Punjabi Shayari – पंजाबी शायरी

रब दी सो में तेनु प्यार नी कीता

आधी रात नु दिल दी देहलीज उते
इक सूपना आन खलो जाँदा
आ बेहन्दे हो सिरहाने तुसी
सोना मुस्किल हो जाँदा है
प्यार तेरे दा दर्द वे सजना
मेरी नाड़ी नाड़ी टओ जाँदा
रब दी सो में तेनु प्यार नी कीता
ऐ ता अपने आप ही हो जाँदा…


मौत ता बुरी चीज़ है यारो

मौत ता बुरी चीज़ है यारो
पर मौत तो बुरी जुदाई
सब तो बुरी उडीक साजन दी
जो रख दी खून सुखाई……

Read More

शायरी – अदब-ऐ-वफ़ा

रूह

हम अपनी रूह तेरे जिस्म में छोड़ आये है
तुझे गले से लगाना तो एक बहाना था

Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , Rooh (रूह)

वो नज़र तो आया है

यही बहुत है की दिल उसे ढूंढ लाया है
किसी के साथ ही सही वो नज़र तो आया है

Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , nazar (नज़र)

मेरा शहर छोड़ दो

वो बात बात पर देते है परिंदों की मिसाल
साफ़ साफ़ नहीं कहते मेरा शहर छोड़ दो

Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , FARAZ (शहर)

इश्क़ में ज़िद है

अंजाम की परवाह है तो इश्क़ करना छोड़ दो
इश्क़ में ज़िद है और ज़िद में जान भी चली जाती है

Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , Ishq (इश्क़)

अदब-ऐ-वफ़ा

अदब-ऐ-वफ़ा भी सीखो मोहबत की दरगाह में
फकत यूं ही दिल लगाने से , दिलो में घर नहीं बनते

Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , मोहबत (mohabbat)

इतिफाक

अगर होता है इतिफाक तो यूँ नहीं होता
वो चले उस राह पर जो मुझपे आकर खत्म हुई

Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , इतिफाक (ittefaq)

दिल का सौदा

न कर सके हम उनसे दिल का सौदा
लूट के ले गए लोग हमे मोहबत का दिलासा दे कर

Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , दिल का सौदा (dil ka soda)
Read More

Romantic Punjabi Love Shayari

शर्ता ला के नी कदे प्यार हुँदा

ऐ जींद नी इतनी सस्ती सजना
हर कोई नी इदा हक़दार हुँदा
कोई वैद हाकिम नी इलाज़ करदा
जो भी इश्क़ बीमार हुँदा
जो रूह दे बीच बस गिया
ओ नी दिल दे बीचो बिछड हुँदा
होर ता सानु पता नी यारा
पर शर्ता ला के नी कदे प्यार हुँदा


आसी आ पंछी तेरे बागा दे

आसी आ पंछी तेरे बागा दे
किसी होर बाग़ नी बेह सकदे
तेरे हँसियां तो जींद बार देयीऐ
पर बिछोड़ा तेरा नी सेह सकदे
दुनिया सानू चाहे लख छड़ दे
आसी बस तेरे बाजो नई रह सकदे
साढी ख़ामोशी समझ सकें ता समझ लेई वे सजना
हर एक गल जुबानों नी कह सकदे…

Read More

पंजाबी शायरी – लेंखा विच बिछोड़े रह गए – Punjabi Shayari

लेंखा विच बिछोड़े

लेंखा विच बिछोड़े रह गए
अथरु रो रो थोड़े रह गए

इक न मनी उन्हें मेरी
हाथ भी मेरे जोड़े रह गए

जांदी वारी छड़ गया मैनू
पिज्हे वाल निचोड़े रह गए

फेर ओ कदे मुड़ नहीं आया
मोतिये दे फूल तोड़े रह गए

हुन्ह ते आ के मिल वे सजना
ज़िंदगी दे दिन थोड़े रह गए

 

Lekhan Vich Bichorey

Lekhan vich vichorey reh gaye
athro ro ro thorey reh gaye

Ik na manni unhee meri
Hath bhi meree jode reh gaye

Jandi vari chad gaya meenu
pijhey baal nechode reh gaye

pher o kade mud nahi aya
motiyee de phool thode reh gaye

hun ta aa ke mil weh sajna
Zindgi de din thode reh gaye…


चंगी गल नहीं

वेख -वेख हँसना , पर कुछ भी न कहना , चंगी गल नहीं
जानभूज़ के अनजान बने रहना , चंगी गल नहीं
प्यार करना , पर इजहार न करना , चंगी गल नहीं
किस्से दा प्यार तो विश्वास ही उठा देना , सच्ची ….चंगी गल नहीं

