Warren Buffett Biography Hindi, Success Story of Warren Buffett

वॉरेन बफे का जीवन परिचय – 

वॉरेन बफे दुनिया के जाने माने व्यक्ति है इन्हे शेयर बाजार के खिलाडी के नाम से भी जाना जाता है | वारेन बफे की चर्चा दुनिया के अख़बार, टी. वी, चैनल आदि में बहुत हुई है | दुनिया के सबसे अमीर आदमियों में से एक, जिसे बिल गेट्स अपना बेहतरीन दोस्त और प्रेरक मानते है | इनका जन्म 30 अगस्त 1930 नेवस्का यु.एस (U.S) में हुआ था | इनके पिता जी का नाम हॉवर्ड बफे और माता का नाम लीला स्टॉल था | इनके पिता जी शेयर बाजार में कारोबारी थे |

वारेन बफे ने 11 साल की उम्र में अपने पिता जी के साथ शेयर बाजार के कारोबार में शुरुआत की, 13 साल की उम्र में वारेन बफे ने अपना पहला आयकर विवरण दायर किया था और अपनी साईकिल के 35 डालर को एक व्यय के रूप में घाटा दिया । 15 साल की उम्र में हाई स्कूल (High School) अंतिम वर्ष में बफे और उनके एक साथी ने 25 डालर में एक इस्तेमाल की हुई पिनबॉल मशीन खरीदी और उसे एक नाई (Barber) की दुकान में रख दिया। बहुत ही कम समय में उनके पास तीन मशीनें अलग अलग जगहों पर हो गई थीं, 20 साल की उम्र में बफे (Buffett) ने हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल (Harvard Business School) में प्रवेश के लिए आवेदन किया लेकिन उन्हें ठुकरा दिया गया | फिर वॉरेन बफे (Warren Buffett) नें कोलंबिया बिजनेस स्कूल (Columbia Business School) में दाखिला लिया और वही से बफे नें शेयर बाजार में निवेश करने के गुण सिखे।

वारेन बफे अपनी जीवन शैली बहुत ही सरल तरीके से यापन करते थे | (Simple Living High Thinking) आज वॉरेन बफे के पास इतनी सम्पति होने के बावजूद उनकी जीवन शैली उतनी ही सरल है | बफे आज भी उसी घर में रहते है जो उन्होंने 5 दशक पहले खरीदा था वे अपने कार्य स्वयं करते है और न ही कोई सुरक्षा गार्ड का प्रयोग करते है, और न ही उनके पास कोई ड्राइवर है वह कार स्वयं चलाते है साथ ही वह कभी निजी विमान से यात्रा नहीं करते और वह अपने सभी CEO को साल में केवल एक बार पात्र लिखते हैं |

वारेन बफे की सबसे बड़ी बात तो यह है की उन्होंने अपनी कुल संपत्ति का लगभग 85% हिस्सा बिल गेट्स (Bill Gates) की बिल एंड मेलिंडा गेट्स फॉउंडेशन (Bill & Melinda Gates Foundation) को …

Mahatma Gandhi Biography in Hindi, Essay of Mahatma Gandhi

महात्मा गांधी संक्षिप्त जीवन परिचय
Mahatma Gandhi Brief Biography in Hindi, About Mahatma Gandhi
नाम मोहन दास करम चन्द्र गांधी
जन्म व स्थान 2 अक्टूबर 1869 ,गुजरात के पोरबंदर गांव में
मृत्यु ३० जनवरी 1948
पिता करम चंद्र जी
माता पुतली बाई
पत्नीकस्तूरबा गांधी
संतान हरिलाल, मणिलाल ,रामदास ,देवदास
शिक्षाबैरिस्टर
राष्ट्रीयता भारतीय
उपलब्धियां भारत के राष्ट्रपिता, भारत को आजाद दिलवाने में अहम योगदान, सत्य और अहिंसा के प्रेरणा स्त्रोत, भारत के स्वतंत्रा संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान भारत छोड़ो आंदोलन, स्वदेशी आंदोलन, असहयोग आंदोलन स्वदेशी आंदोलन आदि।
महत्वपूर्ण कार्य सत्या और अहिंसा का महत्व बताकर इसको लोगों तक पहुंचाया, छुआ-छूत जैसी बुराइयों को दूर किया

महात्मा गांधी का प्रारंभिक जीवन (Early life of Mahatma Gandhi)

महात्मा गाँधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर गांव में हुआ था | इनके पिता जी श्री करम चंद्र गाँधी जी पोरबंदर के दीवान थे और माता जी (पुतली बाई) जो एक धार्मिक महिला थी| महात्मा गाँधी को ज्यादातर लोग बापू कह कर पुकारते थे| गांधी जी का विवाह 13 वर्ष की उम्र में कस्तूरबा बाई (14 वर्ष ) के साथ हुआ |

