Beintehaa

Assalam’o alaikum …
Mai aj ap sbhi ko meri kahani btane ja rhe hu jismai khub sara pyar,takrar,shikayat,mohobbat,trust sb kch hai …

Wo din 20 dec 2016 jisse mai kbhi bhul nii skti …waqt 2:30 pm dhopr ho rhe thi aur maine unhe haa mai apna jawab diya ….hum dono bht khush hai aj bhi In Sha Allah aage bhi hoge…
Humara long distance relationship hai..humri pheli mulakat social site pr hui thi..maine haa bhi text msg pr hi kaha tha 🥰waqt gujar rha tha hum dono ek dusre se beinteha pyar krne lge aj bhi krte hai…vo meri hr baat mnta hai,meri hr zid puri krta hai,meri hr khwaish puri krta hai,mujse khub sara pyr bhi krta hai 💞

Haa mai bht jyada immature hu aise sbhi khete hai..aur mere sis khete hai pta nii vo tuje kaise zhelta hai aur ab tk kaise zhelte aa rha hai😅sach khu toh waqai koi bhi shaq itna nii brdash kr skta…mai hr chiz ko lekr overthink krti hu…gusse mai toh hdd se jyada bol deti hu ..pr vo humesha muje sun leta hai..aj hum itne salo se sth hai pr aj tk naa mujse kbhi uchi awaz mai bt ki hai..naa mujse kbhi ladai ki hai💖wo mai hi jo hr chiz pr ladai krti hu mere khadus se💕

Mujse sb khete hai ki vo muje bht chahta hai yaha tk k mai roi toh kdh bhi ro deta hai 🙈
Hum jyada toh sal mai ek br hi milte hai …vo meri zindagi hai 😘😘hum dono jante hai humre ghr wale humre liyea nii mnege …naa mai apne ammi abbu k khilaf ja skti hu naa woh …mujse humesha kheta hai mai tumhare sth humesha nii rhuga,tum bht masoom hu,tumhe duniya ki smj nii hai,mai tumhe humesha khush dekhna cahahata hu,tum apni zindagi khub acche se gujarna…jb woh mujse aise kheta hai tb meri jan nikal jati hai..mai usse kbhi alag hone k bre mai nii soch skti..

Meri bht parwah krta hai mera khadus…humesha muje fruits khane apna dhyn rkne time pr sone aur study krne kheta hai🙈jb mai hostel mai hoti hu toh mujse clg bunk krne nii deta 😣vaise toh meri clg mai bht km frz hai isliyea mujse kheta hai tum apna khyl rkha kro,chahe kch bhi ho tumhe jo chiz prsn kr ri hai wo sb mujse khena hai 🤗

Hum dono bht cute couple …

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JANU KO GALE LAGA KE – Akash

Pahali bar mile apani jan se muskura ke,
Dur hone ka man nhi kr raha tha pass aa ke,
Dil ki sari bechaini dur karani thi,
Bas ek bar apane janu ko gale laga ke…

Vo rat bhar mere pass soi. Rato ko sapano me khoi,
Sari duriya mita gaya vo lamha,
Jb vo soi mere pass aa ke…

Dil kr raha tha gale laga ke sou,
Sari rat usake sath sapano me khou,
Ji bhar ke sukun ki sans lu,
Usako apani banho me sama ke…

Subah jb jgaya mujhe to, sab khali-khali sa tha,
Bas waha vo thi aur mai tha,
Labo par ek jam chaha aur muskurakar diya usane…

Pass aya mai usake apane sare dard bhula ke,
Janu bani vo meri. Meri dilo jan me sama ke,
Bate karata hu ab mai sabase muskura ke,
Bas khvahish hai meri,
Ek aur jam mil jaye,
Gale laga ke… !!!…

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धन से पुस्तक मिलती है! किन्तु ज्ञान नहीं !

धन से पुस्तक मिलती है! किन्तु ज्ञान नहीं !
धन से आभूषण मिलता है !किन्तु रूप नहीं !
धन से सुख मिलता है ! किन्तु आनंद नहीं !
धन से साथी मिलते है ! किन्तु सच्चे मित्र नहीं !
धन से भोजन मिलता है ! किन्तु स्वास्थ नहीं !
धन से एकांत मिलता है !किन्तु शांति नहीं !
धन से बिस्तर मिलते है ! किन्तु नींद नहीं !…

