Karwa Chauth ki Kahani | करवा चौथ के किस्से

 

साथियों नमस्कार, करवा चौथ स्पेशल के इस अंक में हम आपके लिए लेकर आएं हिं एक ऐसी कहानी ” Karwa Chauth ki Kahani | करवा चौथ के किस्से ” जिसे पढ़कर आपका इस त्यौहार से और भी गहरा नाता हो जाएगा| आपको हमारी यह कहानी कैसी लगती है हमें Comment Section में ज़रूर बताएं|


Karwa Chauth ki Kahani | करवा चौथ के किस्से
 

इस बार आप करवां चौथ पर आ रहें हैं ना ?  चार महीने हो गए आपसे मिले, आपको देखे हुए भी एक महीने से ज्यादा हो चला है। बड़ी ही धीमी आवाज़ में दिशा ने गौरव से कहा,गौरव आर्मी में एक सैनिक है। गौरव ने कहा नही आ सकता यहां सीमा पर तनाव बहुत है।

दिशा ने पूछा तो क्या मैं अपना पहला करवां चौथ तुम्हे देखे बिना पूरा करूँगी। गौरव ने कहा नहीं मैं तुम्हे रात को वीडियो कॉल करूँगा मुझे देख कर अपना उपवास पूरा कर लेना ओर बदले में एक प्यारी सी मुस्कुराहट दे देना। दिशा ने पूछा पक्का?जवाब आया हाँ वादा विश्वास रखो।

आज करवां चौथ का दिन है। सुबह से ही दिशा बहुत खुश है उसे अपने हाथ की मेहंदी उसे अपनी शादी की याद दिला रही है।शादी के बाद ही गौरव वापस कश्मीर चला गया था। कुछ ही पल के साथ को याद कर वह शादी के दिन की तरह तैयार हो रही थी।

शाम होने को है आसमान में कुछ बदल भी हैं, कही ये चांद बादलों में छुप कर लुकाछीपी ना खेले ओर उन्हें देखने का समय और न बढ़ाये।दिशा बस रात होने का इंतज़ार कर रही थी ।

वही गौरव परेशान है उसकी डयूटी आज बहुत दूर घाटी में लगी है। अपना वादा कैसे पूरा करेगा , यहां तो कोई फोन तक काम नही करता।
शाम के  5 बज गए तभी टीवी पर दिखाया आज कश्मीर में बम धमाके में 3 जवान शहीद हुए और बहुत से घायल। खबर सुनते ही दिशा का गला रूँधा गया।

सभी लोग गौरव को ले कर चिंतित है। दिशा का फ़ोन भी बज रहा है, वह बड़ी उम्मीद के साथ उठती है कि शायद गौरव का फ़ोन होगा लेकिन सब रिश्तेदार होते है और यही पूछते है कि गौरव भी वहां है कुछ खबर है क्या?  रात के 9 बज गए अब चांद भी निकल आया।

सास ने कहा बेटी अब गौरव की फ़ोटो देख कर ही उपवास खोल लो कब तक उसके फ़ोन का इंतज़ार करोगी।नहीं माँ जी उन्होंने वादा किया है वो जरूर फ़ोन करेंगे।मन एक चिंता से भरा है,कुछ अनायास घटना होने की आशंका उसे अंदर ही अंदर डरा रही है।

तभी एक अनजान नंबर से उसे वीडियो कॉल आता है अधूरे मन से उठाया तो सामने गौरव था।उसके चेहरे पर हल्की खरोच थी, दिशा के मुह से शब्द नही निकल रहे थे।  गौरव ने बताया धमाके से वो बेसुध हो गया था होश आया तो अपने आप को अस्पताल में पाया और किसी से फ़ोन ले कर उसे फ़ोन किया।

एक अटूट भावनाओ के साथ दोनो बस एक दूसरे को देख रहे थे।इस बार एक दूसरे को देखना हमेशा दोनो के लिए खास रहेगा।

Karwa Chauth ki Kahani | करवा चौथ के किस्से
नटेश्वर कमलेश

चांदामेटा छिन्दवाड़ा