My first love Vikash and Harshita – Vikas

It’s my love story. jab ma 14 ka tah ma 10 class me tha tab meri class mate thi harshita jo mere sath kai saalo se pad rahi thi par ushi saal ma uski or khicne laga . ham dono

sari bate sayer karte the .ek din teacher ne kaha ki kal maths ki copy check ki jaye gi aur meri copy bani nahi thi mane usse kaha to boli ki thik koi baat nahi kal ki kal dekhe ge .aur jab teacher agle din copy dekhte huye mere pass aye aur kaha vikash copy to wo boli sir vikash ki copy mere pass ha kuch question dekh rahi thi  mai chok gaya ki meri copy to bani nahi to harsita ke pas kaha se ayi.

Jab mane copy dekar check kari to dekh ki puri copy me sawal lage the 200 pages ki puri copy usne mere liye tayar ki mane baad me pucha to tumare liye to kuch bhi kar sakti hu.tab mujhe laga ki she likes me fir ek din hindi ke test me mane uski copy likhi aur teacher ne hame pakad liya aur hamare parents college me bulaye gaye . kuch din asahi chalta raha fhir mane use uske b’day wale din propose kiya 1 jan. 2007 ko par usne apni dost se kahlwa diya ki wo principal ke ladke ko pyar karti ha ,mera dil tut gaya ma bahut roya usdin mera man colege jane ka nahi hota tha aur wo bhi college nahi ati thi .us saal mere exam bhi acche nahi gaye kyu ki ma janta tha ki wo ladka galat tha wo use dhoka dega aur ishi samaye hame section change ho gaye aur ham alag ho gaye

12 ke exam ke pahle din wo booli ki naraj ho kya mane ka naraj nahi hu bas udas hu to wo booli ki paper ke baad runa kuch baat karni ha mane kaha nahi mujhe jaldi ha ye kaha kar ma chal aya aur bathroom me ja kar khub roya .

agle din phone aya uska aur boli ki kal ruke nahi the mujhe tumse abhi milnaha mane kafhi mana kiya par wo nahi manito mujhe jana pada . usne mujhe milte hi kaha tu bahut khrab ho friend ko bhul gaye jante ho jo tumne uske bare me bataya thawo sach tha wo mujhe dokha de raha kal to usne mujse …

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Moral stories in hindi असफलता का भय हिंदी मोरल कहानिया

We aim to write best motivational and moral stories in hindi for children. Today we again came with powerful moral stories in hindi for you story lovers. Hope you will love these stories. Tell us in comment box how much do you love it, after reading.

Read these stories carefully and try to grasp the essence.

असफलता का भय

मनुष्य का जीवन बहुमूल्य है। मनुष्य ही एक मात्र बुद्धिजीवी प्राणी है जो अपना भूत – भविष्य – वर्तमान पर विचार कर सकता है। इस जीवन के कितने ही महत्वपूर्ण क्षण इन्सान भय के कारण खो देता है। यह भय और कुछ नहीं बल्कि स्वयं की कल्पना होती है यह भय है – अपनी गरीबी का, वर्तमान स्थिति से बदतर होने का , संचित धन के खोने का , जो प्यार है उसे खोने का।

इस भय के कारण इन्सान अपने उन सभी रास्तो को स्वयं बंद कर लेता है जो उसको एक नया मुकाम दे सकते है। वह इंसान आगे बढने वाला काम नही कर पाता है। उसे हमेशा ही यह डर सताता है कि असफल हो गया तो क्या होगा ? क्या सोचेंगे लोग ? बस! इसी आलोचना और असफल होने के भय से वह कदम आगे नहीं बढ़ा पाता है।

सफलता किसी की मौहताज नहीं होती जो व्यक्ति निष्ठां से कार्य करता है उसे सफलता अवश्य मिलती है। इस भय पर जिसने भी पार पाया है , वह जीवन में सफल हुआ है। गाँधी जी अंग्रेजो के द्वारा प्रताड़ित और अभद्र टिप्पणी सुनकर बैठ जाते तो आज हमे उस जैसे महात्मा से प्रेरणा नहीं मिलती।

