Shayari on Life in Hindi

A:-बहुत महँगी हुई अब तो वफा . .
लोग कहाँ मिलते हैं, जो सच्चा प्यार करें..
मोहब्बत तो बन गई है अब सजा. .
आशिक कहाँ मिलते हैं, जो आग का दरिया पार करें !..

B:- उनका हाल भी कुछ आप जैसा ही होगा ,
आपका हाले दिल उन्हें भी महसूस होगा ,
बेकरारी की आग में जो जल रहे हैं आप ,
आपसे ज्यादा उन्हें इस जलन का एहसास होगा।

0:- कोई फूल धूप की पत्तियों में हरे रिबन से बंधा हुआ ।
वो ग़ज़ल का लहजा नया-नया, न कहा हुआ न सुना हुआ ।
जिसे ले गई अभी हवा, वे वरक़ था दिल की किताब का,
कहीँ आँसुओं से मिटा हुआ, कहीं, आँसुओं से लिखा हुआ ।

0:- बेखुदी ले गयी कहा से कहा हमको,
देर ही सही कॉश इंतज़ार हो अपना,
हम भी जी लेते एक जिंदगी,
काश सच हो जाता एक सपना,
रोते फिरते है सारी सारी रात,
अब बस यही रोज़गार है अपना,

क्या नाम दूँ मैं अपनी मोहब्बत को..
कि ये तेरा सिवा किसी और से होती ही नहीं..!!

नाराज़गी तो यहाँ हर किसी में भरी है..

दिल को ही देख लो,अपना होकर भी नाराज है..!!

Har kadam har pal saath hein…
Door hoke bhi hum aapke pass hein…..
Ap ko ho nah ho par hume aap Ki kasam…
Aap Ki kami ka har pal ehsaas hein…..!

कुछ ना उखाड़ सकोगे तुम हमसे दुश्मनी ? करके
हमें बर्बाद करना चाहते ☑ हो तो हमसे ? [ मोहब्बत ] कर लो..

सुबह से रोक रखा था, #अब “दर्द” को बहने दो,
शाम हो गई, अब कुछ “दिल” की #कहने दो

जिस्म तो बहुत संवार चुके रूह का सिंगार कीजिये..
फूल शाख से न तोड़िए खुशबुओं से प्यार कीजिये.
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माना कि औरों की मुकाबले कुछ ज्यादा पाया नहीं मैंने,
पर खुश हूं कि खुद को गिरा कर कुछ उठाया नही मैंने

बड़ी खुश नसीब होती है वो शायरी हमारी *जिस पर मिल जाती है वाह – वाह तुम्हारी

हर वक़्त नया चेहरा, हर वक़्त नया वजूद…*
*आदमी ने आईने को, हैरत में डाल दिया है…*

#शाम होती है तो पलकों पे सजाती है मुझे
वो चिरागो को तरह रोज़ जलाती है मुझे।

जरुरी नहीं की कुछ तोड़ने के लिए पत्थर ही मारा जाऐ,
लहजा बदल कर बोलने से भी बहुत कुछ टूट जाता है !!
खुशबू बन कर तेरी साँसो मे समा जाऐगे
सकून बन कर तेरे दिल मे उतर जाऐगे
महसूष कर के तो देखो दूर रह कर पास नजर आऐगे

mai galiyon ka raja, tu mehlon ki rani hai
aare maine tujhko chaha, yeh mari maherbani hai
par ek tere bina , aduri meri kahani hai.

Unke intezaar ke maare hein hum….
Bus unhi ki yaado ke sahare hein hum…..
Duniya jeet ke humein karana kya hein ab…..
Jise duniya seh jeetna tha usi seh haare hein hum….!

पिला दे आज खुल के सारे मयखाने की बोतलें…..
अगर गम-ए-यार भूल गये ,तो तेरा मयखाना ही खरीद लेंगे..!!!

ए मेरी कलम इतना सा अहसान कर दे..
कह ना पाई जो जुबान वो बयान कर दे…

Tere liye khudko majboor kar liya
zakhmo ko apne nasoor kar liya
mere dil mein kya tha ye jaane bina
tune khudko humse kitna door liya.

0:- कोई खुशियों की चाह मे रोया
कोई दुखों की पनाह मे रोया,
अज़ीब सिलसिला है ज़िंदगी का,
कोई भरोसे के लिए रोया कोई भरोसा कर के रोया.

0:- हँस कर जीना दस्तूर है ज़िंदगी का,
एक यही किस्सा मशहूर है जिंदगी का,
बीते हुए पल कभी लौट कर नही आते,
यही सबसे बड़ा कसूर है जिंदगी का.

0:- उड़ा भी दो सारी रंजिसे इन हवाओं मे यारों,
छोटी सी जिंदगी हे नफ़रत कब तक करोगे,
घमंड ना करना जिंदगी मे तकदीर बदलती रहती है
सीसा वही रहता है बस तस्वीर बदलती रहती है.

0:- ए खुदा तूने भेजा है रहमत का जाम,
उनके हाथो से मोहब्बत का पैगाम,
रूह जाती रहे और दिल कहता रहे,
काश उन्हे भी मोहब्बत हो जाए जिनका मोहब्बत है नाम.

0:- आँखों से मेरे आँखों मे सागर उमड़ने लगा
उनका नशा शीशे मे अंगड़ाई लेने लगा
चाँद के साए मे तूने आँखों से ऐसे पिलाई
जैसे बिना हवा के पेड़ का पत्ता पत्ता बिखरने लगा

0:- Khate hai zindagi badi khubsurat hai,
Per hum jeena seekh na paye…
Khate hai isme hai nasha,
Per hum peena seekh na paye…
Sab ne seekh liya bhula ke hame jeena,
Per hum kisi ko bhula ke jeena seekh na paye…

A:-Zindagi ek khawab hai,
Per hamare nasib mein nhi shayad,
Log kehate hai muskura ke jeena seekh lo
Per muskuraht bhi na mili itne badnaseeb hai hum shayad.

B:- Her raah per ulajh liye zindagi se,
Kabhi jee liye to kabhi jhagad liye zindagi se,
Kabhi kisi ko paane ke liye lad liye
To kabhi khud ko mitane ke liye lad liye zindagi se.

C:- Zindagi ki kuch khwahishein poori na hui,
Jiski chahat thi wo chahat hasil na hui,
Kisi ne kaha khuda ke darbar khwahishein poori hoti hai
Per meri badnaseebi bhi aise hai ki wo khwahishein bhi poori na hui.

D:- Zindagi mein ek kashmakash si rahi hamesha,
Na mila koi apna fir bhi chahat rahi hamesha,
Kuch geele aansu hi mile jidagi se
Per meri muskurane ki khwahish rahi hamesha.

1:- सुबह का हर पल ज़िंदगी दे आपको,
दिन का हर लम्हा खुशी दे आपको,
जहा गम की हवा छू कर भी न गुज़रे,
खुदा वो जन्नत से ज़मीन दे आपको. GOOD MONRNING

2:- Subah ka har pal Pyaari Zindagi de apko Din ka har Pal Khushiya de aapko Jahan gam ki hawa choo bhi na sake aapko Khuda wo jannat si zami de aapko. Good Morning

3:- फर्क होता है खुदा और फ़क़ीर में,
फर्क होता है किस्मत और लकीर में.. अगर कुछ चाहो और न मिले तो समझ लेना.. कि कुछ और अच्छा लिखा है तक़दीर में।

4:- Fark Hota hai khuda aur Fakir me.. Fark hota hai kismat aur Lakir me,
Agar kuch Chaho Aur na Mile To samaj Lena ki.. kuch aur Accha Likha hai Takdir me.

5:- इश्क़ सभी को जीना सिखा देता है,
वफ़ा के नाम पर मरना सीखा देता है,
इश्क़ नहीं किया तो करके देखो,
ज़ालिम हर दर्द सहना सीखा देता है!

6:- Ishq sabhi ko jena sikha deta hai,
wafa ke naam par marna sikha deta hai,
ishq nahi kiya to karke dekho,
zalim har dard sehna sikha deta hai!

7:- जिस दिन बंद कर ली हमने आंखें,
कई आँखों से उस दिन आंसु बरसेंगे,
जो कहते हैं के बहुत तंग करते है हम,
वही हमारी एक शरारत को तरसेंगे.

8:- Jis din band kar li humne ankhein,
Kai ankhon se us din aansu barsenge,
Jo kehte hain ke bahut tang karte hai hum,
Wahi hamari ek shararat ko tarsenge.

9:- तेरे मेरे रिश्ते को क्या नाम दूँ,
यह नाम दूँ या वह नाम दूँ,
इस दुनिया की भीड़ मैं नाम हो जाते है बदनाम,
क्यों न अपने रिश्ते को बेनाम ही रहने दूँ.

10:- Tere mere rishte ko kya naam dun,
Yeh naam dun ya woh naam dun,
Is duniya ki bhid mai naam ho jate hai badnaam,
Kyun na apne rishte ko benaam hi rehne dun.

11:- ज़िन्दगी लहर थी आप साहिल हुए,
न जाने कैसे हम आपकी दोस्ती के काबिल हुए,
न भूलेंगे हम उस हसीं पल को,
जब आप हमारी छोटी सी ज़िन्दगी में शामिल हुए.

12:- Zindagi lehar thi aap sahil hue,
Na jaane kaise hum aapki dosti ke qabil hue,
Na bhulenge hum us haseen pal ko,
Jab aap hamari choti si zindagi mei shamil hue.

13:- लगे है फोन जबसे तार भी नहीं आते,
बूढी आँखों के अब मददगार भी नहीं आते,
गए है जबसे शहर में कमाने को लड़के,
हमारे गाँव में त्यौहार भी नहीं आते।

14:- कागज़ की कश्ती से पार जाने की ना सोच,
चलते हुए तुफानो को हाथ में लाने की ना सोच,
दुनिया बड़ी बेदर्द है,
इस से खिलवाड़ ना कर,
जहाँ तक मुनासिब हो,
दिल बचाने की सोच।

15:- इस दिल को किसी की आस रहती है,
निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है,
तेरे बिना किसी चीज़ की कमी तो नही,
पर तेरे बेगैर जिन्दगी बड़ी उदास रहती है..

16:- Iss dil ko kisi ki aas rehti hai,
Nigaah ko kisi soorat ki pyaas rehti hai,
Tere bina zindagi mein kami toh nahi,
Phir bhi tere bina zindagi udhaas rehti hai.

17:- उदास लम्हों की न कोई याद रखना,
तूफ़ान में भी वजूद अपना संभाल रखना,
किसी की ज़िंदगी की ख़ुशी हो तुम,
बस यही सोच तुम अपना ख्याल रखना।

18:- Udas Lamho ki na koi yad rakhana,
tufaan me bhi wajud apna sanbhal kar rakhana,
kisi ke zindagi ki khushi ho tum,
yahi soch kar tum apna khayal rakhana.

19:- सितारों से भरी इस रात में,
जन्नत से भी खूबसूरत ख्वाब आपको आये,
इतनी हसीन हो आने वाली सुबह की,
मांगने से पहले ही आपकी हर मुराद पूरी हो जाये. Good Night.

20:- Sitaro se bhari is raat me,
Jannat se bhi khoobsurat khwab apako aaye,
Itani haseen ho aane wali subah ki,
Mangane se pahale hi apaki har murad puri ho jaye. Good Night.

21:- अपनी जिंदगी के अलग असूल हैं,
यार की खातिर तो कांटे भी कबूल हैं,
हंस कर चल दूं कांच के टुकड़ों पर भी,
अगर यार कहे,
यह मेरे बिछाए हुए फूल हैं.

22:- Apni zindagi ka alag usool hain,
Pyar ki khatir to kante bhi qubool hai,
Hans ke chal du kaanch ke tukdo par,
Agar pyar kahe ye mere bichaye hue phool.

23:- गुलाब खिलते रहे ज़िंदगी की राह् में,
हँसी चमकती रहे आप कि निगाह में. खुशी कि लहर मिलें हर कदम पर आपको,
देता हे ये दिल दुआ बार–बार आपको.

24:- Gulaab khilte rahe zindgi ki raah mein,
hassi chamakti rahe aapki nigaah mein,
khushi ki lahar mile har kadam par aapko,
deta hai ye dil dua baar-baar aapko.

25:- चलो! थोड़ी मुस्कुराहट बाँटते है.. थोड़ा दुख तकलीफों को डाँटते है.. क्या पता ये साँसे चोर कब तक हैं? क्या पता ‘जिन्दगी की चरखी’ में ड़ोर कब तक हैं?

26:- Chalo! Thodhi Muskurahat batte hain.. Thodha dukh taklif ko daat te hain.. Kya pata ye saanse choor kab tak hain.. KYa pata Zindagi ki chargi me door kab tak hai!

27:- ज़िन्दगी के लिए जान जरुरी है,
पाने के लिए अरमान ज़रूरी है,
हमारे पास चाहे हो कितना ही गम,
पर आपके चेहरे पर मुस्कान ज़रूरी है.

28:- Zindagi Ke Liye Jaan Jaroori Hai,
Jeene Ke Liye Armaan Jaroori Hai,
Hamare Paas Chahe Ho Kitne Bhi Gham,
Tere Chehre Par Muskan Jaroori Hai.

29:- जिंदगी देने वाले,
मरता छोड़ गये,
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये,
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले रास्ता मोड़ गये।

30:- Zindgi Dene Wale Marta Chod Gaye,
Apnapan Jatane Wale Tanha Chod Gaye,
Jab Padi Jarurat Hume Apne Humsafar Ki,
Wo Jo Saath Chalne Wale Apna Rasta Mod Gaye.

31:- अपनी तो ज़िन्दगी है अजीब कहानी है,
जिस चीज़ की चाह है वो ही बेगानी है,
हँसते भी है तो दुनिया को हँसाने के लिए,
वरना दुनिया डूब जाये इन आखों में इतना पानी है।

32:- Apni To Zindagi ki Ajeeb kahani hai. Jis Cheez ko Chaha Wo Hi Begani hai Haste hain Dunia ko Hasane k Liye Warna Dunia Doob Jaye In Ankhon Main Itna Pani hai..

33:- समझ ना आया ऐ जिंदगी तेरा ये फलसफा,
एक तरफ कहती है सबर का फल मीठा होता है और दूसरी तरफ कहती है वक़्त किसी का इंतजार नही करता

34:- Samajh Nahi Aaya Aye zindagi Tera Ye Falsafa Ek Taraf Kehte he Sabar ka Fal Meetha Hota He Aur Dusri Taraf Kehte hai waqt kisi ka intazar Nahi karta..!!

35:- जिंदगी तुझसे हर कदम पर समझौता क्यों किया जाय,
शौक जीने का है मगर इतना भी नहीं कि मर मर कर जिया जाए। जब जलेबी की तरह उलझ ही रही है तू ए जिंदगी तो फिर क्यों न तुझे चाशनी में डुबा कर मजा ले ही लिया जाए!

36:- Zindagi tujhse har kadam par samjhota kyun kiya jaye,
Shauk jeene ka hai magar itna bhi nahi ki,
Mar-mar ke jiya jaye. Jab jalebi ki tarah ulajh hi rahi hai tu Aey zindagi,
Toh fir kyun na tujhe chaashni mai dubokar maza hi le liya jaye.

37:- मैंने जिन्दगी से पूछा.. सबको इतना दर्द क्यों देती हो..?? जिन्दगी ने हंसकर जवाब दिया.. मैं तो सबको ख़ुशी ही देती हुँ.. पर एक की ख़ुशी दुसरे का दर्द बन जाती है !!

38:- Maine zindagi se pucha Sabko itna dard kyo deti ho. Zindagi ne has kar jawab diya Hum to sab ko khusi dete hai,
par ek ki khusi Dusare ka dard ban jati hai..

39:- किस्मत पर नाज़ है तो वजह तेरी रहमत.. खुशियां जो पास है तो वजह तेरी रहमत.. मेरे अपने मेरे साथ है तो वजह तेरी रहमत.. मैं तुझसे मोहब्बत की तलब कैसे न करूँ.. चलती जो ये सांस है तो वजह तेरी रहमत..

40:- तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा,
तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा.. मेरी मोहब्बत तुझसे,
सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है,
तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा..!!

41:- Teri dhadkan hi zindagi ka kissa hai mera,
tu zindagi ka ek ahem hissa hai mera,
ye mohabbat tujhse sirf lafzo ki nahin hai,
teri rooh se rooh tak ka rishta hai mera..!

42:- कागज़ के नोटों से आखिर किस किस को खरीदोगे,
किस्मत परखने के लिए यहाँ आज भी सिक्का ही उछाला जाता है!

43:- Kagaz k note se akhir Kis kis ko khareedoge,
Kismat parakhne k kiye yaha aaj bhi Sikka hi uchala jata hai.

44:- कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मुफलिसी मेरी,
चंद सिक्कों के लिए तुने क्या नहीं खोया है,
माना नहीं है मखमल का बिछोना मेरे पास,
पर तु ये बता,
कितनी राते चैन से सोया है।

45:- अगर बिकने पे आ जाओ तो… घट जाते हैं दाम अक़सर,
न बिकने का इरादा हो… तो क़ीमत और बढ़ती है|

46:- जब भी देखता हूँ .. किसी गरीब को हँसते हुए .. तो यकीन आ जाता है .. की खुशियो का ताल्लुक दौलत से नहीं होता..

47:- Jab bhi dekhta hu.. Kisi gareeb ko haste hue to yakeen aa jata hai Ke khusyion ka talluq daulat se nahi hota!!

48:- इस बनावटी दुनिया में कुछ सीधा सच्चा रहने दो,
तन वयस्क हो जाए चाहे,
दिल तो बच्चा रहने दो,
नियम कायदो की भट्टी में पकी तो जल्दी चटकेगी,
मन की मिट्टी को थोडा सा तो गीला,
कच्चा रहने दो|

49:- Seekh raha hu dheere dheere,
Iss duniya k rivaaz,
Jisse matlab nikal jaye,
Usey zindagi se nikaal do.

50:- एक पहचान हज़ारो दोस्त बना देती हैं,
एक मुस्कान हज़ारो गम भुला देती हैं,
ज़िंदगी के सफ़र मे संभाल कर चलना,
एक ग़लती हज़ारो सपने जला कर राख बना देती है…

51:- “मुझे तैरने दे या फिर बहना सिखा दे,
अपनी रजा में अब तू रहना सिखा दे,
मुझे शिकवा ना हो कभी भी किसी से,
हे ईश्वर !! मुझे सुःख और दुःख के पार जीना सिखा दे| “

52:- Zindagi Ka Safar Toh Ek Haseen Safar Hai,
Her Kisi Ko Kisi Na Kisi Ki Talash Hai,
Kisi Ke Pass Manzil Hai Toh Raah Nahi,
Aur Kisi Ke Pass Rah Hai Toh Manzil Nahi.

53:- ना संघर्ष न तकलीफ तो क्या मज़ा है जीने में बड़े बड़े तूफ़ान थम जाते हैं जब आग लगी हो सीने में..

54:- Na sangharsh na takleef To kya maza hai jene mein Bade bade toofan tham jate hai Jab aag lagi ho seene mein..

55:- Agar phisle to utna jante hai,
Agar dube to tairna jante hai,
Agar gire to sammlna jante hai,
Agar tut gaye to judna jante hai,
Pyar ke badle pyar dhutkar ke badle Uphar dena jante hai,
War ka pratikar Aur Har ko jit me badlna jante hai.

56:- इस उम्मीद से मत फिसलो,
कि तुम्हें कोई उठा लेगा,
सोच कर मत डूबो दरिया में,
कि तुम्हें कोई बचा लेगा… ये दुनिया तो एक अड्डा है,
तमाशबीनों का दोस्तों… गर देखा तुम्हें मुसीबत में तो,
यहां हर कोई मज़ा लेगा…

57:- कल के नौसखिए..सिकंदर हो गए..! हल्की हवा के झोंके..बवंडर हो गए..! मै लड़ता रहा..उसूलों की पतवार थामें..! मै कतरा ही रहा..लोग समन्दर हो गए..!

58:- Haa ye sach hai k mujhe tumse Mohabbat hai,
Ye bhi sach hai k main tumhari chahat hun,
Par meri zindagi me chahato ki kami to nahi,
Rishte or bhi hai ek sirf tum hi to nahi,
Apni zaat k is pehlu se ajj milwaaon tumhe,
Main kya hun,
kaise hun batlaaon tumhe,
Apni Maa ki tarbiyat hun main,
Izzat hon apne Papa ki,
Maan hun apne bhai ka,
Nishaan hun apni behno ki parchai ki,
To behak jaaon main yeh kabhi mumkin hi nahi,
Ke Dil woh sab bhi to rakhte hai,
ek tum hi to nahi.

59:- Gham na kar Zindagi bahut badi hai,
Chahat ki mehfil tere liye saji hai,
Bas ek bar muskura kar tho dekh,
Taqdeer khud tujhse milne bahar khadi hai.

60:- किसी रोज़ याद न कर पाऊं तो खुदगर्ज़ न समझ लेना दोस्तों,
दरसल छोटी सी इस उम्र में परेशानिया बहुत हैं,
मैं भूला नहीं हूँ किसी को मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं ज़माने में,
बस थोड़ी ज़िन्दगी उलझ पड़ी है दो वक़्त की रोटी कमाने में|

61:- Kisi roj yaad na kar pau to khudgarj na samjh lena,
Darasl choti si iss umar mai presaniya bhut hai,
Main bhoola nhi hu kisi ko mere bahot achhe dost hai zmane me,
Bs thodi zindagi uljhi pdi hai do waqt ki roti kmane me.

62:- बहुत आसान है जमाने में जनम लेना,
बड़ी मुश्किल है एक उम्र तक जीवन जीना,
हम तो खामोश हैं तेरी ही खामोशी से,
तुमसे ही सीखा है हमने आंसू पीना..

63:- तू जिंदगी को जी,
उसे समझने की कोशिश न कर सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन,
उसमे उलझने की कोशिश न कर चलते वक़्त के साथ तू भी चल,
उसमे सिमटने की कोशिश न कर अपने हाथो को फैला,
खुल कर साँस ले,
अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर मन में चल रहे युद्ध को विराम दे,
खामख्वाह खुद से लड़ने की कोशिश न कर कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे,
सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर जो मिल गया उसी में खुश रह,
जो सकून छीन ले वो पाने की कोशिश न कर रास्ते की सुंदरता का लुत्फ़ उठा,
मंजिल पर जल्दी पहुचने की कोशिश न कर !

64:- Tu zindagi ko jee,
Usey samajhne ki koshish na kar Sunder sapno ke taane baan bunn,
Usme ulajne ki koshish na kar Chalte waqt ke sath tu b chal,
Usme simatne ki koshish na kar Apne haathon ko faila ,
khul kar saans le,
Ander hi ander guthne ki koshish na kar Mann me chal rahe yudh ko viraam de,
Khwamkha khudse ladne ki koshish na kar Kuch baatein uprwale par chod de,
Sab kuch khud suljhane ki koshish na kar Jo mil gaya usi me khush reh,
Jo sukoon chin le woh pane ki koshish na kar Raste ki sundarta ka luft utha,
Manzil par jaldi pahuchne ki koshish na kar.

