Latest Shayari in Hindi for Girlfriend

Latest Shayari

काश मेरी जिंदगी का अंत इस कदर हो
मेरी कबर पर उनका घर हो
जब जब वो ज़मीन पर सोए
मेरे सीने से लगा उनका सर हो.

एक तुझे मनाने के लिए ना जाने कितने फूल तोड़ दिए हमने,
एक तुझे पाने के लिए ना जाने कितने साथ छोड़ दिए हमने.

हमारी भी मोहब्बत का अजीब दाश्ता है
हम जिसपे मरते है
वो रोज हमारी मरने की
दुआ करती है ।

तुमसे कितनो ने इमान्दारी सिखी ये बड़ी बात नही ।
बेइमानो के साथ रह कर भी तुम कितने इमन्दार रहें मायने ये रखता है

पूछते है सब जब बेवफा था वो तो उसे दिल दिया ही क्यों था,
किस किस को बतलाये कि उस शख्स में बात ही कुछ ऐसी थी
कि दिल नहीं देते तो कमबख्त जान चली जाती।

हम वो है जो आँखों मे आँखों मे डाल कर सच जान लेते है
तुझसे मोह्हब्बत है इस लिए तेरे झूठ भी सच मान लेते है

मेरे दिल को अब किसी से गिला नही
मन से जिसे चाहा वो मुझे मिला नही
बदनशिबी कहु या व्क्त की बेवफ़ाई
अंधेरे मे एक दीपक मिला पर वो भी जला नही..

दिल मे आया था वो बहुत से रास्तों से,
फिर ना जाने क्यू वो मुझसे मुहह मोड़ गया,
जाने का रास्ता नही मिला तोड़ दिल तोड़ गया.

कोई मरता नही किसी के लिए, ये भी सच है,
कोई जीता है मर मर के किसी के लिए, ये भी सच है.

कैसे ब्यान करू अल्फ़ाज़ नही
दर्द का तुझे मेरे एहसास नही
पूछते हो मुझे क्या दर्द
मुझे दर्द ये
की तू मेरे पास नही

आज हम हैं , कल हमारी यादें होंगी,
जब हम ना होंगे , तब हमारी बातें होंगी ,
कभी पलटो गे जिंदगी के ये पन्ने . .
तो शायद आप की आँखों से भी बरसातें होंगी।

आपकों प्‍यार करने से डर लगता है
आपकों खोने से डर लगता है
कहीं आखों से गुम ना हो जाये याद
अब रात में सोने से डर लगता है

A:-मेरी चाहत ने उसे खुशी दे दी,
बदले में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी,
खुदा से दुआ मांगी मरने की लेकिन ,
उसने भी तड़पने के लिए जिन्दगी दे दी !

A:-बहुत महँगी हुई अब तो वफा . .
लोग कहाँ मिलते हैं, जो सच्चा प्यार करें..
मोहब्बत तो बन गई है अब सजा. .
आशिक कहाँ मिलते हैं, जो आग का दरिया पार करें !..

B:- उनका हाल भी कुछ आप जैसा ही होगा ,
आपका हाले दिल उन्हें भी महसूस होगा ,
बेकरारी की आग में जो जल रहे हैं आप ,
आपसे ज्यादा उन्हें इस जलन का एहसास होगा।

C:- वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है,
कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है.
जो मुझे तुझसे जुदा करती है,
हाथ की उस लकीर से डर लगता है !

D:- कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था,
सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था ,
सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है ,
जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था।

E:- नदी जब किनारा छोर देती हैं,
राह की चट्टान तक तोर देती हैं,
बात छोटी सी अगर चुभ जाए दिल में तो ,
जिंदगी के रास्तों को भी मोर देती हैं।

F:- ये मत कहना कि तेरी याद से रिश्ता नहीं रखा ,
मैं खुद तन्हा रहा पर दिल को तन्हा नहीं रखा ,
तुम्हारी चाहतों के फूल तो महफूज रखे हैं ,
तुम्हारी नफरतों की पीड़ को जिंदा नहीं रखा !

G:- मेरी आंखों के आंसू कह रहे मुझसे,
अब दर्द इतना है कि सहा नहीं जाता,
न रोक पलको से खुल कर छलकने दे ,
अब यूं इन आंखों में रहा नहीं जाता।

H:- My eyes tears say to me,
Now the pain is so that it doesn’t live,
Do not stop you from the eyelids
No longer in these eyes

I:- उजड़ी हुई दुनिया को तू आबाद न कर ,
बीते हुए लम्हों को तू याद न कर ,
एक कैद परिंदे ने ये कहा हम से . .
मैं भुल चुका हूं उड़ना मुझे आजाद न कर !

J:- दिल का दर्द एक राज बनकर रह गया ,
मेरा भरोसा मजाक बनकर रह गया,
दिल के सोदागरो से दिललगी कर बैठे ,
शायद इसीलिए मेरा प्यार इक अल्फाज बनकर रह गया।

K:- रोक देना मेरी मय्यत को उस के घर के सामने ,
लोग पूछे तो कह देना कन्धे बदल रहे हैं.

माना की तेरे शहर में ग़रीब हमसे कम हैं
अगर तेरी वफ़ा बिकी तो सबसे पहले ख़रीददार हम है
तुझे खबर ना होगी अपनी कीमत की,
तुझे पाकर सबसे अमीर हम है.

जिधर देखो इश्क़ के बीमार बैठे है,
हज़ारो मॅर गये लाखों तैयार बैठे हा,
सब बर्बाद होते है लड़के, लड़कियों के पिंचे
और कहते है, मोदी की वजह से बेरोज़गार बैठे है.

जिंदगी मई और कुछ नही चाहिए
जिंदगी मे तुम…..
और तुम मे जिंदगी चाहिए….

खुद से खुद की खबर ना लगे,
कोई अच्छा भी इश्स कदर ना लगे,
जैसे सपने मे सपना टूट जाए और
तोड़ने वाला बेख़बर ना लगे,
हमने देखा है आपको उस नज़र से,
जिस नज़र से आपको नज़र ना लगे.

तुझे पलकों पे बैठाके रखूं मै
करके हद से ज़्यादा प्यार सिने से लगा कर रखूं मै
बेहद कीमती हो तुम मेरे लिए,
तुम्हे दिल मै छुपा के अपनी जान बना कर रखूं मै.

वो याद नही करते,
हम भुला नही सकते,
वो हसा नही सकते,
हम रुला नही सकते,
कितना नाज़ुक रिस्ता है हमारा
वो मोहब्बत कर नही सकते,
और हम अपनी मोहब्बत जाता नही सकते.

सिमटी जिंदगी को बिखर जाने दो,
सपने मेी ही सही उसे आने दो,
अगर वो मिलता है मुझे मरने से तो,
एक बार मुझे फिर से मर जाने दो.

तुझे भुला दिया है या भुला देंगे हम,
तेरी यादों को मिटा दिया है या मिटा देंगे हम,
तुझे पाना बहुत चाहा पर सायद तकदीर मे तू नही
तेरे सपनो की तकदीर को जला दिया, या जला देंगे हम,

रातें तो नयी थी पर सपने पुराने थे
जिंदगी तो नयी थी पर मंज़र पुराने थे
किसको दिखाते अपने इस दिल की चोट
जख्म तो नये थे पर खंज़र पुराने थे.

1:- सब आ जातें हैं* *यूँ ही मेरी* *’ख़ैरियत’ पूछने….!! *_ _*अगर तुम भी पूछ लो तो *यह ‘नौबत’ ही न आए…….!!

2:- उम्र अपने हसीन ख्वाबों की मैंने तो तेरे प्यार को दे दी… नींद जीतनी थी मेरी आँखों में सब तेरे इंतज़ार को दे दी.

3:- कैसे लफ्जों में बयां करूँ मैं खूबसूरती तुम्हारी सुंदरता का झरना भी तुम हो मोहब्बत का दरिया भी तुम हो…

4:- ख़ामोशी बहुत कुछ कहती हे कान लगाकर नहीं ,
दिल लगाकर सुनो !!

5:- हमारे पहले प्यार की खुश्बू तेरी सांसो से आ रही है तेरे होठों पे हल्की सी हंसी है मेरी धड़कन बहकती जा रही है।

6:- तेरा दीदार पाने को जी चाहता ह खुद को मिटाने का जी चाहता ह पिला दो मुझे मस्ती के प्याले मस्ती में आने को जी चाहता ह

7:- माता लक्ष्मी और गणेश जी की कृपा से आप सभी को कामयाबी,
सुख,
शांति और समृद्धि प्रदान हो दीपावली के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

8:- सुख समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाए दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाए खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाए दीपावली की आपसभी को मंगलकामनाएँ

9:- Light For Ur Brightful Future; Cracker For Ur Demolish Of Ur Failure; Rangoli For Ur Colorful Life; Happy Diwali..

10:- मिठास रिश्तों कि बढाऐ तो कोई बात बने… मिठाईयाँ तो हर साल मीठी ही बनती है….!!

11:- देहरी पर दीप जलता रहे अंधकार से युद्ध चलता रहे हारेगी हर बार अंधियारे की घोर-कालिमा जीतेगी जगमग उजियारे की स्वर्ण-लालिमा

12:- तकलीफो का कारवाँ इतनी धूम से निकला हर जख्म की आह पे आँखों से आँसू निकला बदन से रूह रुखसत हो सकी ना कहने को मेरी मय्यत पे सारा जहा साथ निकला

13:- ऐ ज़िन्दगी तेरी किताब के फ़लसफ़े समझ नहीं आते किसको संभलो किसको फाड् दू क्यों कोई कोरे रह गए पन्ने समझ नहीं आते अब तेरे शगूफे समझ नहीं आते

14:- तरस जाओगे दीदार को भी जब लौट कर हम नही आए

15:- अधूरे से रहते मेरे लफ्ज़ तेरे ज़िक्र के बिना…! मानो जैसे मेरी हर शायरी की रूह तूम ही हो…!

16:- कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये,
दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये……

17:- सुनी नही जमाने ने तेरी मेरी कहानियाँ… कर दे कोई नवाज़िसें… करम मेहरबानियां…..

18:- शिकायते बयां करना इसलिए मुश्किल होता है की जिसे हम सुनना चाहते हैं वो हमे सुनकर भी बेखबर बना रहता हैं ….!!

19:- कितना ही सुलझ जायें,
,
अपने से हम … ये जिंदगी अपनी बातों में हमें,
,
कभी-कभी उलझा ही लेती है

20:- हाथ बेशक छूट गया,
लेकिन वजूद उसकी उंगलियो में ही रह गया..।।

21:- फिर सन्नाटा सा पसरा है फिर खाली-ख़ाली सा लगता है फिर मन में सूनापन आया फिर नभ सा एकांत दिखता है फिर नींद उचटती है मेरी तू दूर-दूर सा लगता है

22:- वो लाज का पर्दा जरूरी नहीँ,
जरूरी है तो सिर्फ तेरा मुझपे यकीन करना,
तेरा हरदम के लिये होकर मेरा तुझमें फ़ना होना

23:- पूस की रात में शान्त सा कमरा एक बिस्तर और मेरे होंठों का तेरे मकरन्द लिप्त गुलाब कपोल सम कोमल लबोँ से छूने का एहसास अब तक नहीँ भुला….!!

24:- तुझे बाहों में लेकर ये सारा जहान भूल जाने की ख्वाहिश है मेरी……!!!

25:- ” दिल मे संजो लूँ…या कही यू ही रख छोड़ु.. वो महकता तोहफ़ा तेरी यादों का…? “

26:- पता नही होश मे हूँ….. या बेहोश हूँ मैं….. पर बहूत सोच ……. समझकर खामोश हूँ मैं.

27:- ठंडी रोटी अक्सर उनके ही नसीब में होती है . . जो अपनों के लिए कमाई करके देर से घर लौटते हैं…!!

28:- एक ऐसा जहान,
जहाँ कोई न हो सिवाय मेरे और तेरी यादों के…..!!!

29:- पसीना पोछने की भी … जिनको मोहलत नही मिलती उन्ही के पेट को रोटी ….. और सोने को छत नही मिलती 🙁

30:- हर मर्ज़ का इलाज नहीं दवाखाने में… कुछ दर्द चले जाते है सिर्फ मुस्कुराने में…!!!

31:- चाहिए मुझे वही सुनहरी घूप चाहिए खुली हवा हवा में घुली नमी से भीगना है कब तलक पलकों की कैद में रखोगे मुझे

32:- किसी दिन रोशन होगी मेरी भी जिंदगी इंतजार सुबह का नही,
किसी के लौट आने का है ऐसा होगा तो नही पर दिल है के मानता नहीं

33:- आँख खुलते ही याद आ जाता हैं तेरा चेहरा…,
दिन की ये पहली खुशी भी कमाल होती है…!

34:- मायूस ना हो,
लबों को भी तकलीफ ना दे… गर है प्यार तुझे,
तो आँखों से बयां कर दे…

35:- ढलती धूप के आइने में संवर आती है शाम गुजर जाता है अब दिन… ठहर जाती है शाम….

36:- ये गहरी लाल शाम तेरी यादों के समंदर में पिघल रही है रौशनी की कुछ बुँदे पानी में गिरकर चिँगारी सी जल रही है…!

37:- ना जाने कौन सी दौलत है तेरे लफ़्जों में. बात करते हो तो दिल खरीद लेते हो…!

38:- वो मेरा भूल जाना तुझको…. इक झूठा बहाना है.. मुझे भी याद करना है.. तुझे भी याद आना है..

39:- कौन किसे चाहता है आजकल सवाली होकर… अहमियत बादल भी खो देते हैं अक्सर… खाली होकर…

40:- सूरज अब भी.. उसी तय वक्त पर निकलता है मगर.. खिड़कियों से परदे हटाने के लिए अब.. तुम नहीं हो…

41:- मुझको तुम खुद में छुपाओ तो छुपाना ऐसे…..किसी सागर में हों लहरों की पनाहें जैसे….

42:- रोज़ डूबता तो है समंदर में सूरज… मगर हमने कभी समंदर को जलते हुए नहीं देखा…

43:- बहोत ज़रूरी है….कि मैं जुड़ी रहूँ तुमसे… तुम भी जुड़े रहो मुझसे… ये ज़रूरी तो नहीं…

44:- मैं ज़िन्दगी… गुजा़रना नहीं चाहती…. मैं ज़िन्दगी… जीना चाहती हूँ…….. ” तुम्हारे साथ “

45:- छतरीयाँ अब कहाँ अच्छी लगती है मुझे…. अब मैं भीगना चाहती हूँ….

46:- चुपके से आकर मेरे कान मे,
एक तितली कह गई अपनी ज़ुबान मे… उड़ना पड़ेगा तुमको भी,
मेरी तरह इस तूफान मे…

47:- तमन्ना थी सदा जिनके करीब रहने की अब खुद ही उनसे बहुत दूर हुए जा रहा हूँ।

48:- बस और नहीं कोई फरमाइश तुझसे ज़िन्दगी.. अगर मुमकिन हो तो..फिर से वो बचपन लौटा दे

49:- खुद भी रोता है और मुझे भी रुला के जाता है,
ये बारिश का मौसम उसकी याद दिला के जाता है

50:- ऑंखों के डॉक्टर भी मरीज हो गये जादू भरी नज़रों ने देखा ज़ब उन्हे ।।

51:- नादानियां झलकती है अभी भी मेरी आदतो से “मैं खुद हैरान हूँ… मुझे इश्क़ हुआ कैसे ।”

52:- माखन चुराकर जिसने खाया..बंसी बजाकर जिसने नचाया.. खुशी मनाओ उनके जन्मदिन की,
जिसने दुनिया को प्रेम का रास्ता दिखाया।

53:- रंग दिया जग को अपने ही रंग में उषा अपनी गागर से भोर हुई फैला उजियारा रक्तिम हुआ उसमें जग सारा..

54:- उसने दरिया में डाल दी होगी.. मेरी मोहब्बत भी…. एक नेकी थी

55:- तेरी ख़ूबसूरती जैसे…??? . . बारिश के बाद पत्तों पे ठहरा हुआ पानी…!!!

56:- हर चराग यु तो हवा की नज़र में है,
पर उस रोशनी का क्या जो हम दिले हमदम में जलाये बैठे हैं ||

57:- शब गुजर रही आसमाँ भी सो रहा रात खामोशी का आँचल लपेटने लगी मेरी पलको पर ख्वाबो तेरा खो रहा••

58:- “झूठी मोहब्बत…वफा के वादे…साथ निभाने की कसमें…,
कितना कुछ करते हैं लोग…सिर्फ वक्त गुजारने के लिए!”

59:- अक्सर सोचता हूँ देख कर तस्वीर तेरी* जो तुमसे मोहब्बत ना होती तो क्या होती ज़िन्दगी मेरी…..

60:- मेरी आँखे झुठी हैं या जिस्मों पर आईने हैं मेरे हमनशीं मैंने हर चेहरे पर तुझे ही देखा है

61:- तेरे ना होने से बस इतनी सी कमी रहती है मै लाख मुस्कुराउ आखो मे नमी सी रहती है.

62:- चढ़ा है तेरे इश्क़ का रंग इतना गहरा,
लाख चाहे कोई,
तो भी ना उतार सकेगा ये मोहब्बत का नज़राना…

63:- धूप मायूस लौट जाती है,
छत पे किसी बहाने आया कर। कौन कहता है दिल मिलाने को,
कम-से-कम हाथ तो मिलाया कर।

64:- “अभी तो साथ चलना है समंदरों की लहरों मॆं . . . ,
. . . किनारे पर ही देखेंगे… किनारा कौन करता है?”

65:- यह सुबह का मंजर भी कयामत सा हसीन है.. ठंडी हवा.. बारिश और.. आसमान में मेरी ख्वाहिशों की उड़ान

66:- हवायो मे घुलने लगती हूँ पानियो मे भरती हूँ उड़ान ज्यो तुम बढाते हो मेरी ओर अपना हाथ

67:- बादलों से टूट कर भी लिपटी है पत्तों के दामन से ….. ज़मी पर गिरने से डरती है शायद… कुछ बूंदे…

68:- बात इतनी सी थी कि तुम अच्छे लगते थे. अब बात इतनी बढ़ गई,
कि तुम बिन कुछ अच्छा नहीं लगता

69:- बूंदों का सवाब समझ सकता है.. वही,
जो वाकिफ़ हो भीग जाने के हुनर से

70:- कुछ यूँ किया करेंगे मोहब्बत हम.. सीपियाँ मैं रख लूँगी… और मोती तुम…

71:- ख्वाब हमारे टूटे तो हालात कुछ ऐसी थी,
आँखे पल पल रोती थीं ,
किस्मत हँसती रहती थी..

72:- तुम्हारी आँखों से छलकता है प्यार,
जैसे हो पहली बारिश की धार

73:- मौसम भी बदल लेता है मिज़ाज़,
जब वो देखता है तुम्हारा अंदाज

74:- दो किनारे कभी आपस में नही मिलते तुम साथ देने का वादा तो करो हम उस झितिज पर मिलेगे जहाँ धरती आकाश का मिलन होता हो

75:- “जो मुंह तक उड़ रही थी अब लिपटी है पाँव से,
जरा सी बारिश क्या हुई मिटटी की फितरत बदल गई..!”

76:- कितनी अजीब है कुछ क़रीबी रिश्तों की रोशनी,
उजालो कें बावजूद भी चेहरे पहचाने नहीं जाते..

77:- “कैसे बयान करुं सादगी मेरे महबूब की,
पर्दा हमी से था मगर नजर हम पर ही थी.!”

78:- अच्छा लगता है… मेरे होठों पर रख कर अपनी उंगली…. जब बोलते हो तुम…

79:- प्रकृति का रस लिये रंग भरती हैं जग में वो तितलियाँ ऐसे शांत मन की लहरों में एक बूँद गिरा हो इश्क़ का जैसे !

80:- मिलने की चाह में हर कोशिश की हमने सारी क़ायनात जैसे जुटी थी हमें मिलाने में समेट के प्यार इस प्रकृति का !

81:- सुबह की पहली किरण के साथ निकला हर नाविक है प्रकृति की आग़ोश में ज़िन्दगी रूपी अपने नाँव को खेने !!

82:- बताओ _किस कोने में सुखाऊँ तेरी यादें बरसात बहार भी है_और अन्दर भी

83:- दूर से नजरों को मिलाना,
पास आने पर पलकों का झुक जाना,
जब समेटूँ अपनी बाहों में,
अच्छा लगता है तेरा बहाने बनाना।।

84:- शीतल सा सूरज है बिखेरता किरणें अपनी शांत थमी लहरों में साँझ के मदहोश साये ने समेट रखा हो जैसे आसमां को बाँहो में !

85:- तुम्हारा नाम जैसे “रब दा प्यार”,
तुम्हारी सादगी है बेशुमार ❤

86:- Tumhe Koi or b Chahne Lage Is Baat se Hum Thoda Darte Hai Pr Guror H Hume Is Bat Ka Ki Hr Koi Meri Hi Psnd P Mrta h

87:- शिकायते बयां करना इसलिए मुश्किल होता है की जिसे हम सुनना चाहते हैं वो हमे सुनकर भी बेखबर बना रहता हैं ….!!

88:- हर जगह हर गली मंजिलें ना मिले यूं ही साँसों में सांस लिए सेहरा मेरे रूबरू,
बंजारा मैं क्या करूं

89:- Ae Kash Wo Din Aa jae Main Usay Pochon Tujhe Kya Chahiye AUr Wo Kahe K Zindagi Bhar Sirf Tera Sath

90:- Ik Lafz-E-Mohabbat Ka Itna Sa Fasana Hai,
Simte To Dil-E-Aashiq,
Phaile To Zamaana Hai.

91:- इश्क़ का रोग है,
चेहरे के रंग बताते हैं जाने किस बात पे,
तन्हा ही हँसे जाते हैं

92:- दिल चुराना हरकत है,
दिल जितना आदत है,
दिल में बसे रहते अब तक,
तो मान लेता की मोहब्बत है

93:- …राह संघर्ष की जो चलता है… …वो ही संसार को बदलता है… …जिसने रातों में जंग जीती… …सूर्य बन कर वही निकला है…

94:- सांसे …!! बस … नुमाइश हैं .. जिंदगी ….. तो मेरी ….तुम … हो …!!!

95:- आओं मिलकर ढूंढले कोई वजह फिर से एक हो जाने की,
यूं बिछड़े-बिछड़े न तुम अच्छे लगते हो और ना ही मैं।

96:- काश एक राह ऐसी हो लगे जहाँ हरवक़्त दामन थामरखा हो प्रकृतिने हमारा हरतरफ पवित्रता हो और फैली हो हरियाली !!

97:- हर शाम कह जाती है एक कहानी हर सुबह ले आती है एक नई कहानी रास्ते तो बदलते है हर दिन लेकिन मंजिल रह जाती है वही पुरानी

98:- एक लहर तेरे ख़्यालों की… मेरे वजूद को भिगो जाती हैं एक बूंद तेरी याद की मुझे इश़्क के दरिया में डुबो जाती हैं.

99:- मेरी आरजू हमेशा यही होती है के तू मुझे समझे….. लोग वाह वाह करे ये हसरत नही है….

100:- Tanhaai Ka Aalam Fursat ke Lamhe.. Apno se Doorii… Dher Saari Yaadein..

101:- आज फिर देखा किसीने••• महोब्बत भरी निगाहों से•••• एक बार किर तेरी ख़ातिर••••• हम ने अपनी निगाहें झूका ली•••

102:- जरा सा सावरा है वो जरा सा बावरा है वो वो सुरमे की तरह मेरी आंखों में ही रहता है…

103:- तुम्हारे” होगें चाहने वाले बहुत इस “कायनात” में,
मगर इस “पागल” की तो कायनात ही “तुम” हो

104:- Red night Ek khaab Tujhko Paneka Jane kab Pura hoga Bas intezar Hi intezar Good Night

105:- मनाने आ ही जायेगा,
मेरा नाराज लहज़ा वो…. इसी उम्मीद पर बेवज़ह,
रूठा भी करते हैं…!!

106:- दिल मे आओ,
बसा लो यहां खुद को बाँहों में आओ,
सौ जाने दो मुझको रूह से रूह,
मिल जाने दो आज बिखरे पलों को मिल जाने दो आज

107:- तेरी आँखों में हमे जाने क्या नज़र आया,
तेरी यादों का दिल पर सरुर है छाया बस…… अब तेरी तस्वीर को दिल में छुपा लिया…!

108:- काश दिल की आवज मै इतना असर हो जाये…… हम याद करें,
और ऊनको खबर हो जाये…………!!

109:- युं नज़र से बात की और दिल चुरा ले गये… हम तो अजनबी समजते थे आपको… आप तो हम को अपना बना गये…

110:- एक पुराना मोसम लोटा,
,
याद भरी पुरवायी भी,
ऐसा तो कम ही होता है,
,
वो भी हो तन्हाई भी…. -गुलज़ार

111:- आज फिर देखा किसीने••• महोब्बत भरी निगाहों से•••• एक बार किर तेरी ख़ातिर••••• हम ने अपनी निगाहें झूका ली••

112:- क्यों नाम दूँ उसे बेवफ़ा का वो तो वक़्त था जिसे मेरी हँसी देखी नही गयी !!

113:- यूं तन्हाई मे बैठे ही मुस्करा लेते थे„जानते थेकि तुम साथ हो आज सही मायनों मे साथ हो पर,
मुस्कराने की वजह साथ नही…

114:- कुछ कुछ खिलते गुलाब सी,
है beauty इस morning की।

115:- कभी-कभी खामोशियां ही बेहतर है शब्दों से लोग रूठते बहुत है…

116:- सहारे ढूढ़ने की आदत नही हमारी..! हम अकेले पूरी महफ़िल के बराबर..!!

117:- फूल बिछा दूँ या आँखे बिछा दूँ करूँ क्या ये समझ ना आये। कंही ये दिल मेरा तुम्हे देखकर तुम्हारा बने,
और मुझे भूल जाय।।

118:- ना-उम्मीद सी हो रही है सब उम्मीदें…!” “दिल था किसी दिन तेरे सीने से लगकर जी भर के रोने का_______

119:- छूह लो तुम यूं ज़रा सा,
,
कि मैं मर भी जाऊं तो मुझसे तेरी खुशबू आये…! ….

120:- फूल बिछा दूँ या आँखे बिछा दूँ करूँ क्या ये समझ ना आये। कंही ये दिल मेरा तुम्हे देखकर तुम्हारा बने,
और मुझे भूल जाय।।

121:- अब चार दिनों की छुट्टी है और उनसे जाकर मिलना है सागर से मिलेगी जब नदिया,
बादल की तरह बरसना है।

122:- खूब करता है,
वो मेरे ज़ख्म का इलाज कुरेद कर देख लेता है,
और कहता है वक्त लगेगा..

123:- “शख्स”बनकर नहीं बल्कि “शख़्सियत” बनकर जियो क्योंकि “शख्स”तो एकदिन मर जाताहै लेकिन “शख़्सियत” हमेशा जिंदा रहती है

124:- जल खत्म होने के दिखने लगे आसार प्रकृति रुठने लगी,
देख मानव व्यवहार पर्यावरण बचाओ,
समय की हे पुकार

125:- “Sometimes all you have to do is forgot what you feel and remember what you deserve”

126:- राज़ खोल देते हैं नाज़ुक से इशारे अक्सर,
कितनी खामोश मोहब्बत की जुबां होती है.

127:- दाम ऊंचे हो सकते हैं ख़्वाहिशों के.. मगर ख़ुशियां हरगिज़ महंगी नहीं..!!

128:- माँ मुझको लोरी सुना दो,
अपनी गोद में मुझे सुला लो ! वही चन्दा मामा वाली,
सात खिलौनों वाली लोरी फिर से सुना दो!

129:- खुद को मिटा कर रंग लाती है हिना हथेली पर सज कर दुल्हन को सजाती है हिना ।

130:- प्रेम और आनन्द @PremYadav 7 Nov 2015 View translation हुस्न की मल्लिका हो या साँवली सी सूरत…!! इश्क अगर रूह से हो तो हर चेहरा कमाल लगता है…!

131:- एक रास्ता ये भी है मंजिलों को पाने का कि,
सीख लो तुम भी हुनर हाँ में हाँ मिलाने का…

132:- इस बारिश के मौसम में अजीब सी कशिश है,
न चाहते हुये भी कोई शिद्दत से याद आता है…

133:- Ik rishta tha,
do dil thay.. Aur mohabbat b..! Deeware thi,
mazhab tha… Aab muqaamaal judai hai..!

134:- एक ऊर्जा सी देती सूरज की वो किरण लहूलुहान पंखों को जो भींगे थे रक्त में हौसलों को स्फूर्ति देती निरंतर बढ़ने की

135:- करीब से देखो तो जान पाओगे,
जान भी जाती है लुटेरे इश्क के खेल मेँ…!!!

136:- कतरा कतरा आग बन के जला रही है यादे तेरी••• बरस के इश्क तू भी दिल की लगी बुझा•••○

137:- तरा कतरा आग बन के जला रही है यादे तेरी••• बरस के इश्क तू भी दिल की लगी बुझा•••○

138:- आगे सफर था और पीछे हमसफर था.. रूकते तो सफर छूट जाता और चलते तो हमसफर छूट जाता..

139:- मंजिल की भी हसरत थी और उनसे भी मोहब्बत थी.. ए दिल तू ही बता,
उस वक्त मैं कहाँ जाता…

140:- ज़िन्दगी जीने के दो तरीके होते है पहला जो पसंद है उसे हासिल करना सीख लो दूसरा जो हासिल है उसे पसंद करना सीख लो

141:- यूँ तो हर शाम उम्मीदों में गुजर जाती थी आज कुछ बात है जो शाम पे रोना आया

142:- जिंदगी की.. कसम .. मेरी जिंदगी… तुमसे है…..

143:- न जाने आज भी मुझे तेरा इंतज़ार क्यों है बिछुड़ने के बाद भी मुझे तुझसे प्यार क्यों हैं

144:- ~~मिलते हैं बहुत लोग जुबान को समझने वाले~~ काश कोई मिले~~ जो धड़कनों को समझे~~ ~तू महसूस तो कर~~

145:- कभी उलझते कभी सुलझते,
कभी बनते – कभी बिगङते,
मन ही मन मेँ बातेँ करते,
तमाम सवाल और रिश्ते ….!!!!

146:- आ गुफ्तगू करते हैँ सनम ,
मुद्दतोँ बाद आये हो लौटकर आखिर,
ये गिले – शिकवोँ का दौर जारी तो हो …..!!!

147:- !!.हर रात को तुम इतना याद आते हो कि हम भूल जाते हैं!! !!.ये रातें सपनों के लिए होती हैं या तुम्हारी यादों के लिए!!

148:- !!.उसकी जरूरत उसका इंतजार और अकेलापन.!! !!.थक कर मुसकुरा देती हू मैं जब रो नहीं पाती.!!

149:- मोहब्बत नापने का कोई पैमाना नहीं होता,
कहीं तू बढ़ भी सकता है,
कहीं तू मुझ से कम होगा ।

150:- मुझे उन आंखों मे कभी आंसु अच्छे नही लगते जीन आंखों मे मै अकसर खुद के लिये प्यार देखता हुं

151:- याद आऊं चले आना,
लम्हा वहीं थमा है ,
जिस मोड़ पर तुमने,
मुझे अकेला कर दिया था….।।

152:- लो अब तो ये वादियाँ भी तुम्हेँ जानने लग गयीँ,
यकीन नहीँ….??? तो एक बार अपना नाम बुलाकर तो देखो….!!!

153:- Apni yaadon ko apney paas rakha kar Jab bhi mere paas aati hain aankhein nam kar jaati hain..

154:- नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं,
कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता !!

155:- ये लकीरें,
ये नसीब,
ये किस्मत सब फ़रेब के आईनें हैं,
हाथों में तेरा हाथ होने से ही मुकम्मल ज़िंदगी के मायने है 🙂

156:- “सलीका परदे का बड़ा अजीब रक्खा है ,
निगाहें जो क़ातिल हैं उन्हें ही ख़ुला रक्खा है “

157:- हर एक अदा मस्तानी है,
ये किसी सायर की रंगीन कहानी है। हिरनी की तरह ये चलती है,
शमा की तरह ये जलती है।।

158:- अपनी बहारो को रंगीन बना लूंगा पलको पे अपनी तुम्हे बिठा लूंगा एकबार तुम मेरे पास आजाओ शबनम की तरह गुलशन में बिखर जाओ

159:- चाल जिसकी चुरा के,
हिरन वन में इठलाते है बदन की ख़ुश्बू से जिसकी गुलाब शर्माते है गर जो हँस दे तो,
सरगम बजा करते है

160:- जब से देखा ह तेरी आखो मे झाक कर आईना अच्छा नही लगता मोहब्बत मे ऐसे हुए ह दीवाने तुम्हें कोई देखे,
तो अच्छा नहीं लगता

161:- बारिश के बाद रात आईना सी थी…… एक पैर पानी में पड़ा,
और चाँद हिल गया….!!

162:- कैसे करें हम ख़ुद को तेरे काबिल……! जब हम आदतें बदलतें हैं….. तुम शर्तें बदल देते हो…..

163:- बेले के परिमल से परिमण्डल नहाया प्रांजल हवा सुरभित है नभमंडल भोरें नें कलियों सें पीयूष पुंज चुराया…..

164:- मुझे क़बूल है…… हर दर्द,
हर तकलीफ़ तेरी चाहत में…! 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

165:- तुम्हारी खुशियों के ठिकाने बहुत होंगे,
मगर हमारी बेचैनियों की वजह बस तुम हो !!

166:- किताब ए इश्क़ में क्या कुछ दफ़्न मिला,
मुड़े हुए पन्नों में एक भूला हुआ वादा मिला !!

167:- यूँ तो सब ही रूठे रूठे से हैं मुझसे.. पर बचपन की मासुमियत ज्यादा खफ़ा है।

168:- Yakeen Karo Aaj Iss Qadar Yaad Aa Rahe Ho Tum,
Jiss Qadar Tum Ne Bhula Rakha Hai Mujhe…. 🙁

169:- हर रोज़ एक ही जैसी सुबह ओर एक ही जैसी शाम लगती है .. ये क़ुदरत भी अब तो copy-paste ये जैसी लगती हे ..

170:- गलत सुना था कि इश्क आँखों से होता है,
दिल तो वो भी ले जाते है जो पलकें तक नही उठाते

171:- खो गयी हूँ..इन रास्तो में कही जहाँ से वापसी भी मुमकिन नही ना कोई चेहरा अपना सा लगता है ना कोई रास्ता पहचाना सा

172:- ना कोई रस्म होती,
ना रिवाज़ होता बस दिलों का मेल ही सब कुछ होता तो तुम आज मेरे पास होते…

173:- ना_जाने_क्यों ये दिल इतना नादान बेवफा के लिए ही रोता है अश्क बहाता है आँखों से पर लब खामोश

174:- हर किसी के नसीब में कहा लिखी होती हे चाहतें कुछ लोग दुनिया में आते हे सिर्फ तन्हाइयों के लिए.

175:- जिस दिन आपके सामने कोई समस्या न आये आप यकीन कर सकते है की आप गलत रस्ते पर सफर कर रहे है।

176:- मतवाले नैन हैं,
जैसे जल में फूल रहे हों तैर। इन जुल्फों का दीवाना में,
कंही बन न जाय कोई गैर।।

177:- आओ तुमको बाँहों मे छिपा लू सितारों के दीपक बुझा दू झुका चाँद का सर आँचल सरकने लगा तेरी जुल्फ छूने से बादल महकने लगा

178:- उदास नजरें तड़प तड़प कर तुम्हारे जलवों को ढूंढती हैं वो ख्वाब की तरह खो गए उन हसीन लम्हों को ढूंढती है

179:- यदि सपने सच नहीं हो तो रास्ते बदलो सिद्धांत नहीं ,
पेड़ हमेशा पत्तियाँ बदलते है जड़ें नहीं …..

180:- तन्हाई सौ गुना बेहतर है …. झूठे वादों से ….. झूठे लोगों से .

181:- कभी ना कहो कि दिन अपने खराब है …. समझ लो कि हम कांटो से से घिर गए गुलाब है ….!

182:- जब हों तेरी पलकों के साए,
फिर डर ना किसी धूप का सताए;

183:- मेरी दिल की दिवार पर तस्वीर हो तेरी.. और तेरे हाथों में हो तकदीर मेरी।

184:- वो शाम का दायरा मिटने नहीं देते ,
हमसे सुबहे का इंतज़ार होता नहीं है ।

185:- तुम लाख भुलाकर देखो मुझे.. मै फिर भी याद आउंगी तुम पानी पी पी कर थक जाओगे… मै हिचकिया बन कर सताउंगी

186:- तुम लाख भुलाकर देखो मुझे.. मै फिर भी याद आउंगी

187:- धीरे धीरे बहुत कुछ बदल रहा है… लोग भी…रिश्ते भी…और ,
,
,
…कभी कभी हम खुद भी…

188:- समंदर बड़ा होकर भी अपनी हद में रहता है,
इन्सान छोटा होकर भी अपनी हद भूल जाता है

189:- आसान ये भी नहीँ,
कि तुम किसी के लिये जियो,
और वो किसी और के लिये…!!!

190:- Mujhe bhi sikha Do na tum,
bhul jane ka hunar mai thak gyi hu har lamha,
har saans tumhe yaad karte karte.

191:- अधूरी मोहब्बत मिली तो नींदें भी रूठ गयी,
गुमनाम ज़िन्दगी थी तो कितने सुकून से सोया करते थे………..।

192:- तेरी आँखोकी खामोशीयो मे डूबे हम कुछ इस तरह,
जैसे देखते रहे उनमे साहिल को,
तूने जो कहा नहि हमने सुन लिया कुछ उस तरह

193:- बाज़ार के रंगों से मुझे रंगने की ज़रूरत नही.. तेरी याद आते ही ये चेहरा गुलाबी हो जाता है…

194:- Ek Zara Si Bhool Khata Ban Gayi…. Meri Wafa Hi Meri Saza Ban Gayi….

195:- चलो ना….. जी ले कुछ इस कदर,
कि लगे जैसे…. जिन्दगी हमे नहीं,
जिन्दगी को हम मिल गये है…!

196:- मुँह फेर कर बैठे हो यूं बेरुखी से पल ही बीता हैं पर लगा रहा है सदियों से

197:- मेरी दिल की दिवार पर तस्वीर हो तेरी.. और तेरे हाथों में हो तकदीर मेरी।

198:- हमें क्या पता था जिंदगी इतनी अनमोल है,
कफन ओढ़ के देखा तो नफरत करनेवाले भी रो रहे थे !

199:- जो टुट गए हैं सपने । जाने कियु बन कर अपने । कभी कभी लौट आते है

200:- तुम्हे किसी की मोहब्बत का ऐतबार नहीं तुम्हे ज़माने ने शायद बहुत सताया है..

201:- कैसे छोड दूं आखिर तुझसे मोहब्बत करना… . तू मेरी किस्मत में ना सही.. दिल में तो है..!!! ♡ ♡

202:- दिल में जोर से दस्तक दे रहा है कोई… लगता है यादों के आने का वक़्त हो गया..

203:- तुझे रात भर ऐसे याद करती हूँ मैं … . जैसे सुबह इम्तेहान हो मेरा ।

204:- तू मुझमें पहले भी था,
तू मुझमें अब भी है। पहले मेरे लफ्जों में था अब मेरी खामोशियों में है।

205:- यदि सपने सच नहीं हो तो रास्ते बदलो सिद्धांत नहीं ,
पेड़ हमेशा पत्तियाँ बदलते है जड़ें नहीं …..

206:- तन्हाई सौ गुना बेहतर है …. झूठे वादों से ….. झूठे लोगों से .

207:- चल ही पड़े हैं तो ये जान लीजिए हुजुर,
इश्क़ की राह में मनमर्जियाँ नहीं चलतीं !

208:- हर शाम आँखों पर,
तेरा आँचल लहराए,
हर रात यादों की बारात ले आए ।

209:- जरा परदे मेँ रहकर बाहोँ मेँ समाओ किसी गैर की,
कहीँ कोई देख ना ले तुम्हेँ,
मेरी खुशियोँ का कत्ल करते हुये…!!

210:- झूठ ही सही,
एक बार तो कह दो ,
कि तुम भी मुझे याद करते हो….!!! #istillmissyou

211:- जो जले थे हमारे लिऐ,
बुझ रहे है वो सारे दिये,
कुछ अंधेरों की थी साजिशें,
कुछ उजालों ने धोखे दिये..

212:- घर की दहलीज पर बैठी मैं सोच रही क्या हो जो मैं उस पार चली जाऊं अपनी ख़ोज में कहीं अपनो को ना खो जाऊं

213:- आज भी ना आये तुम दिन गुज़रा रात बीती जाने किस सौतन के संग तुम्हरे मन की लाग लगी मैं घर में बैठी हूँ अकेली

214:- I feel really happy when I see you,
because when I look at you and see your smile,
it also makes me have a smile

215:- हर ख्वाब के मुकद्दर मे हकीकत नहीं होती… कुछ ख्वाब जिन्दगी मे…महज ख्वाब ही रह जाते हैं….!!

216:- बड़ी बारीकी से तोडा है उसने दिल का हर कोना.. मुझे तो सच कहुँ उस के हुनर पे नाज़ होता है..

217:- उदास रहता है मोहल्ले में ….. बारिशों का पानी आजकल… ….. सुना है कागज़ की नाव बनाने वाले बच्चे बड़े हो गए…

218:- दिल नही चेहरा देखते है आजकल के लोग हकीकत से नही फरेब से मुहब्बत करते है

219:- आज फिर पल खूबसूरत है,
दिल में बस तेरी ही सूरत है..