इस प्रकार सभी व्यक्तियों ने सफल होने के लिए समय से संघर्ष किया है।

उस व्यक्ति को वह हर चीज मिला है जो उसे चाहिए किन्तु संघर्ष के रूप में । वह उनको इसलिए मिला की उन्होंने अपने भय को हराया है अपने हालत से पर्तिस्पर्धा किया है , अपने भय से भयभीत होकर पीछे नहीं हटे बल्कि उनका मुकाबला किया और दुनियाँ के सामने उदाहरण पेश किया।

अवसर समान रूप से सभी को मिलता है , ऐसा कभी नहीं होता कि किसी को अवसर न मिला हो। इस अवसर को कोई भय से गवां देता है तो कोई सोचने में समय निकाल देता है और बाद में पछताता है। वह व्यक्ति स्वयं कोई जिम्मेदारी नहीं लेता बल्कि सारी जिम्मेदारी हालत पर डाल कर कोसता रहता है।

जबकि कुछ लोग उस अवसर को चुनौती के रूप में लेते है और अपने भय को …

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मेरी प्यारी मुस्कान | एक अधूरी प्रेम कहानी| स्कूल लव स्टोरी हिंदी में |Love Feeling | sad love stories in hindi | school love story in hindi

True Feeling StoryBaaz Original सीजन-1 पार्ट -2 
 
ये सच नही हैं कि प्यार में हमेशा धोखा ही मिलती है। कभी-कभी कुछ रिश्ते मजबूरियों और हालातों की वजह से भी टूट जाती है। या यूं कहें कि कभी-कभी मजबूरियों और जिम्मेदारियों की वजह से कुछ रिश्ते को पीछे छोड़कर आगे निकलना पड़ता हैं।
          आज  True Feeling StoryBaaz Original के दूसरे भाग में एक ऐसे ही लडके की कहानी बतायेंगे जो अपनी मजबूरियों के वजह से उसे अपना प्यार खोना पड़ा.
          यह कहानी मुरादाबाद के रोहित का हैं। रोहित अपने माता-पिता, भाई और एक बहन के साथ मुरादाबाद में ही रहा करता था। उनके पिताजी मुरादाबाद में ही आइसक्रीम के ठेले लगाकर आइसक्रीम बेचा करते थे और रोहित पढाई किया करता था । 
            रोहित एक दिन स्कूल से आने के बाद बगल के ही  दुकान में मसूर के दाल लाने के लिए गया हुआ था । उसी किराना दुकान में रोहित के मुलाकात मुस्कान से हुई । मुस्कान भी अपने भाई के साथ उसी दुकान से मसूर का ही दाल लेने आई थी। उस वक्त ना तो रोहित मुस्कान को जानता था और नहीं मुस्कान रोहित को जानती थी।
मगर रोहित को पहली दफा ही मुस्कान को देखकर कुछ-कुछ होने लगी थी । वह अहसास सामान्य तो नही था मगर उस वक्त के लिए प्यार भी नही था बस एक अपनापन-सी लगी थी उसे देख कर ।
          रोहित के लिए वह पहला मुलाकात ही मोहब्बत वाली एहसास दिलाने के लिए काफी था। उस वक्त मुस्कान को देखकर रोहित कहीं खो सा गया था। वह उस समय उसकी सोच मे  इतना खो गया था की उसे पता ही नही चला कि वह लड़की दुकान से कब के जा चुकी है। उस लड़की के दुकान से चले जाने का  एहसास  तब हुआ जब दुकान वाले ने रोहित से दाल के पैसे मांगे। 
“अरे वह लड़की तो यहां से जा चुकी है।” रोहीत खुद से बुदबुदा कर बोला । 
रोहित  दुकान से निकलने के बाद इधर-उधर देखा मगर वह लड़की कहीं नहीं दिखी।उस रात रोहित उस लड़की के चेहरे को अपने आँखों में ही छूपा कर सो गया था और जब वह सुबह उठा तो उसके बारे में हो सोचता उठा। जब वह शाम में अपने घर के पास खेल रहा था तब उसकी नजर एक बार फिर से उस लड़की पर पड़ा । मुस्कान अपनी  दादी के साथ उसके घर वाली गली से गुजर रही थी। रोहित को मुस्कान के बारे में पहले से
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Success stories in hindi motivational story

Today we are going to share with you success stories written in hindi. We always focus on motivating our readers through our stories. In that light these stories will inspire and motivate you to get success in life.