गाँधी जी ने नवंबर सन 1887 में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और सन 1888 में भावनगर के समलदास कॉलेज में दाखिल हुए थे और वहाँ से उन्हें डिग्री प्राप्त हुई थी | इसके बाद वे लंदन गए और वह से बैरिस्टर बन कर लौटे | गाँधी जी द्वारा नमक सत्याग्रह की सुरुवात 12 अप्रैल सन 1930 को गुजरात के अहमदाबाद शहर के पास स्थित साबरमती आश्रम से की गई थी | गाँधी जी अपने परिवार में सबसे ज्यादा पढ़े लिखे थे |

सत्य और अहिंसा के पुजारी  (Priest of Truth and Nonviolence)

अहिंसा और सत्याग्रह के संघर्ष से उन्होंने भारत को अंग्रेजो से स्वतंत्रता दिलाई उनका यही काम पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन गया | बापू  का  कहना  था की ” बुरा मत देखो ,बुरा मत सुनो ,बुरा मत कहो ,” और  हमेशा सच्चाई  की राह पर चलो क्योंकि सच्चाई की कभी भी हार नहीं होती |

भारत के राष्ट्रपिता भारत को आजादी दिलाने में अहम् योगदान रहा है |गाँधी जी २४ साल की उम्र में दक्षिण अफ्रीका पहुंचे वह प्रिटोरिया स्थित कुछ भारतीय व्यापारियों के न्यायिक सलाहकार के तौर पर वह गए थे उन्होंने  अपने जीवन के २१ साल दक्षिण अफ्रीका में बिताये जहां उनके राजनैतिक विचार और नेतृत्व कौशल का विकास हुआ |दक्षिण अफ्रीका में गाँधी जी ने भारतीयों को अपने राज नैतिक और सामाजिक अधिकारों …

Harsh Beniwal Biography in Hindi | Success, Untold Story | हर्ष बेनीवाल जीवन परिचय

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दोस्तों वैसे तो लोग फेसबुक या यूट्यूब से फेमस हुआ करते हे पर आज हम एक ऐसे शख्स के बारे में बात करने जा है जोकि फेमस हुए “Most Popular App Instagram” से, जी हा दोस्तों आज हम बात कर रहे है “Harsh Beniwal” के बारे में जो की कुछ ही समय में लोगो के दिलो में बसते जा रहे है, हर्ष का जन्म 13 फ़रवरी 1996 को पीतमपुरा,नयी दिल्ली में हुआ था |

“अगर ज़िंदगी में कुछ पाना हो, तो तरीके बदलो इरादे नहीं”

हर्ष बेनीवाल एक ऐसे व्यक्ति है जिन्हे बचपन से ही एक्टिंग करना बहुत पसंद था और उसी एक्टिंग से वो बचपन में सभी को हसाया करते थे, उन्हें “Pet Lover” भी कहा जाता है वो अपने Pets को फैमली मेम्बर की तरह ही ट्रीट करते है, हर्ष  ने  शुरुवाती पढ़ाई महाराजा अग्रसेन मॉडल स्कूल से की और 12th की पढ़ाई के साथ साथ डांस भी शिखा करते थे और इसी डांस की वजह से  हर्ष अपने स्कूल में बहुत पॉपुलर हुए थे, 12th के बाद इन्होने औरोबिंदो कॉलेज में बीए में एड्मिसन ले लिया पर उसके बाद ही वो विप्स में माइग्रेट हो गए BCA प्रोग्राम के लिए, हर्ष कॉलेज बहुत ही  कम जाया करते थे |

हर्ष की सोशल मीडिया पर स्टार बनने की शुरुआत हुई May 2015 से और उनकी शुरुवात का कारण रहा “Dubsmash” | 3 May 2015 को हर्ष ने पहला डबस्मैश इंस्टाग्राम पर, 5 May 2015 को पहला “Vine”  वीडियो यूट्यूब पर और 6 May 2015 को उन्होंने पहला फेसबुक पेज “ब्रेन हुमूर ” बनाया | शुरुवात में फेसबुक पर उनके दोस्तों ने उनकी बहुत आलोचना की और साथ ही में उनके बहन के दोस्तों ने भी उनका मजाक बनया और उनसे ये कहा की क्या है ये चुन्नी पहन के ये सरे काम किया करते हो लेकिन हर्ष ने कभी हार नहीं मानी और सबकी बातो को नजरअंदाज करते हुए अपनी एक्टिंग पर ध्यान दिया और वाइन्स बनाते रहे |

