हम ने भी बनाया था एक यार शीशे का

एक यार शीशे का

पत्थरों की बस्ती में कारोबार शीशे का
कोई भी नहीं करता ऐतबार शीशे का

कांच से बने पुतले कहाँ दूर चलते हैं
चार दिन का होता है यह खुमार शीशे का

बन सँवर के हरजाई आज घर से निकला है
जाने कौन होता है फिर शिकार शीशे का

दिल के आज़माने को एक संग काफी है
बार बार नहीं लेना इम्तेहान शीशे का

फ़राज़ इस ज़माने मैं झूठे हैं सब रिश्ते
हम ने भी बनाया था एक यार शीशे का

Ek Yaar Sheeshee Ka

Patharon Ki Basti Main Karobar Sheeshe Ka
Koi Bhi Nahi Karta Aitbar Sheeshe Ka

Kaanch Se Bane Putlay kahan Door Chalte Hein
Chaar Din Ka Hota Hai Yeh Khumar Sheeshe Ka

Ban Sanwar Ke Harjaai Aaj Ghar Se Nikla Hai
Jane Kon Hota Hai Phir Shikar Sheeshe Ka

Dil Ke Aazmane Ko ek Sang Kafi Hai
Bar Bar Nahi Lena Imtehan Sheeshe Ka

FARAZ Is Zamane Main jhuthe Hein Sub Rishtey
Hum Ne Bhi Banaya Tha ek Yaar Sheeshee Ka..


शाम -ऐ- आलम

अश्क़-ऐ- दौरान की लहर है और हम हैं दोस्तों
इस बे -वफ़ा का शहर है और हम हैं दोस्तों

यह अजनबी सी मंज़िलें और रफ़त -गाह की याद
तन्हाइयों का ज़हर है और हम हैं दोस्तों

लाई अब उड़ा के गए मौसमों की खुशबू
बरखा की रूट का कहर है और हम हैं दोस्तों

शाम -ऐ- आलम ढली तो चली दर्द की हवा
रात का पिछला पहर है और हम हैं दोस्तों

फिरते हैं मिसाल -ऐ -मौज -ऐ -हवा शहर शहर मैं
आवारगी की लहर है और हम हैं दोस्तों

Shaam-ae-Alam

Ashq -ae- Douraan Ki Lehar Hai Or Hum Hain Doston
Is Be-Wafa Ka Shaher Hai Or Hum Hain Doston

Yeh Ajnabi Si Manzeelain Or Raft-gaah Ki Yaad
Tanhaion Ka Zehar Hai Or Hum Hain Doston

Lai Hai Ab Uda Ke gaye Musamon Ki Baas
Barkha Ki Rutt Ka kehar Hai Or Hum Hain Doston

Shaam -ae- Alam Dhali To Chali Dard Ki Hawa
Raat Ka Pichla Pehar Hai Or Hum Hain Doston

Phirtay Hain Misaal-ae-Mouj-ae-Hawa Shaher Shaher Main
Aawargi Ki Lehar Hai Or Hum Hain Doston..…

इश्क़ और तन्हाई शायरी

तन्हाई

कितनी अजीब है मेरे अंदर की तन्हाई भी ,​
​हज़ारों अपने हैं मगर याद तुम ही आते हो ..​

Tanhai

Kitni Ajeeb Hai Mere Andar Ki Tanhai Bhi,​
​Hazaron Apne Hain Magar Yaad Tum Hi Atey Ho..​


तन्हाईयाँ

तन्हाईयाँ कुछ इस तरह से डसने लगी मुझे
मैं आज अपने पैरो की आहट से डर गया .. ​

Tanhaiyan

Tanhaiyan kuch is tarha se dasney lagi mujhey
Main aaj apne pairo ki ahat se dar gaya..…

ऐ दिल है मुश्किल शायरी – आज जाने की जिद न करो

ऐ दिल है मुश्किल

जब प्यार में प्यार न हो
जब दर्द में यार न हो
जब आँसूओ में मुस्कान न हो
जब लफ़्ज़ों में जुबान न हो
जब साँसे बस यूं ही चले
जब हर दिन में रात ढले
जब इंतज़ार सिर्फ वक़्त का हो
जब याद उस कमबख्त की हो
क्यों वो हो राही जो हो किसी और की मंजिल
जब धड़कनों ने साथ छोड़ दिया
ऐ दिल है मुश्किल , ऐ दिल है मुश्किल

