Maa Baap Status

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दोस्तों आज हम आपसे बेहद खूबसूरत और दिल को छू जाने वाले कलेक्शन के साथ Maa Baap Status शेयर करने जा रहे हैं, जो की आपको बेहद पसंद भी आएगी।

दोस्तों आप सभी ने भी अपने जीवन में कभी ना कभी ये बात जरूर सुनी होगी की भगवान हर किसी के साथ नहीं रह सकता हैं, इसलिए भगवान ने इंसान का ख्याल रखने के लिए माता-पिता को बनाया हैं। हमारे वेद, शास्त्र और ग्रंथों में भी माता पिता को भगवान का रूप बताया गया हैं। माता-पिता का हर इंसान के जीवन में सबसे बड़ा योगदान होता हैं। पिता के धैर्य एवं माँ की ममता की तुलना संसार का कोई भी प्राणी नही कर सकता। माता-पिता ही ऐसे शख्स हैं जो हमारे जीवन की हर छोटी – बड़ी जरूरतों का ध्यान रखने वाले और खूबसूरत इंसान होते हैं। हमारे जीवन में माता-पिता की भूमिका हमेशा अलग होती हैं और जीवन में शामिल दूसरे लोगों से अनमोल होते हैं। आप इस दुनिया में जितने भी सफल व्यक्तियों को देखेंगे तो उनकी सफलता में उनके माता-पिता का अहम किरदार होता हैं। वे अपने माता-पिता से प्रेरणा पाकर और उनके आदर्शों पर चलकर ही अपने जीवन में कामयाबी को छूते हैं। दोस्तों बहुत दुःख की बात हैं की आजकल बहुत से लोग भगवान स्वरूप अपने माँ बाप की इज्जत नहीं करते और उनका वृद्धावस्था में ध्यान नहीं रखते, जो व्यक्ति अपने वृद्ध माँ बाप की देखभाल नही करता, उनकी सेवा नही करता तथा अपने जीवन में सफलता या मोक्ष की प्राप्ति के लिए चारों धाम की यात्रा पर जाता हैं, वो सब निष्फल हैं।

Maa Baap Status | I Love My Parents Quotes in Hindi

मेरी दुनिया में इतनी जो शौहरत हैं,
मेरी माता पिता की बदौलत हैं।


जिस के होने से मैं खुदको मुक्कम्मल मानता हूँ,
मेरे रब के बाद मैं बस अपने माँ-बाप को जानता हूँ।


माँ बाप का दिल जीत लो कामयाब हो जाओगे,
वरना सारी दुनिया जीत कर भी हार जाओगे।


चाहे लाख करो तुम पूजा और तीर्थ करो हजार,
अगर माँ बाप को ठुकराया तो सब ही हैं बेकार।


माता पिता के बिना दुनिया की हर चीज कोरी हैं,
दुनिया का सबसे सुंदर संगीत माँ की लोरी हैं।


जीवन में दो बार ही माँ बाप रोते हैं,
जब बेटी घर छोड़े, तथा बेटा मुह मोड़े।


घर की इस बार मुकमल में तलाशी लूँगा,
गम छुपा कर मेरे माँ-बाप कहाँ रखते थे।


ना ज़रूरत उसे पूजा और पाठ की,
जिसने सेवा करी अपनी माँ-बाप की।


घेर लेने को मुझे जब भी बलाएँ आ गईं,
ढाल बन कर सामने माँ-बाप की दुआएँ आ गईं।


टुकड़ों में बिखरा हुआ किसी का जिगर दिखाएँगे,
कभी आना भूखे सोए बच्चों के माँ बाप से मिलाएँगे।


घर आके माँ-बाप बहुत रोये अकेले में,
मिट्टी के खिलौने भी सस्ते ना थे मेले में।


माँ बाप का हाथ पकड़कर रखिये,
लोगो के पांव पकड़ने की जरूरत नही पड़ेगी।


जिस घर में ‎माँ-बाप की कदर नहीं होती,
उस घर में कभी बरकत नहीं होती।


माँ-बाप के लिए क्या ‪शेर लिखूं,
माँ-बाप ने ‪मुझे खुद शेर बनाया हैं।


इज़्ज़त भी मिलगी दौलत भी मिलगी,
सेवा करो माँ बाप की, जन्नत भी मिलेगी।


माँ की ममता और पिता की क्षमता का
अंदाजा लगाना भी संभव नही हैं।


याद रखना –
माँ बाप उमर से नहीं, फिकर से बूड़े होते हैं, कड़वा हैं मगर सच हैं।


हर इंसान अपनी चाहत को चाहता हैं,
पत्नी को प्यार करता हैं, लेकिन माँ-बाप को पूजता हैं।


मेरे बच्चे तुझे और क्या चाहिए,
बूढ़े माँ बाप ने तुझको अपनी जवानी दी हैं।


औलाद को इंसान बनाने की फिक्र में,
माँ बाप को मरने की भी फुर्सत नहीं मिली।


वो माता-पिता ही हैं, जिनसे आपने मुस्कुराना सीखा।


किसी का दिल तोड़ना आज तक नही आया मुझे,
प्यार करना जो अपने ‪माता-पिता से सीखा हैं मैंने।


कोई कहता है अच्छे कर्म करोगे तो मरने के बाद स्वर्ग मिलेगा,
मैं कहता हूँ, माँ बाप की सेवा करोगे तो जीते जी स्वर्ग मिलेगा।


इस दुनिया में बिना स्वार्थ के सिर्फ माता पिता ही प्यार कर सकते हैं।


माँ और पिता ऐसे होते हैं, जिनके होने का एहसास कभी नहीं होता
लेकिन ना होने का एहसास बहुत होता हैं।


इस दुनिया में बिना स्वार्थ के सिर्फ माता पिता ही प्यार कर सकते हैं।


आकाश के देवताओं की पूजा करने से पूर्व अपने माता-पिता की पूजा करो।


बंद किस्मत के लिये कोई ताली नही होती, सुखी उम्मीदों की कोई डाली नही होती।
जो झुक जाए माँ – बाप के चरणों में, उसकी झोली कभी खाली नही होती।


जिस दिन तुम्हारे कारण माँ बाप की आँखों में आँसू आते हैं,
याद रखना उस दिन तुम्हारा किया सारा धर्म कर्म आँसुओ में बह जाते हैं।


जब भी अपनी ताकत पर गुरुर हो, एक फेरा वृद्धा आश्रम का लगा लेना,
और जब भी आपका सिर श्रद्धा से झुका हो, अपने माता पिता के पैर जरूर दबा देना।


पता नहीं कैसे पत्थर की मूर्ति के लिए जगह बना लेते हैं घर मैं वो लोग,
जिनके घर में माता-पिता के लिए कोई स्थान नहीं होता हैं।


जिन मूर्तियों को इंसान बनाते हैं, हम उनकी तो पूजा करते हैं,
पर जिन्होंने हमें बनाया है हम उन माता-पिता की पूजा क्यूँ नहीं करते।


मुझे इतनी “फुर्सत” कहाँ कि मैं तकदीर का लिखा देखुँ,
बस अपनी माँ-पिता की ”मुस्कुराहट” देख कर समझ जाता हुँ की “मेरी तकदीर” बुलँद हैं।


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