Love Shayari in Hindi for Girlfriend/Boyfriend

1 :-
दिन तो कट जाता है तेरे ख़यालो में, तेरी बातो मे,
तंन मॅन जलता है मेरे सावन की भीगी रातो मे
तुझ बिन केसे चैन मैं पाउ ऐसी सुहानी रातो मे,
उमंगे अंगड़ाई लेती हैं रंग भरे जज़्बातो में

1 :- ज़िन्दगी की हसीन राह पर तुम मुझसे आकर टकरा गए
दिखाकर आँखों को ख्वाब प्यारा सा, फिर उसे भिखरा गए
फूल अरमानों के जो भी खिले मेरे दिल में सब मुरझा गए
खुशियों को मेरी लूटकर तुम.., गमो के बादल बरसा गए

2 :- कश्ती के मुसाफिर ने समन्दर नहीं देखा,
आँखों को देखा पर दिल मे उतर कर नहीं देखा,
पत्थर समझते है मेरे चाहने वाले मुझे,
हम तो मोम है किसी ने छूकर नहीं देखा।

3 :- Dil Ki Baat Chhupana Aata Nahi,
Kisi Ka Dil Dukhana Aata Nahi,
Aap Sochte He Hum Bhul Gaye Aapko,
Par Kuchh Achhe Dosto Ko Bhulana Humko Aata Nahi.

4 :- दिल की बात छुपाना आता नही,
किसी का दिल दुखाना आता नही,
आप सोचते है हम भूल गए आपको,
पर कुछ अच्छे दोस्तो को भूलना हमको आता नही.

5 :- Kitna Dur Nikal Gaye Riste Nibhate Nibate,
Khud Ko Kho Diya Humne Apno Ko Pate Pate,
Log Kahte Hai Dard Hai Mere Dil Me,
Aur Hum Thak Gye Muskurate Muskurate.

6 :- कितना दूर निकल गए रिश्ते निभाते निभाते,
खुद को खो दिया हमने अपनों को पाते पाते,
लोग कहते है दर्द है मेरे दिल में,
और हम थक गये मुस्कुराते मुस्कुराते.

7 :- Zindgi se apna har dard chupa lena,
Khushi na sahi gam gale laga lena,
Koi agar kahe mohabbat aasan hai,
To use mera toota hua dil dikha dena.

8 :- ज़िंदगी से अपना हर दर्द छुपा लेना,
ख़ुशी न सही गम गले लगा लेना,
कोई अगर कहे मोहब्बत आसान है,
तो उसे मेरा टूटा हुआ दिल दिखा देना.

9 :- Dil ke sagar me lehre uthaya na karo,
khwab bankar neend churaya na karo,
bahot chot lagti hai mere dil ko,
tum khwabo mein aa kar yu tadpaya na karo..

10 :- दिल के सागर में लहरें उठाया ना करो,
ख्वाब बनकर नींद चुराया न करो,
बहुत चोट लगती है मेरे दिल को,
तुम ख़्वाबों में आ कर यु तड़पाया न करो..

11 :- Kabhi Kabher hi sahi,
milne k bahane chahiye,
Ise dil ko yaado k aashiyane chahiye,
Jinse ho jaati hai zindagi janat meri,
Nigaho ko bs wo thikana chahiye.

12 :- कभी कभार ही सही,
मिलने के बहाने चाहिए,
इस दिल को यादों के आशियाने चाहिए ,
जिनसे हो जाती है ज़िन्दगी ज़न्नत मेरी,
निगाहों को बस वो ही ठिकाने चाहिए..

13 :- Pyaar koi diya nahi,
jab chaaha jala diya bujha diya,
Ye baalu ka mahal nahi,
jab chaaha bana liya mita diya,
Ye rass hai jo dil ki gaharaiyon se nikalata hai,
Ye bachho ka khel nahi,
jise chaaha hara diya jita diya.

14 :- प्यार कोई दीया नहीं,
जब चाहा जला दिया बुझा दिया,
ये बालू का महल नहीं,
जब चाहा बना लिया मिटा दिया,
ये रस है जो दिल की गहराइयों से लिकलता है,
ये बच्चों का खेल नहीं,
जिसे चाहा हरा दिया जिता दिया।

15 :- Paas aa zara dil ki baat btaun tujhko,
Kese dharkta ha dil awaz sunao tujhko,
Aakar tu dekh le dil pe likha h naam tera Agr kahe to dil cheer ke dikhaun tujko.

16 :- पास आ ज़रा दिल की बात बताऊँ तुझको,
कैसे धड़कता है दिल की आवाज़ सुनाऊँ तुझको,
आकर देख ले दिल पर नाम लिखा है तेरा,
तूँ कहे तो दिल चीर के दिखाऊँ तुझको।

17 :- Chupake se aakar is dil mein utar jaate ho,
Saanson mein meee khushabu ban ke bikhar jate ho,
kuchh yoon chala hai tere ishk ka jaadu,
Sote-jaagate tum hi tum nazar aate ho.

18 :- चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो,
सांसों में मेरी खुशबु बन के बिखर जाते हो,
कुछ यूँ चला है तेरे ‘इश्क’ का जादू,
सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो।

19 :- Tujhe dekhe bina teri tasvir bana sakta hoon,
Tujhse mile bina tera haal bata sakta hoon,
Hai meri dosti mein itna dum,
Apni aankh ka aansoo teri aankh se gira sakta hoon.

20 :- तुझे देखे बिना तेरी तस्वीर बना सकता हूँ,
तुझसे मिले बिना तेरा हाल बता सकता हूँ,
है मेरी दोस्ती में इतना दम,
तेरी आँख का आँसू आपनी आँख से गिरा सकता हूँ।

21 :- Tujhe chaha bhi to ijahaar na kar sake,
Kat gai umar kisi se pyaar na kar sake,
Tune maanga bhi to apani judai maangi,
Aur ham the ki inkaar na kar sake.

22 :- तुझे चाहा भी तो इजहार न कर सके,
कट गई उम्र किसी से प्यार न कर सके,
तुने माँगा भी तो अपनी जुदाई मांगी,
और हम थे की इंकार न कर सके।

23 :- Jab se dekha hai teri aankhon mein jhank kar,
koi bhi aaina acha nahin lagta,
teri mohabbat mein aise hue hai deewane,
tumhe koi aur dekhe toh acha nahin lagta.

24 :- जब से देखा है तेरी आँखों मे झाक कर,
कोई भी आईना अच्छा नहीं लगता,
तेरी मोहब्बत मे ऐसे हुए हैं दीवानें,
तुम्हें कोई और देखें अच्छा नहीं लगता।

25 :- Ye Dil Kisi ko pana chahta hai,
Aur ushe apna bnana chahta hai.. Khud to chahta hai khusi se dhadkna,
Uska dil bhi dhadkana chahta hai.. Jo hasi kho gayi thi barso pehle kahin,
Fir ushe labo pe sajana chahta hai.. Tayyar hai pyar me sath chalne ke liye,
Uske har gum ko apnana chahta hai.. Mohabbat to ho hi gayi hai ab to,
pr,
Ab ushi se hi chhipana chahta hai.. Ye dil ab kisi ko pana chahta hai,
Aur ushe sirf apna bnana chahta hai..

26 :- ये दिल किसी को पाना चाहता है,
और उसे अपना बनाना चाहता है। खुद तो चाहता है ख़ुशी से धड़कना,
उसका दिल भी धड़काना चाहता है। जो हँसी खो गई थी बरसों पहले कहीं,
फिर उसे लबों पर सजाना चाहता है। तैयार है प्यार में साथ चलने के लिए,
उसके हर गम को अपनाना चाहता है। मोहब्बत तो हो ही गई है अब तो.. पर,
अब उसी से ही ये छिपाना चाहता है। ये दिल अब किसी को पाना चाहता है,
और उसे सिर्फ अपना बनाना चाहता है।।

27 :- Jab khamosh aankho se baat hoti hai. Aise hi mohabbat ki shurwat hoti hai. Tumhare hi khyalo mein khoye rehte hai. Pata nahi kab din kab raat hoti hai ?

28 :- जब खामोश आँखो से बात होती है ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं पता नही कब दिन और कब रात होती है

29 :- Tere libas se mohabbat ki hai,
tere ehsas se mohabbat ki hai,
tu mere paas nahi fir bhi,
maine teri yaad se mohabbat ki hai,
kabhi tune bhi mujhe yaad kiya hoga,
maine un lamho se mohabbat ki hai,
jinme ho sirf teri aur meri baatein,
maine un alfaaz se mohabbat ki hai,
jo mahkate ho teri mohabbat se,
maine un jazbat se mohabbat ki hai,
aaoge kab wapis meri jaan,
maine tere intezaar se mohabbat ki hai!

30 :- तेरे लिबास से मोहब्बत की है,
तेरे एहसास से मोहब्बत की है,
तू मेरे पास नहीं फिर भी,
मैंने तेरी याद से मोहब्बत की है,
कभी तू ने भी मुझे याद किया होगाी,
मैंने उन लम्हों से मोहब्बत की है,
जिन में हो सिर्फ तेरी और मेरी बातें,
मैंने उन अल्फाज से मोहब्बत की है,
जो महकते हो तेरी मोहब्बत से,
मैंने उन जज्बात से मोहब्बत की है,
तुझ से मिलना तो अब एक ख्वाब लगता है,
इसलिए मैंने तेरे इंतजार से मोहब्बत की है.

31 :- Ham juda hue the phir milane ke liye,
zindagi ki raahon mein sang chalane ke liye,
tere pyaar ki kashish dil mein basi hai kuchh is qadar,
dua hai tera sath mile zara sambhalane ke liye

32 :- हम जुदा हुए थे फिर मिलने के लिये,
ज़िंदगी की राहों में संग चलने के लिये,
तेरे प्यार की कशिश दिल में बसी है कुछ ईस क़दर,
दुआ है तेरा साथ मिले ज़रा संभलने के लिये।

33 :- Hasrat hai sirf tumhe pane ki,
aur koi khawahish nahi is dewane ki,
shikwa mujhe tumse nahi khuda se hai,
kya zarurat thi tumhe itna khubsurat banane ki?

34 :- हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की,
और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की,
शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है,
क्या ज़रूरत थी,
तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की!

35 :- Jab jab yaad karogi apani tanhaiyo ko,
ek jalata charaag sa nazar aauga main raah se rahaguzar ban ke bhi gujar jaogi,
ek mil ka patthar sa khada nazar aauga main..

36 :- जब जब याद करोगी अपनी तन्हाईयो को,
एक जलता चराग सा नज़र आऊगा मैं राह से रहगुज़र बन के भी गुजर जाओगी,
एक मिल का पत्थर सा खड़ा नज़र आऊगा मैं..

37 :- Muskurate palko pe sanam chale aate hein,
Aap kya jaano kahan se hamare ghum aate hain,
Aaj bhi us mod par khade hain,
Jaha kisi ne kaha tha ke theron hum abhi aate hain.

38 :- मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं,
आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं,
आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं,
जहाँ किसी ने कहा था कि ठहरो हम अभी आते है।

39 :- Dil ka dard ek raaz banke reh gaya,
Mera bharosa mazak banke reh gaya,
Dilo ke saudagar se dillagi kar bethe,
Shayad is liye mera pyaar mazak ban ke reh gaya.

40 :- दिल का दर्द एक राज बनकर रह गया,
मेरा भरोसा मजाक बनकर रह गया,
दिल के सोदागरो से दिललगी कर बैठे,
शायद इसीलिए मेरा प्यार इक अल्फाज बनकर रह गया।

41 :- Tumhare pyar ki dastaan humne apne dil me likhi hai,
na thodi na bahut be-hisaab likhi hai,
kiya karo kabhi hume bhi apni duaon me shamil,
humne apni har ek saans tumhare naam likhi hai.

42 :- तुम्हारे प्यार की दास्तां हमने अपने दिल में लिखी है,
न थोड़ी न बहुत बे-हिसाब लिखी है,
किया करो कभी हमे भी अपनी दुआओं में शामिल,
हमने अपनी हर एक सांस तुम्हारे नाम लिखी है!

43 :- Nadan inaki baato ka etabaar na kar,
Bhoolkar bhi in zaalim se pyaar na kar Wo qayaamat talak tere paas na aayenge,
Inake aane ka nadan tu intajaar na kar!

44 :- नादान इनकी बातो का एतबार ना कर,
भूलकर भी इन जालिमो से प्यार ना कर,
वो क़यामत तलक तेरे पास ना आयेंगे,
इनके आने का नादान तू इन्तजार ना कर!

45 :- Ye mat kahna ki teri yaad se rishta nahi rakha,
mai khud tanha raha dil ko magar tanha nahi rakha,
tumhari chahton ke phool to mehfooz rakhe hai,
tumhari nafrato ki peedh ko zinda nahi rakha!

46 :- ये मत कहना कि तेरी याद से रिश्ता नहीं रखा,
मैं खुद तन्हा रहा पर दिल को तन्हा नहीं रखा,
तुम्हारी चाहतों के फूल तो महफूज रखे हैं,
तुम्हारी नफरतों की पीड़ को जिंदा नहीं रखा!

47 :- Yakin nahi tujhe agar,
to aajmaa ke dekh le,
ek baar tu,
jara muskura ke dekh le jo na socha hoga tune,
wo milega tujhko bhi,
ek baar apne kadam,
ko badha ke dekh le.

48 :- यकीन नहीं तुझे अगर,
तो आज़मा के देख ले,
एक बार तू,
जरा मुस्कुरा के देख ले,
जो ना सोचा होगा तूने,
वो मिलेगा तुझको भी,
एक बार आपने कदम,
बढ़ा के देख ले।

49 :- Jaane us shakhs ko kaisa ye hunar aata hai,
Raat hoti hai to ankhoo main utar aata hai,
main us ke khyaal se niklu to kahan jaau,
wo meri soch ke har raste pe nazar aata hai.

50 :- जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है,
रात होती है तो आँखों में उतर आता है,
मैं उस के खयालो से बच के कहाँ जाऊं,
वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है।

51 :- Hath pakad kar rok lete agar,
Tujh par jara bhi zor hota mera,
Na rote hum yu tere liye.. Agar hamari zindagi me tere siwa koi aur hota!

52 :- हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर,
तुझ पर ज़रा भी ज़ोर होता मेरा,
ना रोते हम यूँ तेरे लिये.. अगर हमारी ज़िन्दगी में तेरे सिवा कोई ओर होता..

53 :- Wafa ki zanjeer se dar lagata hai,
kuchh apni taqadeer se dar lagata hai. jo mujhe tujhase juda karti hai,
haath ki us lakeer se dar lagata hai!

54 :- वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है,
कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है. जो मुझे तुझसे जुदा करती है,
हाथ की उस लकीर से डर लगता है!

55 :- Kaash unhen chahane ka aramaan na hota,
main hosh mein hote hue anajaan na hota,
ye pyaar na hota,
patthar dil se hamen,
ya vo patthar dil inasaan na hota!

56 :- काश उन्हें चाहने का अरमान नही होता,
में होश में होकर भी अंजान नही होता,
ये प्यार ना होता,
किसी पत्थर दिल से,
या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता!

57 :- Bahut mehngi hui ab to wafa,
log kaha milte hai.. jo sachcha pyar kare,
mohabbat to ban gai hai ab saza,
aashiq kaha milte hai,
jo sang-sang ishq ka dariya paar kare!

58 :- बहुत महँगी हुई अब तो वफा.. लोग कहाँ मिलते हैं,
जो सच्चा प्यार करें मोहब्बत तो बन गई है अब सजा.. आशिक कहाँ मिलते हैं,
जो संग-संग इश्क का दरिया पार करें!

59 :- Kab tak wo mera hone ka intezaar karega,
kudh toot kar wo ek din mujhse puar karega,
ishq ki aag me usko itna jala denge,
ki ijhaar wo mujhse sar-e-bazaar karega!

60 :- कब तक वो मेरा होने से इंकार करेगा,
खुद टूट कर वो एक दिन मुझसे प्यार करेगा,
इश्क़ की आग में उसको इतना जला देंगे,
कि इज़हार वो मुझसे सर-ए-बाजार करेगा।

61 :- Unka haal bhi kuch aap jesa hi hoga,
aapka haale dil unhai bhi mehsus hoga,
bekarari ki aag me jo jal rahe hai aap,
aap se jyada unhai is jalan ka ehsaas hoga!

62 :- उनका हाल भी कुछ आप जैसा ही होगा,
आपका हाले दिल उन्हें भी महसूस होगा,
बेकरारी की आग में जो जल रहे हैं आप,
आपसे ज्यादा उन्हें इस जलन का एहसास होगा।

63 :- Kabhi kisi se pyar mat karna,
agar ho jaye to inkaar mat karna,
nibha sake to chalna iss raah parr,
varna kisi ki zindagi barbad mat karna.

64 :- कभी किसी से प्यार मत करना दोस्तों,
हो जाये तो इंकार मत करना,
चल सको तो चलना उस राह पर,
वरना किसी की ज़िन्दगी ख़राब मत करना।

65 :- chalakte hoton se chu ke,
hoton ko unhone pyala bana dala,
pass aai kuch wo ese.. zindagi ko unhone madhushala bana dala.

66 :- छलकते होठो से छू के,
होठो को उन्होंने प्याला बना डाला,
पास आई कुछ वो ऐसे.. जिन्दगी को उन्होंने मधुशाला बना डाला!

67 :- जो नजरो का हुआ मिलना लब तेरे भी मुस्कुराये थे,
ईश्क के हर जूर्म में मेरे तेरी मोहोब्बत के साये थे,
मेरी हर रात में सजनी तेरी सेजो के साये थे,
रात को ख्वाब में मेरे ख्वाब तेरे मिलने आये थे।

68 :- Kal uski Yaad poori Raat aati rahi,
Hum jaage paari Duniya soti rahi,
Aasman main bijali paari Raat hoti rahi,
Bas ek BARISH thi jo Mere saath roti rahi.

69 :- कल उसकी याद पूरी रात आती रही,
हम जागे पूरी दुनिया सोती रही,
आसमान में बिजली पूरी रात होती रही,
बस एक बारिश थी जो मेरे साथ रोती रही!

70 :- Wo na aaye unki yaad aakar wafa kar gayi. Unse milne ki tamanna sukoon tabah kar gayi,
Aahat hui socha asar duaa kar gayi,
Darwaja khola to dekha majak humse hava kar gayi!

71 :- वो न आए उनकी याद वफ़ा कर गई,
उनसे मिलने की चाह सुकून तबाह कर गई,
आहट दरवाज़े की हुई तो उठकर देखा,
मज़ाक हमसे हवा कर गई!

72 :- Tadap ke dekho kisi ki chahat me,
To samajh paoge ke intezar kya hota hai,
Yuhi mil jaye agar koi bina tadpe,
To kaise jan paoge ke.. pyar kya hota hai,

73 :- तड़प के देखो किसी की चाहत में,
तो पता चले कि इंतज़ार क्या होता है,
यूँ ही मिल जाये अगर कोई बिना तड़पे,
तो कैसे पता चले के.. प्यार क्या होता है!

74 :- Teri saadgi ko niharne ka dil karta hai,
Tamaam umar tere naam karne ka dil karta hai,
Ek mukammal shayari hai tu kudrat ki,
Tujhe ghazal bana ke jubaan pe laane ka dil karta hai.

75 :- तेरी सादगी को निहारने का दिल करता हैं,
तमाम उम्र तेरे नाम करने का दिल करता है,
एक मुकम्मल शायरी हैं तू कुदरत की,
तुजे ग़ज़ल बनाके जुबान पे लेन का दिल करता है!

76 :- Khuda ne jab ishq banaya hoga,
To khud ajmaya hoga,
Hamari to aukaat hi kya hai,
Is ishq ne khuda ko bhi rulaya hoga.

77 :- खुदा ने जब इश्क़ बनाया होगा,
तो खुद आज़माया होगा,
हमारी तो औकात ही क्या है,
इस इश्क़ ने खुदा को भी रुलाया होगा !!

78 :- Rab se aapki khushi mangte hain,
duaon me aapki hansi mangte hain,
sochte hain kya mangen aapse.. chalo aapki umar bhar ki mohabbat mangte hain.

79 :- रब से आपकी खुशी मांगते हैं,
दुआओं में आपकी हंसी मांगते हैं,
सोचते हैं आपसे क्या मांगें चलो,
आपसे उम्र भर की मोहब्बत मांगते हैं!

80 :- Chupke Se Dil Kisi Ka Churane Me Hai Maza,
Ankhon Se Dil Ka Haal Sunane Me Hai Maza,
Jitna Maza Nahi Hai Numaish Me Ishq Ki,
Us Se Jayada Ishq Chupane Me Hai Maza!

81 :- चुपके से दिल किसी का चुराने में है मज़ा,
आँखों से दिल का हाल सुनाने में है मज़ा.. जितना मज़ा नहीं है नुमाइश में इश्क़ की,
उससे ज़्यादा इश्क़ छुपाने में है मज़ा..।।

82 :- Tujhe Mohabbat Karna Nahi Aata,
Mujhe Mohabbat Ke Siva Kuch Nahi Aata,
Zindagi Guzarne Ke Do Tarike Hote Hai,
Ek Tujhe Nahi Aata Aur Ek Mujhe Nahi Aata.

83 :- तुझे मोहब्बत करना नही आता,
मुझे मोहब्बत के सिवा कुछ नही आता,
ज़िन्दगी गुज़ारने के दो ही तरीके है,
एक तुझे नही आता एक मुझे नही आता।

84 :- Chupa loon is tarah tujhe apni baahon me,
Ki hawa bhi guzarne ki izaajat maange,
Ho jau itna madhosh tere pyaar me,
Ki hosh bhi aane ki izaajat mange.

85 :- छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे,
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे!

86 :- Koi chupata hai,
koi batata hai.. Koi rulata hai to koi hasata hai.. Pyar to har kisiko hai kisi na kisi se.. Fark itna hai.. Koi azmaata hai aur koi nibhaata hai!!

87 :- कोई छुपाता है,
कोई बताता है,
कोई रुलाता है,
तो कोई हंसाता है,
प्यार तो हर किसी को ही किसी न किसी से हो जाता है,
फर्क तो इतना है कि कोई अजमाता है और कोई निभाता है!

88 :- Na zid hai na koi gurur hai hume,
Bas tumhe pane ka surur hai hume,
Ishq gunah hai to galti ki humne,
Saza jo bhi ho manjur hai hume!

89 :- न जिद है न कोई गुरूर है हमे,
बस तुम्हे पाने का सुरूर है हमे,
इश्क गुनाह है तो गलती की हमने,
सजा जो भी हो मंजूर है हमे।

90 :- Ishq ka jisko khwaab aa jata hai,
Waqt samjho khraab aa jata hai,
Mehboob aaye ya na aaye,
Par Taare ginne ka hisaab jarur aa jata hai!

91 :- इश्क का जिसको ख्वाब आ जाता है,
समझो उसका वक़्त खराब आ जाता है,
महबूब आये या न आये,
पर तारे गिनने का तो हिसाब आ ही जाता है!

92 :- Mana Ki Tum Jeete Ho Zamane Ke Liye,
Ek Bar Jee Ke To Dekho Hamare Liye,
Dil Ki Kya Aukaat Apke Saamne,
Hum To Jaan Bhi De Denge Apko Pane Ke Liye.

93 :- माना की तुम जीते हो ज़माने के लिये,
एक बार जी के तो देखो हमारे लिये,
दिल की क्या औकात आपके सामने,
हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये!

94 :- Mana aaj unhe hamara koi khayal nahi,
jawab dene ko hum razi he par koi sawal nahi,
pucho unke dil se kya hum unke yaar nahi,
kya hamse milne ko wo bekarar nahi

95 :- माना आज उन्हें हमारा कोई ख़याल नहीं,
जवाब देने को हम राज़ी है,
पर कोई सवाल नहीं! पूछो उनके दिल से क्या हम उनके यार नहीं,
क्या हमसे मिलने को वो बेकरार नहीं!

96 :- Koi kehta hai pyaar nasha ban jata hai.. Koi kehta hai pyaar saza ban jata hai.. Par pyaar karo agar sachche dil se.. To wo pyaar hi jine ka waja ban jata hai!

97 :- कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है! कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है! पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से,
तो वो प्यार ही जीने की वजह बन जाता है!

98 :- Uske Sath Rehte Rehte Uski Chahat Si Ho Gayi Hai Usse Baat Karte Karte Mujhe Uski Aadat Si Ho Gayi Hai,
Ek Pal Na Mile Toh Bechani Si Lagti Hai Dosti Nibhate Nibhate Usse Mohabbat Si Ho Gayi Hai!

