कोरोना पर हास्य व्यंग – कोरोना का साक्षात्कार

कोरोना पर हास्य व्यंग – कोरोना का साक्षात्कार

आदरणीय पाठकों, आजकल के सोशल मीडिया के दौर में कोरोना को लेकर कई सारी नकारात्मक ख़बरें सुनने को मिल रही है| आपको एक सकारात्मक उर्जा देने के लिए हम खासतौर पर आपके लिए एक कोरोना पर हास्य व्यंग – कोरोना का साक्षात्कार लेकर आएं हैं| आशा हैआपको हमारा यह संकलन ज़रूर पसंद आएगा|

कोरोना पर हास्य व्यंग – कोरोना का साक्षात्कार

कोरोना शादी में आये एक फूफा की तरह नाराज बैठा हुआ था। तो हम उसके पास गए उसके साक्षात्कार के लिए उसकी नाराज़गी का कारण जानने के लिए।
हमारा प्रश्न था – कोरोना जी आप इतने नाराज़ क्यों दिखाई दे रहे हैं आज तो देश में हर कोई आपका नाम जान रहा है इतने मशहूर होने के बाद क्या मलाल है आपको?
कोरोना– आप लोगो ने मेरा मजाक बना रखा है कोई गंभीरता से मुझे लेता ही नही बाज़ार में ऐसे घूम रहे हैं जैसे सेनेटाइजर पी लिया हो अरे सर्दी जुकाम से डरते हैं मुझ से नही। मौसमी बुखार जैसी औकात बना दी है मेरी।
जब मैं पड़ोस के देश में था तो बड़ी इज्जत थी मेरी सब डर रहे थे मुझ से। यहां आया तो मैं कुछ नहीं अरे ये तो यही बात हो गई पड़ोस के बच्चे भागे किसी के साथ तो गुनाह, अपने भागे तो बचपना।
हमने कहा -अरे कहाँ आप तो हर समाचार पत्र न्यूज़ चैनल पर आते हैं कितना सम्मान है आपका
कोरोना– जब मैं अपने चरम पर था पूरा जोश में हर तरफ हाहाकार मचाया था तब लोग दीपा जी और जिया जी की न्यूज़ सुन रहे थे मेरा तो अस्तित्व ही नही था खैर उन दोनों से मुझे कोई शिकायत नही फिल्मो में रह कर तो हर कोई लोकप्रिय होना चाहता है। लेकिन जनता ने मुझे तो चर्चा से ही हटा दिया।
जवाब दिया-अरे कोरोना जी नाराज़ मत होइए आपको कैसे हटा सकते हैं चर्चा से कितने ताकतवर हैं आप आज तक कोई इलाज नही ढूंढ पाया आपका।
कोरोना–  अरे क्या ताकतवर सौचालय साफ करने के समान से पेंट से साबुन से हर किसी से खत्म करने का दावा कर रहे हैं मुझे। और तो और बरी आलू पीने का रस सबसे बोलते है मैं खत्म हो जाऊंगा। अरे दवाई से ज्यादा इन सब चीज़ों से डर लगता है। हर कोई आपदा में अवसर ढूंढ कर अपना सामान बेच रहा है।
अंतिम प्रश्न -ये तो बहुत बुरा हुआ कोरोना जी अच्छा और क्या नाराज़गी है आपकी?
कोरोना
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