2 Lines Shayari – दिल मे घर..

2 Lines Shayari – दिल मे घर..

बड़े शौक से बनाया तुमने मेरे दिल मे अपना घर,
जब रहने की बारी आई तो तुमने ठिकाना बदल दिया|

जो बात निकलती है दिल से कुछ उसका असर होता है,
कहने वाला तो रोता है सुनने वाला भी रोता है|

सुनो तुम दिल दुखाया करो इजाजत है,
बस कभी भूलने की बात मत करना|

कागज़ों पे लिख कर ज़ाया कर दूं मै वो शख़्स नही,
वो शायर हुँ जिसे दिलों पे लिखने का हुनर आता है|

ऐ दिल थोड़ी सी हिम्मत कर ना यार,
चल दोनों मिल कर उसे भूल जाते है।

आज किसी की दुआ की कमी है, तभी तो हमारी आँखों में नमी है,
कोई तो है जो भूल गया हमें, पर हमारे दिल में उसकी जगह वही है|

मोहब्बत नही थी तो एक बार समझाया तो होता,
बेचारा दिल तुम्हारी खामोशी को इश्क़ समझ बैठा|

वफ़ा के वादे वो सारे भुला गयी चुप चाप,
वो मेरे दिल की दीवारें हिला गयी चुप चाप।

दिल मे खुशी हो तो.. छलक जाती हैं,
मुस्कुराहटें.. वजह की मोहताज नही होती!

मेरे अन्दर कुछ टूटा है,
बस दुआ करो वो दिल ना हो…!!!!!

अजीब रंगो में गुजरी है मेरी जिंदगी,
दिलों पर राज़ किया पर मोहब्बत को तरस गए।

दिल टूटने पर भी जो शख्स आपसे शिकायत तक न कर सके,
उस शख्स से ज्यादा मोहब्बत आपको कोई और नही कर सकता|

थोडा अकड के चलना सीख लो दोस्तों,
मौम जैसा दिल लेके फिरोगे… तो लोग जलाते रहेंगे और पिघलाते ही रहेंगें!

काश दिल की आवाज़ में इतना असर हो जाए,
हम याद करें उनको और उन्हें ख़बर हो जाए!…

Read More

2 Lines Shayari – टुटा हुआ दिल…

2 Lines Shayari – टुटा हुआ दिल…

अकसर भुल जाती हूँ मैं तुम्हें शाम की चाय में चीनी की तरह,
फिर जिंदगी का फीकापन तुम्हारी कमी का एहसास दिला देता है!

छोटा है मुहब्बत लफ्ज, मगर तासीर इसकी प्यारी है,
इसे दिल से करोगे तुम, तो ये सारी दुनियाँ तुम्हारी है|

उसने पुछा जिंदगी किसने बरबाद की,
हमने ऊँगली उठाई और अपने ही दिल पर रख ली|

महफ़िल भले ही प्यार वालों की हो,
उसमे रौनक तो दिल टुटा हुआ शराबीही लाता हैं|

रूकता भी नहीं ठीक से चलता भी नही,
यह दिल है के तेरे बाद सँभलता ही नही|

मेरी आँखों में मत ढूंढा करो खुद को,
पता है ना.. दिल में रहते हो खुदा की तरह।

नाराज क्यों होते हो चले जायेंगे तुम्हारी जिन्दगी से बहुत दूर,
जरा टूटे हुए दिल के टुकङे तो उठा लेने दो|

इश्क है या इबादत.. अब कुछ समझ नहीं आता,
एक खुबसूरत ख्याल हो तुम जो दिल से नहीं जाता|

किसकी खातिर अब तु धड़कता है ऐ दिल,
अब तो कर आराम, कहानी खत्म हुई|

ना किया कर अपने दर्द को शायरी में ब्यान ये नादान दिल,
कुछ लोग टुट जाते हैं इसे अपनी दास्तान समझकर|

मेरे दिल की उम्मीदों का हौसला तो देखो,
इंतज़ार उसका है जिसे मेरा एहसास तक नहीं|

तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है,
आखरी सास तक तेरा इंतजार करू|

अंदाज़ बदलने लगते हैं होठों पे शरारत होती,
है, नजरों से पता चल जाता है जिस दिल में मोहब्बत होती है|

क्या कशिश थी उस की आँखों में.. मत पूछो,
मुझ से मेरा दिल लड़ पड़ा मुझे यही चाहिये|

तुम्हारा क्या बिगाड़, था जो तुमने तोड़ डाला है,
ये टुकडे मैं नही लूँगा मुझे तुम दिल बना कर दो!…

Read More

2 Lines Shayari – दिल चाहता है…

2 Lines Shayari – दिल चाहता है…

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता..
गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..

