Motivational Shayari in Hindi | प्रेरक शायरी

1. कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट कर चलिए,
भीड़ साहस तो देती है लेकिन पहचान छीन लेती है!


२. एक मिनट में ज़िन्दगी नहीं बदलती,
पर एक मिनट में लिया गया फैसला पूरी ज़िन्दगी बदल देता है!


३. वो खुद ही नाप लेते हैं बुलंदी अआस्मानों की,
परिंदों को नहीं तालीम दी जाती उड़ानों की…
महकना और महकाना तो सिर्फ काम है खुशबु का,
खुशबु नहीं मोहताज होती कद्रदानों की!

 

४. किताबों की अहमियत अपनी जगह जनाब,
सबक वही याद रहता है जो वक़्त और लोग सिखाते हैं!


5. ना हारेंगे हम होंसला, इस बात की तसल्ली रखिये!
यूँ ही मिट जाना होता तो कब के मिट गए होते!!


6. गुज़ारना पड़ता है ज़िन्दगी को कई मानसूनों से!
एक बारिश से ज़मी की तपिश नहीं जाती!!


7. ना जाने कैसे परखता है मुझे मेरा खुदा,
इम्तिहान भी सख्त लेता है और मुझे हरने भी नहीं देता!!


8. कहते हैं की छोड़ने वाले छोड़ जाते हैं मुकाम कोई भी हो,
लेकिन निभाने वाले निभा जाते हैं, चाहे हालत कैसे भी हो!!


9. दौलत का हिसाब हमसे न पूछिए जनाब,
गलती से भी किसी का दिल न दुखे बस यही कमाया है हमनें!


10. परेशान तो वो है जिसे सारे जहाँ की दौलत चाहिए,
ए-खुदा हम तो तेरी दी हुई ज़िंदगी से बेहद खुश है!!


11. बड़ों को नमस्ते छोटों को प्यार,
छोटी सी ज़िन्दगी है, एन्जॉय करो यार!!


12. बदल जाओ वक्त के साथ,
या फिर वक्त बदलना सीखो!
मजबूरियों को मत भूलना,
हर हाल में चलना सीखो!!


13. तीर तानें हुए हूँ दर्पण पर,
में शिकारी भी हूँ और निशाना भी!!


14. हमारी आरजूओं ने हमें इंसान बना डाला​..
​वरना जब जहां में आये थे बन्दे ​​​थे खुदा के​!!


15.कुछ देर रुकने के बाद,
फिर से चल पड़ना !
हर ठोकर के बाद,
संभलने में वक्त लगता है !!

बिखरेगी फिर वही चमक,
तेरे वजूद से तू महसूस करना !!
टूटे हुए मन को,
संवरने में थोड़ा वक्त लगता है !!

जो तूने कहा,
कर दिखायेगा समय रख यकीन !!
गरजे जब बादल,
तो बरसने में वक्त लगता है !!


16. एक परिंदा रोज़ खटखटाने आता है
दरवाजा मेरे घर का,
जरूर लकड़ी उसी पेड़ की है…
जहां कभी आशियाना था उसका!!


17. हजारों उलझाने हैं राहों में,
और कोशिशें बेहिसाब!
इसी का नाम है ज़िन्दगी,
बस चलते रहिये जनाब!!


18. दिल में उतर जाने की आदत है मेरी,
सबसे अलग पहचान बनाने की आदत है मेरी!
जितना ज्यादा जख्म देता है कोई मुझे,
उतना ही मीठा मुस्कुराने की आदत है मेरी!!


19.छोडिये शिकायत और शुक्रिया अदा कीजिए,
जितना है पास पहले उसका मज़ा लीजिए!!


20. सुन्दर सुर सजाने को साज बनाता हूँ ।
नौसिखिये परिंदों को बाज बनाता हूँ ।।
चुपचाप सुनता हूँ शिकायतें सबकी ।
तब दुनिया बदलने की आवाज बनाता हूँ ।।

समंदर तो परखता है हौंसले कश्तियों के ।
और मैं डूबती कश्तियों को जहाज बनाता हूँ ।।
बनाए चाहे चांद पे कोई बुर्ज ए खलीफा ।
अरे मैं तो कच्ची ईंटों से ही ताज बनाता हूँ ।।


21. हिसाब रखते जाइये सुनहरे पलो का ,
वक़्त का क्या है कब बुरा हो जाये ||


22.काश फिर मिलने की वजह मिल जाए,
साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए!
चलो अपनी अपनी आंखें बंद करते हैं,
क्या पता ख्वाब में गुजरा हुआ कल मिल जाए!!


23. गलतियाँ भी होगी और गलत समझा भी जाएगा,
ये ज़िन्दगी है साहब.. यहाँ तारीफें भी होंगी और कोसा भी जाएगा!!


24. मुस्कुराती इसलिए नहीं कि खुशियां ज़िंदगी में ज़्यादा हैं,,
मुस्कुराहट इसलिए हैं…ज़िन्दगी से न हारने का वादा हैं!!


25. “हिम्मत”

एक सवाल था मेरा जिसका एक भी नहीं जवाब।
हां देखा था मैने एक टूटा हुआ सा ख्वाब।।
 
रात अंधेरी मानो ना होने को रहे सवेरा।
मुश्किल जैसे खड़ी राह मे डाले अपना डेरा।।
 
तभी आवाज़ कहीं से थोड़ी कानों में पड़ी सुनाई।
जैसे बोल रहा हो कोई मंज़िल पास है आई।।
 
हिम्मत भीतर मन में कहती पूरा करूं वो ख्वाब।
जिसका पास नहीं था मेरे कल तक कोई जवाब।।
 
ए हिम्मत तू साथ हमेशा रहे इसी हिम्मत से।
कर पाऊं मैं ख्वाब जो पूरे हिम्मत जुड़ी तुझी से।।
 
लेखिका:- रेनू गंभीर

 

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