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एक साल की कीमत उस से पूछो

एक साल की कीमत उस से पूछो
जो फेल हुआ हो।
एक महीने की कीमत उस से पूछो
जिसको पिछले महीने तनख्वाह ना मिली हो।
एक हफ्ते की कीमत उस से पूछो
जो पूरा हफ्ते अस्पताल में रहा हो।
एक दिन की कीमत उस से पूछो
जो सारा दिन से भूखा हो।
एक घंटे की कीमत उस से पूछो
जिसने किसी का इंतज़ार किया हो।
एक मिनट की कीमत उस से पूछो
जिसकी ट्रेन मिस हुई हो।
एक सेकंड की कीमत उस से पूछो
जो दुर्घटना से बाल बाल बचा हो।
जिंदगी का बस एक ही ऊसुल है यहॉं,
तुझे गिरना भी खुद है
और सम्हलना भी खुद है.…

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जहाँ सूर्य की कीरण हो

जहाँ सूर्य की कीरण हो…
वही प्रकाश होता है…
जहाँ मां बाप का सम्मान हो…
वही भव पार होता है…
जहाँ संतो की वाणी हो…
वही उद्धार होता है…
और…
जँहा प्रेम की भाषा हो…
वही परीवार होता है…!!…

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Hindi Poem on Daughter | में बेटी हूँ

साथियों नमस्कार, आज हम आपके लिए एक ऐसी कविता “Hindi Poem on Daughter | में बेटी हूँ” लेकर आएं हैं जिसे पढ़कर आपको बेटियों पर गर्व महसूस होगा|


Hindi Poem on Daughter | में बेटी हूँ

जी हाँ! में बेटी हूँ,
जिसके जन्म लेती ही…
माता पिता करने लगते हैं उसके दहेज़ की व्यवस्था|

जी हाँ! में वही बेटी हूँ,
में जनि जाती हूँ लक्ष्मी के रूप में भले…
पर मुझ पर किए जाते हैं अन्याय अनेक|

जी हाँ! में बेटी हूँ,
जिसके लिए नारे लगाए जाते हैं कई…
परन्तु कोख में ही ख़त्म कर दिया जाता है मुझे!
और तो और पढने से भी वंचित रखा जाता है मुझे|

जी हाँ! में वही बेटी हूँ,
पढ़ लिख कर आगे बढ़ना चाहती हूँ में,
समाज की इस व्यवस्था को बदलना चाहती हूँ में|

रचयिता – सपना कुमारी साह


बेटी

चहकतेविहान का आफ़ताब है बेटी,
महकते शाम का महताब है बेटी|

ज़िन्दगी के छंदों का अलंकार है बेटी,
कविता के पन्नों का संस्कार है बेटी|

वत्सल के श्रृंगार का रस है बेटी,
कल के संसार का यश है बेटी||


तुम मेरी सखी बनोंगी ना

सुख में दुःख में संग मेरे रहना,
तुम मेरी सखी बनोंगी ना!

जब में रुठुं, तुम मुझे मानाने आना…
हंस दो न बस एक बार,
बोल-बोल कर मुझको गले लगाना…
बोलो ऐसा करोगी ना,
तुम मेरी सखी बनोंगी ना!!

माँ, आज यह पहनों…आज यह ओढो,
कहकर मुझसे लाड जाताना…
आज यह खाना…आज वह खाना,
अपनी फरमाइशें बताना…
खूब प्यार में करती तुमसे,
तुम भी इतना प्यार करोगी ना ?
तुम मेरी सखी बनोंगी ना||

रचयीता – निभा अम्बुज जैन


अन्याय देखकर आंख उठाती,

नही तो लज्जा का अवतार है।

कितने कष्ट भी उसने झेले,

पर सहनशीलता भरमार है।

टूटने लगता जो कभी हौसला,

तो बनती सच्ची ढार है।

छेड़ो कभी जो राक्षस बनकर,

तो “दुर्गा” सी अंगार है।

रचयिता – प्रिया त्रिपाठी


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Hindi Poem / हिंदी कविता

बिल्ली और चुहिया

बिल्ली बोली चुहिया से
क्या मुझे दोस्त बनाओगी?
चुहिया बोली नहीं दीदी,
कभी नहीं बनाऊँगी।
दोस्त बनाकर तुम मुझको,
अपने पास बुलाओगी।
पास अगर मैं आई तुम्हारे,
झट से चट कर जाओगी।

इंद्रधनुष

सात रंगों से मिलके बना है,
इंद्रधनुष का रंग।
बैंगनी, आसमानी, हरा,
पीला, नारंगी, लाल, नीला।
इन्हीं रंगों से मिलके बना है,
रंगों का संसार।
एक से दूजा मिलकर,
बन जाएँ रंग हजार।

