Hindi Poem / हिंदी कविता

बिल्ली और चुहिया

बिल्ली बोली चुहिया से
क्या मुझे दोस्त बनाओगी?
चुहिया बोली नहीं दीदी,
कभी नहीं बनाऊँगी।
दोस्त बनाकर तुम मुझको,
अपने पास बुलाओगी।
पास अगर मैं आई तुम्हारे,
झट से चट कर जाओगी।

इंद्रधनुष

सात रंगों से मिलके बना है,
इंद्रधनुष का रंग।
बैंगनी, आसमानी, हरा,
पीला, नारंगी, लाल, नीला।
इन्हीं रंगों से मिलके बना है,
रंगों का संसार।
एक से दूजा मिलकर,
बन जाएँ रंग हजार।

डाकिया

देखो एक डाकिया आया,
थैला अपने साथ में लाया।
पहनी है वो खाकी कपड़े,
चिट्ठी कई हाथ में पकड़े।
बॉट रहा है घर-घर में चिट्ठी,
मुझको भी दी लाकर चिट्ठी।
चिट्ठी में संदेशा आया,
शादी में है हमें बुलाया।

टेलीफोन

बड़ा अनोखा टेलीफोन,
आती है आवाज कहाँ से?
जो है मीलों दूर यहाँ से,
उसके बहुत पास होने का!
देता धोखा टेलीफोन,
इस पर छपे हुए नंबर
शायद वे ही हैं जादूगर,
सब वे हाल जान लेने का,
एक झरोखा टेलीफोन।

वर्षा

चम चम चम चम बिजली चमके,
रिमझिम रिमझिम बादल बरसे।
गरज गरज कर करते शोर,
छायी काली घटा घनघोर ।
प्यारी धरती की प्यास बुझाने,
आयी वर्षा में भिगोने।
मैं तो हूँ इसकी दीवानी,
सबसे प्यारी वर्षा रानी।

तितली रानी

तितली रानी इतने सुंदर,
पंख कहाँ से लाई हो?
क्या तुम कोई शहजादी हो?
परी-लोक से आई हो।
फूल तुम्हें अच्छे लगते,
फूल हमें भी भाते हैं।
वे तुम को कैसे लगते जो,
फूल तोड़ ले जाते हैं।

चंदा मामा

चंदा मेरा मामा,
मुझे देख मुस्काता है।
रोज रात चुपके-चुपके,
आसमान में आता है।
आकर लोरी गाता है.
मुझको गले लगाता है।
प्यार से थपकी देकर,
मामा मुझे सुलाता है।

सपना

मुझको नींदिया आती है,
सपने भी दे जाती है।
सपने में जो आती है,
सुंदर परी कहलाती है।
जब वह छड़ी घुमाती है,
मिठाई-खिलौने बनाती है।
तो गड़बड़ हो जाती है,
जब आकर मम्मी जगाती है।

बैंगन राजा

बैंगन राजा कुछ तो बोल,
क्यों लगता है गोल-मटोल।
क्या तेरी मर्जी है बोल,
ना कर अब तू टालमटोल।
कहता झटपट मुझको तोल,
बीच बाजार में यह मत बोल।
खोल के रख दी मेरी पोल,
मैं तो हूँ बस गोल-मटोल।

पिंजरे के अंदर

पिंजरे के अंदर एक तोता,
बैठा-बैठा रोता रहता।

एक दिन एक कौआ आया।
आकर उसको समझाया।
ची-ची करके गिरो धड़ाम,
ऐसा लगे कि मर गए तुम।
बात मान लो मेरी नेक,
मालिक देगा तुमको फेंक।
तभी फुर्र से उड़ जाना,
लड़की अपने घर जाना।

मेरी प्यारी नानी

मेरी प्यारी अच्छी नानी,
सुनाओ ऐसी एक कहानी।
जिसमें हो बिस्कुट का पेड़
हो चॉकलेट, टॉफी का ढेर।
पापा जब ऑफिस से आएँ।
खूब खिलौने संग में लाएँ।
मेरी प्यारी अच्छी नानी,
हमें सुनाओ एक कहानी।

सरकस

देखो-देखो, सरकस आया,
भालू-हाथी,बन्दर लाया,
छोटा-सा एक,जोकर लाया,

कर ने एक गाना गाया,
ये सब खेल दिखाएँगे,
सबका मन बहलाएँगे।

जंगल में टेस्ट

कल जंगल में टेस्ट है सबका,
तुम भी पढ़ लो मोटू जी।
कैसे लिखत क, ख, ग ।
कैसे लिखते ए, बी, सी।
इस दुनिया में शिक्षा ही,
सबसे बड़ा है – गहना।
आओ हम सब शपथ उठाएँ,
अनपढ़ कभी न रहना।

गोल गोल पानी

गोल गोल पानी,
मम्मी मेरी रानी।
पापा मेरे राजा,
फल खाएँ ताजा
सोने की सीढियाँ,
चाँदी का दरवाजा।
उसमें से बाहर आया,
मेरा भैया राजा।

मेरा बस्ता

कैसा है मेरा बस्ता,
जब भी देखो है हँसता।
इसमें है ज्ञान-विज्ञान,
यह है दुनिया की शान।
इसके अन्दर है भाषा,
सीखते हैं हम अभिलाषा।
इसका है ज्ञान विशेष,
इसमें है बहुत कमाल।

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