक कोई किडनी डोनेट करने वाला नहीं मिलता तब तक गौरव को डायलिसिस पर रखना था. डायलिसिस वो प्रक्रिया है जिसमे व्यक्ति के शरीर में एक पाइप डालकर उसके खून को साफ़ किया जाता है. इस प्रक्रिया में काफी दर्द भी होता है. गौरव को हफ्ते में 3 दिन डायलिसिस करवानी पड़ती थी.

story about life in Hindi

Story about Life in Hindi

इसी तरह 6 महीने बीत गए. गौरव और उसकी माँ इस सब से बहुत परेशान हो चुके थे. दिक्कत ये थी कि गौरव का खून O- ( O Negative ) था और ये ब्लड ग्रुप आसानी से नहीं मिलता. एक …

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दिल को छू लेने वाली कहानी “आश्रय” Emotional Story in Hindi

Written By:

-निधि जैन

“आश्रय” (Emotional Life Story in Hindi)

.          मुम्बई के एक आलीशान होटल की सातवीं मंजिल पर मेरा कमरा था। हाथ में काफी का प्याला लिए मैं बालकनी में आ खड़ी हुई। नीचे सड़क पर तेज गति से भागती गाड़ियाँ थी और नजर के सामने समुद्र का अंतहीन जल। मेरी नज़र दूर जाते एक जहाज पर टिक गयी। मैं उसे जाते हुए तब तक देखती रही जब तक वह मेरी आँखों से ओझल नहीं हो गया। आज एक बार फिर जहाज मेरे दिल को बेचैन कर गया था हालाँकि उस घटना को घटित हुए कई साल बीत गये थे।

.          काँफ़ी का प्याला कब का खाली हो गया था और मुझे इस बात का अहसास तक नहीं हुआ। आँखे जहाज पर टिकी थीं, पर दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था। दो घन्टे बाद मुझे एयरपोर्ट के लिए निकलना था। माँ की सूनी आँखें मेरा पीछा कर रहीं थी। उनकी आँखों में एक बेबसी थी, जैसे कह रही हो “मत जाओ निकी, मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊँगी।”

.          आठ साल पहले माँ को लकवे का दौरा पड़ा था। तब से वह बेबस, लाचार बिस्तर पर ही थीं। इन आठ सालों में बहुत कुछ बदल गया। पापा हमें छोड़ कर इस दुनिया से चले गये। मैं नौकरी में तरक्की की सीढ़ियाँ चढ़ती गयी। बस एक माँ थी जो वहीं की वहीं ठहरी रही।

.          माँ ने संगीत में विशारद किया था। वह बहुत अच्छा गाती थी। उसके गले में साक्षात सरस्वती का वास था। उसकी गायकी को नये आयाम मिलें, इसलिए पापा ने मुम्बई तबादला ले लिया। उस समय मेरी उम्र करीब दो साल थी। मेरी और घर की देखरेख में पापा ने अपना पूरा सहयोग दिया। माँ के बचपन की सहेली कविता मुम्बई में ही रहती थी। उसका शहर के नामी लोगों के बीच उठना-बैठना था। उसने अपने किसी जान पहचान वाले से कह कर माँ को रेडियो पर गाने का मौका दिलवाया। गाना बहुत पसंद किया गया। अखबारों में माँ की तस्वीर के साथ उनकी गायकी की खूब प्रशंसा हुई-“एक उभरती गायिका ने संगीत की दुनिया में मचाई धूम।” उस गाने को सुन कर एक बड़े संगीतकार ने माँ को अपनी फिल्म में एक गीत गाने का मौका दिया। साथ ही उन्होंने यह वादा भी किया, “यदि गीत सफल रहा तो मेरी अगली फिल्म के सभी गाने तुम ही गाओगी।” माँ बहुत उत्साहित थी और उन्हें देख कर पापा भी खुश थे।

.          जिस दिन …

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