विश्वास जब टूट जाता है

बिखरते हैं रिश्ते विश्वास जब टूट जाता है,
जोड़ना लाख चाहे मगर ये धागा टूट जाता है|
कभी जो आइना देखो तो खुद ही जान पाओगे,
जरा सी ठेस लगते ही शीशा टूट जाता है|

~ Ashok…

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【 हिंदी शायरी 】Hindi Shayari Collection Best Love & Sad Shayari In Hindi

Complete Hindi Shayari Collection For Lovers

वफा माथे पर लट लहराती है,
चूड़ी की खनक बुलाती है ।
रुखसारों पे है हया न का पर्दा,
चाहत फिर भी उसे सताती है ।

लोग हमारी मौत की दुआ मांगते हैं,
हम बेशर्मी से जीये जाते हैं ।
उनकी तमन्ना है जनाजा देखने की,
हम खड़े होकर मुस्कुराते जाते हैं ॥

दुआ बद्दुआ बन जाती है,
जब तकदीर बेवफा हो जाये।
उससे सारी खुदाई रूठ जाती है,
जिसका अपना दिल दुश्मन हो जाये

मुझे भी आ गया जीना
ये जबसे चोट खाई है
गमों संग अच्छा लगता है
खुशी लगती पराई है ।

हर नजर को तुम चाहते हो,
चाहत क्या होती है समझाओं हमे ॥
हम तो बेवफा हैं सागर
वफा क्या होती है समझाओं हमे ॥

दिलजला कहते हैं लोग मुझे
जख्म मुहब्बत में मैंने खाये हैं।
जो हमें बेवफा कहते हैं दोस्त,
उनके लिये खून के आंसू बहाये हैं ।

वफ़ा का नाम लेकर दोस्त,
वो बेवफाई का खंजर आजमाते हैं ॥
जख्मी दिल है पास मेरे,
वो फिर भी ठेस पहुंचाते है।

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मुझे भी चोट लगती है
मुझे भी दर्द होता है
तो पत्थर भी है रो पड़ता
ये दिल जब मेरा रोता है ।

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न फितरत ये रही मेरी
कि आगे हाथ फैलाऊँ
है इससे अच्छा तो नहीं
इसी पल मर न क्यूँ जाऊ ।

Hindi Shayari Collection For True Lovers

वो देता राम रहा मुझको
न जिद मैंने भी छोड़ी है
कमा कर राम की ये दौलत
यूं भर रखी तिजौरी है ।

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ज़रा सी आहट होती है।
तो तेरा ख्याल आता है
ज़रा मुझको भी बतलाना
कि कै सा भूला जाता है ।

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बहुत रोती हैं ये आंखें
ये दिल भी रोता है मेरा
न बाकी कु छ रहा मुझमें
न बिगड़ा कु छ सनम तेरा।

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कहा था लोगों ने मुझसे
न दिल उनसे लगाना तुम
हुआ क्या हाल फिर सागर
न ये ह मको बताना तुम।

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मुबारक तुझको ये दुनिया
नहीं मुझको समझ इसकी
वो मुझको छोड़ जाता है
कद्र करता हू मै जिसका।

True love Hindi Shayari Collection

टाहनी से एक फूल गिरा और
गिर कर पंहुचा राहों में
कुचला सबने बारी बारी
आया क्यों वो निगाहों में।

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Mirza Ghalib Shayari in Hindi & Ghalib Shayari Collection

Mirza Ghalib(Mirza Asadullah Khan Ghalib), the Urdu and Persian poet during the last years of the Mughal Empire.He used his pen-names of Ghalib. Here we are sharing “Mirza Ghalib Shayari in Hindi

इश्क से तबियत ने जीस्त का मजा पाया,
दर्द की दवा पाई दर्द बे-दवा पाया।

आता है दाग-ए-हसरत-ए-दिल का शुमार याद,
मुझसे मेरे गुनाह का हिसाब ऐ खुदा न माँग।

आया है बे-कसी-ए-इश्क पे रोना ग़ालिब,
किसके घर जायेगा सैलाब-ए-बला मेरे बाद।

आशिकी सब्र तलब और तमन्ना बेताब,
दिल का क्या रंग करूँ खून-ए-जिगर होने तक।

कितना खौफ होता हैं शाम के अंधेरों में ,
पूछ उन परिंदो से जिनके घर नहीं होते. . .!

कितना दूर निकल गए रिश्ते निभाते निभाते ,
खुद को खो दिया हमने अपनों को पाते पाते ,

लोग कहते है दर्द है मेरे दिल में ,
और हम थक गए मुस्कुराते मुस्कुराते

हम ने मोहबतों कि नशे में आ कर उसे खुद बना डाला ,
होश तब आया जब उसने कहा कि खुद किसी एक का नहीं होता .

अभी मशरूफ हूँ काफी , कभी फुर्सत में सोचूंगा ,
के तुझको याद रखने में मैं क्या क्या भूल जाता हूँ .