220:- लाकर तेरे करीब मुझे दूर कर दिया ,
,
,
तकदीर भी मेरे साथ इक चाल चल गई ,

221:- रंग बेंरंग सा है किसी की जिन्दगी मे (Ur some1 spcl) यहाँ पर रंग भरने वालो थोड़ा रंग अपनी असल जिन्दगी मे भी भर देना

222:- भरो पिचकारियों में पानी ऐसे तीन रंगों का; जो कपड़ो पर गिरे तो हिंदुस्तान बन जाये होली की हार्दिक शुभकामनाएं।

223:- Ħσℓı ıs τнє đαy τσ єxpяєss ℓσνє ωıτн cσℓσяs.Îτ ıs α τıмє τσ sнσω Ⴣєcτıσи Ãℓℓ τнє cσℓσяs τнατ я σи u я σƒ ℓσνє

224:- बरसे गुलाल रंग मोरे आंगनवा…… अपने ही रंग में रंग दे मोहे सजनवा… हो देखो नाचे मोरा मनवा…!

225:- दीदार-ऐ-चैन देकर,
बेचैन कर देती हो। हो तो शबनम,
मगर आग लगा देती हो।।

226:- Love is sweet When it’s new But even sweeter When It’s true

227:- रुठने का हक हैं तुझे,
पर वजह बताया कर खफा होना गलत नहीं,
तू खता बताया कर..

228:- सुरभि खो जाती है… जैसे सूखे गुलाबो से… कुछ यूँ ही विलीन हुये… हम तेरे ख्वाबो से.

229:- इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है…. लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर !!

230:- हर वक़्त मेरी खोज में रहती है तेरी याद,
तूने तो मेरे वजूद की तन्हाई भी छीन ली…!

231:- रोज रोज गिर कर भी मुक्कमल खड़ा हूँ,
ऐ मुश्किलों,
देखो मे तुमसे कितना बड़ा हूँ…

232:- रोज रोज गिर कर भी मुक्कमल खड़ा हूँ,
ऐ मुश्किलों,
देखो मे तुमसे कितना बड़ा हूँ…

233:- रंग बिरंगी तितलियों की बस्तियां हवा में घोले मस्तिया सेमल के फूलों पे छाई लाली सुर्ख लाल गुनगुनाये फागुन की बहार

234:- चंद दाने इश्क़ के उन परिंदों को भी दो भूखा है हर जीव प्यार का इस जग में पहचान इस इंसानियत की उन परिंदोंको भी दो

235:- आज़ाद पंछी बनने का मज़ा ही अलग है.. अपनी शर्तों पर जीने का….नशा ही अलग है ..

236:- शिकायते बयां करना इसलिए मुश्किल होता है की जिसे हम सुनना चाहते हैं वो हमे सुनकर भी बेखबर बना रहता हैं ….!!

237:- क्यू नही महसूस होती उसे मेरी तकलीफ.. जो कहता था “बहोत अच्छे से जनता हूँ तुझे”.. 🙁

238:- ‐ 8 months ago by hotsonu999

239:- अल्फ़ाज़ चुराने की ज़रूरत ही ना पड़ी कभी; तेरे बे-हिसाब ख्यालों ने बे-तहाशा लफ्ज़ दिए।

240:- कैद कर लो ,
अपनी बाहों में,
उम्र भर के लिए ,
कि अपना गुनाह -ए- मोहब्बत ,
कुबूल है मुझे ..!!

241:- सुनो तुम्हारा साथ खरीदने के लिए,
मै रोज़ थोड़ीशी जिदंगी बेच देता हु..,
,

242:- किसी कुम्हार के कच्चे घड़े,
पिघलाने किसी माली की बगिया को दुलारने . जाने किस काम से आई है अबके ये बारिश…|

243:- बस तेरी याद मैं ज़ी रहे है ज़िन्दगी ओर खेल रहे है धुएँ से हर दम।।।।

244:- Watching her laugh,
I realized that that is the only thing I really want for her to be happy..

245:- मुझे उसकी ये मासुम अदा बहुत भाती है,
,
नाराज मुझ से होती है और गुस्सा सबको दिखाती है

246:- कभी कभी ,
,
,
,
,
कितनी बाते कहनी होती है,
जब कोई सुनने वाला नही होता है…

247:- हमने कब माँगा है तुमसे वफाओं का सिलसिला; बस दर्द देते रहा करो,
मोहब्बत बढ़ती जायेगी।

248:- लगता है,
चाँद आज कुछ खफा है मुझसे आसमां में तो आय है लेकिन चांदनी के बिना

249:- कैसे साँस चलेगी कैसे रात कटेगी कैसे जी मै सकूंगी तेरे बिन सजना तेरी जुदाई मुझे रास ना आई लगती दुनिया पराई तेरे बिन

250:- Sang tere raasta Sadiyon ka waasta Phir se jeene ki ek tu hi wajah….

251:- तुम्हारी प्यार भरी निगाहों को हमें कुछ सा गुमान होता है देखो ना मुझे इस कदर मदहोश नज़रों से कि दिल बेईमान होता है

252:- यूँ तो तैरने मे हो गया हूँ माहिर मैं,
फिर भी डूब जाता हूँ अक्सर तुम्हारे ख्यालो मे

253:- मेरे तन से महकती है तेरी खुशबू,
अपनी सांसो से हटाऊ कैसे तेरी इश्क की सजदा की है मैने,
तेरी सूरत से नजरे हटाऊ कैसे

254:- यूँ तो तैरने मे हो गया हूँ माहिर मैं,
फिर भी डूब जाता हूँ अक्सर तुम्हारे ख्यालो मे…

255:- धडकनो को भी रास्ता दे दीजिये जनाब,
आप तो सारे दिल पर कब्जा किये बैठे है

256:- तलाश सिर्फ सुकून कि होती हैं .. नाम रिश्ते का चाहे जो भी हो ..!!

257:- कुछ ख़ास नही ~~~~बस इतनी सी मोहब्बत है तुमसे हर रात का आखिरी ख्याल और हर सुबह की पहली सोच हो तुम

258:- जाने कैसे सुन लेता है? वो अंजान मेरी अनकही बातें यहाँ कुछ लोग समझ ही नहीं पाते मेरी कही हुई बातें

259:- सारा कसूर तेरे बालो से टपकती इन बूंदों का है,
जिसने मेरे ख्वाबों को दरिया बनाये रखा है

260:- तेरी गलियों में फिरना इतना अच्छा लगता है मैं रास्ता याद रखता हूँ ठिकाना भूल जाता हूँ.

261:- शरारत लेके आँखों में वो तेरा देखना तौबा मैं नज़रों पर जमी नज़रें झुकाना भूल जाता हूँ…

262:- पागल यह मत सोच के ज़िन्दगी में कितने पल है ये सोच के हर पल में कितनी जिंदगी है

263:- सारा कसूर तेरे बालो से टपकती इन बूंदों का है,
जिसने मेरे ख्वाबों को दरिया बनाये रखा है

264:- तुम्हारी यादों की खुशबू आती है ऐसे फूल कोई पुराना किताबों में रखा हो जैसे

265:- ज़रूरी काम है लेकिन ..,
,
रोज़ाना भूल जाता हूँ मुझे तुम से मोहब्बत है ..,
,
बताना भूल जाता हूँ

266:- तेरी गलियों में फिरना इतना अच्छा लगता है मैं रास्ता याद रखता हूँ ठिकाना भूल जाता हूँ..

267:- ज़िक्र तेरा मेरी हर एक साँस में हे.. जाने क्या बात हे आपके प्यार में तेरी फ़िक्र मेरी हर धड़कन को हे

268:- किसी रोज़ शाम के वक़्त… सूरज के आराम के वक़्त… मिल जाये साथ तेरा… हाथ में लेके हाथ तेरा…

269:- मायने बहुत है इन आँसूओ के किसी दर्द बहुत देते है..ये आँसू सुनो.. हर बात पर इन आँसूओ से खूबसूरत पलको को भिगोया न करो

270:- सुना है तेरे शहर का मौसम बड़ा सुहाना हो रहा है.. अगर इजाजत हो तो एक शाम चुरानी है !! Missing you..

271:- ज़रा धीरे चल ऐ वक़्त.. अभी मेरी कायनात मेरे साथ है.

272:- मेरी ज़िन्दगी में तेरी याद भी उसी तरह है जैसे सर्दी की चाय में अदरक का स्वाद..☕

273:- तुम्हारी झुकी सी पलको ने रोक रखी हे धडकन हमारी,
अब खुदा जाने क्या हाल होगा जब नजरे मिलेगी तुमसे..

274:- काम के बोझ से तो नहीं बस थक जाता हूँ तुम्हेे सोचते सोचते

275:- उसकी दर्द भरी आँखों ने जिस जगह कहा था अलविदा आज भी वही खड़ा है दिल उसके आने के इंतज़ार में.

276:- अपनी खुशीयां लुटा कर उस पे कुर्बान हो जाऊँ,
काश कुछ दिन उसके शहर में मेहमान हो जाऊँ,

277:- शाख से फूल तोड़कर मैंने ,
सीखा अच्छा होना गुनाह है ,
इस जहाँ में,

278:- जिसने मेरी आँखों की शरारत नहीं देखी,
वो लाख कहें पर… उन्होंने मेरी मोहब्बत नहीं देखी

279:- हमारी तो “ज़िन्दगी” ही तुम हो इसके सिवा और क्या कहूँ मैं…!!

280:- जब हो जाये मेरी “मोहब्बत” पे एतबार..!! तो लौट आना हम आज भी तेरे “इन्तजार” में हैं..!!

281:- न जाने क्यों ये रात उदास कर देती हैं हर रोज..!! महसूस यूँ होता हैं जैसे बिछड़ रहा हैं कोई धीरे धीरे..!!

282:- ‐ 10 months ago by sonu.patel71

283:- रोज़ रौशन कर देती है मुक़दर मेरा… . . रात के अँधेरे में मेरी माँ की लोरियाँ ..

284:- मेरे घर की दर ओ दीवार पर अब आइना नहीं जब जी करता है ख़ुद को तेरी आँखो में देख लेता हूँ!

285:- तेरी रूह का मेरी रूह से निकाह हो गया हैं जैसे…. . तेरे सिवा किसी और का सोचूं तो नाजायज़ सा लगता है

286:- सीने से लगा के सुन वो धड़कन….!!! जो हर पल तुझसे मिलने की ज़िद करती है….!

287:- कुछ रिश्ते अजीब होते हैं,
आलम तो देखिए जोड़े भी नहीं जाते,
तोड़े भी नहीं जाते…!!

288:- हम गए थे उनको मनाने के लिए वो खफा अच्छे लगे तो हमने खफा ही रहने दिया ।

289:- देखी दरार मैंने आज आईने में,
पता नहीं..शीशा टूटा था,
या मैं. . .! ..

290:- आज लफ्जों को मैने शाम की चाय पे बुलाया है बन गयी बात तो ग़ज़ल भी हो सकती है……

291:- तुझे देख के मालूम चला,
प्यार खूबसूरत भी है और हसींन भी है।

292:- प्यार के दो मीठे बोल से खरीद लो मुझे। दौलत की सोचोगे तो पूरी दुनिया बेचनी पड़ेगी तुम्हे। 🙂

293:- “देखो” तो ख्वाब है ज़िन्दगी “पढो” तो किताब है ज़िन्दगी पर हमें लगता है “हंसते” रहो ” तो आसान है जिन्दगी “..

294:- झुकी पलकों में बस इंतज़ार तेरा बंद आँखों में भी अब ख़्वाब तेरा जिंदगी करदी नाम तेरे अब रूह भी तेरी और मन भी तेरा !!

295:- तुम्हारी झुकी सी पलको ने रोक रखी हे धडकन हमारी,
अब खुदा जाने क्या हाल होगा जब नजरे मिलेगी तुमसे..

296:- ख़्वाबों में तो मेरे रोज आती हो.. कभी हक़ीक़त बन कर भी आ ओ.. थोड़ा मुश्किल ज़रूर हे ,
पर नामुमकिन नहि..

297:- चलो इस भीड़ से निकल चले कही दूर.. जहाँ हो सिर्फ़ हम तुम.. सिर्फ़ हमारा एहसास..

298:- The distance between me and happiness is ….. The distance between you and me…

299:- वक़्त के दामन में संजोए थे उन यादों को उन सपनो को एक आस लिए बैठे थे ज़िन्दगी की पलकों में इंतेज़ार लिये तेरा !!

300:- बेसब्र थी ये रूह भी सिमटने को तुझमें पर ये वक़्त की बेरुख़ी का मंज़र ही था हम यादों में सिमट कर बस रह गए !

301:- Zindagi me tho sbhi pyaar kiya krte hain Main tho mar kr bhi meri jaan tujhe chaahunga

302:- Tu milaa hai tho ye ehsaas hua hai mujhko Ye meri umr mohaabat ke liye thodi hai..

303:- bharose pr bna ghar ye muhabbat se hai bas roshan nishaaN na hai kisi gam ke fakat manzar suhana hai.

304:- Nayi ulfat ke rangoN se saja kissa sunana hai bahot seedha bahot sachcha muhabbat ka fasana hai.

305:- Jism ki baat nhi thi uske dil tk jaana tha Lambi duri tay krne me waqt tho lgta hai

306:- जिस में जान है उसको कपडे भी नसीब नहीं जो बेजान है उसकी शान देखो

307:- सांसों के सिलसिले को ना दो ज़िन्दगी का नाम.. जीने के बावजूद भी,
मर जाते हैं कुछ लोग…!!

308:- मेरे नजदीक आ के देख मेरे अहसास की शिद्दत,
ये दिल कितना धड़कता है,
,
तेरा नाम आने पर…!

309:- हमारा वजूद नहीं किसी तलवार और तख़्त-ओ-ताज का मोहताज हम अपने हुनर और होंठो की हंसी से लोगो के दिल पे राज करते हैं..

310:- मैं तो ऐसा हु शायद तुम कुछ ओर समज लियें… जब से आप मिले हमारे तो साये भी फिसल लियें…

311:- ठहरता नही जिन्दगी का सफीना यही इस जहाँ का है अक्सर करीना है बेताब-ओ-बेचैन रहना ही जीना यह हर लहजा करती है मौजे इशारे

312:- दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा..!! और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया..!!

313:- शिकायत है उन्हें कि हमें मोहब्बत करना नही आता,
शिकवा तो इस दिल को भी है …… पर इसे शिकायत करना नहीं आता..

314:- दोड़ती भागती दुनिया का यही तौफा है..,
खूब लुटाते रहे अपनापन फिर भी लोग खफ़ा है…

315:- मैं तो ऐसा हु शायद तुम कुछ ओर समज लियें… जब से आप मिले हमारे तो साये भी फिसल लियें…

316:- दाद देते है तुम्हारे “नजर-अंदाज” करने के हुनर को….!! . जिसने भी सिखाया … उस्ताद कमाल का होगा..!!

317:- सर्द मौसम में बहुत याद आते हैं…. धुंध में लिपटे हुए….वादे तेरे…

318:- उनकी आँखों में लगा है सुरमा ऐसे जैसे चाकू पर लगायी हो धार किसी ने

319:- हाथ में मोबाइल – गिलास लिए बैठे हो ….! . . और पकड़ना ज़िन्दगी को चाहते हो ….!!

320:- नां जाने क्यों तुझे देखने के बाद भी… तुझे ही देखने की तलब रहती है……! ..

321:- संभावनाओं से परे भी देखने की नज़र जुटाइए,
सुबह आज की गजब हसीं है जी भर कर लुत्फ़ उठाइए..!

322:- हमसफ़र कितना ही सच्चा और प्यारा क्यों ना हो..!! . बाबुल के घर से बिछड़ने का दुख एक बेटी ही जान सकती है…!!

323:- खूबसूरत हम नहीं…. यकीं मानो.. तुम्हारा इश्क है…. जो नूर बनकर…. हमारी आँखों से छलकता है….

324:- तुम्हारी प्यार भरी निगाहों को हमें कुछ सा गुमान होता है देखो ना मुझे इस कदर मदहोश नज़रों से कि दिल बेईमान होता है

325:- मेरे तन से महकती है तेरी खुशबू,
अपनी सांसो से हटाऊ कैसे तेरी इश्क की सजदा की है मैने,
तेरी सूरत से नजरे हटाऊ कैसे

326:- तुम मेरी ज़िंदगी में शामिल हो ऐसे,
मंदिर के दरवाज़े पर मन्नत के धागे हों जैसे..!!

327:- तुझे ख़्वाबों में पाकर दिल का क़रार खो ही जाता है,
मैं जितना रोकूँ ख़ुद को तुझसे प्यार हो ही जाता है..

328:- ना जाने कब तुम आ कर हमारे दिल मे बसने लगे,
तुम पहले दोस्त थे,
फिर प्यार,
फिर ना जाने कब ज़िंदगी बन गये !!

329:- आपकी नयी सुबह इतनी सुहानी हो जाये दे जाये इतनी खुशियां…. यह नया दिन कि …. ख़ुशी भी आपकी दीवानी हो जाये !!

330:- कर लेती हूँ बर्दाश्त हर दर्द इसी आस के साथ की खुदा नूर भी बरसाता है आज़माइशों के बाद !!

331:- जीवन में खुशियों की कमी नहीं है दोस्तो….. बस खुशियों को मनाने का अंदाज़ होना चाहिए !!

332:- सादगी अगर हो लफ्जो मे,
यकीन मानो,
प्यार बेपनाह,
और दोस्त बेमिसाल मिल ही जाते हैं !!

333:- ना मंज़िल का पता है,
ना परिणाम का,
फिर भी जिए जा रही हूँ,
उम्मीद किये जा रही हूँ !!

334:- प्यार वो नहीं जो तुम ढूंढ रहे हो,
बल्कि प्यार वो है जो तुम्हें ढूंढ ले !!

335:- क्यूँ शर्मिंदा करते हो ये रस्मी बातें पूछ कर… हाल मेरा वोही है जो तुमने बना रखा है…

336:- तुम जहा हो जेसे हो वेसे ही रहना,
तुम्हे पा ले जरूरी तो नहीं तुम्हारा होना ही काफी है…!!

337:- बेहद हदें पार की थी हमने कभी किसी के लिए,
आज उसी ने सिखा दिया हद में रहना….!!

338:- ज़िन्दगी में सारा झगड़ा ही ख़्वाहिशों का है ना तो किसी को गम चाहिए… ना ही किसी को कम चाहिए..

339:- ज़िन्दगी में सारा झगड़ा ही ख़्वाहिशों का है ना तो किसी को गम चाहिए… ना ही किसी को कम चाहिए..

340:- रिश्ते अहसास के होते है ! अगर अहसास हो तो अजनबी भी अपने होते है और अगर अहसास नही तो अपने भी अजनबी होते है !

341:- फिर सुबह एक नई रोशन हुई फिर उम्मीदें नींद से झांकती मिली वक़्त का पंछी घरोंदे से उड़ा अब कहाँ ले जाए तूफाँ क्या पता

342:- “धूप और छाँव कि पतली लकीर पर खड़ा हूँ – दोनों पार यादें हैं सपने हैं उम्मीदें हैं और है बहता हुआ वक्त भी……!!

343:- अब मैं सबको भाने लगी हूँ परिवार की जान बनने लगी हूँ पापा की अब बन गई हूँ परी दादी की अब बन गई हूँ छड़ी

344:- ये ख़ामोशियाँ भी अजीब रिश्ता निभाती है.,
,
लब अक्सर खुलते हैं ,
पर कभी आवाज़ नहीं आती है

345:- लाखो हसीन है इस दुनिया में तेरी तरह…. क्या करे हम्हे तो तेरी रूह से प्यार है….

346:- तुम अपने ज़ुल्म की इन्तेहा कर दो,
नां जाने____ फिर कोई हम सा बेजुबां मिले ना मिले.…”

347:- अधूरी हसरतों का आज भी इलज़ाम है तुम पर,
अगर तुम चाहते तो ये मोहब्बत ख़त्म ना होती

348:- प्यार हो जाता है करते कौन हैं ? हम तो कर दुंगा प्यार में जान भी कुरबान लेकिन पता तो चले कि हम से प्यार करता कौन हैं.

349:- पर्व है पुरुषार्थ का,
दीप के दिव्यार्थ का,
देहरी पर दीप जगमग एक जलता रहे,
अंधकार से निरंतर युद्ध यह चलता रहे!{ॐ}

350:- दीया अंधकार का नाश करता है,
और अरोग्य तथा धन देता है। सबका कल्याण करने वाले दीये को मेरा प्रणाम।{ॐ}

351:- इन्सान सब कुछ भूल सकता हैं सिवये उन पलों के जब उसे अपनो की ज़रूरत थी और वे साथ नहीँ थे …..

352:- तुम पे गुजरेगी तो तुम भी जान जाओगे….. कोई अपना याद न करे तो कितना दर्द होता हैं …

353:- मेरे हाथों की लकीरों मैं तुम हो ना हो…!! लेकिन जिदंगी भर मेरे दिल में जरूर रहोगे…!! मेरा _प्यार

354:- इतनी सी खता नजर उनसे मिली वो देखा किये हम चुप रहे कोई तो हो रास्ता हम कुछ कहें वो कुछ कहें कैसे जिय इस तरह कैसे सहें

355:- “तू” मुझमेँ पहले भी था “तू ” मुझमें अब भी है ,
पहले मेरे लफ़्ज़ों में था ..अब मेरी खामोशियों में है…”!!

356:- क्या अज़ीब सी जिद्द है.. हम दोनों की,
तेरी मर्ज़ी हमसे जुदा होने की… और हमारी तुम्हारे पीछे बर्बाद होने की।

357:- जो था मेरे कभी मुस्कुराने की वजह..!!! आज उसकी कमी ने मेरी पलको को भिगो दिया..!!

358:- न मेरा नाम था न दाम था बाजारे मोहब्बत मे,
तुमने भाव पूछकर अनमोल कर दिया ||

359:- तलब ऐसी की बसा लूँ साँसों में तुम्हें.. और किस्मत ऐसी की… दीदार के भी मोहताज है….!!

360:- वक़्त मिले तो प्यार की किताब पढ़ लेना,
• • • हर प्यार करने वाले की कहानी अधूरी होती है.

361:- तुम मेरे सपने में आती हो ना तो.. बरसात के मौसम सी झुमती हुई आती हो..

362:- Teri Yaad Mein Beqraar Hai Dil Phir Dhoka Khane Ko Tyaar Hai Dil Ab Yahan Kisi Ka Guzar Nahi Hota In Dino Ik Ujda Hua Dyaar Hai Dil Rota Hai To Ankhon Se Khoon Rista Hai Kisi Ki Mohabbat Mein Giraftar Hai Dil Kuch Deir Teri Yaad Se Gafil Ho Gya Tha Ab To Har Pal Rehta Behdaar Hai Dil Teri Judai Mein Ro-Ro Ke Yeh Haal Hai Ab Asghr Ki Tarah Rehta Beemar Hai Dil

363:- When you love someone,
you don’t keep it..,
you say it and then go on to show it..

364:- नीम की दंडी से दाँतों को कुछ इस्स तरह चमकाया आपने..,
,
हम तो बस अभी अभी सम्भले थे फिर से बहकाया आपने..,
,

365:- कभी ना आये पसंद मेरा साथ तो बता देना …,
,
हम तुमारी खुशी के लीये तुम्ही को गोली मार देगे…,
,
😀 😀

366:- You’re So Much Important To My Life Not Because,
I Enjoy Your Company But I Feel So Much Lonely In Your Absence

367:- हाथो की लकीरों को हम बदलेंगे ईश्क मे तकदीरो को बदल देगे,
,
अगर साथ मीले जो आपका हम आपकी जिदगी बदल देगे.,
,

368:- वो है अपने देखें हो मैने जैसे झूठे सपने किससे कहें सब के सब दुख खुद ही सहें हे अनजानी जीवन की कहानी किसने जानी

369:- आज आया है कोई यूं नज़रों के सामने नज़ारा बनकर,
दिल कहता है हटा ले नज़रें वो कहता हैं देखती रह उम्र भर

370:- Jahan Se Tera Jee Chahey Meri Kitaab-E-Zindagi Parh Le,
,
Safah Chahey Jo Bhi Ho Naam Tera Hi Lekhaa Hoga

371:- Jeene ki khwahish me har roz mrte hain… Wo aaye na aaye hum “intezar” krte hain… Jhutha hi sahi mere yaar ka waada… Hum aaj bhi sach maankar unpar etbaar krte hain…

372:- Riwaaj To Yahi Hai Duniya Ka Mil Jana Bichhar Jana Tum Se Ye Kaisa Rishta Hai Na Miltay ho Na Bichhrtay ho.

373:- Wo Zamana Bhi Ek Zamana Tha,
Jab Kisi Ka Dil Mere Liye deewana Tha,
Meri Kismat Mein Likhi thi Judai Unki,
Unka Ruth Jana To Ek Bahana Tha

374:- Aa neend ka sauda karein Ek khwaab de ek khwaab le Ek khwaab to aankhon mein hai Ek chand ke takiye tale Umrein lagi kehte hue do lafaj the ek baat thi Woh ek din sau saal ka Sau saal ki woh raat thi Kaise lage jo chupchap dono Palpal mein puri sadiyan beetadein

375:- Banane Wale Ne Bhi Tujhe,
Kisi Karan Se Banaya Hoga,
Choda Hoga Jab Zameen Par Tujhe,
Uske Seene Mein Bhi Dard To Aaya Hoga

376:- Riwaaj To Yahi Hai Duniya Ka Mil Jana Bichhar Jana Tum Se Ye Kaisa Rishta Hai Na Miltay ho Na Bichhrtay ho.

377:- Tujhse mila toh jaagi duaayein Aur nazaro ne sajda kiya Jannat zameen par aayi utar ke Khushiyon ne jaise chun sa liya Tere bina mai tanha tha hardam Hothon pe hardam thi tishnagi Maqsad nahi tha,
sapne nahi the Thi zindagi mein aawargi Tu mera rehnuma hai Manzil hai raasta hai mere liye tu to jaise Rab ka hai nazrana Tera Deedar Hua,
pehla sa pyar hua Pehli hi baar hua iss dil ko

378:- •••• •••• •••• •••• मेरी ज़िंदगी मेँ खुशियाँ तुम्हारे बहाने से हैँ.. आधी तुम्हें सताने से है आधी तुम्हें मनाने से है..!!

379:- इतनी लम्बी उम्र की दुआ मत माँग मेरे लिये… ऐसा ना हो कि तू भी छोड दे और मौत भी ना आए..!

380:- Yaad hai,
tujh se baat mein aksar,
saari raat guzar jaati thi .. Lekin phir bhi,
baat adhoori reh jaati thi …!!

381:- Tapakti hai nigah’on sey barasti hai ada’on sey,
,
,
,
Muhabbat kon kehta hai key pehchani nahi’n jati….

382:- Her saans Kay sath Mujhay socha Karo gay tum Apnay hi aks main Dhoonda Karo gay tum Jab yaad aye gi Tum ko wafa meri Phir her shaks ko Chahat se dekha Karo gay tum Aj meri tanhaiyon pey Haas rahay ho na Mujhse bicher kay Isi Baat pey roya Karo gay tum

383:- Tapakti hai nigah’on sey barasti hai ada’on sey,
,
,
,
Muhabbat kon kehta hai key pehchani nahi’n jati….!

384:- मुस्कुराने से शुरू और रुलाने पे खतम…। ये वो जुल्म हैं जिसे लोग मोहब्बत कहते हैं…

385:- Jahan Se Tera Jee Chahey Meri Kitaab-E-Zindagi Parh Le,
,
Safah Chahey Jo Bhi Ho Naam Tera Hi Lekhaa Hoga

386:- Jeene ki khwahish me har roz mrte hain… Wo aaye na aaye hum “intezar” krte hain… Jhutha hi sahi mere yaar ka waada… Hum aaj bhi sach maankar unpar etbaar krte hain…

387:- Aankh jab tak sach na kehna seekh le .. tu mohabbat se mujhe dekha na kar …!

388:- Bin Tere Koi Bhi Din Raat Na Jaane Mere,
Tu Kahan Hai Aye Dost Purane Mere,
. Aaj Ek Aur Baras Beet Gaya Us Ke Bagair,
Jiske Hote Hue Hote The Zamane Mere,
. Kash Tu Bhi Meri Awaz Sunta Ho,
Phir Pukara Hai Tujhe Dil ki Sada Ne Mere,
. Kash Tu Bhi Kabhi Aa Jaye Mera Haal Dekhne,
Log Aate Hain Bahut Dil ko Dukhane Mere,
. Charagar Yun To Bahut Hai Magar Aye Dost,
Bin Tere Koi Aur Zakham Na Jaane Mere…

389:- आँखों मे आँसुओं की लकीर बन गई,
जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गई,
हमने तो सिर्फ रेत में उँगलियाँ घुमाई थीं,
गौर से देखा तो आप की तस्वीर बन गई

390:- Sehmi Si Nigahon Mein Khwaab Hum Jaga Denge,
Sooni In Raho Pe Phool Hum Khila Denge,
Hamare Sang Muskura Ke To Dekhiye,
Hum Aapko Har Gham Bhulwa Denge.

391:- Kyon Uski Hasi Se Mujhe Ab Farak Padne Laga Hai,
Kyon Uska Sath Chhut Na Jaye Ye Soch Dil Darne Laga Hai,
Mohabbat Nhi Uss Se Ye Koi Aur Rishta Ban Gya Hai,
Uska Pyaar Ab Dil Main Dhere-Dhere Aur Jyada Badh Raha Hai.

392:- Yaadon me hamari wo bhi khoye honge,
Khuli aankhon se kabhi wo bhi soye honge,
Maana hasna hai ada gam chhupane ki,
Par haste-haste kabhi wo bhi roye honge..!

393:- Ek din dosti par ek kitab likhenge,
Dosto ke sath gujri har baat likhenge,
Jab batana ho ke dost kaise hote hain,
Tumhe soch-soch kar har baat likhenge.

394:- Saza Katne Ke Baad Bhi Mujhe Rihaai Na Mili,
Dhoke,
Fareb Mile Duniya Mai,
Sachchai Na Mili… Sab Ko Maloom Tha Meri Begunahi Ka,
Mujhe Safai Ke Liye Koi Gawahi Na Mili… Jab DiL Ghabraya Duniya Ke Shor-o-Ghul Se,
Bohat Talaash Ki Magar Kahin Tanhai Na Mili… Kaise Basar Karte Hain Zindagi Wo Log,
Jin Ko Duniya Dekhne Ke Liye Bhi Na Mili… Jis Se Wafa Karte The Apna Samajh Kar,
Usse Bhi Ilzaam Mila Koi Achchai Na Mili…!

395:- Toot Jaate Hai Sabhi Rishte Magar,
Dil Se Dil Ka Rishta Apni Jagah Hai,
Dil Ko Hai Tujh Se Na Milne Ka Yakeen,
par Tujhse Milne Ki Dua Apni Jagah Hai…

396:- Sath Chalne Ko Chali Thi Saari Duniya Mere Sath,
Lekin Meri Manzil Tak Ka Sathi Sirf Mera Saaya Nikla

397:- Baarish Ki Bondon Mein Jhalakti Hai Us Ki Tasveer Aaj Phir Bheeg Bethi Usse Pane Ki Chahat Mein

398:- Rone Se Kisi Ko Paya Nahi Jata…. Khone se Kisi Ko Bhulaya Nahi Jata… . . Kyunki . . Waqt Toh Sabhi ko Milta Hai,
Zindagi Badalaney Ke Liye.. . . Lekin Beeta Hua Waqt,
Kabhi Wapis Laya Nahi Jata..

399:- Jahan Zulf Bhikhregi Barsaat Hogi,
Jahan Tum Rukoge Wahin Raat Hogi,
Tere Aage Peeche Badi Roshni Hai,
Yakeenan Sitaron Ki Baraat Hogi.

400:- Ek Baat Bolu .. life me ek Aisa samay ata h Jab hame kuch bhi acha nhi lgta. Sab kuch boring sa lgta hai.. Hum apne hi khayalo me Khoye rehte hai..

401:- Ek raat wo mile khwab me,
. . hmne pucha kyo thukraya apne,
. . . jb dekha to unki ankho me bhi ansu the,
. . . phir kaise puchte kyo rulaya apne…..???

402:- After a fight !! Don’t want 2 talk But,
Still You check Your Mobile to know… If You have missed call or message…!!! That’s The Hope of “True Love” Luv is when u say I HATE U… I HATE U… And your partner smiles.. n keeps on saying “You cant…i bet…You cant..”♥ Luv is when u want to hate that person… but unknowingly u start loving that person..♥ Luv is wen u send a goodnight message n can’t sleep til your partner’s reply comes.. ツ ♥ This is true Love.. And,
after reading this message.. The person who comes first in your mind that is your love..

403:- Had Se Jyada Khushi Or Had Se Jyada Gum Kbhi Kisi Ko Mt Btana… — Kyu Ki — Duniya Had Se Jyada Khushi Pr Nazar,
Or Gum Pr Namak Lgati Hai

404:- Kuch Or Sochne Ki Zaroorat Nahi Mujhe,
Tere Siva Kisi Se Mohabbat Nahi Mujhe…!! Tu Hi Rehta Hai Hmesha Mere Dil Or Dimag Me,
Jise Pyaar Kru Use Bhool Jane Ki Aadat Nahi Muje..!!! Teri Yaad Aati Hai To Aankh Bhar Hi Aati Hai,
Varna Her Bat Par Yun Rone Ki Aadat Nahi Mujhe..!!! Kise Sunau Jakar Mai Haal Apne Dil Ka..? Tune To Keh Diya Fursat Nahi Mujhe..!!!

405:- Ek baar to Mujhe seene se laga le,
Apne Dil ke bhi Sare Armaan saja le,
Kabse hai Tadap tujhe apna banane ki,
Aj toh Mauka hai Mujhe Apne pass Bula le.

406:- ख्वाहिश तो थी मिलने की… पर कभी कोशिश नहीं की… सोचा के जब खुदा माना है उसको.. तो बिन देखे ही पूजेंगे..!!!

407:- Badi mushkil se bane hu toot jane ke baad,
Mai aaj bhi ro deti hu muskurane ke baad,
Tujhse mohabbat thi mujhe beintiha,
Lekin aksar ye mehsus hua tere jane ke baad,
Ab tak dhundh rahe hu apne andar ke us shaks ko,
Jo nazar se kho gaya hai nazar aane ke baad.

408:- Na wo aa sake,
na hum kabhi ja sake,
Na dard dil ka kisi ko suna sake,
Bus khamosh baithe hain unki yaado me,
Na usne yaad kiya na hum use bhula sake

409:- Mere Pyar Ka Hisab Jo Lagaogi… Toh Mere Pyar Ko Behisab Paogi… Paani Ke Bulbule Sa Hai Mera Pyar… Zara Si Thes Lagi To Dhundhte Reh Jaogi… Luv Uh Swthrt..

410:- Ek ajnabi se mujhe itna pyaar kyu hai,
Inkar karne par chahat ka ikraar kyu hai,
Use pana nahi meri taqdeer mein shayad,
Phir har mod pe usi ka intezar kyon hai.

411:- Ay Zindagi Khatm Kar Ab Yeh Yadoon Ke Silsile!!!! Main Thak Si Gayi Hoon Dil Ko Tasaliyaan Detay Detay !!!

412:- Ajeeb rang ka mausam chala hai kuch din se,
Nazar pe bojh hai aur dil khafa hai kuch din se,
Woh aur tha jise tu jaanta tha barso se,
Main aur hoon jise tu mil raha hai kuch din se.

413:- Shaan Se Pyar Ka Izhar Karenge,
Teri Mohabbat Pe Jaan Bhi Nisar Karenge,
Dekh K Jalegi Duniya Saari,
Is Kadar Tujhpe Aitbaar Karenge,
Denge Salaami Sab Humko,
Jab Pyar Ko Hum Bayaan Karenge,
Daulat Aur Shaurat Ka Kya Hai Kaam,
Teri Khushi Mein Khudko Nichaawar Karenge,
Har Ghadi Ho Bus Tera Deedar,
Waqt Se Hum Yahi Iltijaa Karenge,
Saaye Ki Tarah Tujhse Liptey Rahenge,
Duniya Ki Buri Nazar Se Tujhe Bachaya Karenge…

414:- Tere Pyar Me Do Pal Ki Zindgi Bahut Hai .. Ek Pal Ki Hansi.. Aur Ek Pal Ki Kushi Bahut Hai.. Ye Dunia Mujhe Jane Ya Na Jane.. Teri Ankhe Muje Pehchane Yahi Bahut Hai ..

415:- आज अम्बर में बादल छाए है बारिश के कुछ आसार लग रहे हैं हो जाए तो बहुत अच्छा है वरना पंखे कूलर भी अब अंगार लग रहे हैं पसीने से तर कपडे और यह मच्छर उसपे लाइट के कट बार बार लग रहे हैं कितने अच्छे होते हैं वो सर्दी के दिन यह दिन सचमुच कितने बेकार लग रहे ह

416:- Mujhe Har Baat Pe Youn Ladna Accha Nahi Lagta… (Accha Lagta Hai Ladne Ke Baad Tera Pyar Jatana) . Aansu Apni Aankh Ka Girane Me Taklif Hoti Hai … (Magar Accha Lagta Hai Tera Mujhe Rota Dekh Gale Se Lagana…) . Bhool Karne Ki Meri Aadat Toh Nahi ..Galti Karta Hu Kyu Ki… (Accha Lagta Hai Tera Har Baat Pe Mujhe Samjhana…) . Mera Dil Nahi Karta Ki Teri Baate Na Maanu .. Magar Kya Karu… (Accha Lagta Hai .. Tera Gusse Me Mujhpe Hak Jatana.

417:- Main kyu pukaru use ki lout aao,
Kya use khaber nahi Ki kuchh nhi mere pas uske siwaye..

418:- Hum kisi ke liye special sirf tab tak hai,
jab tak hmari jagah unhe koi dusra ni mil jata..!

419:- Tujhe yaad karte hain har saans ke baad,
Kabhi subha se pehle kabhi shaam ke baad,
Kabhi milo toh kuch karein baatein,
Ek jaam se pehle ek jaam ke baad,
Dil ki deewaron pe tera naam likhte hain ,
Kabhi fursat main kabhi kaam ke baad,
mere marne ke baad bhi log tujhe pukarain ge,
Kabhi mere naam se pehle kabhi mere naam ke baad.

420:- Chehre Pe Mere Zulf Ko Phailao Kisi Din,
Kya Roz Garajate Ho Baras Jao Kisi Din,
Khushbu Ki Tarah Guzro Mere Dil Ki Gali Se,
Phoolon Ki Tarah Mujh Pe Bikhar Jao Kisi Din.

421:- Ek meri hi Nazar ho unpe hmesha…!! Or koi nazar unka didaar na Kare…!! ho meri mohabbt ki siddat itni gehri…!! ke wo bhool se bhi Kisi or se pyar na kre…!!

422:- बहुत खुबसुरत है। आँखे तुम्हारी इन्हे बना दो किस्मत हमारी,
,
हमेँ नही चाहिए जामानेँ की खुशियाँ अगर मिल जाऐ मोहब्बत तुम्हारी,
,
,

423:- बात तो सिर्फ जज़्बातों की है वरना मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती..!!

424:- Kitne Masoom Hote Hai Yeh Ankhon Ke Ansun bhi…!! | Yeh Nikalte bhi Un Ke Liye Hain Jinhe inki Parwah tak nhi hoti..!

425:- Kismat aur pyaar sath sath nahi chalate | jo log kismat me hote hai,
| un se kabhi pyaar nahi hota | aur jin se pyaar hota hai,
wo kismat me hee nahi hote..

426:- Zara Sahil Pe Aa Kar Wo Jo Thora Muskura Deti… Bhanwar Ghabra Ke Khud Mujh ko Kinare Par Laga Deta… . Wo Na Aati Magar Itna to Keh Deti Main Aaongi… Sitare…Chand…Sara Aasmaan…Raah Main Bicha Deta… . Khabar Hoti Agar Ye Jaal Hai Qismat Ki Sazish Ka… Lakeerain Apne Hathon Ki Usi Lamhe Mita Deta… . Saagar hota to Tera Naam Sab Patton Pe Likh-Likh Kar… Tumhare Sehar Ki Sab Hawaaon Main Uraa Deta…

427:- Ab kisi aur se mohabbat karlu to shikayat mat karna .. yeh buri adat bhi mujhe tumse hi lagi hai …

428:- Aaj kuch kami si hai tere Baghair,
Na rang na roshni hai Tere Baghair,
Waqt apni raftar se chal raha hai,
Bas dharkan thami si hai Tere Baghair,
Na barish hai na dhuaan,
Phir bhi dil mein tapish si hai Tere Baghair,
Buhat roka hai badal ko barasne se,
Phir bhi aankhon mein nami si hai Tere Baghair….

429:- खुद को इतना भी बचाया न करो हो बारिश तो भीग जाया करो चाँद लाकर कोई नहीं देगा अपने चेहरे को जगमगाया करो काम लो कुछ हसीं होठों से बातों बातों में मुस्कुराया करो धूप मायूस लौट जाती है छत पर कपड़े सुखाने आया करो कौन कहता है दिल मिलाने को कम से कम हाथ मिलाया करो

430:- Dil Main Jagah di toh Dil Tod Gaye,
Bepanah Mohabbat ki toh Bewafai kar Gaye,
Taras Na Aaya Unhe Hamari Wafaon pe,
Isliye Tadapne ke liye Tanha Chhod Gaye..!!

