Rajputana Poetry Hindi About Great Rajputana Glory.

Read Rajputana poem is dedicated to those heroes who laid down their lives for the glory of Rajputana. and those rajput women who did johar for glory of rajputana.

जलती रही जौहर मे नारियां, भेड़िये फिर भी मौन थे |
हमे पढ़ाया अकबर महान, तो फिर ‘महाराणा’ कौन थे?

क्या वो नहीं महान हो बड़ी बड़ी ,सेनाओ पर चढ़ जाता था |
या फिर वो महान था जो सपने मे, प्रताप को देख कर दर जाता था |

रणभूमि मे जिनके हौसले, दुश्मनों पर भारी पड़ते थे |
ये वो भूमि है जहां पर नरमुण्ड़, घंटो तक लड़ते थे ||

रानियो का सोन्दर्य सुनकर , वो वहसी कई बार यहाँ आए |
धन्य थी वो स्त्रियाँ , जिनकी अस्थियाँ तक छू नहीं पाये ||

अपने सिंहो को वो सिहनियाँ , फौलाद बना देती थी |
जरूरत जब पड़ती , काटकर शीश थाल सजा देती थी |

पराजय जिनको कभी सपने मे स्वीकार नही थी |
अपने प्राणो का मोह करे, वो पीढ़ी इतनी गद्दार नहीं थी ||

वो दुश्मनों को पकड़कर निचोड़ दिया करते थे |
पर उनकी बेगमों को भी, माँ कहकर छोड़ दिया करते थे |

तो सुनो यारों एसे वहशी , दरिंदों का जाप मत करो |
वीर सपूतो को बदनाम करने का पाप अब मत करो |

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