हम तो बिछडे थे तुमको अपना अहसास दिलाने के लिए,
मगर तुमने तो मेरे बिना जीना ही सिख लिया।

हम ना बदलेंगे वक्त की रफ़्तार के साथ, हम जब भी मिलेंगे अंदाज पुराना होगा,
नजर चाहती है दीदार करना दिल चाहता है प्यार करना|

हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ,
शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये..

एक सफ़र ऐसा भी होता है दोस्तों,
जिसमें पैर नहीं दिल थक जाता है…!!

तेरा ख़याल दिल से मिटाया नहीं अभी,
बेदर्द मैं ने तुझ को भुलाया नहीं अभी|

आज मैंने दिल को थोड़ा साफ़ किया,
कुछ को भूला दिया, कुछ को माफ़ किया!!

ताला लगा दिया दिल को.. अब तेरे बिन किसी का अरमान नहीं..
बंद होकर फिर खुल जाए, ये कोई दुकान नहीं।

फिर तेरी याद, फिर तेरी तलव,
फिर तेरी बातें, ऐसे लगता है ऐ दिल तुझे मेरा सकून नही आता..!!

अपनी जिंदगी अजीब रंग में गुजरी है,
राज किया दिलों पे और तरसे मोहब्बत को|

अभी तक मौजूद हैं इस दिल पे तेरे क़दमों के निशान,
हमने तेरे बाद किसी को इस राह से गुजरने नहीं दिया|

सज़ा मिली है इसे, इसकी वफाओं के लिये,
दिल वो मुज़रिम है के, जिस पर कोई इल्ज़ाम नहीं!

तुझको लेकर मेरा ‪ख्याल‬ नहीं ‪बदलेगा‬,
‪साल‬ बदलेगा, मगर ‪दिल‬ का ‪हाल‬ नहीं बदलेगा|

अरे पगली किराए का घर समझकर ही मेरे दिल मेँ बस जाओ,
मैँ समझूँगा कि मेरे दिल का मकान मालिक रहने आया है|

सोजा दिल आज धुँध बहुत है तेरे शहर में,
अपने दिखते नही, और जो दिखते है वो अपने नही है|…

Read More

2 Lines Shayari – मेरे दिल…

2 Lines Shayari – मेरे दिल…

खामोशियाँ – बहुत कुछ कहती हैं,
कान नही दिल लगा कर सुनना पड़ता है..

खुद भी रोता है, मुझे भी रुला के जाता है,
ये बारिश का मौसम, उसकी याद दिला के जाता हैं।

हम भी बडे रहीश थे दिल कि दौलत लूटा बैठे,
किस्मत एेसी पलटी ईश्क के धधे मे आ बैठे|

तुम्हारी याद ऐसे महफूज़ है मेरे दिल मे,
जैसे किसी गरीब ने रकम रक्खी हो तिजोरी में.!!

भूल कर भी अपने दिल की बात किसी से मत कहना,
यहाँ कागज भी जरा सी देर में अखबार बन जाता है!

रंज़िश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ,
आ फिरसे मुझे छोड़के जानेके लिए आ|

नाराज़गी तो यहा हर किसी में भरी है,
मेरे दिल को ही देख लो अपना होकर भी नाराज है।

तुझे रख लिया इन यादों ने..फूल सा किताब में,
इस दिल में तुम रहेगे सदा..और महकोगे इन साँसों में…।।

तजुर्बा कहता है मोहब्बत से किनारा कर लूँ,
और दिल कहता हैं की ये तज़ुर्बा दोबारा कर लू|

एम्बुलेंस सा हो गया है ये जिस्म,
सारा दिन घायल दिल को लिये फिरता है।

रोती है आँख जलता है ये दिल जब,
अपने घर के फेंके दिये से आँगन पराया जगमगाता है.