Great Success stories in hindi full of motivation

Below are the stories given one by one. With title in between to make story more clear for readers.

Success story अपनी सफलता का मार्ग खुद बनाये

इस दुनियाँ में कोई भी पूर्ण नहीं है. हाँ दुसरे के नजर में जरुर है. अगर किसी को यह लगता भी है की मैं पूर्ण हूँ. मुझे वह सारी चीज मिल गई- ज्ञान भी, धन-दौलत भी समझदारी भी तो वह झूठ बोल रहा है. दुनियाँ को दिखने के लिए वह पूर्ण होने का दावा करता है.

पूर्ण तो हम छोटी-सी-छोटी चीजो में हो सकते है. पैसे तो झूठी शान देखने के लिए होता है. अगर आपको ऐसा नहीं लगता है तो एक बात अपने दिमाग में लायें- ख़ुशी कहाँ पर है – गावं में या शहर में. शहर में पैसा-ही पैसा है.

मगर जो ख़ुशी, ईमानदारी, खुली हवा, खुली सोच, भाईचारा, बहुत सारी चीज है वह शहर में नहीं मिल सकता. बस आपको देखने की जरुरत है. Moral story in hindi -एक कहानी जो आपकी जीवन बदल देगी.

आप सफल होंगे या नहीं यह कोई और नहीं बता सकता. और अगर कोई बता रहा है तो उस पर विश्वास मत कीजिए. विश्वास कीजिए तो बस खुद पर. आप खुद तय करेंगे. हाँ कोई सफल आदमी यह जरुर बता सकता है की वह सफल कैसे हुआ, क्या करके सफल हुआ, क्या-क्या दिक्कतें हुई उसके राह में. मगर आपके साथ भी वही condition नहीं आएगा. आपके पास कुछ दूसरा प्रॉब्लम हो जो उसे न मिला हो. वह प्रॉब्लम को किसी और तरीके से निपटा हो जो की आप नहीं कर सकते.

Motivational thoughts – किसी के कहने पर विश्वास नहीं करें

Successful लोगो को पढो और उनसे सीखो मगर आँख बंद करके उनके बात पर विश्वास मत करो. ऐसा मत सोचो की successful लोगो ने कह दिया की तू success हो जाएगा तो मैं success हो जाऊंगा. वो बोल दिये की तू success नहीं हो सकता तो मैं अब कभी success नहीं हो सकता.

आपलोग को एक कहानी बताता हूँ जिससे आपलोग बढ़िया से कनेक्ट कर पाएंगे – Motivational success stories

मेरा एक मामा का लड़का था. मुझसे उम्र में कुछ छोटा होगा. वह एक बढ़िया सी company में …

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Hindi stories for class 8 with moral values

Hello readers , today we are writing for you hindi stories for class 8 students. With moral values both written in hindi and english. Hope you will love this story too.

Hindi stories for class 8

आप लोग आज short motivational story पढने को मिलेगा. इसमें एक लड़के का story है वो अभी 12वीं पास किया है और अपने सपने को पूरा करना चाहता है. कैसे करता है पढियें इस short motivational story में.

विनीत का आज 12वीं का result आ गया. जिसका वह कितने ही दिन से wait कर रहा था. वह अच्छे number से पास हुआ. ख़ुशी उसके चिहरे पर छलक रहा था. घरवाले भी खुश थे. अब उसे किसी बढ़िया कॉलेज में एडमिशन हो जाएगा.

इधर बिनीत के सपने कही और घूम रहे थे. वह अपने भाई निलेश (जो दूर का भाई था) की तरह writer बनना चाहता था. निलेश ही उसका आइडियल था. और उनकी तरह writer बनने का सपना लेकर बढ़ रहा था. result आते ही उसके सपनों के पंख लग गये. वह इस बारे में जानने के लिए अपने भाई के पास गया.

