Nafrat ko mohabbat ki aankhon mein dekha

नफरत को मोहब्बत की आँखों में देखा,
बेरुखी को उनकी अदाओं में देखा,
आँखें नम हुईं और मैं रो पड़ा
जब अपनों को गैरों की बाहों में देखा।

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