65:- जब मुल्ला को मस्जिद में राम नजर आए,
जब पंडित को मंदिर में रहमान नजर आए,
सुरत ही बदल जाए इस दुनिया की गर इंसान को इंसान में इंसान नजर आए….।।

66:- किस से सीखू मैं खुदा की बंदगी,
सब लोग खुदा के बँटवारे किए बैठे है,
जो लोग कहते है खुदा कण कण में है,
वही मंदिर,
मस्जिद,
गुरूद्वारे लिए बैठे हैं !

67:- Lamho ki ek kitaab hain zindagi,
Saanso aur khyalo ka hissab hai zindagi,
Kuch jarurate puri kuch khwaishe aduri,
Bas inhi sawalon ka jawab hain zindagi.

68:- Takdeer ke khel se nirash nahi hote. Zindagi me kabhi udaas nahi hote. Hatho ki lakhiro pe yakeen mat karna,
Takdir to unki bhi hoti hai jinke hath nahi hote.

69:- जीत किसके लिए,
हार किसके लिए,
ज़िंदगी भर ये तकरार किसके लिए… जो भी आया है वो जायेगा एक दिन,
फिर ये इतना अहंकार किसके लिए..

70:- Chubhati to hai jindgi bhi,
Jab sathi nahi milata koi,
Khamosiyo ko mitane wala milta nahi koi,
Magr khamosh rehne ka aaj yug mein koi fayda nahi,
Kyuki khamoshi ka fayda uthata hai har koi.

71:- Apni bebasi par aaj rona sa aaya Doosron ko nahi maine apno ko azmaaya Har dost ki tanhaayi door ki Lekin khud ko har morh par tanha hi paya..!

72:- मत सताओ हमे हम सताए हुए है,
अकेला रहने का ग़म उठाये हुए है,
खिलौना समज के ना खेलो हम से,
हम भी उसी खुदा के बनाये हुए है…।।

73:- Hamain Na Muhabbat Mili Na PyaR Mila,
Humko Jo Bhi Mila BeWafa YaaR Mila,
Apni To Ban Gaye Tamasha Zindagi Ka,
Har Koi Apne Maqsad ka TalabGar Mila..

74:- हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला; हम को जो भी मिला बेवफा यार मिला! अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी; हर कोई अपने मकसद का तलबगार मिला!

75:- Chote se dil me gum bahut hai,
Zindagi me mile zakham babut hai,
maar hi dalti kab ki duniya humein,
Kambakht dosto ki duao me dam bahut hai.

76:- छोटे से दिल में गम बहुत है,
जिन्दगी में मिले जख्म बहुत हैं,
मार ही डालती कब की ये दुनियाँ हमें,
कम्बखत दोस्तों की दुआओं में दम बहुत है.

77:- Zami per rah kar.. asma ko chune ki fitrat hai meri. par gira kar kisi ko.. Uper uthane ka shook nahi mujhe.

78:- ज़मीं पर रह कर आसमां को छूने की फितरत है मेरी,
पर गिरा कर किसी को,
ऊपर उठने का शौक़ नहीं मुझे

79:- Zindagi Mein Kabhi Kisi Ka Saath Nahi Chodna,
Kyun Ki Kuch Pal Lagte Hai Rishte Banane Mein,
Aur Kuch Pal Lagte Hai Rishte mitane Mein,
Ek Pal Lagta Hai Kisi Ko Rulane Mein,
Aur Zindagi Beet Jati Hai Kisi Ko Bhulaane Mein.

80:- मंजिल मिले ना मिले ये तो मुकदर की बात है !! हम कोशिश भी ना करे ये तो गलत बात है….!!

81:- सड़क कितनी भी साफ हो “धुल” तो हो ही जाती है..!!

82:- इंसान कितना भी अच्छा हो “भूल” तो हो ही जाती है !!!

83:- कहने वालों का कुछ नहीं जाता,
सहने वाले कमाल करते हैं,
कौन ढूंढें जवाब दर्दों के,
लोग तो बस सवाल करते हैं…

84:- Kehne waalon ka kuch nahi jaata,
Sehne waale kamaal karte hain,
Kaun dhoonde jawaab dardon ke,
Log toh bas sawaal karte hain.

85:- खामोश बैठें तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं,
ज़रा सा हँस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं !

86:- Khamosh baithe toh log kehte hai.. Udaasi acchi nahi,
Zara sa hans le toh Log muskuraane ki wajah pooch lete hain..!!

87:- Is Zindagi Ko Jeene Ki Aarzoo,
Bin Tere Hai Adhuri,
Tera Sath Jo Mil Jaye,
Meri Zindagi Ho Jaye Puri.

88:- Zindagi ki aise daud mein… Daud ke karna kya hai!! Jab yehi jeena hai dosto to phir… Marna kya hai!!

89:- Zindagi Ne Kai Sawalat Badal Dale,
Waqt Ne Mere Haalaat Badal Dale,
Main to Aaj bi wahi hun Jo main kal tha,
Bas mere liye Kuch apno ne Apne Khyalat badal dale.

90:- उनको ये शिकायत है कि मैं बेवफाई पे नहीं लिखता,
और मैं सोचता हूं कि मैं उनकी रुसवाई पे नहीं लिखता..

91:- ख़ुद अपने से ज्यादा बुरा जमाने में कौन है? मैं इसलिए औरों की बुराई पे नहीं लिखता..

92:- कुछ तो आदत से मजबूर हैं और कुछ फितरतों की पसंद है जख्म कितने भी गहरे हों,
मैं उनकी दुहाई पे नहीं लिखता…..!!

93:- Unko ye shikayat hai ki main bewafai pe nahi likhta,
Aur main sochta hun ki main unki ruswai pe nahi likhta,

94:- Khud apne se jyada bura jamane me kaun hai,
Is liye main auron ki buraai pe nahi likhta,

95:- Kuchh toh aadaton se majbur hain aur kuchh fiaraton ki pasand hai,
Jakhm kitne bhi gehre ho,
main unki duhai pe nahi likhta,

96:- Nafratein Lakh Mili Par Kisi Ki Mohbbt Na Mili,
Zindagi Beet Gai Magar Rahat Na Mili,
Teri Mehfil Me Har Ek Ko Hasta Dekha,
Ek Mein Hi Tha Jise Hasne Ki Ijazat Na Mili..

97:- Zindagi Se Pucho Ye Kya Chahti Hai,
Bas Ek Dil Se Wafa Chahti Hai,
Kitni Masoom Or Nadaan Hai Zindagi,
Khud To Bewafa Hai Aur Dusro Se Wafa Chahti Hai !!!

98:- भरोसा खुद पर रखो तो.. ताकत बन जाती है,
और दूसरों पर रखो तो.. कमजोरी बन जाती है!!

99:- Milna ek ittefaq hai,
Aur bichadna majburi hai,
Char din ki is zindagi mein,
Sabka sath hona jaruri hai.

100:- Mulakaate bahut jaruri hain.. Agar rishte nibhane hain.. Varna lagakar bhul jane se toh.. Podhe bhi sukh jate hai..

101:- Sub Kuch Hasil Nahi Hota Zindagi Mein Yahan,
Kisi Ka ‘Kaash’ To Kisi Ka ‘Agar’ Rah Hi Jaata Hai…!!

102:- Zindagi Hasne Ka Naam Hai,
Rona Kis Kaam Ka,
Jaane Wale Chale Gaye,
Unke Liye Dil Dukhana Kis Kaam Ka..

103:- राह संघर्ष की जो चलता है,
वो ही संसार को बदलता है। जिसने रातों से जंग जीती है,
सूर्य बनकर वही निकलता है।

104:- Mujhe Dekh kar Hi Dar Jate Hain Log,
Raston Me Milte Hi Katrate Hain Log,
Meri Yaari Jab Kisi Se BadhTi Hai,
Peeth Pichhe Use Samjhate Hain Log,
Agar Bhool Se Koyi Tareef Kare Meri,
Us Baat Ko Wahin Dafnate Hain Log,
Mera Dushman Jo Kahin Pe Mil Jaye,
Use Tahedil Se Gale Lagate Hain Log,
Sach Kah Deta Hun Kisi Ke Muh Par,
Meri Isi Fitrat Se Ghabrate Hain Log.

105:- Dushman ko hazaar mauke do,
Ki woh tumhara dost ban jaye. Lekin dost ko ek bhi mauka mat do,
Ki woh tumhara dushman ban jaye.

106:- Zindagi se hum apni.. Kuch udhhar nahi lete,
Kafan bhi lete hai.. To apni Zindagi dekar.

107:- Kuchh Rishte Upar wala Banata Hai,
Kuchh Rishte Log Banaate Hain,
Woh Log Bahut Khaas Hote Hain,
Jo Bina Rishte,
Rishta Nibhaate Hai.

108:- Hume waqt aur teacher dono sikhaate hain,
Par Waqt or Teacher me sirf itna sa farq hai,
Teacher sikhaa ke imtihaan leta hain,
Aur Waqt imtihaan lekar sikhaata hain!!

109:- Choo le aasmaan zameen ki talaash na kar,
Jee le zindagi khushi ki talaash na kar,
Takdeer badal jaayegi khud hi mere dost,
Muskurana seekh le wajah ki talaash na kar.

110:- Kuch Pathro Me Phul Khil Jate Hai,
Kuch Anjane Bhi Apne Ban Jate Hai,
Kuch Lasho Ko Kafan Nasib Nahi Hota,
To Kuch Lasho Pr Tajmahal Ban Jate Hain.

111:- अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो,
मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो,
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना !! मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो!!

112:- Abhi suraj nahi dooba zara si sham hone do,
Main khud hi laut jaunga mujhe nakam hone do,
Mujhe badnaam karne ke bahane dhundte ho kyun,
Main khud ho jaunga badnaam pahle naam hone do.

113:- ना किसी से ईर्ष्या,
ना किसी से कोई होड़,
मेरी अपनी मंजीले,
मेरी अपनी दौड़!!

114:- Na kisi se irsha,
Na kisi se koi hod,
Meri apni manzile,
Meri apni daud.

115:- Zindagi tasveer bhi Hai or taqdeer bhi hain,
Farak to bas rango ka hain,
Maanchahe rango se bane to tasveer,
Or aanjane rango se bane to taqdeer.

116:- Ek shabd hai mohabbat Ise kar ke dekho tum tadap na jao toh kehna,
Ek shabd hai mukaddar Isse ladkar dekho tum haar na jao toh kehna,
Ek shabd hai wafa Zamane me nahi milti,
kahin dhoond pao toh kehna,
Ek shabd hai aansu Dil me chhupa ka rakho,
tumhari aankh se na nikle toh kehna,
Ek shabd hai judai Ise seh kar toh dekho,
tum toot kar bikhar na jao toh kehna,
Ek shabd hai bhagwan Use pukar kar toh dekho,
sab kuchh na pa lo toh kehna.

117:- मां तो जन्नत का फूल है,
प्यार करना उसका उसूल है,

118:- दुनिया की मोह्ब्बत फिजूल है,
मां की हर दुआ कबूल है,

119:- मां को नाराज करना इंसान तेरी भूल है,
मां के कदमो की मिट्टी जन्नत की धूल है!

120:- Main nahi chahta k.. Khuda zindagi 100 saal ki de.. Thodhi hi sahi par.. Jo bhi de kamaal ki de.

121:- Bematlab ki duniya ka.. Kissa hi khatm,
Ab jis tarah ki duniya.. Us tarah ke hum.

122:- Har kisi ki zindagi ka maqsad Ek hi hota hain • • Khud chahe kitne hi Bewafa kyu na ho,
Talash humesha wafaa ki hi karta hain.

123:- अपनी कमजोरियां उन्ही लोगों को बताइये,
जो हर हाल में आपके साथ मजबूती से खड़े होना जानते है”

124:- ” क्यूँकि रिश्तों में विश्वास,
और मोबाईल में नेटवर्क ना हो,
तो लोग Game खेलना शुरू कर देते हैं !!

125:- Saath na rehne se Rishte nahi tuta karte,
Waqt k hath se Lamhe nahi chhuta karte,
Log kehte hain mera Sapna toot gaya,
Toot ti neend hai Sapne nahi toota karte.

126:- Woh Jo Hamare Liye Khas Hote Hain,
Jinke Liye Dil Mein Ehsaas Hote Hain,
Chahe Waqt Kitna Bhi Door Kar De Unhe,
Door Reh Ke Bhi Woh Dil Ke Paas Hote Hain..

127:- Bejan cheezo ko badnaam karne k.. Tareeke kitne aasaan hote hai,
Log sunte hai chup chup k baatein,
Aur kehte hai deewaaro k bhi kaan hote hai !!

128:- बेजान चीज़ो को बदनाम करने के तरीके कितने आसान होते है….! लोग सुनते है छुप छुप के बाते ,
और कहते है के दीवारो को भी कान होते हैं !!

129:- Sangharsh Mein Aadmi Akela Hota Hai,
Safalta Mein Duniya Uske Saath Hoti Hai,
Jis-Jis Per Ye Jag Hasa Hai,
Usi Usi Ne Itihaas Racha Hai.

130:- Zindagi Mai Hamesha Naye Log Milenge,
Kahin Ziyada To Kahin Kam Milenge,
Aitbaar Zara Soch Kar Karna,
Mumkin Nahi Har Jagah Tumhe Hum Milenge.

131:- Ek talwar ki keemat hoti hai uski dhaar se,
Insaan ki keemat hoti hai uske vyavhaar se.

132:- Zindagi ki uljhanon ne,
Hamaari sharaaratein kam kar di,
Aur log samajhne lage ki,
Hum samajhdaar ho gaye.

133:- Bhul jana use jo tumhe bhula de,
Mat dekhna use jo tumhe rula de,
Par kabhi dukhi na hona us shakhs se,
Jo apni aakhein bhigo kar tumhe hasa de.

134:- Yeh Khusbhu,
Yeh Hawaa Apki Huyi,

135:- Mausam Ki,
,
Har Ek Ada Apki Huyi,

136:- Dil Ne Chaha,
Kuch Khaas Tohfa Doo Aapko,

137:- Chalo Aaj Se Meri Har Dua Apki Huyi.

138:- Ye Duniya Hai Yahan Pe,
Yeh Tamasha Ho Bhi Sakta Hai,

139:- Abhi Jo Gham Hamara Hai,
Tumhara Ho Bhi Sakta Hai,

140:- Tum Apne Aap Ko Hargiz,
Koi Ilzaam Mat Dena,

141:- Ye Soda Hai Mohabbat Ka,
Khasara Ho Bhi Sakta Hai

142:- Tum Yeh Mat Samajhna,
Tum Hi Meri Akhri Mohabbat Ho,

143:- Mohabbat Jurm Hai,
Hum Se Dobara Ho Bhi Sakta Hai.

144:- Khuda ne nawaja hume zindagi dekar,
Aur hum shohrat maangte reh gaye,
Zindagi gujar di humne shohrat k piche,
Phir jeene ki mohlat maangte reh gaye.

145:- Larkiyaan Bewafaa nahi hoti Wo to majburiyo mein lipti hain

146:- Apne shiddat bhare khyaloon mein Apne ander chhupi ek aurat mein

147:- Wo hamesha hi darti rehti hain Na to jeeti hain na to marti hain

148:- Apne reet or rawajoon se Aane wale naye azaboon se

149:- Zarurat mein khile ghulaboon se Pyaar karti hain or chhupati hain

150:- Larkiyaan Bewafaa nahi hoti Kyu k majborioon mein lepti hain

151:- Aur har lamha darti rehti hain Apne pyaar se,
apne saye se

152:- Apne rishton se,
dil ki dharkan se Apni khwahish,
se apni kushioon se

153:- Mere Mata Pita Hi Sabkuchh Hain Mere Liye,
Inse Badhkar Na Koi Hai Mera Yahan,
Inki Khatir Hi Toh Zinda Hun Ghamon Mein Main,
Inke Liye Hi Toh Haajir Hai Mera Dil Meri Jaan.

154:- Mile Jo Agar Khuda Toh Puchhenga Use,
Ki Meri Kismat Ko Aisa Kyun Bana Diya,
Jhukna Pada Mujhe Har Chhote Bade Ke Saamne,
Itna Neeche Kyun Mujh Ko Gira Diya.

155:- Kami Hai Mujh Mein Toh Bas Itni Eh Mere Dosto,
Ki Haal E Dil Apna Sabhi Ko Suna Deta Hun Main,
Yeh Maalum Hai Mujhko Ki Koi Saath Nahi Deta,
Fir Bhi Sabhi Ko Apna Bana Letaa Hun Main.

156:- Roothe Huye Hain Jo Humse,
Hum Unko Khud Hi Mana Lenge,
Soyi Huyi Apni Kismat Ko,
Hum Fir Se Yaaron Jaga Lenge.

157:- Eh Mout Jara Thahar Ja,
Jara Sa Ruk Ja Tu,
Intezaar Hai Unka,
Jinki Amanat Hai Zindagi,
Jara Unse Rukhsat Le Lene De,
Fir Le Chalna,
Yeh Jaruri Hai,
Unhi Ki Badolat Hai Zindagi.

158:- Kudrat Ka Yeh Usul Hai,
Ki Aana Jana Hai Bari Bari,
Kya Karenge Yaaro Woh Mohabbat,
Jinko Sirf Dhan Daulat Hai Pyari.

159:- Agar Duniya Ko Samjhane Ki Sochte Ho,
Toh Kabhi Isko Toh Samjha Na Sakoge Tum,
Agar Ki Parwah Duniya Ki Baaton Ki Tumne,
Toh Kabhi Bhi Mujhko Pa Na Sakoge Tum.

160:- Kisi Pal Toh Mile Chain Mujhko,
Kabhi Toh Khusiyon Ka Paigam Mile,
Kya Aayegi Woh Ghadi Jab,
Mere Yaar Ka Mujhko Salam Mile.

161:- Phool Bantata Hai Jaise Sabko Hi Khusboo,
Aise Hi Tu Sab Ko Khusiyan Deta Ja,
Yeh Na Soch Koun Tera Apna Koun Begana,
Bas Sab Ke Hi Diye Gham Chup Chap Leta Ja.

162:- Mana Ki Poojati Hai Duniya Chadte Sooraj Ko,
Kya Hua Hai Yaaro Jo Aaj Hamari Sham Hai,
Magar Yeh Bhi Wada Raha Aapse Hamara Dosto,
Dekhna Kal Ki Subah Humare Hi Naam Hai.

163:- Kahne Walon Ka Kya Hai Yaar,
Yeh Toh Kuchh Bhi Kahte Rahte Hain,
Hamein Inki Toh Parwah Nahi,
Teri Khatir Sitam Yeh Sahte Hain.

164:- Teri Rahmat Ne Mere Daata,
Mujhko Jeena Sikha Diya,
Na Raha Kisi Se Bhi Sikwa,
Jakhmon Ko Seena Sikha Diya.

165:- Mujhe Tohfe Diye Har Kadam Khuda Ne,
Bhale Hi Dukhon Se Meri Jholi Bhari Hai,
Na Jaane Kaisi Likhi Hai Meri Takdeer,
Har Mod Par Ek Nayi Musibat Khadi Hai.

166:- Baad Aapke Samjhata Hai Kon Mujhe,
Mera Dard Badhane Lage Hain Yeh Log,
Kiske Kandhe Rakhkar Sar Main Roun,
Har Pal Hi Rulane Lage Hain Yeh Log.

167:- Ghamon Se Usne Mujhko Navaja,
Us Khuda Ki Hai Meharbaani Hai,
Insan Bankar Main Hun Aaya,
Itni Toh Hai Huyi Mujhse Nadani.

168:- Rukne Ka Ab Naam Na Le Eh Meri Zindagi,
Chalna Hi Tera Kaam Hai Eh Meri Zindagi,
Bhatak Kar Na Mout Ki God Mein Ja Girun,
Tu Badh Kar Mujhko Tham Le Ah Meri Zindagi.

169:- Mere Moula Tune Toh Di Hogi Achhi Hi,
Shayad Maine Hi Kho Di Kahin Takdeer Meri,
Teri Karigari Mein Toh Kahin Kami Na Thi,
Mujhse Hi Ban Na Saki Achhi Tasveer Meri.

170:- Doulat Se Hi Hote Hain Agar Haasil Sabhi Riste,
To Kyu Na Tu Bhi Ise Pa Ke Dikha De,
Agar Tujh Mein Nahi Himaat Aisa Karne Ki Toh Sun,
Kam Se Kam Yeh Toh Kar Apni Yeh Zindagi Gavan De.

171:- Kaun Kahta Hai Ghamon Mein Jiya Nahi Jata,
KaunKahta Hai Jeevan Ka Jahar Piya Nahi Jata,
Humko Dekhiye Ji Raha Hai Lakhon Jakham Khakar,
Kaun Kahta Hai Har Ek Jakham Siya Nahi Jata.

172:- Sab Matlab Se Nata Rakhte Hain,
Matlab Nikalte Hi Chhod Dete Hain,
Samjhate Hain Dil Ko Khilona Koi,
Khel Kar Fir Ise Tod Dete Hain.

173:- Insaniyat Ko Sooli Chade Huye,
Yahan Ek Zamana Bita Gaya Hai,
Hoton Par Toh Jhoot Hai Lekin,
Haath Mein Dekho Geeta Hai.

174:- Rooth Jaye Agar Koi Toh Mana Lo,
Tutne Na Do Ghar Apna Basa Lo,
Agar Dushman Bhi Mile Raah Mein Kabhi,
Toh Usko Bhi Yaar Gale Laga Lo.

175:- Thodi Si Toh Akal Seekh Le Tu Bhi Pagal,
Jaane Waale Ko Peechhe Se Bulaya Nahi Karte,
Ban Jaate Hai Naasur Ek Vakt Ke Baad,
Dil Ke Jakhmon Ko Yu Sahlaya Nahi Karte.

176:- Aapko Bhulane Ki Koshish Kar Raha Hun,
Varna Baad Mein Mujhko Hi Gham Rahega,
Aapko Toh Laakhon Hai Sahare Duniya Ke,
Baad Aapke Hamein Apna Kon Kahega.

177:- Is Kadar Dil Ko Dukhana Achha Nahi Hota,
Har Kisi Se Yun Dil Ko Lagana Achha Nahi Hota,

178:- Kuchh Riste Hote Hain Aise Jinme Behtar Hai Dooriyan,
Itna Bhi Kisi Ke Paas Jana Achha Nahi Hota.

179:- Khuda Ki Razaa Mein Sada Raazi Rahna Seekh Lo,
Mera Duniya Waalon Ko Sada Yehi Paigam Hoga,

180:- Usne Di Zindagi Tab Bhi Kiya Sazda Humne,
Jab Mout Woh Dega Tab Bhi Mera Salaam Hoga.

181:- Khusiyon Se Toh Kuchh Bhi Na Hua Haasil,
Balki In Ki Vajah Se Lakhon Jakham Khaye,

182:- Jinhe Samjhate The Bure Wohi Gham Aaj Dekhiye,
Hamein Inki Shohrat Kis Mukam Par Le Aaye.

183:- Jo Likha Meri Takdeer Mein Hai,
Woh Yahan Mujhe Mil Hi Jaayega,

184:- Varna Rone Se Ya Mangne Se,
Koi Kya Haasil Kar Paayega.