“रास्ते बदलो मत, रास्ते बनाओ”

वैसे भी हर्ष कभी जॉब करना ही नहीं चाहते थे और एक्टिंग में ही अपना करियर बनाना चाहते थे, एक बार हर्ष अपनी मौसी के घर पर थे और बहुत ज्यादा परेशान और डरे हुए थे, उन्हे बिलकुल भी समझ नहीं आ रहा था की उन्हे अपनी लाइफ में आगे क्या करना चाहिए, तो उन्होने ने अपनी माँ …

Sanjay Mishra Biography in Hindi | संजय मिश्रा जीवन परिचय | Success Story

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दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है हिंदी फिल्म जगत के एक ऐसे कलाकार के बारे में जो हमें अपनी एक्टिंग से रुला सकते हैं, हंसा सकते हैं, और डरा भी सकते हैं आज उन्हें लगभग इंडिया का बच्चा बच्चा जनता है उस मंझे हुए कलाकार का नाम है “संजय मिश्रा” जिन्होंने कई फ़िल्मों तथा टेलीविज़न धारावाहिकों में अभिनय से अमिट छाप छोड़ी है।

“कड़ी से कड़ी जोङते जाओ तो जंजीर बन जाती है॥
मेहनत पे मेहनत करो तो तक़दीर बन जाती है।“

संजय का जन्म 6 अक्टूबर 1963 को दरभंगा, बिहार में एक हिन्दू परिवार में हुआ था। इनके पिता शम्भुनाथ मिश्रा जो कि एक पत्रकार थे। संजय को बचपन से ही एक्टिंग में बहुत ज्यादा रूचि थी | संजय ने अपनी हाई स्कूल की पड़े पटना के ही एक स्कूल से की और उसके बाद इन्होंने बैचलर की डिग्री पूरी कर राष्ट्रीय ड्रामा स्कूल में प्रवेश किया और सन 1989 में स्नातक हो गए।

“National School of Drama” में अपनी एक्टिंग पूरी कर अपना भाग अजमाने के लिए बॉलीवुड में कदम रखा और शुरुवाती दिन में संजय मिश्रा जी को बहुत ही मुस्किलो का सामना करना पड़ा, संजय मिश्रा ने पहला अभिनय जो कि एक टेलीविज़न धारावाहिक चाणक्य (धारावाहिक)” में किया था, इससे पहले इन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ भी कार्य करने का मौका मिला था। शुरुवात में संजय फिल्मो में छोटे मोटे रोले के साथ 2 “Commercial Ads” में भी काम किया करते थे |

Sanjay Mishra ने बॉलीवुड में अपने कैरियर की शुरुवात 1995 में फिल्म “ओह डार्लिंग ये है इंडिया” से की थी,| जिसमें उन्होंने हारमोनियम बजाने वाले की एक छोटी सी भूमिका अदा की थी, इस फिल्म में Sanjay mishra के एक्टिंग की बहुत तारीफ की गई, साथ ही सत्या और दिल से जैसी फ़िल्मों भी में काम किया।

ऑफिस ऑफिस”नाम के सीरियल में उनके द्वारा निभाए गए शुक्ला जी के किरदार से उन्हें काफी पहचान मिली। 2005 में धारावाहिक छोड़ने के बाद उन्होंने “बंटी और बबली” और “अपना सपना मनी मनी” फ़िल्मों में अपनी भूमिका निभाई|

उनके जीवन की सबसे दुर्भाग की बात तो ये थी की उन्होंने १०० से ज्यादा फिल्मो में अभिनय करने के बावजूद उन्हें कोई पहचान नहीं मिल पाई, उन्हें अपने पिता जी से बहुत लगाव था, इसलिए जब उनके पिता का देहांत हुआ तब …

Instagram Success Story in Hindi, Kevin Systrom Biography, Instagram VS Snapchat

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दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है एक ऐसे App के बारे में जो की 6 अक्टूबर 2010 को Launch हुआ और जिसे आज दुनिया के सबसे बड़ी हस्तियों के साथ विश्व के 1 billions से भी अधिक लोगो द्वारा सरहाना मिली है, ये वो app है जिसने Photography और Photo Shearing का सारा रूप ही बदल दिया | शुरुआत में इसका प्रवेश Apple  के Aap Store में हुआ और इस कंपनी का सिर्फ एक ही लक्ष्य था और वो था मोबाइल फोटोग्राफ्स को फ़ास्ट, सिंपल, और खुबशुरत बनाना | आज हम जिस कंपनी के बारे में बात कर रहे है वो कोई और नहीं बल्कि हर युवा का सबसे चहिता “App Instagram” है और ये है Kevin Systrom की सफलता की कहानी |