431:- Small sentence with a Great meaning. ! 4 evrything in Life. ” Jo apna hai,
” wo kahin jayega nahi ” aur jo chala gaya ,
” wo kabhi apna tha hi nhi . . .

432:- Aaj Wo phir Hume Yaad Aa Rahe He | Reh Rehkar Hume Sata Rahe Hai | Kehte The Hamesha Haste Rehna Tum | Or Khud Hi Apni Yaad Me Hume Rula Rahe Hai

433:- Haa ye sach hai k mujhe tumse Mohabbat hai,
,
Ye bhi sach hai k main tumhari chahat hun.. Par meri zindagi me chahato ki kami to nhi… Rishte or bhi hai ek sirf tum hi to nhi..” Apni zaat k is pehlu se ajj milwaaon tumhe..?? Main kya hun,
kaise hun batlaaon tumhe..?? Apni Maa ki tarbiyat hun main,
Izzat hon apne Papa ki,
Maan hun apne bhai ka,
Nishaan hun apni behno ki parchai ki,
To behak jaaon main yeh kabhi mumkin hi nhi… Ke Dil woh sab bhi to rakhte hai,
ek tum hi to nhi..

434:- Apna To Chahaton Me ,
Bas Yahi Usool Hai .. ” Jab Tu Kubool Hai ” Toh ” Tera Sab Kuch Kubool Hai ” | |

435:- Muskan Ban Jata Hai Koi,
Dil Ki Dhadkan Ban Jata Hai Koi,
Kaise Jiye Ek Pal Bhi Un Ke Bin,
Jab Zindgi Jeene Ki Wajah Ban Jata Hai Koi,

436:- Jo Safar Ki Shurwat Karte Hain Wo hi Manzil Ko Paar Karte Hain Bas ek Baar Chalne Ka Housla Rakhiye Achchhe insano Ka To Raste Bhi intazar Karte

437:- Khamosh jazbay bhi hotay hai,
in ko bata dena zaroori to nahi,
hum tumhay aghar chahtay bhi hai,
tum ko dil ki baat bataye yeh zaroori to nahi,
kuch baatay ankahi hi achi hai,
abh har raaz faash kartay chalay yeh zaroori to nahi,
dil ki baatay to ankhou se bhi ki jaati hai,
har baat labhou se ada ho yeh zaroori to nahi…

438:- Is Behte Dard Ko Mat Roko Ye To Saza Hai Kisi Ke Intezaar Ki Log Inhe Aansu Kahe Ya Deewangi Par Ye To Nishani Hain Kisi Ke Pyar Ki…

439:- Humein aap ki jaan nahi sirf saath chahiye,
Sacche ishq ka sirf ek ehsaas chahiye,
Jaan toh ek pal mein di jaa sakti hain,
Pr hume apki mohabbat aakhri sans tk chahiye.

440:- Dil ka rishta hai hamara Dil ke kone mein naam hai tumhara Har yaad main hai chehra tumhara Hum saath nahi to kya hua Zindgai bhar pyar nibhane ka wada hai hamara Hum aap ko kabhi khoney nahin denge,
Juda hona chaha to bhi hone nahin denge,
Chandni raton mein aye gi meri yaad,
Meri yaad ke woh pal aap ko sone nahin denge.

441:- Mere Wajood Mein Wafaa Ki Roshni Utaar Dey,
Phir Itna Pyar Dey Ke Mujhey Chahaton Se Maar Dey,
Bohat Udaas Hoon.. So Main Tere Paas Aa Gayi,
Kuch Aisi Baat Ker Jo Dil Ko Chain-O-Qaraar Dey,
Suna Hai Teri Ek Nazar Sanwaarti Hai Zindagi,
Jo Ho Sakey To Aaj Meri Zindagi Sanwar Dey!

442:- Meri mohabbat ko tum chipa na sakoge | Tum kisi ko mujse jyada chah na sakoge | Dil aaj bhi dhadkta hoga mera zikr hone par | Tum aise hi mujh ko bhula

443:- Thodi Si Khushi ki Chah Krte Hai. — – Bas Ek Chhoti Si Fariyad Krte Hai. — – Aaj Fir Bethe Hai 1 Hichki K Intezar Mai…. — – Zra Pta To Chle Aap Hme kb yad Krte Hai

444:- Hum Aap Ki Har Cheez Se Pyar Kar Lenge ApKi Har Baat Par Aitbaar Kar Lenge Bas Ek Bar Keh Do Ki Tum Sirf Mere Ho Hum Zindagi Bhar AapKa Intezar Kar Lenge…..

445:- kuch log apna pyaar ko rula dete hain,
pyar kitna bhi anmol ho to gulab se sikho ,
jo khud tutkar do dilon ko mila deta hai…..

446:- Wo Mohabbat jo tumhare Dil mein hai,
Usey Zuban par lao aur bayan kar do,
Aaj bas tum kaho aur kahte hi jao,
Hum bas sune aise Be-Zuban kar do.

447:- Baat hum nahi to kya Nazar karti hai,
Ye baat ki Nazar jubaan se jyada asar karti hai,
Hairan na hona ki Naam nahi tera Labon pe hamare,
Teri Yadein to hamari “RUH” me basar karti hai.

448:- Mulakat maut ki mehman ban gayi hai Nazar ki duniya veeran ban gayi hai Meri sans bhi ab meri nahi rahi Ye zindagi aapki mohabbat par kurban ho gayi hai

449:- Jee Bhar K Dekhoon Tujhe Agar Tujhko Gawara Ho,
,
Betaab Meri Nazrain Hoon Or Pyar Tumhara Ho.. Jaan Ki Fikar Ho Na Zamaney Ki Parwa,
,
Ek Tera Pyar Ho Aur Tu Sirf Humhara Ho

450:- Suna Hai Koi Aur Bhi Chahne Laga Hai Tumhe,
HuM Se Badh Kar Agar Chahe To Usi Ki Ho Jana…!

451:- Na jaane kya masoomiyat hai tere chehre mein… tujhe saamne se zyada chupp kar dekhna acha lagta hai….!

452:- Raat Din Rulata Hai Intezar Tera;l Kat Gayi Umar Lekin Kam Na Hua Pyaar Tera; Ab To Aa Jao Ke Bahut Udas Hai Yeh Dil; Sanson Kee Hi Tarha Lazmi Hai Deedar Tera!

453:- Udas Naa Ho Kyonki Mai Saath Hoon,
Samne Naa Sahi Par Aas Pass Hoon,
Bus Dil Se Yaad Karna Mai Koi Aur Nahi,
Bus Pyari Si Dosti Ka Ehsaas Hoon.

454:- Zindagi Ka Har Zakham Uski Meharbani Hai; Meri Zindagi To Ek Adhuri Kahani Hai; Chahte To Mita Dete Har Dard Ko; Magar Yeh Dard Hi To Uski Aakhri Nishani Hai!

455:- Teri Talaash Mein Nikloon Bhi To Kya Faayda,
Tu Badal Gaya Hai,
Khoya Hota To Alag Baat Thi .

456:- saath na rehne se Rishte nahi tuta karte Waqt ke hath se Lamhe nahi chhuta karte Log kehte hain mera Sapna toot gaya… Toot ti neend hai Sapne nahi toota karte

457:- Tu be-misaal hai,
teri kya misaal doon Aasmaan se aayi hai,
yehi keh ke taal doon Phir bhi koi jo pooche,
kya hai tu kaisi hai Hathon me rang leke,
hawaa me uchaal doon

458:- usse ek baar dekha hai baar baar dekhna chahungga. usse milkar bhi apni beintaha mohobat ka ishar na kar payungga. shayad usse pyar karta hu ye tak na kaihai payu. par khuda ki kasam na usse paihaile kisi ko ko chaha na uske baad kisi ko chahungga.

459:- Kabhi hansii labon par,
kabhi ankhon me nami si hai,
Meri zindagi me,
ek teri hi kami si hai.

460:- Na Jane Ye Najre Kyu Udas Rehti Hai,
Na Jane Ise Kiski Talash Rehti Hai,
Ye Jankar Bhi Ki Wo Kismat Me Nahi Hai,
Fir Bhi kyu Unhe Pane Ki Aas Rehti Hai.

461:- Saari umar tum ko pyar mile | Jo dil mai hai wo hazar baar mile | Bichar jate hai milne ke bad bhi kuch log | Jo kbhi na bichre aisa tumko yar mile….!!

462:- मेरे दिल से उसकी हर गलती माफ़ हो जाती है.. जब वो मुस्कुरा के पूछती है नाराज हो क्या.?

463:- Jisne kabhi chahton ka paigaam likha tha,
Jisne apna sab kuch mere naam likha tha,
Suna hai aaj use mere zikr se bhi nafrat hai,
Jisne kabhi apne dil par mera naam likha tha.

464:- Koun Kaheta hai tumse Judai hogi. ye afwahein kisi aur ne faiylayee hogi shan se rahein ge tumahre dil mein hum itne dinoun mein hum ne kuch to jagah banaee hogi.

465:- Ankhen to pyar me dilki zuban hoti hai,
sachi chahat to sada bezuban hoti hai,
pyar mai dard bhi mile to kya gabrana,
suna hai dard se chahat aur jawan hoti hai….

466:- Har gum ki dawaa nahi hoti,
kya hota jo dua nahi hoti,
Be-khauff log tod dete hai dil,
ye soch kar ki is jurm ki koi sazza nahi hoti….

467:- उनकी चाल ही काफी थी इस दिल के होश उड़ाने के लिए. अब तो हद हो गई जब से वो पाँव में पायल पहनने लगे !

468:- Kuchh cheeze hum purani chhod aaye hain,
Aate aate uski aankho me paani chhod aaye hain,
Ye aisa dard hai jo bayaa ho hi nahi sakta… Dil to saath le aaye dhadkan chhod aaye hain…!! Azhar

469:- Jee chahta hain tum se pyari si baat ho,
Haseen chand tare ho,
lambi si raat ho,
Fir raat bhar yhi guftagu rakhe hum dono Tum meri zindagi ho,
tum meri kayinat ho.

470:- Hamari rooh me na samaye hote to bhool jate tumhe Itna kareeb na aaye hote to bhool jate tumhe.,
Ye kahtey hue ki mera talluk nahin tumse koyi,
Ankhon mein aansu na aaye hote to bhul jate tumhe.

471:- Meri zindagi mujhe yeh bata,
Mujhe bhul kr tujhe kya mila.? Meri hasrato ka hisaab de,
Dil tor kar tujhe kya mila….? Tere chaar din ke pyaar se,
Mujhe umar bhar ka gum mila Main toot kar bikhar gaya,
Mujhe tor kr tujhe kya mila..??

472:- Roz tera intezar hota hain,
Roz yeh dil be-qarar hota hai Kash ke tum samajh sakte ki Chup rehne walo ko bhi Kisi se pyaar hota hain…!!!

473:- Tare asman me chamkte hain Badal itni dur hai fir bhi barste hain Hum bhi kitne nadan hain Aap dil me rehte hain or hum apse milne ko tarste hai…

474:- Zaruri to nahi ke insan pyar ki murat ho,
Zaruri to nhi ki insan achha or khubsurat ho Par sab se sundar woh insan hain,
Jo aapke sath ho jab aapko uski zarurat ho..!

475:- Hum Kitne Bewafa Hain Ke Ek Dum Unke Dil Se Nikal Gaye. . . Un Main Kitni Wafa Thi Ki Aaj Tak Mere Dil Se Nahi nikle…!!

476:- Hum Aap Ki Har Cheez Se Pyar Kar Lenge,
ApKi Har Baat Par Aitbaar Kar Lenge.. Bas Ek Bar Keh Do Ki Tum Sirf Mere Ho,
Hum Zindagi Bhar AapKa Intezar Kar Lenge..!!

477:- Apni pyari Ankhon Main Chupalo Mujhko” Muhabbat tm Se He Churalo Mujhko” Dhoop Ho Ya Sehra Tera Sath Chalenge Hum” Yaqeen NA Ho To Azmalo Mujhko” Tere Her Dukh Ko Seh Lenge Hans K Hum” Apne Wajood Ki Chadar Bana Lo Mujh Ko” Zindagi Bhi Tere Naam Kardi Maine” Bas Chand Lamhe Seeny Se Laga Lo Mujhko…

478:- Badnam Zamane Main Mohabat Nhi Karte,
Dil-Wale To Dushman Se Bhi Nafrat Nhi Karte. . Ek Baar Jise Chaha Sada Us Ke Rahein Phir,
Hum Log Amanat Main Kayanat Nhi Karte,
. Tanhai Main Kar Lete Hain Yaad Aansu Baha Kar,
Zahir Kabhi Hum Apni Ibadat Nhi Karte. . Waqt Aane Par Maloom Ho Jaaye Ga Tum Ko,
Hum Sirf Dikhawe Ki Mohabbat Nhi Karte. . Likhte Hain Bus Ek Tumhare Liye Ghazlain,
Har Shaks Par Hum Yunhi Inayat Nhi Karte

479:- कोई वादा नही फिर भी प्यार है जुदाई के बावजुद भी तुझपे अघिकार है तेरे चेहरे की उदासी दे रही है गवाही मुझसे मिलने को तू भी बेकरार है “

480:- Wo Mohabbtein Jo Tumare Dil Mein Hai ,
Usse Zubaan Par Lao Aur Bayan Kar Do .. Aaj Bas Tum Kaho Aur Kehte Hi Jao ,
Hum Bas Sunein Aisa Be-Zuban Kar Do .. Aa Jao Ke Aisa Toot Kar Chahoon Tumhein ,
Humari Mohabbat Ko Mohabbat Ka Nishan Kar Do .. Apne Dil Mein Is Tarha Chupa Lo Mujh Ko ,
Rahon Humesha Is Me Isse Mera Jahan Kar Do…

481:- Badnam Zamane Main Mohabat Nhi Karte,
Dil-Wale To Dushman Se Bhi Nafrat Nhi Karte. . Ek Baar Jise Chaha Sada Us Ke Rahein Phir,
Hum Log Amanat Main Kayanat Nhi Karte,
. Tanhai Main Kar Lete Hain Yaad Aansu Baha Kar,
Zahir Kabhi Hum Apni Ibadat Nhi Karte. . Waqt Aane Par Maloom Ho Jaaye Ga Tum Ko,
Hum Sirf Dikhawe Ki Mohabbat Nhi Karte. . Likhte Hain Bus Ek Tumhare Liye Ghazlain,
Har Shaks Par Hum Yunhi Inayat Nhi Karte

482:- Zindagi tere bin aduri hai,
Na jane kyu tere mere bich ye doori hai,
Sochte hai bhula de tujhe par,
Teri ek muskaan meri kamjori hai

483:- Maangna bhool naa jaaun…. Tumhe har ‘namaaz’ ke baad… Isliye_ Tumharaa naam ab se… Duaa rakh diya hai…

484:- Apni pyari Ankhon Main Chupalo Mujhko” Muhabbat tm Se He Churalo Mujhko” Dhoop Ho Ya Sehra Tera Sath Chalenge Hum” Yaqeen NA Ho To Azmalo Mujhko” Tere Her Dukh Ko Seh Lenge Hans K Hum” Apne Wajood Ki Chadar Bana Lo Mujh Ko” Zindagi Bhi Tere Naam Kardi Maine” Bas Chand Lamhe Seeny Se Laga Lo Mujhko…

485:- True lines…. Kisi se shirf utna hi door hona,
Ki use apki ahmiyt ka ehsas ho jye. Lekin kbhi itna bhi dur mt hona,
Ki vo apke bina jena sekh le.

486:- Aaj Usne Ek Baat Keh Ke Mujhe Rula Diya.. . Jab Dard Bardaasht Nahi Kar Sakte To Mohabbat Kyo Ki… ?

487:- Mohabbat ki daastan Sunane Aaye hain,
Tabaah krne k bad wo Pyar jatane Aaye hai Aansu pochh liye the Humne kab ke Magar wo fir se aaj hume Rulane Aaye hai….

488:- LavZ…alfaaZ…kaagaZ ya kitaab Kha kha rakhe hum_ Tumhari yaadon ka hisab

489:- टूटे हुए दिल को,
संभलने की ….आस क्या रखिये कितना खोया है ज़िंदगी में …. हिसाब क्या रखिये चेहरे पे ग़म बिठा कर क्या मिलेगा दोस्तो,
अपने अज़ाब अपने हैं,
औरों को ….उदास क्या रखिये

490:- Kitna bhi chaho na bhool paoge hume Jitni door jaoge nazdeek paoge hume…………!!! Mita sakte ho toh mita do yaade meri Magar kya sanso se juda kar paoge hume…..

491:- Zindgi Haseen Hai Zindgi Se Pyar Karo,
!Hai Andhera To Kya,
Ujale Ka Intezar Karo,
!Wo Pal Bhi Ayega Jiska Intzar Hai Apko,
!Rab Par Bhrosa Or Waqt Par Aitbar Karo,

492:- Laafzo me kya taarif karun aapki,
aap lafzo me kaise sama paaoge,
jab log hamare baare me puchenege,
meri aankho me jaanemaan sirf tum nazar aaoge.

493:- Tum ko to JÄÄN se pyara bana liya DIL ka sukon ankh ka TÄRÄ bana liya Ab tum sath do ya na do ye tumhri MÄRZI Hum ne to tumhe zindgi ka SÄHÄRÄ bana liya..

494:- Ek haseen pal ki zaroorat hai hame. Beete hue kal ki zarurat h hume. Sara jamana ruth gaya humse. Jo kabhi na ruthe aise dost ki zarurat hai hume.

495:- “DEEP” Jalte jagmgate rahain,
Aap hum ko hum aap ko “YAAD” atey rahain Jab tak zindgi hai “DUA” hai hamari,
Aap “PHOOLON” ki tarha muskrate rahain.!!

496:- Nashili aankho se wo jab hamein dekhte hain,
hum ghabraakar ankhen jhuka leite hain,
kaun milaye unn ankhon se ankhen,
suna hai wo ankho se apna bana leite hai.

497:- Saari umar tum ko pyar mile | Jo dil mai hai wo hazar baar mile | Bichar jate hai milne ke bad bhi kuch log | Jo kbhi na bichre aisa tumko pyar mile..

498:- कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था सुना हैं आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था

499:- Wafa Ki Aag Mein Jo Khud Ko Jala Deta,
Unse Mohabbat Ka Main Rishta Nibha Deta,
Aaj Agar Unki Galiyon Mein Jata Toh,
Unki Yaadon Ko Aakhir Jawaab Kya Deta,
Khanzar Utarti Thi Tanhai Jis Dil Mein,
Agar Mujhe Kehte Haan,
Toh Khud Ko Mita Deta,
Banzar Padi Hai Mohabbat Ki Dharti Bhi,
Eh Sanam,
Kash Chale Jaane Ke Baad,
Unko Bhula Deta,
Bewafa Ne Agar Ek Moka Diya Hota,
Zamaane Ko Bhi Main Mohabbat Sikha Deta

500:- Jab koi khayal dil se takrata hai dil na chah kar bhi khamosh reh jata hai,
koi sab kuch keh kar pyar jatata hai,
toh koi kuch na keh kar pyar nibhata hai….

501:- Tanhayi mere dil mein samati chali gayi Kismat bhi apna khel dikhati chali gayi,
Mehkti fiza ki khusbu me jo deka pyar ko Bas yaad unki aayi aur rulati chali gayi…

502:- Saath na rehne se Rishte nahi tuta karte Waqt ke hath se Lamhe nahi chhuta karte Log kehte hain mera Sapna toot gaya… Toot ti neend hai Sapne nahi toota karte

503:- अगर बिकी तेरी दोस्ती… तो पहले ख़रीददार हम होंगे..! तुझे ख़बर न होगी तेरी क़ीमत .. पर तुझे पाकर सबसे अमीर हम होंगे..!! दोस्त साथ हो तो रोने में भी शान है.. दोस्त ना हो तो महफिल भी शमशान है! सारा खेल दोस्ती का है ऐ मेरे दोस्त,
वरना जनाजा और बारात एक ही समान है !!

504:- Sabhi Tareef karty hain Meri shayri ki lekin………. Kabhi koi nai sunta mere alfaz ki siski……………. —

505:- Pyar “INSAN” Se Karo Uski “Aadat” Se Nahi… “Rutho” Unki “Baato” Se Magar Unse Nahi… . “Bhoolo” Unki “Galtiya” Par Unhe Nahi.. Kyuki “Rishto” Se Badhkar Kuch Bhi Nahi .

506:- Ek pal ki judai gawara na ..kar sake Aisa ishq hum dobara na ..kar sake Zindagi bhar palat ke naa dekha kabhi Hum fir v shikwa tumhara naa ..kar sake Tune toh har kisi se dil laga ke dekha Magr hum apne dil ko awara na ..kar sake Jaan tak luta di un ke pyar mein magar Ek “Dil” hi woh apna humara naa ..kar sake

507:- Zamane mein aise bhi naadan hote hain.. apni kashti le jaate hain jahan toofaan hote hain… Kyon basaate ho unko dil mein ?.. jo dil ki basti mein chand dinon ke mehmaan hote hain …!!

508:- Koi hain jiska is dil ko intzaar hain,
Khyalo mein bas usi ka khayal hain,
Khushiyaan main saari us par luta du,
Chahat me uski main khud ko mita du,
Kab ayega vo jiska is dil ko intzaar hai.

509:- Gile shikwe na dil se Laga lena..! Kabhi maan jana to Kabhi manaa lena..! Kal ka kya pata “hum ho na ho” Jab mauka mile thoda Hass lena aur hasaa dena

510:- Saath tumhara dena hai,
aur saath tumhara paana hai.. Patthron ke is shehar mein,
kaanch ka ghar banana hai.. Aasmanon pe jo rishta bana,
usey duniya mein nibhana hai… Ek naam tumhara liknna hai,
ek naam humen ban jaana hai.. Kuchh baaten tum se karni hain,
kuchh dil ka haal sunana hai.. Chupke se jo mangi hai,
un duaaon mein tum ko paana hai,
Tum rooth ke mujh se mat jaao,
mujhe saath tumhara paana hai.. Tum lout ke wapas aa jaao,
mujhe zindagi tumhe banana hai …!!

511:- Gile shikwe na dil se Laga lena..! Kabhi maan jana to Kabhi manaa lena..! Kal ka kya pata “hum ho na ho” Jab mauka mile thoda Hass lena aur hasaa dena

512:- Door hain aap se toh koi ghum nahin,
door reh ke bhoolne waale hum nahin.. Roz mulaqaat na ho toh kya hua ? aap ki yaad aap ki mulaqaat se kam nahin …!!

513:- Tujhe bhuli,
teri yaado ko na bhula payi,
saare sansar jeeti,
ek tujhse na jeet payi,
teri yaado me aisi khoyi,
kisi ko yaad na kar paayi,
tune mujhe is kadr chhod diya ki,
kisi ki aaj tak ho naa paayi

514:- Din,
Mahinay,
Salon ka HiSaab Nahi Aata Mujhe,
HaMesha Se HaMesha tak Saath tumHara Chahiye..

515:- Beet gaya jo saal,
Bhul jayye,
Es Nayai Saal ko Gale lagayye,
Karte hain duwa hum Rab se sar jhuka kay… Es Saal ka Sare Sapne pura ho Aap kay. *NAYA SAAL MUBARAK*

516:- ना पीने का शौक था,
ना पिलाने का शौक था,
हमे तो सिर्फ नझर मिलाने का शौक था,
पर क्या करे यारो,
हम नझर ही उनसे मिला बैठे,
जिन्हे; सिर्फ; नझरो से पिलाने का शौक था !!

517:- Baat badh jaati hai to gum milte hai. … Isliye hum sabse babut kam milte hai. ..

518:- Jab bhi kisi ko kareeb paya hain… Kasam khuda ki wahi dhokha khaya hain… Kyun dosh dete hain hum kaanto ko… Zakhm to humne phulo se hi paya hain…

519:- Aaj Toot Kar Uski Yaad Aayi To Ehsas Hua,
Yaaro…. Ek Baar Utar Jayen Jo Dil Mai Wo Bhulaye Nahi Jate

520:- Banke ajnabi mile the zindagi ke safar mein,
In yadon ke lamhon ko mitayenge nahi,
Agar yaad rakhna fitrat hai aapki,
To vaada hai hum bhi aapko bhulayenge nahi.

521:- Be imteha mahobbat he aapse batau to kese ……. Khafa ho aap hamse Manau to kese……. Kuch dil se kahena chahte he ham……. Magar alfazo ni hai baya karu to kese…….

522:- kisi ne kaha PYAR amrit hai…. kisi ne kaha PYAR zahar hai…. hum to dono samjh kar pee gae…. agr amrit hua to umar bhar ko pyar milega… agr mar gae to tadap tadap kar jeena ni padega…..;(

523:- Hum Woh Phool Hain Jo Roz Roz Nahi Khiltay Yeh Wo Hont Hain Jo Kabhi Nahin Siltay Hum Se Bichro Ge To Ehsas Hoga Tumhain Hum Wo Dost Hain Jo Roz Roz Nahin Miltay….

524:- Kitni kaatil hai ye… Zindagi ki aarZo…♡ Marr jaate hai log… kisi par… “Jeene k liye”

525:- Phul ban kar muskurana hum jante hai,
Muskurake ghum bhulana hum jantehe,
Milke log khush hote hai to kya hua,
bina mile rishte nibhna hum jante hai.!!

526:- देख कर उसको तेरा यूँ पलट जाना,
….. नफरत बता रही है तूने मोहब्बत गज़ब की थी.

527:- Mohabbat kaisi bhi ho dosto. .. Sajda karna sikha deti hai. … Tanhaiyo me rona sikha deti hai. … Akele gum sum rehna sikha deti hai. … Aankhe nam ho fir b sabke liye hasna sikha deti hai. . Haste haste rona sikha deti hai. .. Jo kisi ne na sikhaya ho. .. Vo mohabbat sikha deti hai. …

528:- Upar se gusa aur dil me pyr karte ho,
nazre churate ho or dil bekrar krte ho,
lakh chupalo duniya se,
mujhe pta hai k aap roz mera intazar karte ho….

529:- Na jane ,
DiL kyun Khincha jata hai uski Taraf,
Kiya Usne bhi Mujhe Paaney Ki Dua mangi Hai

530:- Jab chote the hum to jor se rote the Jo pasand hota tha us paane ke liye Aaj bade hai to chupke se rote hain Jo pasand hain use bhulane ke liye

531:- Isi Karz Ko Ada Krne K Wasty Hum Saari Raat Nahi Sote K Shayad Koi Jaag Raha Ho Is Duniya Main Mere Liye !!!!!

532:- Na meri koi manzil hai na kinara,
tanhai meri mehfil aur yaden mera sahara,
tum se bichhar ke kuch yun waqt guzara,
kabhi zindagi ko tarsy kabhi maut ko pukara..

533:- Tu saath chalta to shayad manzil mil jaati mujhe. Mujhe to koi rasta pehchanta nahi

534:- Saans lene se bhi teri yaad aati hai,
Har saans mein teri khushboo bas jati hai,
Kese kahoon ki saans se main zinda hoon,
Jab ki saans se pehle teri yaad aati hai

535:- Ghalat Suna Tha Mohabbat Aankhon Se Hoti Hai,
Dil Toh Woh Bhi Le Jaate Hain Jo Palkein Tak Nahin Uthaate

536:- Ye ishq bhi Nasha-e-Sharab jaisa hain Kare to Marr jaye chode to kidhar jaye!!!!!!

537:- Zindgi Ki Rah Ma Rasty Badal Jaty Hen Waqt Ki Andhi Ma Insan Badal Jaty Hen Sochty Hen Tumhe Itna Yad Na Karen Lekin Ankh Band Karty He Irady Badal Jaty Hen

538:- Kisi Ko chahne ka koi bahana nahi hota Dil lgane se koi diwana nahi hota….!! .Aashiqi sikhni hai to humse sikho Mohabbat karne Ka mtlb sirf use pana nahi hota..!!

539:- Hum toh fanaah ho gaye uskii ankhen dekh kar Ghalib,
Naa janay woh Aainaa kiasay dekhte hogey ..

540:- Kyun na gharoor karta mein apney aap pey… Mujhe us ney chaha jis ka chahnay waly hazaron the…!

541:- Parwah kar uski jo teri parwah kare,
Zindagi mein jo kabi na tanha kare,
Jaan ban ke utar jaa uski ruh mein,
Jo jaan se bhi jyada tujhse wafa kare.

542:- हम ने बस एक खता कर दी मुहाबत को मशहूर कर दिया लगता है खुद ही की नज़र लग गई की खुद ने उनको हमसे दूर कर दिया…!!

543:- `Mat Kiya Kar Itne Gunaah Aye Insan ….. Be-aitbar Si Maut Hai na janay kab aa jaye..!!!

544:- Aarju ye nhi ki gam ka toofan tal jaye,
Fikar to ye hai aapka dil na badal jaye,
Kbhi mujhko agar bhulana chaho to,
Dard itna dena ki mera dam nikal jaye.

545:- अपनी ज़ुल्फ़ों को सितारों के हवाले कर दो शहर-ए-गुल बादागुसारों के हवाले कर दो तल्ख़ि-ए-होश हो या मस्ती-ए-इदराक-ए-जुनूँ आज हर चीज़ बहारों के हवाले कर दो मुझ को यारो न करो रहनुमाओं के सुपुर्द मुझ को तुम रहगुज़ारों के हवाले कर दो जागने वालों का तूफ़ाँ से कर दो रिश्ता सोने वालों को किनारों के हवाले कर दो मेरी तौबा का बजा है यही एजाज़ ‘अवि’ मेरा साग़र मेरे यारों के हवाले कर दो

546:- Roz Tera intezar Hota Hai Roz Ye Dil Beqarar Hota Hai Kaash K Tum Samajh Sakte K Chup Rehnay Walo Ko B Kisi Se Piyar Hota Hai.

547:- ना करना हमसे प्यार का फिर झुठा वादा.. माँगी है आज दुआ के तुझे भुल जाएँ हम.!!

548:- Bichad gaye hai jo unka sath kya mangu zara si umar hai gam se nijat kya mangu wo sath hote to hoti zrurate bhi hume Akeli jaan k liye kaynat kya mangu ……

549:- Jaane kya baat hai usme,
jo mujhe kisi aur me nazar nahi aati. Kya kashish hai un aankhon me ki mai nazar hataa nahi paati. Kya hai jo har pal mujhe hairaan kiya karta hai,
Kya hai jo mai tasaboor se mita nahi paati.

550:- Dard Hota h Magar Shikwa nahi karte Kon kehta h Hum Wafa nahi Karte Aakhir Q nahi Badalti Taqdir Meri Kya Mere Chahne Wale Mere Liye DUA Nahi Karte?

551:- Pyaar to zindgi ko sajaane k liye hai. Par zindgi bus dard bahane k liye hai. Mere ander ki udaasi kaash koi padhe. Ye hasta hua chehra to zamaane k liye hai.

552:- सुकून मिल गया मुझको बदनाम होकर,
आपके हर इक इल्ज़ाम पे यूँ बेजुबान होकर… लोग पढ़ ही लेंगें आपकी आँखों में मेरी मोहब्बत,
चाहे कर दो इनकार अंजान होकर…

553:- Hamare Ashk Mein Apka Khwab Chhupa Hai….. .. Hamari Khushi Mein Apka Ehsas Chupa Hai….. .. Tum Hamari Dastan Mein Raho Ya Na Raho….. .. Lekin Is Dil Mein Hamesha Aapke Liye Pyar Chupa Hai.

554:- Jisko Chaho Use Chahat Bata Bhi Dena,
Kitna Pyar He Usse Ye Jata Bhi Dena,
Ki Kahi Dil Uska Kahi Aur Na Lag Jaye,
Karke Izhar Uske Dil Ko Chura Bhi Lena,
Galti Se Bhi Ruthe Kabhi To Use Mana Bhi Lena,
Ki Bahut Haseen Hota Hai Ye Pyar Ka Rishta,
Ki kabhi galti se bhi isey tod na lena .

555:- ab chhoti chhoti baaton mein,
hum haste they ,
rote they ,
TAB SE TUMSE PYAAR KIYA Jab bin mausam barsaato mein,
hum jhoom jhoom ke gaate they ,
TAB SE TUMSE PYAAR KIYA Jab chup chup ke aadhi raaton mein,
chhat pe taare ginte they ,
TAB SE TUMSE PYAAR KIYA Ab toh khud bhi bhool chuka hu,
ki kabse tumse pyaar kiya,
bas itna he keh sakta hu,
ki SIRF TUMSE,
TUMHI SE PYAAR KIYA ..

556:- Mafi mangna yeh zahir nai karta,
Ki ap galat or dosra sahi hai Balkay,
Yeh zahir karta hai ki,
Ap ko rishton ki ehmiyat,
Ap ki aan say barh kar hai!

557:- Wajah Pochne Ki Muhlat Hi Na Di Unhone,
Lehja Badalta Gaya Or HuM Ajnabi Ho Gaye..

558:- Un Galiyon Se Jab Gujre To Manjar Ajeeb Tha… ☼.. Dard Tha Magar Wo Dil Ke Kareeb Tha… ☼.. Jise Hum Dhundte The Apni Haathon Ki Lakiron Me… ☼.. Wo Kisi Dusre Ki Kismat,
Kisi Aur Ka Naseeb Tha…!!

559:- Talaash kar dekho meri mOhabbat kO apne dil mein,
Dard hO tO samjh lena ke mOhabbat ab bhi baki hai..!

560:- Shikayat Kya Karon Dono Taraf Gham Ka Fasana Hai,
Mere Aage Mohobbat Hai Tere Aage Zamana Hai …!!

561:- Jazbaat Mere Kahi Kuch Khoye Hue Se Hain,
Kahu Kaise Wo Tumse Thoda Sharmaye Hue Se Hain,
Par Aaj Na Rok Sakunga Jazbato Ko Mai Apne,
Karte Hai Pyar Hum Tumhi Se Par Ghabraye Hue Se Hain.

562:- Kabhi Ek Lamha Aisa bhi Aata Hai,
Jisme beeta Hua kal Nazar ata Hai,
Bas Yaadein Reh Jati Hai Yaad krne K Liye,
Aur Waqt Sab Kuch Leke Guzar Jata Hai !!

563:- Jisko Chaho Use Chahat Bata Bhi Dena,
Kitna Pyar He Usse Ye Jata Bhi Dena,
Ki Kahi Dil Uska Kahi Aur Na Lag Jaye,
Karke Izhar Uske Dil Ko Chura Bhi Lena,
Galti Se Bhi Ruthe Kabhi To Use Mana Bhi Lena,
Ki Bahut Haseen Hota Hai Ye Pyar Ka Rishta,
Ki kabhi galti se bhi isey tod na lena .

564:- सबसे अनुरोध है : हैप्पी दीवाली वाले मैसेज और फोटोस् केवल एक बार भेजें । वो भी दीवाली से एक दिन पहले या दीवाली वाले दिन । 7-8 दिन पहले से ‘happy diwali in advance’ भेज के अपनी डेढ़ या सवाई होशीयारी का परिचय न दें । हम आपकी भावनाओं को समझते हैं,
आप भी हमारी तकलीफ को समझिए । ये सब मैसेज डिलीट करने के लिए स्टाफ रखने की जरूरत ना पड़े,
क्योंकि दीवाली के चलते ऐसे ही स्टाफ की कमी है । और हाँ ,
,
,
शर्म के मारे बता नहीं पाया था कि पिछली बार आपकी हार्दिक शुभ कामनाओं से मेरा कोई भी भला नहीं हुआ था । कम से कम एक बार कैश भेज कर देखिए । स्वच्छ भारत में ई कचरा ना फैलाएं । tongue.png grin.png जनहित में जारी धन्यवाद

565:- Chand ki Chandani,
Basant ki bahar,
Pholoon ki khusbhoo,
Apni ka Pyaar,
Mubarak ho Aapko DEEPAWALI ka Tyohaar,
Sada khush rahe Aap aur Aapka Pariwar HAPPY DIWALI

566:- Hai Itni Mahobbat Mujhe Tumse Ki,
Alfaazo Me Bhi Tum Ise Pa Na Paoge,
Agar Na Ho Yakeen To Aazma Ke Dekho,
Tum Khud Ko Bhi Itna Chah Na Paoge,
Mai Wo Saaya Hu Teri Saanso Se Jura,
Ek Pal Bhi Ise Khud Se Juda Na Paoge,
Mera Rab Gawah He Meri Mahobbat Ka,
Chahkar Bhi Tum Mujko Bhula Na Paoge.

567:- ajane Kab Tak Ye Aankhein Uska Intejar Karengi,
Uski Yaad Mai Kab Tak Khud Ko Bekarar Karengi,
Usey To Ehsas Tak Nahi Is Mohabbat Ka Yaaro,
Kab Tak Ye Dhadkane Uska Aitbaar Karengi.

568:- तुम आये तो लगा हर खुशी आ गई यू लगा जैसे ज़िन्दगी आ गई था जिस घड़ी का मुझे कब से इंतज़ार अचानक वो मेरे करीब आ गई ………

569:- Koi Chala Gaya Door To Kya Karein,
Koi Mita Gaya Sab Nishan To Kya Karein,
Yaad Aati Hai Ab Bhi Unki Hume Had Se Jyada,
Wo Yaad Na Kare To Kaya Kare.

570:- Tum kyu aise khoyi-khoyi si rehti ho ? Tum kyu aise ghum-shum si rehti ho ? Konsa gum hai tumhe jo sabse chipati ho ? Kisliye har baat par apna jee jalati ho ? Kyu aaj tak tumne kisi ko apna banaya nahi ? Kyu tumhe kisi ne hasna sikhaya nahi?

571:- Phir Kab Milenge Yeh Unhone Pucha Nahi,
Kyu Ho Rahe Hain Juda Yeh Humne Bataya Nahi,
Kab Unke Aansuo Ne Humko Bewafa Kaha,
Pata Hi Nahi Bus Woh Waqt Hi Kuch Aisa Tha,
Jisko Humne Pehchana Nahi.

572:- Chahat To Hum Bhi Rakte Hain,
Kisi Ke Dil Me Hum Bhi Dhadakte Hain,
Na Jane Woh Kab Milenge,
Jin Ke Liye Hum Roz Tadapte Hain.

573:- When one door of happiness closes,
another opens; But often we look so long at the closed door that we do not see the one that has been opened for us.

574:- 1 Pehchan Hazaro Rishte Bana Deti Hai~!! 1 Muskan Hazaro Ghum Bhula Deti Hai~!! Zindagi Ke Safar Me Sambhal Kar Chalna Mere Dosto,
1 Galatfahmi Hazaro Sapne Jala Deti Hai…

575:- Jis kadar zameen aasman ka milna mumkin nahi.. aisi hi kuch saza paa gayi hu tere pyaar mein.. to kar chalein missalein kayam dooriyon ki… mai zindagi bhar pyaasi rahungi… aur tum yuhin baraste rehna..

576:- MOHABBAT K SARE RANG…… RANGO K SARE PHUL…….. PHULO KI SARI KHUSHBU……… KHUSHBU K SARE LAMHE…….. LAMHO KI SARI CHAHAT………… CHAHAT KI SARI KHUSHIYA….. AAP K LIYE

577:- Jab Kisi Ko Chaho To Ye Ummid Mat Karo . Ki Wo Bhi Tumhe Hi Chahe… . KOSIS Karo Tumhari Chahat AISI Ho . . ki Use Tumhare SIWA KISI Or ki Chahat PASAND Na Aaye…!!

578:- Tanhaiyon Ke Shehar Me Ek Ghar Bana Liya Ruswaiyo Ko Apna Muqaddar Bana Liya Dekha Hain Yaha Patthar Ko Poojte Hain Log Isliye Humne Apne Dil Ko Bhi Patthar Bana Liya

579:- Sukhe hue phool jab kitabo mai mil jaayenge,
Bhool se phir hum tumhe yaad aayenge. Ehsaas hoga hamari chahat ka,
Jab doour bahut hum tumse chale jaayenge..

580:- Zindagi Haseen Hai Zindgi Se Pyar Karo,
Hai Andhera To Kya,
Ujale Ka Intezar Karo,
Wo Pal Bhi Ayega Jiska Intzar Hai Apko,
Rab Par Bhrosa Or Waqt Par Aitbar Karo…!

581:- बहुत थे मेरे भी इस दुनिया मेँ अपने… फिर हुआ इश्क और हम लावारिस हो गए.!!

582:- Apni Yaadon Me Hum Tumhe Basana Chahte Hai ] Apne Paas Tumhe Hum Bula na Chahte Hai ] Tumhe Yaad Karte Karte thak gaye hai ] Ab Hum Tumhey Yaad Aana Chahte Hai…

583:- Uljhan agar hai to humse na chhupana. Sath na de juban to aankho se batana…!! Har kadam par sath hai hum apke,
Dost banaya hai to haq jarur jatana..!!

584:- Are main to jaankar bhi tujh jaise patthar se takra jaaungi Tumse takra kar apne aap ko shishe sa bikhra jaaungi Mana ki patthar hoon ghayal to nahi kar sakti aapko Par fir bhi yakin hai thode bahut nishan to bana jaaungi…

585:- Koi to pooche kyo udas hoo mai,
Koi to ho jiske liye khaas hoo mai,
Ye zindagi gumo ka ek samandar hai,
Aur lagta hai us samandar ki pyas hoo mai……..

