Hindi love Poem

लोग मुझसे मेरी कहानी का अंजाम पूछते हैं
न जाने क्यों बार बार सब तेरा नाम पूछते हैं

मोहब्बत के सफ़र में हमेशा में तनहा ही चला
न जाने क्यू ये राहे मुझसे मेरा मकाम पूछते हैं

वजह वो क्या रही जो तुम मुझे मिली नहीं
कि दोस्त मेरे अब ये मुझसे तमाम पूछते हैं

क्यू तुम तक का सफर तय नहीं कर पाया
ये बात मुझसे मेरा दिल ए नादान पूछते हैं

इतनी शिद्दत से लिखा था मेने तेरे हुस्न को
कि पता मुझसे तेरा अब अनजान पूछते हैं

मेरी कहानी किस्से में तू इस कदर शुमार थी
कि पन्ने भी मेरे जिक्र तेरा बार बार पूछते हैं

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