रंगों का पर्व होली

Rango ka parv Hindi Holi Wishes

रंगों का पर्व होली, देखो फिर आ गया
नवरंग से सजा हुआ, बादल जो छा गया
सभी लोग कर रहे हैं, हंसी और ठिठोली
आओ प्रेम से खेलें, यह पर्व जो होली…

आप सभी को होली की शुभकामनाएं

~ ‘जितेंद्र मिश्र’…

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घर के बुजुर्ग, त्यौहार और प्यार

नफ़रतें छोड़कर मन से, प्रेम के गीत हम गाएं।
आपसी बैर को भूलें, अपनों से भी मिल आएं।
सभी त्योहार बतलाते, सदा प्रेम से रहना।
सभी घर के बुज़ुर्गों को, कभी मन से न बिसराएं।

~ जितेंद्र मिश्र ‘भरत जी’…

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चंचल मन मेरा

मन के अंदर झांक रहा है मन मेरा।
मन की भाषा बोल रहा है मन मेरा।
मन भावों का एक समुंदर होता है।
मन चंचल है घूम रहा है मन मेरा..।

~ जितेंद्र मिश्र ‘भरत जी’…

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तेरा मुस्कराना गज़ब ढा गया

तेरा मुस्कराना गज़ब ढा गया

तुम्हारी बातों में दिल आ गया था।
नज़र जब मिली थी मैं शर्मा गया था।
अदाओं ने तेरी, दिल मेरा छीना।
तेरा मुस्कराना गज़ब ढा गया था।

~ जितेंद्र मिश्र ‘भरत जी’…

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