Romentic Story in Hindi | शादी का पहला सावन

Romentic Story in Hindi | शादी का पहला सावन
 

आदरणीय पाठक, नमस्कार! आज हम आपके लिए एक खास कहानी “Romentic Story in Hindi | शादी का पहला सावन” लेकर आएं हैं| हो सकता है की यह कहानी पढ़कर आपकी आँखों में आंसू झलक पड़े| आपको हमारी यह कहानी कैसी लगी हमें Comment Section में ज़रूर बताएँ|


Romentic Story in Hindi | शादी का पहला सावन

देख रहे हो रोहित ये बारिश इसकी बूँदें उसे बहुत पसन्द थी। इन बूँदों के गिरने के साथ वो पैरों में घुघुरूँ बाँध कर नाचा करती थी। इतनी खूबसूरत लगती थी वो कि उसके सामने मोर भी फीके पड़ जाते थे।

उसे बारिश बहुत पसन्द थी, और आज भी पसन्द होगी। आज इस बारिश के साथ उठने वाली मिट्टी की खुशबू फिर से उन दिनों में ले जाकर मुझे छोड़ आयी है। जब हम बरसात के मौसम पर सड़क पर यूँ ही घूमते हुए घर आते थे।

“ये बारिश भी बड़ी अजीब है
लोगों के लिए पानी है
और मेरे लिए बरसते इश्क़ की कहानी है”

पहाडी़ के पीछे जो वो ढाँबा है, जहाँ मैं चाय पीने जाता हूँ वहाँ की चाय उसे बहुत पसन्द थी। हम हर बरसात में कॉलेज से लौटते वक्त वहाँ की चाय जरूर पीते थे। चाय वैसे भी भी उसे बहुत पसन्द थी। मई, जून की दोपहरी में भी वो चाय पीना पसन्द करती थी, और जब मैं मना करता था तो बडी़ नजाकत से कहती थी…

जनाब आपके लिए सिर्फ चाय होगी
मेरे लिए तो इश्क़ है….

फिर मैं कहता था कि जब चाय से इश्क़ है तो मैं क्या हूँ? तो वो कहती थी..
“तुम और मैं तो एक हैं, तो मेरी पसन्द तुम्हारी भी पसन्द है” और ये बोलकर हँसने लगती थी, जानते हो क्योंकि चाय मुझे कभी पसन्द नहीं थी और ये बात वो जानती थी। हाँ कभी कहा नहीं मैंनें उससे लेकिन उसे पता चल गया था।

तुम्हें पता है जिस दिन हमारी शादी तय हुई ,उस दिन भी ये बादल ऐसे ही जोर से बरस रहे थे। हमारे साथ इन्होंनें भी उस खुशी को महसूस किया था। ये भी हमारी खुशी में मेरी नैना की तरह झूम कर नाचे थे।

उस दिन नैना ने मुझसे कहा था कि हम अब हम हमेशा इन बूँदों के साथ नाचेगे, गायेगे। मैं हमेशा उसकी इन बेतुकी बातों पर हँसता रहता था।

हमारी शादी की ये फोटो देख रहे हो नैना के चेहरे की मुस्कराहट ये खुशी हमारी शादी में दस्तक देने वाली  बेमौसम बारिश के …

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