क्या बातचीत हुई

“आओ बिनीत, बैठो.” उसके भाई निलेश ने उसे बैठे हुए बोला- “exam का result भी आ गया. अब क्या करने का इरादा है?”

विनीत उनके room को बड़े ध्यान से देख रहा था. एक-एक चीज उसे रोमांचित कर रहा था. मेरा भी ऐसा ही एक room होगा. सारी चीजे अच्छे से रखी होगी. बैठ कर लिखने के लिए बढ़िया सा टेबल. उस पर इतनी सारी books.

“क्या हुआ, कहा खोये हो?” निलेश ने ध्यान तोड़ते हुए बोला.

“नहीं, कही नहीं. मै भी आपके तरफ writer बनना चाहता हूँ.” बिनीत ने अपनी बात बता दिया.

“ये तो अच्छी बात है मगर कुछ जानते हो इस बारे में. जैसे कैसे लिखते है और भी सारी चीजे.”

“नहीं ये सब नहीं पता. आप बताओ. मैंने कुछ story और poem लिखे है.” उसने अपना लिखा हुआ दखाते हुए बोला.

निलेश ने बड़े ध्यान से उसे पढ़. उसे पता था अभी बहुत गलतियाँ है उसमे बहुत सारे सुधार की जरुरत है. निलेश के दिमाग और दिल में अलग-अलग बाते आने लगी. दिमाग अपना तथ्य लगाना शुरू कर दिया.

इसमे राइटिंग का कुछ पता नहीं. कैसे क्या करते है. कैसे अच्छा writer बनेगा. वही दिल कहता नहीं छोटी-मोटी गलतियाँ शुरू में होती है. यह बहुत ही बढ़िया राइटर बनेगा. और वह दिमाग और दिल की लड़ाई में अपने दिल की सुनी.

“विनीत मैं तुमको …

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आत्मज्ञान का संगीत Hindi inspirational story

आत्मज्ञान का संगीत Hindi inspirational story

रानी पद्मीनी ने आज गुरु दीक्षा ली है। पद्मीनी ने सांसारिक मोह माया को त्याग करने का व्रत धारण किया , जिसके कारण वह गरीबों में सुबह से दान – पुण्य का काम कर रही है।  रानी पद्मीनी को इससे पूर्व ऐसा अभूतपूर्व आभास नहीं हुआ था , जैसा आज दान – पुण्य करके हो रहा था।

रानी पद्मीनी थक – हारकर रात्रि के विश्राम के लिए गई , पद्मिनी के कान में एक दिव्य संगीत सुनाई पड़ी। इस संगीत की ध्वनियाँ इतनी कोमल और चित्ताकर्षक थी कि रानी पद्मीनी उस ध्वनि की ओर जाने से अपने आप को रोक नहीं पायी। रानी पद्मिनी ध्वनि का पीछा करते करते एक नदी के तट पर पहुंची।

रानी पद्मीनी को आभास हुआ यह कोमल ध्वनि नदी के उस पार से आ रही है। आसपास देखा एक नाव , नदी के तट पर बंधी हुई थी।  मल्लाह नाव में ही रात्रि विश्राम कर रहा था। रानी पद्मिनी ने मल्लाह को जगाया और नदी पार करवाने के लिए आग्रह किया।

मल्लाह ने यह कहते हुए नदी पार करने से इंकार कर दिया कि – ” अभी नदी पार करना उचित नहीं है , हवा तेज चल रही है। ”

रानी पद्मिनी ने अपना परिचय बताया – तुम जानते नहीं हो मैं कौन हूं ?

मैं रानी पद्मीनी हूं !

मल्लाह –  ” महारानी क्षमा करें ! तब तो नदी पार कराना और भी अनुचित होगा , क्योंकि आप रानी है और इस समय खतरा अधिक है।

रानी पद्मिनी की क्रोधाग्नि भड़की , किंतु रानी पद्मिनी ने धैर्य पूर्वक पुनः आग्रह किया।

भाई मल्लाह जो तुझे इनाम चाहिए वह मैं दे सकती हूं , तू मुझे नदी पार करा दे।

मल्लाह आप क्या दे सकती हैं ?