185:- Sab Kuchh Mil Jata Hai Duniya Mein Magar,
Yaad Rakhna Ki Bas Maa Baap Nahi Milte,

186:- Murjha Kar Gir Jaaye Ek Baar Dali Se,
Yeh Aise Phool Hain Jo Dobara Nahi Khilte.

187:- Chhodkar Chala Jaaun Ab Teri Yeh Duniya,
Mere Data Mujhko Itni Si Izazat De De,

188:- Maine Payi Hai Nafrat Sada Teri Di Zindagi Se,
Maut Toh Laga Le Gale Itni Mohabbat De De.

189:- Apni Aadat Hai Ke Dil Khol Dikhata Hun Main,
Yehi Hai Vajah Ke Sabhi Se Dhokha Khata Hun Main,

190:- Bas Ranjish Hai Itni Mujhe Tujhse Eh Khudara,
Tere Logon Ko Kabhi Samajh Hi Nahi Pata Hun Main.

191:- Bojh Ban Gaya Hun Dharti Par,
Mere Maula Tu Utha Le Mujhko,

192:- Bhale Daal Dena Wahan Narka Mein,
Bas Apne Paas Bula Le Mujhko.

193:- Gahraai Ka Shok Kise Hai,
Hum To Kinaare Par Hi Rahte Hain,

194:- Kisi Galti Ka Aham Nahi Mujhe,
Kisi Ke Sahaare Hi Rahte Hain,

195:- Teri Qaaynaat Mein Thodi Jagah De Ah Khuda,
Intezaar,
Tere Ishaare Par Hi Rahte Hai.

196:- Aap Se Mulakat Ki Ek Ajib Si Nishani Hai,
Hanste Hanste Aankhein Bhar Aati Hain,

197:- Zindagi Mein Ho Chahe Kitni Pareshani,
Aap Ke Saaye Mein Har Muskil Aasan Nazar Aati Hai.

198:- Maine Khuda Se Ek Dua Mangi,
Dua Mein Apni Maut Mangi,

199:- Khuda Ne Kaha Maut Toh Tujhe De Du Main,
Par Use Kya Kahun Jisne Teri Lambi Umar Mangi.

200:- Yeh Ashq Paani Ke Is Tarah Na Ganva,
Ki Yeh Anmol Moti Hain,

201:- Yeh Hayat Nahak Hi Na Ganva,
Ki Yeh Zindagi Bahut Chhoti Hai.

202:- Har Sakhas Ka Aaj Ajab Haal Hai,
Shaad Hote Huye Bhi Haal Behaal Hai,

203:- Hoton Par Dekho Toh Jhooti Muskaan Hai,
Chehre Par Kisi Ke Gham Ke Nishaan Hain.

204:- Seene Se Laga Kar Apni Wafa Mein,
Thikana Chhod Hum Chale Hain,

205:- Na Manzil Ki Na Raahon Ki Khabar,
Fir Bhi Hum Musafir Bane Hain.

206:- Kyo Koi Chah Kar Dosti Nibha Nahi Pata,
Kyo Koi Chah Kar Rishta Bana Nahi Pata,
Kyo Leti Hai Zindagi Aisi Karwat,
Ki Koi Chahkar Bhi Pyar Jata Nahi Pata.

207:- Zindagi Bahut Kuch Sikhati Hai,
Kabhi Hasati Hai Kabhi Rulati Hai,
Khud Se Bhi Jyada Kisi Par Vishwash Mat Karna,
Kyuki Andhere Mein To Parchai Bhi Saath Chod Jati Hai.

208:- Bhahut Roya Tha Jab Mera Janam Hua Tha,
Aur Hans Rahi Thi Ye Duniya,
Magar Doston Ek Din Badala Lunga,
Hansta Hua Jaunga Aur Royegi Ye Duniya.

209:- Dil Ki Baat Dil Mein Rahi Ho Jaise,
Hans Ke Tuu Naa Hansi Ho Jaise,
Umar Se Lambii Sadak Pe Chalte,
Koi Sadaa Tuune Suni Ho Jaise,
Armaan Jitne Sajaye The Kabhi,
Woh Aas Dil Mein Dabi Ho Jaise,
Dekhne Ko Tasveer Haath Mein,
Yaad Koi Puraani Li Ho Jaise,
Raat Ke Khaali Sannaate Mein,
Saans Ruk Ruk Ke Chali Ho Jaise,
Waqt Ke Band Darwaazon Mein,
Jaag Ke Der Tak Darri Ho Jaise,
Dipak Se Le Ke Koi Kitaab,
Tuune Raat Bhar Padhi Ho Jaise.

210:- Es zulm ki duniya mein faqat pyar mere papa Hain mere liye saya-e-deewar mere papa,
Nafrat ke jazeron se mohabbat ki hadon tak,
Bass pyaar hi pyaar hai bas pyar mere papa

211:- Zindagi me insaan kisi ki sacchi kimat .. Keval do hi halato me samaj pata hain .. Ek usko paane se pahle,
Aur ek usko khone ke baad.

212:- Ek nafrat hi hain .. Jise duniya lamho mein hi jaan leti hai,
Varna Chahat ka pata lagane me to .. Jamane beet jate hai.

213:- Ruthi huyi zindagi ko manana toh aata hain,
Khud na hans sake par auro ko hasana to aata hain,
Hum khud naa bas sake kisi ke dil me to kya hua,
Par logo ko apne dil mein basana toh aata hain.

214:- Apne karam se wo mera mukaddar bana gya,
Ek katre ko pal bhar me samundar bana gya,
Phulo se bhi jyada naram tha kabi dil ye mera,
Jise itna tadpaya ke ab patthar dil bana gaya.

215:- Logo se kah do humari takdeer se jalna chod de,
Hum ghar se dawa nahi bhagwan ki dua lekar nikalte hai,
Koi na de hume khush rahne ki dua,
to bhi koi baat nahi,
Vaise bhi hum khusiya rakhte nahi,
baant diya karte hai.

216:- Kismat mein likha humse koi nahi chieen sakta,
Agar ho khuda ki rehmat toh,
Wo bhi mil jayega jo humara kabhi ho nahi Sakta.

217:- Aankh kholu toh chehra meri maa ka ho,
Aankh band ho to sapna meri maa ka ho,
Main marr bhi jau toh koyi gum nahi lekin,
Par Kaffan mile to dupatta meri maa ka ho.

218:- Pyar Ko Jataane Wale Bahut Dekhe Hain Humne,
Magar Pyar Ko Nibhate Dekha Nahi Hai Koi,
Jaan De Denge Aapke Bina Hum Sabhi Kahte Hain,
Magar Jaan Ko Lutata Dekha Nahi Hai Koi.

219:- Bheed Mein Humko Tanha Rahna Aata Hai,
Tanhai Ko Mefil Karna Aata Hai,

220:- Jab Na Samjhe Koi Apne Dil Ki Baat,
Aise Mein Fir Chup Bhi Rahna Aata Hai,

221:- Taano Ke Tum Teer Chalao Fir Bhi Hamein,
Thanthak Jakhmon Par Bhi Rakhna Aata Hai,

222:- Is Akshar Ko Chahe Koi Na Samjhe,
Pyar Ke Naam Par Humko Marna Aata Hai,

223:- Shabnam Duniya Chahe Sataye Lakh Magar,
Humko Hak Ki Khatir Ladna Aata Hai.

224:- Jiske Aage Mujhko Jana Hi Nahi,
Aaj Mujhko Woh Thikana Mil Gaya,
Unse Do Hi Mulakatein Kya Huyi,
Jamane Ko Yun Hi Bahana Mil Gaya.

225:- Zindagi Ko So Baar Aajmaya Hai Humne,
Har Baar Mout Ko Hi Kareeb Paya Hai Humne,
Chot Khane Se Kab Baaj Aate Hain Hum Bhi,
Toote Dil Ko Aaj Fir Lagaya Hai Hamne.

226:- Juda Tumse Hokar Na Ji Paaunga Main,
Usi Pal Tadap Tadap Kar Mar Jaaunga Main,
Tere Sang Hi Jeevan Bitana Hai Mujhko,
Tere Bina Na Kuchh Bhi Ban Paaunga Main.

227:- Main Khush Hun Teri Di Zindagi Se Khuda,
Mujh Jaisa Sabko Ghar Sansar Mile,

228:- Jaisa Mujhko Diya Hai Aaj Mere Mola,
Aisa Jeevan Mein Sabko Pyar Mile…

229:- Eh Zindagi Jaate Jaate Meri Duaen Leto Ja,
Dil Se Bhula Dena Har Ek Khata,
Saja Jo Bhi Deni Ho Mujhe Woh Bhi Deti Ja,
Ki Ab Toh Teri Yaad Ke Siwa Nahi Kuchh Bacha.

230:- Ghar Ki Dahleej Par Meri,
Jab Kadam Woh Rakhenge,
Har Baat Ko Kahne Se Pahle,
Woh Hamein Yaad Jarur Karenge.

231:- Tum Tab Tak Pyar Se Pyar Mat Karo Ki,
Pyar Tum Se Pyar Na Kare,
Pyar Ko Itna Pyar Karo Ki,
Pyar Kisi Aur Se Pyar Na Kare.

232:- Zindgi Mujhe Jeene Ke Liye Dua Chahiye,
Us Par Kismat Ki Bhi Wafa Chahiye,
Khuda Ke Raham Se Sab Kuchh Hai Mere Paas,
Bas Pyar Karne Ke Liye Aap Jesa Koi Mehbboob Chahiye.

233:- ज़िंदगी जीने के लिए मुझे दुआ चाहिए,
उस पर किस्मत की भी वफ़ा चाहिए,
खुदा के रहम से सब कुछ है मेरे पास,
बस प्यार करने के लिए आप जैसा कोई महबूब चाहिए…

234:- Jabse Mulakat Huyi Hai Unse Meri,
Tabse Mere Dil Ko Karaar Aaya,
Kabhi Zulph Lahraai Kabhi Nakhara Kiya,
Unki In Adaaon Par Bahut Pyar Aaya.

235:- Muskan aapke hontho se kahi jaye nahi,
Aansu aapke palkon pe kabhi aaye nahi,
Pura ho aapka har khwaab,
Aur jo pura na ho wo khwab kabhi aaye nahi.

236:- Raj jab sine se bahar ho gaya apna kahan Ret par bhikhre huye aansu utha sakte nahin,

237:- Aadmi kya hai gujrate wakt ki tasveer hai Jaane wale ko sada dekar bula sakte nahin,

238:- Sahar mein rahte huye hamein jamana ho gaya Koun rahta hai kahan kuchh bhi bata sakte nahin.

239:- Bazaron ki chahal pahal se roshan hai In aankhon mein mandir jaisi sham kahan,

240:- Main usko pahchan nahi paya toh kya Yaad use bhi aaya mera naam kahan,

241:- Din bhar suraj kiska pichha karta hai Roj pahadi par jati hai sham kahan,

242:- Logo ko suraj ka dhoka hota hai Aansu bankar chamka mera naam kahan,

243:- Dalano ki dhoop chhaton ki sham kahan Ghar ke bahar ghar jaisa aaram kahan.

244:- Yeh Mujhse Puchhate Hain Doctor Kyu,
Ki Tu Zinda To Hai Ab Tak,
Magar Kyu,
Jo Rasta Chhod Ke Main Ja Raha Hun,
Usi Raste Par Jati Hai Najar Kyu,
Sunayenge Kabhi Fursat Mein Tumko,
Ki Hum Barson Rahe Hai Darbadar Kyu,
Yahan bhi sab hai begana hi mujhse Kahun Main Kya Ki Yaad Aaya Hai Ghar Kyu,
Main Khus Rahta Gar Samjha Na Hota,
Ye Duniya Hai To Main Deedavar Kyu.

245:- Woh Bachpan Ki Baatein Woh Bachpan Ki Yaadein,
Hun Ko Hardam Bahut Hi Yaad Aati Hain,
Ab Toh Humko Bas Yeh Dekhna Hain Baaki,
Ki Yeh Zindagi Humko Kahan Lekar Jati Hai.

246:- Ek Din Aayega Aisa Bhi Yaaro,
Mujhe Yaad Karega Sara Jahan,
Bas Bol Rahenge Mere Geeton Ke,
Mit Jayega Baaki Naamo Nishaa.

247:- Tere Sagar Par Moula Yeh Jahan Julm Dha Raha Hai,
Tu Bhi Door Baitha Kaise Muskura Raha Hai,
Ab Puchhta Bhi Nahi Hai Koi Baad Uske Mujhe,
Aaj Bichhuda Yaar Mujhe Yaad Aa Raha Hai.

248:- Kismat Se Apni Sabko Sikayat Kyu Hoti Hai,
Jo Nahi Milta Usi Se Mohabbat Kyu Hoti Hai,
Kitne Khade Rahte Hain Raahon Mein Dil Ki Fir Bhi,
Dil Ko Usi Ki Mohabbat Kyu Hoti Hai.

249:- Kaash Is Dil Ki Aawaz Mein Itna Asar Ho Jaye,
Hum Aapko Yaad Karein,
Aur Aap ko Khabar Ho Jaye,
Khuda Se Maangte Hain Ki Aap Jise Bhi Chaho,
Wo Zindagi Ki Raah Mein Apka Humsafar Ho Jaye.

250:- Hasi Ke Raste Pe Chala Karo,
Khushiyo Ki Mahak Liya Karo,
Pyar Se Dilon Ko Chuha Karo,
Jahan Tumhe Gum Nazar Aaye,
Is Nacheez Ko Yaad Kiya Karo,
Har Kali Tujhse Khushboo Udhar Mange,
Aftab Tujhse Noor Udhar Mange,
Rab Kare Tu Dosti Aisi Nibhaye Ki Log Teri Dosti Udhar Mange.

251:- Sagar Main Gehraayi Hoti Hai,
Yaadon Main Tanhayi Hoti Hai,
Is Busy Life Main Kaun Kisko Yaad Karta Hai,
Aur Agar Karta Hai To Uski Yaado Main Sachhayi Hoti Hai.

252:- Unn phoolon se dosti kya karoge,
Jo ek din murjha jayenge,
Karna hai dosti to hum jaise kaanton se karo,
Jo ek baar chubhe toh baar-baar yaad ayenge.

253:- Yaadein Do Dilon Ke Faasle Ko Kaam Karti Hai,
Zindagi Aap Jaise Doston Par Naaz Karti Hain,
Mat Ho Udas Ke Aap Dur Hain Humse Kyun Ke.. Duriyan Hi Rishton Ko Aur Khas Karti Hain.

254:- Jindagi Ek Aisi Sougat Hoti Hai,
Jisme Khusi Or Gum Se Mulakat Hoti Hai,
Kuch Pana Hai To Gahrai Me Utarna Sikho,
Kinaro Se To Jindagi Ki Shuruat Hoti Hai.

255:- Dosti karna hame bhi sikhao,
Dil ke kisi kone me hame bhi bithao,
Ham tumhare dil me hain ki nahi,
Zuban se na sahi SMS se to batao.

256:- Kinare bante hai bigadte hai .. Is Darse lahro ka aana jana kabhi kam ni hota .. Jindgi me tufano k aane se armano ka .. Dagmagana kabhi kam ni hota.

257:- Jo kal nahi tha wo aaj hu,
Khud se chupa hua ek raaz hu,
Jo koi khehta tha beta,
Use apne bachcho se fursat nahi hai,
Me kuch na mangu khuda se bus pyar ka mohtaz hu..

258:- Kisi Ko Zyada Aazmaya Nahi Karte… Apno Ko Kabhi Sataya Nahi Karte… Chahne Wale Bhi Waqt Ke Lamho Ki Tarah Hote Hain… Beet Jaaye To Laut Ke Aaya Nahi Karte..

259:- Dil ke dariya me dhadkan ki kasti hai,
Khawabo ki duniya me yado ki basti hai,
Mohabbat ke bazar me chahat ka sauda,
Wafa ki kimat se to bewafai sasti hai..

260:- Duniya me sabhi hain ajnabi,
Hum hain aap ke liye ajnabi,
Aap hain mere liye ajnabi,
Ye ajnabi hi ban jate hain zindgi,
Kyuki ajnabi se hi hoti hai mohabbat aur dosti.

261:- Ishq ki taqat ko kam na samajh naasamajh,
ishq ko gaali dekar kamjor na kar,
Ishq to vo toofaan hai,
Jo kisi anpadh ko bhi bana de shayar…

262:- Sab log rah guzar nahi hote,
Sath chalne wale hamsafar nahi hote,
Kitna dard hota haio un logo ke dilo main,
Pucho un logo se jinke apne bhi apne nahi hote….

263:- Kamaal ka honsla diya .. Rab ne insano ko .. Aye dost Waqif hum agle pal se nahi .. Aur Vaade janmo janmo k karte hai.

264:- Tum Kiya Jaano Main Khuda Se Kiya Maangti Hoon.. Tumhari Salamti Ki Hamesha Dua Mangti Hoon.. Tum Ho Hamesha Kaamyaab Tumhaari Her Khwaahish Ho Poori.. Bass Ye Chaahti Hoon Aur Tumhari Khushi Maangti Hoon.

265:- Yun na jhaanka karo kisi gareeb ke dil mein,
Aye doston Wahaan hasratein Be-libaas raha karteen hain..!!!

266:- Kahin par dharam bante hain,
Kahin par imaan bante hain,
Kahin par hindu,
sikh,
isai to Kahin muslmaan bante hain,
Hamari mehfil main akar dekh “saki” Yahan insaan hi insan bante hain.

267:- Dil me aap ki yaaden ne kar liya hai makaam,
Umar bhar aapki yaad rahegi paigham,
Aap ki is dosti ne kar diya hame ghulam,
Are jaathe jaathe usthaadon lelo hamari salaam.

268:- Kya Khubsurat Ye nazaare hai,
Kya khubsurat ye sama hai,
Dekho duniya ko meri nazorn se,
Yahan to bas har jagah bas khuda hai,
Kya soch kar banayi hogi usne duniya,
Har daal par jhulne ko panchi khada hai.

269:- Socha Tha .. Uss Se Bichrenge Toh Mar Jayenge,
Jaan Lewa Khauf Tha Bas,
Hua Kuch Bhi Nahi.

270:- Yaadoki Safar Me Chalte Hi Rehena,
Zindegi Me Har Pal Muskurate Rehana,
Mussibat Aaye To Khuda Ko Yaad Karna,
Aur Zindegi Me Kisiko Kabhi Alvida Na Kehena.

271:- Khud Par Guroor Hai Itna Ki Kabhi Pechhe Mud Kar Nahi Dekha.. * * * Ek Bar Jise Apna Keh Diya,
Usey Mera Hona hi Padta Hai…

272:- Apane Apane Hausale .. Apani Talab Ki Baat Hai .. Chun Liyaa Hamne Unhen .. Saaraa Jahaan Rahane Diyaa ..

273:- Wo Ek Shaks Bhi .. Dekha to Dushmano Me Tha…. K Naam Jiska Mere Dil ki .. Dhadhkano Me Tha…!

274:- Shayari Nasha Bhi Hai,
Ek Zajbaat Bhi Hai Har Toote Hue Dil Ka Ek Ehasaas Bhi Hai,
Jo Samajh Sake Iske Lafzoon Ko,
Uska Pyaar Bhi Hai,
Aur Jo Na Samajh Sake,
Uske Liye Ek Jhootha Khwaab Bhi Hai.

275:- Kisi ko Aankhoo Ka Nasha Tha,
Kisi Ko Batoon Ka Nasha Tha,
Hum Nashe Ki Paimaaish Ginte Reh Gaye,
Kyonki Humein Har Waqt Bus,
Likhne Ka Nasha Tha.

276:- Koi rishta naya ya purana nahi hota,
Zindagi ka har pal suhana nahi hota,
Juda hona to kismat ki baat hai,
Par judai ka matlab bhulana nahi hota.

277:- Ek Toote Huye Dil Ki Aawaaj Mujhe Kahiye,
Sur Jismein Hai Sab Ghum Ke Woh Saaz Mujhe Kahiye,
Main Koun Hoon Aur Kyaa Hoon Kiske Liye zindaa Hoon,
Main Khud Bhi Nahi Samajhi Woh Raaz Mujhe Kahiye.

278:- Phool Do Bar Nahi Khilta,
Janam Do Bar Nahi Milta,
Milne Ko Mil Jate Hai Hazaro,
Magar Dilse ChahneWala Bar-Bar nahi Milta.

279:- A smile is like a Sim card & Life is like cell phone Whenever you insert the Sim card of a smile A beautiful day is activated Good morning

280:- Kabi Ruth Kar,
Kabi Mana Kar,
Kabi Has Kar,
Kabi Hasa kar,
Kabi Ro Kar,
Kabi RuLa Kar,
Hmara sms kahega apse har Pal Jiyo,
Muskra Kar,

281:- Tabdeeli jab bhi aati hai,
Mausam ki adaao me,
Kisi ka yu hi badal jana,
Bahut yaad aata hai.

282:- Zindgi Kaaton ka safar hai,
Hosle iski pehchan hai,
Raastey par to sabhi chlte hain,
Jo raaste banaye wo insaan hai

283:- Tum se Bohat Kuch Kehna Hai Magar !! Kabhi Tum Nahi Milte Kabhi Alfaz Nahi Milte !! Ye Doriyan Tu Mita Doon Mein Ek Pal Mein Magar !! Kabhi Kadam Nahi Chalte Tu Kabhi Raste Nahi Milte !! Tumhen Pana Chahti Hoon Umar Bhar Ke Liye Magar !! Kabhi Halat Nahi Milte Tu Kabhi Jazbat Nahi Milte !!

284:- Muskrana chaha muskra na sake,
Geet bhi khusiyo ke hum ga na sake,
Paray to kabhi apne bante nahi,
Hum to apno ko bhi apna bana na sake .

285:- Choti choti baton ko dil se lagate nahi,
Jara si baat pe apno se rooth jate nahi,
Bada aasan hai kehna ke bhool jayenge hum,
Par Dil me rehne wale Dil se kabhi jate nahi.

286:- Sapno ko Sapna Mankar Bhool Na jana,
Dil ki Armano Ko Chod Na Dena,
Tum Mein Kashish Hai Kuch Pane ki,
Na Mumkin Samajhkar Chod Na dena.

287:- Dard Kya Hota hai Batayenge Kisi Roz,
Ek Achchhi Si Gazal Sunayenge Kisi Roz,
Udne Do Parindon Ko Aazad Fizaaon Me,
Agar Apne Huye To Laut Aayenge Kisi Roz.

288:- Hamare rishtey ko dil se juda na karna,
Zindagi main na kbhi ye gunaah karna,
Kuch pal beet jaye tumse baat kiye bina,
Zindagi na beet jaye ye dua karna.

289:- Kahte hai riste nasa ban jate hai,
Koi kahte hai riste saja ban jate hai,
Per riste nibhao sache dil se to,
Wo riste hi jine ki wajah ban jate hai.

290:- Duniya me koi kisi ke liye kuch nahi karta,
Marne wale ke saath har koi nahi marta,
Are Marne ki baat to door rahi,
Yaha to zindgi hai phir bhi koi yaad nahi karta.

291:- Manzil tum chuno,
Raste hum denge,
Khush tum raho,
Khusiyan hum denge,
Bas isee tarah LAGAN aur ZUNOON se .. Apani “Manzl” ki taraf chalate raho .. To SAPANE apke pure honge .. Aur Badhaiyan hum denge.