Changi Gal Nai

Vekh-vekh hasna, par kuch v na kehna, Changi gal nai
jab bujj ke anjan bane rehna, Changi gal nai
pyar karna, par ijhhar na karna, changi gal nai,
kisse da, pyar to vishwass hi utha dena, sachi……changi gal nai…


इक दिन मेरे अथरू

इक दिन मेरे अथरू मेरे तो पूछ बैठे
सानू रोज रोज क्यों रुलांदे हो , मैं बोलिया
मैं याद ता ओहनू करदा हाँ
तुसी अप्पे क्यों चले आंदे हो

Ikk Din Mere Athroo

Ikk Din Mere Athroo Mathon Puchh Baithe,
Saanu Roj Roj Kayon Bulaande Ho, Main boliyaa
Main Yaad Taan Ohnu Karda Haan,
Tussi aape Kyon Chale Aande Ho…


जिंद नू मुकाण लग पे

तेरी याद विच अथरु वहाँ लग पे
तेरी सोच विच निंद्रा गवाओं लग पे
यार तेरे जेहा लबना नहीं सानू होर कोई
इना सोचां विच जिंद नू मुकाण लग पे

Jind Nu Mukkan Laag Paee

Teri yaad vich athru wahaan lag pae
Teri soch vich nindra gawaon lag pae
Yaar tere jeha labna nahi sanu hor koi
Ena sochan vich jind nu mukkan lag pae..


इश्क़ दा गुंजल

बड़ा इश्क़ इश्क़ तू करदा हैं
कदी इश्क़ दा गुंजल खोल ता सही
तेनु मिटी विच रौल देवें
तू बोल दो प्यार दे बोल ता सही
प्यार घट ते दर्द हज़ार मिलदे
कदी इश्क़ दी टोकरी टोल ता सही

Ishaq Da Gooonjal

Bara ishaq ishaq tou karda
kadi ishaq da goonjal kohl …

Read More

पंजाबी और उर्दू शायरी – हीर राँझा शायरी

जेल बिच बंद ग़ुलाम रह जाँदै न
किताबां बिच लिखे पैग़ाम रह जाँदै न
पहली मुलाकात किसी नु याद रवे न रवे
याद सब नू आखरी सलाम रह जाँदै न ​

jailaan ch band ghulaam reh janday ne
kitaabaan ch likhay paighaam reh janday ne
pehli mulakaat kissi nu yaad raway na raway
yaad sab nu akhari SALAAM reh janday ne​


वेख के उदास चेहरा यार दा , जिदी आँख भर आवे .
रब्ब ऐसे सजना नु कदे भी न तड़फावे ….
अस्सी रब्ब तक पहुँच बनायीं होई है …
मेरे हुंदियां न डरीं मौत कोलों …
तेरी मौत अस्सी अपनी लक़ीरां च लिखाई होई है …

vekh k udass chehra yaar da, jeedi akhh par aave.
Rabb aise sajna nu kade vi na tarpave….
Assi rabb tak pohach banayi hoyi hai…
Mere hundiyaa na darrin maut kolon…
Teri maut assi apni lakeran ch likhayi hoyi hai…


तू मेरी जिंद ते जान वरगा
मेरे पिंड नूं जांदी राह वरगा
तैनू भुला वे किंज यारा
तू आंदी जांदी साह वरगा

To meri Jind Tay jaan Wergaa
Mery Pind Nou Jaandi Raah Wergaa
tainoo Pullaan V Kainj yaraaaaaaaa
Tou Aandi jaandi Saah Wergaaaaa


हाजी लोक मक्का  ” नू जांदे ” मेरा रांझा माहि मक्का नी मैं कमली हाँ
मैं तां मांग रांझे  “दी होई ” आन मेरा बाबल करदा धक्का नी मैं कमली हाँ

हाजी लोक मक्के  “नू जांदे “, असां जाना तख़्त हज़ारे ‘ नी मैं कमली हाँ
जिथ वल यार ओथे  “वल क़ाबा ” भावें फूल किताबां चारे ‘ नी मैं कमली हाँ

