Hindi Shayari on Dosti Nibhani Padti hai

Dosti Shayari Hindi Shayari

मेहफिल मैं कुछ तो सुनाना पडता है,
ग़म छुपाकर मुस्कुराना पडता है,
कभी उनके हम भी थे दोस्त,
आज कल उन्हे याद दिलाना पडता है..

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