99 :- उसके साथ रहते रहते हमे चाहत सी हो गयी,
उससे बात करते करते हमे आदत सी हो गयी,
एक पल भी न मिले तो न जाने बेचैनी सी रहती है,
दोस्ती निभाते निभाते हमे मोहब्बत सी हो!

100 :- मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही,
वो मुझे चाहे या मिल जाये,
जरूरी तो नही,
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो,
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!

101 :- Meri mohabbat hai woh koi majboori to nahin,
Woh mujhe chahe ya mil jaye,
zaroori to nahin,
Yeh kuch kam hai ke basa hai meri saanson mein,
Woh saamne ho meri aankhon ke zaroori to nahin.

102 :- हम रूठे तो किसके भरोसे,
कौन आएगा हमें मनाने के लिए,
हो सकता है,
तरस आ भी जाए आपको.. पर दिल कहाँ से लाये.. आप से रूठ जाने के लिए!

103 :- Hum Ruthe To Kiske Bharose,
Kaun Hai Jo Aayega Hume Manane Ke Liye,
Ho Sakta Hai Taras Aa Bhi Jaye Aapko.. Par Dil Kaha Se Laau.. Aapse Ruth Jane K Liye.

104 :- तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे,
तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे,
तुम ना मिले तो जीते जी ही मर जायेंगे,
तुम्हें जो पा लिया तो मर कर भी जी जायेंगे।

105 :- Tere Bina Tutkar Bikhar Jayenge,
Tum Mil Gaye To Gulshan Ki Tarah Khil Jayenge,
Tum Na Mile To Jite Ji Mar Jayenge,
Tumhe Paa Liya To Markar Bhi Jee Jayenge.

106 :- उदास नहीं होना,
क्योंकि मैं साथ हूँ,
सामने न सही पर आस-पास हूँ,
पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे,
मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ!

107 :- Udas nahi hona kyon ki main saath hoon,
Saamne na sahi par aas-paas hoon,
Palkon ko band kar jab bhi dil mein dekhoge,
Main har pal tumhare sath hu!

108 :- इश्क मुहब्बत तो सब करते हैं! गम-ऐ-जुदाई से सब डरते हैं हम तो न इश्क करते हैं न मुहब्बत! हम तो बस आपकी एक मुस्कुराहट पाने के लिए तरसते हैं!

109 :- Ishq mohabbat to sab karte hai,
gam-a-judai se sab darte hai,
hum to ishq karte ha na to mahabbat,
hum to bas aapki ek mushkurahat pane ke liye taraste hai.

110 :- दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे!

111 :- Dil se roye magar honto se muskura beithe,
yunhi hum kisi se wafa nibha beithe,
wo hame ek lamha na de paye apne pyar ka,
aur hum unke liye apni zindagi gawa beithe.

112 :- खुश नसीब होते हैं बादल,
जो दूर रहकर भी ज़मीन पर बरसते हैं,
और एक बदनसीब हम हैं,
जो एक ही दुनिया में रहकर भी.. मिलने को तरसते हैं.

113 :- Khush nasib hote hain badal,
Jo dur rehkar bhi zameen par baraste hain,
Aur ek badnasib hum hain,
Jo ek hi duniya mei rehkar bhi.. Milne ko taraste hain.

114 :- प्यार क्या होता है हम नहीं जानते,
ज़िन्दगी को हम अपना नहीं मानते,
गम इतने मील के एहसास नहीं होता,
कोई हमें प्यार करे अब विश्वास नहीं होता.

115 :- Pyar kya hota hai hum nahi jante,
Zindagi ko hum apna nahi mante,
Gum itne mile ke ehsaas nahi hota,
Koi hume pyar kare ab vishwas nahi hota.

116 :- आँखों में रहा दिल में उतरकर नहीं देखा,
कश्ती के मुसाफ़िर ने समन्दर नहीं देखा,
पत्थर कहता है मुझे मेरा चाहनेवाला,
मैं मोम हूँ उसने मुझे छूकर नहीं देखा!

117 :- Aankhon mein rahaa dil mein utarkar nahin dekha,
Kishti ke musafir ne samandar nahin dekha,
Patthar mujhe kahta hai mira chahne wala,
Main mom hun usne mujhe chhookar nahin dekha!

118 :- इस कदर हम उनकी मुहब्बत में खो गए,
कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए,
आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था,
आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर सो गए!

119 :- es kadar hum unki mohabbat mein kho gaye,
ki ek nazar dekha aur bas unhi k ho gaye,
ankh khuli to andhera tha,
dekha ek sapna tha,
aankh band ki aur unhi sapno me phir kho gaye.

120 :- पलकों को कभी हमने भिगोए ही नहीं,
वो सोचते हैं की हम कभी रोये ही नहीं,
वो पूछते हैं कि ख्वाबो में किसे देखते हो,
और हम हैं की उनकी यादो में सोए ही नहीं!

121 :- Palko ko kabhi hamne bhigoya hi nahi,
Wo sochte hai kr hum kabhi roye hi nahi,
Wo puchte hai ki khwabo me kise dekhte ho,
Aur hum hai ki unki yado me soye hi nahi..!

122 :- तन्हाईयों में मुस्कुराना इश्क है,
एक बात को सबसे छुपाना इश्क है,
यु तो नींद नहीं आती हमें रात भर,
मगर सोते-सोते जागना और जागते-जागते सोना इश्क है.

123 :- Tanhaiyon mein muskurana ishq hai,
Ek baat ko sab se chhupana ishq hai,
Yun to neend nahi aati hamein raat bhar,
Magar sote sote jagna or jagte jagte sona hi ishq hai.

124 :- नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली,
रहे दोनों खामोश पर बात करली,
मोहब्बत की फिजा को जब खुश पाया,
इन आंखों ने रो रो के बरसात कर ली !!

125 :- Najar ne najar se mulaqat kar li,
rahe khamosh dono aur baat kar li,
mohabbat ki fizza ko jab khush paya,
en aankho ne ro ro ke barsat kar li.

126 :- तुझे देखु तो सारा जहाँ रंगीन नज़र आता है,
तेरे बिना दिल को चेन किसको आता है,
तुम ही हो मेरे दिल की धड़कन,
तेरा बिना यह संसार आवारा नज़र आता है!

127 :- Tujhe Dekhu To Sara Jaha Rangeen Nazar Aata Hai,
Tere Bina Dil Ko Chain Kaha Aata Hai,
Tum Hi Ho Mere Dil Ki Dharkan,
Tere Bina Ye Sansar Suna Suna Nazar Aata Hai!!

128 :- हम सिमटते गए उनमें और वो हमें भुलाते गए.. हम मरते गए उनकी बेरुखी से,
और वो हमें आजमाते गए .. सोचा की मेरी बेपनाह मोहब्बत देखकर सीख लेंगी वफाएँ करना .. पर हम रोते गए और वो हमें खुशी-खुशी रुलाते गए..!

129 :- बहुत चाहा उसको जिसे हम पा न सके,
ख्यालों में किसी और को ला न सके. उसको देख के आंसू तो पोंछ लिए,
लेकिन किसी और को देख के मुस्कुरा न सके.

130 :- Bahut chaha usko jise hum pa na sake,
Khayalon me kisi aur ko la na sake. Usko dekh ke aansoo to ponchh liye,
Lekin kisi auor ko dekh ke muskura na sake.

131 :- तोड़ दो न वो क़सम जो खाई है,
कभी कभी याद करलेने मैं क्या बुराई है,
याद आप को किये बिना रहा भी तो नहीं जाता,
दिल में जगा अपने ऐसी जो बनाई है.

132 :- Todh do na wo qasam jo khai hai kabhi kabhi yaad karlene main kya burai hai yaad aap ko kiye bina raha bhi to nahi jata dil main jaga apne aisi jo banai hai

133 :- चाहत वो नहीं जो जान देती है,
चाहत वो नहीं जो मुस्कान देती है,
ऐ दोस्त चाहत तो वो है,
जो पानी में गिरा आंसू पहचान लेती हैं.

134 :- Chahat wo nahi jo jaan deti hai,
Chahat wo nahi jo muskaan deti hai,
Ae dost chahat to wo hai,
Jo pani mein gira aansoo pehchan leti hein.

135 :- ज़िन्दगी मिलती हैं एक बार मौत आती हैं एक बार दोस्ती होती हैं एक बार प्यार होता हैं एक बार दिल टूटता हैं एक बार जब सब कुछ होता हैं एक बार तो फिर आपकी याद क्यों आती हैं बार बार!!

136 :- Zindagi milti hai ek bar,
maut aati hai ek bar,
Pyar hota hai ek bar,
dil toot tha hai ek bar,
Jab sab hota hai ek bar,
to fir tumhari yaad kyun aati hai bar bar!!

137 :- बीते पल वापस ला नहीं सकते,
सूखे फूल वापस खिला नहीं सकते,
कभी कभी लगता है आप हमें भूल गए,
पर दिल कहता है कि आप हमें भुला नही सकते.

138 :- Beete pal wapas la nahi sakte,
Sukhe phool wapas khila nahi sakte,
Kabhi kabhi lagta hai aap hamein bhul gaye,
par dil kehta hai k aap hamein bhula nahi sakte.

139 :- इश्क़ सभी को जीना सिखा देता है,
वफ़ा के नाम पर मरना सीखा देता है,
इश्क़ नहीं किया तो करके देखो,
ज़ालिम हर दर्द सहना सीखा देता है!

140 :- Ishq sabhi ko jena sikha deta hai,
wafa ke naam par marna sikha deta hai,
ishq nahi kiya to karke dekho,
zalim har dard sehna sikha deta hai!

141 :- परछाई आपकी हमारे दिल में है,
यादे आपकी हमारी आँखों में है,
कैसे भुलाये हम आपको,
प्यार आपका हमारी साँसों में है.

142 :- Parchaee Aapki Humare Dil Me Hai,
Yaade Aapki Humari Aankhon Me Hai,
Kaise Bhulaye Hum Aapko,
Pyar Aapka Humari Saanson Me Hai.

143 :- न दिल में बसाकर भुलाया करते हैं,
ना हँसकर रुलाया करते हैं,
कभी महसूस कर के देख लेना,
हम जैसे तोह दिल से रिश्ते निभाया करते है.

144 :- Na dil mein basakar bhulaya karte hain,
Na hasakar rulaya karte hain,
Kabhi mehsoos kar ke dekh lena,
Hum jaise toh dil se rishte nibhaya karte hai.

145 :- हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम,
हर बार तुम से मिल के बिछड़ता रहा हूँ मैं,
तुम कौन हो ये खुद भी नहीं जानती हो तुम,
मैं कौन हूँ ये खुद भी नहीं जानता हूँ मैं।

146 :- Har Baar Mere Saamne Aati Rahi Ho Tum har baar tum se mil ke bichhadta raha hoon main tum kaun ho ye khud bhi nahi jaanti ho tum main kaun hoon ye khud bhi nahi jaanta hoon main

147 :- कागज़ की कश्ती से पार जाने की ना सोच,
चलते हुए तुफानो को हाथ में लाने की ना सोच,
दुनिया बड़ी बेदर्द है,
इस से खिलवाड़ ना कर,
जहाँ तक मुनासिब हो,
दिल बचाने की सोच।

148 :- आँखों में तेरी डूब जाने को दिल चाहता है! इश्क में तेरे बर्बाद होने को दिल चाहता है! कोई संभाले मुझे,
बहक रहे है मेरे कदम! वफ़ा में तेरी मर जाने को दिल चाहता है!

149 :- वो वक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे,
दुनिया में हम खुश नसीब होंगे,
दूर से जब इतना याद करते है आपको,
क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे!

150 :- Wo Waqt wo lamhe Kuch ajeeb Honge,
Duniya me hum khush Naseeb honge,
Door se jab Itna Yaad karte hai aapko,
Kya Hoga Jab aap humare Kareeb honge?

151 :- घर से बाहर वो नक़ाब मे निकली,
सारी गली उनकी फिराक मे निकली,
इनकार करते थे वो हमारी मोहब्बत से,
ओर हमारी ही तस्वीर उनकी किताब से निकली।

152 :- Ghar se bahar wo naqab me nikli,
Sari gali uske firaq me nikli,
Inkar karti thi wo hamari mohabbat se.. Aur hamari hi tasveer uske kitab se nikli..!!

153 :- उनकी मोहब्बत का अभी निशान बाकी हैं,
नाम लब पर हैं मगर जान अभी बाकी हैं,
क्या हुआ अगर देख कर मूंह फेर लेते हैं वो.. तसल्ली हैं कि अभी तक शक्ल कि पहचान बाकी हैं!

154 :- Unki mohabbat ka abhi nishan baki hai,
Naam hothon par hai,
Jaan abhi baki hai Kya hua agar dekh kar muh pher leti hai wo.. Tasalli toh hai ki Chehre ki pehchaan abhi baki hai!

155 :- न वो आ सके न हम कभी जा सके,
न दर्द दिल का किसी को सुना सके,
बस बैठे है यादों में उनकी,
न उन्होंने याद किया और न हम उनको भुला सके !!

156 :- Na wo aa sake na hum kabhi ja sake,
Na dard dil ka,
Kisi ko suna sake,
Bus baithe hai yadon me unki.. Na unhone yaad kiya or na hum unko bhula sake.

157 :- सर झुकाने की आदत नहीं है,
आँसू बहाने की आदत नहीं है,
हम खो गए तो पछताओगे बहुत,
क्युकी हमारी लौट के आने की आदत नहीं है!

158 :- Sar Jhukane Ki Aadat Nahi Hai. Aansu Bahane Ki Aadat Nahi Hai. Hum Kho Gaye To Pachtaoge Bahut. Kyun ki Hame Laut Ke Aane Ki Aadat Nahi Hai.

159 :- ये दिल न जाने क्या कर बैठा,
मुझसे बिना पूछे ही फैसला कर बैठा,
इस ज़मीन पर टूटा सितारा भी नहीं गिरता,
और ये पागल चाँद से मोहब्बत कर बैठा!

160 :- Yeh dil na jane kiya kar betha,
Mujhse bina puche hi faisla kar betha,
Is zameen per toota sitara bi nahi girta,
Aur ye pagal chand se mohabbat kar betha..

161 :- इस दिल को किसी की आस रहती है,
निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है,
तेरे बिना किसी चीज़ की कमी तो नही,
पर तेरे बेगैर जिन्दगी बड़ी उदास रहती है..

162 :- Iss dil ko kisi ki aas rehti hai,
Nigaah ko kisi soorat ki pyaas rehti hai,
Tere bina zindagi mein kami toh nahi,
Phir bhi tere bina zindagi udhaas rehti hai.

163 :- जब कोई ख्याल दिल से टकराता है! दिल न चाह कर भी,
खामोश रह जाता है! कोई सब कुछ कहकर,
प्यार जताता है! कोई कुछ न कहकर भी,
सब बोल जाता है!

164 :- Jab koi khayal dil se takrata hai,
dil naa chaha ker bhi,
khamosh rah jata hai,
koi sab kuch keh ker pyar jatata hai,
koi kuch na kehker bhi,
sab bol jata hai!

165 :- तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने,
तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने,
दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल,
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने!

166 :- Tumhare naam ko hothon par sajaya hai maine,
Tumhari ruh ko apne dil main basaya hai maine,
Duniya aapko dhundhte dhundhte ho jayegi paagal,
Dil ke aise kone main chupaya hai maine.

167 :- मुहब्बत का इम्तिहान आसान नहीं! प्यार सिर्फ पाने का नाम नहीं! मुद्दतें बीत जाती हैं किसी के इंतज़ार में! ये सिर्फ पल-दो-पल का काम नहीं!

168 :- Mohabbat ka Imtihaan aasan nahi,
Pyaar sirf paane kaa naam nahi,
Muddatein beet jaati hai kissi ke Intzaar mein,
Yeh sirf pal-do-pal ka kaam nahi.

169 :- खता हो गयी तो सजा बता दो,
दिल में इतना दर्द क्यों है वजह बता दो,
देर हो गयी है याद करने में ज़रूर,
लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल दिल से मिटा दो।

170 :- Khata Ho Gayi To Saja Bata Do,
Dil Me Itna Dard Kyu Hai Wajah Bata Do,
Der Ho Gayi Hai Yaad Karne Me Jarur,
Lekin Tumko Bhula Denge Ye Khayal Dil Se Mita Do!

171 :- अनजाने में यूँ ही हम दिल गँवा बैठे,
इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे,
उनसे क्या गिला करें.. भूल तो हमारी थी जो बिना दिलवालों से ही दिल लगा बैठे।

172 :- Anjane Mein Hum Apna Dil Gawa Baithe,
Is Pyar Me Kaisa Dhoka Kar Baithe,
Unse Kya Gila Kare… Bhool Hamari Thi,
Jo Bina Dilwalon Se Dil Laga Baithe.

173 :- तेरे प्यार का सिला हर हाल में देंगे,
खुदा भी मांगे ये दिल तो टाल देंगे,
अगर दिल ने कहा तुम बेवफ़ा हो,
तो इस दिल को भी सीने से निकाल देंगे।

174 :- Tere pyaar ka sila har haalmein denge,
Khuda bhi maange ye dil toh nikaal denge,
Agar dil ne kaha tum bewafa ho,
Toh is dil ko bhi seene se nikaal denge!!

175 :- दिन हुआ है तो रात भी होगी,
हो मत उदास,
कभी बात भी होगी,
इतने प्यार से दोस्ती की है,
जिन्दगी रही तो मुलाकात भी होगी..

176 :- Din hua hai to raat bhi hogi,
Ho mat udas kabhi to baat bhi hogi. Itne pyar se dosti ki hai,
jindagi rahi to mulaqat bhi hogi..

177 :- इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,
राते कटती है लेकर नाम तेरा,
मुद्दत से बैठा हूँ पाल के ये आस,
कभी तो आएगा कोई पैग़ाम तेरा !!

178 :- Intezar Rehta Hai Har Shaam Tera,
Raatein Kat Te Hai Le Le Ke Naam Tera,
Muddat Se Baithi Hu Ye Aas Pale,
Shayad Ab Aa Jaye Koi Paigam Tera..

179 :- हम दिलफेक आशिक़ है,
हर काम में कमाल कर दे,
जो वादा करे वो पूरा हर हाल में कर दे,
क्या जरुरत है जानू को लिपस्टिक लगाने की,
हम चूम-चूम के ही होंठ उसके लाल कर दे !!

180 :- Hum dil fek aashiq har kam me kamal kar de. Jo wada kare use pura har haal me kar de. Tujhe lipistik lagane ki kya jarurat,
hum hot chum-chum ke lal kar de.

181 :- मोहब्बत कि ज़ंज़ीर से डर लगता हे,
कुछ अपनी तफलीक से डर लगता हे. जो मुझे तुजसे जुदा करते हे,
हाथ कि वो लकीरो से डर लगता हे.

182 :- Mohabbat ki zanjeer se der lagta hai,
kuch apni taqdeer se der lagta hai,
jo mujhey tujh se juda kerti hai,
mujhey hath ki uss lakeer se der lagta hai!

183 :- आपसे दूर रेहके भी आपको याद किया हमने,
रिश्तों का हर फ़र्ज़ अदा किया हमने,
मत सोचना की आपको भुला दिया हमने,
आज फिर सोने से पहले आपको याद किया हमने. Good Night

184 :- Aapse dur rehke bhi aapko yaad kiya humne,
Rishto ka har farz ada kiya humne,
Mat sochna ki aapko bhula diya humne,
Aaj fir sone se pehle aapko yaad kiya humne. Good Night.

185 :- अपनी जिंदगी के अलग असूल हैं,
यार की खातिर तो कांटे भी कबूल हैं,
हंस कर चल दूं कांच के टुकड़ों पर भी,
अगर यार कहे,
यह मेरे बिछाए हुए फूल हैं.

186 :- Apni zindagi ka alag usool hain,
Pyar ki khatir to kante bhi qubool hai,
Hans ke chal du kaanch ke tukdo par,
Agar pyar kahe ye mere bichaye hue phool.

187 :- हर बात में आंसू बहाया नहीं करते,
दिल की बात हर किसी को बताया नहीं करते,
लोग मुट्ठी में नमक लेके घूमते है.. दिल के जख्म हर किसी को दिखाया नहीं करते।

188 :- Har bat pe aansu bahaya nahi karte,
dil ki bad har kisi ko bataya nahi karte,
log muthi me namak leke ghumte hain.. dil ke jakham har kisi ko dkhaya nahi karte!!

189 :- उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है,
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है,
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर,
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है!

190 :- Ulfat ka aksar yehi dastur hota hai,
jise chaho wahi apne se dur hota hai,
Dil tutkar bikharta hai is kadar jaise koi kanch ka khilona chur-chur hota hai.

191 :- मेरे दिल ने जब भी कभी कोई दुआ माँगी हे,
तब तुझे माँगी और तेरी वफ़ा माँगी हे,
जिस प्यार को देख के दुनियावाले जला करते हे,
तेरी मोहब्बत करने की वो प्यारी सी अदा माँगी.

192 :- गम ने हसने न दिया,
ज़माने ने रोने न दिया! इस उलझन ने चैन से जीने न दिया! थक के जब सितारों से पनाह ली! नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!

193 :- Gham ne hasne na diya,
jamane ne rone na diya,
Is uljhan ne chain se jeene na diya,
Thak ke jab sitaaro se panaah lee,
Neend aayi to teri yaad ne sone na diya.

194 :- माना के किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही,
पर ये सच ह के मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही,
उस के दिल मे,
उसकी यादो मे कोई और है लेकिन,
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही..!!!

195 :- Mana ki kismat pe mera koi zor nahi,
Par ye sach hai ki mohabbat meri kamjor nahi,
Us ke dil mein,
uski yaadon mein koi aur hai lekin,
Meri har saans mein uske siwaa koi aur nahi!!

196 :- ज़माने से नहीं,
तन्हाई से डरते हैं,
प्यार से नहीं,
रुसवाई से डरते हैं,
मिलने की उमंग है दिल में लेकिन,
मिलने के बाद तेरी जुदाई से डरते हैं.

197 :- Zamane se nahin hum tanhai se darte hain,
Pyar se nahin hum rusvayee se darte hain,
Dil mein umang hai tujhse milne ki,
Par milne ke baad aane wali judaai se darte hain.

198 :- करते हैं हम तुमसे मोहब्बत,
हमारी खता यह माफ़ करना,
है अगर बदनाम मोहब्बत हमारी,
तुम प्यार को बदनाम मत करना।

199 :- तेरी आवाज़ तेरे रूप की पहचान है,
तेरे दिल की धड़कन में दिल की जान है,
ना सुनूं जिस दिन तेरी बातें,
लगता है उस रोज़ ये जिस्म बेजान है।

200 :- ना दिल से होता है,
ना दिमाग से होता है,
ये प्यार तो इत्तेफ़ाक़ से होता है,
पर प्यार करके प्यार ही मिले,
ये इत्तेफ़ाक़ भी किसी-किसी के साथ होता है।

201 :- Naam‬ to Likh Du ‪Uska‬… Apni Har ‪Shayari‬ Ke Sath.. Magar Fir ‪#Khayal‬ Aata hai,
Masoom‬ Si Hai ‪#Jaan‬ Meri Kahi ‪#Badnaam‬ Na Ho Jaye!

202 :- बदलना आता नहीं हमे मौसम की तरह,
हर इक रुत में तेरा इंतज़ार करते हैं,
ना तुम समझ सकोगे जिसे क़यामत तक,
कसम तुम्हारी तुम्हे हम इतना प्यार करते हैं|

203 :- Badalna nahi aata humein mausam ki tarah,
Har ek rut mein teraintezaar karte hain.. Na tum samjh sako jise qayaamat tak,
Kasam tumhrei tumhe itna pyaar karte hain..

204 :- Dard ka ehsas janna hai to pyar kar ke dekho,
Apni aankho me kisi ko utar kar dekho,
Chot unko lagegi aansu tumhe aa jayenge,
Ye ehsas janna ho to Dil haar kar dekho.

205 :- Tumse Mulakat ho,
Phir se koi baat ho.. Waqt ki kuch na chale,
Na Din dhale,
na raat ho.. Zikr gum ka chod kar,
Teri-meri baat ho.. Zindagi ko maud dein,
Ek nayi shuruaat ho.. Dil ki jab dhadkan thamey,
Dil pe tera haath ho.