586:- Hume Phoolon Se Kya Gila,
Hmne Toh Khud Kaantoh Se Mohabbat Ki Hai~!! Hme Kisi Ki Bewafai Se Kya Laina Deina Hmne Toh Khud Bewafaon Se Mohabbat Ki Hai~

587:- Kesay Kahon Main K Apna Bana Lo Mujhey,
Baahon Me Apni Tum Saama Lo Mujhey,
Bin Tumharey Ek Pal Bhi Ab Kat-ta Nahi Maera,
Bas Ab Tum Aa Ker Mujh Hi Se Chura Lo Mujhey,
…Zindagi To Wo Hai Sang Tumharey Jo Guzrey,
Duniya K Ghamon Se Ab To Chura lo Mujhey,
Maeri Sab Se Gehri Khuwahish Ho Jaye Puri,
Tum Agar Aaj Pass Apnay Bula Lo Mujhey,
Ye Kaesa Nasha Hai jo Behka Raha Hai Mujhey,
Agar Tumharay Hain Hum To Sambhalo Mujhey,
Najanay Phir kesay Guzrey Gi Apni Ye Zindagani,
Agar Apnay Dil Se Kabhi Tum Jo Nikalo Mujhey

588:- Bura Na Man Agar Mai Tujhko Pyar Karti Hu,
Gunah Kon Sa Aisa Mai Yar Karti Hu.. ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ Meri Khataon Me Meri Samjh Ka Nahee Koi Dakhal,
Mai Jo Bhi Karti Hun Be Ikhtiyaar Karti Hu.. ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ Tu Kitne Pyar Ke Qabil Ha Kya Khabar Mujhe,
Ke Mai To Jitna Bhi Mumkin Ho Bas Pyar Karti Hu.. ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ Khuda Ki Duniya Se Itni Mohabbat Nahee Hai Shayad,
Khuda Ke Ek Bande Ko Jitna Mai Pyar Karti Hu.

589:- Kalam to uthali par likhna nahi sikha…. Thoda sa gham hai par rona nahi sikha…. Ajeeb si mayusi hai jazbaat me mere…. Tanha hu par kabhi rona nahi sikha… Un lamho ki gardish se nam hai palkein meri… Tham gayi hai ghadiyon par intezar nahi sikha…. Unke mijaaz me badlav dekha to muskura uthi… Pal bhar ki khushiya ka ehteraam nahi sikha… Itna kuch khoya hai zindagi ki raho me… Ki bewafa hone ka ilzaam nahi sikha…. Sikha to sab kuch tha in thokaro ko khake… Par jhut kehne ka woh imaan nahi sikha…

590:- Unke Bina Pal Bitana Muskil Hua… Chaha Bahut Par Unhe Btana Muskil Hua Ho Gaye Wo Is Kadar Apne Ki Unki Galti Par Rooth Jana Bhi Muskil Hua ..

591:- Parwah kar uski jo teri parwah karey…. Zindagi mein jo kabhi na tanha karey… Jaan “ban k utar ja uski “jaan” mein… Jo”jaan” se bhi ziyada tujhse wafa karey…

592:- Chupke se “Chand ki Roshni” chhu jaye aapko,
Dheere se “Yeh hawa” kuch keh jaye aapko,
Dil se jo chahte ho maang lo khuda se Hum “Dua” karte hain mil jaye woh aapko

593:- Khushi Ki Rahon Mein Gum hi Gum Mile To Kya Kare..? Wafa Ki Rahon Mein Bewfai Mile To Kya Kare..? Zindagi Ko Kaise Bachaye Dhokhe-bajo Se..? Koi Has-kar Dhokha De jaye To Kya Kare..?

594:- ना पीने का शौक था,
ना पिलाने का शौक था,
हमे तो सिर्फ नझर मिलाने का शौक था,
पर क्या करे यारो,
हम नझर ही उनसे मिला बैठे,
जिन्हे; सिर्फ; नझरो से पिलाने का शौक था !! —

595:- Kuch Lafz Bina Kahe Alfaaz Hote Hain,
Kuch Log is Kadar Khaas Hote Hain,
Door Ho Woh Chahe Nazron Se,
Lekin Fir Bhi Dil Ke Bahut Pas Hote Hain…

596:- Aghosh Mein Lelo Mujhe Tanha Hoon Main Basa Lo Dil Ki Dhadkan Mein Tanha Hoon Main Jo Tum Nahin Zindagi Mein Toh Kuchh Nahin Samaa Jao Mujhi Mein Ke Tanha Hoon Main..

597:- Mere Dil Me Tu Hi Tu Hai,
Dil Ki Dawa Kya Karu..,
. Dil Bhi Tu Hai,
Jaan Bhi Tu Hai,
Tujh Pe Fidaa Kya Karu..

598:- Har shama bujhi rafta rafta.. har khawab luta dheere dheere…. sheesha na sahi pathar hi sahi…. dil toot gaya dheere dheere…

599:- Thak Haar Kay Aakhir Hathiyaar Phaink Diye Hum Ney Na jane Kami Kis Me Thi Mohabat Me Ya Mehboob Me…..

600:- Roz Tera Intezar Hota Hai Roz Yeh Dil Be-Qarar Hota Hai Kaash Ke Tum Samajh Sakte Ke Chup Rehne Walo Ko Bhi Kisi Se Pyar Hota Hai!!

601:- Jaan se bhi zyada unhe pyaar kiya karte the Yaad unhe din-raat kiya karte the Ab un raahon se guzra nahi jaata Jahan baith kar unka intzaar kiya karte the ..

602:- Maine Kab Dard Ki Zakhmo Se Shikayat Ki Hai,
Haan Mera Jurm Hai Ki Maine Mohabbat Ki Hai… Aaj Phir Dekha Hai Usey Mehfil Mein Pathar Bankar,
Maine Aankho Se Nahi DiL Se Baghawat Ki Hai… Usko Bhool Jaane Ki Galti Bhi Nahi Kar Sakte Toot Kar Ki Hai Toh Sirf Usi Se Mohabbat Ki Hai….!!!

603:- Aaj Tumhari Baanh’on Me Rehnay Ko Humara Dil Kar Raha Hai,
Aaj Apne Mann Ki har baat batane Ko Humara Dil Kar Raha Hai,
Kaesy Yaqeen Di’lain Tumhain Aaj Hum Apne Bhar-Pur Pyaar Ka,
Aaj Jee Jaan Se Tum Pe Mit Janay Ko Humara Dil Kar Raha Hai,

604:- Aghosh Mein Lelo Mujhe Tanha Hoon Main Basa Lo Dil Ki Dhadkan Mein Tanha Hoon Main Jo Tum Nahin Zindagi Mein Toh Kuchh Nahin Samaa Jao Mujhi Mein Ke Tanha Hoon Main.

605:- Ek Sapne Ki Tarah Tujhe Saja Ke Rakhun,
Chandni Raat Ki Nazron Se Chhupa Ke Rakhun.. Meri Taqdeer Mein Tumhara Saath Nahi,
Warna Saari Umar Tujhe Apna Bana Ke Rakhun …..!!

606:- Kuch Or Sochne Ki Zaroorat Nahi Mujhe,
Tere Siva Kisi Se Mohabbat Nahi Mujhe…!! Tu Hi Rehta Hai Hmesha Mere Dil Or Dimag Me,
Jise Pyaar Kru Use Bhool Jane Ki Aadat Nahi Muje..!!! Teri Yaad Aati Hai To Aankh Bhar Hi Aati Hai,
Varna Her Bat Par Yun Rone Ki Aadat Nahi Mujhe..!!! Kise Sunau Jakar Mai Haal Apne Dil Ka..? Tune To Keh Diya Fursat Nahi Mujhe..!!!

607:- Mere Dil Ki Tassalli K Lye Faqat Itna Hi Kaafi Hai Hawa Jo Tum Ko Chooti Hai Main Us Me Saans Leta Hoon !

608:- Haath Thaam Ker Bhi Tera Sahara Na Mila Me Wo Leher Hun Jise Kinara Na Mila Mil Gya Mujhy Jo Kuch Bhi Chaha Main Ne Mila Nahi To Sirf Sath Tumhara Na Mila Wese To Sitaron Se Bhara Hua Hai Aasman Jo Hum Dhond Rahey They Wo Sitara Na Mila Kuch Is Tarha Se Badli Phir Zindagi Hamari Phir Jise Bhi Pukara Wo Dobara Na Mila Ehsas To Hua Usey Magar Dair Hogai Us Ne Dhonda Magar Nishan Humara Na Milaa

609:- Paagal sa ek ladka hai,
Jo mujh ko acchha lagta hai.. Mujhe dekh kar woh hansta hai,
Meri aankhon mein woh basta hai.. Har roz woh roop badalta hai.. Har roop mein acchha lagta hai.. Aankhon mein uski masti thi,
Woh baat baat pe hansta hai.. Baarish ki mast raaton mein,
Woh khoya khoya rehta hai.. Baaton mein uski bechaini,
Bechain woh mujh ko karta hai.. Jaisa bhi hai.. Paagal hai! Deewana hai! Par mujhe acchha lagta hai.. Woh chaand ko chhoo kar aaya ho,
Kuchh aisa roshan lagta hai.. Jo mujh ko acchha lagta hai …!

610:- Tera Saath hai Toh mujhe kya kami hai.. Teri har muskan se mili mujhe kushi hai… Muskuraate Rehna isi Tarah humesha ..! Kyonki teri is muskan mein meri jaan basi hai …!!

611:- Inkar Ko Ikrarr Kehte Hai Khamosi Ko Izhar Kehte Hai Kya Dastur Hai Is Duniya Ka 1 Khubsurat Sa Dhoka Hai Jise Log PYAR Kehte Hai….

612:- Jab kuch sapne adhure rah jate hai,
tab dil ke dard ansu banker bah jate hai,
jo khte hai ki hm sirf apke hai,
pata nhi wo kaise alvida keh jate hai…

613:- mujhe Usse Koi Shikayat Hi Nahi,
Shayad Hamari Kismat Me Chahat Hi Nahi. Meri Taqdir Ko Likhkar Khuda Bhi Mukar Gya,
Puchha To Bola Ye Meri Likhawat Hi Nahi.

614:- Main mohabbat hun mohabbat karke dekh Main mohabbat na dun to kehnaa..!! Main muskurahat hun mujhe hansa ker dekh Na sajun tere honton per to kehna..!! Main khushbu hu mujhe mehsus karke dekh Na mehkun teri zindagi main to kehna..!! Main dil hun mujhe sun kerr dekh,
Na dharkun tere dil main to kehnaa..!! Main phool hun mujhe lagaa kerr dekh,
Na mehkun din raat to kehnaa…!! Main mohabbat hun mujhe apna karke dekh Na banu main tera to kehnaa….!!

615:- Tu lafzon ki tarha mujh se kitabon mein mila kar,
Logon ka tujhe dar hai tu khawabon mein mila kar Phool ka khushboo se taluk hain zaruri,
Tu mehak ban kar mujh se gulabon mein mila kar Jise chhu kar main mehsoos kar saku,
Tu masti ki tarha mujh se sharabon mein mila kar Main bhi insan hu,
hai dar mujhko bhi behakne ka Is waaste tu mujh se hijabon mein mila kar….!!!

616:- Usne kaha Tha Suno… Ehad Nibhane Ki Khatir Mat Aana.. Ehad Nibhane Wale Aksar Majburi Ki Thakan Se Lauta Kerte Hain.. Tum Jaao.. Samandar Samandar Apni Pyas Bhujao Jin Aankhon Mein Utro Jis Dil Mein Duubo Meri Tanhai Tumhain Aawaz Na Degi Magar Jab Meri Khuwaish Aur Chahat Ki Lehar Itni Oonchi Aur Tez Ho jaye K Dil Ro de….. Toh Laut Aana… !!

617:- har Bar Muqaddar Ko Kasoor Dena Achi Baat Nahi AYE [email protected]@N Kabhi Kabhi Hum unhe mang lete hain jo kisi or k hote hain

618:- Kyon daren ki zindagi mein kya hoga.. har waqt kyon sochen ki bura hoga.. Badhte rahen manzilon ki aor hum.. Kuchh na bhi mila toh kya tazurba toh naya hoga …!

619:- DARD “Sabhi Insaano Mein Hai.. Magar… Koi Dikhata Hai…To…Koi Chhupata Hai…. ” HUMSAFAR ” Sabhi Hai….. Magar… Koi Saath Deta Hai…To…Koi Chhor Deta Hai… ” PYAR ” Sabhi Karte Hai…Magar…Koi Dil Se Karta Hai…To…Koi Dimag Se Karta Hai… ” DOSTI ” Sabhi Karte Hai….Magar…Kuch Log Nibhate Hai…Kuch Log Bas Aazmate Hai…. ” RISHTA ” Kai Logon Se Hota Hai…Magar…Koi Pyar Se Nibhata Hai..To…Koi Neelam Karta Ha ” EHSAAS ” Sabko Hota Hai…Magar…Koi Mehsoos Karta Hai…To…Koi Dil Behlata Ha ” ZINDAGI ” Sabhi Jeete Hai…Magar…Koi Sab Kuch Paane K Baad Bhi Dukhi Rehte Hai..To…Koi Lutake Khush Rehte Hai.

620:- Is duniya me sab kuch BIKTA hai =>Fir judaai hi kyon RISHWAT nahi leti…. =>MARTA nahi koi kisi se JUDA ho kar =>Bas YAADEN hain jo JEENE nahi deti…!

621:- Wo Meri Soch Hai.. Koi Or Use Soche To kyu.. Wo Mere Laboon Ka Nagma Hai.. Koi Use Gungunaye To Kyu.. Wo Meri Chahat Hai.. Koi Or Use Chahe To Kyu.. Wo Meri Nazar Ka Aaina Hai.. Koi Or Use Dekhe To Kyu.. Wo Sirf Or Sirf Meri Dua Hai.. Koi Or Use Mange To Kyu….

622:- Tanha Jab Dil Hoga,
Aapko Aawaz Diya Karenge.. Raat Mein Sitaaron se Aapka,
Zikar Kiya Karenge… Aap Aaye Ya Na Aaye Humare khwabon Mein,
Hum Bas Aapka Intezaar Kiya Karenge…. !!

623:- जो कभी फैसला वो साथ चलने का करे.. दुआ है खुदा से मुझे मंज़िल ही ना मिले.!!

624:- Is Tarah Dil Me Samaoge Malum Na Tha Dil Ko Itna Tadpaoge Malum Na Tha Socha Tha Dur Ho Or YAAD Nhi Aoge Magar Is Kadar YAAD Aaoge Malum Na Tha.

625:- Tere Bagair Zindagi Mein Kuchh Bhi Nahi Hai,
Tu Saath Nahi Toh Khushi Bhi Khushi Nahi Hai,
Chale Aao Aaj Toh Kisi Bahaane Se Teri Yaad Mein Meri Dhadkane bhi Thami~Thami Si Hai,

626:- दिन बीत जाते है सुहानी यादे बन कर…. बाते रह जाती है कहानी बन कर….. पर प्यार तो हमेशा दिल के करीब रहेंगे… कभी मुस्कान तो कभी आंखो का पानी बन कर.

627:- Khwabon mein jeena jab aadat ban jaati hai,
Haqeekat ki dunia berang nazar aati hai,
Koi intezar karta hai zindagi ke liye,
Aur kisi ki zindagi intezar mein guzar jati hai……

628:- Khubsurat Sa Koi Pal Ek Kissa Banjata Hai,
Na Jaane Kab Koi Zindagi Ka Hissa Ban Jata Hai,
Zindagi Main Kuch Log Aise Bhi Milte Hai,
Jinse Kabhi Na Tutne Wala Rista Banjata Hai…

629:- Kahan Se Laun Hunar Use Manane Ki**** Koi Jawab Nahi Tha Uske Rooth Jane Ka..,
,
**,
,
Mohabbat Mein Saza Mujhe Hi Milni Thi…. Kyuki Jurm Maine Kiya Us se Dil Lagane Ka..!! ****

630:- Hathon ki lakiron main kismat hoti hai,
Milna aur bhul jana logo ki fitrat hoti hai,
Bikharta to har koi hai dard me,
Magar gum bhulana insaan ki jarurat hoti hai. ..

631:- Kalam thi hath mai likhna sikhaya apne,
Takat thi hath mai hosla dilaya apne,
Manzil thi samne rasta dikhaya apne,
Hum to sirf dost they,
AASHIQ BANAYA Aap ne

632:- Saamne na ho to tarasti hai aankhe,
Yaad me teri barasti hai aankhei?. Mere liye nahi inke liye hi aa jaao,
Aap ka bepanaah intezaar karti hain aankhe !!!

633:- Kitabon Ke Panne Palat Ke Sochte Hai Yu Palat Jaye Zindagi To Kya Baat Hai Kuch Log Matlab Ke Liye Dhundte Hai Mujhe Bin Matlab Koi Aye To Kya Baat Hai Katal Kar Ke To Sab Le Jayenge Dil Mera Koi Baaton Se Le Jaye To Kya Baat Hai Zinda Rehne Tak To Khushi Denge Sabko Kisiko Hamari Maut Pe Khushi Mil Jaye To Kya Baat Hai…

634:- Meri Aankhon ke Samandar mein Jalan kaisi hai Aaj phir dil ko Tarapne ki Lagan kaisi hai Ab Is raah pe Chiraghon ki Qatarein bhi nahi Ab tere Shehar ki Galiyon mein Ghutan kaisi hai…♥

635:- Tere pyaar ka sila har haal mein denge,
Khuda bhi maange ye dil toh taal denge… Agar dil ne keha tum bewafa ho,
Toh is dil ko bhi seene se nikaal denge …!

636:- Kisi din teri nazron se door ho jayenge hum,
Door fizaaon mein kahin kho jayenge hum.. Meri yaadon se lipat ke rone aaoge tum,
Jab zameen ko odh ke so jayenge hum …!

637:- “Teri Har Ada Mohabbat Si Lagti Hai” “Ek Pal Ki Judai Muddat Si Lagti Hai” Pehle Nahi Ab Sochne Lage Hain Hum ……Ki “Zindagi Ke Har Lamhe Main Teri Zarurat Si Lagti Hai” —

638:- Ab kuch bhi nahi raha humare paas,
Ha ek bas tanhayi rakhi hai humare paas,
,
,
,
,
… Baki rahi reht ki mitti wo bhi hai humare paas,
Jaise Baadshah ke paas Saltanat hai..,
,
Aur us me hum bhi hai aur faqeer bhi hai..,
,

639:- Khuda Jaane Mohabbat Mein Kya Dastoor Hai….**,
,
Humne JisKo Chaha Wo Humse Door Hai…. Husn Waalo Mein Mohabbat Ki Kami Hoti Hai….**,
,
Ya Fir Chahne Walo Ki Takdir Buri Hoti Hai…!

640:- Dil ko mere ghayal kar gaye khanjar hain tumhari aankhein ,
,
Zindagi meri mehkane lagi hai khushbu jaisi hain tumhari saansein ,
,
Lagta hai chahat mein lipat gaya hun aisi hain tumhari baahein ,
,
Shayari ke jaise likhta rehta hun aisi hain tumhari baatein..!!

641:- Rahega Gilaa “Taqdeer” Se Hamesha Is Baat Ka.!! Jisko Umar Bhar Chaaha Usi Ko Umar Bhar Tarse…!

642:- Harida – Golden colored Alampata – Infinite Lord Ganapati – Lord of all Gods Siddhidata – Giver of Success Eshanputra – Son of Lord Shiva Nideeshwaram – Bestower of Treasures & Riches Avighna – Remover of all difciculties & obstacles.. May Lord Ganesha bless you with all worldly posessions and keep you and your family protected from obstacles at all times! Happy Ganesh Chaturthi..!!

643:- छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर,
जी ले ज़िंदगी खुशी की तलाश ना कर,
तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त,
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर.

644:- ज़िन्दगी हसीन है ,
ज़िन्दगी से प्यार करो ….. हो रात तो सुबह का इंतज़ार करो ….. वो पल भी आएगा,
जिस पल का इंतज़ार हैं आपको…. बस रब पर भरोसा और वक़्त पे ऐतबार करो

645:- तुम आये तो लगा हर खुशी आ गई यू लगा जैसे ज़िन्दगी आ गई था जिस घड़ी का मुझे कब से इंतज़ार अचानक वो मेरे करीब आ गई …………

646:- चाहत की कोई हद नहीँ होती.. सारी उम्र भी बीत जाए.. मोहब्बत कभी कम नहीँ होती.!!

647:- True Lines.. . Hum Kisiko Apni Marzi Se,
Chah To Sakte Hain,
. . Lekin.. . . Use Ye Nahi Keh Sakte Ke… Tum Mujh Se Muhabbat Karo..

648:- Pyar Ek haseen lamha Pyar ek haseen lamha hai usko jeene wala chahiye Pyar ek sapno ki duniya hai usme rehne wala chahiye Pyar ek vishvas hai uss per sath chalne wala chahiye Pyar ek khushi hai jisko baatne wala chahiye Pyar ek bejuba shabd jisko bolne wala chahiye Pyar ek aashiqui hai jiska sath nibhane wala chahiye Pyar ek gam bhi hai jisme aansoo pochne wala chahiye Pyar ek sath suro ka sangam hai jisme taal milane wala chahiye Pyar ek diwangi hai jisme kho jane wala chahiye Pyar ek raaz hai jisko samajhne wala chahiye Pyar ek nadani hai ussa bacchane wala chahiye Pyar ek khamoshi hai jisse padhne wala chahiye Pyar ek heera hai jisko khojne wala chahiye Pyar ek ehsas hai jisko mehsus karne wala chahiye Pyar ek aadhura shabd hai usko pura karne wala chahiye Pyar ek rishta hai jisko apnane wala chahiye Pyar ek jivan hai jiske sath jingadi bitane wala chahiye..

649:- Wo Ek Pal Hi Kaafi Hai ” Jisme Tum Shamil Ho ” . Uss Pal Se Jyada Toh Zindagi Ki Khwaish Hi Nahi Mujhe ..

650:- Zindagi ka pehla pyaar kaun bhulata hai,
Ye pehli baar hota hai jab koi kisi ko khud se badh kar chahta hai… Uski pasand,
uski khwahish mein khud ko bhool jata hai,
Akele mein uska naam likh likh kar mitata hai… Baat karne se pehle sochta hai.. kya kehna hai,
Baat hone ke baad phir kuch kehna reh jata hai…. Hota hai itna khoobsurat pehla pyar,
Toh jaane kyon aksar adhoora reh jaata hai……………………….. —

651:- छोटी सी ज़िंदगी है,
हर बात में खुश रहो … ::::::: जो चेहरा पास ना हो,
उसकी आवाज में खुश रहो …. :::::::: कोई रूठा हो तुमसे,
उसके इस अन्दाज में खुश रहो …. :::::::: जो लौट कर नहीं आने वाले,
उन लम्हों की याद में खुश रहो …. :::::::: कल किसने देखा है,
अपने आज में खुश रहो …. :::::::: खुशियों का इन्तजार किसलिए,
दूसरों की मुस्कान में खुश रहो … :::::::: क्यों तड़पते हो हर पल किसी के साथ को,
कभी-कभी अपने आप में खुश रहो … ::::::: छोटी सी तो ज़िंदगी है,
हर हाल में खुश रहो .. 🙂

652:- Izhaar ‘e’ yaad karu…. Ya puchun haal ‘e’ dil unkaa….. Ayee dil kuch to bahana bata…. unse guftgu karne kaa….

653:- वो मायूसी के लम्होँ मेँ ज़रा भी हौँसला देते तो.. हम काग़ज़ की कश्ती पे समंदर मेँ उतर जाते.!!

654:- Tere Bagair Zindagi Mein Kuchh Bhi Nahi Hai,
Tu Saath Nahi Toh Khushi Bhi Khushi Nahi Hai,
Chale Aao Aaj Toh Kisi Bahaane Se Eh Sanam Teri Yaad Mein Meri Dhadkane bhi Thami~Thami C Hai,

655:- Hathoon Ki Lakire’n Kismat Hoti Hai~!! Milna Aur Bhool Jana Fitrat Hoti Hai~!! Is Rah Main Ranj Milta Hai Bator-E-Inaam~!! Ab Jan Gaye Hum,
Yehi Mohabat Hoti Hai~

656:- kash ki mere pyar ka aanth kuch iis kadar ho ki mere kabr par bana unka ghar ho wo jab bhi sooe zameen par mere seene se laga unka sar ho!!!!!

657:- Log Kahete Hai Ki,
,
,
,
,
,
? ╰☆» “Hathon Ki Lakiron” me Kami Ho Toh “Taqdeer” Mein “Mohabbat” Nahi Hoti,
╰☆» Par Sachchai To Ye Hai Ki,
╰☆» Jo “Hathon” Mein Ho Agar Apne “Pyaar” ka “Haath” Toh Lakiron Ki Bhi Jarurat Nahi Hoti…

658:- Bhul jane ka Hosla NA tha Na hoga,
Dur Rehkr bhi ye “Dil” tumse juda Na hai Na hoga,
Tum-Se Milkar kisi or se kya Milna,
,
,
,
,
? Koi tumhare jaisa Na tha Na Kabhi hoga…

659:- Tute khawbao ko phir Se Sajana Aata hai,
Ruthe dil ko mana-na bhi Hume Aata hai Aap hamare gum ko dekhkar Kanhi pareshaan na hona Humein to dard mein bhi Muskarana Aata hai

660:- तेरी नफ़रत मेँ वो दम नहीँ जो मेरी चाहत को मिटा सके.. मेरी चाहत का समंदर तेरी सोच से भी गहरा है.!!

661:- Kaise Batau Tujhe Kitna Majboor Hun Main… . Na Chahate Hue Bhi Tujhse Door Hun Main… . Jaane Kaisa Sila Mila Ye Wafaon Ka Mujhko… . Saza Ye Hai Ki Tujhe Paa Na Saka… . Or Gunaah Ye Hai Ki Be- Kasoor Hun Main…!!

662:- Pyar se pyari hai teri dosti. ~~ Jaan hamari hai teri dosti. ~~ Miss call ka syrap ….or Sms ki tablet dete rahena ~~ Kyun ki ek khubsurat bimari hai teri dosti

663:- माखन चुराकर जिसने खाया.. बंसी बजाकर जिसने नचाया.. ख़ुशी मनाओ उसके जन्म की,
जिसने दुनिया को प्रेम सिखाया। कृष्ण जन्माष्टमी की शुभ कामनायें ! —

664:- Jab Kisi Ki Sacchi Muhabbat Malum Karni Ho To Uske Gusse Mein Apni Liye Alfaz Aur Jazbat Dekho.. Har Us Cheez Ko Tor Do Jis Ko Insan Ne Banaya Hain,
Lekin Insan Ka Dil Kabhi Mat Torna . Muhabbat Sab Se Karo,
Lekin Us Se Aur Bhi ZaYaDa Karo Jiske Liye Tumhare Dil Mein Tum Se Zayada Muhabbat Ho Dukh Dene Walo Se MOhabbat Karo,
Lekin Muhabbat Karne Walon Ko Dukh Na Do…….

665:- नन्द के आनन्द भैयौ जय कन्हैया लाल कि हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल कि आप सभी गौ भक्तो को “” श्री कृष्णा जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाए””””

666:- Teri Dharkan Hi Zindagi Ka Kissa Hai Mera… Tu Zindagi Ka Ek Eham Hissa Hai Mera… . . Meri Mohabbat Tujhse,
Sirf Lafzo Ki Nahin Hai… Teri Rooh Se Rooh Tak Ka Rishta Hai Mera…!!

667:- Aaj bhi ek sawal hai is dil me.,
Pyar ka gam beshumar hai is dil me.. Kuch keh nahi pata ye kambakht dil..,
Magar tumhare liye Aaj bhi bahut pyar hai is dil mein..!!

668:- कितना मुश्किल है ये जिँदगी का सफर.. खुदा ने मरना हराम किया है और लोगोँ ने जीना.!!

669:- नक़ाब उठा कर जब भी वो चमन से गुज़रती है… समझ कर फूल उसके लबोँ पर तितली बैठ जाती है.!!

670:- •••• •••• •••• •••• ये मसला दिल का है इसे हल कर दे मौला.. ये दर्द-ए-मोहब्बत भी कहीँ कश्मीर ना बन जाए.!! •••• ••••♥•••• ••••

671:- जिस नजाकत से ये लहरे मेरे पैरों को छूती है; यकीन नही होता इन्होने कभी कश्तियाँ डूबाई होगी…!!

672:- ISHTA unse banao jo nibhaana jaantein ho,
NAFRAT unse karo jo bhulaana jaantein ho. GUSSA unse karo jo manaana jaantein ho,
aur PYAR unse karo jo DIL-O-JAAN lutaana jaantein ho….!!

673:- tu kahan hai ke teri yaad ke haatho ab to mohsin hai mere saath pareshan meri tanhaai bhi.

674:- ishq kaise hota hai..ishq kisko kahete hai mohsin tera majboor kar dena mera majboor ho jaana

675:- kahan tak ginoge mere dil ke zakhmo ko mohsin taar taar ho chuka hai tujh se ishq hone ke baad

676:- kar meri mohabbat ka aitbaar samandar mai bo kasti hu jise koi duba nhi sakta .

677:- उसका वादा भी अजीब था.. कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे,
मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!

678:- zindagi mein manzileen to mil hi jaati hai mohsin bus woh log nahi milte jinhe is dil ne chaha ho

679:- Lamho Ki 1 Kitaab Hai Zindagi…. / Saanso Aur Khayalo Ka Hissab Hai Zindagi….. / Kuch Jarurate Puri Kuch Khwaishe Adhuri….. / Bas Inhi Sawalo Ka Jawab Hai Zindagi…..!!

680:- Nahi Rehta Koi Shakhs Adhoora Kisi Cheez Ke Peeche..!! Waqt Guzar Hi Jata Hai Kuch Paa Kar Bhi Kuch Kho Kar Bhi..!!

681:- Bahut aasan hai kisi ko hurt karna aur kehna,
,
SORRY :’) But.. . Bahut muskil hota hai khud hurt hoke kehna,
,
I AM FINE :’)

682:- जो खुद को मर्द समझते वे अधिक से अधिक राखी के अनुरोध को स्वीकर करें और उन महिलाओं के मान सम्मान की रक्षा का वचन लें।यही असली मर्दानगी हैl रक्षा बंधन के इस पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें

683:- Jaate jaate ussne yeh tho kaha diya ki aapna khyaal rakhna. Parr usski aakhe. Yeh kaha rhi thi aab mrra. Khayal kon rakhegga “

684:- kash ye dunia haseen hoti khud k chahne sy her dua kabool hoti khny k liye tu sbi apny hn pr kash koi aisa hota jisay mere dard sy b takleef hoti.

685:- बहन का प्यार किसी दुआ से कम नहीं होता; वो चाहे दूर भी हो तो ग़म नहीं होता; अक्सर रिश्ते दूरियों से फीके पड़ जाते हैं; पर भाई-बहन का प्यार कभी कम नहीं होता।

686:- yeh na pooch kaise guzar raha hai mera waqt tere bina kabhi milne ki hasrat…….. to kabhi dekhne ki tamanna

687:- Suno… Maine Tumse Mohabbat Ki Hai,
Ab Ye “Gunaah” Hai Toh Hai.. Tujh Bin Jeene Ki Aadat Nahi Mujhe,
Ab Ye “Khata” Hai Toh Hai.. Tum Na Mile Toh Shayad Main Jee Na Sakun,
Ab Ye “Bewqoofi” Hai Toh Hai.. Main Janta Hun Ki Tumhe Nafart Hai Mujh se,
Par Mujhe Tujh se “Mohabbat” Hai Toh Hai …!!

688:- Tum bhi kar ke dekh lo mohabbat kisi se.. Aye dost.. Jaan jaaoge ki hum ne muskurana kyon chhod diya …!!

689:- Zara si Zindagi Hai Arman Bahut Hai Humdard Nhi Koi Insan Bahut Hai Dil Ka Dard Sunaye To Sunaye KisKo Jo Dil K Krib Hai Wo Anjan Bahut Hai.

690:- Aisa Nahi Ke Ham Ko Mohabbat Nahi Mili Tumhain Chahtay Thay,
Per Teri Ulfat Nahi Mili Milnay Ko Zindagi Mein Tou Kayi Hamsafar Milay Per Un Ki Tabiyat Se Tabiyat Nahi Mili Chehron Mein Dosron Ke Tujhe Dhoondtay Rahay Soorat Nahi Mili Kaheen Seerat Nahi Mili Bohat Dair Se Aaya TU Mere Paas Alfaaz Dhoondnay Ki Bhi Mohlat Nahi Mili Tujh Ko Gila Hai Ke Tawajja Na Di Tujhe Laikin Ham Ko Tou Khud Apni Mohabbat Nahi Mili Ham Ko Tou Teri Har Aadat Achi Lagi “ Afsos Ke Tujh Se Meri Aadat Nahi Mili

691:- dard-e-dil ki aah tum na samjh sakoge mohsin har dard ka mataam sar-e-aam nahi hota

692:- Meri duniya mein aaya ek musaafir aise,
Koi pehle ki jaan pehchaan ho jaise.. Mile hum unse aur woh humse kuchh is tarha se,
Koi barson se bichhde hue hon jaise.. Dil mein pyar phir ishq utara kuchh aise,
Aur koi zindagi mein gunjaaish na ho jaise.. Bata do aye Musaafir jana kahan hain waise,
Akele ye safar tayy karoge tum kaise.. Mil gaye ho toh ab rehna kuchh is tarha se,
Ki saaye bhi ek se ho jaayen jaise.. Do manzilein ban jayein ab ek aise,
Khuda ne koi Dua qabool kar di ho jaise …!!

693:- Zara si Zindagi Hai Arman Bahut Hai Humdard Nhi Koi Insan Bahut Hai Dil Ka Dard Sunaye To Sunaye KisKo Jo Dil K Krib Hai Wo Anjan Bahut Hai.

694:- Zara si Zindagi Hai Arman Bahut Hai Humdard Nhi Koi Insan Bahut Hai Dil Ka Dard Sunaye To Sunaye KisKo Jo Dil K Krib Hai Wo Anjan Bahut Hai.

695:- तुझे ही फुरसत ना थी किसी अफ़साने को पढ़ने की में तो बिकता रहा तेरे शहर में किताबों की तरह !!

696:- Chalo duniya ko aapas mein baant lete hain… Samandar tumhara,
Lehrein humari…! Sooraj tumhara,
Roshni humari….! Aasmaan tumhara,
Sitaare humare….! Chaand tumhara,
Chaandni humari….! Are Nahin ! Nahin !… Chalo kuchh is tarah karte hain.. Sab kuchh tumhara aur ‘Tum Humare’……! aur sirf Humare.. bas Humare ….!

697:- Pyar kisi se jo karoge ruswai hi milegi,
Wafa kar lo chahe jitni,
bewafaai hi milegi.. Jitna bhi kisi ko apna bana lo,
Jab aankh khulegi tanhaai hi milegi…!

698:- Meri Khamoshi Meri Aadat Hai,
In Dooriyon Mein Bhi Meri Chahat Hai,
Meri Zindagi Agar Khubsurat Hai,
Toh Uski Wajah Aapki Muskurahat Hai …!

699:- Har Saans Ke Saath Mujhe Socha Karega Woh,
Apne Hi Aks Mein Mujhe Dhoonda Karega Woh.. Jab Yaad Aayegi Usko Wafa Meri,
Phir Har Shakhs Ko Chaahat Se Dekha Karega Woh.. Aaj Mere Dukh Par Hans Raha Hai Mere Saamne,
Mujh Se Bichhad Ke Issi Baat Par Roya Karega Woh.. Phir Kaise Mere Khyaal Se Daaman Churayega Woh? Jab Meri Tarah Kisi Ko Chaha Karega Woh.. Mere Hote Hue Mera Naam Bhoolne Wala,
Mere Baad Mere Naam Se Har Ek Ko Pukaara Karega Woh …!

700:- Mat Gira Apne Jhoothe Ishq ke Aanshu Mere Zanaze Par Agar Tujhme Wafa Hoti To Hum Zindigi Se Khafa Na Hote

701:- Mera har pal aaj khoobsurat hain,
Dil mein jo sirf teri hi soorat hain,
Kuch bhi kahe ye duniya gum nahi Duniya se jyada hume teri jarurat h

702:- Maein Saans Leta Hoon..Teri Khushboo Aati Hai Ek Mehka Mehka Sa..Paigaam Laati Hai Meri Dil Ki Dhadkan Bhi..Tere Geet Gaati Hai Pal Pal Dil Ke Paas Tum Rehti Ho 🙂

703:- Khamosh Hoon Mai Lekin Inkaar To Nahi Hai~!! .•* ★ Meri Nakaamyabi Hai Koi Haar To Nahi Hai~!! .•* ★ Hum Tumhe Paa Na Sake,
To Kya Huya~!! .•* ★ Lekin Sirf Tumhe Paa Lena Hi Pyaar To Nahi Hai~!!

704:- Dard jitna saha jaye Utna hi sehna~!! Kisi ke dil ko lag jaye Woh baat Kabhi na kehna~!! Milte hai hum jaise LOG bahut kam Iss Duniya Me …….Isliye “KABHI ALVIDA NA KEHNA

705:- Friendship Rules No Drama No Excuse No Sorry No Thanks & don’t say i am Busy’ Always say yaar Tere Liye to mari jann B Hazir Hai. Bus kabi Mangna mat… 😛 Happy Friendship Day (Y)

706:- Jaante Ho Mahobbat Kise Kehte Hain ??” Kisi ko Sochna,
Soch kar Muskurana,
,
Phir Aansoo Baha kar So Jana…. Usey mohabbat kehte hain.

707:- Likhi hai ye ghazal sirf tere liye.. Deewane bane bhi toh sirf tere liye… Kisi ko nahin dekhengi ab ye aankhen.. Nazren tarasengi bhi toh sirf tere liye… Har saans mein yaad karenge tujhe.. Ye saans niklegi bhi toh sirf tere liye… Har pyaar se pyaare lagte ho tum mujhe.. Maine pyaar seekha bhi toh sirf tere liye….!!

708:- दुनियादारी में हम थोड़े कच्चे हैं पर दोस्ती के मामले में सच्चे है… हमारी सच्चाई बस इस बात पर कायम है,
की हमारे दोस्त हमसे भी अच्छे है… Happy friendship day

709:- Ye Mere Pyare Dosto Apni taklif me mujhe umid samjhna. koi gam aaye to apne najdik samjhna. De Saku Hansi us Gam ke ansu ke badle to . hajaro ke bich me mujhe sabse krib samjhna. Happy Friendship Day

710:- The friend who can be silent with us in a moment of despair or confusion,
who can stay with us in an hour of grief and bereavement,
who can tolerate not knowing… not healing,
not curing… that is a friend who cares…. happy friendship day

711:- Us Se Juda To Ho Gye Par Yun Laga Mujhe Jaise Jahan Main Koi Apna Nahi Raha Wo Bewafa Nahi Magar Itna Zaroor Hai Pehle Wo Jis Tarha Ka Tha Wesa Nhi Raha….

712:- Mohabbat kar ya nafrat Tu mera hai” Apna samajh ya paraya ”Tu mera hai” Tu mud jaye phir b main wanhi rahon… ”Tu mera hai”. Pyar hai ya ibadat maloom nahi mujhe ”Tu mera hai” Bhulana mushkil hai tujhe’ ‘Tu mera hai”Bus”Mera hai’….

713:- Bas Ek Khata Humse Ho Gayi.. Hadd Se Zyada Mohabbat Unse Ho Gayi.. Hum Nazar Na Utha Sake Kisi Or Ki Taraf.. Aur Wo Kehte Hai Ki Hamari Chahat Bewafa Ho Gayi..!!

714:- Dosti jaan se pyari ho!! Dil me har pal yaad tumhari ho!! Dekh kar jal jaye yeh Zamana Aisi Dosti Ho!!? ……Kii Khuda jaan tumhari mange ….aur Maut humari ho!!

715:- Aye dil mat kar itni mohabbatkisi se,
Ishq me mila dard tu seh nahi payega… Ek din toot kar bikhar jayega apno k hatho se,
Kisne toda ye bhi kisi se keh napayega…!!

716:- Mohabbat kar ya nafrat Tu mera hai” Apna samajh ya paraya ”Tu mera hai” Tu mud jaye phir b main wanhi rahon… ”Tu mera hai”. Pyar hai ya ibadat maloom nahi mujhe ”Tu mera hai” Bhulana mushkil hai tujhe’ ‘Tu mera hai”Bus”Mera hai’….

717:- Tumhare khyal se daman Chura ke dekha hai Dil or nazar ko bohat Aazma ke dekha hai Mohbbat ki kasam tum nahi to Kuch bhi nahi Maine kuch pal tumko Bhula kar dekha hai..

718:- Khushboo ki tarha aap k paas bikhar jayen-ge Sakoon bankar dil mein utar jayen-ge Mehsoos karney ki koshish toh kijiye,
Door reh kar b paas nazar Ayen-ge

719:- Dosti jaan se pyari ho!! Dil me har pal yaad tumhari ho!! Dekh kar jal jaye yeh Zamana Aisi Dosti Ho!!? ……Kii Khuda jaan tumhari mange ….aur Maut humari ho!!

720:- Jee karta hai soorat teri nihaarti rahun.. Jee karta hai palkon mein teri shaam bita dun.. Jee karta hai yaadon mein teri khoyi rahun.. Jee karta hai teri zindagi se kuchh pal chura lun.. Jee karta hai teri neendon mein kuchh khwaab saja dun.. Ab maut bhi aa jaaye toh koi ghum nahin.. Jee karta hai baahon mein teri dum tod dun ….!

721:- Wo Saath Tha To Mano Jannat Thi Zindagi,
Ab To Har Saans Zinda Rehne Ki Waja Puchti Hai…!!

722:- Uski saadgi ki koi intehaa nhi hai… Yahi to mere pyar ki vajah rahi h… Mana k usme khass khuch b nhi… Pr jo h usmein wo kisi aur mein b to nhi h..