AE Dil Hai Muskil

jab pyar mein pyar na ho
jab dard mein yaar na ho
jab anssooao mein muskan na ho
jab lafzzo main jubaan na ho
jab sanse bas yoon hi chale
jab har din main raat dhale
jab intezaar sirf waqt ka ho
jab yaad us kambaqat ki ho
kyon wo ho raahi jo ho kisi aur ki manjil
jab dhadkno ne sath chod diya
AE dil hai muskil , AE dil hai muskil


जनून हद से बढ़ चला है

बात बस से निकल चली है
दिल की हालत संभल चली है
अब जनून हद से बढ़ चला है
अब तबियत निहाल हो चली है

Janoon Haad se Bhad Chala Hai

Baat bas se nikal chali hai
Dil ki halat sambhal chali hai
Ab janoon haad se bhad chala hai
Ab Tabiyat Nihal ho chali hai


सौ अंधेरों में भी रोशन हूँ

सौ अंधेरों में भी रोशन हो उस हक़ीक़त की तलाश है
तेरी दहलीज़ पर छोड़ आए उस मोहब्बत की तलाश है
झुके तो इबादात समझे जमाने वाले
मिटने पे जो हासिल हो उस ज़नत की तलाश है

Sau Andheron Mein Bhi Roshan Hain

Sau andheron mein bhi roshan ho uss haqiqaat ki talash hai
Teri dehleez par chod aaie us mohabbat ki talash hai
Jhuke to Ibaadaat samjhe jamaane wale
Mitne pe jo hasil ho us janat ki talash hai


एक तरफ़ा प्यार

एक तरफ़ा प्यार की ताक़त ही कुछ और होती है
वो रिश्तों की तरह दो लोगो में नहीं बंटती
सिर्फ मेरा हक़ है इस पर सिर्फ मेरा

Ek Tarfa Pyar

Ek tarfa pyar ki taqat hi kuch aur hoti hai
Wo rishton ki tarah do logo main nahi bantti
sirf mera haq hai is par sirf mera


बाज़ी इश्क़ की

अगर बाज़ी इश्क़ की बाज़ी है
तो जो चाहे लगा लो दिल के सिबा
तो अगर जीत गए तो क्या कहना
अगर हारे भी तो बाज़ी मात नहीं

Baazi Ishq Ki

Agar Baazi ishq ki …

इक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा

कहाँ जाएंगे तेरे शहर से

कहाँ जाएंगे तेरे शहर से गम जदा हो कर
अभी तो जीना बाकी है अभी तो मरना बाकी है

राजदार न रहा कोई किसको  सुनाए हाल -ऐ -दिल अपना
जिसका जीकर हम करते वो रूहे-यार रहा न अपना

अब कश्मकश यह की न बसते  बने न चलते बने
कुछ यूं हुए बेवफा इस शहर के लोग की बस चलते बने .

Kahan jayinge tere shehar se

kahan jayinge tere shehar se gam jda ho kar
abhi to jina baki hai abhi to marna baki hai

rajdar na raha koi kiso sunaye haal-ae-dil apna
Jiska jikar hum karte wo rohe-yaar raha na apna

Ab kashmkas yeah ki na baste bane na chalte bane
kush yoon hue bewafa is shere ke log ki bas chalte bane.


इक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा

यह मोहबत है जरा सोच के करना
रात होगी तो चाँद भी दिखाई देगा ,
ख्वाबों में तुम्हे वो चेहरा भी दिखाई देगा ;
यह मोहबत है जरा सोच के करना ,
क्योंकि इक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा

Ek AANSU bhi gira to sunai dega

Raat hogi to chand bhi dikhai dega,
khabho me tumhe vo chehra bhi dikhai dega;
ye mohabat hai jara soch ke karna,
kyonki ik AANSU bhi gira to sunai dega.…

इश्क़ और जनून – शायरी

इश्क़ और जनून

दौर था इश्क़ का और हम बह गए
भरोसा हम गैरों पर कर गए
न फ़िक्र अंजाम की हम दुश्मन जमाना कर गए
होश तब आया जब भरी महफ़िल में तन्हां हम रह गए


जो अँधेरे मैं गुम है वो साया कौन है

तेरी आँख मैं वो शख़्श कौन है
तेरे चेहरे का यह रंग कौन है
जो अँधेरे मैं गुम है वो साया कौन है..


मैं तो दीवाना हूँ उस की रूह -ओ -रुख़्सार का

न जाने यह लोग क्या ढूंढ रहे है
बहुत जाना पर न जाने क्या ढूंढ रहे है
मैं तो दीवाना हूँ उस की रूह -ओ -रुख़्सार का
न जाने यह लोग मुझमे क्या ढूंढ रहे है..