206 :- मोहब्बत की गवाही अपने होने की ख़बर ले जा… जिधर वो शख़्स रहता है मुझे ऐ दिल! उधर ले जा…

207 :- Mohabbat ki gawahi apne hone ki khabar le jaa… Jidhar wo shaks rehta hai Mujhe aye dil! udhar le jaa…

208 :- जिस जिस ने मुहब्बत में,
अपने महबूब को खुदा कर दिया,
खुदा ने अपने वजूद को बचाने के लिए,
उनको जुदा कर दिया|

209 :- आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए,
महसूस हुआ तब,
जब वो जुदा हुए,
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो,
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए!

210 :- Aag Dil Me Lagi Jab Wo khafa Hue,
Mehsoos hua Tab,
Jab Wo Juda Hue,
Kar K Wafa Kuch De Na Sake Wo,
Per Bahut Kuch De Gaye Jab Wo Bewafa Hue.

211 :- Jo Pyar Hamesha Sath Rahe Wo Sacha Hai Ji,
Jo Musibaton Mein Kaam Aaye Wo Acha Hai Ji,
Kabhi Kabhi Humse Bhi Ho Jati Hai Nadaniya,
Kyonki Dil To Baccha Hai Ji.

212 :- छोड़ तो सकता हूँ,
मगर.. छोड़ नहीं पाता उसे,
वो शख्स मेरी बिगड़ी हुई.. आदत की तरह है..

213 :- Chor to sakta hu,
Magar Chor nahipate use,
Wo shaks meri bigri huyi,
Aadat ki trha hai.

214 :- हाल अपने दिल का,
मैं तुम्हें सुना नहीं पाती हूँ.. जो सोचती रहती हूँ हरपल,
होंठो तक ला नहीं पाती हूँ.. बेशक बहुत मोहब्बत है,
तुम्हारे लिए मेरे इस दिल में.. पर पता नहीं क्यों तुमको,
फिर भी मैं बता नहीं पाती हूँ..

215 :- Unke hontho pe mera naam jab aya hoga.. Khudko ruswayi se phir kaise bachaya hoga.. Sunke fasana auro se merii barbadi ka.. Kya unko apna sitam na yaad aya hoga.

216 :- Barbaad ho gaye the hum duniya ne yun humko sataya tha,
Har ek mod pe hum girte the kisi ne bhi na humko uthaya tha,
Tab tune hi sanam ek umeed ka diya jalaya tha,
Apne har ek gam ko chupakar mujhe jeena sikhaya tha.

217 :- Usne kaha Pyar ek dard hai.. Humne kaha dard qabul hai.. Usne kaha dard ke saath ji na paoge.. Humne kaha teri Pyar ke saath marna qabul hai.

218 :- उतर के देख मेरी चाहत की गहराई मै,
सोचना मेरे बारे मै रात की तन्हाई मै,
अगर हो जाए मेरी चाहत का एहसास तुम्हे,
तो मिलेगा मेरा अक्स तुम्हे अपनी ही परछाई मै…

219 :- Utar ke dekh meri chahat ki gehrai mein,
Sochna mere bare mein raat ki tanhai mein,
Agar ho jaye meri chahat ka ehsas tumhein,
To milega mera aks tumhein apni hi parchhai mein…

220 :- कितना वाकिफ थी वो मेरी कमजोरी से,
वो रो देती थी,
और मैं हार जाता था..

221 :- Kitni wakif thi Womeri kamzori se wo,
Wo ro deti thi Aur main har jata tha..

222 :- तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा,
तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा.. मेरी मोहब्बत तुझसे,
सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है,
तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा..!!

223 :- Teri dhadkan hi zindagi ka kissa hai mera,
tu zindagi ka ek ahem hissa hai mera,
ye mohabbat tujhse sirf lafzo ki nahin hai,
teri rooh se rooh tak ka rishta hai mera..!

224 :- Ruke toh Chaand,
Chale toh Hawaon jaise hai,
Wo Shaks,
Dhoop mein dekho toh Chhaaon jaise hai!

225 :- क्यूँ करते हो मुझसे इतनी ख़ामोश मुहब्बत.. लोग समझते है इस बदनसीब का कोई नहीँ..

226 :- ज़रूरी काम है लेकिन रोज़ाना भूल जाता हूँ,
मुझे तुम से मोहब्बत है बताना भूल जाता हूँ,
तेरी गलियों में फिरना इतना अच्छा लगता है,
मैं रास्ता याद रखता हूँ ठिकाना भूल जाता हूँ,
बस इतनी बात पर मैं लोगों को अच्छा नहीं लगता,
मैं नेकी कर तो देता हूँ,
जताना भूल जाता हूँ|

227 :- Zaroori Kaam hai lekin Rozana Bhul jata hu,
Mujhey tum se Mohabbat hai batana Bhul jata hu,
Teri Galion Mein Phirna itna accha Lagta hai,
Mein Rasta Yad Rakhta hun thikana Bhul jata hu,
Bas itni baat per main Logon ko accha nahi lagta,
Mein neki kar tu deta hun Jatana Bhul jata hu.

228 :- एक शाम आती है तुम्हारी याद लेकर,
एक शाम जाती है तुम्हारी याद देकर,
पर मुझे तो उस शाम का इंतेज़ार है,
जो आए तुम्हे अपने साथ लेकर..!!

229 :- Ek shaam aati hai tumhari yaad lekar,
Ek shaam jaati hai tumhari yaad dekar,
Par hume intezaar hai us shaam ka,
Jo aaye sirf tumhe saath lekar..!!

230 :- Koi achi si SAZA do mujhko,
Chalo aisa karo BHULLA do mujhko,

231 :- Apne DIL me basi TASVIR meri,
Aisa karo JALA do usko,

232 :- Meri WAFA pe agar SHAK hai tumko,
Tu phir NAZAR se gira do mujh ko,

233 :- Muddat hogai hai tere HIJR me jagte howe,
Apni sanso ki HARARAT se sula do mujhko,

234 :- Kuch tu TARAS karo apne DIWANE per,
JAAM na sahi ZEHER hi pila do mujhko,

235 :- Tum se bichron tu MOUT aa jai mujhko,
Dil ki Gehrayon se aisi DUA do mujhko.

236 :- Bahot Ajib Hoti Hai Ye Yaade Bhi Mohabbat Ki,
Jin Palo Me Hum Roye The,
Unhein Yaad Karke Hume Hansi Aati Hai,
Or Jin Palo Me Hanse The,
Unhe Yaad Karke Rona Aata Hai..!!

237 :- Main Dua Mein Tujhe Manga Hai,
Magar Wafa Se Manga Hai..!! Kabhi Sajde Mein Jakar Pucho Apne Rab Se,
K Maine Kis Kis Ada Se Tumhe Manga Hai..!!

238 :- मोहब्बत की तलाश मैं निकले हो तुम अरे ओ पागल… मोहब्बत खुद तलाश करती है… जिसे बर्बाद करना हो|

239 :- रात गुम सुम है मगर खामोश नही,
कैसे कह दूँ आज फिर होश नही,
ऐसे डूबा हूँ तेरी आँखों की गहराई में,
हाथ में जाम है मगर पीने का होश नही।

240 :- फिर न सिमटेगी मोहब्बत जो बिखर जायेगी,
ज़िंदगी ज़ुल्फ़ नहीं जो फिर संवर जायेगी,
थाम लो हाथ उसका जो प्यार करे तुमसे,
ये ज़िंदगी ठहरेगी नहीं जो गुज़र जायेगी।

241 :- तुमने चाहा है मुझे ये करम क्या कम है,
तुम प्यार करते हो मुझसे ये भरम क्या कम है,
एक दिन ये भरम टूटेगा मेरा,
उफ़ किस्मत का ये सितम क्या कम है|

242 :- Kasoor na unka tha na mera,
Hum dono hi rishton ki rashme nibhate rahe,
Wo dosti ka ahsaas jatate rahe,
Aur hum mohabbat ko dil me chhupate rahe..!!

243 :- मुझ में खुश्बू बसी उस की है जैसे की ये जिंदगी उस की है वो कहीं आस पास है मौजूद हु-ब-हू हंसी उस की है खुद मैं दुखा रहा हूं दिल अपना इसमें लेकिन खुशी उस की है यानी कोई कमी नहीं है मुझ में यानी मुझ में कमी उस की है क्या मेरे ख्वाब भी मेरे नहीं क्या मेरी नींद भी उस की है|

244 :- रोज़ आता है मेरे दिल को तस्सली देने ख़याल ऐ यार को मेरा खयाल कितना है

245 :- Roj aata hai mere Dil ko tasalli dene Khayaal e-yaar ko Mera khyaal yaar ko kitna hai.

246 :- पहले इश्क़,
फिर दर्द,
फिर बेहद नफरत,
बड़ी तरकीब से तबाह….. किया तुमने मुझको!!

247 :- Hum to tere dil ki mehfil sajane aye the,
Teri kasam tujhe apna banane aye the. Kis baat ki saza di tune hum ko,
Bewafa hum to tere dard ko apnane aye the.

248 :- Ye faisalaa tha khuda ka ya jaane sazish thi zamaane ki… Hum door ho gaye unse utna hi.. Jitni khwahish thi humein unke kareeb aane ki..!!

249 :- Jab humai unse Muhabbat thi.. Toh unhai hamari Muhabbat pe shak tha.. Dosto.. Jab unhai hamari Muhabbat ka ehsaas hua.. Toh hum par kisi aur ka haq tha..

250 :- साथ अगर दोगे तो मुस्कुराएंगे ज़रूर,
प्यार अगर दिल से करोगे तो निभाएंगे ज़रूर,
कितने भी काँटे क्यों ना हों राहों में,
आवाज़ अगर दिल से दोगे तो आएंगे ज़रूर।

251 :- Saath agar doge to muskurayenge zarur,
Pyar agar dil se karoge to nibhayenge zarur,
Kitne bhi kante kyu na raaho mein,
Aawaz agar dil se doge to aayenge zarur.

252 :- Humdum To Sath Sath Chalte Hain,
Raaste To Bewafa Badalte Hain,
Tera Chehra Hai Jab Se Aankhon Mein,
Meri Aankhon Se Log Jalte Hain.

253 :- Khushboo Bankar Teri Saanso Mein Sama Jayenge,
Sukun Bankar Tere Dil Mein Utar Jayenge,
Mehsus Karne Ki Koshish To Kijiye,
Dur Rahte Hue Bhi Pass Najar Aayenge.

254 :- Tera Intezaar Mujhe Har Pal Rehta Hai,
Har Lamha Mujhe Tera Ehsaas Rehta Hai,
Tujh Bin Dhadkane Rukk Si Jaati Hai,
Ki Tu Mere Dil Me Meri Dhadkan Banke Rehta Hai.

255 :- Tujse hi har subha ho meri,
Tujse hi har sham,
Kuch aisa rishta ban gaya tujhse,
Ki Har saaso mein sirf tera hi naam.

256 :- Is Dil Ko Agar Tera Ehsaas Nahi Hota,
Tu Door Bhi Reh Kar Ke Yun Paas Nahi Hota,
Is Dil Ne Teri Chahat Kuch Aise Basali Hai,
Ek Lamha Bhi Tujh Bin Kuch Khas Nahi Hota.

257 :- Teri Awaaz Sunne Ko Tarshe Hai Mann Mera,
Teri Ek Jhalak Paane Ko Bekarar Hai Mann Mera,
Apni Zindagi Ka Har Lamha Tere Saath Guzaru,
Har Pal Bas Yehi Chahta Hai Mann Mera.

258 :- Aap Ke Deedar Ke Liye Dil Tarasta Hai,
Aap Ke Intezaar Mein Dil Tadapta Hai,
Kya Kahe Is Pagal Dil Ko Jo,
Hamara Ho Kar Bhi Aap Ke Liye Dhadkta Hai.

259 :- इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है,
निगाह को किसी सूरत की प्यास रहती है,
तेरे बिना जिन्दगी में कोई कमी तो नही,
फिर भी तेरे बिना जिन्दगी उदास रहती है॥

260 :- Iss dil ko kisi ki aahat ki aas rehti hai,
Nigaah kokisi soorat ki pyaas rehti hai,
Tere bina zindagi mein kami toh nahi,
Phir bhi tere bina zindagi udhaas rehti hai.

261 :- वादे पे वो ऐतबार नहीं करते,
हम जिक्र मौहब्बत सरे बाजार नहीं करते,
डरता है दिल उनकी रुसवाई से,
और वो सोचते हैं हम उनसे प्यार नहीं करते|

262 :- Vade Pe Wo Mere Aitbaar Nahi Karte,
Hum Zikre Mohabbat Sare Bajar Nahi Karte,
Darta Hai Dil Unki Ruswai Se,
Aur Wo Samajhte Hai Ki Hum Unse Pyaar Nahi.

263 :- Ek tu teri aawaz yaad aayegi,
Teri kahi huwi har baat yaad aayegi,
Din dhal jayega raat yaad aayegi,
Har lamha pahli mulakat yaad aayegi.

264 :- चलो अपनी चाहतें नीलाम करते हैं,
मोहब्बत का सौदा सरे आम करते है,
तुम अपना साथ हमारे नाम कर दो,
हम अपनी ज़िन्दगी तुम्हारे नाम करते हैं|

265 :- Chalo Apni Chahate “Nilam” Karte Hai,
Dosti Ka Souda “Sar-E-Aam” Karte Hai,
Tum Apne Dukh Hamare Naam Kardo Dost,
Or Hum Apni “Khushia” Tumhare Naam Karte Hai!!

266 :- दुनिया में तेरे इश्क़ का चर्चा ना करेंगे,
मर जायेंगे लेकिन तुझे रुस्वा ना करेंगे,
गुस्ताख़ निगाहों से अगर तुमको गिला है,
हम दूर से भी अब तुम्हें देखा ना करेंगे।

267 :- Duniya Mein Tere Ishq Ka Charcha Na Karenge,
Mar Jayenge Lekin Tujhe Ruswa Na Karenge,
Qurban Karenge Kabhi Dil,
Jaan Kabhi Sadqe,
Tum Apna Bana Logi To Kya Kya Na Karenge,
Gustakh Nigaahon Se Agar Tumko Gila Hai,
Hum Door Se Bhi Ab Tumhe Dekha Na Karenge.

268 :- लाखो की हंसी तुम्हारे नाम कर देंगे,
हर खुशी तुम पे कुर्बान कर देंगे,
आये अगर हमारे प्यार मे कोई कमी तो कह देना,
इस जिन्दगी को आखरी सलाम कह देंगे।

269 :- lakho Ki Hasi Tumhare Naam Kar Denge,
Har Khushi Tum Pe Kurbaan Kar Denge,
Jis Din Hogi Kami Mere Pyaar Me Bata Dena,
Us Din Zindagi Ko Aakhri Salam Kar Denge.

270 :- खुदा की रहमत में अर्जियाँ नहीं चलतीं,
दिलों के खेल में खुदगर्जियाँ नहीं चलतीं,
चल ही पड़े हैं तो ये जान लीजिए हुजुर,
इश्क़ की राह में मनमर्जियाँ नहीं चलतीं !

271 :- Khuda Ki Rehmat Mein Arjiyan Nahi Chalti,
Dilon Ke Khel Me Khudgarjiyan Nahi Chalti,
Chal Pare Hai To Ye Jaan Lijiye Huzoor.. Ishq Ki Raah Me Manmarziyan Nahi Chalti..!!

272 :- जब प्यार किसी से होता है हर दर्द दवा बन जाता है क्या चीज मुहब्बत होती है एक शख्स खुदा बन जाता है

273 :- ये लब चाहे खामोश रहें आँखों से पता चल जाता है कोई लाख छुपा ले इश्क मगर दुनिया को पता चल जाता है

274 :- जब इश्क का जादू चलता है सेहरा में फूल खिल जाता है जब कोई दिवाना मचलता है तब ताजमहल बन जाता है

275 :- Rishton Ka Vishwas Toot Na Jaye,
Pyar Ka Saath Kabi Chhut Na Jaye,
Aye Khuda Galti Karne Se Pehle Sambhal Lena Mujhe,
Kahi Meri Galti Se Mera Mehboob Rooth Na Jaye.

276 :- Tere labon pe hai mili mere labon ko zindagi,
Tere bina ab saans loon,
mere liye mumkin nahi,
Meshsoos yeh hota hai tu,
mere liye hai laazmi,
Saaya tera ab chhod kar lamhe chale mumkin nahi.

277 :- Ya khuda meri duaon mein itna asar karde,
Khushiyan use,
dard uska mujhe nazar kar de,
Dilon se dooriyon ka ehsaas mita de ya maula,
Nahin to uske aanchal ko mera kafan kar de.

278 :- Jab tanhai me aapki yaad aati hai,
Hontho pe ek hi fariyad aati hai,
Khuda aapko har khushi de,
Kyonki aaj bhi hamari har khushi aapke baad aati hai.

279 :- Sehmi si nigaho mein khwab hum jaga denge,
Sooni in raho pe phool hum khila denge,
Humare sang muskura ke to dekhiye,
Hum aapke har gum bhula denge.

280 :- Jitna pyar hai aapse,
Us se aur jyada pane ko jee chahta hai,
Jaane woh kaun si khoobee hai aap me,
Ki har rishta aap se banane ko jee chahta hai.

281 :- काश की खुशियो की दुकान होती । उनमे हमारी थोरी पहचान होती । सारी खुशियाँ डाल देता तेरी दामन मे चाहे उनकी कीमत हमारी जान क्यो न होती |

282 :- Kaash koi khushiyon ki dukaan hoti,
Aur mujhe uski pehchaan hoti,
Khareed leta har khushi aapke liye,
Chahe uski keemat meri jaan bhi hoti.

283 :- उसकी याद हमें बेचैन बना जाती हैं,
हर जगह हमें उसकी सूरत नज़र आती हैं,
कैसा हाल किया हैं मेरा आपके प्यार ने,
नींद भी आती हैं तो आँखे बुरा मान जाती हैं|

284 :- मेरी वफाएं सभी लोग जानते हैं; उसकी जफ़ाएं सभी लोग जानते हैं; वो ही ना समझ पाए मेरी शायरी; दिल की सदाएं सभी लोग जानते है।

285 :- तन्हा रहना तो सीख लिया हमने,
लेकिन खुश कभी ना रह पाएंगे,
तेरी दूरी तो फिर भी सह लेता ये दिल,
लेकिन तेरी मोहब्बत के बिना ना जी पाएंगे.

286 :- Na koi kisi se door hota hai,
Na koi kisi ke kareeb hota hai,
Pyar khud chal kar aata hai,
Jab koi kisi ka naseeb hota hai..

287 :- आप खुद नहीं जानती आप कितनी प्यारी हो,
जान हो हमारी पर जान से प्यारी हो,
दूरियों क होने से कोई फर्क नही पड़ता आप कल भी हमारी थी और आज बी हमारी हो..

288 :- Aap Khud Nahi Janti Aap Kitni Pyari Ho,
Jaan Ho Hamari Par Jaan Se Pyari Ho,
Duriyon K Hone Se Koi Fark Nahi Padta,
Aap Ki Bhi Hamari Thi Or Aaj Bhi Hamari Ho.

289 :- Wo sochte hai ki ladne se aur baat na karne se.. Log bhool jaate hai,
Magar Unhe nahi pata.. Ladne se pyar badhta hai,
Aur baat naa karne se bechaini badhti hai.

290 :- कभी वादे के नाम पर,
कभी सौदे के नाम पर,
हम बेचे जाते हैं आज भी,
मोहब्बत के नाम पर..

291 :- आप होते जो मेरे साथ तो कैसा होता,
बात बन जाती अगर बात तो कैसा होता,
सबने माँगा है मुझसे मुहब्बत का जवाब,
आप करते जो सवालात तो कैसा होता|

292 :- वो मुझ तक आने की राह चाहता है,
लेकिन मेरी मोहब्बत का गवाह चाहता है,
खुद आते जाते मौसमो की तरहा है,
और मेरे इश्क़ की इंतेहः चाहता है|

293 :- Wo Mujh Tak Aane Ki Raah Chahta Hai..! Lekin Meri Mohabbaton Ka Gawah Chahta Hai..!! Khud Aate Jaate Mousamo Ki Tarah Hai..! Aur Mujh Se Mohabbat Ki Intiha Chahta Hai..!!

294 :- सुर्ख आँखो से जब वो देखते है.. हम घबराकर आँखे झुका लेते है.. क्यू मिलाए उन आँखो से आखे.. सुना है वो आखो से अपना बना लेते है|

295 :- Surkh ankhon se wo jab hume dekhte hai,
Hum ghabra kar ankhein jhuka lete hai,
Kon milaye un ankhon se ankhein Suna ha wo ankhon se hi apna bana lete hai.

296 :- वो दिल ही क्या जो वफ़ा ना करे,
तुझे भूल कर जिएं कभी खुदा ना करे,
रहेगी तेरी मुहब्बत मेरी जिंदगी बन कर,
वो बात और है,
अगर जिंदगी वफ़ा ना करे..

297 :- Wo dil hi kya jo wafa na kare,
Tujhe bhul kar jiye kabhi khuda na kare,
Rahegi teri mohabbat meri zindagi bankar,
Wo baat aur hai,
Agar zindagi wafa na kare.

298 :- सोचा था इस कदर उनको भूल जाएँगे,
देखकर भी अनदेखा कर जाएँगे,
पर जब जब सामने आया उनका चेहरा,
सोचा इस बार देखले,
अगली बार भूल जाएँगे|

299 :- इस कदर हम उनकी मोहब्बत में खो गए,
की एक नज़र देखा और बस उन्ही के हो गए,
आँख खुली तो अँधेरा था,
देखा एक सपना था,
आँख बंद की और उन्ही सपनो में फिर खो गए!!!!

300 :- शुभ रात्रि !!!

301 :- प्यार की कोई हद समझना,
मेरे बस की बात नहीं,
दिल की बातों को न करना,
मेरे बस की बात नहीं,
कुछ तो बात है तुझमें तब तो दिल ये तुमपे मरता है,
वरना यूँ ही जान गँवाना,
मेरे बस की बात नहीं|

302 :- Pyar Ki Koyi Had Samajhna Mere Bas Ki Baat Nahi,
Dil Ki Baton Ko Na Karna Mere Bas Ki Baat Nahi,
Kuchh To Baat Hai Tujhme Tab To Dil Ye Tumpe Marta Hai,
Warna Yun Hi Jaan Ganwana Mere Bas Ki Baat Nahi.

303 :- Tujhe yaad karte hain har saans ke baad,
Kabhi subha se pehle kabhi shaam ke baad,
Kabhi milo toh kuch karein baatein,
Ek jaam se pehle ek jaam ke baad,
Dil ki deewaron pe tera naam likhte hain,
Kabhi fursat main kabhi kaam ke baad,
Mere marne ke baad bhi log tujhe pukarain ge,
Kabhi mere naam se pehle kabhi mere naam ke baad.

304 :- Mere dil ki har dhadkan ab tumhare liye hain,
Meri har dua tumhari muskurahat k liye hai,
Tumhari har adaa mere dil ko churane k liye hai,
Ab to meri zindagi tumhare intezar k liye hain.

305 :- Dil mera unke liye hi machalta hain,
Thokar khata hai or sambhalta hain,
Kisi ne is kadar kar liya dil par kabja,
Dil mera hai par unke liye dhadkta hai.

306 :- मोह्ब्बत किसी ऐसे सख्स की तलाश नही करती जिसके साथ रहा जाये,
मोह्ब्बत तो ऐसे सख्स की तलाश करती हे जिसके बगेर रहा न जाये!!

307 :- Mohabbat Kisi Aise Shakhs Ki Talash Nahi Karti Jiske Saath Raha Jaaye.. Mohabbat To Aise Shakhs Ki Talash Karti Hai Jiske Bagair Raha Na Jaaye!

308 :- Kaun Kehta Hai Dil Paagal Hai,
Ye Pagalpan To Sirf Bahana Hai,
Ek Baar Muskurakar Hanskar To Dekho,
Ye Pagal Tumhara Deewana Hai.

309 :- Teri Khushio Ko Sajana Chahta Hoon,
Tujhe Dekh Kar Muskurana Chahata Hoon,
Meri Zindagi Me Kya Ahmiyat Hain Teri,
Ye Labzo Me Nahi Paas Aa Kar Batana Chahata Hoon.

310 :- Door Hain Aapse Toh Koi Gam Nahi,
Door Rehkar Bhulne Waale Hum Nahi,
Roj Mulaqat Na Ho To Kya Hua,
Aapki Yaad Aapki Mulaqat Se Kam NahI.