292:- Jhuta apnapan to har koi jatata hai,
Woh apna hi kya jo pal pal satata hai,
Yakin na karna har kisi par,
Kyu ki karib hai kitna koi yeh toh waqt hi batata hai.

293:- Tezz raftar zindagi ki .. Ye aalam he in dino yaaro,
Ki subah k ghum bhi .. Sham ko purane lagte hai….!!

294:- GANDHIJI janme the us desh me Rehta hu,
Fir bhi ye Bhrshtachar roj Sehta hu,
Koi Aayega mitane Bhrshtachar ye Manta hu,
Lakin khud himmat kar mai Aage nahi Badta hu,
Fas na jau Rajneeti me isi liye main inse Darta hu,
Har din har roz in Bhrshto k hatho main Marta hu.

295:- Ae phool mujhe bata tu aaj tak kyun khilta raha,
Tune to di sabko khusbuoo tujhko kya milta raha,
Phool ne kaha tu abhi nadan hai pyar ke sachhe matlab se anjan hai,
Dene ke badle lena,
wo to ek vyapar hai,
Jo dekar bhi kuch na mange wahi to sachha pyar hai…

296:- Pyar To Jindgi Ka Afsana Hai,
Iska Apna Hi Ek Tarana Hai,
Pata He Ki Sabko Milege Sirf Aansu,
Par Na Jane Duniya Me Har Koi Kyo,
Iska Ka Diwana Hai.

297:- Udasiyo Ki Wajah To .. Bahut Hai Zindagi Main,
Par Bewajah Khush Rehne Ka Maaja Hi .. Kuch Aur Hai.

298:- Hum se ek rootha hua .. Shakhs na mana,
Log to roothi huyi .. Taqdeer mana lete hain.

299:- Kabhi Nazrein Milane Me Zamane Beet Jaate Hain,
Kabhi Nazrein Churane Me Zamane Beet Jaate Hain,
Kisi Ne Aankh Bhi Kholi To Sone Ki Nagri Mein,
Kisi Ko Ghar Banane Me Zamane Beet Jaate Hain,
Kabhi Kaali Siyahi Raatein Hamein Ek Pal Ki Lagti Hai,
Kabhi Ek Pal Bitane Me Zamane Beet Jaate Hain.

300:- Marne ke darr se mere dil,
Jeena naa tu chhod dena,
Rone ke darr se jahaan mein,
Hansna naa tu chhod dena.

301:- Jaha sar juk jaye wahi khuda ka ghar hai,
Jaha har nadi mil jaye wahi samandar hai,
Is zindgi mein dard to sab dete hai,
Jo har dard ko samaj sake wo hi hamdard hai.

302:- Zindagi jina aasaan nahi hota,
Bina sangharsh koi mahan nahi hota,
Jab tak na pade hathodi ki maar,
Tab tak patthar dil bhi naram nahi hota.

303:- Khushiya milti nahi mangne se,
Manzil milti nahi raah par ruk jane se,
Bharosa rakhana apne aap par aur us RAB par,
Sab kuchh deta hai wo sahi waqt aane pe.

304:- Uske Chale Jaane Ke Baad,
Hum Mohabbat Nahi Karte Kisi Se,
Ek Choti Si Zindagi Hai,
Kis-Kis Ko Aazmate Rahenge.

305:- Bachpan ke din kitne ache hote the,
Tab “DIL”nahi sirf “KHILONE” tota krte the .. Ab to ek ansu tak bhi saha nahi jata,
Aur Bachpan me jee bharkar roya krte the.

306:- Kudrat k niymo se inayat na karna,
In hasin nazaro se kaymat na karna,
Wo khud dega her chiz tumko bas,
Waqt se pahle pane ki khawhish na karna.

307:- Raat Bhar Sisakte Rehna .. Bs Ek Shaks Ki Khatir,
Isey Aagr Ishq Kehty Hain .. To Wallah Meri Tauba.

308:- Parindo ko nahi di jati taaleem udaano ki,
Woh khud hi tay karte hai manzil asmano ki,
Rakhta hai jo housla asman ko chune ka,
Usko nahi hoti parwah gir jane ki.

309:- Kaas Koi Hum Se Puch Leta Ke Tum Bhi Pyar Karte Ho,
Dil Me Koi Mohabbat Hai Ki Ase Hi Aah Bhrte Ho,
Kasam Se Ham Unhe Kewal Sach Hi Batate,
Jo Puch Lete Wo,
Hamare Dil Me Kewal Watan Basa Hai,
Ashiyana Deta He Jo.

310:- Ungliyaan Meri Wafa Par Na Uthana Logo .. Jise Ko Shak Ho .. Wo Kabi Mujh Se,
Nibaah Kar Dekhe.!

311:- Dil ki aawaj se nagmein badal jate hai,
Sath na de to apne badal jate hai,
Palke bhi jara samhal ke jhapkana kyunki,
Palke jhapkane se sapne badal jate hai.

312:- Khushiya Itni Ho Ki Aankhon Me Ansu Jam Jaye,
Lamhe Ho Itne Hasin Ki Waqt Bhi Tham Jaye,
Dosti Nibhayenge Hum Apse Is Tarha,
Ki Saath Guzra Har Pal Zindagi Ban Jaye.

313:- Kabi Kisi Ko Inta Yaad Mat Karo,
K Phir Bhoola Na Sako… Kabi Kisi Ko Inta Pyar Na Karo,
K Phir Nafraat Na Kar Sako… Kabi Kisi Ko Apne Itne Karib Na Hone Do,
K Phir Apne Se Duur Na Kar Sako…

314:- Is Gumraah Dil Ko Kaash Ye Mulum Hota.. Ke Mohabbat Us Waqt Tak Dilchasp Hoti Hai,
Jab Tak Nahi Hoti.

315:- Bewafa hai ye duniya,
kabhi kisi ka aitbaar na karna.. Har pal milta hai yahan pe dhoka,
Kabhi kisi se pyar na karna.. Mar jaana chahiye,
Saari umar tanha ji kar,
. Par zindagi mein kabhi kisi ka,
intzaar na karna..

316:- Apne Asman Se Meri Zameen Dekh Lo,
Tum Khwab Aaj Koi Hasin Dekh Lo,
Aazmana Hai Agar Aitbar Ko Mere,
To Ek Jhut Tum Bolo Or Mera Yaqeen Dekh Lo.

317:- Jo Dil Ke Aaine Me Ho… Wo Hi Pyar K Kabil Hai,
Wrna Deewar K Kabil To Har Tasveer Hoti Hai..!!

318:- Duniya ka har shauk pala nahi jata,
Kaanch ke khilono ko uchala nahi jata,
Mehnat karne se mushqile ho jati hai aasan,
Kyunki har kaam taqdeero per tala nahi jata.

319:- Pyar ki gadi mein kabhi petrol nahi hota,
pyar ke safar mein kabhi panchar nahi hota,
Pyar jivan ki aisi gadi hai jis mein… Do se jayada passenger hona achha nahi hota.

320:- Kya Baat Kahiye Duniya Ki,
Har Shakhs Ke Apne Afsaane Hain,
Jo Saamne Hai Usse Log Bura Kehte Hain,
Jisko Dekha Nahi Kabhi Usse Khuda Kehte Hain!!

321:- Yad Na Karo Gi To Sataoun Ga,
Rotho Gi To Manaoun Ga,
Ro Gi To Hasaoun Ga,
Dost Hon Mein Tumhara Saya Nahi,
Jo Andhere Mein Sath Chor jaunga.

322:- Kudrat k niyamon se Khilwad kar diya,
Hari Bhari Dharti ko ujad kar diya,
Guruon Peeron ke desh me hamne,
Sab Dharmon ko Vyopar kar diya.

323:- Zindagi Hamari Sitam Ho Gayi,
Khushi Na Jane Kaha Dafan Ho Gayi,
Bahut Likha Khuda Ne Logoe Ki Kishmat,
Par Hamari Bari Aayi To,
Sihayi Hi Khatam Ho Gayi..!!

324:- Ye Zindagi Bhi Kitna Tadpati Hai,
Kabi Dil Ko Sehlati Hai Kabi Jalati Hai,
Kabhi Jeet Dilati Hai Kabi Haar Me Bebas Banati Hai,
Kabi Tufaan Me Kashti Paar Lagati Hai Kabi Dubati Hai.

325:- Aitbar kiya bhagwaan pe bhagwan nahi milta,
Dharti pe farishte bhi hai aisa koi nishan nahi milta,
jane kya huya hai duniya me sab khuda he milte hain ab,
jane kyun is jahan me insaan nahi milta…

326:- Kabhi Kabhi Khamoshi Bhi Bahut Kuch Keh Jati Hai,
Tarapne Ke Lie Bahut Kuchh Chhor Jati Hai,
Life Ho Ya Sigrate,
Jalne K Baad Sirf Rakh Hi Chhor Jati Hai.

327:- Rab Insan Ke Irade Aajmata Hai,
Khwabo Ki Chadar Aankho Se Hatata Hai,
Har Rishte Ka Ehsaas Dil Mein Rakhiyega,
Kyoki Ek Ehsaas Hi Hai,
Jo Rishto Ko Banata Hai.

328:- Ajnabi kuch milte hai aur jane kab dost ban jate hai,
Dil mein nahi baste vo to Dil ka hissa ho jate hai,
Badi haseen lagti hai duniya doston k saath yaro,
Par bada dard hota hai jab kabhi dost ajnabi ho jate hai..

329:- Roti hui ankho me intzar hota hai,
na chahte huye bhi pyar hota hai,
kyo dekhte hai hum wo sapne,
jinke tutne per bhi unke sach hone ka intzar hota hai.

330:- kaun puchta hain,
pinjre mein band inn panchiyon ko,
YAAD wo hi aate hain,
jo urh jatay hain…

331:- Girna bhi accha lagta hai,
Aukat ka patta chalta hai,
Badhte hai jab hath logo ke uthane ko,
Apno ka patta chal jata hai.

332:- Kyon waqt ke saath rangat kho jati hai,
hasti khelti jindgi bhi aam ho jati hai,
ek savera tha jab haskar utha karte the hum,
aaj bina muskuraye hi shaam ho jaati hai.

333:- Khubsurat sa ek pal kissa banjata hai,
Jane kab kaun zindagi ka hissa banjata hai,
Kuch log zindagi me milte hain aise,
Jinse kabhi na tootnewala rishta banjata hai.

334:- Lab Khulte Hai Band Ho Jate Hai,
Sache Dost Milte Hai Bichad Jate Hai,
Per Jab Saath Bitaye Din Yaad Aate Hai Toh,
Hasti Aankhon Se Bhi Aansoo Nikal Aate Hai.

335:- Khubsurat sa ek pal kissa ban jata hai,
Jane kab kaun zindagi ka hissa ban jata hai,
Kuch log zindagi me milte hain aise,
Jinse kabhi na tutnewala rishta banjata hai.

336:- Ae dost zindagi bhar mujhse dosti nibhaana,
dil ki koi bhi baat humse kabhi na chupaana,
sath chalna mere tum dukh sukh mein,
bhatak jau mein jo kabhi sahi raasta dikhlaana.

337:- Ek pal mein jo aakar gujar jaaye,
Yeh hawa ka woh jhoka hai aur kuch nahi,
Pyar kahti hai duniya jise,
Ek rangeen dhokha hai aur kuch nahi.

338:- Ise nacheez ko har kisi ne istemal kiya,
khubsurat nahi thi par fir bhi pyar ka inteqab kiya,
jab aayi nibhane ki baari,
to kaha yaar humne to sirf majak kiya.

339:- Duniya ki bheed mein hum us insaan ko dhundte rahe,
Jo hamien bhi zindagi jeena sikha de,
Mile bahut par… Har koi zindagi me aane ki wajah suna gaye.

340:- Chale hai kafile ke saath… hum bhi manzil ki talash me,
Raah mein bichhad jaane walon mein… kabhi hum bhi honge.

341:- Kuch Lamhe Aye Zindagi Me Kuch Lamho Ke Liye,
Aaj Fir Tarste Hain Hum Un Lamho Ke Liye,
Khuda Ne Kaha Kuch Maang Lo,
Maine Kaha Wo Lamhe Fir De Do Kuch Lamho Ke Liye.

342:- Agar Bharosa Uparwale par hai to,
Jo likha taqdeer mein hai wahi paoge,
Magar Bharosa agar khud par hai to,
Wo wahi likhega jo aap chahoge,

343:- Mile wo jo aapki nazar ko talash ho,
Har subah ke saath ek naya ahsaas ho,
Zindagi ka har lamha pasand aaye apko,
Zindagi gujre aise ki har pal khushiyo se mulakat ho

344:- Aapka dost jab pragati kare tab garv se kehna wo mera DOST hai,
Aur jab aapka dost mushkil mein ho tab garv se kehna Main uska DOST hun.

345:- Kisi Ghareeb Ki Madad Kar K Yeh Mat Socho K… Tum Us Ki Duniya Sanwar Rahe Ho,
Yeh Socho K woh Gareeb… Aap Ki Akhirat Sanwar Raha Hai.

346:- Ehsaas na kar mere jazbaaton ka,
Nazron se gira be shak lekin,
Jeena bhi mujhe dushwar lage,
Itna to nazar andaaz na kar.

347:- Shayad Wo Apna Wajood Chod Gaya Hai Meri Hasti Mein,
Yun Sote-Sote Jaag Jana Meri Aadat Pehle Kabhi Na Thi.

348:- Ab to kuch apni tabiyat bhi juda lagti hai,
Saans leta hun to zakhmo ko hawa lagti hai,
Kabhi razi to kabhi mujse kafa lagti hai,
Zindgi tu hi bata tu meri kiya lagti hai.

349:- Daulat ki bhuk aisi lagi ki kamane nikal gaye,
Jab daulat mili toh hath se rishte nikal gaye,
Bachon ke sath rahne ki fursat na mil saki,
Fursat mili to bache khud kamane nikal gye.

350:- Anjaan is gham se koi reh nahi sakta,
Koi sabar karta hai to koi seh nahi sakta,
Mohobbat to har dil ko ho hi jati hai,
Bas koi izhar karta hai to koi keh nahi sakta.

351:- Zindagi bhi kya ajeeb mod leti hai Ek waqt aisa tha jab hum apne dosto se kahte the Chalo milkar kuch plan banate hain Aur ab chalo milne ka koi plan banate hain

352:- Zindgi mein pehle hi itna gum samet liya he yaaron,
Ab aur aasuon ki jagah baaki kahan hai,
Hum to apni saanse sambhal k baithe the bas,
par kambakth es duniya ko hi chain kaha hai…

353:- Kyun sochte ho ki kuch bhi acha nahi hota,
Sach to ye hai ki jaisa chaho vaisa nahi hota,
Koi apka sath de na de kabhi gum na karna,
Khud se bada duniya me koi humsafar nai hota.

354:- Ek nafrat hi hai jise duniya chand lamho mein jaan leti hai,
Warna chahat ka yaqeen dilane mein to zindagi beet jati hai.

355:- Dard Jo Tune Diya Wo Gehra Diya,
Karke Wada Tune Humko Bhula Diya,
Zakham Dene Wale Tera Bhi Shukriya,
Jo Zindagi Ka Tune Matlab Sikha Diya.

356:- Hum Gussa Un Par Hote Hain,
Jin Pe Humein Yaqeen Hota Hai,
Ke Wo Hamein Mana Lenge,
Aur Hum Manaate Use Hain,
Jise Hum Kabhi Khona Nahi Chahte.

357:- True And Touching Lines – Mat kar itna garoor apne aap par aye insaan,
Na jane Khuda ne kitne tere jese bana bana k mita diye..

358:- Humara dil tab nahi rota,
Jab hum kisi ko kho dete hain… Dil to tab rota hain Jab hum khud Ko kho kar Bhi Kisi k ho nahi pate….

359:- Kabhi aisi bhi berukhi dekhi hai humne Ke log aap se tum tak,
Aur tum se jaan tak,
Fir jaan se anjaan tak ho jate hain..

360:- Khud ko padhta hun chhodh deta hun,
Duniya k dukho se yun muh mod leta hun,
Itne zakham hai meri nigahon me mere,
Dekh khud ko main aaina har roz tod deta hun.

361:- Zindagi ne kuch is tarah ka rukh liya,
Jisne jis taraf chaha mod diya,
Jisko jitni thi zaroorat saath chala,
Aur phir ek lamhe mein tanha chod diya.

362:- Jab Pyar ke Ehsaas ko Samaj Jaoge,
Har sanso mein mera hi Naam Paoge,
Mera pyar us waqt dega Awaaz,
Jab tum dunia ki Bheed mein khud ko Akela Paoge…

363:- Rone wale to dil mein hi ro lete hain,
Aankho mein aansu aayein,
ye zaruri to nahi…

364:- Ab kisi se koi aas nahi hai hamein,
In tanhaiyon ne hamein akele jeena sikha diya.

365:- Khuda ka shukar hai jo us ne khwab bana diye,
Warna tamanna tum se milne ki,
kabhi puri nahi hoti…

366:- Teri mohabbat ke pyase the,
Isliye haath faila diya humne,
Warna hum to khud ki,
zindagi ke liye bhi dua nahi karte….

367:- Mere jane ke baad kisi ko,
fark to nai padega,
Bass tanhayi hi royegi,
ki mera humsafar chala gya….

368:- Khamoshiyon Ke Rishte Nibhana Mujhe Aata Hai,
Har Dard Se Is Dil Ko Lagana Mujhe Aata Hai,
Jo Tum Hanso Hansta Hun,
Agar Ro Do To Rata Hun,
Jo Jaisa Hai Sang Uske Jeena Mujhe Aata Hai,
Banjar Si Jamin Par Hi Kabse Jee Raha Hun Main,
Ret Se Apna Ghar Banana Mujhe Aata Hai,
Dunia Mein Mohabbat Ka Katra Na Mila Mujhko,
Ab Dukh Bhare Geeton Ko Gana Mujhe Aata Hai.

369:- Zindagi me kuch aise log hain,
Jo haqiqat mein to samne aate nahi,
aur sapno me aakar jaate bhi nahi…

370:- Khushi se beete har din,
har suhani raat ho,
jis taraf aapke kadam pare Vaha par phoolo ki barsaat ho..

A:-Kitabon ke panne palat ke sochte hain,
Yun palat jaye zindagi to kya baat hai,
Tamanna jo puri ho khwabon mai,
Haqikat ban jaye to kya baat hai,
Kuch log matlab ke liye dhundte hai mujhe,
Bin matlab koi aye to kya baat hai,
Katal karke to sab le jayenge dil mera,
Koi baaton se le jaye to kya baat hai.

B:-Mat Kar Gam Itna Tu Dil Tode Jane ka,
Ki Khuda Hisab Rakhta Hai Har Bure Or Sayane ka,
Ki Maut Aani Hogi Tab Ayegi,
Uthale Maza Zindagi Ke Paimane ka.

1:- Mujhe is jahan me aaye to kaafi waqt ho gaya,
bas logo ko najar aata hu unki jarurat ke hisaab se.

2:- Zara Si Zindagi Hai Arman Bahut Hain Humdard Nahi Koi Insan Bahut Hain Dil Ka Dard Sunaye To Sunaye Kisko Jo Dil Ke Kareeb Hai Wo Anjan Bahut Hain

3:- बहुत कुछ सिखाया जिन्दगी के सफ़र अनजाने ने,
वो किताबों में दर्ज था ही नहीं जो पढ़ाया सबक ज़माने ने.

4:- रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा,
प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,
थक कर ना बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर,
मंज़िल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा

5:- अब के ज़माने में वफ़ा की तलाश न कर मेरे दोस्त,
वो वक्त और था जब मकान कच्चे और लोग सच्चे हुआ करते थे।

6:- खेल ताश का हो या जिंदगी का ,
अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो ।

7:- ज़िन्दगी तुझ से एक सबक सीखा है मैंने,
वफ़ा सब से करो,
वफ़ा की उम्मीद किसी से न करो.

8:- Zindagi ke safar ko lafzo me piroya hai,
Apni har gazal ko dard me bhigoya hai,
Aaj wah-wah na kehna mere yaro,
Kyu ki aaj fir ye dil kisi ki yaad me roya hai.

9:- Zara Talaash To Karo Mere Pyaar Ko Apne Dil Me,
Agar Thoda Dard Hoga To Samaj Lena Ke Mohabbat Aabi Zinda He.

10:- मत कर तलाश मंजिलों की,
खुदा खुद ही मंजिल दिखा देता है.. युँ तो मरता नहीं कोई किसी के बिना,
वक्त सबको जीना सिखा देता है..

11:- Zindagi Me Hamne Waqt Se Bahot Wafa Kar Li,
Par Waqt Hamse Bewafaai Kar Chala Gaya. Kuch Hamare Naseeb Bure The,
To Kuch Logo Ka Hamse Mann Bhar Gaya.

12:- Har sagar ke kuch kinare hote hain kuch log zindagi mein jaan se bhi pyare hote hain ye zaruri nahi har koi aapke paas ho kyonki zindagi mein yadon ke bhi sahare hote hain.

13:- ”Zindagi Us K Liye Mat Guzaro,
Jis K Liye Tum Zinda Ho,
BaL’Key.. Zindagi Us K Liye Guzaro,
Jo Tumhari Waja Se Zinda Hai.”

14:- Zindagi ne kaafi sawalat badal daale. Waqt ne mere haalat badal daale. Main toh aaj Bhi waha hu joh main kal tha ,
Bus mere liye logo ne apne khayaalaat badal dale

15:- Log kehte hain ki ishq itna mat karo,
ki hussan sar pe sawar ho jaaye…..! hum kehte hai ki ishq itna karo,
ki patthar Dil ko bhi tumse pyaar ho jaye..!

16:- Teri taqdeer se meri taqdeer bana de Mere hathon mein tu apni lakeer bana de,
Main rahun na rahun tere paas Bas apne dil ki mere dil mein ek tasveer bana de.

17:- Aap haso to khushi mujhe hoti hai,
Aap ruthoto ankhe meri roti hai,
Aap dur jaoto becheni hoti hai,
Mehsus karke dekho pyar me zindgi kaisi hoti hai.

18:- Wqat badalta hai zindagi k sath ,
Zindagi badalti hai Mohhabt k sath ,
Mohabbat nahi badalti apno k sath ,
Bus apne badal jatay hain Waqt k sath.

