Love You Nainital – Mohd Asad

7 जनवरी 2017 मै नैनी ताल घूमने गया नैनी ताल की खूबसूरती के बारे मे मैने बहुत सुना था और बेशक नैनी ताल बहुत खूबसूरत था, मै यूं ही एक झील के किनारे टहल रहा था शाम के पॉच बज रहे थे हल्की हल्की बारिश हो रही थी जो नैनी ताल की खूबसूरती को और बढ़ा रही थी, मैने सामने से आते हुए एक लड़की को देखा यकीनन बहुत ही खूबसूरत बारिश की कुछ बूंदे उसके गालों पर ऐसे लग रहे थे मानो चांद पे कुछ छींटे पानी के, आखों मे किसी परी जैसे मस्ती सुर्ख होंठ उस पल कोई मुझसे जन्नत का पता पूंछ लेता तो मै कह देता नैनी ताल झील के किनारे लाल छाते के नीचे

नैनी ताल को गुलाबों का शहर भी कहना चाहिए था लोगों को, क्योंकि गुलाबों का सारा रंग उसके चेहरे पे उतर आया था, एक दम मुकम्मल खूबसूरत थी वह, मै उसे  देखता ही रह गया जैसे किसी ने सहरा मे बहुत दिनो के बाद बारिश देखी हो, पास ही पड़े बेंच पर मै गहरी सांसे लेते हुए बैठ गया, वह मुझे और मै उसे ही देखे जा रहा था,

वह वही पर ठहर गई जैसे किसी का इतंजार हो उसको और वह भी शिकायत भरी नज़रों से, वह बार बार पीछे पलट कर देखे जा रही थी जैसे कोई पीछे छूट गया हो, उसके पास जाने की हिम्मत नही हो रही थी मुझे, तभी पीछे से कुछ लोग आते हुए दिखाई दिए उसके माथे की वह कशमकश दूर होते दिखाई दी मुझे, वह लोग उसके पास आए तो उसने कहा कहां रह गए थे आप लोग, और वह उनके पीछे पीछे चलने लगी मै उसका नाम पूछना चाहता था उससे बातें करना चाहता था

मगर वह जाने लगी थी मै भी उससे कुछ फासला बना कर चलने लगा, उसने कई बार पलट कर देखा मुझे, मै जानना चाहता था कहां जा रही है वह, कहां रहती है वह पहली नज़र का प्यार नही था शायद क्या पता क्या था पर अजीब सी उलझन थी धड़कने तेज हो गई थी, और चलते चलते वह लोग एक भीड़ भरी मार्केट मे पहुच गए वहां पर काफी भीड़ थी इतनी भीड़ थी कि मै उसे देख नही पा रहा था,

वह लोग अचानक पता नही कहां गायब हो गए मुझे मिल ही नही रहे थे, मैने बहुत ढूढां पूरे चार घंटे तक जब तक की सब लोग चले नही गए, उसके बाद मै जब तक नैनी ताल मे था मै शाम को पॉच बजे वहां जरूर जाता था मगर वह दुबारा नही दिखी, शायद कोई हूर रही होगी जो जन्नत मे ही मिले गर मै जाऊं तो, उसके बाद मै पिछले साल भी नैनी ताल गया था

सात जनवरी को ठीक उसी जगह उसी वक्त मैने उसका घंटो इतंजार किया था, जबकि मुझे पता वह नही आएगी, और इस साल भी जबकि आज सात जनवरी मै ठीक उसी जगह बैठा जहां पहली और आखिरी बार उसे देखा था, वह नही आने वाली मुझे पता है  पर मुझे उसका इतंजार कहना है हमेशा, जब तक की मै हूं, बहुत खूबसूरत यादें बनाई है मैने बस उसे ही जीने आ जाता हूं यहां नैनी ताल की फिजा़ओं मे

लव यू नैनी ताल

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