311 :- तेरी खुशिओं को सजाना चाहता हूँ,
तुझे देखकर मुस्कराना चाहता हूँ,
मेरी ज़िन्दगी में क्या अहमियत हैं तेरी,
ये लब्ज़ों में नही,
पास आकर बताना चाहता हूँ।

312 :- Teri khushiyo ko sajana chahti hu,
Tujhe dekh k muskurana chahti hu,
Meri zindagi me kya ahmiyat hai teri,
Ye lafzo me nahi pass aa kar batana chahti hu.

313 :- Khushi Ke Aasu Rukne Na Dena,
Gum Ke Aasu Bahne Na Dena,
Yeh Zindagi Na Jane Kab Ruk Jayegi Magar,
Ye Pyari Si Relationsip Kabhi Tutne Na Dena.

314 :- Aasmaan Hi Nahi Saare Sitare Bhi Humare Hain,
Aap Jo Akele Ho To Hum Aapke Sahare Hain,
Jis Pal Aap Hume Yaad Karte Ho,
Wo Lamhe Saare Jahan Se Pyare Hain.

315 :- Jo rehte hai dil me wo juda nahi hote,
Kuch ehsaas lafzon me bayan nahi hote,
Ek hasrat hai unhe manane ki,
Wo itne achhe hai ki kabhi khafa nahi hote.

316 :- बंद कर ली आंखें और लब थरथराए,
आ गए करीब फिर तुम क्यूं शरमाए,
दिन में कह लेना जो भी हो गिले शिकवे,
तेरी खामोश जुबां मुझे रातों को समझाए|

317 :- कोई वादा खुद से,
निभाओ तो सही.. कभी खुद से खुद को,
मिलवाओ तो सही..

318 :- तल्खियां लेकर,
रोज लोटते हो.. कभी मुस्कुराहटें भी घर,
लाओ तो सही..

319 :- रौनके भी होगी,
महफिलें भी सजेगी.. कभी अपने आशियाने को,
सजाओ तो सही..

320 :- खिल उठेगी,
दिल की हर दर ओ दीवार.. कभी च़राग सा खुद को,
जलाओ तो सही..

321 :- फांसले भी घटेंगे,
नजदीकियां भी बढेगी.. कभी एक कदम ईमानदारी का,
बढाओ तो सही..

322 :- खुशियां इतनी मिलेगी,
दामन छोटा लगेगा.. कभी अपनो के आगे,
झोली फैलाओ तो सही..

323 :- बहता हुआ मिलेगा,
प्यार का समंदर.. कभी प्यासे रहकर…घर आओ तो सही..

324 :- Ae chand mujhe bta tu mera kya lgta hai,
Q mere sath sari rat jaga krta hai..!! Main to ban baitha hu diwana unke pyaar mein,
Kya tu bhi kisi se bepanah mohabbat karta hai..!!

325 :- मोहब्बत कोई चीज़ नही,
जिसे पैसे से हासिल किया जा सके,
इश्क़ कोई मुक़द्दर नहीं,
जिसे तक़दीर पे छोड़ा जा सके,
प्यार तो एक विश्वास है,
भरोसा है,
ऐतबार है,
पर मोहब्बत इतनी आसान नही की किसी से भी किया जा सके!!!

326 :- Mohabbat Koi Cheez Nahi,
Jise Paise Se Hasil Kiya Ja sake,
Ishq Koi Mukaddar Nahi,
Jise Takdeer Pe Choda Ja Sake,
Pyaar Tho Ek Vishwas Hai,
Bharosa Hai,
Aitbaar Hai,
Par Mohabbat Itni Aasaan Nahi Ki Kisi Se Bhi Ki Ja Sake.

327 :- Jab tu banke humsafar mera sath deta hai,
Har mushkil safar asaan ho jata hain.

328 :- Khushnasib samajhta hu khud ko main,
Jab koi haseen khwab poora ho jata hai.

329 :- Raas nahi aata mujhe har wo lamha,
Jab kbhi bhi tu mujhse door ho jata hai.

330 :- Meri tanhai bhi mehaffil si nazar aati hai,
Jab tere sang bitaya pal yaad aa jata hai..

331 :- Roothna achha lgta hai bar bar mujhe tumse,
Manane me mujhpe tera pyaar baras jata hain.

332 :- Zindagi me har nazara rangeen ho jata hai,
Jab tere jaisa saathi zindagi ban jata hain.

333 :- Jazbaat mere kahin kuch khoye huye se hain,
Kahu kaise wo tumse thoda shrmaye huye se hai,
Par aaj na rok sakunga jazbaato ko main apne,
Karte hai pyar hum tumhi se par ghabraye huye se hai.

334 :- Hasrat hain sirf tumhe paane ki,
Aur koi khawahish nahi is deewane ki,
Shikwa mujhe tumse nahi khuda se hai,
Kya zarurat thi tumhe itna khubsurat banaane ki.

335 :- Kitna bebas hain insaan kismat ke aage,
Har sapna tut jata hain hakikat ke aage,
Jisne kbhi duniya me haarna nahi sikha,
Wo bhi haar jata hain mohabbat ke aage.

336 :- दूर दूर रह कर भी हम कितने करीब हैं,
हमारा रिश्ता भी जाने कितना अजीब है,

337 :- बिन देखे ही तेरा यूँ मोहब्बत करना मुझसे,
बस तेरी यही चाहत ही तो मेरा नसीब है,

338 :- पर जिसे प्यार ही ना मिला हो किसी का,
वो बदकिस्मत भी यहाँ कितना गरीब है,

339 :- और जिसे मिल गया हो तेरे जैसा यार यहाँ,
वो शख्स भी मेरे जैसा ही खुशनसीब है….!!

340 :- इश्क़ में कोई खोज नहीं होती,
यह हर किसी से हर रोज नहीं होती,
अपनी जिंदगी में हमारी मौजूदगी को बेवजह मत समझना,
क्योंकि पलके कभी आँखों पर बोझ नहीं होती..!!

341 :- Ishq mein koi khoj nahin hoti,
Yeh har kisi se roz nahin hoti,
Apni zindagi mein humari maujudagi ko bewajah mat samjhna,
Kyonki palaken kabhi aankhon par bojh nahin hoti.

342 :- Ek Mohabbat Hai Aur Uss Ki Ek Nishani Hai,
Ek DiL Hai Jaise Koi Haweli Purani Hai,
Safar Raat Ka Hai Aur Raat Bhi Tufani Hai. Samandar Hi Samandar Hai,
Kashti Bhi Doob Jani Hai,
Ibteda-e-IshQ Se Inteha-e-IshQ Tak,
Main Hi Thi Bewafa Aur Maine Hi Wafa Nibhani Hai,
Main Laut Aai Hun Manzil Ko Dekh Kar,
Yahan To Yaadon Ki Weerani Hi Weerani Hai,
Yeh Intezaar Khatam Kyun Nahin Hota Kis Se Puchun,
Kya Koi Manzil Mera Muqadar Hai,
Ya Yahi Meri Adhoori Kahani Hai.

343 :- कौन कहता है हम उसके बिना मर जायेंगे,
हम तो दरिया है समंदर में उतर जायेंगे,
वो तरस जायेंगे प्यार की एक बून्द के लिए,
हम तो बादल है प्यार के किसी और पर बरस जायेंगे|

344 :- Kon Kehta Hai Uske Bina Hum Mar Jayenge,
Dariya Hain Sagar Me Utar Jayenge,
Wo Taras Jayenge Pyar Ki Boond K Liye,
Hum To Badal Hain Kisi Or Pe Baras Jayenge.

345 :- रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं,
कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं,
ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज,
हाथ में जाम हैं,
मगर पिने का होश नहीं|

346 :- Raat gumsum hai magar chand khamosh nahi,
Kaise keh du aaj fir hosh nahi. Aisa duba teri aakhon ki gehrai main,
Haath mein jaam hai,
magar pine ka hosh nahi.

347 :- जब भी उनकी गली से गुज़रते है,
मेरी आँखें एक दस्तक दे देती है,
दुःख ये नहीं वो दरवाजा बंद कर देते है ख़ुशी ये है की मुझे पहचान लेते है|

348 :- Jab Bhi Unki Gali Se Guzarta Hoon,
Meri Ankhein Ek Dastak De Deti Hai,
Dukh Ye Nahi,
Wo Darwaja Band Kar Dete Hai,
Khusi Ye Hai,
Wo Mujhe Ab Bhi Pahchan Lete Hai.

349 :- Aaj Bhi Mere Dil Me Woh Basti Hai,
Aaj Bhi Mujhe Sapno Me Woh Dikhti Hai,
Kya Hua Ab Hum Door Hai Ek-Dusre Se Par,
Aaj Bhi Meri Saanse Unki Dhadkan Sunn K Chalti Hai.

350 :- Apni nigahon se na dekh khudko Heera bhi tujhe patthar lagega,
Sab kehte honge chand ka tukda hai tu,
Meri nazar se dekh chand tera tukda lagega.

351 :- Ek dil mere dil ko Zakhm de gaya,
Zindagi bhar jeene ki kasam de gaya,
Lakho phoolon me se ek phool chuna hmne,
Jo kaanto se gehri chubhan de gaya.

352 :- Rone Ki Saza Na Rulane Ki Saza Hai,
Ye Dard Mohabbat Ko Nibhane Ki Saza Hai,
Haste Hai To Aankho Se Nikal Aate Hai Aansu,
Ye Us Shaks Se Dil Lagane Ki Saza Hai.

353 :- Tere Pyar Me Do Pal Ki Zindgi Bahut Hai,
Ek Pal Ki Hansi Aur Ek Pal Ki Kushi Bahut Hai,
Ye Dunia Mujhe Jane Ya Na Jane,
Teri Ankhe Mujhe Pehchane Yahi Bahut Hai.

354 :- Haqiqat Mohabbat Ki Judaai Hoti Hai,
Kabhi Kabhi Pyar Main Bewafai Hoti Hai,
Humari Taraf Haath Badhaa Kar Toh Dekh,
Dosti Main Kitni Sachhai Hoti Hai.

355 :- Kab Unki Aankho Se Izhar Hoga Dil Ke Kisi Kone Mei Hamare Liye Pyar Hoga Guzar Rahi He Raat Unki Yaad Me Kabi to Unko Bhi Hamara Intzar Hoga..! God Night!!!

356 :- भले ही किसी गैर की जागीर थीं वो,
पर मेरे ख्वाबों की भी तस्वीर थीं वो,
मुझे मिलती तो कैसे मिलती,
किसी और की हिस्से की तक़दीर थीं वो|

357 :- Bhale Hi Kisi Gair Ki Jaagir Thi Wo,
Par Mere Khwabon Ki Tasveer Thi Wo,
Mujhe Milti To Kaise Milti,
Kisi Aur Ke Hisse Ki Taqdeer Thi Wo.

358 :- Humare Anso Pooch Kar Wo Muskurate Hain,
Esi Ada Se Wo Dil Ko Churate Hain,
Hath Unka Chu Jaye Humare Chehre Ko,
Isi Umeed Mein Hum khud ko Rulate Hain.

359 :- Aap hi ho khayal me hamare din raat,
Kehni hai humko apse kuch baat,
Mauka to dakar dekhiye humko,
Inkar na kar paoge kyuki sacche hai hamare jazbaat.

360 :- Gam tum laate ho zindagi mein humaare,
Wo zakhm aane he nahi deti,
Khushi ko to ek pal mein bikher dete ho tum humaari,
Wo to khushi ko jaane he nahi deti,
Hosh mein laa-laa kar tum hosh udaati ho humaare,
Wo sharaab to hosh mein aane he nahi deti.

361 :- Ab udas hona bhi achha lagta hai,
Kisi ke pass na hona bhi achha lagta hai,
Me dur rehkar bhi kisi ki yaado me hu,
Yeh ehsas hona bhi achha lagta hai.

362 :- ए पलक तु बन्द हो जा,
ख्बाबों में उसकी सूरत तो नजर आयेगी,
इन्तजार तो सुबह दुबारा शुरू होगी,
कम से कम रात तो खुशी से कट जायेगी|

363 :- Ae Palak tu band ho ja,
Khawbon mein unki surat to nazar aayegi,
Intezar to subah phir se shuru hoga,
Kam se kam raat to sukoon se kat jayegi.

364 :- जो कोई समझ न सके वो बात हैं हम,
जो ढल के नयी सुबह लाये वो रात हैं हम,
छोड़ देते हैं लोग रिश्ते बनाकर,
जो कभी न छूटे वो साथ हैं हम।

365 :- Jo koi samajh na sake wo baat hu Main,
Jo dhal ke nayi subah laye wo raat hu Main,
Chhod dete hai log rishte banakar,
Jo kabhi chhod na jaye wo sath hu Main.

366 :- तनहाइयों मे मुस्कुराना इश्क़ है,
एक बात को सब से छुपाना इश्क़ है,
यूँ तो नींद नही आती हमें रात भर,
मगर सोते सोते जागना और जागते जागते सोना इश्क़ है|

367 :- Tanhai mein muskurana ishq hai,
Ek baat ko sab se chupana ishq hai,
Yu to neend nahi aati hai raat bhar,
Magar sote sote jaag jana ishq hai..!!

368 :- संगमरमर के महल में तेरी ही तस्वीर सजाऊंगा,
मेरे इस दिल में ऐ प्यार तेरे ही ख्वाब सजाऊंगा,
यूँ एक बार आजमा के देख तेरे दिल में बस जाऊंगा,
मैं तो प्यार का हूँ प्यासा जो तेरे आगोश में मर जाऊॅंगा।

369 :- Sangmarmar Ke Mahal Mein Teri Tasveer Sajauga,
Mere Is Dil Mein Ae Pyar Tere Hi Khwab Sajaunga,
Yun Ek Baar Aajma Ke Dekh Tere Dil Mein Bas Jaunga,
Main Toh Pyar Ka Pyala Hun Teri Hi Yaad Mein Mar Jaunga.

370 :- बेताब तमन्नाओ की कसक रहने दो! मंजिल को पाने की कसक रहने दो! आप चाहे रहो नज़रों से दूर! पर मेरी आँखों में अपनी एक झलक रहने दो!

371 :- Betaab tamannaon ki kasak rehne do,
Manzil ko paane ki lalak rehne do,
Aap bhale raho nazron se dur,
Par band nazron me apni pyari si zhalak rahne do.

372 :- मोहब्बत एक एहसासों की पावन सी कहानी है,
कभी कबीरा दीवाना था ,
कभी मीरा दीवानी है,
यहाँ सब लोग कहते हैं मेरी आँखों में आँसू हैं,
जो तू समझे मोती है जो न समझे तो पानी है|

373 :- कभी कोई अपना अनजान हो जाता है,
कभी किसी अनजान से प्यार हो जाता है,
ये जरुरी नही की जो ख़ुशी दे उसी से प्यार हो,
दिल तोड़ने वालो से भी प्यार हो जाता है|

374 :- Anjaan ek saathi ka iss dil ko intejar hai,
Pyasa hain ye aankhen aur dil bekarar hai,
Unke saath mil jaye to har raah aasan ho jayegi,
Shayad issi anokahe ehsaas ka naam Pyaar hai….

375 :- Tadap Kar Dekho Kisi Ki Chahat Mein,
Pata Chalega Ke Intzar Kya Hota Hai,
Agar Yunhi Mil Jata Bina Tadpe Koi Kisi Ko,
To Kaise Pata Chalta Ke Pyar Kya Hota Hai..!!

376 :- Mujhko phir wahi suhana nazara mil gaya,
Nazron ko jo deedar tumhara mil gaya,
Aur kisi cheez ki tamanna kyun karu,
Jab mujhe teri baahon me sahara mil gaya.

377 :- Mere wajood mein wafaa ki roshni utaar de,
Fir itna pyar de ke mujhe chahato se maar de,
Bahut udaas hu isliye main tere paas aa gayi,
Kuch aisi baat ker jo dil ko chain-o-qaraar de,
Suna hai teri ek nazar sanwaarti hain zindagi,
Jo ho sake toh aaj meri zindagi sanwar de !!

378 :- तुम ….दो बूँद इश्क ले आओ,
हम मोहब्बतों का समन्दर ले आते हैं…. तुम थोड़ी सी हलचल मचाओ,
हम चाहतों का …..बवंडर ले आते हैं….

379 :- Ek ajnabi se mujhe itna pyaar kyon hai,
Inkar karne par chahat ka ikraar kyon hai,
Use pana nahi meri taqdeer mein shayad,
Phir har mod pe usi ka intezaar kyon hai!

380 :- एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है,
इंकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है,
उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद,
फिर भी हर मोड़ पर उसी का इन्तज़ार क्यों है!

381 :- हर इक पल सामने मेरे तुम्हारा ही ये चेहरा हो,
तुम्हारी ही महक लाता हवाओं का ये पहरा हो,
तुम्हारे प्यार में पागल हुआ दिल कह रहा है अब.. तुम्हें मुझ पर भरोसा और गहरा और गहरा हो।

382 :- Chhupa Leta Tujhe Is Tarah Se Meri Baahon Mein,
Hawa Bhi Guzrjane Ke Liye Izazat Maange,
Ho Jaaye Tere Ishq Mein Madhosh Is Tarah Ki,
Hosh Bhi Wapas Aane Ki Izaazat Maange.

383 :- हमें कैद कर लिया तेरी मोहब्बत ने,
हद है तेरी इस ज़ालिम मोहब्बत की,
कोई अर्जी नहीं लगाता ज़माने में,
हम बे कसूर के लिए जमानत की|

384 :- जभी मिलती है inbox पे कुछ कहने से डरती है वो.. कब आउंगा में online इस इंतज़ार में रहती है वो.. बड़ी ही सरीफ है बात बात पे शर्माती है वो… गुस्सा न हो जाऊं कहीं हर बात पे sorry बोलती है वो… मेरे लिऐ आज भी थोड़ा सा वक्त खर्च करती है वो … google पर आकर आज भी मुझे सर्च करती है वो..

385 :- मेरी यादें मेरा चेहरा मेरी बातें रुलायेंगी,
हिज़्र के दौर में गुज़री मुलाकातें रुलायेंगी,
दिनों को तो चलो तुम काट भी लोगे फसानों मे,
जहाँ तन्हा मिलोगे तुम तुम्हे रातें रुलायेंगी|

386 :- Jab Aap Kisi Se Rooth Kar Nafrat Se Baat Karo

387 :- Aur fir bhi Wo Uska Jawab Mohabbat Se de,

388 :- To Samajh Jaana Ki Wo Aapko Khud Se Zyada Pyar Karta Hai..

389 :- True Lines..!! Bahot Ajib Hoti hai.. Ye Yaadain bhi Mohhbbat ki Jin Palo me Hum Roye the.. Unhein Yaad Karke Hume Hansi Aati hai Or Jin Palo me Hansey The.. Unhe yaad Karke Rona Aata hai.

390 :- Hum iss qadar tum per mar mittenge,
Tum jahan dekhoge hum hi tumhe dikhenge Rakhna har pal iss dil mein hamari yaad,
Hmare bad hmare pyar ki dastan duniya vale likhege.

391 :- Socha aaj fir unse pyar karlu,
Unka aaj fir didar karlu,
par fasle itne hai darmiya,
ye khuda un faslo kaise mai kam karlu…

392 :- Itni bedardi se dil ko mere voh tod degi,
Yeh maloom na tha mujhe akela voh chhor degi,
Aey mere masoom dil tu tanhai se pyar kar le,
Bewafa bhi ab wafa ka saath chhor degi.

393 :- Kisi ko pyar itna dena ki had na rahe,
par aitbaar bhi itna rakhna ki shak na rahe,
wafa itni karna ki bewafai na ho,
aur dua bus itni karna ki judai na ho..

394 :- Kabhi koi apna anjan ho Jata hai kabhi kisi anjan se pyar ho Jata hai Ye Jaruri nahi ki Jo khushi de usi se pyar ho Dil todne walo pe bi DIL Nisar ho jata hai..

395 :- Ek Zara Si Bhool Khata Ban Gayi.. Meri Wafa Hi Meri Saza Ban Gayi.. Dil Liya Aur Khel Kar Tod Diya Usne.. Hamari Jaan Gayi Aur Unki Ada Ban Gayi..!!

396 :- Mat Kar Itni Muhobbat Aey Dil.. Pyar Ka Dard Seh Na Payega.. Toot Jayega Kisi Din Apno Ke Haathon Se.. Kisne Toda Yeh Bhi Kisi Se Keh Na Payega..!!

397 :- Sapna Kabhi Sakar Nahi Hota Mohabbat Ka Koi Aakar Nahi Hota Sub Kuch Hojata Hai Is Dunya Mein Magar Dubara Kisi Se Sacha Pyaar Nahi Hota.

398 :- सपना कभी साकार नहीं होता,
मोहब्बत का कोई आकार नहीं होता,
सब कुछ हो जाता है इस दुनियां में,
मगर दोबारा किसी से प्यार नहीं होता।.

399 :- उतना हसीन फिर कोई लम्हा नहीं मिला । तेरे बाद कोई भी तुझ सा नहीं मिला।।। सोचा करूँ में एक दिन खुद से भी गुफ्तगू । लेकिन कभी में खुद को भी तन्हा नहीं मिला।

400 :- दिल तेरी याद में आहें भरता है! मिलने को पल पल तड़पता है! मेरा यह सपना टूट न जाये कहीं! बस इसी बात से दिल डरता है!

401 :- अंदाज-ऐ-प्यार तुम्हारी एक अदा है.. दूर हो हमसे तुम्हारी खता है.. दिल में बसी है एक प्यारी सी तस्वीर तुम्हारी.. जिस के नीचे ‘आई मिस यू’ लिखा है..

402 :- उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं,
तेरे दिल में हूँ पर तेरे पास नहीं,
झूठ कहूँ तो सब कुछ है मेरे पास,
और सच कहूँ तो तेरे सिवा कुछ नहीं।

403 :- प्यार कर के कोई जताए ये ज़रूरी तो नहीं,
याद कर के कोई बताये ये ज़रूरी तो नहीं,
रोने वाले तो दिल में ही रो लेते हैं,
किसी की आँख में आसूं आये ये ज़रूरी तो नहीं..

404 :- वो रोए तो बहुत.. पर मुहं मोड़कर रोए.. कोई तो मजबूरी होगी.. जो दिल तोड़कर रोए.. मेरे सामने कर दिए मेरी तस्वीर के टुकडे़.. पता चला मेरे पीछे वो उन्हें जोड़कर रोए..

405 :- कभी संभले तो कभी बिखरते नजर आये हम ,
जिंदगी के हर मोड़ पर खुद में सिमटते आये हम ! यूँ तो जमाना कभी खरीद नहीं सकता हमें ,
मगर प्यार के दो लफ्जो में सदा बिकते आये हम!

406 :- Jab Milo Kisi Se To Zara Door Ki Yaari Rakhna. Aksar Jaan leva hote H Seene se Lagaane Wale.

414 :- For More: Yaar Yaari Shayari

415 :- Mohabbat Hai Ki Nafrat Hai,
Koi Itna Toh Samjhaye,
Kabhi Main Dil Se Larti Hun,
Kabhi Dil Mujh Se Larta Hai..!

437 :- Kaash Koi Hum Par Bhi Itna Pyaar Jatata.. Piche Se Aakar Wo Hamari Ankho Ko Chupata.. Hum Puchte Ki Kaun Ho Tum.. Wo Hans Kar Khud Ko Hamari Jaan Batata..!!

438 :- काश कोई हम पर भी इतना प्यार जताती,
पीछे से आकर वो हमारी आँखो को छुपाती,
हम पुछ्ते की कौन हो तुम..?? और वो हस कर खुदको हमारी जान बताती.

439 :- Woh karte hai baat ishq ki,
Par ishq ke dard ka unhe ehsas nahi,
Ishq woh chand hai jo dikhta hai sab ko,
Par usse pana sab ke bas ka baat nahi.

440 :- वो करते हैं बात इश्क़ की,
पर इश्क़ के दर्द का उन्हें एहसास नहीं,
इश्क़ वो चाँद है जो दिखता तो है सबको,
पर उसे पाना सब के बस की बात नही..!

441 :- Har mulakat par waqt ka takaza hua,
Jab jab use dekha dil ka dard taza hua,
Suni thi sirf gazal mein judai ki bate,
Ab khud par biti to haqiqat ka andza hua.

442 :- हर मुलाकात पर वक्त का तकाज़ा हुआ.. हर याद पे दिल का दर्द ताजा हुआ.. सुनी थी सिर्फ हमने गज़लों मे जुदाई की बातें.. अब खुद पे बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ..!!