दिल के किसी कोने में अब कोई जगह नहीं ऐ सनम,
कि तस्वीर हमने हर तरफ तेरी ही लगा रखी है|

सुकून ऐ दिल के लिए कभी हाल तो पूँछ ही लिया करो,
मालूम तो हमें भी है कि हम आपके कुछ नहीं लगते…!

ये झूठ है… के मुहब्बत किसी का दिल तोड़ती है,
लोग खुद ही टुट जाते है, मुहब्बत करते-करत|

दिलों में खोट है ज़ुबां से प्यार करते हैं,
बहुत से लोग दुनिया में यही व्यापार करते हैं।…

Read More

2 Lines Shayari – दिलों में…

2 Lines Shayari – दिलों में…

बहुत देता है तू उसकी गवाहियाँ और उसकी सफाईयाँ,
समझ नहीं आता तू मेरा दिल है या उसका वकील|

मुहब्बत नहीं है नाम सिर्फ पा लेने का,
बिछड़ के भी अक्सर दिल धड़कते हैं साथ-साथ|

रिश्ता दिल से होना चाहिए, शब्दों से नहीं,
नाराजगी शब्दों में होनी चाहिए, दिल में नहीं|

कौन कहता है संवरने से बढ़ती है खूबसूरती,
दिलों में चाहत हो तो चेहरे यूँ ही निखर आते है|

पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता हैं,
पलको को छूते ही सीधा दिल पे असर होता हैं।

दुनिया के रैन बसेरे में पता नहीं कितने तक रहना है,
जीत लो लोगों के दिलों को बस यही जीवन का गहना है|

जी करता है चला जाऊं, हसीनों की महफिल में,
पर क्या करूं ये मेरे दोस्तो, उतना दम ही नहीं है दिल में।।

कुछ इस तरह खूबसूरत रिश्ते टूट जाया करते हैं,
जब दिल भर जाता है.. तो लोग अक्सर रूठ जाया करते हैं|

ऐ दिल चल छोड अब ये पहरे,
ये दुनिया है झूठी यहाँ लोग हैं लुटेरे|

शायद कुछ दिन और लगेंगे, ज़ख़्मे-दिल के भरने में,
जो अक्सर याद आते थे वो कभी-कभी याद आते हैं।

दिल मजबूर हो रहा है तुम से बात करने को,
बस जिद ये है कि बात की शुरुआत तुम करो|

नाजुक मिजाज हूँ कुछ, कुछ दिल से भी हूँ परेशाँ,
पायल पहन के पांव में मै छमछम से डर गई|

कुछ दूर हमारे साथ चलो, हम दिल की कहानी कह देंगे,
समझे ना जिसे तुम आखो से, वो बात जुबानी कह देंगे ।

जो दिल को अच्छा लगता है उसी को दोस्त कहता हूँ,
मुनाफ़ा देखकर रिश्तों की सियासत नहीं करता ।।।

ये जो हालात हैं एक रोज सुधर जायेंगे,
पर कई लोग मेरे दिल से उतर जायेंगे..…

Read More

2 Lines Shayari – ऐ दिल…

2 Lines Shayari – ऐ दिल…

नज़रों से दूर सही दिल के बहुत पास है तू,
बिखरी हुई इस ज़िन्दगी में मेरे जीने की आस है तू|

बड़े शौक से बनाया तुमने मेरे दिल मे अपना घर,
जब रहने की बारी आई तो तुमने ठिकाना बदल दिया।

तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है,
आखरी सास तक तेरा इंतजार करू!