19:- Dur Chale Jaane Wale Ko Yaad Me Kya Donge,
Neend Me Rahene Walo Ko Sapno Me Kya Donge,
Ham To Sirf Zindagibhar Ka Saath Chahte He,
Ab Hamare Is Savaal Ka Javaab Kya Donge. ——————————————– Tum haseen ho gulab jaisi ho,
Bahut nazuk ho khawab jaisi ho,
Hothon se lagakar pee jaun tumhe,
Sir se paanv tak sharab jaisi ho. ——————————————– Ye zulf agar khul ke bikhar jaye to accha hai,
Is raat ki takdir sanwar jaye to accha hai,
Jis tarah se thodi si zindagi tere saath kati hai,
Baaki bhi usi tarah guzar jaye to accha hai,
Duniya ki nigaho me bhala kya hai aur bura kya,
Ye bojh agar dil se utar jaye to accha hai,
Waise to tumhi ne mujhe barbaad kiya hai,
Ilzaam kisi aur ke sar jaye to accha hai. ——————————————– Kitna Hasin Chaand Sa Chehra Hai,
Uspe Shabab Ka Rang Gehra Hai,
Khuda Ko Yakin Na Tha Wafa Pe,
Tabhi To Ek Chaand Pe Hazaaro Taaro Ka Pehra Hai. ——————————————– Gham nahi hote toh hum nahi hote,
Aapki ankho ke ye sitam nahi hote. Zindagi toh mera sath kabhi deti nahi,
Aur hum maut k humkadam nahi hote. Mera dil agar kaanch ka naa hota toh,
Aap bhi patthar ke sanam nahi hote. 7 janmo ka wada humse na kar e-sathi,
Aashiko ke kabhi dusre janam nahi hote. Aye-zindagi muje dusre jaha le chal tu hi,
Suna h ki waha dard k mosam nahi hote. Dum mera ghut raha hain mere hi andar,
Tumse milne k armaan kabi kam nahi hote.

20:- Sapna Aisa Dekho Ki Aasmaan Tak Ja Sako,
Dua Aisi Karo Ke Khuda Ko Paa Sako,
Yu To Zindagi Jine Me Bahot Kam Pal He,
Jiyo Aise Ki Har Pal Me Zindagi Paa Sako.

21:- Pyar ka anjam kaun sochta hai,
Chahne se pahle niyat kaun dekhta hai,
Mohabbat hai ek khubsoorat ehsas,
Karte hai sabhi par mukam kaun janta hai.

22:- Toofan Dard Ka Bana To Sanvar Jaunga,
Me Teri Julf Nahi Jo Zindagi Me Bikhar Jaunga. Yaha Se Udega To Ye Mat Puchna Ke Kaha Jaunga,
Me To Dariya Hu Samundar Me Chala Jaunga.

23:- Ek Sawaal Hum Zindagi Se Kiya Karte Hain…. Ke Hum Is Duniya Mein Kyun Jiya Karte Hain…. Jab Kisi Ke Liye Kisi Ke Pass Waqt Hi Nahi…. Toh Log Kyun Rishta Bana Liya Karte Hain….!!

24:- Zindagi Se Badi Saza Hi Nahin,
Aur Kya Jurm Hai Pata Hi Nahin … ! Itne Hisson Mein Bat Gaya Hoon Main,
Mere Hise Mein Kuchh Bacha Hi Nahin … !! Sach Ghate Ya Bade To Sach Na Rahe,
Jhooth Ki Koi Intehaa Hi Nahin … !!! Jad Do Chandi Mein Chahe Sone Mein,
Aaeena Jhooth Bolta Hi Nahin … !!!!

25:- Zindagi bhar ke liye tera sath Nibhana chahty hai,
Tumhari in ankho mai sada ke liye bas jana chahty hai,

26:- Suna Hai Zindagi Imtehan Leti Hai Dosto Par Yahan To Imtehano Ne Zindagi Leli

27:- Ujaale apni yaadon ke humare saath rehne do na jaane kis gali mein zindagi ki shaam ho jaye

28:- Jaane Naa Kahan Wo Duniya Hai,
Jaane Naa Wo Hai Bhi Ya Nahi,
Jahan Meri Zindagi Mujhse,
Itni Khafa Nahi.. Jaane Naa Kahan Wo Duniya Hai,
Jaane Naa Wo Hai Bhi Ya Nahi,
Jahan Meri Zindagi Mujhse,
Itni Khafa Nahi..

29:- Kaate Nahin Kat Te Lamhe Intezaar Ke Nazaren Bichaein Baithe Hain Raste Pe Yaar Ke Dil Ne Kaha Dekhe Jo Jalwe Husne Yaar Ke Laya Hain Unhe Kaun Falak Se Utaar Ke

30:- ज़िंदगी का आखरी सफर पे कुछ शब्द.

31:- कफ़न तो हकीकत है दर्शने संसार में क्या ढूंढते हैं न जाने हम सोने के हार में.

32:- एक दिन तो इल्म होगा हर किसी को कुछ नहीं रखा है इस नकली से बाजार में.

33:- रस्म दुनिया का यही है बस जी के मर जाना मिटटी से आये थे मिटटी में मिल जाना.

34:- कौन- किसको दिल के तले याद रखता है अब बंदगी न हो तो भूल जाता है रब.

35:- अफसाने बहुत है कई वाकया मतलबे बिना चराग जलता है कब.

36:- यही सच है अब सामना करो न करो बे इम्तियाज़ या आंखे मूँद लो.

37:- बड़े जतन से जो रखे पाई-पाई वो उम्र भर की तुम्हारी -हमारी कमाई.

38:- एक अरसे से है लम्बी दौड़ते रहे हम जाग के भी सोते रहे हैं हम.

39:- अब एक इलाक़ा जो रह गया बाकि आखिरी सफ़र गुमनाम साकी.

40:- हम क्या ..तुम क्या ….कौन क्या ….? सबके जनाजे… यही अंजाम बाकि हाँ यही अंजाम बाकि …

41:- आखिरी सफ़र…….

42:- चाहते थे जिसको हम उसके दिल बद्ल गए,
समुंदर तो वोही था लकिन साहिल बदल गए. कत्ल ऐसा हुवा हर बार किस्तों में मेरा,
कभी खंजर बदल गए तो कभी कातिल बदल गए.

43:- तुझसे रिश्ता बड़ा अजीब रहा। दूर रहकर भी तू करीब रहा।। तुझे भूलना तो बस में नही। तू मेरे दिल का अजीज रहा।। तेरी चाहत में बस गयी हु मै बड़ा खुशनुमा मेरा नसीब रहा।। आके बस जा मेरी निगाहों में। कब से तू ही मेरा रकीब रहा।। मिट गयी रात दिन की तन्हाई। तुझसे जुदा नही जमीर रहा।।

44:- एक अजब सी है कशिश,
एक अजब सी प्यास है,
हर वक़्त मेरी निगाहों को उस चेहरे की तलाश है,
एक नज़र में जो मुझको यूँ दीवाना कर गए,
कुछ तो उनमें है अलग,
कुछ तो उनमें ख़ास है

45:- मेरे अल्फाजों को झूठ न समझना,
याद आती हो बहुत मिलने कि दुआ करना,
जी रहा हूँ तुम्हारा नाम लेकर,
मर जाऊं तो बेवफा न समझना

46:- बिन बताये उसने ना जाने क्यों ये दूरी कर दी; बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी; मेरे मुकद्दर में ग़म आये तो क्या हुआ; खुदा ने उसकी ख्वाहिश तो पूरी कर दी।

47:- In The Life Having a BoyFriend or GirlFriend love is not Important,
But..

48:- Having someone Special in life on whom You have blind trust that Even if you hurt them too much,
They will still hold your hand and say “I was,
I am,
and I will ALWAYS be yours…” That’s Love,
That’s Real Life Partner.

49:- Kis Liye Itni Saza Dete Hai Wo Kabi Karte Hai Yad To Kabi Bhula Dete Hai Wo Ajeeb Hai Unke Pyar Ka Silsila Yaron Kabi Khushi Or Kabhi Apni Yaad Me Rula Dete Hai Wo

50:- Kuch log meri zindegi mein khushbooki tarha hain Mehsoos to roz hote hain,
dikhayi nahi dete..

51:- Apne pyaar ko chupana chaha par chupa na sake,
diwaane dil pe kaabu hum pa na sake,
aaj itne kareeb se gujar gaye wo,
phir bhi unse haath mila na sake.

52:- Barsti hai meri aankhe akelepan me roti hai tujhe hi yaad karti hu sukun se main na soti hu diya kya khub ye tune sila meri wafao ka tujhe ik roj main dungi sila teri jfaao ka mujhe tanhaiya dekar mera jeena kiya mushkil tere sadme ke sadmo se tarapta hai bechara dil tere sare gunaho ki sanam tujhko sjaa dungi mohabbat ki tarap kya hai tujhe bhi main bta dungi..

53:- Taash ke patto se taj-mahal nahi banta,
Nadi ko rokne se samundar nahi banta. Ladte raho zindgi se har pal,
kyoki,
Ek jeet se koi sikandar nahi banta.

54:- zindagi mein kucchh baatein sachh hoti hain: ek sachh yeh hai ki main tumse pyaar karti hoon,
ek sachh yeh bhi hai ki yeh sab jaanke bhi tum mujjhe chhod kar chale gaye,
ek sachh yeh bhi hai ki tum bhi mere liye tadapte ho,
aur ek sachh yeh bhi sunlo ki main tumhara meri,
zindagi mein waapis aane ka aaj tak intezaar karti hoon.

55:- Kal Na Hum Honge Na Koi Gila Hoga,
Sirf Simti Hui Yaadon Ka Silsila Hoga,
Jo Lamhe Hain Paas Chalo Hanskar Bita Le,
Jaane Kal Zindagi Ka Kya Faisla Hoga…

56:- Ek din humare aansu humse pooch baithe,
Hume roz roz kyun bulaate ho… Humne kaha… Hum yaad unhe karte hai,
Tum kyo chale aate ho.

57:- “MOHABBAT AUR MOUT” Mohabbat or Mout Dono Hi Bin Bulaye Aati Hai Kab Aa Jaye Koi Nahi Janta Lekin Dono Ka Ek Hi Kaam Hai Ek Dil Le Jati Hai Aur Dusri Dhadkan

58:- Log kehte hain ki ishq itna mat karo,
ki hussan sar pe sawar ho jaaye…..! hum kehte hai ki ishq itna karo,
ki patthar Dil ko bhi tumse pyaar ho jaye..!

59:- Zindgi ABCD……hai,
yakin nahi hota. A- Aitbar,
B- Barosha,
C- Chahat,
D- dosti,
E- Enjoy,
F- Fashla,
G- Gum,
H- Hamdam,
I- Intejar,
J- Jimmedari,
K- Kismat L- Lamhe,
M- Mohebbat,
N- Narazgi,
O- Ommeed,
P- Pyar,
Q- Qayamat,
R- Riste,
S- Samjota,
T- Tammana,
U- Udasiya,
V- Virasat,
W- Wada,
X- Xcuse,
Y- Yaden- in sab filling se milkar banti hai. Z- “ZINDGI”.

60:- Baadlo ke beech ye kaisi saazish hui,
Mera ghar tha mitti ka aur mere hi ghar baarish hui,
Jid hai agar unhe bijaliya girane ki,
To kasam hai hame phir wohi aashiyana banane ki.

61:- meri aankho me mohabbat ki chamak aaj bhi hai halaki usko mere pyar pe shaq aaj bhi hai naav me baith ke dhoye the usne haath kabhi poore talab me mehandi ki mehak aaj bhi hai.

62:- Ek do roj me har aankhein ubb jaati hai,
Mujhko manjil nahi rasta samajhne lagte hai…! Jinko haasil nahi wo jaan dete rahte hai,
Jinko mil jaun wo sasta samajhne lagte hai…!!

63:- tumhi pe marta hai ye dil adawat kyo nahi karta kai janmo se bandi hai bagawat kyo nahi karta.. kabhi tumse thi jo wo hi shikayat he jamane se meri taarif karta hai mohabbat kyo nahi karta..

64:- koi manzil nahi jachati safar accha nai lagta agar ghar laut bhi aau to ghar accha nahi lagta karu kuch bhi main ab duniya ko sab accha hi lagta hai mujhe kuch bhi tumhare bin magar accha nahi lagta

65:- kitni duniya hai mujhe zindagi dene wali aur ek khwab hai tera ki jo mar jata hai khud ko tarteeb se jodun toh kaha se jodun meri mitti me jo tu hai ki bikhar jata hai

66:- Purane logon se nayee baat karni hai mujhe phir se ek nayee shuruaat karni hai jaane pichhli baar kahan chhooti thi baatien Kuchh khas doston se mulakaat karni hai kaam mushkil hai,
magar namumkin to nahi Chilchilati dhoop mein barsat karni hai Zindagi ki kitaab ke kuchh panne bikhre se hain mujhe kuchh cheezein phir ek saath karni hain..

67:- Nafrato ki duniya hai,
na pyar ka hai sayaa,
Yeha kaun aapna hai,
kaun paraya. Gam ki vadiyo mei bhula diya tha tumhi ne,
Jane phir aaj kyo teri yadoo ka mausam aaya. Har pal mei pyar hai,
har lamhe mei khushi hai,
Kho do to yaade hai,
ji le to zindgi hai.

68:- teri wafa,
wafa hain meri mohabbat kuch bhi nhi…. tera dard dard hua kya mera zakham kuch bhi nhi…. tumhari baat patthar pe lakeer kiya meri elteja kuch bhi nhi…. tujhme anaa samandar jaisi kya mera maan kuch bhi nhi….. tera gham gham hua kiya mere aansoo kuch bhi nhi…. tera wajood sab kuch hain aur kya meri hasti kuch bhi nhi….???

69:- Titliyon ko pakarna us ki aadat thi.. Har ek se larna us ki aadat thi… Woh jis ko tanhai se darr lagta tha,
Magar tanhai mein rehna us ki aadat thi… Woh mere har jhoot se khush hoti Jise hamesha sach bolne ki aadat thi… Woh ek aanso bhi girne per khafa hoti thi… Jise tanhai mein rone ki aadat thi.. Woh kehti thi ke mujhe bhool jayegi,
Jise meri har baat yaad rakhne ki aadat thi.. Hamesha maafi mangne ke gar se Roz galtiyan kerna us ki aadat thi,
Woh jo dil o jaan nichaver kerti thi mujh per,
Magar choti si baat per ruthne us ki aadat thi…. Hum us ke saath chal diye yeh jante huwe bhi,
Raah mein har ek ko chor dena us ki aadat thi..

70:- Kya ummid kare hum tum se,
Jinko aapni wafa malum nahi,
Gam dena malum hai lekin,
Gam ki dawa jinko malum nahi.

71:- Mujhe Malom Hai Ki Wo Meri Kabhi Bhi Nahi Ho Sakti,
Mujhe Bas Shauq Hai Us Ki Khatir Zindagi Barbad Karne Ka..

72:- Hum Se Kya Puchte Ho Hijr Mein Kya Karte Hain,
Tumhare Laut Aaney Ki Din Raat Dua Karte Hain…!!!

73:- Aap aane ka waada karke kabhi aaye hi nahi,
Yeh aansu jaane ka waada karke kabhi gaye hi nahi… Aap aaye nahi to humne in aansuon se dosti karli…. Shayad yeh aapki dosti ka hai asar…….. Haan….Shayad ye aapki dosti ka asar hai Ab Ghum ho ya Khushi ,
,
,
,
Aansuu kabhi aate hi nahi….

74:- Dekhiye kis kadar humko tumse pyar hai….. Har taraf Aapki hi tasveer hai….. Intahaan hai ye chahat ka iqraar hai….. Humne samjha tumhe Apni taqdeer hai……..

75:- Naadan Hai Mujhe Patthar Dil Bataane Waale Shaayad Bhul Gaye Hain Ek Baat Ye Zamaane Waale Patthar Ki Keemat Un Haathon Se Pucho… Taraash Ke Tajmahal Bana Gye Jo Banaane Waale

76:- Ishq tujhse karti hoon main zindagi se zyada Main darti nahi maut se teri judai se zyada Chahe to aazmale mujhe kisi aur se zyada Meri zindagi me kuch nahi teri mohabbat se zyada

77:- gulab ki patti se nazuk tha dil mera,
zamane ki thokaron ne patthar bana diya,
nikle the es liye k dhund lenge tujhe,
teri talash ne umar bhar ka musafir bana diya

78:- Udasi unki aankho ki karti hain bayan hale e dil,
Khamoshiya yeah labo ki kehti hain,
Kahani woh lafzo ki,
lamhe woh intzzar ke,
Jo hamne gujare hain unke aane ke lambe intazzar mein.

79:- Hum jaise tanha logo ka ab,
rona kya muskurana kya,
Jab chahne vala koi nahi,
phir jina kya marna kya.

80:- Usse pyar hua jise hum Kabhi paa na sake,
Jiski baato ko hum kabhi Bhula na sake,
Dil lagaya aur lagakr tod Diya usne,
Jise bhulna chaha par Hum bhula na sake,
Apni kasam dekar usne Hame majboor kar diya,
Muje khus rakhne k liye Khud se hi door kar diya,
Hamari chahat ko kabhi Usne samja hi nahi,
Aur hum the ki unke liye Apno ko hi chhod diya..

81:- Pyaar ka koi bhed na jaane jaane kaise hota hai. Humne tumko apna mana jaane kaise hota hai. Ehsaas tumhara hardam rehna jaane kaise hota hai. Bin bole sab kuch keh jaana jaane kaise hota hai. Rooh mein sama ke aankho mein aana jaine kaise hota hai. Is pyaar ka koi mol na jaane jaane kaise hota hai.

82:- Hai tumse mohabbat meri,
hai tumse chahat meri,
Kaise batlaaun tujhko,
ki mujhko kitni hai jarurat teri. Hai you se mujhko pyar so much wala,
Hai tu meri gori Radha,
Hun main tera Krishna kala. Zustzooo bhi tujhse,
deewangi bhi tujhse,
Saanse chale tere nam se,
Hai zindagi ka har lamha tujhse. Now you ko mujh par ab har pal mohabbat lutana,
Hamesha me ke kareeb rehna,
Na me se kabhi you door jaana…..

83:- Ham kaha krte the,
vo suna krte the,
ham fir kaha krte the,
vo fir bhi suna krte the,
kash usne b kaha hota,
ki vo bhi kaha krte hai,
bass sun ne vala koi or hai,

84:- Bade zaalim ho tum mera dil tod dar chal diye,
Ghut – ghut ke marne ke liye tune is jaha me chood diya,
Hamara dil pasand nahi aaya to thokar marke chale gaye,
Itni bhi kya berukhi thi jo muh modkar chale gaye.

85:- Humari khwaahish ek ghar ki thi use sara zamaana chahiye tha Meri aankhein kaha nam hui thi samundar ko bahana chahiye tha Jaha par panhuchna main chahta hoon waha pe panhuch jana chahiye tha Humara zakhm purana bahut hai charagar bhi purana chahiye tha Mujhse pahle wo kisi aur ki thi magar kuch shayrana chahiye tha Chalo mana ye choti baat hai par tumhe sab kuch batana chahiye tha Tera bhi shaher me koi nahi tha mujhe bhi ek thikana chahiye tha Ke kis ko kis tarah se bhoolte hain tumhe mujhko sikhana chahiye tha Aisa lagta hai lahoo mein humko kalam ko bhi dubana chahiye tha Ab mere saath rah ke tanz na kar tujhe jana tha jana chahiye tha Kya bus maine hi ki hai bewafaai jo bhi sach hai batana chahiye tha Meri barbadi pe wo chahta hai mujhe bhi muskurana chahiye tha Bas ek tu hi mere saath mein hai tujhe bhi rooth jana chahiye tha Humare paas jo ye fan hai miya hume is se kamana chahiye tha Ab ye taaj kis kaam ka hai hume sar ko bachana chahiye tha Usi ko yaad rakha umar bhar ke jisko bhool jana chahiye tha Mujhse baat bhi karni thi usko gale se bhi lagana chahiye tha usne pyaar se bulaya tha hume mar ke bhi aana chahiye tha Tumhe ‘satlaj’ use pane ke khatir kabhi khud ko gawana chahiye tha!!

86:- Zindgi kya he ek paheli he,
Kabhi dushman to kabhi saheli he,
Chu ke dekha to mehfil e yara,
Apni apni jagah akeli he. —————————————— Pyar ek maa ka kurbani hai Jo hakikat mei daya ki rani hai Pyar uska khatm nhi hota Zindagi chahei khatm ho jay Maa ki mamta kbhi nhi marti Zindagi chaheip moot pajaye Maa kbhi bhi khta nhi karty Tum chahe kit ni khtay kardalo Apne bachcho ko ak maa he jo Zindagi bhar duway dety hai Maa ki mamta mile jhan me jise Wo bade khush nasib hote hai Jin ki kismat me maa nahi hoti Wo bade bad nasib hote hai Sari khushya jhan ki mil kar Phir bhi wo gam gin hote hai Un se ulfar karo jahan walo Wo hi to dar asl me yatim hote hai!!! Kya aap mera page Like karengy..? —————————————— Wo kaha karta tha Jab Mein tujhy bhoolunga To wo din zindagi ka Aakhri din ho ga Us raat taaray Na chamkaingy Us subha Suraj na Nikley ga Wo kaha karta tha Meri har Saans se Tu wabasta hai Aaj jab us Ne Rasta badla To Yaad Aaya Wo kaha karta tha…!!! —————————————— Badla Badi Saadgi Se Denge Teri Wafaa Ka Hum Aie Sanam Tum HUMEIN Bhool Jaoge Aur ZINDAGI Ko Hum…!!

87:- जिंदगी की हकीकत सिर्फ इतनी होती हे,
जब जगता हे इन्सान तो किस्मत सोती हे,

88:- अक्सर इन्सान अपना जिस पर सबसे जयादा समजता हे,
वो अमानत किसी और की होती हे,

89:- हर रिश्ता अज़ीज़ लगता हे,
हर अपना करीब लगता हे,
वो तो बस दो पल की तक़दीर होती हे,

90:- जिसे चाहते हम खुद से ज्यादा,
वो एक लकीर की ही हाथो में कमी होती हे,

91:- जिंदगी की हकीकत सिर्फ इतनी ही होती हे. ———————————– तेरा जाना दिल को कभी गँवारा ना हुआ,
ऐसा रूठा हमसे फिर कभी हमारा ना हुआ,
बहुत हसरत रही कि तेरे साथ चले हम,
बस तेरी और से ही कभी इशारा ना हुआ,
मौत अच्छी थी जिसने उठाया था मुझको,
जिन्दगी यू तेरा मुझे कभी सहारा ना हुआ… ———————————- दोस्ती दर्द नहीं खुशियों की सौगात है,
किसी अपने का ज़िंदगी भर का साथ है,
ये तो दिलों का वो खूबसूरत एहसास है,
जिसके दम से रौशन ये सारी कायनात है… ———————————- मोहब्बत को जो निभाते हैं उनको मेरा सलाम है,
और जो बीच रास्ते में छोड़ जाते हैं उनको,
हुमारा ये पैगाम हैं,
“वादा-ए-वफ़ा करो तो फिर खुद को फ़ना करो,
वरना खुदा के लिए किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो” ———————————- हकीक़त कहो तो उनको ख्वाब लगता है,
शिकायत करो तो उनको मजाक लगता है,
कितनी शिद्दत से उन्हें याद करते हैं हम,
और एक वो हैं … जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है… ———————————- मैं इससे ज्यादा अपनी बदकिस्मती की क्या मिसाल दूं यारों.. वो मुझसे लिपटकर रोई भी तो किसी ओर के लिए

92:- Is babesi se woh maut aachi hai,
Zindgi aakhri mukam pe aakar khadi ho jati hai,
Kya fayda sajan aisi zindgi se hame,
Jaha bewafa roz wada karke mukar jati hai. —————————————– Tumhari Pasand Hamari Chahat Ban jaye,
Tumhari Muskrahat Dil Ki Rahat Banjaye,
Khuda Khushyon Se Itna Khush Kr De Apko,
Ki Apko Khush Dekhna Hamari Adat Ban jaye.. —————————————– Chahte the hum jinhe unke dil badal gaye,
Kabhi sahil to kabhi samander badal gaye,
Hua kuch is kadar kishto mein qatal humara,
Kabhi khanjar to kabhi qatil badal gaye… —————————————– Sachche pyar mein nikle aansu,
Aur Rote hue bache ke aansu ek samaan hote hai,
Kyun ki dono ko pata to hai ki dard kya hai,
Par kisi ko bata nahi sakte..!! —————————————– Unko bhulana mushkil hai,
Unki yaadein bhulana mushkil hai……. Yu toh zmaane mein sab kuch aasaan hai,
Bss Ab kisi aur se nazrein milaana mushkil hai……. —————————————– Dil unke liye he machalta hai,
Thokar khata hai or sambhalta hai. Kisi ne is kadar kar liya dil par kabja,
Dil mera hai per unke liye dhadkta hai.. —————————————– Agar wo apni mohabbat hume banaa le,
Hum unka har khwaab apni palko pe sajaa le. Karegi kaise maut hume unse juda,
Agar vo hume apni ruh mein basaa le. —————————————– Andheri Raat Mein Rehte To Kitna Acha Tha Hum Apni Zaat Mein Rehte To Kitna Acha Tha,
Dukho Ne Baant £iya Hai Tumhare Bad Humein Tumhari Baat Mein Rehte To Kitna Acha Tha. —————————————– Ek jurm hua hai humse ek yaar bana baithey hai… kuch apna unko samajh ker sab raaj suna baithey hai… phir uskey pyar ke raah mai dil o jaan gawa baithey hai… woh yaad bahut aatey hai joh humko bhula baithey hai….