454 :- Chaand Sa Yeh Chehra Dekhne Ke Izazat De Do,
Mujhe Ye Shaam Sajane Ki Izazat De Do,
Mujhe Qaid Kar Lo Apne Ishq Mein Ya Fir,
Mujhe Ishq Karne Ki Izazat De Do.

464 :- निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी; आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी; माना कि रूठ जाना यूँ आदत है आप की; लगते मगर हैं अच्छे आपके ये तेवर कभी कभी।

465 :- Hakikat kaho to unhe khwaab lgta hai,
Shikayat karo to unhe mazaak lgta hai,
Kitni shiddat se yaad karte hai unhe hum,
Aur ek wo hai ki unhe ye sab itefaak lagta.

466 :- Tujhse Ru-b-Ru Hokar Baatein Karu,
Nigahein Milakar Wafa Ke Vaade Karu,
Thaam Kar Tera Hath Baith Jaun Tere Samne,
Teri Haseen Surat Ke Nazare Karu.

467 :- Nazarein Mile To Pyaar Ho Jata Hai,
Palkein Uthe To Izhaar Ho Jata Hai,
Na Jaane Kya Kasish Hai Chahat Mein,
Ki Koi Anjaan Bhi Hamari Zindagi Ka Haqdaar Ho Jata Hai.

468 :- Zindagi Nu Pyaar Assi Tere To Jyada Nahi Karde,
Kise Hor Te Aitbar Assi Tere To Jyada Nahi Karde,
Tu Jee Sake Mere Bin Eh Ta Changi Gall Hai Sajjna,
Par Assi Jee Lavange Tere Bin Eh Vaada Nahi Karde.

469 :- Chaand Ko Sitaron Se Aur Mujhe Tum Se Mohabbat Hai,
Phoolon Ko Baharon Se Aur Mujhe Tum Se Mohabbat Hai,
Milo Jo Kabhi Kisi Mehfil Mein To Nazarein Jhuka Lena,
Koi Samjh Hi Na Paaye Ki Mujhe Tum Se Mohabbat Hai.

470 :- Phool Hun Main Meri Khusbu Tum Ho,
Dil Hun Main Meri Dhadkan Tum Ho,
Jaan Hun Main Aur Meri Rooh Tum Ho,
Jism Hun Main Aur Meri Zindagi Tum Ho.

471 :- Chaand Sa Yeh Chehra Dekhne Ke Izazat De Do,
Mujhe Ye Shaam Sajane Ki Izazat De Do,
Mujhe Qaid Kar Lo Apne Ishq Mein Ya Fir,
Mujhe Ishq Karne Ki Izazat De Do.

472 :- Tumne Dekha To Humein Pyaar Se Bas Itna Hi Sahi,
Tera Bas Ho Gaya Deedar Bas Itna Hi Sahi,
Tera Aashiq Hun Tumne Humein Chaha Na Sahi,
Kabhi Mujhko Pehchaan Liya Bas Itna Hi Sahi.

473 :- Kash Koi Mile Is Tarah Ke Phir Judaa Na Ho,
Wo Samjhe Mere Mizaz Ko Aur Kabhi Khafa Na Ho,
Apne Ehsaas Se Baant Le Saari Tanhayi Meri,
Itna Pyaar De Jo Pehle Kabhi Kisi Ne Diya Na Ho.

474 :- Mohabbat Mein Kuch Is Tarah Wafa Karun,
Woh Bhool Bhi Jaye To Yaad Karun,
Mohabbat Ne Bas Itna Sikhaya Hai Mujhe,
Ki Khud Se Pehle Unke Liye Dua Karun.

475 :- Chupa Loon Is Tarah Tujhe Apni Baahon Mein,
Ki Hawa Bhi Guzarne Ki Izazat Maange,
Ho Jaun Itna Madhosh Tere Ishq Mein,
Ki Hosh Bhi Aane Ki Izazat Manage.

476 :- Waqt Aur Khushi Tere Gulam Honge,
Ye Pal Ye Pehlu Tere Hi Naam Honge,
Dekhna Kabhi Jhuk Kar Neeche Bhi Ae Humsafar,
Tere Har Kadam Ke Neeche,
Mere Haathon Ke Nishan Honge.

477 :- Soch Nahi Sakte Ek Pal Bhi Door Rehna Tumse,
Agar Tu Bhool Jaaye To Toot Ke Bikhar Jaun Main,
Kabhi Jannat Bhi Mile Mujhe Tere Pyaar Ke Badle,
Mohabbat Ki Kasam Wahan Bhi Mukar Jaun Main.

478 :- Kaha Ye Kisne Ki Phoolon Se Dil Lagau Main,
Agar Tera Khayal Na Sochu To Mar Jaun Main,
Maang Na Mujhse Tu Hisaab Meri Mohabbat Ka,
Aa Jaau Imtihaan Par To Hadd Se Guzar Jaun Main.

479 :- Roti Hui Aankhon Mein Intzaar Hota Hai,
Na Chahte Hue Bhi Pyaar Hota Hai,
Kyon Dekhte Hain Hum Woh Sapne,
Jinke Tutne Par Bhi Unke Sach Hone Ka Intzaar Hota Hai.

480 :- Sirf Itna Hi Kaha Hai,
Pyaar Hai Tumse,
Jazbaton Ki Koi Numaish Nahi Ki,
Pyaar Ke Badle Sirf Pyaar Manga Hai,
Rishte Ki To Koi Guzarish Nahi Ki.

481 :- Tumhari Khamoshi Hamari Aadat Hai,
In Dooriyon Mein Bhi Hamari Chahat Hai,
Hamari Zindagi Agar Khoobsurat Hai,
To Uski Wajah Bhi Aapki Muskurahat Hai.

482 :- Pyaar Karte Hain Tumse Kitna Kabhi Dikha Na Sake,
Tum Kya Ho Hamare Liye Yeh Kabhi Bata Na Sake,
Kya Hu Jo Aaj Tum Sath Nahi Ho Fir Bhi,
Tumhari Kisi Bhi Yaad Ko Hum Bhula Na Sake.

483 :- तू मेरी धड़कन,
मैं तेरी रूह,
तू अगर हैं,
तो मैं हूँ|

484 :- Tu Meri Dhadkan,
Main Teri Rooh,
Tu Agr Hain,
To Main Hoon.

485 :- इस कदर हम उनकी मुहब्बत में खो गए! कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए! आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था! आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर सो गए!

486 :- आप से मिलकर हम कुछ बदल से गये,
शेर पडने लगे गुनगुनाने लगे,
पहले मशूहर थी अपनी संजिदगी,
अब तो लोगो से मिलने मिलाने लगे…

487 :- Aap se mil k hum kuchh badal se gaye,
Sher padhne lage gungunane lage,
Pehle mashhur thi apni sanjidgi,
Ab to logo se milne aur milane lage.

488 :- तराशा है उनको बड़ी फुर्सत से,
जुल्फे जो उनकी बादल की याद दिला दे,
नज़र भर देख ले जो वोह किसी को,
नेकदिल इंसान की भी नियत बिगड़ जाए.

489 :- Jis Tarah Ragon Mein Khoon Rehta Hai,
Ussi Tarah Mujhe Teri Chahat Ka Junoon Rehta Hai,
Zindagi Ki Har Khushi Mansoob Hai Tumse,
Baat Ho Tum Se To Dil Ko Sukoon Rehta Hai.

490 :- Wo Mohabbtein Jo Tumhare Dil Mein Hain,
Usse Zubaan Par Lao Aur Bayan Kar Do,
Aaj Bas Tum Kaho Aur Kehte Hi Jao,
Hum Bas Sunein Aise Be-Zuban Kar Do.

491 :- वो मोहब्बतें जो तुम्हारे दिल में हैं,
उससे जुबां पर लाओ और बयां कर दो,
आज बस तुम कहो और कहते ही जाओ,
हम बस सुनें ऐसे बे-ज़ुबान कर दो.

492 :- Nahi Jo Dil Mein Jagah To Nazar Mein Rehne Do,
Meri Hayaat Ko To Apne Asar Me Rehne Do,
Main Apni Soch Ko Teri Gali Me Chhod Aaya Hun,
Mere Wazood Ko Khwabon Ke Ghar Mein Rehne Do.

493 :- Khafa Bhi Rehte Hain Aur Wafa Bhi Karte Hain,
Is Tarha Apne Pyaar Ko Bayan Bhi Karte Hain,
Jane Kaisi Narazgi Hai Meri Unse,
Khona Bhi Chahte Hain Aur Pane Ki Dua Bhi Karte Hain.

494 :- Raat Ki Tanhai Mein Akele The Hum,
Dard Ki Mehfilon Mein Ro Rahe The Hum,
Aap Hamare Bhale Hi Kuch Nahi Lagte,
Par Fir Bhi Aapke Bina Bilkul Adhoore Hain Hum.

495 :- Ishq main sab shayari karne lagte hain yeh sach hai,
Har lafz ki gahrayee ko pehchane ki koshish woh karta hai,
Kehta ki pyar ke samander mein tairne lage hain,
Par kya sach mein aap kisi se pyar karne lage hain.

496 :- Aap Ko Paa Kar Ab Khona Nahi Chahte,
Itna Khush Ho Kar Ab Rona Nahi Chahte,
Yeah Aalam Hai Humara Aap Ki Judai Main,
Aankhoon Main Hai Neend Per Sona Nahi Chahte.

497 :- रग रग में है जो बिखरी वो खुशबु तुम्हारी है,
मैदान इ इश्क़ की बाज़ी इस दिल ने भी हारी है,
मुझे यु छोड़ जा बेशक भले पर भूल ना पाओगी,
तेरे हर शिकवे पर भारी ये मोहब्ब्त हमारी है।

498 :- तेरी खुशियो को सजाना चाहता हूँ,
तुझे देख कर मुस्कुराना चाहता हूँ,
मेरी जिन्दगी में क्या अहमियत हैं तेरी,
ये लब्ज़ो में नहीं पास आ कर बताना चाहता हूँ…

499 :- Teri Khushiyo Ko Sajana Chahta Hu,
Tujhe Dekh K Muskurana Chahta Hu,
Meri Zindagi Mein Kya Ahmiyat Hai Teri,
Ye Lafzo Mein Nahi Pass Aa Kar Batana Chahta Hu.

500 :- “दिन तेरे ख़याल में गुजर जाता हैं,
रातों को भी ख़याल तेरा ही आता हैं,
कभी ये ख़याल इस तरह बढ़ जाता है की,
आयने में भी तेरा ही चेहरा नज़र आता हैं…

501 :- Tere Naam Se Mohabbat Ki Hai,
Tere Ehsaas Se Mohabbat Ki Hai,
Tum Pass Nahi Ho Mere Phir Bhi,
Tumhari Yaad Se Mohabbat Ki Hai,
Kabhi Tumne Bhi Mujhe Yaad Kiya Hoga,
Maine Un Lamhaat Se Mohabbat Ki Hai,
Tum Se Milna To Ek Khwaab Sa Lagta Hai,
Maine Tumhare Intezar Se Bhi Mohabbat Ki Hai.

502 :- वो दर्द ही क्या जो आँखों से बह जाए! वो खुशी ही क्या जो होठों पर रह जाए! कभी तो समझो मेरी खामोशी को! वो बात ही क्या जो लफ्ज़ आसानी से कह जायें!

503 :- Wo Dard Hi Kya Jo Aankhon Se Beh Jaye,
Wo Khushi Hi Kya Jo Hoton Par Reh Jaye,
Kabhi To Samjho Meri Khamoshi Ko,
Wo Baat Hi Kya Jo Lafz Aasani Se Keh Jaye.

504 :- Tamana Hai Meri Ki Aapki Aarzoo Ban Jaun,
Aapki Aankh Ka Tara Na Sahi Aapki Aankh Ka Aansu Ban Jaun,
Main Aap Ki Zindagi Ki Khushi Banu Ya Na Ban Sakun,
Aapke Gham Mein Aapka Sahara Ban Jaun.

505 :- Fizao Ka Mausam Jaane Ke Baad Baharo Ka Mausam Aaya,
Gulab Se Gulab Ka Rang Tere Gaalon Par Aaya,
Tere Naino Ne Kaali Ghata Ka Jab Kajal Lagaya,
Jawani Jo Tum Par Aayi To Nasha Meri Aankhon Mein Aaya.

506 :- Kaha Ye Kisi Ne Ki Phoolon Se Dil Lagau Main,
Agar Tera Khayal Na Sochun To Mar Jaun Main,
Maang Na Mujhse Tu Hisaab Meri Mohabbat Ka,
Aa Jaun Imtihan Pe To Hadd Se Guzar Jaun Main.

507 :- Kuch Log Toot Kar Chahte Hain,
Kuch Log Chah Kar Toot Jaate Hain,
Humein Tumse Hai Kitni mohabbat,
Kabhi Aao Hamare Paas Tumhein Batate Hain.

508 :- न कर मुझे प्यार इतना तू,
कि दिल मे समा न सके,
बस कर इतनी वफ़ा कि,
तू छोड़ मुझे कहि जा ना सके।

509 :- दिल लगता नहीं है अब तुम्हारे बिना,
खामोश से रहने लगे है तुम्हारे बिना,
जल्दी लौट के आओ अब यही चाह है,
वरना जी ना पाएँगे तुम्हारे बिना |

510 :- Dil Lagta Nahi Hai ab Tumhare Bina Khamosh Se Rehne Lage Hein Tumhare Bina Jaldi Laut Aao Ab Yahi Chaah Hai Warna Ji Na Payenge Tumhare Bina…!!!

511 :- हर शाम से तेरा इज़हार किया करते है,
हर ख्वाब मे तेरा दीदार किया करते है,
दीवाने ही तो है हम तेरे,
जो हर वक़्त तेरे मिलने का इंतज़ार किया करते है!!

512 :- Har Sham Se Tera Izhaar Kiya Karte Hai,
Har Khwab Me Tera Didar Kiya Karte Hai,
Diwane Hi To Hai Hum Tere,
Jo Har Waqt Tere Milne Ka Intzaar Kiya Karte Hai !!

513 :- Tujhe Chahne Wale Kum Na Honge,
Waqt Ke Sath Shayad Hum Na Honge,
Chahe Kisi Ko Kitna Bhi Pyaar Dena,
Lekin Teri Yaadon Ke Haqdar Sirf Hum Hi Honge.

514 :- Dil Toot Jata Hai Par Khanak Nahi Hoti,
Har Dhadkan Roti Hai Par Palak Nahi Roti,
Mohabbat Naam Hai Khuda Kee Bandagi Ka,
Jo Sharton Pe Mile Woh Mohabbat Nahi Hoti.

515 :- जो लोग एक तरफा प्यार करते है अपनी ज़िन्दगी को खुद बर्बाद करते है ! नहीं मिलता बिना नसीब के कुछ भी,
फिर भी लोग खुद पर अत्याचार करते है !!

516 :- Aapse yeh doori humse sahi nahi jati,
Juda hoke aapse humse raha nahi jata,
Ab toh waapas laut aayiye hamare paas,
Dil ka haal ab lafzon mein kaha nahi jata!

517 :- Zara nazaro se dekh liya hota,
agar tamanna thi darane ki.. hum yun hi behosh ho jaate the,
kya zarurat thi muskurane ki..!!

518 :- Dil ki nazuk dhadkano ko.. Mere sanam tumne dhadkana sikha diya,
Jab se mila hai tera pyaar dil ko,
Gham ne bhi muskurana sikha diya.

519 :- मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है ! कभी कबिरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है !! यहाँ सब लोग कहते हैं,
मेरी आंखों में आँसू हैं ! जो तू समझे तो मोती है,
जो ना समझे तो पानी है !!

520 :- Mohabbat Ek Ehsaaso Ki Pawan Si Kahani Hai,
Kabhi Kabira Diwana Tha,
Kabhi Mira Diwani Hai,
Yahan Sab Log Kahte Hain Meri Aankhon Mein Ansoon Hain,
Jo Tu Samjhe To Moti Hai,
Jo Na Samjhe To Pani Hai.

521 :- Is Zindagi Ko Jeene Ki Aarzoo,
Bin Tere Hai Adhuri,
Tera Sath Jo Mil Jaye,
Meri Zindagi Ho Jaye Puri.

522 :- Koi pal aisa nahi jisme apki yaad na aaye,
Koi din aisa nahi jisme hum apko na bulayen,
Wo humara sabse accha din hoga,
Jisme ap humse milne ko aaye.

523 :- Palko Se Raaste Ke Kaante Hatha Denge.. Phool To Kya Hum Apna Dil Bicha Denge.. Tutne Na Denge Hum Is Pyar Ko Kabhi.. Badle Me Hum Khud Ko Mita Denge !!!

524 :- Ehsaas-E-Mohabbat K Liye.. Bus Itna Hi Kafi Hai.. Tere Baghair Bhi Hum.. Tere Hi Rehty Hain !!!

525 :- Apni pyari ankhon me chupalo mujh ko,
Mohabbat tum se hain,
churalo mujh ko,
Dhup ho ya sehra tera sath chalenge hum,
Yaqeen naa ho toh aazma lo mujh ko,
Tere her dukh ko seh lenge hans k hum,
Apne wajood ki chadar bana lo mujh ko,
Zindagi bhi tere naam kar di hai humne,
Bas chand lamhe seene se laga lo mujh ko.

526 :- मैं फ़रमाईश हूँ उसकी,
वो इबादत है मेरी,

527 :- इतनी आसानी से कैसे निकाल दू उसे अपने दिल से,

528 :- मैं ख्वाब हूँ उसका,
वो हकीकत है मेरी|

529 :- Main Farmaish Hun Uski,
Woh Ibadat Hai Meri,

530 :- Itni Aasani Se Kaise Nikal Dun Use Apne Dil Se,

531 :- Main Khwab Hun Uska,
Woh Haqeeqat Hai Meri.

532 :- प्यार मोहब्बत आशिकी.. ये बस अल्फाज थे.. मगर.. जब तुम मिले.. तब इन अल्फाजो को मायने मिले !!

533 :- Aata nahi tha humein ikraar karna,
Na jane kaise seekh gaye PYAR karna. Rukte naa the do pal kabhi kisi ke liye. Naa jane kaise seekh gaye intezaar karna..!!

534 :- Unke chahere pe ruk jati hai nazar.. Nazre milte hi sarma ke jhuk jati hai nazer.. Jab dil nahi rahta unko dekhe bina toh.. Ik bar fir un ki taraf uth jati hai nazer.

535 :- Unki duaon se hume wo sahara mila,
Jo milta nahi kisi ko wo kinara mila,
Kin lafjon me hum bayan kare unki ahmiyat,
Jaane kitno ki bheed me koi itna pyara mila !

536 :- Kamaal Ki Funkaari Hain.. Tum Mein Aey-Jaana..!! Waar Bhi Dil Par Karte Ho,
Aur Rehte Bhi Dil Mein Ho…..!!

537 :- Chote Se Dil Ke Afsane Bahut Hai,
Zindagi Se Zyada Zakhm Bahut Hai,
Maar Dalti Kab Ki Ye Duniya Par.. Dosto Ki Duao Mai Asar Bhut Hai !!!

538 :- Jaan Ker Anjan Banna Acha Lagta Hai,
Mujhe Unko Apne Liye Pareshan Karna Acha Lagta Hai,
Mujhe Woh Karte Rahe Pyar Ka Iqrar Bar Bar,
Nadan Ban Kar Har Bar Sunna Acha Lagta Hai !!!

539 :- Aap Mere Pyar Par Ek Ehsan Karo,
Apne Sare Gam Mere Naam Karo,
Jo Lamhe Rulate Hain Aap Ko Yad Banakar,
Aap Wo Aansu Meri Palkon Ke Naam Karo !!!

540 :- In Dooriyon Ko Judai Mat Kehna,
In Khamoshio Ko Ruswai Mat Kehna,
Har Mod Pe Yaad Karenge Aapko,
Zindgi Ne Saath Na Diya To Bewafayi Mat Kehna !!!

541 :- Teri Judai Mein Yu Aansu Bahate Rehte Hai,
Umeed Ke Diye Aandhiyon Se Bachaye Rehte Hai,
Chahat Hai Kewal Tujhse Pyar Paane Ki,
Iss Chahat Ko Hi Ek Aas Banaye Rehte Hai !!!

542 :- Karib Itna Raho Ki Rishton Mein Pyar Rahein,
Dur Bhi Itna Raho ki Aane Ka Intejaar Rahein,
Rakho Ummeed Rishton Ke Darmiyan Itni,
Ki Tut Jayein Ummeed Magar Rishte Barkarar Rahein..!!

543 :- Raton Me Suni Hai Magar Dekhi To Nahi,
Ek Aah Si Aati Hai,
Unki To Nahi,

544 :- Apna Hunar Tarasha Hai Jinke Husn Se,
Meri In Gazlon Me Wahi Aks To Nahi,

545 :- Dil Ko Ye Dilasa Hai,
Wo Hai Jamin Pe,
Ye Chand Usi Dildar Ka Saya To Nahi,

546 :- Jis Ajnabi Ne Mujhko Talabgar Kiya Hai,
Unse Mere Rooh Ka Koi Rishta To Nahi.

547 :- Khayalon Me Aane Ka Wada Kijiye,
Hame Yaad Karne Ka Wada Kijiye,

548 :- Sham Ki Udasi Ko Dekhiye Jara,
Ise Hasin Banane Ka Wada Kijiye,

549 :- Khoobsurat Hain Aap Aur Nazar Aapki,
Bas Hame Dekhne Ka Wada Kijiye,

550 :- Is Dil Me Aapki Chahat Hai Basi,
Mujhse Na Bichhadne Ka Wada Kijiye.

551 :- Mein Tod Leta Agar Tum Gulab Hoti,
Main Jawab Banta Agar Tum Sawal Hoti,
Sabhi Jante Hai Ki Mein Nasha Nahi Karta,
Fir Bhi Pee Lete Agar Tum Sharaab Hoti.

552 :- मैं तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती,
मैं जवाब बनता अगर तू सबाल होती,
सब जानते है मैं नशा नही करता,
मगर में भी पी लेता अगर तू शराब होती।

553 :- Badi fursat se tumhein dekhta hun,
Badi muddat se tumhein chahta hun,

554 :- Meri izzat,
mera imaan tujh se hai,
Usi neeyat se tumhein dekhta hun,

555 :- Tujhme chhupi meri tamaam khushiya,
Apni puri duniya tumhein maanta hun,

556 :- Shayad mil jaaye tujhme khuda mujhe,
Badi hasrat se tumhein poojta hun..!!

557 :- Zindagi Hasne Ka Naam Hai,
Rona Kis Kaam Ka,
Jaane Wale Chale Gaye,
Unke Liye Dil Dukhana Kis Kaam Ka..

558 :- Kyun pyaar karne ki hadein hoti hein,
Kyun dil dene ki waje hoti hein,
Kyun jazbaaton ko dabana padta hai,
Kyun iss dil ko samjana padta hai,
Kyun har dil ko ye mehsoos nahin hota,
Kyun sabko ye manzoor nahin hota,
Kyun dil se dil nahin milta,
Kyun pyaar ka phool nahin khilta,
Kyun dil ke naghme dil nahin gaata,
Dil mein kya hai ye keh nahin pata,
Kya dil dene ki yahi saza hai,
Kya pyaar karne mein yahi mazaa hai.

559 :- Kabhi hasa deta hai,
Kabhi rula deta hai Asia hota hai pyar,
Kabhi milwa deta hai,
Kabhi bichadwa deta hai,
Asia hota hai pyar,
Sagar par hai Lehro Jaisa,
Dhoop jalta sona jaisa,
Aisa hota hia pyar,
Ek jhalak ke intjaar ke baad,
Hazzron aansu bahana,
Asia hota hai pyar.

560 :- Aap gairon ki baat karte ho,
Humne apnoko azmaya hai,
Log katon se bachke chalte hain,
Humne phoolon se zakham khaye hain,
Aanken band kar bhi hum tera deedar karte hain,
Aee sanam hum to sirf tum se pyar karte hain.

561 :- Yun durr reh kar duriyon ko badaya nahi karte,
Apne deewano ko sataya nahi karte,
Har waqt bas jise tumhara khyal ho,
Usey apni awaaz ke liye tadpaya nahi karte.

562 :- Humein aap ki jaan nahi sirf saath chahiye,
Sacche ishq ka sirf ek ehsaas chahiye,
Jaan toh ek pal mein di jaa sakti hain,
Par hume apki mohabbat aakhri sans tak chahiye.

563 :- Muskura do zara khuda ke waaste,
Shama-e-mahefil mein roshni kam hai,
Tum hamare nahi toh kya gum hai,
Hum tumhare to hain ye kya kam hai.