जिस्म उसका भी मिट्टी का है मेरी तरह,
ए खुदा “फिर क्यू सिर्फ मेरा ही दिल तडफता है उस के लिये|

ख़ामोशी बहुत कुछ कहती हे,
कान लगाकर नहीं, दिल लगाकर सुनो|

तेरी गली में आकर के खो गये हैं दोंनो,
मैं दिल को ढ़ूँढ़ता हुँ दिल तुमको ढ़ूँढ़ता है|

निकली थी बिना नकाब आज वो घर से,
मौसम का दिल मचला लोगोँ ने भूकम्प कह दिया|

जिन्दगी की राहों में मुस्कराते रहो हमेशा,
उदास दिलों को हमदर्द तो मिलते हैं, हमसफ़र नहीं|

तुम दूर हो या पास फर्क किसे पड़ता है,
तू जँहा भी रहे तेरा दिल तो यँही रहता है|

तेरे बाद हमने इस दिलका दरवाज़ा खोला ही नही,
“वरना” बहुत से चाँद आये इस घर को सजाने के लिए|

नज़र चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है प्यार करना,
क्या बताएं इस दिलका आलम, नसीब मैं लिखा है इंतज़ार करना|

सुकून ऐ दिल के लिए कभी हाल तो पूँछ ही लिया करो,
मालूम तो हमें भी है कि हम आपके कुछ नहीं लगते|

दिल से पूछो तो आज भी तुम मेरे ही हो,
ये ओर बात है कि किस्मत दग़ा कर गयी।

इश्क का धंधा ही बंद कर दिया साहेब,
मुनाफे में जेब जले.. और घाटे में दिल|

फितरत, सोच और हालात में फर्क है,
वरना ,इन्सान कैसा भी हो दिल का बुरा नही होता|…

Read More

2 Lines Shayari – जिन्दगी का किस्सा अजीब…

2 Lines Shayari – जिन्दगी का किस्सा अजीब…

तेरा नजरिया मेरे नजरिये से अलग था,
शायद तूने वक्त गुजारना था और हमे सारी जिन्दगी|

अजीब किस्सा है जिन्दगी का,
अजनबी हाल पूछ रहे हैं और अपनो को खबर तक नहीं|

तेरा नज़रिया मेरे नज़रिये से अलग था,
शायद तुझे वक्त गुज़ारना था और मुझे जिन्दगी!

कुछ तो है जो बदल गया जिन्दगी में मेरी,
अब आइने में चेहरा मेरा हँसता हुआ नज़र नहीं आता|

माना के सब कुछ पा लुँगा मै अपनी जिन्दगी मै,
मगर वो तेरे मैहदी लगे हाथ मेरे ना हो सकेंगे|

ना छेड़ किस्सा वोह उल्फत का बड़ी लम्बी कहानी है,
मैं जिन्दगी से नहीं हारा किसी अपने की मेहरबानी है|

उसने चुपके से मेरी आँखों पर हाथ रखकर पूछा…बताओ कौन?
मैं मुस्कराकर धीरे से बोला… “मेरी जिन्दगी”|

एक ही समानता है…पतंग औऱ जिन्दगी में,
ऊँचाई में हो तब तक ही ‘वाह – वाह’ होती है।

सिखा दी बेरुखी भी ज़ालिम ज़माने ने तुम्हें,
कि तुम जो सीख लेते हो हम पर आज़माते हो।

तकलीफें तो हज़ारों हैं इस ज़माने में,
बस कोई अपना नज़र अंदाज़ करे तो बर्दाश्त नहीं होता!!

ख्वाहिश-ए-ज़िंदगी बस इतनी सी है अब मेरी,
कि साथ तेरा हो और ज़िंदगी कभी खत्म न हो।

बचपन में तो शामें भी हुआ करती थी,
अब तो बस सुबह के बाद रात हो जाती है!

ऊपर वाले ने कितने लोगो की तक़दीर सवारी है,
काश वो एक बार मुझे भी कह दे के आज तेरी बारी है|

मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग,
‪‎पर‬ किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे|

किनारों से मुझे ऐ नाख़ुदा दूर ही रखना,
वहाँ ले कर चलो, तूफ़ान जहां से उठने वाला हैं।…

Read More

2 Lines Shayari – टूटे हुए पत्ते…

2 Lines Shayari – टूटे हुए पत्ते…

मेरे टूटने की वजह मेरे जौहरी से पूछो,
उसकी ख्वाहिश थी कि मुझे थोड़ा और तराशा जाय|

जब कभी टूट कर बिखरो तो बताना हमको,
हम तुम्हें रेत के जर्रों से भी चुन सकते हैं|

उन लोगों की उम्मीदों को कभी टूटने ना दे,
जिनकी आखरी उम्मीद सिर्फ आप ही है!!