विश्व प्रसिद्ध इंस्टाग्राम के संस्थापक और “CEO” Kevin Systrom का जन्म 30 दिसंबर 1983 को हुआ था उनकी माता ज़िपकार कंपनी की मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव थी और उनके पिता TJX Companies के HR डिपार्टमेंट्स के वाइज प्रेजिडेंट थे | Middlesex School में पढ़ते समय इनका परिचय Computer Programing से हुआ था, आगे बढ़कर Doom 2 गेम खेलते हुए और खुद के Levels बनाते हुए उनकी Computer Programing में दिलचस्पी और बढ़ गई जैसे जैसे वो बड़े हुए उन्होंने अपने मित्रो के AOL In-stent Messenger Accounts को hake करने जैसा खेल खेलने का प्रोग्राम तैयार किया |

टेक्नोलॉजी के प्रति उनका प्यार उनको अपनी माँ से मिला था जो शुरुवात से ही Tech world में काम कर रही थी, पर केविन का पहला जॉब टेक्नोलॉजी से काफी दूर था, केविन ने कॉलेज में पहले कंप्यूटर साइंस को चुना पर आगे वे मैनेजमेंट साइंस और इंजीनियरिंग प्रोग्राम की और चले गए क्योकि कंप्यूटर साइंस के क्लासेज ज्यादा ज्ञानपूर्वक थे न की प्रायोगिक और मॅनॅग्मेंट साइंस का ध्यान फाइनेंस और इकोनॉमिक्स जैसे व्यवहारिक विषयो पे केंद्रित था | वे उन 12 विद्यार्थियों में से एक थे जिन्हे Stanford University के प्रठिस्तिथ  Mayfield Fellows Program में भाग लेने के लिए चुना गया था | यहाँ पर उन्होंने पहेली बार स्टार्टअप की दुनिया का अनुभव हुआ |

2006 में अपनी डिग्री को पूरा करने के बाद केविन ने Google ज्वाइन किया और वहा तीन साल तक रहे उनके करियर की शुरुवात असोसिएट प्रोजेक्ट मैनेजर के तोर पे हुआ और उन्होंने Gmail, Google Calendar, Docs, Spreadsheets आदि प्रोडक्ट पर काम किया | 2 साल के बाद केविन Corporate Development

Manushi Chhillar Biography in Hindi (Miss World 2017 from India) मानुषी छिल्लर का जीवन परिचय

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दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है एक ऐसी सुंदरी के बारे में जिन्होंने 118 देश की सुंदरियों को हरा के Miss World 2017 का ख़िताब अपने नाम किया | जी हा दोस्तों हम बात कर रहे है मिस वर्ल्ड 2017 मानुषी छिल्लर (Manushi Chhillar) के बारे में, जिन्होंने 17 साल बाद ये ख़िताब जीत कर पूरी दुनिया में अपने देश भारत का नाम रोशन किया | यह हमारे सारे भारत देश के वाशियों के लिए बहुत ज्यादा ही गर्व की बात है| मानुषी भारत के हरियाणा स्टेट से ताल्लुक रखती हैं, और यहाँ की लड़कियों को अपनी पढाई आदि को लेकर कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन इन सारी बाधाओं को पीछे छोड़ते हुए आज देश की छठवी मिस वर्ल्ड के रूप मे अपना नाम इतिहास के पन्नो पर दर्ज कराया |

  मानुषी छिल्लर का जन्म 14 मई 1997 को हरियाणा में हुआ था, यह एक बहुत प्रतिभाशाली माता पिता की संतान हैं, इनके माता-पिता चिकित्सक हैं, पिता डॉ. मित्र बासु छिल्लर ने मेडिसीन में एमडी की उपाधि हासिल की है। और मानुषी की मां डॉ. नीलम छिल्लर बायो केमिस्ट्री में एमडी हैं। माता-पिता मानुषी को प्यार से मानु कहकर बुलाते हैं। मानुषी की बड़ी बहन दिवांगना छिल्लर एलएलबी की पढ़ाई कर रही है, उनका छोटा भाई अभी 9वीं क्लास में पढ़ता है। मानुषी महज बीस वर्ष की हैं, और वह फिलहाल सोनीपत के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस (MBBS) सेकंड ईयर की स्टूडेंट हैं और साथ ही मानुषी ने मॉडलिंग की और वह एक कुशल डांसर भी हैं, इन्होंने कूचीपूड़ी नृत्य की तालिम हासिल की हैं, यह तालिम इन्हे प्रसिद्ध राजा रेड्डी, कौशल्या रेड्डी से प्राप्त हुई |