564 :- Tere ishq ka kitna haseen ehsaas hain,
Lagta hai jaise tu har pal mere paas hai,
Mohabbat teri deewangi ban chuki hai meri,
Ab zindagi ki aarzoo sirf tumhare sath hai.

565 :- Kaise Kahu Ki Apna Bana Lo Mujhe,
Bahon Me Apni Sama Lo Mujhe,
Aaj Himmat Kar Ke Kahta Hu Ki Mai Tumhara Hu,
Ab Tum Hi Samhalo Mujhe.

566 :- कैसे कहू की अपना बना लो मुझे,
निगाहों मे अपनी समा लो मिझे,
आज हिम्मत कर के कहता हुँ,
मै तुम्हारा हुँ अब तुम ही संभालो मुझे!

567 :- Udas na hona hum aap ke sath hai,
Nazar se door per dil ke pass hai,
Palkon ko band ker ke dil se yaad karna,
Hum hamesha ap ke liye ek ehsaas hai.

568 :- Wo chand hai magar aap se pyara to nahi,
Parvane ka shama ke bin guzara to nahi,
Mere dil ne suni hai ek mithi se awaz,
Kya aapne mujhe pukara toh nahi.

569 :- Dil ki hasrat juban pe aane lagi,
Tumko dekha aur zindagi muskurane lagi,
Ye meri dosti hai ya diwangee,
Har surat pe teri surat najar aane lagi.

570 :- Tum mile har khushi mil gayi hai hume,
Lagta hai ki dusri zindgi mil gayi hai hume,
Zindgi me Jiska tha saalo se intezar hume,
Jeevan ka saathi bina maange mil gaya hume.

571 :- Pyar wo hain jisme sachai sath ho,
Saathi ki har baat ka ehsaas ho,
Uski har ada par naaz ho,
Dur rehkar bhi pass hone ka ehsaas ho.

572 :- Kash koyi mile es tarah ke phir judaa naa ho,
Wo smjhe mere mizaj ko or kbhi khafa na ho,
Apne ehsaas se baant le saari tanhayi meri,
Itna pyar de jo pahle kabhi kisi ne na diya ho.

573 :- Tumhari palkon main bassa huwa ek khawb hoon,
Kahi adhura tutt kai bikhar na jaoon,
Tumhari ankhon mai jalakta hua ek anson hu,
Kahi beh kar raith mai mil na jau,
Tumhare dil mai bassa hua ek arman hu,
Kahi dharkan mai dabb kar kho ma jau,
Tumharae hothon pai bassi hua ek hassi hu,
Kahi kabi gam mai baddal na jau,
Tumhare labbo pai thirk ti hui ek kampkapi hu,
Kahi shoonay sai thirkna na bhul jau,
Mujhe hardam sinnae sai lagai rakhna tu,
Kahi judah ho kai duniya ki bhirr mai kho na jau,
Tumhare jism mai bassi hui ek ruh hu,
Kahi bichhur kai marr na jau!

574 :- Suna Hai Aaj Uski Aankho Me Aansu Aa Gaye !! Wo Bachcho Ko Sikha Rahi Thi Ki Mohabbat ese Likhte Hain !!

575 :- सुना है आज उस की आँखों मे आसु आ गये.!! वो बच्चो को सिखा रही थी की मोहब्बत ऐसे लिखते है..!!

576 :- Jis ke liye sab kuch luta diya humne,
wo kehte hai unko bhula diya humne,
gaye the hum unke aansu pochne,
ilzam de diya ki unko rula diya humne..!!

577 :- Tujhe Mila Nahi Humsa Koi,
Humein Mila Nahi Tujhsa Koi,
Ye To Kismat Ki Baat Hai,
Ki Humari Nazar Me Is Kadar Basa Nahi Koi.

578 :- Main tujh se aaj ek vaada karta hu.. Ki main apne sare vaade nibhaunga.. Tu pyar kar ya takrar kar mujhse.. Main tujhe hamesha pyar karta jaunga.

579 :- Tujhe chahte hai be inteha par chahna nhi aata,
Ye kaisi mohabbat hai k hamein kehna nahi aata,

580 :- Zindagi mein aa jao hamari zindagi ban kar,
Ke tere bin hamein zinda rehna nahi aata,

581 :- Har pal tujhe bus tujhe duaon me mangte hain,
Kya kare k tumhare siwa kuchh mangna nahi aata.

582 :- Mohabbat hoon Mohabbat karke dekh Main Mohabbat na doon To kehna Main muskurahat hoon Mujhe Hansa kar dakh Na sajoon tare honton per to kehna Main khushboo hoon mujhe Mehsoos karke dekh Na mehkoon tari zindagi main to kehna Main Dil hoon mujhe Sun ker dekh Na dhakoon Tere Dil main to kehna Main phool hoon mujhey Laga ker dekh Na mehkoon din raat To kehna Main mohabbat hoon mujhe Apna karke dekh Na banoo main teraa to kehna

583 :- Is dubi huyi nao ka kinara ho tum,
Meri zindegi ka woh anjaam ho tum,
Youn to har muskil ko paar karne ki himmat hai,
Mujh me.. Bas tumko khonese darte hai hum.

584 :- Tujhe Inkar Hai Mujse,
Mujhe Ikrar Hai Tujhse,
Tu Khafa Hai Mujse,
Mujhe Chahat Hai Tujhse,
Tu Mayoos Hai Mujhse,
Mujhe Khushi Hai Tujhse,
Tujhe Nafrat Hai Mujhse Aur Mujhe Pyar Hai Tujhse.

585 :- Mujhe kisi ki zarurat nahi.. Siway tere Mere nazar ko talash jis ki barson se Kisi ke paas wo surat nahi.. Siway tere Jo mere dil or meri zindagi se khel sake Kisi ko itni ijaazat nahi.. Siway tere..!!

586 :- Mohabbat Hai K Nafrat Hai,
Koi Itna Tou Samjhaye,
Kabhi Main Dil Se Larti Hu,
Kabhi Dil Mujh Se Larta Hai!!

587 :- Ishq ne hame benaam kar diya,
Har khushi se hame anjaan kar diya,
Hamne to kabhi nahi chaha ke hame bhi mohabbat ho,
Lekin aap ki ek nazar ne hame nilaam kar diya.

588 :- साथ अगर दोगे मुस्करायेंगे ज़रूर,
प्यार अगर दिल से करोगे तो निभाएंगे ज़रूर,
राह में कितने कांटे क्यू न हो,
आवाज़ अगर दिल से दोगे तो आएंगे ज़रूर.

589 :- Saath agar doge muskrayenge zarur,
Pyar agar dil se karoge to nibhayenge zarur,
Raah me kitne kante q na ho,
Awaz agar dil se doge to aayenge zarur.

590 :- Kaise Kahun Ke Apna Bana Lo Mujhe,
Baahon Mein Apni Sama Lo Mujhe,
Bin Tumhare Ek Pal Bhi Kat-ta Nahi,
Tum Aa Kar Mujhi Se Chura Lo Mujhe,
Zindagi To Wo Hai Sang Tumhare Jo Guzri,
Duniya Ke Gamon Se Ab Chura Lo Mujhe,
Meri Sabse Gehri Khwahish Ho Puri,
Tum Agar Paas Apne Bula Lo Mujhe,
Ye Kaisa Nasha Hai Jo Behka Raha Hai,
Tumhara Hoon Main To Sambhalo Mujhe,
Na Jaane Phir Kaise Guzregi Zindagani,
Agar Apne Dilse Kabhi Tum Nikalo Mujhe.

591 :- Tere Chehre Mein Mera Noor Hoga,
Fir Tu Na Kabhi Mujhse Dur Hoga,
Soch Kya Khusi MiLegi Jaan Us Pal,
Jis Pal Teri Maang Mein .. Mere naam ka Sindoor Hoga.

592 :- Pyar aur maut se darta kaun hai,
Pyar to ho jata he ise krta kaun hai,
Hum to kar de pyar me jaan bhi qurban,
Par pata to chale hmse pyar karta kaun hai!!

593 :- Is baat ka ehsaas.. Kisi par na hone dena.. Ke teti chahaton se chalti hai.. Meri sansein..

594 :- Aap khud nahi janti aap kitni pyari ho,
Jaan ho hamari par jaan se pyaari ho,
Duriyon k hone se koi fark nahi padta,
Aap kal bhi hamari thi aaj bhi hamari ho!!

595 :- Banane Wale Ne Bhi Tujhe,
Kisi Karan Se Banaya Hoga,
Choda Hoga Jab Zameen Par Tujhe,
Uske Seene Mein Bhi Dard To Aaya Hoga.

596 :- Apna toh chaahaton mein.. Yahi usool hain,
Jab tu qubool hai,
Toh tera sub kuch qubool hai.

597 :- Wafaa ke badle bewafayi naa diya karo,
Meri umeed thukra ke inkaar naa kiya karo,
Teri mohabbat me hum sab kuch kho bethe,
Jaan chali jayegi yu imtihaan naa liya karo.

598 :- Teri saadgi ko nihaarne ka dil karta hain,
Tamaam umr tere naam karne ka dil karta hai Ek mukammal shayari hain tu kudrat ki,
Tujhe ghazal banake juba pe lane ka dil karta hai.

599 :- Meri saanson mein bikhar jao toh acha hai,
Ban k rooh mere jism me utar jao to acha hai,
Kisi raat teri godh mein sar rakh kar so jau,
Us raat ki kabhi subah na ho toh achha hai.

600 :- Tere shehar mein aake benam se ho gaye,
Teri chahat me apni muskan hi kho gaye,
Jo dube teri mohabbat me to aise dube,
Ke jaise teri aashiqui ke gulam hi ho gaye.

601 :- Ye wada hain humara,
Na chodenge kabhi sath tumhara. Jo gaye tum hume bhool kar kahi,
Le ayenge pakad kar hath tumhara.

602 :- Chaha ke ye Aasman Hamara hota,
Khwaiso Ka Bhi Koi Kinara Hota,
ye Sonchkar Nahi Roka Us Musafir Ko,
Wo Jata Hi Kyoun Door Agar Wo Hamara Hota..

603 :- Band hotho se kuch na kah kar.. Aankho se pyar jatati ho..

604 :- Jab bhi aati ho hume hamse hi chura ke le jati ho

605 :- Koi chupata hai,
koi batata hai.. Koi rulata he to koi hasata hai.. Pyar to har kisiko he kisi na kisi se.. Fark itna hai.. Koi azmaata he or koi nibhaata hai.

606 :- Aap haso to khushi mujhe hoti hai,
Aap ruthoto ankhe meri roti hai,
Aap dur jaoto becheni hoti hai,
Mehsus karke dekho pyar me zindgi kaisi hoti hai.

607 :- Aansu hai ankho mein par beh nahi sakte,
Duniawalo se darte hain islie kuch keh nahi sakte,
Par ye to aap bhi samajhte honge ki,
Hum aapke bina reh nahi sakte.

608 :- Khafa hone se pehle khata bata dena,
Rulaane se pehle hansna sikha dena,
Agar jana ho kabhi hum se door aap ko,
Toh pehle bina saans liye jeena sikha dena.

609 :- रात आती है तेरी याद चली आती है किस शहर से तेरी आवाज चली आती है

610 :- चाँद ने खूब सहा है सूरज की अगन तेरी ये आग मुझसे न सही जाता है

611 :- दिल में उतरी है तेरी दर्द भरी आँखें मेरी आँखों में वही प्यास जगी जाती है

612 :- हमने देखा था खुद को तेरी सूरत में आईना देखकर अब रात कटी जाती है

613 :- Lafz ki shakal mein Ehsaas likha jata hai,
Yahan Pani ko bhi Pyaas likha jata hai,
Mere jazbaat se waqif hai meri Kalam,
Main Pyar likhun to Us bewafa ka Naam likha jata hai

614 :- Woh Jo Hamare Liye Khas Hote Hain,
Jinke Liye Dil Mein Ehsaas Hote Hain,
Chahe Waqt Kitna Bhi Door Kar De Unhe,
Door Reh Ke Bhi Woh Dil Ke Paas Hote Hain..

615 :- Dil todna humari aadat nahi,
Dil hum kisi ka dukhate nahi,
Bharosa rakhna meri wafaon pe… Dil me basa ke hum kisi ko Bhulate nahi..!!

616 :- जिसने भी की मुहब्बत,
रोया जरूर होगा। वो याद में किसी के खोया जरूर होगा।

617 :- दिवार के सहारे,
घुटनों में सिर छिपाकर ,
वो ख्याल में किसी के खोया जरुर होगा।

618 :- आँखों में आंसुओ के,
आने के बाद उसने,
धीरे से उसको उसने,
पोंछा जरुर होगा।

619 :- जिसने भी की मुहब्बत,
रोया जरूर होगा।

620 :- Mat pucha karo mujhse,
Ki tum mere kya lagte ho,
Dil k liye dhadkan zaruri hai,
Aur mere liye tum.

621 :- Jee karta hai,
Muft me hi use apni jaan de du,
Itne masoom kharid dar se,
Kya len-den karna.

622 :- Har baar hum par,
Ilzaam laga dete ho mohhabat ka,
Kabhi khud se pucha hai,
Ki itne haseen kyu ho.

623 :- हर बार हम पर,
इल्ज़ाम लगा देते हो मोहब्बत का,
कभी खुद से भी पूछा है,
इतने हसीन क्यों हो।

624 :- Jaha sar jhuk jaye wahi khuda ka ghar hai,
Jaha nadi mil jaye wahi samundar hai,
Es zindagi mein dard toh sabhi dete hai,
Jo dard ko samajh sake wahi hamdard hai.

625 :- Wo pyar jo haqiqat mein pyar hota hai,
Zindagi mein sirf ek bar hota hai,
Nigaho k milte milte dil mil jaye,
Aisa ittefaq sirf ek baar hota hai.

626 :- वो प्यार जो हकीकत में प्यार होता है,
जिन्दगी में सिर्फ एक बार होता है ,
निगाहों के मिलते मिलते दिल मिल जाये,
ऐसा इतेफाक सिर्फ एक बार होता है.

627 :- Unhe chahana hamari kamzori hai,
Unse keh nahi pana hamari majburi hai,
Wo kyun nahi samajhte hamari khamoshi ko,
Kya pyaar ka izhaar karna zaruri hai.

628 :- Wo Maut Bhi Bari Suhani Hogi,
Jo Aap Ki Piyar Main Aani Hogi,
Ye Dua Hai Khuda Se K Pehle Hum Jaaye,
Kyon Ke Welcome Ki Rasam Bhi To Nibhani Hogi.

629 :- Har Bar Apki Salamti Ki Dua Karege,
Teri Arzu Me Apni Hasti Fanah Karege,
Tum Chahe Daman Bachalo Humse Lekin,
Hum Marte Dum Tak Apse Wafa Ka.

630 :- Dard Hota Nahin Duniya Ko Dikhane K Liye,
Har Koi Rota Nahin Ansu Bahane Kliye,
Rutne Ka Maza To Tab Aata Hai,
Jab Koi Apna Ho Manane K Liye.

631 :- Koi hain jiska ess dil ko intjaar hain,
Khyalo mein bas usi ka khayal hain,
Khushyaan main saari us par luta du,
Chahat me uski mai khud ko mita du,
Kab ayega vo jiska es dil ko intjaar hain.

632 :- Meri zindagi ke raaz mein ek raaz tum bhi ho,
Meri bandagi ki aas mein ek aas tum bhi ho,
Tum kya ho mere,
kuchh ho ya kuchh bhi nahi magar,
Meri zindagi ke kash mein ek kash tum bhi ho.

633 :- Woh karte hai baat ishq ki,
Par ishq ke dard ka unhe ehsas nahi,
Ishq woh chand hai jo dikhta hai sab ko,
Par usse pana sab ke bas ka kaam nahi.

634 :- Raat chup hai magar chand khamosh nahi,
Kaise kahoon aaj phir hosh nahi,
Is tarah dooba hoon teri mohabbat ki gahrai mein,
Hath mein jaam hai aur peena ka hosh nahi.

635 :- Tere dil mein meri saanson ko jagah mil jaaye,
Tere ishq mein meri jaan FANAA ho jaaye. Adhoori saans thi dhadkan adhoori thi adhoore hum,
Magar ab chaand poora hai falak pe aur ab poore hain hum.

636 :- Rone de tu aaj hamako tu aankhe sujane de,
Bahon me lele aur khud ko bheeg jane de. Hai jo seene me qaid dariya woh chhut jayega,
Hai itana dard ki tera daman bheeg jayega.

637 :- Bekhudi ki zindagi hum jiya nahi karte,
Yun kisika ka jaam hum piya nahi karte,
Un se keh do mohabbat ka izhaar aakar khud karein,
Yun kisika peecha hum nahin karte.

638 :- Dur humse jaa paoge kaise,
Humko bhool paoge kaise,
Hum who khushbu hain jo saanson mein utar jaye,
Khud apni saanson ko rok paoge kaise.

639 :- Ankhen to pyar me dilki zuban hoti hai,
Sachchi chahat to sada bezuban hoti hai. Pyar mein dard bhi mile to kya ghabrana,
Suna hai dard se chahat aur jawan hoti hai.

640 :- Tere dil mein Meri saanson ko panah mil jaaye,
Tere ishq mein Meri jaan FANAA ho jaaye.

641 :- Aye khuda aaj ye faisla karde,
Use mera ya mujhe uska karde. Bahut dukh sahe hain maine,
Koi khusi ab toh muqadar karde. Bahut mushkil lagta hai us se door rehna,
Judai ke safar ko kam karde. Jitna door chale gaye woh mujhse,
Use utna kareeb karde. Nahi likha agar nasib me uska naam,
To khatam kar ye zindagi aur mujhe FANAA karde.

642 :- Tum milo na milo,
na milne ka gham nahi,
Tum paas se hi gujar jaao,
milne se kum nahi. Maana ki tumhe hamaari kadar nahi,
Magar unse puchho jinhe hum haasil nahi.

643 :- Kaate nahin kat-te lamhe intezaar ke,
Nazaren bichaye baithe hain raste pe yaar ke,
Dil ne kaha dekhe jo jalwe husne yaar ke,
Laya hai unhe kaun falak se utaar ke.

644 :- Phool khilte hain baharon ka samaa hota hai,
Aise mausam mein hi to pyaar javaan hota hai. Dil ki baaton ko hothon se nahi kehte,
Ye fasaana to nigaahon se bayaan hota hai.

645 :- Rooth jao to mana lenge hum,
Door jao kitna bhi paas bula lenge hum,
Dil aakhir dil hai koi samunder ki ret nahi,
Ki likh kar naam aapka mita denge hum.

646 :- Hogi kisi ki tammna sitaron ko pane ki,
Hamari to chahat hai sitara ban jane ki,
Koi to chahta hoga kisi ko dil me basana,
Hamari to adat hai dil me bas jane ki.

647 :- Hichkiyan dilakar ye kaisi uljhan badha rahe ho,
Ankhen band hain phir bhi nazar aa rahe ho,
Bas itna bata do hamein yaad kar rahe ho,
Ya sirf apni yaad dila rahe ho.

648 :- Log kehte hain ke ishq itna mat karo,
Ke husn sar pe sawar ho jaaye,
Hum kehte hain ke ishq itna karo,
Ke patthar dil ko bhi tumse pyaar ho jaye.

649 :- Pyar karna zara hamein bhi sikhao,
Dil ke kisi kone mein hamein bhi bithao,
Hum aapke dil mein hain ki nahi,
Zubaan se na sahi sms se to batao.

650 :- Door rah kar kareeb rehne ki aadat hai,
Yaad bankar aankhon se bahne ki aadat hai,
Kareeb na hote hue bhi kareeb paoge,
Mujhe ehsas bankar rahne ki aadat hai.

651 :- Tumhare chaand se chehre pe gham achche nahi lagte,
Hamein keh do chale jao jo hum achche nahi lagte.

652 :- Humein woh zhakhm do jana jo sari umar na bhar paye,
Jo jaldi bhar ke mit jaye woh zhakhm achche nahi lagte.

653 :- Tumhein har ghazal mein likhna mera dastoor hai lekin,
Sari mehfil kare tere charche mujhe achche nahi lagte.

654 :- Main chahat ki us manzil pe aa pahuncha hoon ki,
Tumhare chahane wale mujhe achche nahi lagte.

655 :- Galti karke woh galti ka naam puchhate hain,
Dard dekar woh dawa ka naam puchhate hain,
Mar gaye hum unki isi adaa pe,
Hokar meri jaan meri jaan ka naam puchhate hain.

656 :- Bhoolna tumhein na asaan hoga,
Jo bhule tumhein woh nadan hoga. Aap to baste ho rooh mein hamari,
Aap hamein na bhule ye apka ehsan hoga.

657 :- Na haara he ishq aur na duniya thaki hai,
Diya jal raha hai,
hawa chal rahi hai.

658 :- Mat dekh koi shakhs gunehgar kitna hai,
Ye dekh tere saath wafadar kitna hai,
Ye mat soch use kuchh logon se nafrat hai,
Ye dekh use tujhse “PYAR” kitna hai.

659 :- Dooriyon se rishton mein fark nahi padta,
Baat to dil ki nazdeekiyon ki hoti hai,
Paas rehne se bhi rishte nahi ban paate,
Warna mulakatein to roz kitnon se hoti hain.

660 :- Tere Husn Ko,
Parde Ki Zaroorat Hi Kya Hai Zaalim,
Kon Rehta Hai Hosh Main,
Tujhe Dekhne K Baad.

661 :- Yeh Khusbhu,
Yeh Hawaa Apki Huyi,

662 :- Mausam Ki,
,
Har Ek Ada Apki Huyi,

663 :- Dil Ne Chaha,
Kuch Khaas Tohfa Doo Aapko,

664 :- Chalo Aaj Se Meri Har Dua Apki Huyi.

665 :- Tu hi dil hai aur tu hi jaan hai meri,
Tujhse hi jahaan me pehchan hai meri,
Tujhe apna banalu tujhe tujhse churalu,
Bas jiyun sang tere tammana hai meri,
Tere liye tode maine sare rishte,
Gham bhi hai jhela maine haste haste,
Duniya bhulayi maine tere waaste,
Sang tu chale jo bhi ho raaste,
Tere bina duniya viraan hai meri.

666 :- Lipat Jaao Ek Baar Fir Gale Hamare,
Koi Deevar Na Rahe Beech Hamaare Tumhare,
Lipat Jaati Jaroor Agar Jamane Ka Dar Na Hota,
Bassa Leti Main Tumko Agar Seene Mein Ghar Hota.

667 :- Tum haseen ho,
gulab jaisi ho,
Bahut nazuk ho khawab jaisi ho,
Hothon se lagakar pee jaun tumhe Sir se paanv tak sharab jaisi ho…!!

668 :- Ek aas,
ek ehsaas,
Meri soch aur bus tum,
Ek sawal,
ek majaal,
Tumhara khayal or bs tum.

669 :- Duriya bahot hain par itna samajh lo,
Pass rehkar hi koi rishta Khas nahi hota,
Tum dil k pass itne ho k dur rehkar bhi .. Dooriyoon ka kabhi ehsaas nahi hota.

670 :- Koi hain jiska ess dil ko intjaar hain,
Khyalo mein bas usi ka khayal hain,
Khushyaan main saari us par luta du.. Chahat me uski mai khud ko mita du.. Kab ayega vo jiska es dil ko intjaar hain.

671 :- Aapke Husn Ko Dekhkar O Sanam,
Sabhi Jaane Kyun Ghas Khakar Gir Jaate Hain,
Aap Apne Husn Ko Kahin Chhupa Lijiye,
Varna Yeh Log To Bemout Mare Jaate Hain.

672 :- Fir Wahi Fasaana Afsaana Sunaati Ho,
Dil Ke Paas Hoon Kah Kar Dil Jalati Ho,
Beqaraar Hai Aatish E Nazar Se Milne Ko,
To Fir Kyon Nahi Pyaar Jataati Ho.

673 :- Aankhe To Pyar Mein Dill Ki Juban Hoti Hai,
Chahat To Sada Bejuban Hoti Hai,
Pyar Mein Dard Bhi Mile To Kya Ghabrana,
Suna Hai Dard Se Chahat Or Jawan Hoti Hai.

674 :- Jaam pe jaam pine se kya fayda,
Shaam ko pee subah utar jayegi,
Are 2 boond mere pyar ki pee le,
Zindagi sari nashe me gujar jayegi.