1:- Nazariya Badal Ke Dekh,
Har Taraf Najrane Mileinge Aye Zindagi Yahan Teri Takleefo Ke Bhi Deewane Mileinge….

2:- A nice and lovely 2 lines or Shayari on Dil Ki Tamanna on Zindagi to share with your special friends on Social Network,
Hope you will like it and share at max. Tamanna Ne Zindagi Ke Anchal Mein Sar Rakhkar Pucha Mein Kab Poori Houngi Zindagi Ne Hanskar Jawab Diya Jo Poori Ho Jaaye Wo Tamanna He Kya…

3:- Apni To Zindagi Ajeeb Kahani Hai Jis Cheez Ko Chaha Wahi Begani Hai Haste Bhi Hai… To Duniya Ko Hasane Ke Liye Warna Duniya Doob Jaaye In Aankhon Mein Itna Paani Hai…

4:- Sharing a nice sad but true Dard Bhari Shayari on Zindagi Ka Sabak to express your feelings via Image,
Picture or Wallpaper on Whatsapp and Facebook. Sikha Na Saki Jo Umra Bhar Tamam Kitabein Mujhe,
Fir Kareeb Se Kuch Chehre Padhe Aur Na Jaane Kitne Sabak Seekh Liye…

5:- Phool Khilte Rahein Zindagi Ki Raah Mein Hansi Chamakti Rahey Aapki Nigah Mein Kadam-Kadam Par Miley Khushi Ki Bahar Aapko Dil Deta Hai Ye He Dua Bar-Bar Aapko…

:- Koi Na Tha Apna, Na Koi Ho Saka Chaha Toh Bohat Par Hasil Na Kar Sakaa

:- Meri Zindagi Mei Ghamo Ka Ek Basera Hai Jo Chaah Kar Muhje Kabhi Hassa Na Sakaa

:- Yeh Safar Hai Tanhaiyo Se Bhara Mera Muhje Humsafar Mere Jaisa Na Mil Sakaa

:- Chaahane Wale Bohat The Humein Mein Apne Sath Kisi Ko Le Jaa Na Sakaa

:- Yu Khwabon Ki Duniya Banaayi Maine Main Un Khwabo Ko Haqikat Mein Badal Na Sakaa …

:- Woh Guzar Gya Hai Lamha Ab Yaad Baakii Hai Hai Chahaton Mein Zinda Bss Ekk Khyal Baakii Hai

:- Mitt Chukii Sabii Hasratein Merii Tere Milne Ki Raaton Mein Gum Kii Bss Ekk Khwab Baakii Hai

:- Naa Hu Main Tujhsey Ruswa Faqat Alfaaz Hai Jo Rahii Adhurii Gham Kii Ghazal Aey Yaar Baakii Hai

:- Jala Dogey Main Janata Hu Tum Ye Khat Bhii Mera Akram Kaisi Hai Pasehemania Kaisii Ye Aag Baakii Hai …

:- Wahi Chamakta Chaand, Wahi Neela Aasma Phir Bhi Nazaare Badal Gaye Wahi Khamosh Raatein, Wahi Jag-Magaatey Sitaare Phir Bhi Wo Mehfil Guzar Gayi

:- Wahi Lehrathi Hawa, Bharasti Ye Bharish, Phir Bhi Wo Lamhe Nahi Rahey Wahi Guzarthi Zindagi, Wahi Na Kathm Hone Wale Raastey, Shayad Ab Hum, Hum Nahi Rahey, Hum, Hum Nahi Rahey…

:- Chale Bhi Aao Dost Ke Eid Aane Waali Hai Tum Na Aaye To Asghar Ki Jaan Jaane Waali Hai

:- Tere Milne Ki Aas Pe Jiye Ja Raha Hoon Yara Dekhta Hoon Kismat Kya Ruang Dikhane Waali Hai

:- Yeh Haseen Mausam Kahi Beet Na Jaaye Chale Bhi Aao Ke Yeh Rutt Badal Jaane Waali Hai

:- Muqadar Ne Hamesha Rulaya Kismat Ne Sda Staya Na Jaane Ab Taqdeer Kya Aur Sitam Dhaane Waali Hai

:- Tera Mera Pyar Sda Ke Liye Amar Rahega Jaanam Baaki Iss Qainaat Ki Har Cheez Mit Jane Waali Hai …

:- Mujhey Teri Na Tujhey Meri Khabar Jaye Gi Eid Ab Ke Bhi Dabey Paon Guzar Jaye Gi

:- Idhar Tumaari Judai Mein Hum Udaas Hongey Udhar Eid Khushion Se Tera Daman Bhar Jaye Gi

:- Teri Yaad Aayegi Khusboo Ke Jhonke Ki Tarah Wo Kar Ke Mohatar Mere Baam-O-Dar Jaye Gi

:- Jab Baad-E-Saba Aaye Gi Mujh Se Tera Sandes Lene Mere Ghar Ki Veerani Dekh Kar Wo Dar Jaye Gi

:- Jab Tu Asghar Ke Rang Mein Rang Jaye Gi Phir Yeh Judai Khud Apni Maut Mar Jaye Gi …

:- Aaj Meri Jaan Chal Padi Hai Apne Safar Per Meri Aankhon Mein Aansoo Dil Mein Yaadein Chhodkar

:- Kisi Waqt Is Jagah Wo Bethi Thi Mere Pass Mein Aaj Bhi Ek Waqt Hai Jab Tanhai Hai Mere Sath Mein

:- Ab Zindgi Mein Bus Unka Hi Sahara Hai Sadiyon Se Rakha Hai Khuda Ne Naam Intzaar-E-Alam Hamara Hai

:- Seene Dhadakta Hai Ye Dil Is Per Naam Likha Tumara Hai

:- Khabar Chhapi Hai In Dino, “Ek Pagal Premi”, Zara Gaur Se Dekho Wo Ishtehar Hamara Hai…

:- बिछड गया … बिछड गया कोई हमसे अपना

:- करीबी वक्त की मार में कोई हो गया अंजान हमसे किसमत की इस चाल में

:- टूट कर बिखर गये अरमान मेरे इस कदर फिर टूट गया मेरे इस दिल का भी सबर

:- बिछड गया कोई हमसे अपना पहली दफह किसी को इतना चाह था मैनें उसे फिर अपना खुदा माना था मैंने

:- वो मेरे ख्यालों में जीया करता था मेरे हर साँस की एक वजह वो भी हुआ करता था

:- उसे इज्हार कर हमने अपनी मुहब्बत का इहसास कराया था खामौशी में उसने भी फिर प्यार जताया था

:- मैं उम्मीदों को जिंदा रख जीने लगा था उसके हर दुख को अपना समझ पीने लगा था

:- वो दुखी सा होकर हम्हें इंकार करता था वजह अंजान थी क्योकि हर बार करता था

:- मैं उसे सच्ची मुहब्बत करने लगा उसके हाँ के इतजार में जीने लगा

:- सब कुछ अच्छा चल रहा था उसे भी है अब प्यार एसा लग रहा था

:- फिर अचानक इक भवंडर आया मेरी जीवन में तूफान ले आया

:- उसके अतीत का इक पन्ना आज उसका आज बनकर आया मेरे दिल में हलचल मची फिर उसने मुझे बहुत रूलाया

:- टूट गया मैं अपनी क़मुहब्बत को संजोता – संजोता इस कदर… देख ना सका अपना बुरा भी हर डगर

:- फिर उसकी खुशी के लिए फिका सा मैं भी हंस दिया हर अरमान मैंने अपना जिंदा दफन फिर मैनें कर लिया

:- आज वो दूर है मुझसे ए सच है मुझे प्यार आज भी है उस्से ए भी सच है

:- उस उपर वाले की मर्जी नें मुझे अलग कर दिया वो अलग हुआ पर मुझे पत्थर दिल कर दिया

:- Mere Dil Mein Jis Shakhs Ka Qyaam Hai Dosto Meri Nazar Mein Uska Baut Uncha Maqaam Hai Dosto

:- Humaari Mohabbat Ki Duniya Ko Khabar Hone Lagi Hai Aajkal Humaare Pyar Ka Charcha Aam Hai Dosto

:- Khuda Kare Usey Meri Bhi Sabhi Khushiyan Mil Jayein Mere Sath Uske Gham Ki Shaam Hai Dosto

:- Ab To Kisi Se Baat Karna Acha Nahi Lagta Din Raat Honthon Pe Usi Ka Naam Hai Dosto

:- Asghr Ko Gham Dene Waley Tu Sadaa Khush Rah Uske Liye Mera Yehi Aakhri Paigham Hai Dosto …

:- Kuch Iss Tarah Ki Apni Zindagi Hai Dil Mein Gham Aankhon Mein Nami Hai

:- Jab Tak Tera Dard Mere Sath Hai Tab Tak Mujhey Kis Baat Ki Kami Hai

:- Khushi Ke Sath Gham Bhi Milte Hain Haqeeqat Mein Issi Ka Naam Zindagi Hai

:- Mein Kaise Tujhey Dil Se Juda Kar Doon Jane-Mann Tu Mere Saanson Mein Basi Hai

:- Tu Bhi Dukhi Hai Asghr Bhi Dukhi Hai Raqeebon Ko Issi Baat Ki Khushi Hai

:- Kyo Anjaan Sa Ek Dard Andar Se Jata Nahi Kyo Sona Chahu Fir Bhi Man Neend Tak Pohunch Pata Nahi

:- Kyo Khwab Dekhne Ki Lagan Hai, Par Pure Ho Pate Nahi Waqt Ye Insaaf To Nahi, Fir Bhi Kyo Waqt Se Hum Khilaf Nahi

:- Kyo Dar Hai Kuch Khone Ka, Jab Ki Kuch Paya Nahi Chalte Bohot Hain Manzil Pane Ko, Rasta Khatam Ho Kar Bhi Kyo Kuch Haashil Nahi

:- Hans Loon Kabhi Hadd Se Jyada To, Kyo Dar Lagata Hai Fir Kahi Rona To Nahi Kyo Yaado Ka Sahara Acha Lagta Hai, Kyo Hakiqat Me Jina Nahi

:- Mannato, Murado Ya Naseebo Se Milte Hai Lakhte Jigar Phir Kyon Budhaape Mein Sataate Hain Lakhte Jigar

:- Jinki Khushi Key Liye Khoon Pasina Bahaya Har Din Phir Kyon Budhaape Mein Khoon Key Aansoo Rulate Hain Lakhtey Jigar

:- Jinki Ek Aah Bhar Se Kaleja Phatt Jata Tha Arif Phir Kyon Budhaape Mein Kaleja Phaad Dete Hain Lakhte Jigar …

:- Wo Pehle Jaisi Nawazashein Kahan Gayi Wo Marawatein Wo Chahatein Kahan Gayi

:- Humaare Darmiyaan Sazishein Reh Gayi Wo Pyar Bhari Baatein Kahan Gayi

:- Jab Sitaron Ko Hum Gawah Karte They Ab Wo Chandni Raatein Kahan Gayi

:- Jab Har Roz Tum Phone Karte They Wo Pyar Bhri Sogaatein Kahan Gayi…?

:- Mujh Se Kinara Kar Ke, Kuch Pal Toh Us Ne, Apni Ankhon Ko Dhoya Hoga Baith Ke Kisi Kone Me Sar-E-Shaam Kuch Aansu Toh Wo Roya Hoga

:- Peshemaan Toh Wo Boht Hua Hoga Apni He Berukhi Se Khaab Me Na Sahi, Neend Se Pehle Meri Yaad K Baad Hi Wo Soya Hoga

:- Ahbab K Qarb Me Maine Yahi Aik Baat Seekhi Hai Us Ne Bhi Kisi Tareeqi Ke Kone Main Apne Aansu Ko Peeroya Hoga

:- Mera Dil Nhi Dukha Par Main Hazaar Aansu Roya Meri Manind Na Sahi, Par Fursat Me Qaraar Toh Wo Khoya Hoga

:- Mere Dard-E-Dil Ko Koi Samjtaa, Toh Phir Kisi Ko Gila Na Rehta Harf.E.Muhabbat Se Mse Kia Maloom, Maine Kis Kis Samandar Main Khud Dooboya Hoga

:- Main Apne Fan-E-Naqsh-E-Nigari K Charchy Kyun Karon, Kyun Sunaau Main Apne Afsaany Sb Ko, Mujhe Maloom Hai Wo Kisi Aur Ka Ho K Bhi Mere He Khayalon Main Khoya Hoga.

:- Aik Muddat Se Rahi Hai Yeh Aarzoo Meri Ke Kab Tujh Se Ho Gi Guftgoo Meri

:- Aaj Duniya Humein Milne Nahi Deti Aik Din Mohabbat Ho Gi Sarkhroo Meri

:- Mera Jeena Aur Marna Sab Tere Liye Saansoon Ki Bhi Mukhtaar Hai Tu Meri

:- Dil Tere Hi Khyalon Mein Khoya Hai Rooh Bhatak Rahi Koobakoo Meri

:- Main Khizaaon Ki Rahon Ka Musafir Hoon Kabhi Bhool Kar Bhi Na Karna Jastjoo Meri

:- Kabhi Khud Ko Mere Pyar Mein Bhula Kar Dekh Dushmani Achi Nahi Mujhey Dost Bana Kar Dekh

:- Tere Pyar Mein Meri Tamaam Umar Rotey Guzri Kabhi Tu Bhi Meri Janib Muskura Kar Dekh

:- Mujh Pe Zulam-O-Sitam Ki Bijlian Giraane Waaley Tu Bhi Kisi Ki Ulfat Mein Gham Kha Kar Dekh

:- Tere Dil Ke Chaman Mein Bahar Aa Jaye Gi Aik Baar Tu Mujhey Wahan Basa Kar Dekh

:- Tere Bin Kaise Asghr Ka Naya Saal Guzra Apne Iss Deewane Ki Haalat Aa Kar Dekh…

:- Dard-E-Dil Hai Mere Paas, Khusiyaan Le Gaye Woh Sahnayi Ke Saath, Jamane Bhar Ka Sara Dard De Diya, Sab Kuchh Le Gaye Woh Sahnayi Ke Saath…

:- Sab Kuchh Sah Liya Hamne, Derd E Dil Saha Nahi Jata, Laash Se Badttar Zindagi Ho Gayi, Eh Zalim Ab Humse Zinda Raha Nhi Jata…

:- Dard E Dil Kam Na Hoga Eh Sanam, Aapki Mahfil Se Jaane Ke Baad, Naam Badnaam Hamara Hoga Eh Sanam, Aapki Zindagi Se Jaane Ke Baad…

:- Dard-E-Dil Mila Hai Pyar Mein, Tumse Pyar Hamein Ab Bhi Hai, Hum Toh Bewafa Hain Eh Sanam, Tum Pe Eitbaar Hamein Aaj Bhi Hai…

:- Sukun Maut Mein Hai Eh Sanam, Ab Toh Bas Dard E Dil Se Darte Hain, Zakham Mile Hain Pyar Mein Itne Ke, Ab Toh Hum Paigam-E-Wafa Se Darte Hain…

:- Dard E Dil Chhupa Kar Rakhenge, Eh Dost Hum Shola Daba Kar Rakhenge, Tum Shauk Se Byaah Racha Lena, Eh Bewafa Hum Kafan Mangwakar Rakhenge…

:- Dard E Dil Sahkar Pyar Mein, Hum Unki Umar Ki Dua Karte Hain, Woh Kahte Hain Hamein Sanam Bewafa, Hum Toh Unki Salamti Ki Dua Karte Hai…

:- Dard E Dil Milta Hai Jahan Mein, Diwane Pyar Nibhate Aaye Hain, Duniya Wale Bhi Jahaan Mein, Mohabbat Ki Arthi Uthate Aaye Hain…

:- Woh Dard-E-Dil Sunana Chahte Hain, Par Zubaan Bebas Hai, Khamosh Rahti Hai, Tapak Padte Hain Sanam Aansu Mere, Bas Hamari Dhadakan Dhadakti Rahti Hai…

:- Bawafa Kahte Ho Mujhe Tum Eh Sanam, Dard-E-Dil Satata Hai Aapke Pyar Mein, Hamne Tujhe Pooja Hai Khuda Ki Tarha, Tera Pyar Hi Laya Hai Hamein Bazaar Mein…

:- Dard-E-Dil Ki Dawa Ke Liye, Tanhai Mein Ashq Bahata Hoon, Sukun Milta Hai Zamane Ko, Jab Uski Judai Mein Ashq Bahaata Hoon…

:- Dard-E-Dil Hai Paas Mere, Aankho Mein Tasveer Tumari Hai, Har Khushi Hai Paas Tere, Teri Zulphon Mein Zannat Hamari Hai…

:- Dard-E-Dil Mila Hai Wafa Mein, Saath Mein Tanhaiyon Ke Mele Hain, Kuchh Bhi Nahi Paas Mere Eh Sanam, Aaj Sajan Tumhare Tanhaa Aur Akele Hain…

:- Dard E Dil Sunaye Kaise Eh Sanam, Aap Toh Sir Jhukakar Baithhe Hain, Kaise Pakde Aapki Gouri Kalayi, Aap Toh Mehndi Laga Kar Baithhe Hain…

:- Dard-E-Dil Jab Hadd Se Gujar Jata Hai, Bankar Syahi Kaagaj Pe Bikhar Jata Hai, Jab-Jab Uthha Hai Teri Yaadon Ka Dhuan, Bankar Nashtar Is Dil Mein Utar Jata Hai…

:- Aa Bhi Jao Mausam E Bahar Hai Usey Kehna Humein Uska Intezar Hai Usey Kehna

:- Zindgi Mein Qadam-Qadam Pe Imtehan Hain Rasta Bada Dashwaar Hai Usey Kehna

:- Khushiyan Kam Hain Beshumaar Ghum Hain Unki Lambi Qataar Hai Usey Kehna

:- Dard E Hijhr Ko Ashaar Mein Prona Ab Yehi Karobaar Hai Usey Kehna

:- Asghr Ko Kabhi Azma Kar Dekh Lena Yeh Zindagi Us Pe Nisaar Hai Usey Kehna…

:- Tum Ko Zamaney Me Kaha Aisi Ab Chahat Milegi Na Aansu, Na Gam, Na Shiddat Milegi Dil Tod Kr Mera Yuu, Fir Tumko Bhi Kaha Rahat Milegi

:- Guzarish Hai Tum Se Yuu Berukhi Na Dikhaiye Is Dour-E Bewaafi Me Kaha Koi Aisi Deewaangi Milegi

:- Mere Haatho Se Khaai Huye Nivaalo Ki Jaisi Fir Khushi Kaha Milegi Lafzo Me Hai Bohat Dard Chupa Hua Mere Tum Ko Khoney Ki Itni Takleef Kisi Or Ke Dil Me Fir Na Milegi

:- Thaam Lo Daaman Hamara, Jo Ruthey Hum Ek Baar Fir Na Mohabbat Ki Hmaari Koi Aaahat Milegi

:- Jee Lengey Hum Bhi Kahi Kisi Andhero Me Ye Zindagi Jo Is Dafaa Juda Huye Toh Fir

:- Sukhey Huye Gulaabo Ki Tarah Ab Humaari Mohabbat Bas Yu Kitaabo Me Milegi

:- Humein To Zindagi Mein Bada Khsaara Mila Hai Besahara Reh Gaye Koi Na Sahara Mila Hai

:- Wo Purani Yaadein Ek Bar Phir Laut Aayee Subho Savere Jo Khat Tumhara Mila Hai

:- Duniya Mein Jis Se Bhi Hamara Dil Mila Us Se Na Muqaddar Ka Sitara Mila Hai

:- Aaj Apne Dil Ki Kitab Jab Padhi Uske Har Panne Pe Naam Tumhara Mila Hai

:- Bada Mushkil Hai Ishq Ka Samundar Paar Karna Har Shanaawar Ko Na Yahan Kinara Mila Hai

:- Tanhaiyon Ke Saaye Mein Chain Kahaan Aankh Khul Jaye To Fir Khwab Kahaan

:- Jee Jalaate Hain Subah Ke Thande Jhonke Kho Gye Mohabbat Ke Voh Nazaare Kahaan

:- Ishq Ik Mushqil Imtehaan Tha Pehle Ab Mohabbat Ke Voh Aadab Kahaan

:- Ab Kahaan Wafa Karne Wale Milte Hain Us Pak Zamaane Jaise Insaan Kahaan

:- Ab To Khud Ki Dhadkan Se Bhi Darta Hai Dil Ab Is Dil Mein Dilbar Ka Ghar Kahaan

:- Duniya Sunsaan Hai Kisi Registaan Ki Trah Pehle Wali Voh Mehfilein Haseen Kahaan…

:- Tere Pehlu Mein Aakar, Yun Khali Hath Hi Laut Jata Hun.

:- Kehne Ko To Tum Khuda Ho, Per Jaane Kyon Mujhse Khafa Ho?