723:- Dard Jo Tune Diya Wo Gehra Diya~!! ΊKarke Wada Tune Humko Bhula Diya~!! ΊZakham Dene Wale Tera Bhi Shukriya~!! ΊJo Zindagi Ka Tune Matlab Sikha Diya~!!

724:- Har shakhs se ulfat ka iqraar nahi hota…!! Har chehre se dil ko kbhi Pyaar nahi hota…!! Jo rooh ko chhoo jaaye,
Jo dil me utar jaye…!! Uss ishq ka lafzon mein izhaar nahi hota…

725:- Sapno ki duniya mein khote chale gaye ,
Hosh mein the phir bhi madhosh hote chale gaye… Jaane kya baat thi uss ajnabi chehre mein ,
Na chaahte hue bhi ussi ke hote chale gaye ….!!

726:- DiL Me Chhupi Yadon Se Sawaru Tuje~!! Tu Dikhe To Apni Ankho Me Utaru Tuje~!! Tere Naam Ko Mere Labo Par Aise Sajaye Rakhu~!! So Bhi Jau To Khwabo Me Pukaru Tujhe~!

727:- Meri Mulakat Ko Chahe Musibat Kehna… Apni Nazar Ko Mere Liye Nafrat Kehna … Par Akele Me Jab Aansu Bhari Aankhe Meri Yaad Dilaye… To Use Meri Mohabbat Kehna♡

728:- Barish,
Badal Tum aur Main Khushboo ,
Mousum Tum aur Main Kaley Badal,
Rimjhim Barish Neela Anchal Tum aur Main Behti Nadiyan,
Girta Pani Ankhein,
Aansu Tum aur Main Paas Kisi Drya Ke Koi Bheega Jhonpar Tum aur Main Dur Kahin Koyal Ki Ku Ku Gehra Jungle Tum aur Main Barkha Rimjhim Geet Sunaye Jhurmat Daley Tum aur Main Dur Kahin Per Chota Sa Ek Kach’cha Sa Ghar Tum aur Main Kandha Tera aur Ser Mera Pagal Si Chup Tum aur Main……………

729:- Chand ki judai me Aasma bhi tadap gaya. Uski ek Jhalak pane ko har Sitara taras gaya Badal ke Dard ko kya kahoo Chand ki yaad me Woh haste-haste baras gaya!!!

730:- Shama kehti hai muje banaya kisne,
jis jis ke hath lagi muje jalaya usne,
wo shama kya jise koi jalane wala na ho,
wo insan hi kya jise koi chahne wala na ho…

731:- Us Ki Aankhoon Main Nazar Aata Hai Saara Jahan Mujh Ko Afsoos K Un Aankhoon Main Kabhi Khud Ko Nahi Daikha…!!!

732:- Subha–subha ek paigam dena hai,
⋰⋰ Aap ko subha ka pehla salam dena hai,
Guzare sara din app ka khushi se⋰⋰ Aap ki subha ko ek naya naam dena hai,
!!

733:- Woh wkt wo lmhe kuch ajeeb honge Duniyaa me hum khushnaseeb honge Dur se jab itna yaad krte hain apko Kya hoga jb aap hmare kareeb honge

734:- Zindagi Me Bar~Bar Sahara Nahi Milta~!! Bar~Bar Koi Pyar Se Pyara Nahi Milta~!! Hai Jo Paas Use Sambhal Ke Rakhna~!! Khoya Hua “pyaar” Phir Kabhi Dobara Nahi Milta~!

735:- Koi Nazar Bhi Uthaye Teri Taraf To dil Dharak Jata Hai…”?” Na Jane Kyun Aisa Lagta Hai K Koi Cheen kar Le Jayega Tujhe Mujh Se..!!

736:- Tumhein BARISH Pasand Hai Mujhe Barish Mein …TUM Tumhein Hansna Pasand Hai Mujhe Hanstey Huye …TUM Tumhein Hum Se Baat Karna Pasand Hai Mujhe Boltey Huye ….TUM Tumhein Sab Kuchh Pasand Hai ..Or MUJHE Bas …Tum.. Sirf …Tum

737:- Kabhi Toh Mere Paas Kisi Bahaane Se Aaja… Na Kuchh Aur Sahi Mujhe Tadpaane Aaja… Hun Toh Badkismati Se Abhi Tak Zinda … Magar Tu Meri Maiyat Ke Bahaane Aaja… Waqt Guzar Gaya Hai Zakhm Bhar Raha Hai…. Tu Is Zakham Ko Phir Se Taza Karne Ke Irade Se Aaja… Main Ab Thoda Bahut Jeena Sikh Chuka Hun… Tu Apne Raqeeb Ke Sang Mujh ko Jalane Aaja.. Agar Pyar Baaki Ab Bhi Hai Mere Liye… Toh Rutha Samajh Kar Mujhe Manaane Aaja …!!

738:- Sharab ka nasha bhi hota hai Or mohabat ka bhi nasha hota hai……. . Lekin . Farq sirf itna hai ki Sharab ka nasha sula deta hai….. Or Mohabbat ka nasha Rula deta hai…!!

739:- kitna pyara tujhe rab ne banaya,
jii kare dekhta rahun.

740:- Ek muskan tu muhje ek baar de de khwab mein hi sahi ek deedar de de. Bas ek baar kar le tu aane ka wada phir Umar Bhar ka chahe intezar de de….

741:- Jab Teri Rehmat Mujhe Nazar Aati Hai Mere Rabb Ji,
Humari Aakhein Bhar Aati Hain Tum De Rahe Ho Humko Iss Kadar Ki Haath “Dua” Mein Uthne Se Pehle Hi Jholi Bhar Jaati Hai !!!

742:- Raah chalte kya samjhen meri majbooriyan ? 🙁 Koi humsafar hota toh baant leta dooriyaan …! 🙂

743:- Khuda Jaane Mohabbat Mein Kya Dastoor Hai.. Humne Jis ko Chaha Wo Hum se Door Hai… Husn Walon Mein Mohabbat Ki Kami Hoti Hai.. Ya Phir Chaahne Walon Ki Taqdeer Hi Kharaab Hoti Hai …!!

744:- Aansu aa jatay hain aankhon main,
Per labon pay hansi lani parti hay,
Yeh mohabbat bhi kia cheez hay yaroo,
Jis sey kertay ho usi say chupani parti hai

745:- Mere Dil Ka Smandar Aaj Bda Khamosh Sa Hai… Lagta Hai Aaj Raat Uski Yaado Ka Toofan Aayega..

746:- Shaan Se Pyar Ka Izhar Karenge,
Teri Mohabbat Pe Jaan Bhi Nisar Karenge,
Dekh K Jalegi Duniya Saari,
Is Kadar Tujhpe Aitbaar Karenge,
Denge Salaami Sab Humko,
Jab Pyar Ko Hum Bayaan Karenge,
Daulat Aur Shaurat Ka Kya Hai Kaam,
Teri Khushi Mein Khudko Nichaawar Karenge,
Har Ghadi Ho Bus Tera Deedar,
Waqt Se Hum Yahi Iltijaa Karenge,
Saaye Ki Tarah Tujhse Liptey Rahenge,
Duniya Ki Buri Nazar Se Tujhe Bachaya Karenge…

747:- Kaash meri zindagi mein aaye ek aisi barsaat Mere haathon mein ho tera haath,
Bheegte rahein hum saari raat,
Honth rhe khamosh bs ankho se ho hmari bat

748:- Tum Mujhy Apne DiL Mai Rakh Lo Ya Rakh Lo Apni NigaHo’n Main,
,
Tujh Bin Jee Na Payen gey Tanha,
Dam Bhi Nikle To Teri Baho’n Main

749:- Mohabbat Ko Kabhi Majburi Ka Naam Mat Dena,
,
,
!! Haqiqat ko Kabhi Haadso Ka Naam Mat Dena,
..!! Agar DIL Me Ho Kisi Ke Liye “PYAR”,
,
,
!! To Use Kabhi “DOSTI” ka Naam Mat Dena…!!!

750:- Har Dil Fariyaad Nhi Krta,
Har Koi Kisi Ko Yad Nhi Krta,
Hum Bhul Jaye apko 1 Pal K Liye B,
Dil To Kya Khuda B Is Bat Par Vishwas Nhi Krta…

751:- Tumhari Yaadon Se Hai Zindagi Mein Rounaq,
Is Liye Apni Nahi Tumhari Zindagi Ki Dua Karte Hain.

752:- Dhalti Sham ka Khula Eshaas hai,
Mere Dil Mein Teri Jagah Kuch Khass hai,
Tu Nahi H ye Malum hai Mujhe,
Par Dil Yahi Kehta h tu Aas-Pass hai.

753:- Jisse mohabbat ho jae Uske bare me Zyada sochna nahi chaiye because Soch SHAQ ko janm deti hai Aur SHAQ MOHABBAT Ko khatm kar deti hai…

754:- कितना अच्छा होता अगर जितनें शिकवें शिकायतें करते हो तुम,
काश! उतनी मोहब्बत करते हमसे !!

755:- Vo mera sab kuch hai…. Bas mera mukaddar nahi…! Kash_ Vo mera kuch na hotaa…. Bas mere mukaddar k sivaa…!!

756:- Milne ki khushi hai ya bichadne ka gum,
Ankhon mein aansu hai ya udas hai ham,
Kaise kahain k kaisey hain ham,
Bas itna samaj lena k tum bin bohat akele hai ham…

757:- Ye Pyara Sa Jo Rishta Hai,
Kuch Mera Hai,
Kuch Tera Hai,
Kahin Likha Nahi,
Kahin Padha Nahi,
Kahin Dekha Nahi,
Kahin Suna Nahi,
Phir Bhi Jana Pehchana Hai,
Kuch Mera Hai,
Kuch Tera Hai… : ‘)

758:- Sab Honge Yahan Magar Hum Na Honge,
Humare Na Hone Se Log Kam Na Honge.. Aise Toh Bahut Milenge Pyar Karne Wale,
Hum Jaise Bhi Milenge,
Magar Woh Hum Na Honge …!!

759:- ghum nhí hαmkσ unkí чααdσn mє чun hí jíчє jααnє kα,
kuch tσ вαt hσgí jσ hmє αpnα mαn kr вhí kαh nhí pαчє αчє khudα mαt вhєjnα hαmαín jαnnαt mαrnє kє вααd,
jσ uskí вααhσn mєín hum єk вhí rααt sσ nαhín pααчє.

760:- सुबह-सुबह आपको सताना अच्छा लगता है; प्यारी नींद से जगाना हमें अच्छा लगता है; जब याद किसी की आती हैं हमें; तो उसे अपनी याद दिलाना भी अच्छा लगता है।

761:- Zindagi Apni Has Kar Basar Karte Hai!! Nafraton Ke Raaston par Naa Safar Karte Hai… Woh Log Aur Honge Jinhe Apne Humsaaya Par Bhi Yakeen Nahi !!! Tu Saath Hai mere!! Hum To Bas Isi baat Pe Khud Par Fakar Karte Hai…. Toot Jaate Hai Woh Ghar Jinki Deewarein Mazboot Naa Ho!! Zindagi Ke Har Kadam Par Khud Se Zyaada Yakeen Hum Tujh Par karte Hai… Mohabbat Gehri Tab Hoti Hai Jab Hum kisi Ke Gham ko Apnana Seekh le!! Sirf Teri Muskaan Ka Khaayal Nahi Hoon Main !!! Teri Aankh Se Gire Hue Ashko Ki Bhi Hum Kadar Karte Hai…. Tujhse Door Rehte Hai par Tujhse Juda Kabhi Ho Nahi Sakte!! Har Pehar,
Har Lamha Hum teri Fikar Karte Hai…. Tere Har Dard-o-Gham Ka Ilaaj hai Paas Mere!!! Suna Hai,
Dawaon Se Zyaada Duaein Asar Karte Hai…. “Nishu” Kehta Hai ke Zindagi Mein sabse Mushkil Hai,
Kisi Ka Kisi Par “Aitbaar” Karna………!!! Jo Naa Samaj Sake Is Jazbaat Ko,
Woh Naa Jaane,
Apne Mohabbat Ka Kya Hashar Karte Hai……..!!!

762:- रंग ना देखे,
रूप ना देखे,
; ये जवानी की,
धुप ना देखे ; अर्ज़ है,
कुछ मजनू बने,
कुछ रांझा बने ; कुछ रोमो,
कुछ फरहद हुए ; इस रंग रूप की चाहत में,
जाने कितने बर्बाद हुए !!

763:- Khuwab Aankhon se gaye neend raton se gayi,
Woh gaya to aise laga zindagi hathon se gayi.. Sookhe thy phool tere jane ke baad,
Ab to khushbu bhi kitaabon se gayi.. Tere aane se barhti thi jo raftaar dharkan ki,
Ab to rawaani bhi meri saanson se gayi.. Kis daur main mohabbat ko ilzaam dete ho,
Jis daur main hayaa bhi hijaabon se gayi….

764:- Phir Mere Haathoun Say Ek Ek Ker Ke Udati Gayien Teri Qasmoun,
aur tere Waa’doun ki Sabhi Titliyaan…

765:- Jis din tumhara sab se kareebi saathi tum par gussa karna chhod de.. . . Tab samajh lena chaahiye ki tum uss insaan ko kho chuke ho.

766:- Mere Khwaabo Mein Aana Aapka Kasoor Tha… Aapse Dil Lagaana Humara Kasoor Tha… Aap Aaye They Zindagi Mein Pal Do Pal Ke Liye… Aapko Zindagi Samajh Lena Humara Kasoor Tha…

767:- Kisi Ki Yaad Ko Dil Me Basa Ke Roye Kisi Ki “Tasveer” Ko Seeney Se Laga Ke Roye,
Jo Wada Kia Tha Hum Ne Kisi Se Hum Us Wady Ko Nibha Ke Roye,
Jis Shakhs Ko Hamari Zaroorat Nahi Thi Hum Us Shakhs Ko Apni Aarzu Bana Ke Roye,
Jis Ne Hamain Apne Qadmoon Taley Bhi Jaga Na Di Hum Use Apni Palkoon Par Bithaa Ke Roye…

768:- Chhod Denge Hum Tumhe Bas Itna Bata Do Humen.. Kahan Jayenge Hum Ye Adhoori Zindagi Le kar …??

769:- Khuda Ne Mujhse Kaha . “Tu Chahe Lakh Sajde Kr”… Na vo Tera Tha Na Hai Or Na Hi Hoga… . Humne Bhi Dil Se Kaha “Aye Khuda.. Vo Mera Ho Chahe Na Ho… Muje To Usi Se Ishq Tha Usi Se Ishq Hai Or Usi Se Ishq Rhega

770:- Tujhey odhu ya tera libaas ho jau… Teri ragon mein dhal kar ek ehsas ho jau… Pyar jo mile muje tere Dil se… Tu samandar bane or main pyaas ban jau…. Tere wajood se he hai mere chehrepe ye khushi ki jhalak… Tera chehra na dekhu to udaas ho jau…. Bas itni si khwayish hai teri zindgi mein shamil houn…. Phir bhaly Kissa banu ya afsana ho jaun…. Tere hoth tere hath mere ek ek naqsh ko chu lee…. Tu mujhe bhool na paye tera vo ehsaas ho jaun… “

771:- Muskan Ban Jata Hai Koi,
Dil Ki Dhadkan Ban Jata Hai Koi,
Kaise Jiye Ek Pal Bhi Un Ke Bin,
Jab Zindgi Jeene Ki Wajah Ban Jata Hai Koi,

772:- Har Baar Aisa Kyun Hota Hai.. ………..! Jise Pyaar Karo Use Ehsas Nahi Hota Hai.. …………! Dur Karna Chaho Use Nazron Se… …………! Fir Bhi Uski Yaado Me Dil Kyun Rota Hai…!!

773:- Jazbaat-e-Ishq Sab Ko Bataaya Nahi Jata,
Lag Jata Hai Dil Lagaya Nahi Jata.. Jannat Ki Baat Ho Ya Ho Gulistaan Ke Rang,
Dil Mein Lagi Aag Ko Bujhaaya Nahi Jata …!

774:- Bandisho me ,
us tadapti aatma ka kya kasoor.. Dilaggi es dil ne kee to ,
en ansuo ka kya kasoor.. Khud Pyasa rahta hai chakor to ,
us chandani ka kya kasoor… Aaa til til jalta patanga bhi,
pr us low ka bhi hai kya kasoor. Bandisho me ,
us tadapti aatma ka kya kasoor.. Na milee raahee ko manzil to ,
us rastae ka kya kasoor…. Har viral sacchayee dikhtii to,
us aayenae ka bhi kya kasoor… Doori jab dilo me ho to,
sarhado ka kya kasoor… Doobae ho dil pamano me,
to en maykhano ka kya kasoor.. Chahta nhi ab dil kisi ko,
esme mera kya kasoor… Uske kabil hoon nhi mai,
esme uska kya kasoor… Bandisho me ,
us tadapti aatma ka kya kasoor.. Dilaggi es dil ne kee to ,
en ansuo ka kya kasoor

775:- Mohabbat har ek ko mile Zaruri toh nahii~!! hum jise chahe woh humse pyar kare Zaruri toh nahii~!! Woh bahut yaad aa Rahe hain Aaj mujhe~!! Hum bhi unki yaad ban jaye yeh Zaruri to nahi~!!

776:- Bade Sukoon Se Rehta Hai Aajkal Wo Mere Bina Jaise Kisi Uljhan Se Chutkaara Mil Gaya Ho Use..!

777:- Kaisa waqt hai k unhay fursat hi nahi humein yaad karney ki… .. … .. Kabhi wO shakhs Or main ek he saans se jiya kartey thae…!!!

778:- Tumhare Aane Ki Ek Aahat Si Hoti Hai Na Jane Kyün Dil Me HaLchaL Si Hoti Hai Tümhe Dekhne Ko Jee To Chahta Hai Mager Tumhari Ankhon Me Aksar Ek Shararat Si Hoti Hai Tüm Jo Müsküra K Müjhe Ek Nazar Dekho Aisa Lagta Hai Jaise Sehra Mein Barish Si Hoti Hai Tüm Chalo Sath Mere Ümer Bhar K Liye Tumhen Dekh Kar Aksar Ye Khuwahish Si Hoti Hai Mere Hathon Ki LakeRon Me Ho Shamil Naam Tumhara Takdeer Se Aksar Ye Güzarish Si Hoti Hai

779:- Tadap K Dekh Kisi Ki Chahat Me. To Pata Chale Intzaar Kya Hota Hai,
Yuhi Mil Jaaye Agar Koi Bina Tadpe ,
To Kaise Pata Chale Pyar Kya Hota Hai..!!

780:- Uske Sath Rehte Rehte Uski Chahat Si Ho Gayi Hai,
Usse Baat Karte Karte Mujhe Uski Aadat Si Ho Gayi Hai… Ek Pal Na Mile Toh Bechani Si Lagti Hai,
Dosti Nibhate Nibhate Shayad Us se Mohabbat Si Ho Gayi Hai.

781:- Insaan do cheezon se hamesha haarta hai.. Waqt aur pyaar dono zindagi mein khaas hote hai.. Waqt kisi ka nahi hota.. Aur pyaar har kisi se nahi hota.

782:- Mana ki Kismat pe mera zor nahi,
Pr ye sach hai ke “MOHABBAT” meri kamzor nahi,
Tere dil me teri yadon me shayad koi or hai,
Lekin Meri har sans me tere Siva koi or nahi..

783:- Ek pal ki judaai gawara na kar sake,
aisa ishq hum dobara na kar sake.. Zindagi bhar palat ke naa dekha kabhi,
Hum phir bhi shikwa tumhara naa kar sake.. Tune toh har kisi se dil lagaa ke dekha,
magar hum apne dil ko aawara naa kar sake.. Jaan tak luta di unke pyaar mein magar,
ek dil hi woh apna humara naa kar sake ….!!

784:- Yaadon ki keemat woh kya jaane,
jo khud hi yaadon ko mita diya karte hain.. Yadoon ki keemat toh unse puchho.. jo yaadon ke sahaare zindagi bita diya karte hain …!!

785:- Na tujhe chorr sakte hain tere ho bhi nahi sakte Yeh kaisi bebasi hai aaj hum ro bhi nahi sakte. Yeh kaisa dard hai pal pal hamain tarpaye rakhta hai Tumhari yaad aati hai to phir sou bhi nahi sakte. Chhupa sakte hain aur na dikha sakte hain logon ko Kuch aise daagh hain Dil per jo hum dho bhi nahi sakte. Kaha to tha chorr denge yeh nagar phir ruk gaye lekin Tumhain paa to nahi sakte magar kho bhi nahi sakte,

786:- Kitna adhura lagta hai jb badal ho aur barish na ho,
,
. jb zindagi ho aur pyaar na ho,
,
. jb aankhe ho aur khawab na ho,
,
. jb koi apna ho aur pass na ho,

787:- Mana ki kismat pe mera koi zor nahi…. Par ye sach hai ki mohabbat meri kamjor nahi… Us ke dil mein,
uski yaadon mein koi aur hai lekin… Meri har saans mein uske siwaa koi aur nahi …!! —

788:- Sacche “Pyaar” ki Hasrat kise nahi hoti ?.. Magar Sab ki aisi “Qismat” nahi hoti.. Koi ek Hota hai Jo Sama jaata hai “DiL” mein Har Kisi se toh ye “MOHABBAT” nahi hoti …!

789:- Jaan se bhi zyada unhe pyaar kiya karte the Yaad unhe din-raat kiya karte the Ab un raahon se guzra nahi jaata Jahan baith kar unka intzaar kiya karte the …!

790:- Yeh dua hai koi gela nahe maire zindage hay woh gulaab jo kabhe khila nahe main sochta hoon KHUDA karay tujhe woh sukh milay jo mujhe kabhe mila nahe…

791:- Taiz Barish Mein Kabhi Sard Hawaon Me Raha ~~ Ik Tera Zikar Tha Jo Meri Sadaaon Mein Raha ~~ Kitny Logon Se Mere Gehre “Rishte” The Magr ~~ Tera Chehra Hi Faqat Meri Duaon Mein Raha!!

792:- दीवाने हैं तेरे नाम के इस बात से इंकार नहीं; कैसे कहें कि हमें तुम से प्यार नहीं; कुछ तो कसूर है आपकी आँखों का; हम अकेले तो गुनहगार नहीं।

793:- Usi Ko Apne Dil Me Basaya Aur Basaya Kuch Bhi Nahi..! J’idhar Dekha Wo Hi Nazar Aaye Aur Nazar Aaya Kuch Bhi Nahi..! Dunia Walo Ne Be Wajah BadnaamKar Diya Mujhe..! Maine Uska Dil Churaya Aur Churaya Kuch Bhi Nahi..! Bas Ek Usi Ko Khona Nahi Chahte They Hum..! Lekin Humne Bas Usi Ko Ganwaya Aur Kuch Bhi Nahi..! Woh J’isko Yaad Kiye Bagair Sote Nahi They Hum..! Usne Bus Hamein Hi Bhulaya Hai Aur Kuch Bhi Nahi…!

794:- Koshish karo k koi aap se na ruthe. Zindagi me apno ka Kabhi sath na chhute. Rishta koi bhi ho Use Aise nibhao Ki Uss Rishte ki Dor Zindgi bhar na toote

795:- Tadap Uthoge Jab Hum Yaad Aayen-ge~!! Dhoondhoge Hume Jab Hum Dur Chale Jaayen-ge~!! Yaadon Ke Nishan Dil Me Paayo-ge……Jab~!! Tumhari Dhadkano Me Hum Chupp Kar Muskuraayen-ge

796:- o kabhi ho tere dil mein sawaal,
Ki kitni hai mujhe zaroorat teri..?? Toh zara apni saans rok kar,
sanson ki talab mahsoos kar lena .

797:- Teri zulfo ki chaow me mai zindagi guzar du… aaja meri baho me sanam tujhe bepnah pyar du… duniya ki dhoop tujhko chhu bhi na payegi… is kadar se tujhpe do jahan mai war du… mai gareeb hu daulat nhi in sikko ki mere pas snam… magar khjane apne pyar ke tujhe beshumar du… tere roop me mai jau apni zindagi loota sanam… mera bas chale to tujhpe ek bar nahi hzar bar apni zindagi mai var du…

798:- Subah Ka Sunehra Mausam Or ….Aapki Yaad,
Halki Si Ye “Baarish” Or …..Garam Chai Ki Pyaas,
Yaaro Ki Yaari Or ….Yaari Ki Pyaari Mithas,
Shuru Kijiye Apna Ye Din,
…………………….Meriii Gud Morning Ke Saath

799:- Saari raat na soye hum… Raaton ko uth k kitna roye hum… Bus ek baar mera kasur bta deh rabba… Itna pyar kar ke bhi kyu na kisi ke huye hum…

800:- Palkon Mein Aansu Aur Dil Mein Dard Soya Hai ,
Hansne Walo Ko Kya Pata Rone Wala Kis Kadar Roya Hai ,
Ye To Bus Wohi Jaan Sakta Hai Meri Tanhai Ka Aalam ,
Jisne Zindagi Mein Kisi Ko Pane Se Pahle Khoya Ha

801:- Har inayat har khushi aapki ho,
mahak uthe wo mahfil jisme hansi aapki ho,
koi bhi lamha ap udas na ho,
khuda kare Zannat jaisi zindagi aapki ho.

802:- Kya Fark Hai Dosti Aur Mohabbat Mein……..??? . . . . Rehte To Dono Dil Mein Hi Hain Lekin,
Fark Bas Itna Hai…. . . . . Barson Baad Milne Par Mohabbat Nazar chura leti hai or dost sene se lga lete hai

803:- Kisi roj shaam ke waqt…. Sooraj ke aaram ke waqt… Mil jaaye saath tera…. Haath mein le ke haath tera…. Door kahin tanhai mein… Duniya se judaai mein…. Apne sang bithaau tujhe…… Dil ka haal sunaau tujhe…… Tere haath ke lakeeron mein….. Talaash apna naam karun…… Usi waqt iraada karun….. Phir milne ka waada karun……. Kisi roj shaam ke waqt…. Sooraj k eaaram ke waqt…… Mil jaaye saath tera …..!

804:- Sakht Rahon Mein Ab Asan Safar Lagta Hai,
Ab Anjan Ye Sara He Shehar Lagta Hai,
Koi Nahi Mera Zindagi Ki Rahon Me,
Mera Ye Gum He Mera Humsafar Hai Lagta Hai.

805:- Kuch log tot kar chahtay hain,
kuch log chah kar toot jatay hain,
hamain tum se mohabbat hai kitni,
aao aaj tumhein yeh batatay hain,
suna hay pyar mein mushkil nahi kuch bhee,
chalo samandar mein aag lagar kar azmatay hain

806:- Dil se dil mile toh saza dete hain log,
pyaar ke jazbaat ko duba dete hain log.. Do insaanon ko milte kaise dekh sakte hain,
jab saath baithe do parindon ko bhi udaa dete hain log …!

807:- Humein Izhaar Karna Nahi Aaya… Unhe Pyaar Karna Nahi Aaya… Hum Bas Dekhte Hi Reh Gaye… Aur Waqt Ko Thamna Nahi Aaya… Woh Chalte Chalte Itne Door Chale Gaye… Humein Rokna Bhi Nahi Aaya…!!

808:- Meri Band Aankhoin Ka Saccha Kwaab Ho Tum,
Meri Tanhaio Ke Sawalo Ka Javab Ho Tum,
Ab To Khudai Bhi Ruth Jaye To Gum Na Hoga Meri Duniya,
Kaynaat Mera Chaand Ho Tum…!!

809:- Phele mohobat kaa nasha thaa mujhko Or ab_ Nashe se mohobat Hogai hai mujhko

810:- Tadap K Dekh Kisi Ki Chahat Me. To Pata Chale Intzaar Kya Hota Hai,
Yuhi Mil Jaaye Agar Koi Bina Tadpe ,
To Kaise Pata Chale Pyar Kya Hota Hai..!!

811:- Bhut buraa hai… Par tumse toh acchaa hai…. Ye Dil ka dard har waqt_ apne saath to rheta hai_

812:- Na do kisi ko apni zindagi ka itna haq ,
Ki kuchh na rahe baaki uske rooth jaane ke baad …!!

813:- Zaruri To Nahi Ke Insan Pyar Ki Murat Ho Zaruri To Nahi Ki Insan Achha Or Khubsurat Ho Par Sabse Sundar Wo Insan hai Jo Aapke Sath Ho Jab Aap ko Uski Zarurat Ho………..

814:- Chhoti si Hai Zindagi Khushi Se Jiyo.. Ghum Mein Kya Rakha Hai Maze Se Sar Utha ke Jiyo.. Udaasi Kya Cheez Hai Bas Muskura ke Jiyo.. Apne Lye Na Sahi Apno ke Liye Jiyo …!!

815:- Meri Chaahaten Tumse Alag Kab Hain ,
Dil Ki Baaten Tumse Chhupi Kab Hain.. Tum Saath Raho Dil Mein Dhadkan Ki Jagah ,
Phir Zindagi Ko Saanson Ki Zaroorat Kab Hai …!

816:- Mousam Ki Tarah Log Bhi Badal Jaate Hain,
Do Pal Hansa Ke Umar Bhar Rulaate Hain.. Bhoola Dete Hai Sab Humen Bure Sapne Ki Tarah,
Aur Khud Humare Dil Mein Bas Jaate Hain ..!! —

817:- Har Chamakta Khwaab Har Kisi Ka Naseeb Nahi Hota,
Har Faisla Zindagi Ka Apni Marzi Se Nahi Hota… Chaahta Toh Har Koi Hai Kisi Ko Yahan,
Par Har Chaaha Hua Shakhs Kabhi Apna Nahi Hota ….!!

818:- Zaroorat nahi mohobat ki aaj hume… Kal jab thi tab usse guroor thaa… Naye the hum_ mohobat k iss sheher me_ Tabhi naa jaan sake_ K uska ghar toh_ bewafa k liye mashoor thaa_

819:- Dil-E-Quarar Ne Ek Dard Paal Rakkha Hai~* ◠❥ Ajeeb Musibat Mein Daal Rakkha Hai~* ◠❥ Jagah Na Di Humne Kisi Aur Ke Khayalo Ko~* ◠❥ Tumhare Khayal Ka Ktna Khayal Rakkha Hai~*

820:- Ni karenge ham tjse koi gila aaj k bad jb khuda razi hoga tb tu to kya har shay hamari hogi

821:- Mere Dil Ki Har Dhadkan Tumhare Liye Hai Meri Har Dua Tumhari Muskurahat Ke Liye Hai Tumhari Har Adaa Mere Dil Ko Churane Ke Liye Hai Ab To Meri Zindagi Tumhare Intezar Ke Liye Hai…..

822:- “”Kitne chehre hain is duniya may”” Magar humko ek chehra he nazar aata hai””!!! . .. … “”Duniya ko hum kya dekhe””!!! . .. … “”Uski yadon may saara waqt guazar jata hai””!!!

823:- Bas….! Ek yahi Baat Uski Mujhe Achhi Lagti Hai…. UDAAS Kerke Kehta Hai…’Naraz Toh Nahi Ho Na…. Kitna Ajeeb Hai Uska Andaaz Mohabbat Ka…. Roz Rula Ker Kehta Hai….’Apna Khayal Rakhna’..

824:- Rab Kare Zindagi Me Aisa Mukaam Aaye… Meri Rooh Aur Jaan Aapke Kaam Aaye… Har Duaa Mein Bas Yahi Maangte Hain Rab Se… Ki Agle Janam Me Bhi Aapke Naam K Saath Mera Naam Aaye…!!

825:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

826:- Na roothna tum hum se kabhi,
Ki humen toh manaana bhi nahi aata.. Chahat kitni hai tumhare liye dil mein,
Tum ko ye bataana bhi nahi aata.. Badi kathin hai ye raah-e-muhabbat,
Iss mein koi safar suhana nahi aata.. Bas khwaab hi bunte rah jaate hain,
Ki haqeekat mein toh koi fasaana bhi nahi aata.. Intezaar karte hain tum se kab milen,
Par tum se milne ka koi bahaana bhi nahi aata …!

827:- Khushi Ke Aasu Rukne Na Dena Gum Ke Aasu Bahne Na Dena Yeh Zindagi Na Jane Kab Ruk Jayegi Magar Ye Pyari Si Relationsip Kabhi Tutne Na Dena…

828:- Ek Tu Hi Hai Jo Mere Dil Ke Karib Hai,
,
!! Teri Dosti Hi Mera Accha Naseeb Hai,
,
!! Haare Hai Hum ab Tak apni Zindagi Mein,
,
!! Tera Saath Hona Hi is Zindagi ki Jeet Hai,
,

829:- Jab Khawab Hi Nahi Koi,
Kya Zindagi Ka Karna….. Har Subha Ko Jee Uthna Har Raat Ko Mar Jana…

830:- suno mujhe vo pal waapas de do jab hum saath saath the …ek duje ke haatho me haath the…pal bhar ki duri seh ni paate the .. kuch pal ki duri b ese lagti thi jese zindagi beet gai ho …mujhe tumse na chaand chahiye na taare…na duniya ki daulat chahiye mujhe tumse bas tumhaara vahi pyar chahiye….mujhe vo pal vo pyar vaapas lauta do …tumhaari har khata ko bhul jaugi …tum meri zindagi the or rahoge …mere dil me meri saanso me tum hi tum ho …zinda hu jab tak tum hi mere hamsafar ho …tum paas raho ya door tumhaare siva koi mere dil me nahi basega …ye vaada hai mera mujhse …. mere vo pal waapas de do naaaaaaaaaa…;(

831:- Teri Ibaadat me koi aur hai… teri inteha koi aur hai… Teri baat hum se hui to kya,
Teri soch me koi aur hai… Hame shouk tha badi der tak tere saath shareek-e-safar rahe… Tere sath chal k khabar hui tera humsafar koi aur hai…

832:- Ek din maine kisi se pyar ka matlab pucha… Wo jor se hans pada aur kahne laga… Pyaar ka matlab nahi hota… Haan matlab ka pyar jaroor hota hain…!!

833:- Shouk se tod dil meraa…. Mujhe kyaa ? Tum hi rahte ho isme….. Khud hi ujad jaaoge !

834:- Sagar Ki Lehro Ka Kinara Na Raha,
Manzil Thi Par Thikana Na Raha,
Chalte Chalte Raste Yu Kho Gaye,
Jo Hamara Tha Ab Hamara Na Raha

835:- Pyaari si mithi nindiya ke baad ; Raat ke haseen sapnon ke baad ; Subah ke kuchh naye sapnon ke saath ; Aap hanste rahen aap ke apno ke saath ! GOOD MORNING !!!

836:- गिरा दे जितना पानी है तेरे पास ऐ बादल ; ये प्यास किसी के मिलने से बुझेगी,
तेरे बरसने से नही !!

837:- Jo kabhi ho tere dil mein sawaal,
Ki kitni hai mujhe zaroorat teri..?? Toh zara apni saans rok kar,
sanson ki talab mahsoos kar lena …!!

838:- ●» Kitna Chaahta Hun Tujhe Yeh Mujhko Pata Nahi,
●» Magar Tumhare Siwa Koi Aur Dil Mein Basa Nahi,
●» Zamana Dusman Ho Gaya Chaahat Ka Hamari,
●» Juda Ho Gaye Phir Se Ham Yeh Meri Khata Nahi…

839:- Uske liye jeena sikho jo aapke Liye marne ko taiyar ho Aur use hamesha khush rakho,
jiske dil mein sirf aapke liye hi pyaar ho..!

840:- Na Koi Meri Manzil Hai Na Kinara,
~ Tanhai Meri Mehfil Aur Yaadein Mera Sahara,
~ Unse Bichad Kar Kuch Yun Waqt Guzra,
~ Kabhi Zindagi Ko Tarse Kabhi Maut Ko Pukara,

841:- Aansu na hote toh aankhen itni,
khubsoorat na hoti.. Dard na hota toh khushi ki,
keemat na hoti.. Agar mil jaata koi chaahne se,
toh upar wale ki zaroorat na hoti …!!

842:- बहुत उदास है ,
,
,
,
,
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सब तेरे जाने से,
हो सके तो लौट आ,
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किसी बहाने से !! तू लाख खफा सही पर,
,
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एक बार तो देख ले,
सब टूट से गए है,
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,
,
,
,
,
,
,
,
,
,
,
,
,
तेरे रूठ जाने से !!

843:- सब कुछ हासिल नहीं होता ज़िन्दगी में यहाँ ,
किसी का “काश” तो किसी का “गर” छूट ही जाता है …

844:- Jee chahta hai un se pyari si baat ho,
Haseen chand taray hon,
lambi si raat ho,
Phir raat bhar yehi guftagu rakhen hum dono,
Tum meri zindagi ho,
tum meri kainat ho….!!

845:- Tum ko fursat ho meri jaan toh idhar dekh toh lo,
Chaar aankhen na karo ek nazar dekh toh lo.. Baat karne ke liye kaun tumhen kehta hai,
Na karo hum se koi baat magar dekh toh lo.. Apne beemaar-e-mohabat ki tasalli ke liye,
Haal-e-dil poochh toh lo,
zakhm-e-jigar dekh toh lo.. Dil-e-barbaad ko aabaad karo ya na karo,
Kam se kam tum mera ujda hua ghar dekh toh lo …!!

846:- Bas Ek Maafi,
Humari Touba… Kabhi Jo Ab Hum Satayen Tum ko..!! Lo Haath Jode,
Lo Kaan Pakde Ab Aur Kaise Manayen Tum ko..!!

847:- Tumse kitni mohabbat hai ye main bata nahi sakti,
Apni zindagi mein tumhari ehmiyat jata nahi sakti ..! Meri zindagi ka har lamha tumhi se shuru hota hai,
Tumse door reh ke ek pal bhi akele bita nahi sakti …! Mumkin hai main khud ko bhool jaaun,
Par tujhe bhoolne ki khata main kar nahi Sakti ..! Tum mere dil mein hi nahi mere rom-rom me base ho,
Tumse bichhad ke main ye zindagi jee nahi sakti ……!

848:- Muddat ka safar bhi tha,
aur barson ki chaahat bhi thi,
Rukte toh bikhar jaate,
Chalte toh dil toot jaate,
Yun samajh lo ki.. Lagi pyaas ghazab ki thi,
Aur paani mein zehar bhi tha,
Peete toh mar jaate,
Aur naa peete toh bhi mar jaate …

849:- Humne Bhi Kisi Se Pyar Kiya Tha… Hatho Me Phool Lekar Intezarr Kiya Tha… Bhul Unki Nahi Bhul Toh Humari Thi… Kyon Ki Unho Ne Nahi,
Humne Unse Pyar Kiya Tha…!!

850:- Apno ki inayat kabhi khatm nahi hoti,
risto ki mehak durio se kum nahi hoti,
jeevan me agar sath ho sache risto ka,
to zindgi jannat se kum nahi hoti.

851:- Jee Bhar Ke Dekhoon Tjhe Agar Tjhko Gawara Ho,
. Betab Meri Nazrain Or Pyar Tumhara Ho,
. Jaan Ki Fikar Ho Na Zamaney Ki Parwa,
. Ek Tera pyar Ho Jo Sirf Humara Ho….

852:- Heart is Empty Without Love,
Mind is Empty Without Wisdom ..! Eyes Are Empty Without Dreams & Life is Empty Without You My Sweat heart ..!!

853:- Mumkin Nahi Kisi Ko Samjh Pana ,
Samjhe Bina Kisi Se Dil Lagana… Aasan Hai Kisi Ko Pyaar Karna ,
Par Bahut Muskil Hai.. Zindagi Mein Kisi Ka Pyaar Pana …!!

854:- Hum ko ab tak aashiqii ka woh zamaana yaad hai,
tujh se woh pehle pahal dil ka lagana yaad hai.. Tujh se milte hi woh bebaak ho jaana mera,
aur tera daanton mein woh ungali dabaana yaad hai.. Kheench lena woh mera parde ka kona daffatan,
aur dupaTTe se teraa vo muu.Nh chhupaanaa yaad hai Jab siwa mere tumhara koi deewana na tha,
sach kaho kya tum ko bhi woh kaarkhana yaad hai.. ? Ghair ki nazron se bach kar sab ki marzi ke khilaaf,
woh tera chori chhipe mujh se milne aana yaad hai.. Aa gaya gar wasl ki shab bhi kahin zikr-e-firaaq,
woh tera ro ro ke mujh ko bhi rulaana yaad hai.. Dopahar ki dhoop mein mere bulaane ke liye,
woh tera kothe pe nange paaon aana yaad hai.. Chori chori hum se tum aa kar mile the jis jagah,
muddaten guzri par ab tak woh thikaana yaad hai.. Waqt-e-rukhsat alwida ka lafz kehne ke liye,
woh tere sookhe labon ka thar-tharana yaad hai …!!

855:- Are Aap Kyun Nahi Samajhate Ho Sanam,
●» Dil Ka Dard Dabta Nahi Hai Dabane Se,
●» Aapko Mohabaat Ka Ijhaar Karna Hi Padega,
●» Kyunki Mohabaat Chhupti Nahi Hai Chhupane Se…!!

856:- Mere Aansu Tere Liye Ek Wada Ho .. Tera Ghum Ek Tinke Se Bhi Aadha Ho .. Duaa Hai Tu Jitni Zindagi Jiye Khushi Se Jiye .. Bas Teri Umar Meri Zindagi Se Zyada Ho

857:- Kabhi HontoN Pe UngliyaN Kabhi Girebann Kheenchna… …..Un ka Andaz-e-Haq Jatana Hi Bara Jaan leva Hai..!!

858:- रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा,
प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,
थक कर ना बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर,
मंज़िल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा !! 🙂

859:- Nazar chahti hai didaar karna,
dil chahta hai pyaar karna,
kya batayein is dil ka aalam,
naseeb mein likha hai intezar karna…

860:- Mujshe mat puch ki kyun aankhein jhuka li maine.. Teri tasveer thi inn aankhon mein woh tujhi se chupa li maine..

861:- Kase byan karu ke alfaj nhi h Dard ka mere tujhe ehsas nhi h Tu puchta h ke kya dard h mujhe? Dard to j he ke tu mere pass nhi h…

862:- Kab Huyi pyar ki Barsat Mujhe Yaad Nahi Khof mein doobi mulaqat Mujhe Yaad Nahi Mai to Madhosh tha kuch itna Uski Chahat Mein Us Ne Kab Chorr Diya Sath Mujhe Yaad Nahi.!

863:- तुमको छुपा रखा हे इन पलकों मे,
पर इनको ये बताना नहीं आया,
सोते हुए भीग जाती हे पलके मेरी,
पलकों को अब तक दर्द छुपाना नहीं आया..

864:- Udas Hoon Par Tujhse Naraz Nahi.. Tere Dil Main Hoon Par Tere Pass Nahi.. Waise To Sab Kuch Hain Mere Pass.. Par Tere Jaisa Koi Khass Nahi.

865:- “Ho Sake To Tum Apna Ek Wada Nibhane Ana” “Meri Payasi Ankho Ko Apna Deedar Karwa Ke Jana” “Badi Hasrath Thi Tumhare Bahon Mein Bitau Kuch Pal” “Agar Yeh Sans Tham Gayi To Meri Laash Se Aakar Lipat Jana”

866:- Tufaan ki baat nahin,
tufaan to Aatey jatey hain,
Narm hawaa ka jhonka hai jo dil ke baagh mein thehra hai.

867:- Banun gi main bhi dulhan ek din mera bhi aayega raj kumar doli leke mere dwaar main khil uthungi gulab si mehndi se honge hath laal mere ye armaan kab honge poore raha mujhe iska hamesha intzar

868:- ऐ मेरे हमनशी चल कहीं और चल इस चमन में अब अपना गुज़ारा नहीं फूलों की बात होती तो सह लेते अब तो कांटो पे भी हक हमारा नहीं ! 🙁

869:- Yeh Dard Ke Tukre Hain,
Ashaar Nahi Saaghar Hum Kaanch Ke Dhaage Mai Zakhmon Ko Pirotey Hain.. ` Aao Kisi Shab Mujhe Toot Ke Bikharta Dekho Meri Ragon Mai Zehr Judaai Ka Utarta Dekho Kis Kis Adaa Se Tujhe Maanga Hai Khuda Se Aao Kabhi Mujhe Sajdon Mai Sisakta Dekho.. ` Bekhabar Tujhe Kiya Khabar,
Teri Aankhon Mai Kesa Jamal Hai Tujhe Dekh Le Jo Bas Ik Nazar,
Us Ki Aankhon Mai Phir Yeh Sawal Hai.. ` Mujh Se Bichar Kar,
Mujh Ko Rula Kar Udaas Tha Meri Tarah Wo Khud Ko Jala Kar Udaas Tha Aese Ajeeb Dard Ke Pehre The Chaar Soo Ab Ke Wo Mere Shehr Mai Aa Kar Udaas Tha… ` Dil Ke Liye Dard Bhi Roz Naya Chahiye Zindagi To Hi Bata Kaise Jiya Chahiye Maano Meri Kazmi,
Tum Ho Bhaley Aadmi Phir Wohi Aawargi,
Kuch To Haya Chahiye…

870:- Pal Pal Uska Saath Nibhaate Hum Aik Ishare Peh Duniya Chhor Jate Hum Samundar K Beech Me Pohanch Kr Fareb Kiya Usne Woh Kehta To Kinare Peh Hi Doob Jate Hum…

871:- Unke Hontho Pe Mera Naam Jab Aya Hoga.. Khudko Ruswayi Se Phir Kaise Bachaya Hoga.. Sounke Fasana Auro Se Merii Barbadi Ka.. Kya Unko Apna Sitam Na Yaad Aya Hoga?

872:- Tum Dil Se Yun Pukara Na Karo,
Humko Yun Ishara Na Karo,
Dur Hai Tumse Ye Majburi Hai Hamari,
Tum Tanhaiyon Mein Yu Rulaya Na Karo…

873:- Aansu aa jatay hain aankhon main,
Per labon pay hansi lani parti hay,
Yeh mohabbat bhi kia cheez hay yaroo,
Jis sey kertay ho usi say chupani parti hay..

874:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

875:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

876:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

877:- Aksar jab hum aapko yaad karte hai apne rab se yahi fariyaad karte hai umar hamari bhi lag jaye aapko kyoki hum aap ko khud se zyada pyar karte hai…

878:- Bari mudat sey chaha hey tumhain Bari duaoon sey paya hai tumhain… Tumhain bhulaaney ka socho b kasey Kismat ki lakiron se churaya hai tumhain…!! ` Lafzon Ke Fasaane Dhondhte Hain Hum Log Lamhon Mai Zamaane Dhondhte Hain Hum Log Tu Zehr Hi De Sharaab Keh Kar Saaqi Jeene Ke Bahaane Dhondhte Hain Hum Log… ` Raabton,
Rishton Mai Uljhan Thi Bohot Is Nizam-E-Shehr Mai Rehne Ki Himmat Hi Na Ki Lafz Yeh Logon Mai Raij Tha “Bohot” Is Liye Is Shehr Mai Hum Ne Mohabbat Hi Na Ki… ` Har Taraf Aap Ki Yaad Par Laga Ke Pehra Jee Kara Kar Ke Betha Tha Ke Mat Yad Aye Nagahan dil kisi baat par aesa dukha,
Mai Bohot Roya,
Mujhe Aap Bohot Yad Aye… ` Duniya To Hai Kaanton Ka Bichona Pyaare Tum Hum Se Kabhi Hona Na Judaa Pyaare Aao Mil Kar Dukh Ke Lamhe Kaaten Ik Jashn Hai Sath Sath Rona Pyaare… ` Rota Hun To Ahbaab Bura Maante Hain Hansta Hun To Mujrim Mujhe Gardante Hain Har Haal Mai Aetiraaz Karne Waale Nadaan Mere Halaat Kahan Jaante Hain… ` Lipta Hai Mere Dil Se Kisi Raaz Ki Surat Wo Shakhs Ke Jis Ko Mera Hona Bhi Nahi Hai Yeh Ishq-O-Mohabbat Ki Riwayat Bhi Ajab Hai Paana Bhi Nahi Hai,
Usse Khona Bhi Nahi Hai.. ` Dekhte Hain Aaj Hum Us Raah Ki Weeraaniyan Yaaron Ke Sang Kaati Jahan Hum Ne Zindaganiyan Guzar Gaya Wo Daur,
Bichar Gaye Sab Dost Sath Reh Gaen To Un Lamhon Ki Kahaniyaan.. ` Kisi Ki Dhun,
Kisi Ke Gumaan Mai Rehte Hain Hum Ek Khuwab Ki Surat Jahan Mai Rehte Hain Ghamon Ki Dhoop Se Darte Nahi Hain Wo Amjad Kisi Nigaah Ke Jo Saiybaan Mai Rehte Hain.. ` Jab Rooh Kisi Bojh Se Thak Jaati Hai Ahsaas Ki Lo Aur Bhi Barh Jaati Hai Mai Barhta Hun Zindagi Ki Janib Lekin Zanjeer Si Paon Mai Chanak Jaati Hai..

879:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

880:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

881:- Mujhe dard e ishq ka mazaa maloom hai,
Dard e dil ki inteha maloom hai,
Zindagi bhar muskurane ki dua naa dena,
Mujhe pal bhar muskurane ki sazaa maloom hai.. Bicher jana tu os k liye maenay nahin rakhta,
Jafaon ka apni hissab wo zabani nahin rakhta,
Rota nahin ya osay rona nahin aata,
Sungdil hai ya phir aankhon mein pani nahin rakhta…. Aashna hotey huay bhi aashna koi nahin Jantey hain sab mujhy pehchanta koi nahin Mukhtasir lafzon mein ye hai mizaj-e-dosti Rabta beshak hai sab se wasta koi nahin Mere aur Us ke chahne me ek farq tha,
Mujhe wo aur Us ko sara zamana chahiye tha Nadaani mein hum kisse apna samajh baethe,
Jo dikhaaya uss Bewafa ne Sapna,
hum haqeeqat samajh baethe Dekho aaj chod diya hamein,
Usne ek Gair ke liye,
Jisse hum apna Humsafar samajh baethe zakhm itna gehra hain izhaar kya kare hum khud nishana ban gaye vaar kya kare so gaye hum magar khuli rahi aankhen is se zyada unka intzaar kya kare Bhool jana tha to phir apna banaya kiyon tha Jhooti ulfat ka yaqin dilaya kiyon tha Apni chahat ka yaqin dilaya kiyon tha hooti manzil ka neshan banaya kiyon tha Wo muskra k dard taal deta hy,
Kisi kisi ko khuda ye kamal deta hy. Nazar utha k jis ko dekh le wo ek bar,
Yaqeen karo usay mushkil main daal deta hy. Bus ik zara khayal is dosti ka tha,
Warna bohat gila teri berukhi ka tha,
Mujhko laga mai b teri zindgi men hoon,
Per ye to koi dhoka meri saadgi ka tha…

882:- Aankho me arman diya karate hai,
Ham sabki Neend Chura liya karate hai,
Ab jab jab aapki palke Zukengi,
Samaj lena ham aapko yaad kiya karate hai. kaash wo nagme humein sunaye na hote,
aaj unko sunkar ye aansu na aaye hote,
agar is tarah bhul jaana hi tha,
to itni gehrai se dil mein samaaye na hote.. Iss dil ko kisi ki aahat ki aas rehti hai,
Nigaah kokisi soorat ki pyaas rehti hai,
Tere bina zindagi mein kami toh nahi,
Phir bhi tere bina zindagi udhaas rehti hai Unki tasveer ko seene se laga lete hain,
Iss tarah judai ka gham mitaa lete hain. Kisi tarah zikar ho jaye unka,
To hanss kar bheegi palkein jhuka lete hain. Tapan suraj se hoti hai,
Tapana Zameen ko padta hai,
Mohabbat Ankho se hoti hai,
Tadpana dil ko padta hai. Bhula kar hame wo khush reh payenge sath mein nahi to mere jane k baad muskuraye ge Dua Hai Khuda se ki unhe kabhi dard na dena,
Hum to seh gaye par wo toot jayenge! Tanhai jub muqaddar mein likhi hai,
To kia shikayat apnon aur bayganon se,
Hum mit gaye jin ki chahat main,
Woh baaz nahin aatay hamain azmanay se. Lamha Lamha ye waqt gujar jayega Bas khuch hi ganto baad naya saal ajayega Isliye Abhi se naye saal ki badhai lelo Warna Bazi koi aur mar jayega. Mohabbat me maine kya khuch nahi luta diya,
Mohabbat me maine kya khuch nahi luta diya,
Unko pasand thi roshni,
Aur maine khud ko hi jala diya. Hathon ki lakiron main kismat hoti hai,
Milna aur bhul jana logo ki fitrat hoti hai,
Bikharta to har koi hai dard me,
Magar gum bhulana ensaan ki jarurat hoti hai..

883:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

884:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

885:- Honton pe hansi,
ankhon main khushi Gham ka khanin nam nahu,
ye “Diwali” laye app ki zindagi main itni khusiyan,
Jiski Khabhi sham na hu…

886:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

887:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

888:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

889:- Chandni raat sahil ko diwana bana deti hai… shamma parwane ko jala deti hai.. Ishaq aisi chiiz hai… jo achcho achcho ko roola deti hai…!

890:- Mehfil main kuch to sunana padta hai,
Gham chupakar muskurana padta hai,
kabhi unke hum bhi the dost,
Aaj kal unhe yaad dilana padta hai…

891:- Kisi ke dil mein basna bura to nahi Kisi ko dil mein basana khata to nahi Hain ye zamane ki nazar me bura to kiay hua Zamane wale bhi insan hai khuda to nahi..

892:- Phool nahi hum kanto main baste hai..! khushi nahi hum gum main bhi haste hai..! shayari karna aasan nahi dost ….! dard dil main hota hai ……! tab shayari bante…

893:- Manzil kay hai,
rasta kya hai,
hausla hai to fasla kya hai,
vo saja dekar door jaa baithe,
kis se puchhun ki meri khata kya hai…

894:- Pyaar baarish ki bundho ki tarah hai,
Jikso chune ki khwaish mein,
Hatheliyan to gili ho jaati hain,
Par haath hamesha khali hi rehti hain…

895:- Tammanna se nahi tanhai se darte hain pyaar se nahi ruswayi se darte hain milne ki to bahut chahat hai magar milne ke baad judai se darte hain…

896:- Chah Ke Bhi Kabhi Na Tumko Bhula Payenge Hum Karte Hain Wada Yeh Nibha Payenge Hum Khud Ko Fanna Kar Denge Is Jahaan Se Hum Par Naam Tera Na Dil Se Mita Paayenge Hum…

897:- Kaun jane kab maut ka paigam aa jaye,
Zindagi ki akhari sham aa jaye,
Hum toh dhundhte hain waqt aisa jab,
Hamari zindagi apke kam aa jaye…

898:- Tammanna se nahi tanhai se darte hain pyaar se nahi ruswayi se darte hain milne ki to bahut chahat hai magar milne ke baad judai se darte hain…

899:- Sapno Ki Duniya Ajib Lagti Hai,
Jhuthi Hi Sahi Par Har Khushi Nasib To Hoti Hai,
Beshak Aate Hai Sapne Kuch Pal Ke Liye,
Par In Palo Me “Jannat” Kitni Karib Hoti Hai…

900:- Shayari karne ke liye kya chahiye Na koi mushaira na hi koi mehfil chahiye Sher ko sun kar jo dard mehsoos kar sake Sirf ek aisa dil chahiye

901:- Badalna aata nahi humko mausmon ki tarah Har ek rut mein tera intejar karte hain Na tum samet sakogi jise qyamat tak Kasam tumhari tumhe itna pyar karte hain…

902:- Kisi Ko Apna Banane Me Der Lagti Hai,
Kiya Hua Waada Nibhane Me Der Lagti Hai,
Pyaar To Pal Bhar Me Ho Jaata Hai,
Par Unhe Bhulane Me Saari Umar Bhi Kam Pad Jaati Hain…

903:- Ho gayi shaam kisi ke intejar mein,
Dhal gayi raat usi ke intejar mein,
Fir hoga sawera usi ke intejar mein,
Intejar ki aadat pad gayi hai intejar mein…

904:- Shayar to hum hai shayari bana denge aapko shayari me qaid kar lenge kabhi sunao hume apni aawaz aapki aawaz ko hum ghazal bana denge…

905:- Mohabbat har insaan ko azmaati hai Kisi se rooth jaati hai aur kisi par muskurati hai Mohabbat khel hi aisa hai Kisi ka kuch nahi jaata aur kisi ki jaan chali jaati hai…!

906:- Unhe Pyar Karna Nahi Aata Hume Pyar Karne Ke Siwa Aur Kuchh Nahi Aata Jeene Ke Sirf Do Hi Raste Hain Ek Unhe Nahi Aata Aur Ek Hume Nahi Aata…

907:- Zindagi hasin hai zindagi se pyaar karo,
Hai rat to subah ka intzar karo,
Wo pal b ayega jiska intzar hai aap ko,
Rab pr bhrosa or waqt pe aitbar rakho…!

908:- Mohabbat ke anjaam se darr rahein hain,
Nighaon main aapni khoon bhar rahein hain ,
appki Jaan ko le udda hai koi,
Aur app yahi bethe hue sher o shayari kar rahein hain….

909:- Yaadon Mein Har Pal Rahti Ho Tum,
Kabhi Na Dil Mein Khayaal Ho Tera Kam,
Tamanna Hai Yeh Dilki Mere,
Ki Tujhe Kabhi Chaahun Na Kam,
Bayaan Karun Jau Hai Dil Mein Mere,
Kahe Na Chaahen Hum,
Kahe Na Chaaho Tum,
Par Bayaan Karen Tau Hum Kaise Karen,
Dilse Hothon Tak Aaye Par,
Kahe Na Paayen Hum,
Kahe Na Pao Tum…

910:- Akasr jab hum unko yaad karte hai…. Apne rab se yahi faryaad karte hai… Umar hamari bhi lag jaye unko.. Kyoki hum unko khud se zyada pyar kaarte hai…

911:- Ek Hasti hai jo Jaan hai Meri,
Jo Aan se barh kar Maan hai Meri,
Khuda Hukum dai to kar don sajda usay,
Kyon k woh koi aur nahi Maa hai meri…

912:- Kabhi Maa Ko Na Dekhu To Chain Nahi Aata Hai,
Dil Na Jane Kyu Maa Ka Naam Sochte Hi Behel Jata Hai,
Kabhi Muskra De To Lagta Hai Zindgi Mil Gayi Mujhko Nayi,
Kabhi Dukhi Ho To Dil Mera Bhi Dukhi Ho Jata Hai…

913:- Dard jitna hai meri nigahon me,
na de khuda kisiki raho me,
bitana chahte they zindagi jinki bahon me Shayad maut bhi na mil payegi unki panaho me…

914:- Jawaab teri shayari ka…. Denge hum shayari mein…. Naam tera likh baithe hain…. Apne dil ki diary mein….

915:- MOHABBAT Har insaan ko Aazmaati hai… Kisi se root jaati hai,
Toh kisi pe Muskurati hai… Mohabbat cheez hi aisi hai,
Kisi ka kuch nahi jaata.. Kisi ki jaan chali jati hai…!!

916:- Intajaar uska jiske aane ki koi aas ho,
Khushboo bhi us phool ki jo mere paas ho,
Manjil na mil saki hame to koi baat nahi,
Gam bhi usi shakhs ka hota hai jise pyaar ka ehsaas ho.

917:- Ae dost zindagi bhar mujhse dosti nibhaana,
dil ki koi bhi baat humse kabhi na chupaana,
sath chalna mere tum dukh sukh mein bhatak jau mein jo kabhi sahi raasta dikhlaana…

918:- Pehli baarish ka nasha hi kuchh alag hota hain,
Palko ko chhute hi sidha dil pe asar hota hain,
Mehka mehka saawan aaj iss dil ko behka raha hain,
Gumsum si nazro ko aaj ye pyar karna sikha raha hain …

919:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

920:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

921:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

922:- Kabhi zid main hi tera ho gaya kabhi dil ne tujhko gawa diya,
Isi kashmakash me jiye sanam tune yaad rakha ya bhula diya… ` Baarish Ki In Bondon Me Na Jane Kis K Aansoo Hain Wasi,
Saddiyon Pehly Shayad Koi Saddiyon Beth K Roya Tha.. ` Udasiyon Aur Ghumo Se Wabasta Hai Ye Zindagi Meri Khuda Gawah Hai ke Phir Bhi Tujhe Main Yaad karta Hu… ` Mat Cheen Apna Naam Mere Lab Se Is Tarah Is Be Naam Zindagi Mein Tera Naam Hi To Hai.. ` Uss k hath mein tootay hoye sheeshay ki tarah hon Faraz… Itna hi bhout hai k woo bhikarnay nahi deta.. ` Har kisi ky Naseeb main kahan likhi hain Chahtein,
Kuch Log Duniya main atae hain Faqat Tanhaiyun k Liye… ` Jab Tak Na Lagay Bewafai Ki Thokar Dost,
Har Kisi Ko Apni Pasand Par Naaz Hota Hay… ` Ab Yeh Aalam Hai K Tanhai Se Hum Tang Aa Kar Khud Hi Darwazay Ki Zanjeer Hila Detay Hain…!! ` Mere Mola ne mujh ko Aansoo’on ki Saltanat de di Wasi me Jab bhi Hansta hun to aankhain bheeg jati hain… ` Hai Phir Hamen Duaon kay Saharay Ki Zaroorat. Aey Kaash Hamen Aaj Koi Dil Say Dua Day…

923:- Zindagi mein gham mile toh mile,
Pyaar unka kabhi kam na mile,
Chahte hai hum unko jitna,
Ki guna pyaar humein unka mile….

924:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

925:- Hai tu agar mera dilbar,
Hai tu agar mera dilbar,
To aaj ke lunch ka bill tu bhar. ————————————————————————- wah wah wah wah…………… aacha aab ek aur…….. When words fails,
Eyes works. When eyes fails,
heart works. When heart fails… To kya? Samajh le Tapak gaya!……. ———————————————————————— Agar tum kaho to tumhare liye aasman se chand taare torr laun,
Agar tum kaho to tumhare liye aasman se chand taare torr laun,
Lekin tum unka karogi kiya??? (Kya logical sher hai!!) ————————————————————————- Ab jab gira baadal,
teri yaad ai,
Jhoom ke barsa saawan,
teri yaad ai,
Bheega main,
lekin phir bhi teri yaad ai,
Kiyun na aey teri yaad? Tune jo chhatri ab tak nahi lautai… aacha bahut paak gaye hoge ………aab bas last………phir khatam Dil ka dard dil todne waley kya jaaney,
Pyar ke rivajon ko zamana kya jaaney,
Hoti hai kitni takleef ladki ko pataney main,
Ye ghar pe baitha ladki ka baap kiya jaaney. Majnu ko Laila ka sms nahi aya,
Majnu ne 2 din se khana nahi khaya,
Majnu marne wala hai Laila ke pyar main,
Aur Laila bethi hai sms free hone ke intazar main………

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927:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

928:- Logon Ne Kaha Ki Main Sharabi Hoon,
Maine Kaha Unho Ne Ankhon Se Pilaiee Hai. Logon Ne Kaha Ki Main Ashiq Hoon,
Maine Kaha Ashiqi Unho Ne Sikhaiee Hai. Logon Ne Kaha Rahul Tu Shayar Dewana Hai,
Maine Kaha Unki Mohabbat Rang Laiee Hai.

929:- Meri Kabar Pe Mat Gulaab Leke Aana Na Hi Haathon Mein Chiraag Leke Aana Payasa Hu Main Barso Se Jaanam Botal Sharab Ki Aur Ek Glass Leke Aana..

930:- Hamesha yad ati hai unki.. Aur mood ho jata hai kharab.. Tab Hamesha lekar baithe hai hum….. ek hath me Kalam aur ek hath me sharab…

931:- Ho chuki mulakaat abhi salaam baaki hai Tumhare naam ki do ghoont sharaab baki hai Tumko mubarak ho khushiyoon ka shamyaana Mere naseeb me abhi do gaz zameen baki hai…

932:- Main todh leta agar gulab hoti,
mai jawab banta agar sawaal hoti,
sab jante hain mai nasha nahi karta,
Par pee leta agar sharaab hoti…

933:- Ek Jahan Maanga Tha Jisme Bahot Saara Pyar Mile,
Magar De Diya Mehkhana Jahan Bahot Saari Sharab Thi Ek Kandha Maanga Tha Jiska Mujhe Sahara Mile,
Magar De Di Zindagi Jahan Duniya Bhar Ki Tanhai Thi…

934:- Dil Pe Jab Se Sharab Ka Pehra Lag Gaya,
Gam Ka Andar Aane Ka Raasta Band Ho Gaya Zubaan Ne Jab Se Sharab Ko Chhu Liya,
Uska Naam Hamesha Ke Liye Bhool Gaya…

935:- Khushiyo Se Naraz Hai Meri Zindagi,
Pyar Ki Mohtaz Hai Meri Zindagi,
Hans Leta Hoo Logo Ko Dikhane Ke Liye,
Warna Dard Ki Kitaab Hai Meri Zindagi…

936:- Kabhi aansu kabhi khushi dekhi,
Humne akshar majburi or bekasi dekhi,
Unki naarazgi ko hum kya samjhe,
Humne khud apni taqdeer ki bebasi dekhi…

937:- Nasha hum karte hain ,
ilzaam sharaab ko diya jaata hai,
magar ilzaam sharaab ka nahi unka hai,
jinka chehraa hume har jaam mein nazar aata hai…

938:- Wo Bhi Din They Jab Hum Bhi Piya Karte They,
Yun Na Karo Hamse Piney Pilaney Ki Baat,
Jitni Tumhare Jaam Mein Hai Sharab,
Utni Hum Paimaney Mein Chod Diya Kartey They…

939:- Dard ki mehfil me ek sher hum bhi arz kiya karte hai.. Na kisi se marham Na duaon ki Ummed kiya karte hai.. kayi chehre lekar log yaha jiya karte hai……. hum in aasunao ko ek chehre ke liye peeya karte hai….

940:- Hamesha yad ati hai unki.. Aur mood ho jata hai kharab.. Tab Hamesha lekar baithe hai hum….. ek hath me Kalam aur ek hath me sharab…

941:- Yaaro ki Mehfil Aise Jamai Jati Hai Kholane se Pehle Botal Hilaayi Jati Hai Fir Awaz Lgayi Jati Hai Aa Jao Tute DiL Walo Yaha Dard-E-DiL Ki Dawa Pilayi jati hai!

942:- Kuch log peete hain gam bhoolane ko…… kuch log peete hain koi aur gam bhoolaane ko…. par ai dost ye kya……… hum to mahoal na milane ke gam mein peete hain…..

943:- Tum Haseen Ho Gulab Jaisi Ho Bahut Nazuk Ho Khawab Jaisi Ho Dil ki dhadkan main aag lagati ho Hothon Se Lagakar Pee Jayoon Tumhe Sir Se Paanv Tak Sharab Jaisi Ho…

944:- Peene Pilane Ki Kya Baat Karte Ho,
Kabhi Hum Bhi Piya Karte The,
Jitni Tum Jaam Mein Liye Baithe Ho,
Utni Hum Paimaane Mein Chod Diya Karte The…

945:- Pi Hai Sharab Har Gali Ki Dukan Se,
Dosti Si Ho Gayi Hai Sharab Ki Jam Se,
Gujre Hai Hum Kuch Aise Mukam Se,
Ki Aankhen Bhar Aati Hai Mohabbat Ke Nam Se..

946:- Har Baat ka Koi Jawab Nahi Hota… Har Ishq ka Naam Kharab Nahi Hotaaa.. Yuh to Joom Lete Hai Nashe me Pine Wale Magar Har Nashe ka Naam Sharab Nahi Hota…

947:- Peetay They Sharab Hum,
Usne Chudadi Apni Kasam Dekar,
Mehfil Me Gaye The Hum,
Yaroon Ne Piladi Uski Kasam Dekar…

948:- Kuch is terha guzarti ab,
humaari har shaam hai,
Ek haath tasveer unki to,
aik haath jaam hai! Bekaar hai yaad dilana ,
k shaye ye haraam hai,
Sab kuch bhool jaate hain ,
jab koi leta unka naam hai! Hum to yehi kahenge,
Mai be-wajah badnaam hai,
Dard-e-dil se humko to ,
pahunchaati ye araam hai! Tabaah kerti hai sharaab,
ghalat is per ilzaam hai,
Madadgaar ka badnaam hona to,
qudrat ka nizaam hai! Hum ghamkhaaron ka mai ko,
Tah-e-dil se salaam hai,
Bina iske to khudaa jaane,
kya humara anjaam hai!

949:- Har taraf khamoshi ka saya hai,
Zindagi me pyaar kisne paya hai,
Hum yaadon mein jhoomte hai uski aur zamana kehta hai,
“Dekho aaj phir peekar aaya hai.”

950:- Gham tum laate ho zindagi mein humaare,
wo zakhm aane he nahi deti,
khushi ko to ek pal mein bikher dete ho tum humaari,
wo to khushi ko jaane he nahi deti,
hosh mein laa-laa kar tum hosh udaati ho humaare,
wo sharaab to hosh mein aane he nahi deti…

951:- Duriyaa Aasani Se Mitati Hai “SHARAAB”,
Majburiyon Ko Nashe Me Nachati Hai “SHARAAB”…. Aansuwo Ko Mila De Tu Apne Har Ek Jaam ME,
Fir Dekh Kaise Yaadon Ko Aur Kareeb Lati Hai “SHARAAB”….. Thake Chuke Hai Jo Is Duniya Ke Sitamo Se,
Unhe Do Pal Ki Rahat Dilati Hai “SHARAAB”….. Pankh Laga Ke Aasmaan Me Ud Jaate Hai Jo Panchi,
Do Ghoot Me Unhe Baho Me La Sakti Hai “SHARAAB”….. Jiss Ka Hath Sari Duniya Chod Deti Hai,
Unke Hatho Me Aksar Paayi Jati Hai “SHARAAB”…. Kabhi Bhi Apne Gumon Ko Bhulna Ho To Keh Dena,
Kitne Bhi Bade Gum Me Kisiko Bhi Hasati Hai “SHARAAB”

952:- Teri aankhon se yoon to saagar bhi piye hain maine,
Tujhe kya khabar judaai ke din kaise jiye hain maine…

953:- Kuch log peete hain gam bhoolane ko…… kuch log peete hain koi aur gam bhoolaane ko…. par ai dost ye kya……… hum to mahoal na milane ke gam mein peete hain…..

954:- Nasha hum karte hain ,
ilzaam sharaab ko diya jaata hai,
magar ilzaam sharaab ka nahi unka hai,
jinka chehraa hume har jaam mein nazar aata hai… Jamm pi kar apne gam ko kaha kam kia hamne,
Har waqt teri yaadon main in aankhon ko namm kia hamne. Chaha tha tujhe bhulna par yaad hi kia hamne. Aur jindagi ke baad bhi kabarr se haath nikaal kar tera hi intezar kia hamne. Sham thi wo kaatil,
jo uski yaaden le aai ,
Thy ham tanha,
hame mahkhane le aaye,
Saaki ne toa aur bhi julam dhaya ham par,
Ke chalak gaya paimana,
aisi aankhiyon se pilayi … Nazar saaki par hain,
aur lab paimaane par Dil hamara hai aaj fir,
kisi kay nishaane par Woh khaali pyala liye letein hain,
kabar main apni Kehte hain sharab milaegi,
jannat kay aane par.. Hamari kahani sunn sakee ki bhi aankhon main aansoo aa jate hain,
Saare mehkhane ki sharab peekar bhi hum nashe main nahi aate hain,
Kya karein sakee aab toa itni jyada peene lage hain,
Kay hum mehkhane main bhi darwaje se lauta diye jate hain. Bichdee huae yaar hain millee par unkii yaade nahi bichdii Gamm unke diye hain par unki chaah nahi bichdii Saaki bottal khol de aaj saari tere maikhaane kii Deekhen aaj pehmaano main rehta hai gamm ya hamare dil main… Mat karo meri batoon pe yakin ,
maine nashe mai hu,
Woh thi hamare kareeb ,
mai nashe mai haun…

955:- Dil lagana chod diya humne aanso bahana chod diya humne . bahut kha chuke dhokhe pyar me,
muskurana isliye chod diya humne…

956:- Sache pyar ko paana kisi ke naseeb mein nahi hai,
Agar pyar karke kuch paana hai toh wo siraf gum hai,
Joh log pyar kyu karte hai? Jab pta hai k pyar karke kismat mein sirf tadap,
aansu aur gum hai…

957:- karni thi bahut si baatein,
lekin shayad waqt ko nahi tha manjur,
muje to kardiya tumse judaa usne,
lekin nahi kar payega teri yadoon ko mujse duur…

958:- Maine jo socha wo kabhi paya nahi,
Chahakar bhi main usko bhul paya nahi,
Chahata to tha main usko apnana,
Par maine usko kabhi ye bataya nahi…

959:- Kuch Log Hum Se Khafa Hain,
Jane Kya Hui Hum Se Khata Hain. Na Woh Hamein Yaad Karte Hain ,
Na Woh Hum Se Baat Karte Hain. Shayad Yeh Hamari Chahat Ka Aasar Hai,
Jis Ko Chahate Hain Woh Hi Hum Se Juda Hain….

960:- Jab Hum Chote The Toh Sone Ke Liye Rone Ka Natak Karte The,
“Par Aaj” Hum Jab Bade Ho Gaye Hain Toh Rone Ke Liye Sone Ka Natak Karte Hain…..

961:- Humse pucho kya hota hai pal pal bitana,
Bahut mushkil hota hai dil ko samjana,
Yaar zindagi toh beet jayegi,
Bus mushkil hota hai kuch logo ko bhul pana…

962:- Ankhon me aa jate hai aansu,
phir bhi labo pe hasi rakhni padti hai,
Ye mohabbat bhi kya cheez hai yaaro,
jis se karte hai usise chupani padti hai…

963:- Mil ke juda ab hone se.. dil kyun darta hai khone se.. main tere saath mein.. ab rahoonga sada.. aakhri saans tak hum na honge juda.. Yaar badal na jaana..Mausam ki tarha…

964:- Dil ke aaine mein kisi ko chupaa liya aur dard ko apne inn aankhon mein sama liya aaina to toot gaya magar hamne aks ko uske apna saaya bana liya…

965:- Kudrat ke karishmo me agar raat na hoti,
Khwabon me bhi unse mulakaat na hoti,
Yah dil hi to hai gam ki vajah,
Yah dil hi na hota to kal baat na hoti…

966:- Dil me tamannaon ko dabana seekh gye,
Gam ko ankhon me chhipana seekh gye,
Mere chahre se kahin koi baat zaahir na ho,
Daba ke hothon ko ham muskrana seekh gye…

967:- Tuta hua phool khusbu de jata hai,
Bita hua pal yaaden de jata hai,
Har shakhs ka apna andaz hota hai,
Koi zindgi me Pyar,
To,
Koi Pyar Me zindgi de jata hai…

968:- Pane ki aarzu me jiye to they bahut.. Aansu hi na nikle roya to the bahut,
. Pal bhar ke liye unhe aazmaya to tha bahut.. Apna hi na bana sake jise chaha tha to bahut…

969:- Wada hum nai kya tha nibhaney k liye Ek dil dia tha ek dil pane k liye Unho ne mohabbat sikha di or kaha. Hum nai tou mohabbat ki thi tumhe azmaney k liye…

970:- Naam ki kya baat kartey hoo,
Log chehrey tak bhul jaate hain,
Tum Samundar ki baat karte hoo,
Dubne waale to Aankhon mein bhi doob jaate hain…

971:- Log Pyar Dil Se Nahi Chehare Se Karte hai,
Wo Dil Pe Nahi Sundarta Par Marte hai,
Hum Sundar Nahi Par Dil Ke Saaf hai,
Isliye Bahut Kam Log Hume Pasand Karte hai …

972:- Tanhaiyon mein unhe yaad karte hain,
Woh salamat rahe yeh fariyaad karte hai. Unhi ki shayari ka intezaar karte hain,
Unhe kya pata hum unse kitna pyaar karte hai…

973:- Gujar Gayi Who Sitaaron Wali Sunahri Raat,
Aa Gayi Yaad Who Tumhari Pyari Si Baat Aksar Hoti Rehti Thi Hamaari Mulaqaat Bin Aapke Hoti Hai Ab Toh Din Ki Shuruaat…

974:- Ab k sawan me paani barsa bahut,
Pani ki har bund me wo aaye yaad bahut,
Ia suhane mausam me sath nhi yha koi,
Baadalo k sath in aankho se pani baha bahut.

975:- Zindagi Main Kabhi Pyaar Karne Ka Man Ho To Apne Dukh Se Pyaar Karna Kyunki…. Duniya Ka Dastoor Hai… Jise Jitna Chahoge Use Utna Door Paooge..

976:- Kabhi hum tute to kabhi khwab toote na jane kitne tukdon mei armaan toote Har tukda aaina hai zindagi ka har aaine ke saath lakhon jazbat toote…

977:- Mere Wajod Me Kash Tu utar Jaye Mai Dekhu Aaina Or Tu Nazar Aye Tu Ho Samne Aur Waqt Thehar Jaye Ye Zindagi Tujhe Yuhi Dekhte Hue Guzar Jaye..

978:- Thukra De koi Toh Dil Toot Jata hai Toot Jati hai Yadein,
Jab koi Apna Samaj Nahi Pata hai Sach Kahte hai Duniya wale Insaan Sabse Jeet kar,
Ant mein Apno se Haar Jata hai…

979:- Zindgi Chahat ka Silsila Hai Phir Bhi Jisko Chaha Wo Kaha Mila hai Dushmano Se Humse Koi Shikayat nahi Apno Ne Hi Loota iss Baat Ka Gila hai Jisko Chaha Wo hi De Gaya Daga Humko Zamane Mein Kya Yahi Milta Wafa ka Sila hai ..

980:- Yaad rukti nahi rok paane se. Dil maanta nahi kisi k smjhane se. Ruk jati hai dhadkene aapko bhool jane se. Isliye aapko yaad karte hai zine k bhane se..

981:- Kash Humari Bhi Parwah Kisi Ne Ki Hoti,
To Ye Duniya Humse Ruswa Na Hoti,
Agar Aata Aap Jaisa Muskurana Humein,
To Humse Bhi Kisi Ne Mohbbat Ki Hoti…

982:- Dil me tamannaon ko dabana seekh liya,
Gam ko ankhon me chhipana seekh liya,
Mere chahre se kahin koi baat zaahir na ho,
Daba ke hothon ko hamne muskrana seekh liya…

983:- Kamyabi kabhi badi nahi hoti,
Pane wale hamesha bade hote hai. Darar kabhi badi nahi hoti,
Bharne wale hamesha bade hote hai. Itihaas ke har panne par likha hai,
Dosti kabhi badi nahi hoti,
Nibhane wale hamesha bade hote hai…

984:- Na pyaar karo kisi se,
dil kho doge,
Unki ek galti pe tum ro doge,
Sukh chain udaana ho to dil laga lena,
Is gham se ubhar sako to humein bhi sikha dena…

985:- Tanhaayi ka lamba safar katt-ta hi nahi Aapke bina koi accha lagta hi nahi. Koi nahi jo pooch ley iss dard-e-dil ka haal Aapke binn ye DIL kahi lagta hi nhi…

986:- Zamane bhar ki bato me hame bhula mat dena,
jab kabhi yaad aye to zara muskura dena,
agar zinda rhe to milenge dost warna is bande ko bhool mat jana…

987:- Chah Ke Bhi Kabhi Na Tumko Bhula Payenge Hum Karte Hain Wada Yeh Nibha Payenge Hum Khud Ko Fanna Kar Denge Is Jahaan Se Hum Par Naam Tera Na Dil Se Mita Paayenge Hum…

988:- Dil se dil bari muskil se milte hai… tufanoo me sahil bari muskil se milte hai… aase to milte hai bahut gulabi gall wale… par gulabi gallo per til bari muskil se milte hai…

989:- Kabhi ek lamha aisa bhi aata hai Jisme beeta hua kal nazar aata hai Bas yaaden reh jati hai yaad karna ke liye Aur waqt sab kuch lekar guzar jata hai…

990:- Rang Dikhati Hai Yeh Zindagi Kitne Gaer Bhi Ho Jaate Hai Ikk Pal Mein Apne Na Jana Kabhi Sapno Ki Duniyaa Mien Toot Jata Hai Dil,
Toot Te Hain Jab Sapne…

991:- Raaste Mein Pattharo Ki Kami Nahi Hai Mann Mein Toote Sapno Ki Kami Nahi Hai Chaahat Hai Unko Apna Banana Ki Magar Unke Paas Apno Ki Kami Nahi Hai..

992:- Zindgi ka pahla pyar kaun bhulta hai Ye pahli bar hota hai jab koi kisi ko Khud se badhkar chahta hai,
Uski pasnd uski khwahish me khud ko bhul jata hai,
Hota hai itna khubsurt pehla pyar to na jane Kyu aksar adhura reh jata hai…

993:- Koi Achhi Si Saza Do Muje,
Chalo Aisa Karo Rula Do Mujhe,
Dil Dukhaya Ho To Maut Aa Jaye Mujhe,
Dil Ki Gehrai Se Ye Dua Do Mujhe…

994:- Jo Wada Kiya Hai Wo Nibhana Hoga,
Ek Din Laut Kar Tumhe Aana Hoga,
Dil Todkar Muskura Rahe Ho Aaj,
Dekhna Ek Din Tumhe Bhi Pachtana Hoga…

995:- Gulab to toot kar bikhar jaata hai,
Par khusbu hawa me barkarar rehti hai,
Jaane wale to chod ke chale jaate hain,
Par ehsaas to dilon me barkarar rehte hain…

996:- Hansne ke baad kyu rulati hai duniya,
Jaane ke baad kyu bhulati hai duniya,
Zindagi me kya kuch kasar baaki thi,
Jo marne ke baad bhi jalati hai duniya..

997:- Kabhi Usko Bhi Meri Yaad Sataati Hogi. Apni Aankhon Mei Mere Khawab Woh Bhi Sajaati Hogi. Woh Jo Har Waqt Khayaalon Mei Basi Rehti Hai. Kabhi To Woh Meri Bhi Yadon Mei Kho Jaati Hogi…

998:- Agar Bhigne ka itna hi shoq hai baarish me To Dekho na meri aankhon me Baarish to har ek ke liye hoti hai Lekin ye aankhein sirf tumhare liye barasti hain…

999:- Pyar Mein Har Pal Dhokhe Khaye Hain Zindagi Mein Gumnaami Ke Saaye Hain Saza Kaisi Mili Yeh Muskuraane Ki Tamanna Thi Meri Sad Muskurane Ki…

1000:- Mohabbat Har Insaan Ko Aazmati Hai,
Kisi Se Rooth Jaati Hai Par Kisi Pe Muskurati Hai,
Mohabbat Khel Hi Aisa Hai,
Kisi Ka kuch nahi Jaata Kisi Ka Sab Kuch Chala Jaata Hai…

1001:- Haan mera har lamha chura liya aapne,
Aap ho ki koi chand dikha diya aapne,
Hamein Zindagi di kisi or ne,
Par pyaar itna deke jeena sikha diya aapne…

1002:- Mera har lamha chura liya aapne,
Aankhon ko ek chand dikha diya aapne,
Hamein zindagi di kisi aur ne,
Par pyaar itna dekar jeena sikha diya aapne…

1003:- Aapki yaadon ke sahare jee lete hain,
Aapse milne ki khwaish liye jee lete hain,
Jeene ko to jee sakte hain tere bagair hum,
Mile agar aap to mar bhi sakte hain…

1004:- Gehri thi raat lekin hum khoye nahi,
Dard bahot tha dil mein par hum roye nahi,
Koi nahi humara jo puche humse,
Jag rahe ho kisi ke liye ya soye hi nahi..