675 :- Agar me had se gujar jau to muje maaf karna,
Tere dil mein utar jau toh mujhe maaf karna,
Raat mein tujhe dekh ke tere deedar ki khatir,
Pal bhar jo theher jau toh mujhe maaf karna.

676 :- Mujhe Kisi Se Muhabbat Nahi Siwa Tere Mujhe Kisi Ki Jarurat Nahi Siwa Tere….!

677 :- Meri Najar Ko Thi Talash Jiski Barso Se Kisi Ke Paas Wo Surat Nahi Siwa Tere !

678 :- Jo Mere Dil,
Meri Zindagi Se Khel Sake Kisi Ko Itni Ijaazat Nahi Siwa Tere……..!!

679 :- Zindagi ke liye jeena zaruri hai,
jeene ke liye arman zaruri hai,
dil mein chahe hazaro gam ho,
phir bhi tere chehre pe muskan zaruri hai.

680 :- Teri Bewafayi Nahi Kabool Mujhko,
Tujhe Ba Wafa Main Kahna Chahta Hun,
Juda Hokar Jeena Na Mumkin Hai,
Tere Sang Main Rahna Chahta Hun.

681 :- Kahne Walon Ka Kya Hai Yaar,
Yeh Toh Kuchh Bhi Kahte Rahte Hain,
Hamein Inki Toh Parwah Nahi,
Teri Khatir Sitam Yeh Sahte Hain.

682 :- Eh Mout Thahar Ja Tu Jara,
Yaar Ka Intezaar Hai Mujhko,
Aayega Woh Jarur Aaj Agar,
Us Se Sacha Pyar Hai Mujhko,

683 :- Tu Kahe Jo Bhi Woh Karunga Main,
Tu Udas Na Ho Tere Paas Hun Main,
Kya Karna Hai Kisi Aur Ka Sang,
Tere Saath Sanam Din Raat Hun Main.

684 :- Aapne Toh Yeh Pooch Liya Bas Mere Dosto,
Ki Unke Baare Mein Hamara Kya Khyal Hai,

685 :- Aapne Jara Yeh Bhi Toh Poochha Hota Hamse,
Unko Dekhne Ke Baad Hamara Kya Haal Hai.

686 :- Bin Aapke Kuchh Bhi Achha Nahi Lagta,
Kuchh Pal Ki Judai Bhi Sahi Nahi Jaati,

687 :- Tum Khud Hi Samajh Lo Gahrayi Pyar Ki,
Likh Kar Yeh Baat Mujhse Kahi Nahi Jaati.

688 :- Raat Ko Sapno Mein Dhundta Raha,
Na Mile Tum,
Magar Jab Dil Mein Dekha Toh Laga Paas Ho Tum,

689 :- Meri Aankhon Se Yeh Aansu Kyu Chhalak Rahe Hain,
Lagta Hai Aaj Fir Se Udaas Ho Tum.

690 :- Chand Taare Toh Na La Sakunga,
Main Tere Liye,
Magar Aakhiri Sans Bhi Meri Tere Naam Hai,

691 :- Tune Boond Se Bana Diya Hai Sagar Mujhko,
Tere Pyar Ko,
Mere Hamdam,
Mera Salaam Hai.

692 :- Sochta Hun Milunga Jab Tujhse,
Tujhe Seene Se Apane Lagaunga,

693 :- Chhupa Lunga Dil Mein Main Tujhko,
Kahin Door Na Fir Kabhi Jaaunga.

694 :- Agar Bantenge Sabko Pyar Jeevan Mein,
Tabhi Toh Yaaro Insaan Kahlaayenge Hum,

695 :- Jis Mein Hoga Bas Pyar Hi Pyar,
Ek Aisi Nayi Duniya Banayenge Hum.

696 :- Yeh Doori Aur Humse Sahi Nahi Jaati,
Tere Paas Aane Ko Dil Karta Hai,

697 :- Bhula Kar Saare Duniya Bhar Ke Ghamon Ko,
Tere Aagosh Mein So Jaane Ko Dil Karta Hai.

698 :- Aap Se Mulakat Ki Ek Ajib Si Nishani Hai,
Hanste Hanste Aankhein Bhar Aati Hain,

699 :- Zindagi Mein Ho Chahe Kitni Pareshani,
Aap Ke Saaye Mein Har Muskil Aasan Nazar Aati Hai.

700 :- Maine Khuda Se Ek Dua Mangi,
Dua Mein Apni Maut Mangi,

701 :- Khuda Ne Kaha Maut Toh Tujhe De Du Main,
Par Use Kya Kahun Jisne Teri Lambi Umar Mangi.

702 :- Eh Sanam Tujhe Kabhi Meri Yaad Aaye,
Aur Milne Ko Dil Bekarar Ho Jaaye,

703 :- Toh Ek Baar Mera Naam Dil Se Pukarna,
Teri Khusi Ke Liye Hum Jannat Se Laut Aaye.

704 :- Mayush To Hun Vaade Se Tere Khuch Aas Nahi Aur Aas Bhi Hai

705 :- Main Apne Khayalon Ke Sadke Tu Paas Nahi Aur Paas Bhi Hai

706 :- Dil Ne To Khushi Mangi Thi Magar Jo Tune Diya Achha Hi Diya

707 :- Jis Dil Ko Talluq Ho Tujhse Wo Raas Nahi Aur Raas Bhi Hai

708 :- Palkon Se Girte Ashkon Me Tasveer Jhlakti Hai Teri

709 :- Deedar Ki Pyassi Aakhon Me Ab Pyass Nhi Aur Pyass Bhi Hai.

710 :- Khamoshiyan Teri Mujhse Baatein Karti Hai,
Meri Har Aah Har Dard Samajhti Hain,
Pata Hai Majbur Hai Tu Bhi Aur Main Bhi,
Phir Bhi Aankhein Tere Deedar Ko Tarasti Hain.

711 :- Dil To Unke Sine Mai Bhi Machalta Hoga,
Hushn Bhi So-So Rang Badalta Hoga,
Uthti Hongi Jab Nigahein Unki,
Khud Khuda Bhi Gir-Gir Ke Sambhalta Hoga.

712 :- Tera Sath Chahiye Jindgi Jine Ke Liye,
Tarsti Hai Aankhe Tere Didar Ko,

713 :- Kab Htenge Ye Kale Badal Aasman Se,
Kab Aayegi Ye Sunhari Dhup Le Ke Mere Pyar Ko.

714 :- Fasle Mitakar Aapas Me Pyar Rakhna,
Dosti Ka Ye Rista Hamesa Hi Barkrar Rakhna,

715 :- Bichhd Jaye Kabhi Aapse Hum To,
Aankho Me Hamesa Hamara Intjar Rakhna.

716 :- Dil Se Aapka Khayal Jata Nahi,
Aapke Siva Koi Yaad Aata Nahi,

717 :- Ji Chahta Ki Aapko Roj Dekhu Par,
Wo Waqt Kabhi Aata Nahi.

718 :- Dil Ki Awaz Koi Pehchanta Nahi,
Kisko Kya Dard Hai Koi Janta Nahi,
Hum Bhi Nahi Chahte Aapko Pareshan Karna,
Magar Kya Kare Dil Hai Ki Manta Nahi.

719 :- Na Gharz Kisi Se,
Na Wasta,
Mujhe Kaam Apne Kaam Se..

720 :- Tere Ziker Se,
Teri Fikr Se,
Teri Yaad Se,
Tere Naam se..!!!

721 :- Shaan Se Pyar Ka Izhar Karenge,
Teri Mohabbat Pe Jaan Bhi Nisar Karenge,

722 :- Dekh K Jalegi Duniya Saari,
Is Kadar Tujhpe Aitbaar Karenge,

723 :- Denge Salaami Sab Humko,
Jab Pyar Ko Hum Bayaan Karenge,

724 :- Daulat Aur Shaurat Ka Kya Hai Kaam,
Teri Khushi Mein Khudko Nichaawar Karenge,

725 :- Har Ghadi Ho Bus Tera Deedar,
Waqt Se Hum Yahi Iltijaa Karenge,

726 :- Saaye Ki Tarah Tujhse Liptey Rahenge,
Duniya Ki Buri Nazar Se Tujhe Bachaya Karenge.

727 :- Aapke paas waqt nahi hame yaad karne ka,
Bewaqt hi yaad kar liya karo,
Mana aap ke paas sari duniya hai,
Kabhi hamara bhi ahsas kar liya karo.

728 :- Bedaag Or Begunah Meri Sarkar Hain,
Humse unki Bewafai Se Waqt Ki Maar Hain,

729 :- Woh Bhale Hain Kitne Sitam Karein Hum Par,
Phir Bhi Mere Liye Wo Jaane Bahar Hain.

730 :- Dil Karta Hai Aag Laga Doon Is Zamaane Ko,
Jisne Dard Hi Dard Diya Har Diwaane Ko,

731 :- Har Pal Zakham Khaya Hai Dil Ne Mere,
Ab Kya Rah Gaya Aur Aajmaane Ko.

732 :- Ab Tak Taaza Hai Zakham Seene Mein,
Bin Tere Kya Rakha Hai Jeene Mein,
Hamein Toh Sanam Tera Sahara Chahiye,
Warna Der Nahi Hai Zahar Peene Mein.

733 :- Mohabbat ka koi rang nahi,
Fir bhi wo rangin hai,
Pyar ka koyi chehra nahi,
Phir bhi woh hasin hai.

734 :- Kab tak wo mera hone se inkaar karega,
Khud tut kar wo ik din mujhse pyaar karega,
Ishq ki aag me main usko itna jala dungi,
Ki izhaar wo mujhse sar-e-bajaar karega.

735 :- Ruthi huyi zindagi ko manana toh aata hain,
Khud na hans sake par auro ko hasana to aata hain,
Hum khud naa bas sake kisi ke dil me to kya hua,
Par logo ko apne dil mein basana toh aata hain.

736 :- Apne karam se wo mera mukaddar bana gya,
Ek katre ko pal bhar me samundar bana gya,
Phulo se bhi jyada naram tha kabi dil ye mera,
Jise itna tadpaya ke ab patthar dil bana gaya.

737 :- Koi Toh Inteha Hogi Mere Pyar Ki Khuda,
Kab Tak Dega Tu Is Kadar Hamein Saja,
Nikal Le Tu Is Jism Se Jaan Meri,
Yah Mila De Mujhko Meri Dilruba.

738 :- Kitna Chaahata Hun Tujhe Yeh Mujhko Pata Nahi,
Magar Tumhare Siwa Koi Aur Dil Mein Basa Nahi,
Zamana Dusman Ho Gaya Chaahat Ka Hamari,
Juda Ho Gaye Phir Se Hum Yeh Meri Khata Nahi.

739 :- Kitne Armaano Ko Dafnaye Baitha Hun,
Kitne Zakhmo Ko Dabaye Baitha Hun,
Milna Muskil Hai Unse Is Daur Mein,
Phir Bhi Deedar Ki Aas Lagaye Baitha Hun.

740 :- Bhale Hi Raah Chalton Ka Daaman Tham Le,
Magar Mere Pyar Ko Bhi Tu Pahchan Le,
Kitna Intezaar Kiya Hai Tere Ishq Mein,
Jara Yeh Dill Ki Betaabi Tu Jaan Le.

741 :- Aise Na Muskaraao Aise Na Tadpaao,
Meri Halat Par Sanam,
Kuchh Toh Raham Khaao,

742 :- Jale Hain Hum Ek Chirag Ki Tarah,
Apni Judai Se Hamein Ab Aur Na Tadpaao.

743 :- Bebas Hai Dil Beraham Hain Niganein,
Marne Se Pahle Thaam Lena Meri Baahein,

744 :- Fir Maalum Nahi Manzil Mile Na Mile,
Sambhal Kar Chalna Kanton Bhari Hain Raahein.

745 :- Churakar Dil Toh Mera Woh Bekhabar Se Baithe Hain,
Milate Nahi Najar Nahi Humse Woh Chat Par Aan Baithe Hain,

746 :- Dekh Kar Humko Kitab Se Mooh Chhipakar Baithe Hain,
Unhein Khud Nahi Maalum Ki Woh Kya Kar Baithe Hain.

747 :- Kabhi Mohabbat Karo Toh Hum Se Karna,
Dil Ki Baat Juba Par Aaye Toh Hum Se Kahna,

748 :- Na Kah Sako Toh Aankhein Jhuka Lena,
Hum Samajh Jaayenge Hamein Kuchh Na Kahna.

749 :- Pasand Karta Hun Har Haseeno Ko,
Magar Dil Mein Basane Ke Liye Jagah Nahi,

750 :- Thukra Dete Hain Begane Samajhkar,
Uski Hoti Koi Thukraane Ki Vajah Nahi.

751 :- Saaye Ne Saath Chhod Diya Yaar Ne Dil Tod Diya,
Ab Toh Khuda Bhi Mere Khilaf Ho Gaya,

752 :- Jo Pyar Ka Chirag Jalaya Tha Maine,
Usi Chiraag Se Jalkar Main Khak Ho Gaya.

753 :- Jo bani ho Mere liye,
Jis ke liye main Jee raha hoon,
Jo kahe Hum saath hain tere,
Jise dekhne ke liye Tarap raha hoon,
Ek aisa hi Dildaar chahiye,
Bus Mujhe Mera Pyar Chahiye.

754 :- Koshish to hoti hai ke teri har khwaish puri karon…!!

755 :- Par dar lagta hai ke.. tu khwaish me mjhse judai na mang le…!!

756 :- Din Ki Ye Tapti Dhoop Us Par Ye Aapki Baatein Khoob Dil Se Muskurate Mere Mehboob Dekha Nahi Pehle Aapka Ye Sunhera Roop.

757 :- Wo Jo Sar Jhuka Ke Baithe Hain,
Hamara Dil Churaye Baithe Hain,
Humne Unse Kaha Hamara Dil Hume Lauta Do,
To Bole Hum To Hatho Mein Mehendi Laga Ke Baithe Hain.

758 :- Zindagi lambi hai dost banate raho,
Dil mile na mile hath milate raho,
Taj Mahal banaana to bahut costly hai,
Per har gali mein ek Mumtaz banate raho.

759 :- Terri Yaadon Mein,
Kuchh Aisee Baat Hai,

760 :- Ke Har Waqat Teree Yaadein,
Hamaare Sath Hain,

761 :- Dil Chahataa Hai Ki,
Tujhko Tujhee Se Churaa Loo,

762 :- Par Mummy Kahti Hain,
Ki Choree Karnaa Buri Baat Hai.

763 :- Pani Aane Ki Baat Karte Ho,
Dil Jalane Ki Baat Karte Ho,
Char Din Se Muh Nahi Dhoya,
Tum Nahane Ki Baat Karte Ho.

764 :- Ajib Si Kasish Hai Tum Mein,
Ki Hum Tumhare Khyalon Mein Khoye Rahte Hain,

765 :- Yeh Sochkar Ke Tum Khyalon Mein Aaoge,
Hum Din Raat Soye Rahte Hain.

766 :- Deedar khoob barsenge aangan mein sari raat Main khwab ke sajar ki woh shakhe hilaunga,

767 :- Dhul jaayengi badan mein jami dhool ki tahein Apne lahu mein aaj main aisa nahaunga,

768 :- Ek pal ki zindagi mujhe behad ajij hai Palkon mein jhil milaunga or toot jaaunga,

769 :- Yeh raat fir na aayegi badal barsane de Main janta hu subah tujhe bhool jaunga,

770 :- Mitti teri sada hu main thabde sitaron ke Khamosh hot chumate hi mar jaaunga.

771 :- Paro mein noor hai udan mein hararat hai Lahu hawa mein kisi subah ki sahadat hai,

772 :- Kisi ka pyar mujhe na der tak rok saka Mere badan mein hawa ki koi khayalat hai,

773 :- Fiza mein dhuni huyi ruyi ke jaire mile Kahan kahan mere ehsas ki komlata hai,

774 :- Safed barf ke khargosh gud gudane lage Latif sardiyo mein narm narm garmi hai.

775 :- Koi jata hai yahan se na koi aata hai Yeh diya apne andhere mein ghut jata hai,

776 :- Sab samjhte hain wohi raat ki kismat hoga Jo sitara ki bulandi par najar aata hai,

777 :- Main isi khoj mein badta hi chala jata hu Kiska anchal hai jo parbaton par lahrata hai,

778 :- Meri aankhon mein ek badal ka tukda shayad Koi mousam ho sahr e sham baras jata hai,

779 :- De tasalli koi toh aankh chhalak udhti hai Koi samjhaye to dil aur bhi bhar jata hai.

780 :- Na ji bhar ke dekha na koi baat ki Badi aarju thi unse mulakat ki,

781 :- Ujalon ki patiya nahane lagi Nadi gun gunayi khayalat ki,

782 :- Main chup tha toh chalti hawa ruk gayi Jubaa sab samjhate hain jajbat ki.

783 :- Kabhi yun bhi aa meri aankh mein Ki meri najar ko khabar na ho,

784 :- Mujhe ek raat navaj de Magar uske baad subah na ho,

785 :- Woh bada raham o karam hai Mujhe yeh asar bhi daan karein,

786 :- Tujhe bhulane ki dua karun Toh meri dua mein asar na ho,

787 :- Mere baajuon mein thaki thaki Abhi khwab dekh rahi hai chandani,

788 :- Na uthe sitaron ki palki Abhi aahton ka gujar na ho.

789 :- Ab kise chahein kise dhunda karein Woh bhi aakhir mil gaya ab kya karein,

790 :- Halki halki baaris hoti rahe Hum bhi phoolon ki tarah bhiga karein,

791 :- Aankhein munde is gulabi dhoop mein Der tak baithe use socha karein,

792 :- Dil,
mohabbat,
deen duniya,
shayari Har dariche se tujhe dekha karein,

793 :- Ghar naya bartan naye kapde naye In purane kagjon ka kya karein.

794 :- Hoton par mohabbat ke fasane nahi aate Sahil par samander ke khajane nahi aate,

795 :- Palkein bhi chamak udhati hain sote mein hamari Aankhon ko abhi khwab chhupane nahin aate,

796 :- Dil ujadi huyi ek saray ki tarah hai Ab log yahan raat bitane nahi aate.

797 :- Sannata chupke chupke kahta kya hai Sari duniya kiska rain basera hai,

798 :- Aasman ke dono kono ke aakhir Ek sitara tera hai ek sitara mera hai,

799 :- Anda machhli chhukar jisko paap lage Unka poora hath lahoo mein duba hai,

800 :- Ahista ahista dil par dastak do Dhire dhire dil ka darwaja khula hai,

801 :- Sari raat lihafon mein royi aankhein Sab kahte the rista nata jhutha hai.

802 :- Phool barse kahin sabnam kahi moti barse Aur is dil ki taraf barse toh pathar barse,

803 :- Barishein chhat par khuli jagah par hoti hai magar Gham woh sawan hai jo in band kamron mein barse,

804 :- Koun kahta hai ke rango ke fariste utrein Koi bhi barse magar is bar toh ghar ghar barse,

805 :- Hum jaise majbur ka gussa bhi ajib badal hai Apne hi dil se uthe apne hi dil pae barse.

806 :- Basa gayi hai mere ehsas mein yeh kaisi mahak Koi khusbu main lagaun teri khusbu aaye,

807 :- Maine khuda se din raat yeh dua maangi thi Koi aahat na ho dar par mere aur tu aaye,

808 :- Uski baton ki gul o lala par sabnam barse Sab ko apnane ka us shokh ko jaadu aaye.

809 :- Jo na hoti mohabbat ye aansu na hote,
Dil bhi na khota aaj tanha na rota,
Diwano si apni ye halat na hoti,
Agar jahan mein kambakhat,
Kaash ye mohabbat na hoti

810 :- Hum karte hai tumse pyar,
Aaj karte hai pyar ka ikraar. Jante hai tum bhi hamare liye bane ho,
Tumne jitna pyar kiya utna kisi ne kiya na tha,
Jitna tumne khabon mein sataya ,
Utna tang kisi ne kiya na tha,
Hai majburiyan tumhari hai majburiya hamhari,
Bas kehna hai aaj itna tumse,
Kabhi kam na hogi dil se mohabbat tumhari.

811 :- Koi hal na koi jawab hai Yeh sawal kaisa sawal hai,

812 :- Jise bhool jaane ka hukam hai Use bhool pana muhaal hai,

813 :- Huyi jard phoolon ki bastiya Magar usmein teri khata kahan.

814 :- Pyar ki chhanv mein do dil jo jara mil baithe Bajm mein gajle huyi sahar mein afsane chale,

815 :- Subah fir apne hi teshe se kiran futhegi Raat aayi kisi dukhan ke mahak chalein,

816 :- Ras mein dubi huyi in aankhon ki jumbish jaise May se labrej chhalkate huye paimane chale,

817 :- Aakhiri baar giribaa gale lag ja mere Fir mahkate huye rumalon ke najrane chale.

818 :- Bhigi huyi aankhon ka yeh manjar na milega Ghar chhod kar mat jaao kahin ghar na milega,

819 :- Fir yaad bahut aayegi julfon ki ghani shyam Jab dhoop mein shaya koi sar par na milega,

820 :- Aansu ko kabhi os ka katra na samjhana Aisa tumhe chahat ka samander na milega.

821 :- Tu Kisi Pe Jaan Ko Nishar Kar De Ki Dil Ko Kadmon Mein Dall De,
Koi Hoga Tera Yahan Kabhi Yeh Khyak Dil Se Nikal De,

822 :- Mere Hukmara Bhi Ajib Hain Ki Jawab Leke Woh Aaye Hain,
Mujhe Hukm Hai Ki Jawab Ka Hamein Sidha Sidha Sawal De,

823 :- Rago Mein Jam Gaya Sard Khoo Na Main Chal Saku Na Hil Saku,
Mere Gham Ki Dhoop Ko Tej Kar Mere Khoon Ko Tu Ubal De,

824 :- Woh Jo Muskara Ke Mila Kabhi Toh Yeh Fikar Jaise Mujhe Huyi,
Kahu Apne Dil Ka Jo Mudda Kahin Muskara Ke Na Taal De,

825 :- Yeh Jo Man Dinki Hai Roshani Toh Yeh Dil Hai Raat Mein Chandani,
Mujhe Khwab Utne Hi Chahiyen Jitane Jamana Khyal De.

826 :- Sari Hairat Hai Meri Sari Ada Uksi Hai,
Begunahi Hai Meri Aur Saja Uski Hai,

827 :- Mere Alfaj Mein Jo Rang Hai Woh Uska Hai,
Mere Ehsaas Mein Jo Hai Woh Fija Uski Hai,

828 :- Sher Mere Hain Magar Unmein Mohabbat Uski,
Phool Mere Hain Magar Baade Saba Uski Hai,

829 :- Ek Mohabbat Ki Yeh Tasveer Hai Do Rango Mein,
Shok Sab Mera Hai Aur Sari Haya Uski Hai,

830 :- Ek Mere Hi Shiwa Sabko Pukare Hai Koi,
Maine Pahle Hi Kaha Tha Yeh Sada Uski Hai,

831 :- Khoon Se Sinchi Hai Maine Jo Jamee Mar Mar Ke,
Woh Jamee Ek Sitamgar Ne Kaha Uski Hai,

832 :- Usne Hi Isko Ujada Hai Ise Loota Hai,
Yeh jamee uski agar hai bhi toh kya uski hai,

833 :- Hamne kya mohabbat ki us se ijajat li thi,
Dil sikan hi sahi par baat baja uski hai

834 :- Main Khud Bhi Kab Yeh Kahta Hu Ki Sabab Nahi,
Tu Sach Hai Mujhko Chhod Bhi De Toh Ajab Nahi,

835 :- Vapas Jo Chaho Jana Toh Ja Sakte Ho Magar,
Ab Itni Door Aa Gaye Hum Dekho Ab Nahi,

836 :- Dhan Ka Jaruraton Ka Jamane Ka Dosto,
Karte Toh Hum Bhi Hain Magar Itna Adab Nahi,

837 :- Mera Pyar Hai Toh Hamesha Ke Vaste,
Tera Karam Nahi Hai Ki Ab Hai Aur Ab Nahi,

838 :- Duniya Se Kya Shikayaten Logon Se Kya Gila,
Humko Hi Zindagi Se Nibhane Ka Dhang Nahi.