डाकिया

देखो एक डाकिया आया,
थैला अपने साथ में लाया।
पहनी है वो खाकी कपड़े,
चिट्ठी कई हाथ में पकड़े।
बॉट रहा है घर-घर में चिट्ठी,
मुझको भी दी लाकर चिट्ठी।
चिट्ठी में संदेशा आया,
शादी में है हमें बुलाया।

टेलीफोन

बड़ा अनोखा टेलीफोन,
आती है आवाज कहाँ से?
जो है मीलों दूर यहाँ से,
उसके बहुत पास होने का!
देता धोखा टेलीफोन,
इस पर छपे हुए नंबर
शायद वे ही हैं जादूगर,
सब वे हाल जान लेने का,
एक झरोखा टेलीफोन।

वर्षा

चम चम चम चम बिजली चमके,
रिमझिम रिमझिम बादल बरसे।
गरज गरज कर करते शोर,
छायी काली घटा घनघोर ।
प्यारी धरती की प्यास बुझाने,
आयी वर्षा में भिगोने।
मैं तो हूँ इसकी दीवानी,
सबसे प्यारी वर्षा रानी।

तितली रानी

तितली रानी इतने सुंदर,
पंख कहाँ से लाई हो?
क्या तुम कोई शहजादी हो?
परी-लोक से आई हो।
फूल तुम्हें अच्छे लगते,
फूल हमें भी भाते हैं।
वे तुम को कैसे लगते जो,
फूल तोड़ ले जाते हैं।

चंदा मामा

चंदा मेरा मामा,
मुझे देख मुस्काता है।
रोज रात चुपके-चुपके,
आसमान में आता है।
आकर लोरी गाता है.
मुझको गले लगाता है।
प्यार से थपकी देकर,
मामा मुझे सुलाता है।

सपना

मुझको नींदिया आती है,
सपने भी दे जाती है।
सपने में जो आती है,
सुंदर परी कहलाती है।
जब वह छड़ी घुमाती है,
मिठाई-खिलौने बनाती है।
तो गड़बड़ हो जाती है,
जब आकर मम्मी जगाती है।

बैंगन राजा

बैंगन राजा कुछ तो बोल,
क्यों लगता है गोल-मटोल।
क्या तेरी मर्जी है बोल,
ना कर अब तू टालमटोल।
कहता झटपट मुझको तोल,
बीच बाजार में यह मत बोल।
खोल के रख दी मेरी पोल,
मैं तो हूँ बस गोल-मटोल।

पिंजरे के अंदर

पिंजरे के अंदर एक तोता,
बैठा-बैठा रोता रहता।

एक दिन एक कौआ आया।
आकर उसको समझाया।
ची-ची करके गिरो धड़ाम,
ऐसा लगे कि मर गए तुम।
बात मान लो मेरी नेक,
मालिक देगा तुमको फेंक।
तभी फुर्र से उड़ जाना,
लड़की अपने घर जाना।

मेरी प्यारी नानी

मेरी प्यारी अच्छी नानी,
सुनाओ ऐसी एक कहानी।
जिसमें …

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Poem on Nature in Hindi

साथियों नमस्कार, हिंदी कहानियों, कविताओं की सबसे बड़ी वेबसाइट “हिंदी शोर्ट स्टोरीज़” पर आपका स्वागत है| आज के इस अंक में हम आपके लिए प्रकृति के ऊपर “Poem on Nature in Hindi | प्रकृति पर कविता” कुछ खास कविताओं को लेकर आएं हैं आशा है आपको हमारा यह संकलन बहुत पसंद आएगा| धन्यवाद!

“Poem on Nature in Hindi | प्रकृति पर कविता”

वाह प्रकृति तेरी लीला न्यारी
कहीं मड़ते बादल,
कहीं बरसता पानी,
कभी चलती तेज हवाएं,
कभी बिल्कुल थम जाती,
वाह प्रकृति तेरी लीला न्यारी,
कभी सूरज की रोशनी ,
तेज चिलचिलाती,
घनी अंधेरी रातों में,
चाँद तारे की रोशनी टिमटिमाती,
वाह प्रकृति तेरी लीला न्यारी, 
कहीं काले आसमां,
तो कहीं सफेद का रूप ले लेती,
कहीं फूल मुरझाये,
तो कहीं नयी कलियाँ खिलती प्यारी,
वाह प्रकृति तेरी लीला न्यारी,
कहीं सर्दी में लकड़ियाँ जलती,
कहीं वर्फ से ढकी गालियाँ मिलती,
हर समय, हर छड़,
तू बदलती प्यारी,
वाह प्रकृति तेरी लीला न्यारी, 
कहीं सुबह ओस की बूंदे,
तो कहीं सूरज की किरणें दिखलाती प्यारी,
जंगलों में मोर नाचता,
और आसमां में चिड़ियाँ चहचहाती प्यारी,
वाह प्रकृति तेरी लीला न्यारी, 
 अजय राजपूत (झाँसी)