1005:- Tanhai kisi ka intezar nahi karti,
Kismat kabhi bewafai nahi karti,
Unse door hone ka asar hai warna,
Parchai kabhi jism par waar nahi karti…

1006:- Hasane ke baad kyu rulati hai duniya,
Jaane ke baad kyu bhulati hai duniya,
Zindgi me kya koi kasar baaki thi,
Jo mar jaane ke baad bhi jalati hai duniya…

1007:- Pyaar Karke Jatayein Ye Jaruri To Nahi,
Yaad Karke Koi Bataye Ye Jaruri To Nahi,
Rone Wala To Dil Me Hi Ro Leta Hai,
Aankh Me Aansoon Aayein Ye Jaruri To Nahi…

1008:- Jaadu Sa Hai Teri Har Baat Me Yaad Aata Hai Tu Din Or Raat Me Kal Dekha Tha Jab Tumhara Sapna Tab Bhi Tha Mera Haath Tumhare Haath Me..

1009:- Door Nigahon Se Baar Baar Jaaya Na Karo,
Dil Ko Is Kadar Tadpaya Na Karo,
Tum Bin Ek Pal Bhi Jee Nahi Sakenge Hum,
Ye Ehsaas Baar Baar Dilaya Na Karo…

1010:- Jub Kuch Sapne Adhure Reh Jate Hain,
Tab Dil Ke Dard Ansu Ban Ke Beh Jate Hain,
Jo Kehte Ki Hum Sirf Aap Ke Hain,
Pata nahi Kaise Alvida Keh Jate Hain..

1011:- Jindagi K Har Lamho Me Unhi Ko Pate Hain,
Bhool Jayein Khud Ko Par Unhe Nahi Bhoolate Hain,
Jane Kya Baat Hai Unme Ae Khuda,
Jitna Bhoolate Hain Wo Utna Yaad Aate Hain…

1012:- Tumse dosti karne ka hisab na aaya Mere kisi bhi sawal ka jawab na aaya. Hum to jagte rahe tumhari hi khayalo me Or tumhe so kar bhi hamara khawab na aaya…

1013:- Taraste the jo hamse milne ko kabhi…. Na jane q aaj mere saye se bhi wo katrate hain…. Ham bhi wahi hain;dil bhi wahi hai; Na jane q log badal jate hain….!

1014:- Jab dil tut ta hai toh aawaz nahi aati,
Muhabbat har kis ko raas nahi aati,
Ye to apni apni baat hai yaaro koi kisiko bhula nahi pata,
..Aur kisi kisi ko yaad nahi..

1015:- Kabhi ek lamha aisa bhi aata hai Jisme beeta hua kal nazar aata hai Bas yaaden reh jati hai yaad karna ke liye Aur waqt sab kuch lekar guzar jata hai…

1016:- Yeh raat itni tanha kyun hoti hai,
kismat se apni sabko sikayat kyun hoti hai,
Ajeeb khel khelti hai yeh kismat Jise hum pah nahi sakte usi se mohabbat kyun hoti hai…

1017:- Wo humara imtihan kya lagi. Milege nazro se nazar to,
Apni nazre jhuka legee,
Use meri kabra par deeya jalane ko mat kahna,
Wo nadan hai dosto apna hath jala legi…

1018:- Unhe chahana hamari kamzori hai,
Unse keh nahi pana hamari majburi hai,
Wo kyun nahi samajhte hamari khamoshi ko,
Kya pyaar ka izhaar karna zaruri hai…

1019:- Itna aitbaar to apni dhadkanon par bhi humne na kiya,
Jitna aapki baaton par karte hain,
Itna intezar to apni saanson ka bhi na kiya,
Jitna aapke milne ka karte hain…

1020:- Woh aate to hai par samay se nahi,
Woh chalte to par man se nahi,
Kaun kehta hai kee woh payar nahi karte,
Karte to hai par hum sey nahi…

1021:- Aaj halji halki baarish hai,
Aaj sard hawa ka raqs bhi hai,
Aaj phoos bhi nikhre nikhre hain,
Aaj un main tumhara aks bhi hai…

1022:- Har phool ki ajab kahani hai,
Chup rehna bhi pyar ki nishani hai,
Kahi koi zakhm nahi phir bhi kyu yeh ehsas hai,
Lagta hai dil ka ek tukda aaj bhi us ke paas hai…

1023:- Meri Tanhai ka mujhe gila nahi,
kya hua jab koi mujhe mila nahi. phir bhi dua karenge aapke vaaste,
aap ko wo sab mile,
jo mujhe mila nahi…

1024:- Uski nazar ko furst na mile hogi,
Warna mera marz itna lailaaj na tha,
Humne toh wahan bhi mohabbat hi ki ,
Jahan mohabbat ka riwaaj na tha…

1025:- Chaha tha humne jise use bhulaya na gaya,
Zakhm dil ka logon se chhupaya na gaya,
Bewafai ke baad bhi itna pyar karti hu ki,
Bewafa ka ilzaam bhi us par lagaya na gaya…

1026:- Saans lene se bhi teri yaad aati hai,
Har saans mein teri khushboo bas jati hai,
Kese kahoon ki saans se main zinda hoon,
Jab ki saans se pehle teri yaad aati hai….

1027:- Khyalon mein wahi,
sapno mein wahi,
Lekin unki yaadon mein hum the hi nahi,
Hum jaagte rahe duniya soti rahi,
Ek baarish hi thi,
jo humare sath roti rahi…

1028:- Socha tha jab milenge raah chalte kabhi,
dil ki baaten juban par na aane denge,
hamne lab khole bhi nahi aur wo sab jaan gaye,
khaamoshiyon ko samazne ki wo adaa unme aaj bhi hai…

1029:- Saare Shikwe Janab Tere Hai,
Dil Pe Saare Azaab Tere Hai,
Tum Yaad Aao To Nind Nahi Aati,
Nind Aaye To Saare Khwab Tere Hai…

1030:- Pyar ka to dushman zamana hai,
har ashiq k pyar ka apna hi fasana hai,
Sabko pata hai Aansu hi milte hai pyar me,
fir Bina jane kyu har koi pyar me Deewana hai…

1031:- Wo samjhe na samjhe hamare jazbaat ko,
Hum maanenge unki har baat ko,
Hum chale jaayenge ek din is duniya ko chodkar,
Wo aasuon se royenge har raat ko..

1032:- Apni to mohabbat ki itni kahani hai,
Tooti hui kashti or thera hua pani hai,
Ek phool kitabon may dam tor chuka hai,
Magar kuch yaad nahi aata yeh kis ki nishani hai…

1033:- Dard aapke intezar ka hum chup chap sehte hain Kyunki aap har pal hamare dil mein rehte hain Na jane hume nind aayegi bhi ke nahi lakin Aap thik se so sako isliye aapko Good Night kehte hain…

1034:- Mahal teri umeed ka dhahne nahi diya,
Gum zdaa hu main kisi ko kahne nahi diya,
Nao ho yakin to puchlo in aanhko se,
Ek aansu bhi in aankho se bahne nahi diya…

1035:- Mene Bhi Kisi Se Pyaar Kiya Tha,
Thoda Nhi Beshumar Kiya Tha,
Humari To Zindagi Hi Badal Gayi Jub Usne Kaha,
Are Yar… Mene To Majak Kiya Tha..

1036:- Khoye The Sapno Me Jga Diya Usne Hamko Diwana Bna Diya Usne Ijhar Kiya Jab Unse To Apni Shadi Ka Card Thma Diya Usne…

1037:- Har khamoshi ka matlab inkaar nahi hota Har nakamyabi ka matlab haar nahi hota Toh kya hua agar hum tume na paa sake Sirf paane ka matlab pyar nahi hota…

1038:- Hum agar aapse mil nahi paatay Esha nahin kay aap humein yaad nahin aate Mana ka jahaan kay sab rishtey nibahaye nahin jatey Par jo bas jatay hai dil mein wo bhulaye nahin jatay…

1039:- Sari Raat Na Soye Hum,
Raato Ko Uth Ke Kitna Roye Hum,
Bas Ek Baar Mera Kasur Bata De Rabba,
Itna Pyaar Karke Bhi Kyon Naa Kisi Ke Hue Hum…

1040:- Bolti hai Dosti chuprehta hai pyar Hasti hai dosti Rulata hai Pyar Milti hai dosti bicharta hai pyar Phir najane log kyon karte hain pyar..?

1041:- Jab Bhi Unki Gali Se Guzarta Hoon,
Meri Ankhein Ek Dastak De Deti Hai,
Dukh Ye Nahi,
Wo Darwaja Band Kar Dete Hai,
Khusi Ye Hai,
Wo Mujhe Ab Bhi Pahchan Lete Hai.

1042:- Kitna bebas hai insaan kismat ke aage,
Kitne door hai sapne haqiqat ke aage,
Koi ruki hui Dhadkan se puche,
Kitna tadapta hai Dil Mohabbat ke aage…

1043:- Jabse pyaar mein dhoka khaya hai,
Har husnwaale se dar lagta hai,
Andheron ki to aadat nahi thi hamein,
Ab yeh alam hai ke ujale se bhi dar lagta hai…

1044:- Dosti Ki Wafadari Me Gum Ka Andhera Aata Kyu Hai,
Jise Humne Chaha Wo Hume Rulata Kyu Hai,
Agar Wo Mere Nasib Mei Nahi,
To Khuda Aise Logo Se Milata Kyu Hai…

1045:- Pyar ka anjam kaun sochta hai,
Chahne se pahle niyat kaun dekhta hai. Mohabbat hai ek andha ehsas,
Karte hain sab par mukam kaun janta hai….

1046:- Wo keh gaye mera intezar mat krna,
Me kahu to bhi mera aitabar mat krna,
Ye bhi kaha unhe pyar nahi mujhse Aur ye bhi keh gye kisi Aur se pyar mat krna. .

1047:- Sache pyar ko paana kisi ke naseeb mein nahi hai….. Agar pyar karke kuch paana hai toh wo siraf gum hai…… Joh log pyar kyu karte hai? Jab pta hai k pyar karke kismat mein sirf tadap,
aansu aur gum hai…

1048:- Waise akele hi aaye hain aur akele hi jana hai Kaisa bhi ho bandhan ek din to toot jana hai Koi kitna bhi rahe pass ya kitna bhi rahe door Sukh dukh ka jalwa apne hi mann ka afasana hai!

1049:- Dil main hur raaaz dabaa key rakhtay hein Honton pay Muskaan sajaa key rakhtay hein.. ye duneeya sirff Khushee mein saath daytee hai.. iss liye hum apnay aansoo chupaaa kay rakhtey hein…

1050:- Yaadon mein tum,
khwabon mein tum Aankhon mein tum,
dil mein tum Yaad karein bhi to kaise karein dost tujhko Jise bhula na paayein wo hi shaks ho tum…..

1051:- Woh jante hai ki hum unke intezaar mein hai isliye shayad woh der laga rahe hai waqt kat-ta nahin unke bina hamara yeh jante huve bhi hame sata rahe hai na jane kya milta hai unhe hame yun sata kar jo der se akar bhi woh muskara rahe hai …

1052:- Tanhayion se nahin hum mehfil se darte hain duniya se nahin hum khud se darte hain yun to bahut kuchh khoya hai humne na jaane kyun tumhe khone se darte hain…

1053:- Wo likhte hain hamara naam mitti mein,
Aur mita dete hain,
Unke liye to ye khel hoga magar,
Hamein to wo mitti mein mila dete hain…

1054:- Talaash Karo koi tumhe mil jayega,
Magar hamari tarha tumhe kaun chahega,
Zarur koi chahat ki nazar se tumhe dekhega,
Magar ankhein hamari kahan se layega..

1055:- Har Sham Se Tera Izhaar Kiya Karte Hai,
Har Khwab Me Tera Didar Kiya Karte Hai,
Diwane Hi To Hai Hum Tere,
Jo Har Waqt Tere Milne Ka Intzaar Kiya Karte Hai…

1056:- Aap ka ashiyana Dil me basaya hai,
apki yaado ko sine se lagaya hai,
pata nahi yaad apki hi kyo aati hai,
Dost to hamne auro ko bhi banaya hai.. ` Waqt guzrega hum bikhar jayenge,
kaun jane ki hum kidhar jayenge,
hum apki parchayi hain yaad rakhna… jahan tanhai mili wahan hum nazar ayenge. ` Ye Dosti chirag hai ise jalaye rakhna,
ye Dosti gul hai ise khilaye rakhna,
Hum rahe na rahen is jahan mein… Bas hamari yaad Dil me basaye rakhna.. ` Ajnabi galiyon se hum guzra nahi karte,
darde Dil liya aur diya nahi karte,
ye Pyara sa rishta sirf aapse hai,
warna itna yaad hum kisi ko kiya nahi karte.. ` aisa nahi ki aapki yaad aati nahi,
khata sirf itni hai ki hum batate nahi,
Dosti aapki ANMOL hai humare liye,
samajhte ho aap isliye hum jatate nahi..

1057:- Yaad mein teri ankhe bharta hai koi…. Har saans ke saath tujhe yaad karta hai koi…. Maut ti aisi cheez hai jisko aana hi hai…. Lakin teri judai mein har roz marta hai koi..!!

1058:- Kuch to majburiya rahi hongi yuhi koi bewafa nahi hota tatol kar dekho apne dil ko fasla bewaja nahi hota… ` Teri berukhi ko bhi rutba diya humne. Pyar ka har farz ada kiya humne. Mat soch ke hum bhool gaye hain tujhe; aaj bhi khuda se pehle tujhe yaad kiya humne… ` Chand lamhon ki zindagani hai,
nafraton se jiya nahi karte,
lagta hai dusamanon se guzarish karni padegi,
dost to aab yaad kiya nahi karte… ` Dhoka diya tha jab tum ne mujhe,
Dil se main naraaz tha,
Phir socha ki dil se tumhe nikal dun,
Magar woh kambakth dil bhi tumhare paas tha…. ` Pass aakar sabhi door chale jate hain,
Akele the hum akele reh hi jate hain Is dil ka dard dikhayein kise Marham lagane wale hi zakm de jate hain…

1059:- Ladti hai nigahe par koi takrar nahi hai karti to hai mujhse pyaar wo bhi par us saawan ke mausam ka ikrar nahi hai chhod diya ghar chhod di duniya chhod diye dost aur aaj chhod raha hun zindagi bhi kaun kehta hai mujhe usse pyaar nahi hai…

1060:- Kuch sochu to tera khayaal aa jata hai kuch bolu o tera naam aa jata hai kab tk chupau dil ki baat uski har ada pr humko pyar aa jata hai….

1061:- Zindagi Kitni Khubsurat hoti,
Agar teri chahat adhoori na hoti,
Kuchh uljhane khuchh majbooriyan hoti beshak,
Magar pyar mein itni dooriyan na hoti…..

1062:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1063:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1064:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1065:- Apni Aakhon Ke Samunder Main Utar Jaane De Tera Mujrim Hoon,
Mujhe Dub Ke Mar Jaane De Zakham Kitne Teri Chaahat Se Mile Hain Mujhko Sochta Hoon Kahoon Tujhse,
Magar Jaane De… ` Aarzoo jhooth hai,
Aarzoo ka fareb khana nahi .. Khush jo rahna ho zindagi me tumhe.. Dil kabhi kisi se lagana nahi. ` Ek pal mein jo aa kar gujar jaaye yeh hawa ka woh jhoka hai ..aur kuch nahi Pyar kehti hai duniya jise,
ek rangeen dhokha hai .. aur kuch nahi.. ` Asmaan bhi baras raha hai,
Mere Ashko se takra raha hai,
Kisme hai jor jyada shayad yeh dekh raha hai,
Barsaat to phir bhi ruk jayegi,
Mere Ashko ka koi anth nahi,
Dil me hai dard itne jiska koi hisaab nahi… ` Ya khuda maaf karna tere is gunehgaar bande ko,
Jo tumhari chamatkaar me dakhil hota hai,
Sirf ye poochne ke liye aaya hu mein,
Ke kyun har raat tanhai mein mera dil rota hai…

1066:- Aap ki badd-dua bhi dua bann k lagi,
aapke har gham ne bhi sukoon diya,
hum zinda hai toh yeh jaankar k pyaar se na sahi par,
aapne hume yaad toh kiya… Hum zindagi se aas kare bhi to kya kare,
Jab tum nahi ho paas,
kare bhi to kya kare. Aansu piye,
sharaab piye,
zeher bhi to pi liya,
Bujhti nahi hai pyaas,
kare bhi to kya kare… ` Muskurate palko pe sanam chale aate hein,
aap kya jaano kahan se hamare ghum aate hein,
aaj bhi us mod par khade hein,
jaha kisi ne kaha tha ke theron hum abhi aate hein… ` Thukra ke usne mujhko,
kaha ki muskuraao! Maine has diya,
aakhir sawal uski khushi ka tha. Maine khoya woh jo mera tha hi nahi,
Usne khoya wo jo sirf usi ka tha… ` Is jahan me mohabbat kash na hoti,
To safar-e-zindagi me mithas na hoti! Agar milti BEWAFA ko saza-e-maut,
To diwano ki kabre yu udas na hoti!!

1067:- Yaadon ki kimat wo kya jaane Jo khud hi yaadon ko mita baithe hain Yaadon ki kimat to unse puchoo jo yaadon ke sahare Jindagi bita diya karte hain. ` Mausam ki nazakat hai Hasraton ne pukara hai Kaise kahen ke kitna miss karte hain Yeh sms usi yaad ka ek ishara hai. ` Bohut dur ho mager bahut pass rahty ho… Aankhon se dur sahi… Mager dil ka pass rehty ho… Mujhe bas itna batao … Kya tum bi mera bina udas rehty ho. ` Kitne chehre hain is duniya me Magar humko ek chehra hi nazar aata hai,
Duniya ko hum kya dekhe,
Uski yadon me saara waqt guazar jaata hai…… ` Bhigi raat hai geela chand baadlon me soya hai,
Main bheega hoon ,
kya baadal koi tum pe bhi aaj roya hai? Saawan ka hai mausam,
baadal hi tum barasne do,
Meri aankhein na yu barsao,
ab aa jao.

1068:- Mana hum itne sweet nahi hain ki diabeties ho jaye,
Nahe itne salty hai ki B.P badh jaye,
Nahe itne tasty hai ki maza ajaye,
Par itne kadwe bhi nahi ki yaad na aaye.. ` Samunder ki gaherai ki bhi had hoti hai,
Aasma ki unchai ki bhi had hoti hai,
Ek sms to kar de yaar kanjusi ki bhi had hoti hai.. ` Rah rah ke apki yaad aati rahi,
Sms na aane ki wajjah satati rahi,
Sochte rahe jaroor koi gam hai,
Ya ab apke dil me hamare liye jagah kam hai.. ` Kabhi jazbaat to kabhi yadoon ko dafan karte hai,
Kabhi aansu to kabhi dard piya karte hai. Mohtaj to nahi hum phir bhi,
Aap ke email ka intezaar kiya karte hai.. ` Eid ka chand mushkil se dikhta hai. Lailla ko majnu mushkil se milta hai. Hum to sms bhejte rehte hai par Aajkal aapka sms mushkill se milta hai…

1069:- Lakhon Zakhm khaye hum ne,
Afsoos unhe hum par aitbaar nahi hai,
Kya guzarti hai Dil pe,
Jab tum kehti ho hume tum se Pyaar nahi hai. ` Zindagi mein hum ne kabhi kuch chaha hi nahi,
Jise chaha usse kabhi paaya hi nahi,
Jise paaya usse yuh kho diya,
Jaise Zindagi mein kabhi koi aaya hi nahi. ` Ab unki chahat mein yeh naubat aa gayi,
Thandi hawa bhi hume jala gayi,
Kehti hai aap yahan tadapte hi reh gaye,
Mein tumhare sanam ko chuu kar bhi aa gayi. ` Kissi ki yaadon ne pagal bana rakha hai,
Kahin mar naa jaaun kafan sila rakha hai,
Jalaane se pehle Dil nikal lena,
Kahin woh naa jal jaaye jo Dil mein chupa rakha hai. ` Aankhon mein aansu aa jaate hai,
Phir bhi labon par hasi rakhni padti hai,
Yeh Mohabbat bhi kya cheez hai yaaron,
Jiss se karo ussi se chupani padti hai…

1070:- Mere dil ko todakar tum jaaoge jaha,
Meri baate yaad tumako aayegi wahaa,
Main to apna samajhkar tumhe maaf kar dunga,
Magar maaf na karega tumako ye jahaan. ` Woh chalte chalte itne door chale gaye,
Hamein rokna bhi na aaya. Hamne unka naam liya phir bhi,
Shayad unhein sunna na aaya. ` Meri Ankhoon Kay Samandar main Jalan Kaysi Ha Ajj Phir Dil Ko Tarapnay Ki LaGan Kaysi Ha Ab Kisi Chaat Pay Chiragon Ki Qatarin Bhi Nahi Ab Teray Shehar Ki Galioyon Main Guthan Kaysi Ha. ` Tum dur ho¦ aur pas bhi,
! Tum hansi ho¦ aur aansu bhi! Tum Mere man ki shanti ho.. aur dil ki bechaini bhi! Tum meri amanat ho.. aur ek sapna bhi! ` Chaha to bahot tha lekin woh mila naahin Lakh koshisho ke bawjood humare beech ka fasla meeta naahin Is kadar majboor kar diya zamane ne hume Ki woh meri kisi sada pe tehra hi naahin ` Tanhai jub muqaddar mein likhi hai,
To kia shikayat apnon aur bayganon se,
Hum mit gaye jin ki chahat main,
Woh baaz nahin aatay hamain azmanay se ` Apne khwaabon khyaalon me tujhe paaya hamane,
Tere pyaar me khud ko mitaya hamane,
Suna hai andhero se bahut ghabraate ho tum,
Roshani ke liye apne dil ko jalaya hamne. ` Anjane may hum apna dil ganwa baithay is pyar may kaysa dhoka kr baithay unsay kya gila kre bhul hamari he hy jo bin dilwaloo say dil lga baithay. ` Na karta Shikayat Zamane se koi ! Agar maan jaata manane se koi !! Kisi ko kyuin yaad karta koi ! Agar bhul jata bhulane se koi …. !!

1071:- Saath Humara pal bhar ka sahi,
par woh pal aise jaise koi kal nahi rahe zindagi mein shayad phir milna humaara par mehekti rahengi tumhari yaadein humare sang sahi… ` Aap to chand ho jise sab yaad karte hai,
humari kismat to sitaro jaisi hai,
yaad karna to door…log apani khwahish k liye bhi humare tootne ka intezar karte hai. ` Lamhe judai k bekrar karte hai,
Halat mere Mujhe lachar karte hai,
Aankhe meri padh lo kabhi,
Hum khud kaise kahe ki,
Aapko kitna yaad karte hai.. ` Har roj fariyaad karoge,
Mehfil me nahi to tanhai me yaad karoge,
Hum sa na mile hai na milega is dunia me,
Kabhi to apni kismat par naaz karoge… ` Kabhi jazbat to kabhi yadon ko bayan karte hain,
Kabhi aansu to kabhi dard piya karte hain,
Aap humein bhool na jayen isliye waqt baywaqt msg kiya karte hai.. ` Kuch beete hue lamhon se mulakat hui,
Kuch bhule hue sapno se bat hui ,
Yaad jo karne baith un tamam yadon ko to apki hi yadon se shrovat hui.. ` Tumse dur jane ka irada na tha ,
sada sath rehne ka bhi vaada na tha,
Tum yaad na kroge ye jante the hum,
Par itni jaldi bhul jaoge aandaja na tha…

1072:- Jis Din Se Juda Woh Humse Hue,
Is Dil Ne Dhadkna Chhor Dia,
Hai Chand Ka Munh Bhi Utra Utra,
Taaron Ne Chamakna Chhor Dia. ` Tamanna Se Nahi Tanhai Se Darte Hain,
Pyar Se Nahi Ruswaai Se Darte Hain,
Milne Ki To Bohat Chahat Hai Par,
Milne K Baad Judaai Se Darte Hain. ` Nafrat Kabhi Na Karna Hum Se,
Ye hum Kabi na Seh Payein Gey,
Ek bar keh Dena humse k Zarorat Nahi Ab Tumhari Hum Tumhari Duniya se Hans k Chalay Jaein Gey! ` Kab Howi pyar ki Barsat Mujhe Yaad Nahi Khof mein doobi mulaqat Mujhe Yaad Nahi Mai to Madhosh tha kuch itna Uski Chahat Mein Us Ne Kab Chorr Diya Sath Mujhe Yaad Nahi. ` Wo Roye To Bohat Par Mujhse Monh Morr Kar Roye,
Koi Majburi Hogi Jo Dil Torr Kr Roye,
Mere Samne Kar Diye Meri Tasveer K Tukray,
Pata Laga Mere Peeche Wo Unhe Jorr Kar Roye! ` Faslay To Pyar Ki Pehchan Hua Karte Hain Najanay Kyon Log Preshan Hua Karte Hain Ye Haqiqat Hai K Jahan Toot K Chaha Jaye Wahan Bichrnay K Imkaan Hua Karte Hain. ` Wo Kisi ki Dil Lagi ko Saza Samjne Laga Do pal Roth k Guzare to Jafa Samjne Laga Wo kia jane k hum ktna roye unke Baghair Wo Baghair soche smje muje bewfa Samjne Laga. ` Agar Mujse Mohabat Nahi To Rote Q Ho Tanhai Me Mere Bare Me Sochte Q Ho Agar Manzil Judai He To Jane Do Muje Lot K Kab Aoge Puchte Q Ho…

1073:- Ijzaat Hai Tumhain Chhor Kar Janey ki Mujhe Janaa! Jatey Lamhe Khuda K Liye Rukh Se Naqaab Na Hatana. ` Sono Tum Ne Kaha Tha,
Main Zindagi Hon Tumhari. Chalo Ab bata Do Tum Zinda Kaise Ho. ` Kabhi Yaad Aye To Ek Baar Kehna. Kabhi Aansu Ban K Ankhon Se Na Behna. Dost Na Sahi To Ajnabi hi Rehna. Per KABHI ALVIDA NA KEHNA. ` Woh Umar Bhar To Sath Na Nibha Saka Mera Faraz…. Han Yaad Ban K Kabhi Usne Mujhe Tanha Nahi Chora. ` Most Touching Lines said During a Break Up…. ‘Chal Oye Meray Gift Wapis Kar…!’ 🙂 ` Dil Ki Dharkanoo Ko ik lamha saber nahi,
Shayad k us ko ab meri kader nahi,
Her safer mein mera kabhi hamsafer tha woh,
Ab safer to hai mager wo hamsafer nahi.! ` Raat Gehri Thi Darr Bhi Saktay They. Hum Jo Kehte Thy,
Kar Bhi Saktay They. Tum Jo Bichray To Ye Nahi Socha…. Hum To They TANHA,
Marr Bhi Saktay They. ` Sapnay dekhe bhi nahi aur Toot gaye,
Woh humain milay bhi nahi aur Rooth gaye,
Hum jagtay rahy aur sari Dunya soti rahi,
Ek barish thi jo humaray sath roti rahi. ` Jab tak lafz wazu nahi karte,
Hum aapki guftagu nahi karte,
Kuch dil ka rishta aisa hai ap se,
Jis dua mein ap na hon,
Hum aisi dua nahi karte… ` Meri her mangi hoi dua bekaar gayi ”ENAM”. Janay Kis Shaks ne Chaha tha bari shiddat se Ussay. ` Shayed k main kamzor par jata us aakhri mulaqat mai. ‘Dost’ Wo to barish ki mehrbani thi jis ne chupaye aansu mere….,
!

1074:- Jab Yaad Tumhari Aati Hai,
Dil Khun Ke Aansu Rota Hai,
Yeh Dard Denewala Kya Jane,
Dil Ka Dard Kaisa Hota Hai. ` Hume Jeene Nahi Deti Hai Ye Gujari Huyi Yaadein Hamse Bhooli Nahi Jati Hai Ye Biti Huyi Baatein Ab Kaise Kahein Ham Tumse Ye Dost Teri Baatein Hame Har Pal Yaad Dilata Hai Teri Har Chhoti Chhoti Baatein. ` Mat Poocho Ke,
Kitna Aapko Yaad Karte Hai Itna Ke,
Har Saans Ke Bad Karte Hai… Kisi Din Lekar Aaye,
Tumhe Hamare Samne Bas Yahi Khudha Se,
Fariyad Karte Hai… ` Doorian Bahut Hai Par Itna Smajh Lo,
Pass Rahkar Hi Koi Rishta Khas Nahi Hota,
Tum Dil Ke Pas Itne Ho Ki,
Dooriyon Ka Ehsaas Nahi Hota. ` Raat Ke Andhere Mein Sara Jahan Sota Hai,
Lekin Kisi Ke Yaad Mein Ek Dil Rota Hai,
Khuda Kare Ki Kisi Par Koi Fida Na Ho,
Agar Ho To Maut Se Phele Juda Na Ho. ` Yaad Me Teri Aahe Bharta Hai Koi Har Saans Ke Saath Tujhe Yaad Karta Hai Koi Maut Sachai Hai Ek Roj Aani Hai Lekin Teri Judaai Me Har Roz Marta Hai Koi ` Karoge Yaad Ek Din Saath Beete Zamane Ko Chale Jaayenge Jis Din Hum Kabhi Wapas Na Aane Ko Karega Mehfil Mein Zikr Hamara Koi To,
Chale Jaaoge Tanhai Mein Aansu Bahane Ko. ` Karoge Yaad Ek Din Tum Dosti Ke Zamane Ko,
Chale Jayenge Jis Din Hum Kabhi Na Wapas Aane Ko… Chedega Mehfil Me Zikar Hamara Koi,
Toa Chale Jaoge Tum Tanhai Mein Aansoo Bahane Ko..

1075:- Kabhi Kisi Se Pyaar Mat Karna Ho Jaaye To Inkaar Mat Karna Nibha Sako To Chalna Uski Raah Par Varna Kisi Ki Zindagi Barbaad Mat Karna… Adnan Ali

1076:- Hey guys!! here is another 1..hope u all like it: tum mujjhe chhod kar chale gaye,
is baat ka mujjhe gham nahi hai,
gham hai toh sirf is baat ka ,
ki tum,
humse apna dil bhi chhheen kar chale gaye tumhi ko dil diya,
tumhi ko jaan denge,
kabhi mujjhse yeh kaha karte the,
inhi baaton ke sahare tumhara intezaar kara.. inhi yaadon mein apni zindagi bita denge… zindagi mein kucchh baatein sachh hoti hain: ek sachh yeh hai ki main tumse pyaar karti hoon,
ek sachh yeh bhi hai ki yeh sab jaanke bhi tum mujjhe chhod kar chale gaye,
ek sachh yeh bhi hai ki tum bhi mere liye tadapte ho,
aur ek sachh yeh bhi sunlo ki main tumhara meri zindagi mein waapis aane ka aaj tak intezaar karti hoon. milta nahi hai pyaar aasaani se zindagi mein,
mera naseeb bhi kabhi khula tha… par ab toh dil mein pathjhad hi hai,
fir bhi aisa lagta hai ki tum aayethe kal bahaar banke meri zindagi mein… dil ki ek baat tumhe batati hoon,
phir chahe tum ise maano ya na maano,
kehti to hoon sabse ki tum mere dost ho… magar pyaar ka ddeep dil mein tumhare liye hi jalati hoon… kya yaad hai tumhe woh din? jab hum ek saath ghooma karte the? jab humara kabza tha tumhare khayalon par raat aur din… aur hum bhi tumse kam pyaar nahi karte the… thts it guys.. hope u all liked it luv Geetu p.s its all bcoz of a heartbreak…… 🙁

1077:- Yaad aate hai to zara kho lete hai Aasu ankho me uter aye to zara ro lete hai Nind aakho me aate nahi laken Aap khwabo me aaye yahi soch kar so lete hai…

1078:- Kuchh Mat Poochh Tujhse Pyar Kitna Karta Hoon,
Har Raat Teri Yaad Mein Aakhein Ashk Baar Karta Hoon,
Tum Bewafa Thi Jo Pyar Se Daaman Bacha Baithi,
Main Bewafa Hoon Isliye Tujhe Pyar Karta Hoon. Kis Tarah Teri Yaadon Se Kinara Kar Loon,
Teri Judai Ke Sitam Kaise Gawara Kar Loon,
Main Tujhse Bichhoodkar Jiyoon Toh Kaise Jiyoon,
Sochta Hoon Ab Maut Ko Hi Apna Sahara Kar Loon.

1079:- Dur reh kar bhi teri fariyad karte hain. Apni tanhayi se teri baat karte hain. Tu bhul ja ya khuf-ae-badnami se ho juda. Har ghari har pal tujhi ko yaad karte hain. ` Wohi Gham Wohi Tanhayi The Sorrow The Lonliness Bojheen Saanson Ka Bhari Hai Bahut Ho Gaya Mushkil Uthana Kia Bataun Us Shahar Ki Us Gali Main Woh Makan Tha Us Main Tha Kis Ka Thikana Kia Bataun Band Khidki Ke ` wo hame dekh ke hasti thi ishara karket kuch kahati thi kabhi sharmati thi wo mujhe dosti karne me majboor karti thi ab milti nahi dikh ti nahi mujhe pagal banati thi ` Mohabbaton se jaane kyun yaqeen ab to uth sa chala hai Wafa bhi khaye kasam jiski,
mujhe us wafa ki talash hai !!!! ` Dil Hi Dil Mein,
Unhe Chahte Hai,
Dil Hi Dil Mein,
Unhe Pyaar Karte Hai,
Mushkil Hai Unka Raah Se Guzarna,
Fir Bhi Har Mod Pe,
Unka Intezaar Karte Hai ` Khoob Gaye Pardes,
Ke Apne Deewaron-Dar Bhool Gaye…. Sheesh Mahal Ne Aisa Ghera Mitti Ki Ghar Bhool Gaye Uski Galiyoon Se Jab Laute Apna Bhi Ghar Bhool Gaye ` Iss shaam ko hum nahin bhole gaye aur na hi aapko,
kyun ki sham bhi saat chor deygi aur aap bhi….. ` Kisse Se Mange Dawa Zakhmon Ki Sabhi Ne Chotein Khaain Hai Kisi Ka Sanam Bewafa Hai To Kisi Ka Sajan Harzaai Hai ` Apne Dil Mein Tumhare Pyar Ki Dastaan Likhi Hai Na Thodi Na Bahut Tamaam Likhi Hai Kabhi Humaare Liye Bhi Dua Kar Liya Karo Kyon Ki Humne Apni Har Ik Saans Tumhare Naam Likhi Hai ` Kaghaz pe hum ne zindagi likh di,
Ankhon se seench kar apni har khushi likh di,
Dard jab hum ny utara lafzon may,
Zamanay ny kaha WAH kia ghazal likh di. ` Kuch loog bhool kar bhe bhulaey nahi jatay,
Aetibaar itna k azmaey nahi jatay,
ho jatay hain dilon pe kuch is tarhan musalat,
Kay naksh un k,
dil se mitaey nahi jatay.