:- Meri Koi Dua, Kabhi Kabool Nahi Hoti, Fir Bhi Chala Aata Hun, Tujhse Milne, Magar Tumhe Kabhi Fursat Nahi Hoti…

:- Mohabbat Mein Barbad Shayari

:- Zulfon Ko Jab Wo Sanwaare Nikle, Din Pe Aasman Pe Sitaare Nikle,

:- Dil Ke Phool Khilne Hi Wale They, Raqeeb Haton Me Lekar Aarey Nikle,

:- Un Ki Yaadon Ko Apne Sath Lekar, Ghar Se Hum Hijhr Ke Maare Nikle,

:- Mohabbat To Tum Ne Bhi Ki Thi Jaanam, Magar Ishq Mein Saare Jurm Humaare Nikle,

:- Unki Gali Mein Jane Ka Koi Bahana Na Tha, Aaj Asghr Bhi Hathon Mein Lekar Gubaare Nikle…

:- Sachi Mohabbat Shayari

:- Ishq Ki Hadd Ki Haqiqat Bata Ke, Muqaddar Mein Mere Zakhamo Ka Jahaan Basa Ke,

:- Mehroom Kar Gye Humari Mohabbat Ko ek Saajish Bata Ke, Kiya Kya Gunah Humne, Sachi Mohabbat Farmaake,

:- Jo Chhod Gye Hume Yu Rula Ke, Kyu Chhod Gye Humari Aankho Ko Aasuon Ka Dariya Bana Ke,

:- Hum Kuch Aise Deewane Hain, Jo Khud Se Begaane Hain,

:- Dastan-E-Laila Majnu Na Suna, Yeh Qisse To Bade Purane Hain,

:- Logon Ke Labon Pe Ab, Humaare Naam Ke Afsane Hain,

:- Duniya Ki Ronqein Raas Hain, Dil Ke Andar Veerane Hain,

:- Mere Qatl Mein Jo Malawas They, Wo Hath Asghr Ke Jane Pechane Hain…

:- Usey Pyar Kab Meri Zaat Se Tha Usey To Matlab Apni Baat Se Tha

:- Aaj Wo Bhi Gumnaam Hai Zamaane Mein Jo Mashoor Meri Chahat Se Tha

:- Wo Bhi Mufaadprasat Tha Auron Ki Tarah Yeh To Zahir Uski Har Baat Se Tha

:- Suna Hai Us Ne Kisi Se Wafa Nahi Ki Wo Khelta Har Kisi Ke Jazbat Se Tha

:- Bauht Choti Thi Sochien Uski Jinka Talaq Unchi Zaat Se Tha

:- Teri Yaad Mein Beqraar Hai Dil Phir Dhoka Khane Ko Tyaar Hai Dil

:- Ab Yahan Kisi Ka Guzar Nahi Hota In Dino Ik Ujda Hua Dyaar Hai Dil

:- Rota Hai To Ankhon Se Khoon Rista Hai Kisi Ki Mohabbat Mein Giraftar Hai Dil

:- Kuch Deir Teri Yaad Se Gafil Ho Gya Tha Ab To Har Pal Rehta Behdaar Hai Dil

:- Teri Judai Mein Ro-Ro Ke Yeh Haal Hai Ab Asghr Ki Tarah Rehta Beemar Hai Dil

:- Udasi Se Dil Ka Nata Jod Diya Hai Zindagi Ki Taraf Humne Rukh Mod Liya Hai

:- Yun Chonkati Nigaahon Se Na Dekh Bewafa Tere Dard Ka Har Bandhan Tod Diya Hai

:- Bewafa Tu Nahi Tab Waqt Ho Gya Tha Izhar Ka Faisla Sakhat Ho Gya Tha

:- Sannaton Se Darkar Hawayein Shor Karne Lagi Is Tofaan Se Bebas Zubaan Ka Takht Ho Gya Tha

:- Kash Voh Lafz Tab Jehan Mein Hi Rehte Kash Ik Dil Ke Veham Mein Hi Rehte

:- To Khilti Na Bahare Shayari Ki Fir Yaha Ikraar Jo Man Ki Lagan Mein Hi Rehte…

:- Yahan Udaas Hain Hum Wahan Khush Ho Tum

:- Tumare Labon Pe Hansi Hamaari Ankhen Hain Nam

:- Tumaari Kismat Mein Khushi Hamare Muqaddar Mein Ghum

:- Tumaare Sath Sara Zamana Hamare Sath Ranj-O-Alm

:- Tumaare Paas Har Nehamat Hamare Daman Mein Pech-O-Kham…

:- Wo Mere Masoom Dil Ki Sda Thi Khuda Se Maangi Hui Koi Dua Thi

:- Apni Zindgi Se Badh Kar Chaha Usey Yeh Mere Pyar Ki Inteha Thi

:- Slaam Bhejti Thi Mujhey Hawa Ki Zubani Yun Lagta Tha Jaise Wo Baad E Saba Thi

:- Kya Kahon Uski Sheerni E Guftaar Ka Kaano Mein Ras Gholti Uski Nida Thi

:- Main He Uska Sath Na Nibha Saka Varna Wo Ik Moort E Wafa Thi

:- Na Jane Kaise Bhulaun Ga Usey Asghr Jis Ki Har Ada Zamane Se Juda Thi…

:- Zindagi Ne Liya Hai Aisa Imtehan Mera Sda Sathi Raha Hai Gham-E-Dauran Mera

:- Din Raat Rehta Hai Dil Pareshan Mera Us Pe Nahi Hai Haal Ayan Mera

:- Us Se Baatein To Bauht Kehni Hoti Hain Us Ke Samne Sath Nahi Deti Zuban Mera

:- Jo Shakhs Mujhey Saari Duniya Se Aziz Tha Vohi Loot Kar Le Gya Sara Jahan Mera

:- Aandhian Charon Simat Mandla Rehi Hain Kahi Gira Na Dein Wo Ashyaan Mera…

:- Aankh Ashqon Se Khoonbaar Hui Jaati Hai Zindagi Baes-E-Aazaar Hui Jaati Hai

:- Hamara Milna Bhi Ab Khawab Lagta Hai Hamaare Darmiyaan Judai Deewar Hui Jaati Hai

:- Na Jaane Vasal Ki Shab Kab Aaye Gi Ab To Saans Bhi Dashwaar Hui Jaati Hai

:- Main Isey Kaise Zindagi Keh Doon Jo Basar Tere Bagair Hui Jaati Hai…

:- Jism Aur Jaan Juda Ho Gaye Aaj, Vo Mehendi Ke Rang Mein Kho Gaye Aaj, Hamne Chaha Jise Siddhat Se, Vo Umar Bhar Kisi Aur Ke Ho Gaye Aaj…

:- Udas Zindagi Poetry

:- Dard-E-Dil Ki Dawa Chahta Hun, Tanhai Mein Asq Bahana Chahta Hun,

:- Sukoon Milta Hai Zamaane Ko, Jab Mehfil Mein Shayari Sunata Hun,

:- Hosh Jab Aata Hai Mujhe, Ae Khuda! Khud Main Behosh Hona Chahta Hun,

:- Zindagi Se To Maut Behtar Hai, Tujhe Zindagi Lautana Chahta Hun…

:- Khawab Aankho Se Gire Aansu Bankar, Dam Armano Ne Toda Machal-Machal Kar,

:- Ab Toh Har Dam Yehi Dua Hai Khuda Se, Mera Sanam Chala Aaye Ab Sab Chhod Kar,

:- Meri Kismat Mein Zudaai Likhi Thi Eh Sanam, Warna Har Kadam Rakha Tha Sambhl-Sambhl Kar,

:- Jin Logon Ne Diwaar Khadi Ki Hamare Beech Nafrat Ki, Chali Aa Unsab Se Aaj Apne Saare Riste-Naate Todkar,

:- Pyar Tune Kiya Tha, Kisi Ki Marzi Se Nahi, Wafa Nibha De Har Ik Se Mooh Modkar…

:- Bewafa Humsafar Sad Shayari

:- Duniya Mein Gham Behisab Mile, Bejaan Se Kitne Khawaab Mile,

:- Rahne Do Woh The Nahi Hamare, Magar Khane Ko Thhokar Behasab Mile,

:- Gar Mila Bhi Baharon Ka Chaman, Toh Kaanto Se Lipte Gulaab Mile,

:- Roz Dhadkati Huyi Dastaan Mili, Jahaan Mile Dil-E-Betaab Mile,

:- Sahte Huye Ik Zamana Guzara, Jo Hamsafar Mile Bewafa Mile…

:- Duniya Se Bahut Door Nikal Aaye Hain, Jab Bhi Pyar Ne Tere Hum Aazmaye Hain,

:- Meri Tanhai Ne Mujh Se Lipat Kar Kaha, Ab Mere Nahi, Vo Paraaye Hain,

:- Bhool Jana Toh Ilzaam-E-Zafa Hoga, Is Khauf Ko Na Bhool Paaye Hain,

:- Kaaton Ne Badh Kar Thaam Liya Daaman, Jab Kabhi Phool Ke Kareeb Hum Aaye Hain…

:- Mujhe Kisi Ki Wafaon Pe Eitbaar Nahi, Jab Se Tu Mere Kareeb Mere Dildar Nahi,

:- Eh Sanam Dil Ko Mere Kisi Pal Karar Nahi, Roo-B-Roo Mere, Bichhda Mera Yaar Nahi,

:- Meri Kahani Dukh-Dard, Udasi Mein Doobi Hai, Meri Zindagi Mein Shamil Jab Se Tera Pyar Nahi…

:- Dard Ab Itna Ki Sambhlata Nahi Hai Tera Dil Mere Dil Se Milta Nahi Hai Ab Aur Kis Tarah Pukaroon Main Tumhe Tera Dil To Mere Dil Ki Sunta Bhi Nahi Hai…

:- Har Ik Chiraag Ki Lo Aisi Soyi-Soyi Thi Voh Shaam Jaise Kisi Se Bichhad Ke Royi Thi

:- Naha Gaya Tha Main Kal Jugnuo Ki Baarish Mein Voh Mere Kaandhe Pe Sar Rakh ke Khoob Royi Thi

:- Kadam-Kadam Pe Lahoo Ke Nishan Kaise Hain Ye Sarjami To Mere Aansuon Ne Dhoyi Thi

:- Makaan Ke Saath Voh Podha Bhi Jal Gaya Jisme Mehkate Phool The Phoolon Me Ek Titli Thi

:- Khood Uske Baap Ne Pehchaan Kar Na Pehchana Voh Ladki Pichhle Fasadaat Me Jo Khoyi Thi…

:- Jo Aati Thi Kabi Mere Naam Chitthhiyan, Hum Aaj Bhi Padhte Hai Woh Gumnaam Chitthhiyan,

:- Sarhadon Ke Paar Gaye, Dil Ke Woh Tukde Eh Sanam, Bas Reh Gayi Ab Toh Ban Ke Salaam Chitthhyan,

:- Dhime-Dhime Kadamon Se Aati Thi Woh, Roz Nahi Aayi Magar Be-imaan Chitthhiyan,

:- Mere Sath Rahi Hamesha Khamoshiyan, Shirf Likhta Gaya Haal-E-Tamaam Chitthhiyan,

:- Jab Bhi Meri Pyaas Baaki Reh Jaati Hai, Peeta Hun Ab Main Banaakar Zaam Chitthhiyan,

:- Katra-Katra Bikhra Hua Hai Zameen Par, Samet Loo Eh Sanam Tera Yeh Pyar Chitthhiyan…

:- Dard Ke Phool Bhi Khilte Hain Bikhar Jaate Hain Zakham Kaise Bhi Hon Kuch Roz Mein Bhar Jaate Hain

:- Raasta Roke Khadi Hai Yahi Uljhan Kab Se Koi Puchhe To Kahein Kya Ki Kidhar Jana Hai

:- Chhat Ki Kadiyon Se Utarate Hain Mere Khwab Magar Meri Deewaron Se Takraa Kar Bikhar Jaate Hain

:- Narm Alfaaz, Bhali Baatein, Muhzzab Lehje, Pehli Barish Hi Mein Ye Rang Utar Jaate Hain

:- Us Khidki Mein Bhi Ab Koi Nahi Aur Hum Bhi Sir Jhukaye Huye ChupChaap Guzr Jaate Hain…

:- Gine Huye Kadam Inhraaf Kya Hote Gunaah Tarze-Nigaah Tha, Maaf Kya Hota

:- Jhuki Hui Meir Aakhein, Sile Huye Mere Lab Ab Is Se Badh Kar Tera Etraaf Kya Hota

:- Khud Apni Vehshate-Jaan Se Wafa Na Ki Hum Ne Zamana Aur Humare Khilaaf Kya Hota

:- Diye To Ab Bhi Diye Hain Vo Bazm Ho Ki Harm Bhujhe Huye Dilon-Jaan Se Tavaaf Kya Hota

:- Sitara Tha Bhi To Aansu Ki Istaara Tha Kisi Falak Ka Yahan Inkishaf Kya Hota

:- Vahi Gubaare-Tammana, Vahi Shamime Dua Tu Rozo Shab Mein Mere Ikhtilaaf Kya Hota…

:- Nashe Mein Bhi Tera Naam Lab Par Aata Hai, Chalte Huye Mera Paanv Ladkhadata Hai, Dard Sa Dil Mein Uthhta Hai Mere, Haseen Chehre Par Bhi Daag Najar Aata Hai…

:- Gilash Par Gilash Bahut Toot Rahe Hain, Khusi Ke Pyale Dard Se Bhar Rahe Hain, Mashalon Ki Tarah Dil Jal Rahe Hain, Jaise Zindagi Mein Badkismati Se Mil Rahe Hain…

:- Aashiq Ke Naam Se Sabhi Jaante Hain, Itna Badnaam Ho Gaye Hum Maykhane Mein, Jab Bhi Teri Yaad Aati Hai Bedard Mujhe, Toh Peete Hain Hum Dard Paimane Mein…

:- Mehandi Ke Bahane Khoon Laga Rahe Hain, Khud Ki Taarifon Ke Pul Bana Rahe Hain, Kitne Khudgarj Hain Rangeen Mahfilon Waale, Mujhe Dard Dekar Apne Gunaah Chhupa Rahe Hain…

:- Nazron Se Dekho Toh Aabad Hum Hain, Dil Se Dekho Toh Barbaad Hum Hain, Jeevan Ka Har Lamha Dard Se Bhar Gaya, Fir Kaise Kah Dein Aazad Hum Hain…

:- Apno Ke Beech Begaane Ho Gaye Hain, Pyar Ke Lamhe Anjaane Ho Gaye Hain, Jahan Par Phool Khilte The Kabhi, Aaj Wahan Par Veerane Ho Gaye Hain….

:- Kismat Yeh Mera Imtehaan Le Rahi Hai, Tadpakar Yeh Mujhe Dard De Rahi Hai, Dil Se Kabhi Bhi Maine Use Door Nahi Kiya, Fir Kyun Bewafayi Ka Woh Ilzaam De Rahi Hai…

:- Kaun Hai Woh Jo Dil Mein Samaye Jata Hai, Dard Dekar, Ghar Garon Ka Basaye Jata Hai, Mehandi Rachakar Chala Gaya Hai Pardesi, Khud Apne Daaman Mein Woh Daag Lagaye Jata Hai…

:- Meri Mahbooba Hum Tujhe Salaam Karte Hain, Fir Bhi Aap Hamein Yun Badnaam Karte Hain, Pyar Jatakar Dil Ko Dard Dena Pyar Mein, Jaanvaron Se Ghatiya Kaam Yeh Insaan Karte Hain…

:- Sanson Ki Dor Chhutati Jaa Rahi Hai, Kismat Bhi Hume Dard Deti Jaa Rahi Hai, Maut Ki Taraf Hain Kadam Hamare, Mohabbat Bhi Hum Se Chhutati Ja Rahi Hai…

:- Ishq Mein Dil Ne Bahut Kaam Nikala Apna, Sach Hai, Milta Hai Kahaan, Chahne Wala Apna,

:- Main Uthhta Hun Sahare Ke Liye Uske, Reh Na Gaya Ho Raah Mein, Kaheen Dard Apna,

:- Khaakh Kis-Kis Ki Khuda Jaane Huyi Eh Daman Wale, Tune Chalte Huye Daman Na Sambhala Apna,

:- Dil Chhune Wale Do Labaz Hi Likhe The Usne, Kaam-Kaaz Sab Ulat Pher Ho Gaya Apna,

:- Hain Bure Haal, Ki Sab Dekhne Waale Hain, Koi Duniya Mein Nahi Haal Puchhne Wala Apna,

:- Ishq Mein Dil Ne Bahut Kaam Nikala Apna, Sach Hai, Milta Hai Kahaan, Chahne Wala Apna…

:- Chot Khana Tute Dil Na Kaheen, Dard Reh Jaayega Kaheen Na Kaheen,

:- Hai Dushman Bhari Huyi Zindagi Eh Sanam, Aasmaan Par Hogi Zameen Na Kaheen,

:- Tum Loge Pyar Mein Imtehan Kabhi, Aaye Hamein Is Jhuthh Par Yakeen Na Kaheen,

:- Maut Usi Ki Chokhat Pe Ho Eh Khuda, Sazda Sirf Uske Siwa Ho Na Kaheen,

:- Aapki Guftagoo Ka Kya Kahna Eh Sanam, Char Baatein Hain Dilnashi, Yeh Aur Na Kaheen,

:- Chot Khana Tute Dil Na Kaheen, Dard Rah Jaayaga Kaheen Na Kaheen…

:- Ab Hum Kisi Ki Tamanna Na Karenge, Ab Raah Kisi Ki Bhi Na Dekha Karenge,

:- Mere Dard Se Wakif Na Ho Jaaye Tera Saya, Ab Is Andhere Kamre Mein Ujala Na Karenge,

:- Kyon Jhanke Khidkiyon Se Kyon Dar Pe Khade Ho, Hum, Dard-E-Dil Ko Bayaan Na Karenge,

:- Tadpaya Rulaya Hai, Woh Jab Bhi Mile Hain, Ab Paigam Bhi Aaye Toh Jaya Na Karenge,

:- Muddat Se Rakkhi Hai Takiye Ke Neeche Mere, Teri Us Tasveer Se Dil Bahlaya Na Karenge,

:- Aankhe Jali, Rooh Jali, Dil Jala, Zism Jala, Diya Umeed Ka Palkon Par Jalaya Na Karenge…

:- Dil Itna Akela – Very Sad Shayari Heart Touching

:- Tha Bahut Dil Mein Magar Kaha Kuch Bhi Nahi, Dabi Aag Fir Jal Gayi Dhuan Uttha Bhi Nahi,

:- Dil Chhup-Chhup Kar Karta Hai Baatein Teri, Eh Sanam Apna Dil Itna Akela Bhi Nahi,

:- Jharokhe Se Dekhta Raha Usko, Eh Khuda! Kab Simte Zindagi Bharosa Bhi Nahi,

:- Zara Adab Se Baatein Kiya Karo, Bahut Kehne Par Kabhi Woh Samjha Bhi Nahi,

:- Uske Diye Zakhamo Ka Dard Bada Gehra Tha, Abhi Tak Un Zakhamo Ko Kisi Ne Seeya Bhi Nahi,

:- Uske Jaane Ke Baad Sab Kuch Mila Mujhe, Par Uske Bina Zindagi Ko Jeeya Bhi Nahi…

:- Milkar Kho Jana Mera Naseeb Tha, Wah, Yeh Dard Bhi Kitna Ajeeb Tha,

:- Mila Nahi Use Ek Ghar Kahi, Footpath Par Soya Naseeb Tha,

:- Ta-Umar Dhundta Raha Usko, Raahon Mein Mera Woh Naseeb Tha,

:- Mushkil Se Paya Hai Raasta, Ki Bheed Mein Chalna Ajeeb Tha,

:- Kaash Thahr Jaati Yeh Lehrein Eh Khuda, Kyonki Milne Wala Mera Habeeb Tha,

:- Milkar Kho Jana Mera Naseeb Tha, Wah, Yeh Dard Bhi Kuch Ajeeb Tha…

:- Masoom Ada Sad Shayari

:- Bade Salike Se Mera Naam Mita Raha Hai Koi, Kiss Ada Se Mujhe Khak Mein Mila Raha Hai Koi,

:- Haaye! Kya Andaz They Us Bewafa Dilbar Ke Dosto, Sharma Kar Kahte They, “Chhodo Sanam Aa Raha Hai Koi”,

:- Uski Masoom Ada Par Loota-Ta Tha Jaan-O-Zindagi, Ki Aankh Mila Kar Nazar Chura Raha Hai Koi,

:- Kya Azeeb Baat Hai Ki Mere Katl Ke Baad, Mere Katil Ko Masiha Bata Raha Hai Koi?