वो कहते हैं हम जी लेंगे खुशी से तुम्हारे बिना,
हमें डर है वो टूटकर बिखर जायेंगे हमारे बिना।

अब लोग पूछते हैं हमसे, तुम कुछ बदल गए हो,
बताओ टूटे हुए पत्ते अब, रंग भी न बदलें क्या..!!

पतझड आती है तो पते टूट जाते है,
नया साथ मिल जाए तो पुराने छूट ही जाते है|

मै नासमझ ही सहीं मगर वो तारा हूं,
जो तेरी एक ख्वाहिश के लिये..सौ बार टूट जाऊं|

बुरे हे हम तभी तो जी रहे हे,
अच्छे होते तो दुनिया जीने नही देती|

तुम आए थे, पता लगा, सुन कर अच्छा भी लगा,
पर गैरों से पता चला, बेहद बुरा लगा!

जिसको तलब हो हमारी, वो लगाये बोली,
सौदा बुरा नहीं… बस “हालात” बुरे है!

ताकत की जरूरत तब होतीं हैं जब कुछ बुरा करना हों,
वरना दुनियाँ में सब कुछ पाने के लिए प्यार ही काफ़ी हैं|

तोड़ दो ना वो कसम जो खाई है,
कभी कभी याद कर लेने में क्या बुराई है|

ग़ैरों को भला समझे और मुझ को बुरा जाना,
समझे भी तो क्या समझे जाना भी तो क्या जाना।

जो मेरे बुरे वक्त में मेरे साथ है,
मे उन्हें वादा करती हूँ मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिए होगा|

दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर,
जब मासूमियत से वो कहती है मैंने क्या किया है|…

Read More

2 Lines Shayari – आज का जमाना…

2 Lines Shayari – आज का जमाना…

यू तो अल्फाज नही हैं आज मेरे पास मेहफिल में सुनाने को,
खैर कोई बात नही, जख्मों को ही कुरेद देता हूँ।

बहुत कुछ खरीदकर भी.. बहुत कुछ बचा लेता था,
आज के जमाने से तो, वो बचपन का जमाना अच्छा था!!

जिसकी वजह से मेंने छोड़ी अपनी साँस,
आज वो ही आके पूछती हे किसकी हे ये लाश।

आज जिस्म मे जान है तो देखते नही हैं लोग,
जब ‘रूह’निकल जाएगी तो कफन हटाहटा कर देखेंगे लोग|

बड़े अजीब से हो गए रिश्ते आजकल,
सब फुरसत में हैं पर वक़्त किसी के पास नही|

ज़िन्दगी जोकर सी निकली,
कोई अपना भी नहीं.. कोई पराया भी नहीं|

कभी जो मुझे हक मिला अपनी तकदीर लिखने का,
कसम खुदा की तेरा नाम लिखुंगी और कलम तोड दुंगी|

तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया,
ख़ुश हूँ कि कुछ न कुछ तो मेरे पास रह गया|

यू तो खुश है, जमाना मेरी शोहरत से,
मगर कुछ लोग हैं, जिनका दम निकलता हैं|

लफ़्ज़ों से बना इंसाँ लफ़्ज़ों ही में रहता है,
लफ़्ज़ों से सँवरता है लफ़्ज़ों से बिगड़ता है|

यू तो खुश है, जमाना मेरी शोहरत से,
मगर कुछ लोग हैं, जिनका दम निकलता हैं|

दीवानगी मे कुछ एसा कर जाएंगे,
महोब्बत की सारी हदे पार कर जाएंगे।

एक सिगरेट सी मिली तू मुझे,
ए आशिकी कश एक पल का लगाया था लत उम्र भर की लग गयी।

वो जब पास मेरे होगी तो शायद कयामत होगी,
अभी तो उसकी तस्वीर ने ही तवाही मचा रखी है|

तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है,
पूरी उसकी होती है जो तकदीर लेकर आता है|…

Read More