वास्तव में, सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए मानुषी की प्रेरणास्त्रोत रही रीता फारीया जिन्होंने 1966 में मिस वर्ल्ड का ख़िताब अपने नाम किया और साथ ही रीता फारीया एक डॉक्टर भी थी उन्ही की वजह से मानुषी ने इस फील्ड में जाने का निर्णय लिया |  मानुषी ने जापान में आयोजित एक सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम में भी हमारे देश का प्रतिनिधित्व किया है।

   18 नवंबर 2017 को चीन के सन्या मे मिस वर्ल्ड 2017 का आयोजन किया गया, इस कॉमपिटीशन के आखरी चरण में पाँच देशो की सुंदरियों ने अपनी जगह बनाई, जिनमे से एक मानुषी थी, अंतिम चरण के वह पांच देश थे भारत, इंग्लैंड, फ्रांस, केन्या और मैक्सिको| इस अंतिम पड़ाव पर, पहली रनर …

Sumitranandan Pant Biography in Hindi, सुमित्रानंदन पंत जीवन परिचय, जीवनी

सुमित्रानंदन पन्त के जीवन पर निबंध, सुमित्रानंदन पन्त की प्रेरणादायक जीवनी, बायोग्राफी, हिस्ट्री, सुमित्रानंदन पंत जीवन परिचय हिंदी में

SUMITRANANDAN PANT BIOGRAPHY IN HINDI, JIVANI, JIVAN PARICHAY, HISTORY, JIVNI, DOCUMENTARY

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दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है हिंदी साहित्य के महान कवी सुमित्रानंदन पंत(Sumitranandan Pant) के बारे में, जिन्होंने सात वर्ष की छोटी सी उम्र में ही कविताएँ लिखना आरम्भ कर दी थी, सुमित्रानंदन पंत हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। और वह एक महान कवी के साथ साथ लेखक और स्वतंत्रता सेनानी भी थे। सुमित्रानंदन पंत नये युग के प्रवर्तक के रूप में आधुनिक हिन्दी साहित्य में उदित हुए। सुमित्रानंदन पंत ऐसे साहित्यकारों में गिने जाते हैं, जिनका प्रकृति चित्रण समकालीन कवियों में सबसे बेहतरीन था। इस युग को महादेवी वर्मा, जयशंकर प्रसाद, रामकुमार वर्मा और सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जैसे प्रतिभावान कवियों का युग कहा जाता है।

जीवन परिचय (जीवनी) / Biography / Documentary

सुमित्रानंदन पंत जी का जन्म सुरम्य वातावरण में रविवार 20 मई 1900 को उत्तराखंड के कुमायूं की पहाड़ियों में स्थित बागेश्वर के एक गांव कौसानी में हुआ था, इनके जन्म के छह घंटे के भीतर ही उनकी माँ का निधन हो गया था| इनके पिता का नाम पंडित गंगा दत्त पंत था और वह कौसानी चाय बग़ीचे के मैनेजर थे, पंत जी का पालन-पोषण इनके पिता गंगा दत्त पंत एवं दादी ने किया था, वह सात भाई बहनों में सबसे छोटे थे और परिवार वालों ने इनका नाम गुसाई दत्त रखा था|

इन्होंने अपनी प्रारंभिक स्कूल की पढाई अल्मोड़ा से पूरी की और 18 साल की उम्र अपने भाई के पास बनारस चले गए. यहाँ से इन्होंने हाई स्कूल की परीक्षा पास की. अल्मोडा़ की ख़ास संस्कृति व वहां के समाज ने गुसाईं दत्त को अन्दर तक प्रभावित कर दिया। सबसे पहले उनका ध्यान अपने नाम पर गया। और उन्होंने लक्ष्मण के चरित्र को आदर्श मानकर अपना नाम गुसाईं दत्त से बदल कर ‘सुमित्रानंदन’ कर लिया। कुछ समय बाद नेपोलियन के युवावस्था के चित्र से प्रभावित होकर अपने लम्बे व घुंघराले बाल रख लिये।. हाई स्कूल पास करने के बाद सुमित्रा नंदन पंत स्नात्तक की पढाई करने के लिए इलाहाबाद चले गए और वहां इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दाखिला लिया. परंतु स्नात्तक की पढाई बीच में ही छोड़कर वे महात्मा गाँधी का साथ देने के लिए सत्याग्रह आंदोलन में कूद पड़े. इसके बाद अकादमिक पढाई तो सुमित्रा नंदन …