:- Jeete Jee Jo Mujhe Dekhkar Na Muskuraya Kabhi, Meri Kabr Par Aakar Aaj Aansu Baha Raha Hai Koi…

:- Gilash Par Gilash Bahut Toot Rahe Hain, Khusi Ke Pyale Ghamon Se Bhar Rahe Hain,

:- Mashalon Ki Tarah Dil Jal Rahe Hain, Jaise Zindagi Mein Badkismati Se Mil Rahe Hain…

:- Bekarar Dil Shayari

:- Na Kasam, Na Koi Wada, Nahi Iraada, Fir Kis Liye Dil Mera Bekarar Rehta Hai,

:- Na Koi Tamanna Na Koi Khwaish, Aarzu, Fir Kyun Mujhe Kisi Ka Intezaar Rahta Hai,

:- Har Ek Lamha Ab Dil Mera Preshaan Rahta Hai, Har Ek Aahat Par Tera Intezaar Rahta Hai,

:- Kya Bataun Ki Tere Bagair Kya Haalat Hai Meri, Aankhein Nam, Rooh Bechain, Dil Sogvaar Rahta Hai…

:- Mohabbat Sad Shayari in Hindi

:- Mohabbat Ki Raahon Ka Anzaam Yahi Hai, Gham Ko Apna Lo Bas Paigam Yahi Hai,

:- Is Sahar Mein Mohabbat Dhunde Na Milegi, Haan Bewafaon Ka Toh Elaan Yahi Hai,

:- Zurm Mohabbat Hai, Wade Saleeb Hain, Mohabbat Ka Eh Dosto Inaam Yahi Hai,

:- Mohabbat Ka Badla Yahan Bewafayi, Dharm Yahi, Yahan Ka Imaan Yahi Hai…

:- Ajeeb Manzar Dikhata Uska Pyar, Kabhi Hansata, Kabhi Roolata Uska Pyar,

:- Sanwale-Se, Sanwre-Se Sapno Mein Tha, Phoolon Ki Tarah Muskurata Uska Pyar,

:- Har Taraf Yeh Nazara Kabhi Na Hoga, Lahron Ki Tarah Zindagi Mein Aata Uska Pyar,

:- Silsile Na Jane Kab Tak Chale Uske Pyar Ke, Dheere-Dheere Kareeb Aata Uska Pyar,

:- Jo Kabhi Sochte Bhi Nahi The Humne, Hamein Woh Azab Dhang Dikhata Uska Pyar…

:- Matlab Kya Hua Berukhi Ka, Hai Kon Muzrim Teri Is Khushi Ka,

:- Umeed Thi Jis Se Pyar Ki Eh Khuda, Bujh Gaya Woh Chiraag Kabhi Ka,

:- Jab Kabhi Bhi Guzrunga Teri Galiyon Se, Sab Puchhenge Sabbab Meri Khamoshi Ka,

:- Na Jaane Kab Rishta Badal Jaaye Pyar Ka, Ab Bharosa Nahi Rha Mujhe Kisi Mureed Ka,

:- Tere Waadon Ka Junoon Paas Rahe Mere, Wasta Hai Tujhe Mujh Se Kiye Pyar Ka…

:- Tum Se Door Rahoon Magar Kaise, Haal-E-Dil Bhi Kahoon Magar Kaise,

:- Bahut Samjhaya Is Pagal Dil Ko Eh Sanam, Dil Ko Mazboor Karoon Magar Kaise,

:- Kuchh Toh Kahti Hai Aankho Se Woh Bhi, Woh Baat Kagaz Par Likoon Magar Kaise,

:- Waqt Ki Lahron Se Main Waakif Toh Hoon, Waqt Ke Safar Ko Samjhun Magar Kaise,

:- Har Gham Uttha Lenge Saath Jo Tum Ho, Tum Bin Khud Ko Sochun Magar Kaise,

:- Tum Se Door Rahoon Magar Kaise, Haal-E-Dil Bhi Kahoon Magar Kaise…

:- Raat Gujri Unke Intezaar Mein, Aur Aansu Bahte Rahe Pyar Mein,

:- Tanhai Ki Chadar Tan Se Lapete, Bahta Raha Sanso Ki Manjhdar Mein,

:- Tha Khamosh Manzar Badla-Badla, Dil Bhi Na Tha Ab Ikhtiyar Mein,

:- Woh Aayenge Sochta Raha Main, Khilengi Kaliyan Phir Se Bahaar Mein,

:- Bewajah Nikal Pada Tha Ek Din Eh Sanam, Pyar Dhundne Ke Liye Is Zahaan Mein…

:- Wafa Ki Aag Mein Jo Khud Ko Jala Deta, Unse Mohabbat Ka Main Rishta Nibha Deta,

:- Aaj Agar Unki Galiyon Mein Jata Toh, Unki Yaadon Ko Aakhir Jawaab Kya Deta,

:- Khanzar Utarti Thi Tanhai Jis Dil Mein, Agar Mujhe Kehte Haan, Toh Khud Ko Mita Deta,

:- Banzar Padi Hai Mohabbat Ki Dharti Bhi, Eh Sanam, Kash Chale Jaane Ke Baad, Unko Bhula Deta,

:- Bewafa Ne Agar Ek Moka Diya Hota, Zamaane Ko Bhi Main Mohabbat Sikha Deta…

:- Raaton Ka Manzar Azeeb Lagta Hai, Saya Teri Yaadon Ka Kareeb Lagta Hai,

:- Lahrein Aakar Waapis Ho Jaati Hai, Woh Sahil Tanha Azeeb Lagta Hai,

:- Usko Yaadon Ki Keemat Ka Pata Hai, Tabhi Toh Woh Dil Ka Mareez Lagta Hai,

:- Woh Sanam Maayus Hai Toh Kya Hua, Fir Bhi Woh Mera Habeeb Lagta Hai…

:- Har Lamha Hum Unhein Yaad Karte Rahe, Unki Yaad Mein Mar-Mar Ke Jeete Rahe,

:- Ashq Aankon Se Hamari Bahte Rahe, Hum Ashqon Ke Jaam Peete Rahe,

:- Mohabbat Ruswa Hui Zamane Mein, Hum Bas Unka Naam Lekar Hi Jeete Rahe,

:- Lab Khamosh The Aankon Ne Haal-E-Dil Kaha, Hum Bas Unka Naam Le Kar Hi Jeete Rahe…

:- Maayus Dil Mein, Dil-E-Nakaam Ho Gaya, Rooksat Ho Duniya Se Mujhe Aaraam Ho Gaya,

:- Main Har Tarah Se Doshi Ho Gaya, Galati Ki Kisi Aur Ne, Naam Mera Ho Gaya,

:- Is Tashanagi Ki Aag, Usi Se Bujhi, Main Paani Peete-Peete, Sharabi Ho Gaya,

:- Aashiq Ki Kamzori Ki Kuchh Intehaan Nahi, Gaya Wahan Jahan Is Jeewan Ka Islaam Ho Gaya,

:- Dil Mera Bataab Hai Uske Pyar Ke Liye, Aankhen Pyala Ho Gayi Dil Jaam Ho Gaya,

:- Rahta Hai Apna Mukaddar Bhi Apne Saath, Wahan Bhi Pyar Ke Maaron Mein Shamil Ho Gaya,

:- Duniya Mein Har Mash-hoor Aadmi Paise Ka Gulam Hai, Lekin Woh Toh Aapka Gulam Ho Gaya,

:- Maayush Dil Mein Dil-E-Nakaam Ho Gaya, Rooksat Ho Duniya Se Mujhe Aaraam Ho Gaya…

:- Ek Bewafa Ko Apna Hamraaj Banakar, Ab Pachhta Raha Hun Apna Dil Ganwakar,

:- Us Bewafa Ne Zindagi Mein Aag Laga Di, Jise Dil Mein Basaya Tha Chandni Banakar,

:- Sahme Huye Phool Yeh Meri Mohabbat Ke, Berang Ho Chuke Hain Aansuon Mein Nahaakar,

:- Alaah Kare Use Bhi Kabhi Neend Naa Aaye, Jo Le Gaya Hai Meri Aankhon Ki Neend Churakar,

:- Phulon Ki Sez Usko Kabhi Raas Na Aaye, Jo Gaya Hai Meri Raahon Mein Kaante Bichhakar,

:- Tadpega Tu Bhi Ek Din Meri Tarah Se, Eh Sanam Royega Takiye Ko Seene Se Lagakar,

:- Maine Toh Aansuon Ko Apna Mukaddar Bana Liya, Eh Bewafa Khush Tu Bhi Na Rahega Mujhe Rulakar,

:- Ek Bewafa Ko Apna Hamraaj Banakar, Ab Pachhta Rahe Hain Apna Dil Ganwakar…

:- Chain Yahan Hai, Ab Wahan Nahi, Dil Kyun Betaab Hai, Eh Khuda Pata Nahi,

:- Jis Talash Mein Hai Tu Shayad, Woh Aapko Kabhi Mila Nahi,

:- Shyad Ye Mausam Bana Rahe, Yahan Toh Kisi Ko Rahna Nahi,

:- Shikwe Duniya Se Hazaaron Hain, Eh Sanam Mujhe Aapse Koi Gila Nahi,

:- Dil Se Mere Milna Jaroor Eh Husan Walon, Kya Aapke Dil Mein Kabhi Koi Raha Nahi…

:- Kyun Daaman Ko Dagdar Karte Ho, Kyun Bewafa Se Mohabbat Karte Ho,

:- Jo Poojta Hai Tumhein Khuda Ki Tarha, Kyun Uski Mohabbat Ko Badnaam Karte Ho…

:- Kya Bataun Kissa Pyar Ka Eh Sanam, Unki Baahon Mein Saanse Rook Jaati Hain,

:- Bas Unki Baahon Mein Hai Zannat Meri, Unko Dekhkar Meri Nazarein Jhuk Jaati Hain,

:- Pyar Ki Nadani Unse Kar Baithhe Hain, Unke Liye Barbaad Jawani Kar Baithhe Hain,

:- Unko Basaa Kar Apne Dil Mein Eh Sanam, Hum Barbaad Apni Jawani Kar Baithhe Hain…

:- Tere Pyar Ke Liye Marna Bhi Ganwara Karte Hain, Yun Toh Har Raat Hum Ro-Ro Kar Guzara Karte Hain,

:- Khawab Mein Hi Aa Jaao Eh Sanam, Hum Tumhara Naam Lekar Tujhe Pukara Karte Hain…

:- Har Pal Tera Intezaar Rahta Hai, Tere Liye Eh Sanam Yeh Dil Bekaraar Rahta Hai,

:- Na Tu Kabhi Aaya Hai , Na Tu Kabhi Aayega, Phir Bhi Kyon Tera Intezaar Rahta Hai…

:- Kyon Badnaam Karte Ho Naam Pyar Ka, Log Pyar Karte Hain Zannat Pane Ke Liye,

:- Kuchh Log Aise Hain Is Jahaan Mein Eh Khuda, Joh Pyar Karte Hain Bas Dil Behlane Ke Liye…

:- Yoon Toh Wafaon Ka Paigam Aata Hai, Lab Pe Bewafaon Ke Bhi Hamara Naam Aata Hai,

:- Yoon Toh Bewafa Dekhi Hain Humne Ek Se Ek, Ek Bewafa Ki Bewafayi Pe Hamein Pyar Aaya Hai,

:- Tere Pyar Mein Hamne Sara Zag Thukraya Hai, Mere Pyar Ko Tune Kadam Kadam Par Thukraya Hai,

:- Tu Apni Kasmein Wadon Se Mukar Gayi Eh Sanam, Teri Is Berukhi Ne Hee Mera Shahar Chhudwaya Hai…

:- Paane Ki Koi Chah Nahi Na Milne Ki Hawas Humko, Judai Ke Dar Se Fir Kyun Sahme Sahme Rahte Hain,

:- Ajib Kasamkash Teri Hai, Ajeeb Uljhan Meri Hai, Jajbaaton Ke Sagar Mein Doobte Ubhrate Rahte Hain,

:- Aisi Toh Koi Baat Nahi Jeevan Bhar Ka Saath Nahi, Khat Ki Chah Mein Fir Kyun Raah Takte Rahte Hain,

:- Na Tum Mere Apne Ho Apna Nahi Main Bhi Tumhara, Ek Dooje Ko Apna Kyun Fir Hum Samajhte Rahte Hain,

:- Deep Mein Jyoti, Seep Mein Moti, Aisa Bandhan Nahi, Ek Dooje Se Na Bichhde Yeh Dua Kyun Karte Rahte Hain,

:- Mulakat Ki Hasrat Na Koi Na Deedar Ki Koi Jarurat Hai Tasavvur Mein Fir Kyun Ek Dooje Ko Dekhte Rahte Hai

:- Anjaam Na Jaane Kya Hoga Yeh Soch Ke Dil Ghabrata Hai Is Ajeeb Se Riste Ko Kyun Khaton Se Seenchte Rahte Hai

:- Mere Dil Mein Huk Uthhe Toh Dard Tujhe Kyun Hota Hai Ehsason Ki Aag Mein Hum Dono Kyun Sulgate Rahte Hain

:- Ek Baar Milne Ki Tamanna Hai Khwaish Nahi Hai Chhune Ki Intezaar Mein Us Din Ke Dono Din Ungali Pe Ginte Rahte Hain

:- Main Sharabi Nahi Eh Meena Kis Haq Se Tumko Pee Jaaun Paimane Teri Aankhon Ke Meri Aankhon Mein Chhalkate Rahte Hain…

:- Chahton Ka Saroor Ilzaam Ban Gaya, Mera Sahar Mere Liye Shamshan Ban Gaya,

:- Kahin Se Dhoond Kar La Do Mere Dil Ka Sukoon, Mujhse Pyar Hai,Toh Mujh Par Itna Karm Karna Jaroor…

:- Unse Pyar Hamara Sambhala Na Gaya, Woh Rishton Ka Mazaak Udata Gaya,

:- Dil Jalta Raha Lab Khamosh The Eh Sanam, Woh Hamari Izzat Ka Mazaak Udata Gaya…

:- Maine Teri Pyar Mein Sabse Nata Tod Gaya, Aur Tu Mujh Se Hi Mooh Mod Gaya,

:- Ab Kya Teri Wafaon Ka Zikar Karoon Main, Main Toh Ab Gham Se Apna Rishta Jod Gaya…

:- Hum Tumhe Pyar Karte Hain Ae Sanam, Ho Sake Toh Meri Yeh Khata Maaf Karna,

:- Badnaam Mohabbat Hamari Hai, Tum Badnaam Pyar Mera Mat Kana…

:- Parchhaiyon Ko Kya Maalum Gham Kya Hota Hai, Bewafaon Ko Kya Maalum Sanam Kya Hota Hai, Har Daur Se Gujar Kar Dekha Hai Maine Ishq Mein, Koi Kya Jaane Pyar Ka Dam Kya Hota Hai…

:- Ishq Yeh Hamein Kis Mod Par Le Aaya Hai, Kadam Kadam Par Mujhko Mila Tera Saya Hai, Dil Ko Bahlane Kis Taraf Jaayein Sanam, Har Taraf Teri Yaadon Ki Chhaya Hai…

:- Kisko Dosh Lagayein Apni Barbadi Ka Hum, Ishq Ki Raahon Mein Hum Khud Hi Gunahgar Hain, Jo Lamhe Bitaye The Sath Milkar Kabhi, Aaj Mere Liye Wohi Lamhe Yaadgar Hain…

:- Jab Se Mujhe Yeh Ishq Mila Hai, Har Koi Dagabaaj Yaar Mila Hai, Mujhe Na Samjhna Gunahgar Sanam, Apna Har Saathi Gaddar Mila Hai…

:- Bewafa Zamaane Se Kya Narajagi Jatayein Sanam, Duniya Ke Is Ravaiye Se Hum Achhi Tarah Wakif Hain, Kadam Kadam Par Rasta Roka Hai Logon Ne Ishq Ka, Fir Bhi Hum Sadiyon Se Yaar Tumhare Aashiq Hain…

:- Tera Koi Bhi Wada Aitbaar Ke Kabil Nahi Hai, Mana Tu Haseen Hai Magar Ishq Ke Kaabil Nahi Hai, Mohabbat Ki Daud Mein Tu Sabse Aage Tha Kabhi, Magar Aaj Tu Kisi Raftar Ke Kaabil Nahi Hai…

:- Kya Haal Sunaye Tumhein Hum Ishq Ke Sataye Hain, Jaane Mere Is Dil Ne Kitne Aansu Bahaye Hain, Tumhein Kya Bhala Gunahgar Batayein Sanam, Hum Toh Khud Apni Najron Se Girte Aaye Hain…

:- Tanhaiyon Ko Kya Bataun Haal E Dil Sanam, Tanhai Bhi Aajkal Maayush Najar Aati Hai, Tumko Hi Dekhta Hun Ishq Se Baharon Mein, Door Tak Jidhar Yeh Meri Najar Jati Hai…

:- Dastaan Ujde Dil Ki Sunane Aaye Hain, Ujde Dil Ko Hum Basane Aaye Hain, Barbaad Hain Mohabbbat Ki Raah Mein, Lekin Fir Bhi Yeh Ishq Aajmane Aaye Hain…

:- Bujhe Huye Armano Ka Itna Hi Kahna Hai, Humko Toh Har Pal Ishq Mein Rahna Hai, Chahe Sitamgar Kitne Bhi Teer Chalaye, Har Teer Ka Jakham Pyar Se Sahna Hai…

:- With you no complaint I can make No reward I am destined to take

:- A person we have not yet met If separated, will cause what heartache

:- We were hardly wishful to keep living Though dying we dare not under-take

:- Something to make our life worth while No prospect of any chance at stake

:- Flower’s scent has been accounted for Its own time, though, bud will take

:- Heart is taken aback by a single hurt It is no blister that a prick it cannot take…

:- Kuch Waqt Do Ke Sambhl Sakun Kuch Waqt Do Ke Tumhe Samajh Sakun Kuch Waqt Do Ke Khud Se Keh Sakun Ki Tum Hi Ho Vahi Jise Chaha Tha Kabhi…

:- Humare Shauk Ki Ye Intaha Thi Kadam Rakha Ki Manzil Raasta Thi

:- Bichhad Ke Daar Se Ban-Ban Fira Voh Hiran Ko Apni Kastoori Saza Thi

:- Kabhi Jo Khwab Tha Voh Paa Liya Hai Magar Jo Kho Gyi Voh Cheez Kya Thi

:- Main Bachpan Mein Khilone Todta Tha Mere Anzaam Ki Voh Ibtada Thi

:- Mohabbat Mar Gyi Mujhko Bhi Gham Hai Mere Achhe Dino Ki Aashna Thi

:- Jise Chhoo Looon Voh Ho Jaye Sona Tujhe Dekha To Jana Bad-Dua Thi

:- Mareeze-Khwab Ko To Ab Shafa Hai Magar Duniya Badi Kadvi Dawa Di…

:- Hum To Bachpan Mein Bhi Akele The Sirf Dil Ki Gali Mein Khele The

:- Ik Taraf Morche The Palkon Ke Ik Taraf Aansuon Ke Rele The

:- Thi Sazi Hasratein Dukano Per Zindagi Ke Ajeeb Mele The

:- Khudkushi Kya Dukhon Ka Hall Banti Maut Ke Apne Sau Jhamele The

:- Zehan-O-Dil Aaj Bhukhe Marte Hain Un Dino Humne Faake Jhele The…

:- How to step back, we were within some steps of destination Our oversight was in advert ant, deserving utmost consideration

:- My eyes have lowered looks, my lips are all sealed More than this, I cannot vouch my own admiration

:- We could not keep pace with our commitment We cannot blame the world for their indignation

:- It may be temple or tavern, candles are incandescent Our heart is all despondent, we show our desperation

:- A tear in eye was symbolic of a star in the sky To discover any galaxy would end in frustration

:- It is same confused longing, it is same diffused yearning No high or low day after day, no differentiation

:- Mujhko Yakeen Hai Sach Kehti Thi Jo Bhi Ammi Kehti Thi Jab Mere Bachpan Ke Din The Chand Mein Pariya Rehti Thi

:- Ek Ye Din Jab Apno Ne Bhi Humse Nata Tod Liya Ek Voh Din Jab Ped Ki Shakhein Bojh Humara Sehti Thi

:- Ek Ye Din Jab Saari Sadakein Roothi-Roothi Lagti Hain Ek Voh Din Jab “Aao Khelein” Saari Galiyaan Kehti Thi

:- Ek Ye Din Jab Jaagi Ratein Deewaron Ko Takti Hain Ek Voh Din Jab Shaamon Ki Bhi Palkein Bojhil Rehti Thi

:- Ek Ye Din Jab Laakhon Gham Aur Kaal Pada Hai Aansoo Ka Ek Voh Din Jab Zara Si Baat Pe Nadiyan Behti Thi

:- Ek Ye Ghar Jis Ghar Mein Mera Saazo-Samaan Rehta Hai Ek Voh Ghar Jis Ghar Mein Meri Bhudhi Naani Rehti Thi…

:- Firte Hain Kab Se Dar-Badar Ab Is Nagar Ab Us Nagar Ik Doosre Ke Humsafar Main Aur Meri Aawaragi Na Aashna Har Rehguzr Nameharbaan Har Ik Nazar Jayein To Ab Jayein Kidhar Main Aur Meri Aawaragi

:- Hum Bhi Kabhi Aabaad The Aise Kahan Barbaad The Befikar The Aazaad The Masroor The Dilsaad The Voh Chaal Aisi Chal Gya Hum Bujh Gye Dil Jal Gya Nikle Jalake Apna Ghar Main Aur Meri Aawaragi

:- Jeena Bahut Aasaan Tha Ik Shakhs Ka Ehsaan Tha Humko Bhi Ik Armaan Tha Jo Khwab Ka Saman Tha Ab Khwab Hain Na Aarzoo Armaan Hai Na Justaju Yoon Bhi Chalo Khush Hain Magar Main Aur Meri Aawaragi…

:- Sach Ye Hai Bekaar Humein Gham Hota Hai Jo Chaha Tha Duniya Mein Kam Hota Hai

:- Dhalta Sooraj, Faila Jungle, Rasta Ghum Humse Puchho Kaisa Aalam Hota Hai

:- Gairon Ko Kab Fursat Hai Dukh Dene Ki Jab Hota Hai Koi HumDum Hota Hai

:- Zakham To Humne In Aakhon Se Dekhein Hain Logon Se Sunte Hain Marhum Hota Hai

:- Zehan Ki Shaakhon Per Ashaar Aa Jaate Hain Jab Teri Yaadon Ka Mausam Hota Hai…

:- Main Pa Ska Na Kabhi Is Khalish Se Chhutkara Voh Mujhse Jeet Bhi Sakta Tha, Jaane Kyon Hara

:- Barash Ke Khul Gye Aansu Nithar Gyi Hai Fiza Chamak Raha Hai Sare-Sham Dard Ka Tara

:- Kisi Ki Aankh Se Tapka Tha Ik Amaanat Hai Meri Hatheli Pe Rakha Hua Ye Angara

:- Jo Per Samete To Ik Shaakh Bhi Nhi Payi Khule The Per To Mera Aasmaan Tha Sara

:- Vo Gunahgar Mere Hak Me Dua Kar Deta Mere Sookhe Huye Jangal Ko Hra Kar Deta

:- Kaash! Vo Aata Mere Maathe Ke Bose Leta Main Hoon Bimaar Mere Hak Me Dua Kar Deta

:- Yoon Bhi Tabdeel Baharon Me Khija Ho Jati Apne Daaman Se Voh Chehre Pe Hawa Kar Deta

:- Ye Jo Beaib* Hain Taumar Tarsate Rehte Mujhko Aisi Koi Taumar Sza Kar Deta

:- Ek Muddat Se Ye HumRaah Rha Karti Hain Ranjishein Koi Mere Dil Se Juda Kar Deta…

:- Ye Tassalli Hai Ki Hain Naashaad Sab Main Akela Hi Nhi Barbaad Sab

:- Sabki Khatir Hain Yahaan Sab Ajnabi Aur Kehne Ko Hain Ghar Aabaad Sab

:- Bhoolke Sab Ranjishein, Sab Ek Hain Main Batayun Sabko Hoga Yaad Sab

:- Sabko Daava-E-Wafa Sabko Yakeen Is Adakari Mein Hain Ustaad Sab

:- Shehar Ke Haakim Ka Ye Farmaan Hai Kaid Mein Kehlaayenge Aazad Sab

:- Chaar Lafzon Mein Kaho Jo Bhi Kaho Usko Kab Fursat Sune Fariyaad Sab

:- Talkhiyaan Kaise Na Hon Ashaar Mein Hum Pe Jo Gujari Humein Hai Yaad Sab…

:- Humse Dilchasp Kabhi Sacche Nhi Hote Hain Ache Lagte Hain Magar Ache Nhi Hote Hain

:- Chaand Mein Budhiya Buzurgon Mein Khuda Ko Dekhein Bhole Ab Itne To Ye Bacche Nhi Hote Hain

:- Koi Yaad Aaye Hume Koi Hume Yaad Kare Aur Sab Hota Hai Ye Kissey Nhi Hote Hain

:- Koi Manzil Ho Bahut Door Hi Hoti Hai Magar Raaste Vaapsi Ke Lambe Nhi Hote Hain

:- Aaj Taareekh To Dohraati Hai Khud Ko Lekin Ismein Behtar Jo The Vo Hissey Nhi Hote Hain…

:- Vo Dhal Raha Hai To Ye Bhi Rangat Badal Rahi Hai Zameen Suraj Ki Ungliyon Se Fisal Rahi Hai

:- Jo Mujhko Zinda Jala Rahe Hain Voh Bekhabar Hain Ki Meri Zanzir Dheere-Dheere Pighal Rahi Hai

:- Main Katl To Ho Gya Tumhari Gali Mein Lekin Mere Lahoo Se Tumhari Deewar Gal Rahi Hai

:- Na Jalne Paate The Choolhe Bhi Har Savere Suna Hai Kal Raat Se Voh Basti Bhi Jal Rahi Hai

:- Main Jaanta Hoon Ki Khaamoshi Mein Hi Samajhdari Hai Magar Yehi Maslhat Mere Dil Ko Khal Rahi Hai

:- Kabhi To Insaan Zindagi Ki Karega Izzat Ye Ek Umeed Aaj Bhi Dil Mein Pal Rahi Hai…

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