1080:- Jab Se Hui Hai Shaadi Aansoo Baha Raha Hoon Aafat Gale Padi Hai Usko Nibha Raha Hoon Biwi Mili Hai Aisi Vo Kaam Kya Karegi Khud Lux Mein Naha Kar Khushbu Mein Tar Rehegi Tukde Bache Hue Hain Unse Naha Raha Hoon Aafat Gale Padi Hai Usko Nibha Raha Hoon Barah Baje Ghadi Mein Madam Ji So Rahi Hain Bacho Ki Fauj Aake Meri Jaan Ko Ro Rahi Hai Bacho Ke Saath Baitha Khana Paka Raha Hoon Aafat Gale Padi Hai Usko Nibha Raha Hoon Soyi Hai Vo Palang Par Sar Dard Ke Bahane Kis Ki Majaal Hai Jo Jaaye Use Uthane Yaaro Bura Na Mano Mein Sar Daba Raha Hoon Aafat Gale Padi Hai Usko Nibha Raha Hoon Duniya Ko Yeh Pata Hai Begum Ka Hoon Mein Shohar Is Ghar Ka Mein Tha Malik Ab Ban Gaya Hoon Naukar Bistar Laga Raha Hoon Chadar Bicha Raha Hoon Aafat Gale Padi Hai Usko Nibha Raha Hoon Jab Se Hui Hai Shaadi Aansoo Baha Raha Hoon Aafat Gale Padi Hai Usko Nibha Raha Hoon…

1081:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1082:- Jab Yaad Meri Aye To Rukna Mat “Mere Paas Laut Aana” Jab Raat Ka Diya Bhuj Jaye Or Kuch Saaf Nazar Na Aye To Darna Mat “Mere Paas Laut Aana” Jab Bin Baadal Barsaat Ho Jaye Or Tumhien Raasta Na Mil Paaye To Udaas Mat Hona “Mere Paas Laut Aana” Jab Saans Ki Dori Toote Or Koi apna Tumhien Lootey To Maayoos Mat Hona Mere Paas Laut Aana Jab Dil Tumhara Toote Or Kisi Ka Sath Tum Se Chhoote To Aanso Mat Bahana “Meri Paas Laut Aana” Apni Khushi Se Chor Ke Gayi Ho Tum Mere Jazbat,
Pyar,
Aitbar Ko Tor Ke Gayi Ho Tum Phir Bhi Meri Yaad Agar Aye Or Aankhien Tumhari Bher Ayein To Shermindah Mat Hona “Mere Paas Laut Aana” Bas Itna Kehna Chahta Hoon Ke Hamesha Intizar Karoonga Is Kaeenat Se Ziada Pyar Karoonga Magar Jab Tumhien Meri Yaad Aye To Rukna Mat “Mere Paas Laut Aana “

1083:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1084:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1085:- Na jane kyu ho raha hai is Dil ko,
Shaayad fir koi yaad aa raha hai is Dil ko,
Nahi Chahati main fir kuch likhna or sochna,
Par uski yaad hai jo chali aa rahi hai,
Kya ye sach hai ya mera Vaham,
Ki mera Dil jodne wala hi Dil todde ja raha hai mera,
Kyun nahi kahti hu main use sabke samne,
Par akele me wo sabse karib lagta hai mere Dil ke,
Janti hu main kabhi paa nahi sakti usefir bhi,
Kya hoga agar mil jaaye wo mujhe kal ko,
Itna chahata raha jise ye Dil-O-Jaan se,
Par koi to samjhe is khambhakt dil ko,
Na jaane aaj fir kya ho raha hai…………… Ye mujhse behtar is Dil me rehne wala hi jaanta hai……… Thanks Regards Shahin Parveen [email protected]

1086:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1087:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1088:- 1.Dard se khelna sikh gaye hum Bewafayi ko jhelna sikh gaye ham kya btaye Hame zindagi ne kis kadar saqth bana diya,
Ke maut se pehle kafan odna b sikh gaye hum! 2.Hamne tho apna dil unke hath me thama tha.. Mohabbt karte hai unse ye ehsaas dilaya tha.. unhone b kya koob natak nachwaya tha.. tod k dil bazar me dande se tookwaya tha.. dil to pagal tha sab kuch seh paya.. dek k unki bewafi kuch na kr paya.. rooh ko apni izaat pyari thii.. kaa k kasam mouth ko apni gale lagwaya… 3. Kisi Aur k nam ki mehandi apne hatho me tho tum saja chuki ho,
sirf rang utar na baki hai,
hamara dil tod k tum hamari jaan lechuki ho,
sirf kafan se chupana baki hai….. 4. Legayi sb kuch magar bs kafan rehne dia,
Yuhi meri zindgi ka akri rehnuma rehne dia,
Hum gaye they unko loutane k liye. Wo kha k raham rehne diya 5. Mili he bahut saja unse Dil lagane ki Nazr lag gai mere pyar ko zmane ki Markr b KABAR se Nikle rahe 2no hath Arju rh gai unhe gale Lgane Ki. 6. Unko Jana Tha bait k Doli me wo Chale Gaye Hamko rokna Tha magr roke na ruke Dhono ka safar tho churu hogaya tha,
Fark To Sirf Itna Tha,
Unko doli me bitaya gaya,
aur Hame dole me sulaya gaya….. 7. “Kafan na dalo mere Chehre par. ” mujhe Aadat hai muskuraney ki.” aaj ki raat na dafnao mujhe yaroon,
” aaj umeed hai unke Aane ki”..: 8. Mohabbt me yeh Hum kahan agaye! Gar se nikle the aur Maikane pahunch gaye,
ye mohbbt b kya cheez hai yaro,
jab ek moqaam se nikal gaye,
tho dusre moqaam pahunch gaye,
jab maikane se nikle the,
Aaj kabrstan pahunchaye gaye.. 9. Khuda ki mahobbat fanah kaun karega.. Sabhi neak ban gaye to gunah Kaun karega.. Aye khuda bewafa sanam ko bachaye rakhna.. Warna hamari maut ki dua kaun karega… Authors Uknown COMPOSED COLLECTED BY:- MOHD JAVEED ALI 009700885737

1089:- Hum chahkar bhi tumhe pa na sake Par tumne na chahkar bhi hume pa liya Hum na chahkar bhi tumhe bhulane ki koshish kar rahe hai Par tum chahkar bhi hume bhula na sake Hum chahkar bhi tumhe khushiya na de sake Par tum na chahkar bhi hume khushiya de gaye Hum chahkar bhi pyaar nibha na sake Par tum na chahkar bhi pyaar nibha gaye… Woh roye to muh mod ke roye,
Koi mazburi hogi jo dil tod ke roye,
Mere samne tukde kar diye meri tasveer ke,
Baad mein pata chala ke unhe jod ke roye. Unhone dekha aur aansu ghir pade,
bhari barsaat me jaise phul bhikar pade,
dukh vo nahi ki unhone hume alvida kaha,
dukh tho ye hai ki uske baad vo khud ro pade… Dard to Zindagi ki sabse badi sachchai hai,
Zindagi kab bhala Dard se bach payi hai,
MaiNe socha tha dard door hai mujhe se bahut,
Har pal mili mujhe dard se ruswai hai,
Halat-e-dil kaise bataon main tumhe,
Pyar mein tere chot bahut ghadi khayi hai,
Dil ne socha tha kare gaye Mohabbat ki baatain,
Kyun pyar mein ki tune bewafai hai. Zamane bhar ki baaton mein hamein na bhula dena,
Jab kabhi yaad aaye to zara sa muskura dena,
Zinda rahe to milenge bar-bar sanam,
Nahi to har Diwali mere naam ka diya jala dena. Rulane se pahale ek bar hansaya to hota,
Kasoor kya hai is dil ka bataya to hota,
Mili saza us khata ki jo na ki kabhi hamne,
Kash yeh dil kabhi kahin lagaya na hota … Sachin Choudhary Romantic Jatt mail me at [email protected]

1090:- Is Zamane Me,
Is Mohabbat Me Kitne Dil Toote,
Kitne Ghar Phoonke Jaane Kyun Log Mohabbat Kiya Karte Hain.. Dil Ke Badle Dard-E-Dil Liya Karte Hain… Tanhaiye Milti Hai Mehfil Nahi Milti… Raah-E-Mohabbat Me Kabhi Manzil Nahi Milti.. Dil Toot Jaata Hain,
Nakaam Hota Hai … Ulfat Me Yahi Logoun Ka Anjaam Hota hai… Koi Kya Jaane Kyun ye Parwane… Kyun Machalte Hain,
Gham Me Jalte Hain… Aaahein Bhar Bhar Ke Deewane Jiya Karte Hain… Sawan Mein Aankhoun Ko Kitna Rulati Hain… Furqat Me Jab Dil Ko Kisi Ki Yaad Aati Hai… Yeh Zindagi Yunhi Barbaad Hoti Hai… Har Waqt Hontoun Par Koi Faryaad Hoti Hai… Naa Dawaoun Ka Naam Chalta Hai.. Naa Duaoun Se Kaam Chalta Hai… Zaher Yeh Phir Bhi Sabhi Kyun Piya Karte Hain… . Jaane kyun Log Mohabbat Kiya Karte Hain.. Mehboob Se Har Gham Mansoob Hota Hai… Din Raat Ulfat Me Tamasha Khoob Chalta Hai… Raatoun Se Bhi Lambe Yeh Pyaar Ke Qisse… Aashiq Sunate Hain Jafa-E-Yaar Ke Qisse… BeMurrawat Hai Woh… BeWafaa Hai Woh… Uss Sitamgar Ka Apne Dilbar Ka…. Naam Le Lekar Duhai Diya Karte Hain…. Jaane Kyun Log Mohabbat Kiya Karte Hain… Dil Ke Badle Dard-E-Dil Liya Karte Hain…… Thanks Best Regards RUBINA YASMEEN

1091:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1092:- Chahat ka tune kya sila diya hasti aankhon ko aab-e-deedah bana(tearful) diya pyar ka deep dilme jalaa diya usi aag me phir sabkuch mita diya pyar ka jabbhi vaasta dila diya beetey lamho ka tune kimat chuka diya tere liye khudko itna badal diya pehchan ne se tune inkaar kar diya sabkuch jo tere naam kar diya mohabbat ka tune sauda kar diya jisne apno k dilme ghar kar diya sabki nazro me use gunehgar bana diya wafa karte sab rishthon ko gawa diya usipe tune bewafai ka daag laga diya dardo gamh se daaman bhar diya dilne aaj bhi tujhe bus duwa hai diya tujhe paane ko kya na kar diya pal bhar mein tune ‘Ayush’ ko anjaan kar diya…

1093:- Specially For Someone… Kisi Lutere Ne Nahin-Mujhe To Teri Sadgi Ne Lutliya,
Kisi Waqt Ne Nahin-Mujhe To Tere Intezar Ne Mardiya,
Kisi Khanjar Ne Nahi-Mujhe To Tere Alfazo Ne Zakhmikiya,
Are Ab to Gussa Chhod De – Mujhe Teri Khamoshi Ne Mardiya,
.,
(¨`•.•´¨) Always `•.¸(¨`•.•´¨) Keep (¨`•.•´¨)¸.•´ Smiling! `•.¸.•´ God gives Love and LOVE is ME IBRAHIM

1094:- Ab Bund Bund Tapke Meri Aankh Yun Barse Teri Yaad Jab Bhi Aaye Jiyaa Piyaa Milan Ko Tarse Badal Hain Har Su Chaye Mera Dil Yun Tarsaye Chupke Se Aakar Koi Meri YAADOUN Me Samaye Mera Dil Bhi Dhadkaye Jab Bund Bund Tapke….. Thanks & Regards Mrs Rubina Yasmeen

1095:- Kitna Hasin Chaand Sa Chehra Hai Uspe Shabab Ka Rang Gehra Hai Khuda Ko Yakin Na Tha Wafa Pe Tabhi To Ek Chaand Pe Hazaaro Taaro Ka Pehra Hai…

1096:- Ishq Tujhse Karti Hoon Main Zindagi Se Zyada Main Darti Nahi Maut Se Teri Judaii Se Zyada Chahe To Aazmale Mujhe Kisi Aur Se Zyada Meri Zindagi Me Kuch Nahi Teri Mohabbat Se Zyada…

1097:- Mere Zazbat Meri Pehchan He Wo Meri Justaju Meri Shaan He Wo Log Kehte He Bhuladu Use Par Kese Bhuladu Yaaro Is Seene Me Dhadakti Jaan He Wo…

1098:- Teri adaon ka kayal ho gaya hun,
din ho raat sirf tujhe hi socha karta hun,
dua karta hun hamesa main apne khuda se,
mila de mujhe tujh se sirf ek baar,
uske baad chahe tu jaan bhi mange to main taiyar hun…!!

1099:- Muskan Ban Jata Hai Koi,
Dil Ki Dhadkan Ban Jata Hai Koi,
Kaise Jiye Ek Pal Bhi Un Ke Bin,
Jab Zindgi Jeene Ki Wajah Ban Jata Hai Koi.

1100:- Kaash Aapki Surat Itni Pyaari Na Hoti,
Kaash Aapse Mulakat Hamaari Na Hoti,
Sapno Mein Hi Dekh Lete Hum Aapko,
To Aaj Milni Ki Itni Bekarari Na Hoti…

1101:- Aapki Aankhen Uchi Hui To Dua Ban Gai Neechi Hui To Haya Ban Gai Jo Jhuk Kar Uthi To Khata Ban Gai Aur Uth Kar Jhuki To Ada Ban Gai…

1102:- Tum mile har khushi mil gayi hai hame,
Lagta hai ki dusri zindgi mil gayi hai hame. Zindgi me Jiska tha saalo se intezar hame,
Jeevan ka saathi bina maange mil gaya hame..

1103:- Tum Bin Kaise Jiya Jaaye Jiyun Main Kaise Tum Bin Lambi Hai Raatein Sadiyon Se Bhi Raaton Se Bhi Lambe Ho Gaye Hai Yeh Din..

1104:- Dil ke har kone mein dikkat hoti hai,
Kuch paa kar khone mein dikkat hoti hai,
Tum to roz hi khwaabon mein aa jaati ho,
Mujhko phir sone mein dikkat hoti hai…

1105:- Tere husn ke hum diwane ho gaye Tujhe apna banate banate hum khud se begane ho gaye Na chor na mujhe tu aaye zalim Tere kareeb aakar hum duniya se dur hogaye hai….

1106:- Gulab ki mehak bhi fiki lagti hai,
Kaun si khushbu mujme basa gayi ho tum,
Zindgi hai kya teri chehat ke siva,
Yeh keisa khawb aankho ko dikha gayi ho tum…

1107:- Door jakar bhi hum door jaa na sakenge,
Kitna royenge hum bata na sakenge,
Gham iska nahi ki aap mil na sakoge,
Dard is baat ka hoga ki hum aapko bhula na sakenge…

1108:- Dil unke liye he machalta hai Thokar khata hai or sambhalta hai. Kisi ne is kadar kar liya dil par kabja Dil mera hai per unke liye dhadkta hai…

1109:- Bolti hai Dosti chuprehta hai pyar Hasti hai dosti Rulata hai Pyar Milti hai dosti bicharta hai pyar Phir najane log kyon karte hain pyar..?

1110:- Ae barish zara thamke baras,
Jab mere yaar aa jaye to jamke baras,
Pehle na baras ki woh aa na sake,
Phir itna baras ki wo jaa na sake…

1111:- Jannat main rehne waali pari ho tum meri jaan,
meri zindigani ho tum yaro main beth ker jo suna tay hain meri jaan woh kahani ho tum…

1112:- Aakash ke taro me khoya hai jaha sara,
Lagta he pyara ek ek tara,
Un taro me sabse pyara hai ek sitara,
Jo is wakt pad raha hai sms hamara…

1113:- Nazare Mile To Pyar Ho Jata Hai,
Palke Uthe To Izhaar Ho Jata Hai,
Na Jane Kya Kasish Hai Chahat Main,
Ke Koi Anjaan Bhi Hamari Zindagi Ka Haqdaar Ho Jata Hai…

1114:- Khushbu ki tarah meri har sans main,
Pyar apna basane ka wada karo. Rang jitne tumhari mohabat ke hain,
Mere dil me sajane ka wada karo…

1115:- Taras gaye apke deedar ko,
phir bhi dil aap hi ko yaad karta hai,
humse khusnaseeb to apke ghar ka aaina hai,
jo har roz apke husn ka deedar karta hai…

1116:- Sirf Isharoon Mein Hoti Mohabbat Agar,
In Alfazoon Ko Khoobsurati Kaun Deta? Bas Pathar Bann Ke Reh Jaata “Taj Mahal”,
Agar Ishq Isse Apni Pehchan Na Deta…

1117:- Aye barish zara tham ke baras,
Jab mera yaar aa jaye to jam ke baras,
Pehle na baras ki woh aa na sake,
Phir itna baras ki woh ja na sake…

1118:- Aankhon Mein Na Humko Dhoondo Sanam Dil Mein Hum Bas Jaayenge! Tamanna Hai Agar Milne Ki Toh.. Band Aankhon Mein Bhi Hum Nazar Aayenge!

1119:- Unko Yeh Lagta Hai Hum Unpe Marte Hain Humko Yeh Lagta Hai Ke Who Hum Pe Marte Hain Daur Zindagi Ka Guzar Jayega Yoon Hi Humdum Na Who Kuchh Poochhte Hain Humsey.. Na Hum Kuchh Keh Paate Hain…

1120:- Ishq Aisa Karo Ki Dhadkan Me Bas Jaaye,
Saans Bhi Lo To Khushbu Usi Ki Aaye,
Pyaar Ka Nasha Aankhon Pe Chaa Jaaye,
Baat Kuch Bhi Na Ho Par Naam Usi Ka Aaye…

1121:- Pyaar Me Milna Jaruri Nahi,
Pyaar Mein Izhaar Bhi Zaruri Nahi,
Zaruri Sirf Ehsaas Hai Jo Zindagi SaNwarde,
Unhe PaAna Ya Na Pana Zaruri Nhi…

1122:- Pyaar wo ehsaas hai jo mitata nahi,
Pyaar wo parwat hai jo jhukta nahi,
Pyaar ki keemat kya hai humse pucho,
Pyaar wo anmol hira hai jo bikta nahi…

1123:- Palko ko humne jab bhi jhukaya hai,
Bas ek hi khayal aaya hai,
Jis khuda ne tumhe banaya hai,
Tumhe dharti pe bhejke bhala wo kaise jee paaya hai…

1124:- Pal pal uska saath nibhate hum,
Ek ishare par duniya chor jaate hum,
Samnder ke beech mein pahunch kar fareb kiya usne,
Wo kehta to kinare par hi doob jaate hum…

1125:- Tere Pyar Me Do Pal Ki Zindgi Bahut Hai,
Ek Pal Ki Hansi Aur Ek Pal Ki Kushi Bahut Hai,
Ye Dunia Mujhe Jane Ya Na Jane,
Teri Ankhe Muje Pehchane Yahi Bahut Hai.

1126:- Na Jane Kab Wo Haseen Raat Hogi,
Jab Unki Nigahe Humari Nigaho Ke Saath Hogi,
Baithe Hai Hum Uss Raat Ke Intezaar Me,
Jab Unke Hontho Ki Surkhiya Humare Hontho Ke Saath Hogi.

1127:- Aap jo so gaye to khwab hamara aayega Ek pyari si muskaan aapke chehre per layega Khidki darwaje dil ke khol ker sona Warna aap hi batao hamara khwab kha se aayega…

1128:- Aaj kitne dino baad hui yeh barsaat hai Yaad dilati yeh aapki har baat hai Mujhe maloom hai aapki aankhon mein hai neend Aap chain se so jao kitni haseen raat hai…

1129:- Yaadon Ki Keemat Wo Kya Jaane,
Jo Khud Yaadon Me Mita Diya Karte Hain,
Yaadon Ka Matlab to Unse Pucho,
Jo Yaadon Ke Sahare Jiye Karte Hain…

1130:- Wo Mere Liye Kuch Khaas Hai Yaaro,
Jinke Laut Aane Ki Na Koi Aas Hai Yaaro,
Wo Najro Se Door Hai To Kya Hua,
Banke Dil Ki Dhadkan Mere Paas To Hai Yaaro….

1131:- Apne Hothon Par Saja Kar Tujhe Main Tere Hi Geet Gana Chahta Hoon Jal Kar Bujh Jana Humari Kismat Sahi Bas Ek Baar Roshan Hona Chahta Hoon…

1132:- Na Jaane Wo Kaun Tera Habeeb Hoga Tere Hatho Mein Jiska Naseeb Hoga Koi Tumhe Chahe Ye Koi Badi Baat Nahi Jisko Tum Chaho Wo Khush Naseeb Hoga…

1133:- Dil dharakta hai tujhe dekhun to,
Saans bhi meri rukne lagti hai… Pyar itna hai mere dilmey sanam,
Rooh bhi meri khinch ne lagti hai…! Chain milta hai jab mei dekhun tujhe,
Warna ya saans rukne lagti hai…!!!

1134:- Hasrat hai sirf tumhe pane ki,
aur koi khawahish nahi is Dewane ki,
shikwa mujhe tumse nahi khuda se hai,
kya zarurat thi tumhe itna khuubsurat banane ki..?

1135:- In aansuon ki kuch to kadar karr meri jaan Isme chupa hai mohabbat tere liye Youn to mera zanazaa uthega teri jane ke baad Jisme ek tajmahal banayenge tere liye….

1136:- Tum Bin Guzar To Jayegi Zindigi Per Main Jee Na Paaoonga Tum Bin Hazaroon Sitaron Ki Bheer Main Bhi Dekho Yeh Chaand Kitna Tanha Hai Tum Bin…

1137:- Yaado Me Humari Aap Bhi Khoye Honge,
Khuli Aankho Se Kabhi Aap Bhi Soye Honge,
Mana Hasna Hai Ada Gam Chhupane Ki Par Haste Haste Kabhi Aap Bhi Roye Honge…

1138:- Tujhe Dil Se Juda Kabhi Hone Nahi Denge,
Tujhe Nind B Aaye To Sone Nahi Denge,
Tera Pyar Humein Itna Pyara Hai K Hum Mar B Gaye To Tujhe Rone Nahi Denge…

1139:- Sookhe patton se pyaar kar lenge Hum to tum par etbaar kar lenge Tum ye to kaho,
tum humare ho sanam Hum zindagi bhar intezaar kar lenge..! I shall love the withered leaves I shall trust you as well You just say that you are mine I will wait for you entire life..!

1140:- Soch raha tha k jawab kya bheju,
aap jaise dost ko toofa kya bheju,
guldasta bhejna to bewakufi hogi,
kyu k jo khud gulab hai use gulab kya bheju…?

1141:- Iltija Hai Bas Tujhe Paane Ki,
Aur Koi Hasrat Nahi Hai Tere Deewane Ki,
Shikva Mujhe Tujhse Nahi Khuda Se Hai,
Kya Zururat Thi Tujhe Itna Khubsoorat Banane Ki…

1142:- Ek Gujarish Hai Tujhse Zara Tham Ke Barasna,
Aa Jaaye Jab Mera Mehboob To Phir Jamm Ke Barasna,
Yun Pehle na Barasna Ki Wo Aa na Sakey,
Aa Jaaye Mere Pass To Itna Barasna Ki Wo Ja Na Sakey…

1143:- Gham nahi wahan jahan ho fasana aapka Khushi bhi dhundhti hai har pal fasana aapka,
Aap udaas na hona kabhi zindagi mai,
Bohot achha lagta hai hame muskurana aapka…!

1144:- Bahane bahane se aapki baat karte hai har pal aapko mehsus karte hai itni baar to aap saans bhi nahi lete honge jitni baar hum aaapko yaad karte hai!

1145:- Kaash woh samajthe is dil ki tadap ko Tho yun humein ruswa na kiya hotha Unki ye berukhi zulm bhi manzoor thi humein Bas ek baar humein samaj-liya hota…

1146:- Jiski talaash hai usko pata hi nahi,
hamari chahat ko usne samjha hi nahi,
hum poochte rahe ki kya tumhe humse pyar hai. woh kehte rahe ki unhe pata nahi..

1147:- Jagaaya unhone aisa ke aaj tak so na sakke Rulaaya unhone aisa ke sabke saamne ro bhi na sakke Jaane kya baat thi unn mein…. Jabse maana unhe apna tabse kisi ke ho na sake…

1148:- Aapki Ada Se Hum Madhosh Ho Gaye Aap Ne Palat Kar Dekha Tho Hum Behosh Ho Gaye Yehi Ek Baat Kehni Thi Aapse Na Jaane Kyun Aapko Dekthe Hi Hum Khamosh Ho Gaye…

1149:- Jab Jab Aata Hai Ye Barsaat Ka Mausam,
Teri Yaad Hoti Hai Sath Humdum,
Is Mausam Mein Nahi Karienge Yaad Tujhe Ye Socha Hai Humne… Par Phir Socha Ki Baarish Ko Kaise Rok Paayeinge Hum….

1150:- Anjaan ek saathi ka iss dil ko intejar hai,
Pyasa hain ye aankhen aur dil bekarar hai,
Unke saath mil jaye to har raah aasan ho jayegi,
Shayad issi anokhey ehsaas ka naam Pyaar hai…

1151:- Pyar me aksar aisa hi hai Jo kehte hai nahi bhulenge aapko khud hi bhul jate hai… Dusro ko pyar-wafa-dard samjate samjate khud aapne pyar ko hi bhul jate hai…

1152:- Phool khilte hai bahaaron ka samaa hota hai,
Aise mausam mein hi toh pyaar javaan hota hai,
Dil ki baaton ko hothon se nahi kehte,
Yeh fasaana toh nigaahon se bayaan hota hai. ..

1153:- Jadu Hai Teri Har Ek Baat Me Yaad Bahut Aate Ho Din Aur Raat Me Kal Jab Dekha Tha Mene Sapna Raat Me Tab Bhi Apka Hi Hath Tha Mere Hath Me..

1154:- Soch lene se pahley mein kar arz deti huin shayari me yaaron dil ke raaz khol deti huin kuch apni kuch unki kahaani bahut hain mila mila kar kissey mein duniya ko bol deti hun…

1155:- Dil Humara Chocolate Ki Tarah Najuk Tum Usme Dry Fruits Ka Tadka Life Hogi Fruit And Nut Jaisi Agar Mill Jaye Girlfriend Tere Jaisi…

1156:- Kuch Ehsason Ke Saye Dil Ko Chu Jate Hain,
Kuch Manzar Dil Mein Utar Jate Hain,
Bejan Gulshan Mein Bhi Phool Khil Jate Hain,
Jab Zindagi Mein Aap Jaise Dost Mil Jate Hain. !!!

1157:- Pyaar ki aanch se to patthar bhi pighal jata hai,
Sache dil se sath de to naseeb bhi badal jata hai,
Pyaar ki rahon par mil jaye sacha hamsafar,
To kitna bhi gira hua insaan bhi sambhal jata hai…

1158:- Aapki Zindagi mein kabhi koi gam na ho Aapki Aankhe kabhi nam na ho Aapko mile Zindagi ki har khushi Bhalehi uss khushi mein hum na ho…

1159:- Tere golden face ki beauty ne,
Mere komal heart pe attack kiya,
Sabko reject kiya tumko select kiya,
Request hai tumse Isse refuse na karna,
Dosti ke is bulb ko kabhi fuse na karna…

1160:- Ek Umer ke Baad Us ko Dekha Aankhon Main Sawaal Thay Hazaron Honton pe Magar Wohi Tabbassum Chehrey pe Likhi hui Udasi Awaaz Main Goonjti Judai Main Kaise Shajar Se Katee Raah Tha Woh Ponch Raha Tha Aansoo Merey Lakin Badi Dair Ho Chuki Thi…

1161:- Teri aankhon se kaash koi ishara to hota Kuchh hi sahi ik jeene ka sahara to hota Tod dete duniya ki hadon ko ham Ik baar toone mohabbat se pukara to hota…

1162:- Phool khilte hai bahaaron ka samaa hota hai,
Aise mausam mein hi toh pyaar javaan hota hai,
Dil ki baaton ko hothon se nahi kehte,
Yeh fasaana toh nigaahon se bayaan hota hai.

1163:- Haste rahen aap hazaron ke beech mein,
Jaise haste hein phool baharon ke beech mein,
Roshan ho aap duniya mein iss tarah,
Jaise hota hai chand sitaron ke beech mein…

1164:- Chand par kali ghata chati to hogi,
Sitaro ko muskurahat aati to hogi,
Tum lakh chipawo duniya se magar,
Akele mein tumhe hamari yaad aati toh hogi…

1165:- Aap ke Hone se Hamaari Khushi Judi Hui Hai… Aap ki Aankho se Hamaari Roshni Judi Hui Hai… Mat Karna Dur Apne HothoSe Ye Muskurahat… Aap ki In Hansi se Hamaari Zindagi Judi Hui Hai…

1166:- Pyaar Mein Milna Zaruri Nahi,
Pyaar Mein Izhaar Bhi Zaruri Nahi,
Zaruri Sirf Ehsaas Hai Jo Zindagi Sawarde,
Unhe Pana Ya Na Pana Zaruri Nhi…

1167:- Doob Jata Hun Unki Aankhon Mein Gahri Jheel Hain Unki Aankhein Bah Jata Hun Unki Aankhon Mein Bahti Nadiya Hain Unki Aankhein Kho Jata Hun Unki Aankhon Mein Atha Sagar Hain Unki Aankhein Jal Jata Hun Unki Aankhon Mein Jwala Mukhi Hain Unki Aankhein Bheeg Jata Hun Unki Aankhon Mein Kali Ghata Hain Unki Aankhein Kya Se Kya Ho Jata Hun Unki Aankhon Mein Kaisi Aur Kya Balaa Hain Unki Aankhein..

1168:- Haal kuch aisa hai apna,
lagta hai jaisa koi sapna,
thi main tanha is safar me,
ab koi ban gaya hai apna,
Saath tera paake o jaana,
khwaab poore ho gaye hain,
har ghadi bas tera chehra,
bas wahi laage hai apna…

1169:- Ye rishte pyaar mohhabat ke aajmaye nahi jaate Agar toot bhi jaayain dil se bhulaye nahi jaate koi khaas hi hota hai palko main jo rehta hai har kisi ko dil main basaya nahi jaata saare sapno ki kiranay to ho jaati hai khud roshan khawab pyaar ke soch samjh kar sajaye nahi jaate Mit jaata hai sabkuch magar is pyaar ke riste main kuch naqash kabhi dil se mitaye nahi jaate unki judaai hamain bahut tadpati hai hamari aankhain unke bina har pal ro deti hai intejaar ke diye ab humse jalaye nahi jaate…

1170:- Kyon khush ho jata hun main tumhari khushi dekhke kyon ho jaata hun main hataash tumhein udaas dekhke… Chahak sa uthta hun main kyon jab milne ki baari aati hain par kyon milne baad ghanto neend nahi aati hain… Aankhein band karne se kyon yaad tumhari aati hain par jab khulti hain toh kyon phir tu samne aati hain… Aanso tere tapakte hain to main kyon sisakta hun jara si tu hasti hain toh main kyon nikharta hun.. Jab bhi dekhta hun tumhe bas yeh sochta hun pucho tumse ya tumse kahun rakhun dil mein ye baat ya keh dun… Sun jara bas itna bata Main aisa kyon hun Main aisa kyon hun…

1171:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1172:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1173:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1174:- Ye hawa apki hansi ki khabar deti hai,
Mere Dil ko khusi se bhar deti hai,
khuda salamat rakhe apki hansi ko,
kyu ki apki Khusi hume zindgi deti hai… ` Raat hai andheri or sunsan si charo tarf chhayi hai ek virani khamosh ho kar bhi ye hava kuch hai keh rahi andhere mein rasta kisi ka jaise dhundti taare apni roshni se raah hain dekhte subha ko jane kaha woh gum ho jate… Taare kitne pyare lagte hain sang hamare chand to hai adhura akash mein sang na hon agar ye sare dekho to asman mein chamkile phool bikhre huye lagta hai phoolo mein bhi deep jal rahe… Humare zakhmo ki wajha bhi woh hai humare zakhmo ki dava bhi woh hai woh namak zakhmo pe lagaye bhi to kya hua muhabbat karne ki wajah bhi to woh hai… Chehra tera chan ton vi sohna sohni hai teri chaal sohniye tikhe nain katari varge lai gaye ne dil mitraan da naal sohniye… Raat me jugnu ki jagmgahat,
asma me taro ki zilmilahat thandi vadio me hawao ki sarsrahat,
in sabse bhi khubsurat hai apke chehre ki muskrahat…

1175:- Yaad toh har koi karega jaane ke baad sache pyar ka pata chal jaayega vaqt aane ke baad kaun kitni mohabbat karta hai nazar aajayega mar jaane ke baad.. ` Har kadam pe dhoke milte rahege par fiza me phool phir bhi khilte rahege yeh haqeeqat hai lowg aksar badal jate hai par phir bhi anjaano se dil milte rehte hai..!! ` yaado main kabhi aap bhi khoye hoge khuli aankho se kabhi aap bhi soye hoge maana hasna hai aadat gum chupaane ki par haste haste kabhi aap bhi roye hoge.. ` labo pe geat to aankho mei khwab rakhte the.. kabhi kitabo mei hum bhi gulaab rakhte the .. kabhi kisi ka jo hota tha intezar humei.. bada hi sham o sehar ka hisaab rakhte the… ` Is jahan me mohabbat kash na hoti,
To safar-e-zindagi me mithas na hoti! Agar milti BEWAFA ko sazae maut,
To diwano ki kabre yu udas na hoti!!

1176:- Youn Tou Koi Bhi Tanha Nahi Hota,
Chah Ker Kisi Se Juda Nahi Hota,
Mohabbat Ko Majborian Hei Le Dobtein Hein,
Warna Koi Khushi Se Bewafa Nahi Hota… ` Jab laGe zakhm to Qaatil ko dua di JaYe… Hai Yehi rasm to Yeh rasm uthaa di JaYe… Hum se Poocho shayari kya hai,
Shayari ka fun kya hai… Chaar lafzon men koi aah chuPa di JaYe… ` Hum gilla nahin karte…. jo na ho kismat mein vo mila nahin karte zakhm kuch iss tarah khaaye hai dil pe humne yeh itne gehre hai ke kabhi silla nahin karte ` Dil tootega toh fariyaad karoge tum bhi hum na rahe toh hamein yaad karoge tum bhi aaj kehte ho hamare paas vaqt nahin par ek din mere liye vaqt barbaad karoge tum bhi ` Meri deewangi ko dekh ke muskuraate hai kyu mein jitna paas jau utna door jate hai kyu kuch toh vajah zaroor hogi unki berukhi ki mujhe aise har pal sataate hai kyu…

1177:- Duao ki bheed mein ek dua hamari jis mein maangi hai humne har khushi tumhari jab bhi aap muskuraaye dil se samjho dua kabool hui hamari ` Jee lete hain Koi humein agar kahe bura,
dua dekar usse honton ko hum see lete hain Dard ho chahe kaisa,
zehar yeh chupke se hum pee lete hain ` Apko bhul jaye wo nazar kaha se laye…. Kisi aur ko chah le woh jigar kaha se laye…. Nahi reh sakte app ke bina…. Uff bhi na nikle wo Zeher kaha se laye…….. ` Chodh diya akele humme kisi aur ke baahon mai simatne ke liye phir bhi pyaas agar bhoojti nahi mere aansoon ke tailab mai zara doob ke dekhiye.. ` Tarapthe woh hain jinn ko koi ehsaas ho,
door kar ke dua karthe hain,
kaash woh mere paas ho,
yeh judaai ke pal khud rothe hai tumari yaad main… faryaad karthe hain…dard ka bi koi insaaf ho..

1178:- Kaise Bhulu Un Zaalim Aankho Ko Mein.. Kar Di Hai Zindagi Meri Bezaar.. Jo Pyaar Ke Badle De Gayin Hai Bas Intezaar..

1179:- Aaj Aasman Ke Taaro Ne Muje Puch Liya… Kya Tumhe Ab Bhi Intejar He Uske Laut Aane Ka… Mene Muskurakar Kar Kaha… Tum Laut Aane Ki Bat Karte Ho… Muje To Ab Bhi Yakin Nahi Uske Jaane Ka…………..

1180:- Ek shamma andhere mein jalaye rakhna,
Subha hone ko hai mauhaul banaye rakhna,
Kaun jane wo kiss gali se guzre,
Har gali ko phoolo se sajaye rakhna! ` Har Koi jo keh sake ye wo ehsas nahi Pyaar karte hain apse iska aur koi naam nahi Mumkin hai baatein hamari alag ho zamane se Khayal apka hai unme is baat se hame inkaar nahi ` Ishq koi cheez nahi dil parchaan di ishq ta kala hai dil lgaan di ishq da soda kade keeta nahi janda eh oh jaam hai jo peeta nahi janda ki samjhava main oos bedard nu ishq ho janda hai kade keeta nahi janda ` Apne Dil Mein Tumhare Pyar Ki Dastaan Likhi Hai Na Thodi Na Bahut Tamaam Likhi Hai Kabhi Humaare Liye Bhi Dua Kar Liya Karo Kyon Ki Humne Apni Har Ik Saans Tumhare Naam Likhi Hai ` pyar ka rang holi se bhi gehra hota hai do pyar karne walon ka joda sabse nyara hota hai jo pyar ka dhaga ek baar toot jaye to unka dubara judna namumkin hota hai ` Na hum khafa hen tum se meri jaan Na koi faryad karte hai Hum Sms bheje ya na bheje Ye jan lo tum Hum tumhen har pal YAAD karte hai ` Choti Si Dosti,
Anjaani Mulakaatein; Pal Bhar Mein Khatam Hote Din,
Khayalon Mein Doobi Lambi Raatein; Yahin Se Shuru Hota Hai Pyaar,
Hai Na..?? ` Anjaan Hai,
Anjaan Hi Rahne Do Kisi Ki Yaado Me Pal Pal Yun Hi Marne Do Kyoun Badnaam Karte Ho Humara Naam Leke Ab Toh Iss Naam Ko Benaam Hi Rahne Do ` Jiski Yaad Me Sare Jahan Ko Bhul Gaye Suna Hai Aajkal Vo Humara Naam Tak Bhul Gaye Kasam Khai Thi Jisne Sath Nibhane Ki Yaaro Aaj Wo Humari Lash Par Aana Bhul Gaye ` Likhne se Pehle salam karte hai Dard-e-dil se paigam karte hai Ye mat samajhna ki hum bhul gaye hai tumhe Yaad to tumhe hum subha-sham karte hai…

1181:- Usse Jab Yaad Aayega Wo Pehli Bar Ka Milna Toh Pal Pal Yaad Rakhe Ga Ya Sub Kuch Bhool Jayega Ussey Jab Yaad Ayega Guzre Mosam Ka Har Lamha Toh Khud Hi Ro Parega Ya Khud Hi Muskrayega ` Bottle main Pepsi say zyaada…. used Socks main smell say bhi zyaadaa…. Adnan Sami main charbi say zyaada… Mithai main sweet say zyaada… Pakistan main coruption say zzyaada… I LOVE U ` Mohabbat seekh ker kerna. K bin seekhe mohabbat ka safar dushwar hota ha. Girebaan taar hota ha. Kabhi inkar hota ha Kabhi iqrar hota ha. Mohabbat seekh ker kerna. ` Kitna bhi chaho na bhol paoge Hum se jitna dur jao nazdik pao ge Humein mita sakte ho to mita do yaadein meri,
magar.. kya sapno se juda kar pao ge humein. ` Tu Phul Hai Baharon Ki,
Tu Chand Hai Nazaron Ki,
Teri Kya Tareef Karoon,
Tu To Jaan Hai Mere Dil Ki. ` ar subah ki dhundh kuch yaad dilati hai,
har phool ki khushboo ek jaadu jagati hai,
chahun na chahun kitna bhi,
par aapki yaad roz aa hi jati hai. ` Pyaar to ahsash hai usake ijahar ka,
Juban ki jarurat kya hai,
Pyaar to khudai hai Usaki bandagi ki,
Numaish ki jarurat kya hai ` Lafzo me kya tarif karu aapki,
Aap lafzo me kaise sama paoge,
Jub log hamare pyar k bare me puchenge,
Meri aankho me aye JAANU sirf tum nazar aoge. ` Hum tere dil mai rahengee ek yad bankar,
Tere lab pe khilengee muskan bankar,
Kabhi apne se juda na samjana,
Hum tere sath chalege aasman bankar. ` Risto me pyar ki mithas rahe,
Na Mitne wala ek Ehsas rahe Kahne ko to Choti si hai Jindi,
Magar lambi ho jaye agar,
Apki dosti ka sath rahe…

1182:- Apni nazar me meri nigaah phir kyon dhoondhte ho.. Apni tanhai me meri kami kyon mehsoos karte ho.. Apne ahsaason me meri chhuuan kyon talashtey ho.. Apne lafzon se aksar yeh faasley kyon taye karte ho ` Khwabon mein aate ho TUM yaadon mein aate ho TUM jahan mein jau jahan mein dekhu mujhe nazar aate ho TUM ` Aankhon me rahne walo ko yaad nahi karte,
Dil me rehne walo ki baat nahi karte,
Hamari to ruh me bus gaye hain aap,
Tabhi to hum milne ki fariyaad nahi karte ` Kuch nasha teri baat ka hai Kuch nasha dhimi barsaat ka hai Hum to kabse nashe me dub jaane ko tayyar hai Intezar to sirf aapki mulakat ka hai ` Mulakat maut ki mehman ban gayi hai Nazar ki duniya veeran ban gayi hai Meri sans bhi ab meri nahi rahi Ye zindagi aapki mohabbat par kurban ho gayi hai…

1183:- Bin Aapke Kuch Bhi Aacha Nahi Lagta,
Ab Mera Wajood Bhi Saccha Nahi Lagta. Sirf Aapke Deedar K Intezaar Me Kat Rahi Hai Zindagi..,
Varna Kabki Maut Ki Aagosh Me So Jati Ye Zindagi. Laut Aao K Aapke B’gair Ek Lamha Nahi Kat Ta Bin Aapke Kuch Bhi Accha Nahi Lagta…

1184:- Woh Nazar kahan se laun jo tumhe bhulade,
Woh dawa kahan se laun jo is Dard ko mitade,
Milna to likha hota hai Taqdiron me Par,
Woh Taqdir hi kahan se laun joh Hum Dono ko milade… ` Manzil Bhi Kho Chuke Humsafar Bhi Nahin Raha Meri Kisi Bhi Duaa Main Sayad Asaar Hi Nahin Raha Jab Se Huyee Hai Dil Ko Khabar wo bichaddh raha hai mujhse Lafzoon Ko Jodnay Ka Tabse Hunaar Bhi Nahi Raha… ` Paane se khone ka maza aur hai… Bandh aankhon main rone ka maza aur hai… Aansoo bane lafz aur lafz bane shayari… aur uss shayari main tere hone ka maza aur hai… ` Duniya mein kisi se kabhi pyar mat karna,
Apne anmol aansoo iss tarah bekar mat karna,
Kaante to phir bhi daman tham lete hain ,
Phulon pe iss tarah kabhi aitebar mat karna.. ` Unhone dekha aur aansu gir pade,
Bhari Barsaat mein jaise phool bikhar pade,
Dukh yeh nahi ki unhone hume alvida kaha,
dukh to yeh hain ki uske baad woh khud ro pade..

1185:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1186:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1187:- Teri ek hasi pe ye dil qurbaan kar jaoo,
Aitraaz na ho agar to tera dil chura le jaoo,
Na behne du kabhi in aakho se aansu,
Tu kahe to tere saare sitam sah jaoo. Hasta hua rakhu tere labo ko hamesha,
Chumkar jinhe woh pyaari muskaan de jaoo,
Seene se laga ke rakhu tumhe,
mann to karta hai tujhme sama jau. Sunti hi rahu tumhari dhadkano ko,
aur apne dil ki har baat kah jau,
gum ko kabhi kareeb na aane du,
aur tumhe zindage ki khushiya tamaam de jaoo

1188:- Meri jaan se bhi pyare ho tum,
mere tamam hasraton ki manzil ho tum,
mere dil ki har khushi ho tum,
barson tarsi jis pyar ko me,
us pyar ka arman ho tum,
meri jaan se bhi pyare ho tum…

1189:- Kaun ho tum? Jo mere dilo-dimag par Is tarah chh gaye ho Kaun ho tum jo is tarah chupke se Meri jindagi me aa gaye ho Kabhi door lagte ho ,
bahut door Kabhi paas ,
ekdam paas Pal men hota hunk hush Pal men udas. Hari ghas aur hari ho gai hai Aur neela aasman aur bhi Neela ho gaya hai Phir bhi kuchh hai Jo kho gaya hai. Kaun ho,
tum jo meri neend udathe ho tum jo mera chain churate ho tum jo meri dhadkanon men sama gaye ho tum jo is tarah chupke se meri jindagi me aa gaye ho kaun ho? Kaun ho tum

1190:- ‐ 2 Latest Shayari, Heart tochhing shayarisonu.patel71

1191:- Haan,
maine bhi pyaar kiya hai Dil tujhko hee yaar diya hai. kyun aisa kaam kiya hai? Maine khud ko badnaam kiya hai. Yahi hoti hai sachayii dil de dete hai kisi ko bhi bhai. sochte samkhte kuch bhi nahi,
kar dete hai do khata,
jo theek kar sakte nahi. Geetali (Ishq)

1192:- Mere dil mein basi hararat ho tum,
Meri aankhon ko mili shararat ho tum,
Dekhun tumhein to paalun mein duniya,
Na milo to milne ki baghavat ho tum,
Tumhari khamoshi keh jaati hai kai baatein,
Jise yaad karta hai dil kai raatein,
Tumhare nanhe nanhe se haath aur badi badi baatein,
Yaad reh jaati hein tumse hui sab mulakatein,
Ummeed ho hamari aanewala kal ho tum,
Hamare dilon mein basi mohabbat ho tum… Fahim Memon

एक दिन गुज़रता है एक साल जैसा है;
तड़पता हूँ इस कदर बेवफाई में उसकी;
ये तन बनता जा रहा कंकाल जैसा है।

किया अपना बन कर जो तूने सनम;
ना गैरों से वो कभी गैर करे;
अगर हमें छोड़ कर जाना चाहते हो;
जाओ चले जाओ अल्लाह खैर करे।

खामोश सी रात और तुमसे गुफ्तगू की आरज़ू,
अब कैसे मिले सुकून.. तुम भी बोलते नहीं..!

मोहब्बत से करो आगाज़ तो अजनबी भी क़रीब आते हैं ।।।
मोहब्बत है एक रूहानी मंज़िल जहाँ फ़रिश्ते भी सर झुकाते हैं

तेरा प्यार ही मेरी जान है,
शायद इस हकीकत से तु अनजान है….
मुझे खुद नही पता मैं कौन हूँ,
क्योंकि तेरा प्यार ही मेरी पहचान है

क्या गजल? क्या नज्म?
क्या शायरी?
मेरे तो हर अल्फाज् का
मतलब सिर्फ तुम हो.

#दिल ही #दिल में हम उनसे #प्यार करते हैं;
छुप-छुप उनकी #मोहब्बत का #इंतेज़ार करते हैं!

“बेवाफायों की इस दुनियां में संभलकर चलना मेरे दोस्तों;
यहाँ बर्बाद करने के लिए, मुहब्बत का भी सहारा लेते हैं लोग

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