रानी पद्मिनी ने तत्काल अपने गले से रत्न जड़ित माला उतार कर मल्लाह को देते हुए कहा इससे तेरी सात पुस्ते घर बैठे खाएंगी।

मल्लाह  –  मगर यह मेरे किसी काम का नहीं , मैं इसको कहां रखूंगा ? हर समय चोरी का खतरा बना रहेगा।

रानी पद्मीनी –  मैं तुझे अपना संगमरमर से निर्मित महल दे दूंगी , जिसे देख पाना भी सभी लोगों के लिए नामुमकिन है।

मल्लाह  –  मैं इतने बड़े महल का क्या करूंगा ? यह मेरे किस काम की नहीं। मेरी कुटिया में हम लोग सभी एक साथ रहते हैं , महल में सब अलग – अलग रहेंगे। पेड़ – पौधों को पानी कौन देगा ? बगीचा …

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Andheri si Zindagi Me Roshni Laye – Rite

Hello freindz… meri story bahut emotional hai but i want to share it…. meine 12th correspondence kari hai because finacially problem thi, papa bhi bahut bimar rhete the aur meri choti sisiter thi to me nai chati thi meri vajha se uske kisi bhi cheej me compromise ho, after completion of my 12th , june 2011. i took admission in b.com pass (correspodence) from du and i also doing job in ca firm, mere join ke 1 week ke baad ek ladke ne bhi join kiya his name is raj.hum dono ne phele din bilkul bhi baat nai kari, lekin dusre din humne baat kari vo bhi me unhe lunch ke liye bulaya tha, because lunch ka time ho gaya tha to mere seniors ne mujhe unhe bulane ke liye kaha mujhe ajeeb sa lag raha tha, jab me unhe bulane gayi to meine dekha ki vo kaam kar rahe the , jab meine unhe lunch ke liye chalne ke liye bola to unhone kaha ki me baad me karunga , abhi ap log kar lo.

Pata nai kyo mujhe unse baat karke bahut acha laga, aisa nai hai ki meine kabhi kisi male se baat nai kari, but unki awaj me ek kashish thi aur us din saturday tha, sunday ayaa us din pata nai kyo ghar me mann hi nai lag raha tha, fir monday ayaa vo bhi aye. fir us din se humarri baate start hui , pata nai but after 15 days meine unhe khud bol diya that i love u……. vo bahut hase unhone bola ki ek ladki ne ladke ko prupose kiya vo bhi itni jaldi, aur unhone bhi bola yes i love you.. unse baat karke khushi milti thi kyoki ghar me bahut jyada buri condition thi. meine raj ko is condition ke bare me bataya nai tha, meri ek best freind hai jinhe me apni badi sister manti hu meine raj se unko milvaya. mein aur raj pheli baar ghumne gaye the, cp unhone vaha mujhe apne bestfreind se milvaya.hum phele banglea sahib gaye aur fir humne bikaner me lunch kiya, and u know what me sunday ko mummy se jhoot bolkar gayi thi ki mummy aj office jana hai.

Fir unhe office se chutti leni thi because unke ca ke exams the november me , me bahut royi fir unhone samjhaya ki bas 2 months ki baat hai aur meri best …

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एक स्त्री के जीवन की मार्मिक कहानी – Emotional story

इस लेख के माध्यम से मार्मिक कहानी प्रस्तुत कर रहे हैं। स्त्री जीवन किस प्रकार संघर्षों से परिपूर्ण होता है। जीवन भर संघर्ष और दुख को झेलते हुए एक महिला अपने घर-परिवार को चलाती है। अंत में उसकी परिणति दुखांत के रूप में , तब स्त्री जीवन का मर्म उभर कर आता है।

पूरी कहानी पढ़ने के लिए बने रहें –

एक स्त्री के जीवन की मार्मिक कहानी

सूरज की अग्नि वर्षा से पूरा गांव और शहर जल रहा है। सेठ – चौधरी अपने घरों में बैठे उबासियाँ ले रहे होंगे। मजदूरों के लिए क्या धूप और क्या छांव –