Meri Diwangi

na jane yeah log kya doodnd rahe hai
bahut jana par na jane kya doond rahe hai
main to diwana hoon us ki rooh-he-ruksar ka
na jane yeah log mujme kya doond rahe hai..


Wo Shaksh Kaun Hai

Teri ankh main wo shaksh kaun hai
tere chehre ka yeah rang kaun hai
jo andhre main gum hai wo saya kaun hai..


Ishq Ka Daur

daur tha ishq ka aur hum beh gaye
bharosa hum gairon par kar gaye
Naa fikar anjam ki hum dusman jamana kar gaye
hosh tab aya jab bhari mehfil mai tanha hum reh gaye…

दिल की तलाशियाँ

ज़हर

बड़ा अजीब सा ज़हर था उसकी यादों में
सारी उम्र गुज़र गयी मुझे मरते मरते

Zehar

Bada Ajeeb sa Zehar tha uski Yaadon Mein
Saari Umar Guzar Gayi Mujhe Marte Marte!!!


दिल की तलाशियाँ

अपने सिवा बताओ और कुछ मिला है तुम्हे  फ़राज़
हज़ार बार ली है तुमने इस दिल की तलाशियाँ

Dil ki Talaashiyaan

Apne siwa Batao aur Kuch mila hai tumhe Faraz’
Hazaar baar Li hai tumne is dil ki Talaashiyaan…!


तेरे बगैर

में बस इतना जानता हूँ के तेरे बगैर
ज़िंदगी “हयात ” नहीं और मौत “निजात ” नहीं

Tere Bagair

Mein Bas Itna Jaanta hoon Ke Tere Bagair
Zindgi Hayaat Nahi Aur Mout Nijaat Nahi


उस के ख्याल

मैं उस के ख्याल से जाऊं तो कहाँ जाऊं ..
वो मेरी सोच के हर रस्ते पर नज़र आता है ..

Us ke khayal

Main us ke khayal se jaoon to kahan jaoon..
Wo meri soch ke har raste pay nazar aata hai..


कहीं न कफ़न के रहे

ऐ सनम तेरे हिजर में न सफर के रहे न वतन के ,
गिरे टुकड़े दिल के कहीं न कफ़न के रहे न दफ़न के ..

Kahin na kafan ke rahe

Aye sanam tere hijar mein na safar ke rahe na watan ke,
Girey tukrre dil ke kahin na kafan ke rahe na dafan ke..…

याद-ऐ-गम

एक अजनबी

चले आओ फिर से
एक अजनबी हो कर मिलने
तुम मेरा नाम पूछो
में तुम्हारा हाल पुछू


तेरी एक झलक

तेरी एक झलक को दिल तरस जाता है मेरा
किस्मत वाले है वो लोग
जो रोज़ तेरा दीदार करते है , तुझसे बात करते है


उससे इतना कहना

वो लड़की नज़र आये कभी तो उससे इतना कहना
जिन को आदि कर दिया है आपने
वो लोग बहुत याद करते है आपको


किस्मत से गिला

कोई न मिले तो किस्मत से गिला नहीं करते
अक्सर लोग मिल के भी मिला नहीं करते
हर शाख पर बहार आती है जरूर
पर हर  शाख पर फूल खिला नहीं करते


प्यास मिलन की 

गिरा दे जितना पानी है तेरे पास ऐ बादल
यह प्यास किसी के मिलने से बुझेगी
तेरे बरसने से नहीं


दर्दे दिल की दबा नहीं

दूर रह कर करीब कितने है
फासले भी अजीब कितने है

दर्दे दिल की दुआ नहीं वरना
इस जहाँ में तबीब कितने थे

उम्र भर जो साथ रहा जो तेरे
उसके अशे नसीब कितने थे

क्यों न आउूं में तेरे सपनो में
मेरे शिकबे अजीब कितने है…

फिर यही ग़ज़ल लिखोगे तुम

बहुत याद आते है

न जाने वो क्यों इतना याद आते है ,
उसकी सूरत आँखों से क्यों नहीं निकल पाती है ,
जितना भुलाऊँ उसको उतना याद आती है ..

Bahut Yaad aate hai

na jane wo kyu itna yaad aate hai,
uski surat aankho se kyo nahi nikal paati hai,
jitna bhulau usko utna yaad aati hai..