न सोचा मैंने आगे, क्या होगा मेरा हशर,
तुझसे बिछड़ने का था, मातम जैसा मंज़र!

Mirza Ghalib Shayari in Hindi 2 lines

दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है
आख़िर इस दर्द की दवा क्या है

हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है

बुलबुल के कारोबार पे हैं ख़ंदा-हा-ए-गुल
कहते हैं जिस को इश्क़ ख़लल है दिमाग़ का
ख़ंदा-हा-ए-गुल  =   फूलों की हंसी

‘ग़ालिब’ बुरा न मान जो वाइज़* बुरा कहे
ऐसा भी कोई है कि सब अच्छा कहें जिसे

हाए उस चार गिरह कपड़े की क़िस्मत ‘ग़ालिब’
जिस की क़िस्मत में हो आशिक़ का गिरेबाँ होना

हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छे
कहते हैं कि ‘ग़ालिब’ का है अंदाज़-ए-बयाँ और

बुलबुल के कारोबार पे हैं ख़ंदा-हा-ए-गुल
कहते हैं जिस को इश्क़ ख़लल है दिमाग़ का
ख़ंदा-हा-ए-गुल  =   फूलों की हंसी

दिल दिया जान के क्यों उसको वफादार “असद” 
ग़लती की के जो काफिर को मुस्लमान समझा

खुदा के वास्ते पर्दा न रुख्सार से उठा ज़ालिम 
कहीं ऐसा न हो जहाँ भी वही काफिर सनम निकले..

फिर उसी बेवफा पे मरते हैं 
फिर वही ज़िन्दगी हमारी है 
बेखुदी बेसबब नहीं ‘ग़ालिब’
कुछ तो है जिस की पर्दादारी है

यह जो हम हिज्र में दीवार-ओ -दर को देखते हैं 
कभी …

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अश्क बहाने छोड़ दिए मैंने | Very Deep Lines

अब अश्क बहाने छोड़ दिए मैंने,
मसला ये नहीं के अब गम नहीं है।
बात तो ये है करने शिकवे छोड़ दिए मैंने…

दिल दुखता था जिन रिश्तों से,
सब नाते रिश्ते तोड़ दिए मैंने…

राज़ी होना सिख लिया है उस खुदा की मर्जी में,
ना हासिल रिश्ते तलाशने छोड़ दिए मैंने..

सुकून ढूंढ लेती हू अब रातों की गहराइयों में
दिन की चकाचौंध में रिश्ते बुनने छोड़ दिए मैंने।।

~ Pari…

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ख़ुद ही रूठ कर ख़ुद ही मान जाना इतना आसान नहीं

गुस्से पर काबू पाना इतना आसान नहीं होता
अपनो को भूल जाना इतना आसान नही होता
दिल हमारा भी नहीं लगता बगैर अपनो के पर
ख़ुद ही रूठ कर ख़ुद ही मान जाना इतना आसान नहीं होता

~ Sneha kumari singh…

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Kaash | Sad Love Shayari Lines in Hindi 😟

Kaash Mera Ghar Tere Ghar Ke Kareeb Hota
Mohabbat Na Sahi Tujhe Dekhna To Naseeb Hota

काश मेरा घर तेरे घर के करीब होता
मोहब्बत ना सही तुझे देखना तो नसीब होता…

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यहां हर एक का बदला हुआ रंग देखा

इश्क, दोस्ती, मतलब देखा…
इस जमाने मे हमने बहुत कुछ देखा…

लोग देखे लोगों का ढंग देखा…
यहां हर एक का बदला हुआ रंग देखा…

कही घाव, कही मरहम, कही दर्द देखा…
यहां अपनों के हाथ मे खंजर देखा…

कभी रात, कभी दिन देखा…
कही पत्थर का दिल, तो कही दिल पर पत्थर देखा…

कभी हकीकत, कभी बदलाव देखा…
यहां हर चेहरे पर दोहरा नकाब देखा…

चाहत, जिस्म, फिर धोखा देखा…
यहां मोहब्बत के नाम पर सिर्फ मौका देखा…

जीते-जी बस यही देखना बाकी था, अंश…
एक उसे भी, किसी और का होते देखा…

~ अंश…

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Sad Shayari in Hindi on Nazar Na Chhupao

यूँ हर पल हमें सताया न कीजिये,
यूँ हमारे दिल को तड़पाया न कीजिये,
क्या पता कल हम हों न हों इस जहॉ में,
यूँ नजरें हमसे आप चुराया न कीजिये..…

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मशगुल था वो अपने यारों में

मशगुल था वो अपने यारों में,
हम रात भर करवट बदलते रहे
सोया होगा वो थक हार के,
कह कर ये खुदको बहलाते रहे

बेरुखी तो देखिए अगली सुबह
हाल_ए_दिल भी ना जाना उसने
और पागलपन था मेरा, जो रात भर
उसे समझकर तकिए को सहलाते रहे

~ Poonam Vaishnav…

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