“Small Poem on Nature | प्रकृति पर कविता”

किसी ने तुझे तू कहा
तो तुझे सारी रात नींद न आई
सोचता हूँ उसने कैसे
ज़िन्दगी दरवाज़े के बाहर
गुजारी होगी

आदमी चाँद पर पहुँच कर
क्या इतराता है
जब आदमी आदमी का ही
पेट भर न सका

आदमी वो है
जिसने चिड़ियों से दाने छीने
आदमी वो है
जिसने बादलों से पेड छीने

कोई पतंगा घर में घुस आया
तो सहन नहीं कर पाता
आदमी पतंगे के घर में घुस आया है
यह सच भी पचा न सका

नदी को कोसता है
की उसका घर बहा ले गई
सच यह है की
आदमी ने नदियों से रास्ता छिना

फिर भी किस बात पर
इतराता है आदमी
किसी का क्या हुआ जो
आदमी आदमी का न हुआ


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Mera jana huwa…..for my Barbie doll

Takdeer thi Meri esi ki Mera jana huwa
Bhalai thi dono ki esi ki
Mera jana huwa
Ab samjau to Kese samjau ki dur u hi Nhi hote log Bas
Mera jana huwa
Ab me to nikal aaya dur leke Teri yaad or
Mithi mithi vo Teri baat ki Mese dur mat jana
Lakin dekho fir Bhi
Mera jana huwa
Yaaaaaaar Bas samja Lo Khud Ko Kese Bhi
Ro Mat Bas chahe Jese Bhi
Kyoki…
Aaunga pass tmhare me Vese Bhi
Bas abhi maaf kro
Abhi Na roko or keh do ki
Aakhir Kyu
Tera jana huwa
…………
Nhi Tha koi javab tere is
Saval Ka
Jo Na jata me dur to Hota rishta apna Kamal Ka
Lakin
Fir Bhi Mera jana huwa

Esa Nhi h ki me tuje yaad Nhi krta
Milne Ke liy baat nahi krta
Agar hoti vajah Na Itni badi to shayad me
Khudko tujse u alag Nhi krta……..…

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Meli Barbiee Doll – Youe Teddy

For my doll
Vo kehte h Na ki Kon kisko Kitna pyar krta hai
Bas janna jaruri Yhi Hota hai
Ki visvaas Ese me hadd se jadha Hota hai
Kuch esi hi h Meri pyari doll
Jiske paas nhi koi pyare boll
Bas pyar Krti h hadd se jadha
Lakin dimag hai uska abhi aadha

Or nhi to kya
Kehti h pyar Krti to hai
Lakin jtana nhi aata
Par darr Bhi h uske Bina rha nhi jata

Jese me us samundar Ka paani Hu
Jiski Ek Ek bhoond Bhi Kisi Ke naam likhi ja chuki Ho
Bas Ese hi hamara pyar Ho
Ruthe vo to gussa me Ho jaau or
Manana uska Ho
Koi saat de ya Na de par hamara pyar hi ek Sahara Ho
Or
Tu Muje duniya me sabse pyara Ho

Pyar karke Bhi adhura sa lge
Jese barso purana koi pyar h saje
Milne Ka man Hota h usko Bhi
Lakin darti h Apne family se khi
Choti h pyari h fir Bhi mujpar  bhari hai
Jo koi keh de ki Kisi or Ka Hu to koi nhi
Bas gussa nhi dikhati baat toda kam Krti
Hai

Lakin mujse pyar bhot Karti hai
Bas hai Itni c khwaish ki Milna milana jab hoga
to din Raat Bas tera khyal hoga
saat Teri yaade hogi sang Apne Milne ki ajadi hogi

Toda Tum Kuch kehna toda Mera Tum Kuch Sunna
Haatho me haath leke Bas Tum hmesa Ese hi Meri rehna
Itna hi hai Muje ab kehna
Meri Barbiee doll sun Lo
Muje Bas Tumhara ban Ke hi hai rehnaaaa..
Love u bhot Sara………

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