839 :- Yaad Use Bhi Ek Adura Afsana Toh Hoga,
Kal Raaste Mein Usne Humko Pahchana Toh Hoga,

840 :- Dar Humko Bhi Lagta Hai Raste Ke Sannate Se,
Lekin Ek Safar Par Eh Dil Ab Jana Toh Hoga,

841 :- Kuchh Baton Ke Matlab Hain Aur Kuchh Matlab Ki Baatein,
Jo Yeh Fark Samajh Lega Woh Deewana Toh Hoga,

842 :- Dil Ki Baaatein Nahi Hain Toh Dilchasp Hi Kuchh Batein Ho,
Jinda Rahna Hai Toh Dil Ko Bahlana Toh Hoga,

843 :- Jeet Ke Bhi Woh Sarminda Hai Haar Ke Bhi Hum Garvit,
Kam Se Kam Woh Dil Hi Dil Mein Yeh Mana Toh Hoga.

844 :- Main Tumhe Dhundhne Savar Ke Dawar Tak,
Roj Jata Raha Roj Aata Raha,
Tum Gajal Ban Gayi Geet Mein Dhal Gayi,
Manch Se Main Tumhe Gungunata Raha…

845 :- Zindagi Ke Sabhi Raste Ek The,
Sabki Manjil Tumhaare Chayan Tak Nahi,
Aparkaasit Rahe Peer Ke Upnishad,
Man Ki Gopan Kathayein Nayan Tak Rahi,
Pran Ke Pej Par Priti Ki Alpana,
Tum Mitaati Rahi Main Banata Raha,
Tum Gajal Ban Gayi Geet Mein Dhal Gayi,
Manch Se Main Tumhe Gungunata Raha.

846 :- Ek Khamosh Halchal Bani Zindagi,
Gahra Thahra Hua Jal Bani Zindagi,
Tum Bina Jaise Mahlon Mein Beeta Hua,
Urmila Ka Koi Pal Bani Zindagi,
Najar Aakash Mein Aas Ka Ek Diya,
Tum Bujhati Rahi Main Jalata Raha,
Tum Gajal Ban Gayi,
Geet Mein Dhal Gayi,
Manch Se Main Tumhe Gungunata Raha….

847 :- Tum Chali Toh Gayi Man Akela Hua Saari Yadon Ka Purjor Mela Hua Jab Bhi Loti Nayi Khusbuon Mein Saji Man Bhi Bela Hua Tan Mhi Bela Hua Khud Ke Aaghat Par Vayarth Ki Baat Par Ruthati Tum Rahi Main Manata Raha Tum Gajal Ban Gayi Geet Mein Dhal Gayi,
Manch Se Main Tumhe Gungunata Raha…..

848 :- Main Tumhe Dhundhne Savarg Ke Dawar Tak,
Roj Jata Raha Roj Aata Raha.

849 :- Rang,
Duniya Ne Dikhaya Hai Nirala Dekhu,
Hai Andhere Mein Ujala Toh Ujala,
Dekhu,

850 :- Aaina Rakh De Mere Saamne,
Aakhir Main Bhi,
Kaisa Lagta Hai Tera Chahne Wala,
Dekhu,

851 :- Kal Talak Woh Jo Mere Sar Ki Kasam Khata Tha,
Aaj Sar Mera Usne Kaise Uchhala,
Dekhu,

852 :- Mujhse Majhi Mera,
Kal Raat,
Saham Kar Bola,
Kis Tarah Maine Yahan Khud Ko Sambhala,
Dekhu,

853 :- Jiske Aangan Se Khule The Mere Saare Raste,
Us Hawali Par Bata Main Kaise Tala Dekhu.

854 :- Sab Tamannayein Ho Puri,
Koi Khwaish Bhi Rahe,
Chahta Woh Hai,
Mohabbat Mein Numaish Bhi Rahe,

855 :- Aasmaa Chume Mere Pankh,
Teri Rahmat Se,
Aur Kisi Ped Ki Dali Pe Rihaish Bhi Rahe,

856 :- Usne Sompa Nahi Mujhe Mere Hisse Ka Vajud,
Uski Koshish Hai Ke Mujhse Meri Ranjish Bhi Rahe,

857 :- Mujhko Maalum Hai,
Mera Hai Woh,
Main Uska Hu,
Uski Chahat Hai Ke Rashmon Ki Yeh Bandish Bhi Rahe,

858 :- Mosmon Se Rahein Vishvas Ke Aise Riste,
Kuchh Adavat Bhi Rahe,
Thodi Navajish Bhi Rahe.

859 :- Dil Toh Karta Hai Khair Karta Hai,
Aapka Jikr Gair Karta Hai,

860 :- Kyo Na Main Dil Se Du Dua Usko,
Jabki Woh Mujhse Bair Karta Hai,

861 :- Aap Toh Hubhu Wohi Hain Jo,
Mere Sapno Mein Sair Karta Hai,

862 :- Ishq Kyu Aapse Yeh Dil Mera,
Mujhse Pooche Bagair Karta Hai,

863 :- Ek jarra Duayen Maa Ki Le,
Aasmano Ki Sair Karta Hai.

864 :- Na Jaane Yeh Kaisa Hai Mola,
Dastoor E Mohabaat,
Woh Door Rahkar Bhi Dil Ke Karib Rahta Hai,
Har Koi Jaanta Hai Milenge Ismein Jakham,
Fir Bhi,
Har Koi,
Yaar Ka Diya Dard,
Hans Kar Sahta Hai.

865 :- Tere Aaghosh Mein,
Aane Ko Betab Hun Main,
Jab Chaho,
Eh Dost Pukar Lena Hamein,
Mahsoos Karna Chahta Hu,
Teri Dhadkano Ko,
Aankhon Ke Raste,
Dil Mein Utaar Lena Hamein.

866 :- Bhale Laakh Kar Lu Koshish Bhi Magar,
Dil Ki Baat Kahi Na Jaayegi Mujh Se,
Eh Mere Hamdam Na Hona Juda Kabhi,
Teri Judaayi Na Sahi Jaayegi Mujhse.

867 :- Na Jaane Kyu Us Se Pyar Karta Hun Main,
Na Jaane Kyu Uspe Jaan Nishar Karta Hu Main,
Yeh Jaanta Hu Woh Dega Dhoka Ek Din,
Fir Bhi Jaane Kyu Us Pe Aitbaar Karta Hu Main.

868 :- Unko Yeh Sikayat Hai Humse,
Ki Hum Unhe Pyar Nahi Karte,
Pyar Toh Hum Bahut Karte Hain,
Magar Kabhi Ijhaar Nahi Karte.

869 :- Aakar Aap Ab Jana Nahi,
Dil Ko Mere Tarsana Nahi,
Hum De Chuke Hain Dil Aapko,
Todkar Isko Tadpana Nahi.

870 :- In Aankhon Mein Aur Koi Ab Basta Nahi Hai,
Ek Aapko In Aankhon Mein Basaane Ke Baad,
Yeh Dil Mera Ab Kahi Aur Lagta Nahi Hai,
Ik Aap Se Is Dil Ko Lagane Ke Baad.

871 :- Yeh Soch Rakha Tha Humne Apne Jeevan Mein,
Ki,
Kisi Bhi Hansi Ko,
Na Dil Mein Basayenge Hum,
Magar Aap Se Milne Ke Baad,
Na Malun Tha,
Yu,
Ki,
Sirf Aapke Hi Hokar Rah Jaayenge Hum.

872 :- Aapko Apne Jakham Dikhana Chahta Hu Main,
Magar Kya Karun Bahut Hi Door Hain Aap,
Aapko Chahta Hu Banana Sathi Apna,
Magar Maanta Hu,
Rashmo Ke Haatho Majbur Hain Aap.

873 :- Aap Mukurate Huye Hi Achhe Lagte Ho,
Aap Hamesha Hi Aise Muskuraya Karo,
Maja Aata Hai Humein Aapko Sataane Mein,
Magar Aap Ruthkar Maan Jaya Karo.

874 :- Hum Kaise Bhulaye Unko Bhala,
Jo Dil Mein Hamare Rahte Hain,
Jab Unko Apna Samjhte Hain,
Fir Woh Kyu Begana Kahte Hain.

875 :- Haan Yeh Sach Hai Ke Hum Mohabbat Karne Se Darte Hain,
Kyunki Yeh Pyar Baad Mein Dil Ko Bahut Tadpata Hai,
Apne Chehre Ke Aansu Toh Hum Chhupa Sakte Hain Dosto,
Magar Haal E Dil Duniya Ko Maalun Ho Jata Hai.

876 :- Hamein Toh Rog Laga Diya Ishq Ka,
Magar Door Khade Woh Muskurate Hain,
Paas Aane Ke Liye Bhi Kah Diya,
Aur Khud Hi Ab Door Huye Jaate Hain.

877 :- Najron Se Najar Mili Aur Unse Pyar Ho Gaya,
Bahut Roka Apne Dil Ko Magar Yeh Bekarar Ho Gaya,
Jab Se Kiya Pyar Tujhse Dil Ka Chain Hai Kho Gaya,
Ho Ke Juda Main Ji Na Saka Jeena Bhi Bhool Gaya.

878 :- Aap Hi Ke Liye Jeete Hain Aap Hi Ke Liye Marte Hain,
Aap Hi Ho Hamare Dilbar Jinse Hum Pyar Karte Hain,
Sabse Pyara Hai Mahboob Mera Sabse Nirali Uski Ada Hai,
Na Jaane Huyi Kya Humse Khata Jo Aalkal Rahta Hai Khafa.

879 :- Aap Humko Aise Mat Dekhiye,
Kahin Humko Mohabbat Na Ho Jaaye,
Aap Toh Muskura Kar Chale Jaaoge,
Is Dil Ko Musibat Na Ho Jaaye.

880 :- Aap Kya Ho,
Mere Humrahi,
Jivan Ki Saari Khushi Ho Aap,
Humara Jivan Aapse Humdam,
Humare Liye To Bas Pyar Ho Aap,
Har Khushi Ke Rang Se,
Bhari Rahe Ye Zindgi Aapki,
Raho Sada Khush Yeh Aarzu He Humari.

881 :- Yadi Saneh Jaag Jaaye Adhikar Maan Lena,
Man Ko Uchit Lage Toh Tum Pyar Maang Lena….

882 :- Do Pal Mile Hain Tumko Yun Hi Na Beet Jaayein,
Kuchh Yun Karo Ki Dhadkan Aansu Ke Geet Gaaye,
Jo Man Ko Haraa Degaa Uski Hi Jeet Hogi,
Akshar Banenge Geeta Har Lay Mein Preet Hogi,
Bahumulya Hai Vaytha Ka Uphar Maang Lena…

883 :- Yadi Saneh Jaag Jaaye Adhikar Maang Lenaa,
Man Ko Uchit Lage Toh Tum Pyar Maang Lena.

884 :- Hum Khud Hi Chhod Denge Teri Duniya Eh Dost,
Bas Do Char Sanso Ki Aur Ijajat De Do,
Bhale Karna Nafrat Magar Kuchhh Lamhon Ke Liye,
Mohabbat Ka Bharm Toh Rahe Itni Mohabbat De Do.

885 :- Hamne Pahli Bar Apni Zindagi Mein Chaha Jisko,
Unse Hi Humne Apne Pyar Ka Izhaar Kar Diya,
Ab Woh Apne Dil Ko Bekarar Karein Ya Na Karein,
Magar Humne Toh Apne Dil Ko Bekarar Kar Diya.

886 :- Aapse Pyar Karne Ko Dil Karta Hai,
Aapko Baahon Mein Bharne Ko Dil Karta Hai,
Ek Aap Hi Toh Is Duniya Mein Jispe,
Dilo Jaan Nisaar Karne Ko Dil Karta Hai.

887 :- Ek Din Aap Hamein Hi Chahoge Dekh Lena,
Hum Khuda Se Aapko Maang Laayenge Dekh Lena,
Shayad Aapko Hamari Mohabbat Ka Ehsas Nahi Hai,
Aapse Hi Iska Izhaar Karvaayenge Dekh Lena.

888 :- Husn Ko Pyar Mein Kyu Laate Ho Tum,
Husn Ko Toh Hum Parvaah Nahi Karte,
Hum Toh Aapke Dil Se Karte Hain Pyar,
Aapke Husn Se Toh Hum Pyar Nahi Karte.

889 :- Aap Ab Aaye Ho Zindagi Mein Hamari,
Jab Hum Sabko Aajma Chuke Hain,
Aap Ab Kahte Hain Ki Pyar Karein,
Jab Hasino Se Dokha Kha Chuke Hain.

890 :- Agar Hum Na Mile Hote Unse,
To Yeh Dil Na Yun Bekarar Hota,
Na Najrein Milti Unse Kabhi,
Na Humko Un Se Pyar Hota.

891 :- Woh Humsafar Ishq Ke,
Uss Dariya Mein Chhod Gaya,
Jis Ka Koi Kinaara Nahi,
Ab Kya Bataun,
Kaise Bataayen Apna Hal E Dil,
Ab Toh Us Ishq Mein Fana Ho Gaya Hu,
Jis Mein Rooh Toh Rahi Par Dil Na Raha.

892 :- TTum Savyam Ko Sajaati Raho Raat Din,
Raat Din Main Savyam Ko Jalata Rahu,
Tum Mujhe Dekhkar Mud Ke Chalti Raho,
Main Virah Mein Madhur Geet Gata Rahun,

893 :- Main Jamaane Ki Thokar Hi Khata Rahun,
Tum Jamaane Ko Thokar Lagaati Hi Raho,
Zindagi Ke Kamal Par Girun Oss Sa,
Rosh Ki Dhoop Ban Tum Sukhaati Raho,

894 :- Kaanto Ki Sajaati Raho Raah Tum,
Main Usi Raah Par Roj Jaata Rahun,
Tum Savyam Ko Sajaati Raho Raat Din,
Raat Din Main Savyam Ko Jalata Rahu.

895 :- Jab Se Is Dil Ko Lagaya Hai,
So Bhi Toh Hum Nahi Paate Hain,
Hansana Toh Kab Ka Bhool Chuke Hain,
Aansu Bhi Toh Ab Nahi Aate Hain.

896 :- Unki Khubsurati Ki Kya Taarif Karun Eh Yaaron,
Khuda Bhi Un Jaisa Koi Aur Na Bana Paya Hoga,
Main Toh Pareshan Hun Yeh Sochkar Ki Shayad,
Na Zindagi Mein Aayega,
Na Un Jaisa Koi Aaya Hoga

897 :- Pyar Hamein Yun Hona Tha So Ho Gaya,
Dil Ko Hamare Khona Tha So Kho Gaya,
Na Tujhse Koi Ranjish Na Koi Shikwa Hai,
Gham Ko Hamara Hona Tha So Ho Gaya.

898 :- Log Aksar Puchhte Hain Tumhaare Baare Mein,
Magar Hum Apni Kahani Sunayen Kyu,
Hamari Mohabbat Ko Poojenge Tum Dekhna,
Magar Hum Apni Jubani Batayen Kyu.

899 :- Jamaana Agar Hum Rooth Bhi Jaaye Toh,
Is Baat Ka Hamein Gham Na Koi Hoga,
Magar Aap Jo Humse Khafa Ho Gaye Toh,
Hum Par Is Se Bada Sitam Na Koi Hoga.

900 :- Aankhe Aksar Woh Baatein Kah Jaati Hain,
Jo Baatein Hum Jubaa Par La Nahi Paate,

901 :- Mohabbat Ho Gayi Hai Unse Par Hum,
Unhe Yeh Hum Baat Bataa Nahi Paate,

902 :- Bolna Toh Chahta Hai Dil Baatein Bahoot,
Par Jubaa Hi Ki Bol Nahi Paate,

903 :- Karam Itna Ho Khuda,
Ki,
Oh Dil Ki Baat Aankho Se Samjh Jaate.

904 :- Jo Sararat Ki Unhone Kal Humse,
Us Ada Par Dil Nishaar Kar Baithe,
Dil Toh Chahta Tha Badla Lein Unse,
Na Jaane Kyu Unse Pyar Kar Baithe.

905 :- Zindagi Mein Bahut Kuchh Khoya Hai Humne,
Magar Ab Toh Kuchh Paane Ki Tamanna Hai Hamein,
Aap Humse Dil Lagayein Ya Na Lagayein,
Magar HumKo Aapse Dil Lagane Ki Tamanna Hai.

906 :- Kismat Kisi Ki Kisi Se Ruthe Na,
Yeh Saath Kisi Ka Bhi Kisi Se Chhute Na,
Jara Pyar Karna Soch Samajhkar,
Dekhna Dil Kahin Kisi Ka Tute Na.

907 :- Jaise Julfon Ki Lat Hai Chehre Ke Karib Tere,
Kaash Hum Bhi Aaj Tere Itne Karib Hote,
Tere Phulon Se Chehre Ko Hardam Niharte Hum,
Kaash Aisi Hoti Kismat Aise Naseeb Hote.

908 :- Is Mohabbat Ka Koi Raaz Na Jaane,
Jaane Sab Ko Kaise Hoti Hai,

909 :- Yeh Dil Toh Aapko Apna Maane,
Jaane Kaise Hota Hai,

910 :- Ehsas Tumhara Is Dil Mein Hardam Rehna,
Jaane Kaise Hota Hai,

911 :- Chup Chap Rah Kar Bhi Sab Kuch Kah Jaana,
Jaane Kaise Hota Hai,

912 :- Rooh Mein Samaa Ke Aankhon Mein Aa Jaana,
Jaane Kaise Hota Hai,

913 :- Is Mohabbat Ka Koi Raaz Na Jaane,
Jaane Kaise Hota Hai.

914 :- Bheed Mein Humko Tanha Rahna Aata Hai,
Tanhai Ko Mefil Karna Aata Hai,

915 :- Jab Na Samjhe Koi Apne Dil Ki Baat,
Aise Mein Fir Chup Bhi Rahna Aata Hai,

916 :- Taano Ke Tum Teer Chalao Fir Bhi Hamein,
Thanthak Jakhmon Par Bhi Rakhna Aata Hai,

917 :- Is Akshar Ko Chahe Koi Na Samjhe,
Pyar Ke Naam Par Humko Marna Aata Hai,

918 :- Shabnam Duniya Chahe Sataye Lakh Magar,
Humko Hak Ki Khatir Ladna Aata Hai.

919 :- Ajab Apna Haal Hota,
Jo Vishaale Yaar Hota,
Kabhi Jaan Sadke Hoti,
Kabhi Dil Nishaar Hota,

920 :- Na Maja Hai Dushmani Mein Na Lutf Hai Dosti Mein,
Koi Gair Gair Hota,
Koi Yaar Yaar Hota,

921 :- Yeh Maja Tha Dillagi Ka,
Ke Barabar Aag Lagti,
Na Tumhe Karar Hota,
Na Hamein Karar Hota,

922 :- Tere Waade Par Sitamgar,
Abhi Aur Sabr Karte,
Agar Apni Zindagi Ka Hamein,
Eitbaar Hota.

923 :- Eh Mere Khuda Tu Itna Jarur Karna,
Do Chahne Walon Ko Kabhi Bhi Na Door Karna,
Bas Woh Likhana Ki Log Mujh Ko Na Bhool Paayein,
Kisi Ko Thhes Na Pahunche Yeh Dua Kabool Karna.

924 :- Puchhkar Haal Unhone Hamara Dosto,
Zindagi Hamari Kuchh Aur Badha Di,
Hum Toh Bhatkate The Andheron Mein Yun Hi,
Unhone Humko Ek Nayi Raah Dikha Di.

925 :- Are Aap Kyun Nahi Samajhate Ho Sanam,
Dil Ka Dard Dabta Nahi Hai Dabane Se,
Aapko Mohabaat Ka Ijhaar Karna Hi Padega,
Kyunki Mohabaat Chhupti Nahi Hai Chhupane Se.

926 :- Aap Yeh Kyun Chahte Hain Ki Hum Pyar Karein,
Jabki Hum Kisi Se Pyar Karna Nahi Chahte,
Aap Kyun Mangate Hain Dil Hamara Baar Baar,
Jabki Hum Dil Bekarar Karna Nahi Chahte.

927 :- Unko Malum Nahi Hai Mohabbat Ka Matlab Shayad,
Is Mein Toh Begano Ko Bhi Apna Liya Karte Hain,
Khud Bhale Kitne Bhi Gham Pade Sahne Magar,
Doosron Ko Bas Khusi Hi Diya Karte Hain.

928 :- Woh Humko Jaan Se Bhi Pyare Hain,
Jo Hamare Dil Ke Mehman Hain,
Woh Bhi Jaante Hain Sabkucch Magar,
Jaan Bujhkar Bante Anjaan Hain.

929 :- Woh Nigaahein Jhuka Karke Tera Muskurana,
Baaton Hi Baaton Mein Hamein Deevana Banana,
Ab Aa Bhi Jaao Oh Mere Humdam,
Seekho To Jara Kabhi Wada Nibhana.

930 :- Khuda Ka Sukr Karta Main,
Ki Usne Aapko Hum Se Mila Diya,
Yeh Alag Baat Hai Eh Mere Dost,
Aapne Darde Dil Hamara Badha Diya.

931 :- Kaise Samjhaun Main Apne Nadan Dil Ko,
Yeh Galti Se Aisi Himakat Kar Baitha,
Bahut Roka Maine Isko Aisa Karne Se,
Magar Na Jaane Kyun Mohabbat Kar Baitha.

932 :- Hamari Hi Na Lag Jaaye Najar Unko,
Hum Toh Yeh Sochkar Pareshan Hote Hain,
Unka Dil Bhi Hasee Hai Unhi Ki Tarah,
Hum Toh Yeh Sochkar Hairan Hote Hain

933 :- Agar Hamari Zindagi Mein Na Aise Aap Aate,
Toh Hum Ro Rokar Zindagi Ko Yun Hi Bitaate,
Sukriya Aapka Jo Aa Gaye Ho Zindagi Mein Hamari,
Varna Hum Toh Kisi Ko Na Kabhi Apna Banate.

934 :- Yeh Bhi Na Kah Paaye,
Ki Tumse Mohabbat Karte Hain,
Tumhare Liye Hi Jeete Hain,
Tumhare Liye Hi Marte Hain,
Kitni Mohabbat Karte Hain Yeh Toh Dil Hi Jaanta Hai,
Magar Na Kahenge Kisi Se,
Ki Akele Aahein Bharte Hain.

935 :- Tamanna Hai Hum Ko Ek Aise Dost Ki,
Jo Bahut Hi Haseen Hona Chahiye,
Chehre Ki Baat Toh Karte Nahi Hain Hum,
Usko Apne Dil Par Yakin Hona Chahiye.

936 :- Chhodkar Aapko Kahan Jaayenge Hum,
Aapse Door Kahan Chain Paayenge Hum,
Dil Toh Aap Par Luta Hi Chuke Hain,
Aap Dekhna Jaan Bhi Luta Jaayenge Hum.

937 :- Bas Itna Hi Bahut Hai Hamare Liye Eh Ajij Mere,
Ki Aapki Jubaa Par Naam Hamara Aaya Toh Tha,
Aapne Bhi Ki Thi Hamse Mohabbat Eh Yaar Mere,
Mere Dil Ko Kabhi Mohabbat Mein Dhadkaya Toh Tha.

938 :- Yeh Sach Nahi Hai Eh Mere Ajij Dost,
Ki Humne Kabhi Bhi Yahan Pyar Nahi Kiya,
Pyar Toh Humne Bhi Kiya Tha Kisi Se Magar,
Yeh Sach Ahi Ki Kabhi Ijhaar Nahi Kiya.

939 :- Jab Dekhi Tumhari Muskurahat,
Mere Dil Ko Mili Rahat,
Sochte Hain,
Kya Yahi Hai Chahat,
Hay,
Yeh Kaisi Machi Hai Dil Mein Kayamat.

940 :- Apni Is Zindagi Ke Baare Mein Sochkar,
Na Jaane Kyu Mera Dil Bekarar Hone Laga,
Log Toh Darte Hain Mout Ke Paas Aane Se,
Magar Humko Ko Mout Se Pyar Hone Laga.

941 :- Main Jeeta Raha Hun Ghut Ghut Ke Yaaro,
Mujhe Ab Jeene Ki Tamanna Nahi Hai,
Yeh Jo Humne Kiya Hai Pyar Tumse,
Yeh Dil Ki Lagi Hai Dilaagi Nahi Hai.

942 :- Woh Itne Hasee Honge Eh Mere Dosto,
Dil Ko Is Baat Ka Yakee Aata Nahi,
Ab Toh Unko Paane Ki Chahat Ho Gayi,
Unke Bina Ab Kuchh Bhata Nahi.

943 :- Woh Mousam Pyar Ka Eh Mere Dost,
Na Jaane Kyu Hardam Yaad Aata Hai,
Jab Bhi Hota Hai Akela Kabhi Hum,
Na Jaane Kyu Isko Bahut Rulata Hai

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