खेतों में मजदूरों का जमघट लगा है। गेहूं पक गया है , समय रहते ना काटा गया तो , खेत में ही बर्बाद हो जाएगा।

सूरज दिनभर अग्नि वर्षा करके अब धीरे-धीरे मुख मोड़ चला है। संध्या का आगमन , सूरज के ढलते होता जा रहा है। गांव से धीरे धीरे धुआं उठने लगा है चूल्हा जोड़ा गया है ताकि रात का खाना हो सके।

बिस्मिल्लाह चाचा ने आवाज दिया चल नेमत कितना काम करेगी ? सब गांव की ओर लौट रहे हैं , आज का काम रहने दे। हां चाचा चार हाथ और काट लूँ , फिर चलती हूं !

कहीं चौपाल सज गए , कहीं कीर्तन भजन , कहीं बूढ़ों का जमावड़ा। धीरे धीरे चंदा ने आसमान पर अपनी चमक बढ़ा ली। कोई चारपाई पर सो गया कोई निवाल बिछाकर लेट गया। महिलाों ने भी आंगन की धुलाई करके वहीं अपना बिछोना लगा लिया।

चंदा की ओर अपने जख्मी और चोटिल पैरों को दिखाते हुए सभी सो गए।  रात भर चंदा इन मजदूरों का दर्द और थकान अपनी शीतलता से दूर कर देता है।

नेमत का संघर्ष मजदूरी कर जीवन यापन

नेमत दिन भर खेत में काम करके थक चुकी है। शरीर ताम्र वर्ण का हो गया पच्चीस की उम्र में चालीस की लगने लगी है। नेमत का शौहर निकाह के तीन साल बाद ही खुदा को प्यारा हो गया था। घर में उसकी एक औलाद थी , जिसको वह अब्दुल कहकर बुलाती थी। अब्दुल नाम उसके अब्बू मुख्तार ने दिया था। यही नाम अब उसकी पहचान हो गयी थी । पूरे घर का खर्चा नेमत , चौधरियों के खेतों में काम करके चलाती थी। जी तोड़ मेहनत करती और अपने अब्दुल का भरण पोषण करती।

दुख के दिन मे अब्दुल ही तो उसका एकमात्र सहारा था। वह इतने कष्ट सह रही थी , आखिर किसके लिए ? …

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काम और जीवन : शिक्षाप्रद कहानी | Kaam Aur Jeevan Moral Story In Hindi

Kaam Aur Jeevan Moral Story In Hindi
Kaam Aur Jeevan Moral Story In Hindi

Kaam Aur Jeevan Moral Story In Hindi : एक व्यक्ति अपनी जीविका चलाने के लिए ब्रेड बेचने का काम करता था. वह दिन-रात मेहनत करता, ताकि अपनी पत्नि और दो बच्चों की गुजर-बसर ठीक से कर सके. दिन-भर काम करने के बाद वह शाम को extra classes भी जाया करता, ताकि एक बेहतर job हासिल कर सके.

रविवार को छोड़कर शायद ही ऐसा कोई दिन होता, जब वह अपने परिवार के साथ बैठकर भोजन कर पाता था. जब भी उसकी पत्नि या बच्चे इस बात की शिकायत करते कि वह उनके साथ पर्याप्त समय व्यतीत नहीं करता है, तो वह कहता कि उनके साथ समय बिताने के लिए वह भी तरसता है. लेकिन ये सब वह उन सबके लिए ही कर रहा है.

उसकी मेहनत का फल भी उसे मिला और वह दिन आ गया जब उसे एक company में senior supervisor की job मिल गई. हर महीने मिलने वाली अच्छी salary से वह अपने परिवार के लिए अच्छे कपड़े, अच्छा खाना और अन्य सुविधाएँ मुहैया करवाने लगा. वह one-bed-room-flat से two-bed-room-flat में shift हो गया.

जीवन पहले से अधिक आसान हो गया था. लेकिन इसके बावजूद वह अपनी पत्नि और बच्चों से सप्ताह के अधिकांश दिन अधिक मिल नहीं पाता था क्योंकि अब वह company में promotion पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था. इस संबंध में पत्नि और बच्चों की शिकायत पर वह उनसे यही कहता कि वह ये सब उनके लिए ही तो कर रहा है.