फिर यही ग़ज़ल लिखोगे तुम

कल जो जाना मैंने तुम्हारा प्यार
तब वक़्त ने न दिया मेरी किस्मत का साथ
फिर मेरी याद मैं तब महल बनाओगे तुम
फिर यही ग़ज़ल लिखोगे तुम

Phir yehi gazal Likhooge tum

kal jo jana mein ne tumhara payar
tab waqat ne na dya meri kismat ka sath
phir meri yaad mein tab mahal banayoogay tum
phir yehi gazal likhwayogay tum!!


उसकी यादें

उसकी यादें दिल को दर्द दे जाती हैं
दिल नहीं चाहता जब याद करना उसको ,
फिर भी वो किसी राह पर नज़र आ जाता है

Uski yaadein

uski yaadein dil ko dard de jati hain
dil nahi chahta jab yaad karna usko,
phir bhi wo kisi rah par nazar aa jata hai!!


याद बहुत आओगे तुम

याद रखना पछताओगे एक दिन तुम
पर याद बहुत आओगे तुम
पर हम तभ न होंगे शायद
तभ यही गीत शायद गुनगुनाओगे तुम
फिर याद बहुत आओगे तुम

Yaad Bahut ayoge tum

yaad rakhna pachtaoge ek din tum
par yaad bahut ayoge tum
par hum tabh na hongay shyad
tabh yehi geet shyed gungunaoge tum
phir yaad bahut ayogay tum!!


किसी बेवफा की याद में

न रोया कर सारी सारी रात किसी बेवफा की याद में ,
वो खुश है अपनी दुनिया मैं तेरी दुनिया को उजाड़ कर!!!

Kisi bewafa ki yaad mein

Na roya kar sari sari raat kisi bewafa ki yaad mein
wo khush hai apni dunya mai teri dunya ko ujad kar!!


आहें भरता है कोई

याद में तेरी आहें भरता है कोई
हर सांस के साथ तुझे याद करता है कोई
मौत सच्चाई है एक रोज आनी है
लेकिन तेरी जुदाई में हर रोज़ मरता है कोई!!

Aahen Bharta Hai Koi

Yaad Me Teri Aahen Bharta Hai Koi
Har Saans Ke Saath Tujhe Yaad Karta Hai Koi
Maut Sachai Hai Ek Roj Aani Hai
Lekin Teri Judaai Me Har Roz Marta Hai Koi…

फिर एक बेवफा की कहानी याद आई – Love Break up Shayari

बेवफा की कहानी

बरसात की भीगी रातों में फिर उनकी याद आई
कुछ अपने जमाना याद आया कुछ उनकी जवानी याद आई
फिर यादों के दौर चले फिर एक बेवफा की कहानी याद आई

Bewafa Ki Kahani

Barsaat ki bheegi raaton mein phir unki yaad aayi
Kuch apne jamana yaad aaya kuch unki jawani yaad aayi
phir yadon ke daur chale phir ek bewafa ki kahani yaad aayi


जब तक रहेंगी साँसे

आप को भूल जाएँ यह नामुमकिन सी बात है
आप को न हो यकीं यह और बात है
जब तक रहेंगी यह साँसे तब तक याद रहोगे
यह साँस ही साथ छोड़ जाएँ तो फिर और बात है

Jab Tak Rahenge Saanse

Aap ko bhool jaye yeh namumkin si baat hai
Aap ko na ho yakin yeh aur baat hai
Jab tak rahenge yeh saanse tab tak yaad rahoge
Yeh Saans hi sath chood jaye toh aur baat hai


कसम हैं हमे

बदलो के बीच यह कैसी साज़िश हुई है आज
मेरा घर था मिटटी का ,मेरे ही घर बारिश हुई
जिद है अगर उन्हें हम पर बिजलियाँ गिराने की
तो कसम हैं हमे भी वही आशियाना बसाने की .

Kasam Hain Hume

Badalo ke beech kaisi sazish hui
Mera ghar tha mitti ka ,mere hi ghar barish hui
Jid hai agar unhe bijiliya girane ki
To kasam hain hume bhi wahi aasiyana banane ki


इश्क़ में फ़ना

प्यार में वो हमको बेपनाह कर गए
फिर ज़िन्दगी में हमको वो तनहा कर गए
चाहत थी उनके इश्क़ में फ़ना होने की
मगर वो लौट के आने को मना कर गए

Ishq Mein Fana

Pyar Humko Bepanah Kar Gaye
Phir Zindagi Mai Humko Tanha Kar Gaye
Chahat Thi Un K Ishq Mai Fana Hone Ki
Magar Wo Laut K Aane Ko Mana Kar Gaye…