कुछ वर्षों बाद उसका promotion हो गया. अब घर के कामों में अपनी पत्नि की सहायता के लिए उसने नौकर रख लिए. Two-bed-room-flat उसे छोटा लगने लगा और उसने four-bed-room-flat खरीद लिया. लेकिन अब भी उसके पास परिवार के लिए समय नहीं था, वह आगे की promotion के लिए मेहनत करने में लग गया था. अब तो कई-कई बार वह रविवार के दिन भी व्यस्त रहता. परिवार को जवाब देने के लिए अब भी उसके पास यही था कि वह ये सब उनके लिए ही तो कर रहा है.

कुछ वर्षों बाद उसका दूसरा promotion हो गया. अब उसने एक बड़ा सा बंगला खरीद लिया, कई नौकर-चाकर रख लिए. अब वह संतुष्ट था. उसने तय किया कि अब उसे और promotion नहीं चाहिए, वह अपने परिवार के साथ अधिक से अधिक वक़्त गुजारना चाहता है. उसके इस निर्णय से उसके पत्नि और बच्चे बहुत खुश हुए. उस रात वह व्यक्ति बहुत की शांति …

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दो मुँह वाली चिड़िया : बाल कथा | Do Munh Wali Chidiya Story for Kids In Hindi

Do Munh Wali Chidiya Story for Kids In Hindi

Do Munh Wali Chidiya Story for Kids In Hindi

Do Munh Wali Chidiya Story for Kids In Hindi : एक वन में बरगद में एक पेड़ पर एक चिड़िया घोंसला बनाकर रहती थी. वह देखने में बड़ी विचित्र थी. उसके दो सिर थे.

एक दिन की बात है, वह चिड़िया भोजन की तलाश में इधर-उधर उड़ रही थी. उड़ते-उड़ते एक स्थान पर चिड़िया के दांये मुँह को एक फल दिखाई पड़ा. वह बहुत खुश हुआ और फल को बड़े ही चाव से खाने लगा.

फल देखकर बांये मुँह में भी पानी आ गया. उसने दांये मुँह से प्रार्थना की कि वह उसे भी फल चखने दे, किंतु दांये मुँह ने उसे झिड़कते हुए कहा कि हम दोनों के पेट तो एक ही है, मेरे इस फल को खाने से हमारा पेट तो भर ही जायेगा. तुम्हें इसे खाने की क्या आवश्यकता है? उसकी बात सुनकर बांया मुँह गुस्से की आग में जल उठा और बदला लेने की सोचने लगा.

अगले दिन फिर से चिड़िया भोजन की तलाश में जंगल में उड़ रही थी. इस बार बांये मुँह को एक विचित्र सुनहरा फल दिखाई पड़ा और वह उसे खाने के लिए मचल उठा. जैसे ही वह फल खाने को हुआ, पास ही के पेड़ पर बैठे कौवे ने कहा कि वह फल अत्यंत विषैला है, उसे मत खाओ.

कौवे की बात सुनकर दांया मुँह भी चौंका और उसने भी बांये मुँह को चेताया. किंतु बांया मुँह बदले की भावना से भरा हुआ था. उसे दांये मुँह से एक दिन पहले का हिसाब चुकाना था. इसलिए उसने दांयें मुँह की बात अनसुनी कर दी और फल खाने लगा. बांयें मुँह के फल खाते ही चिड़िया के प्राण पखेरू उड़ गए.

मित्रों, इस कहानी में चिड़िया परिवार का प्रतीक है और दांया तथा बांया मुँह परिवार के किसी भी रिश्ते/सदस्य का. प्रायः देखा जाता है कि एक ही परिवार के सदस्य एक-दूसरे के प्रति द्वेष और बैर भाव रखते है. वे एक-दूसरे को नीचा दिखाने और नुकसान पहुँचाने की सोचते रहते है. परिवार के किसी भी सदस्य का नुकसान होने पर पूरे परिवार का ही नुकसान होता है. इसलिए परिवार में सबको मिल-जुलकर प्रेमभाव से रहना चाहिए.


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