हाजी लोक मक्के  “नू जांदे ”  मेरे घर विच नोशाह मक्का नी में कमली हाँ
विच्चे ‘ हाजी , विच्चे ग़ाज़ी , विच्चे चोर उचक्का नी मैं कमली हाँ ​

Haaji lok makke nuu jaaNde mera raanjha maahi maakka Ni main kamli haan
Main taaN mang raanjhe’ di hoe’aaN mera baabal karda dhakka Ni main kamli haan

Haaji lok makke’ nu jaaNde, asaaN jaana takht hazare’ Ni main kamli haan
Jhith bal yaar othe’ bal kaaba, bhaavein phool kitaabaaN chaare’ Ni main kamli haan

Haaji lok makke’ nu jaaNde’ mere ghar vich naoshah makka Ni mein kamli haan
Wicche’ haaji, wiche ghaazi, wicche chor uchakka Ni main kamli haan​…

Read More

हीर शायरी – वारिस शाह

लिखी रांझे नाम ये हीर हुंदी
 

की मुक जाना सी वारिस शाह दा,
लिखी रांझे नाम ये हीर हुंदी .

वख रूह नालो रूह न हो सकदी ,
न दिल चो वख तस्वीर हुंदी .
नशा अख दा इक वारी चढ़ जावे ,
पूरी इश्क़ दी फिर तासीर हुंदी .

झूठा रब्ब नू तुस्सी केहन वालयो ,
निगाह मेरी नाल ये देख लावो ,

झूठ अख कदे नी कह सकदी ,
निगाह यार दी निगाहे -ऐ -पीर हुंदी .

तेरी अख तो ओहले मैं हुँदा न ,
मंदी ऐनी ये न तक़दीर हुंदी .

Likhi Ranjhe Naam Je Heer Hundi
 

Ki Mukk Jana Si Waris Shah Da,
Likhi Ranjhe Naam Je Heer Hundi.

Vakh Rooh Naalo Rooh na Ho Sakdi,
Nai Dil Cho Vakh Tasveer Hundi.

Nasha Akh Da Ik Vaari Chadh Jave,
Poori Ishq Di Fer Taseer Hundi.

Jhootha Rabb Nu Tussi Kehen Waleyo,
Nigah Meri Naal Je Dekh Lavo,

Jhooth Akh Kade Ni Keh Sakdi,
Nigah Yaar Di Nigahe-E-Peer Hundi.

Teri Akh To Ohle Manu Hunda Na,
Maadi Enni Je Na Taqdeer Hundi.…

Read More

इश्क़ दा जोर – पंजाबी शायरी

इश्क़ दा ख्वाब

इश्क़ दा जिस नू ख्वाब आ जाँदा ऐ ,
वक़्त समझो खराब आ जाँदा ऐ ,
मेहबूब आवे या न आवे
पर तारे गिन्नं दा हिसाब आ जाँदा ऐ

Ishq Da Khwaab

ISHQ da jisnu khwaab aa janda ae,
waqt samjho khraab aa janda ae,
mehboob aave ya na aave
par taare ginan da hisaab aa janda ae!


यारी

उस नाल यारी कदी न लाइयो
जिस नू अपने ते ग़रूर होवे

माँ बाप नू  बुरा न अखियो
भावें लख उन्हा दा कसूर होवे .

बुरे रस्ते न जइयो .
चाहे किनी भी मंज़िल दूर होवे .

राह जांदे नू दिल कदे न देयो .
चाहे लख मुँह ते नूर होवे  .

मोहबत सिर्फ ओथे करियो ..
जिथे प्यार निभां दा दस्तूर होवे …

Yari

Us Naal Yari kadi na laiyo
Jisnu Apne Te Gharoor hove

Maa Baap Nu Bura na Akhiyo
Bhaven Lakh Unna Da Kasoor hove.

Bure Rastey Na Jaiyo.
Chaye Kini vi manzil Dur hove.
Raah Jandey Nu Dill kade na Deyo.
Chahe Lakh Mooh Te Noor Hove.

Mohabat Sirf othe kariyo..
Jithe Piyar Nibhan da Dastoor hove…


इश्क़ दा जोर

बाँह फड़के रोक लेन्दे ,ये चल दा कोई ज़ोर हुँदा
असीं तेरे पीछे क्यों रुलदे , ये तेरे जिहा कोई होर हुँदा

Ishq Da Zor

Baah fadke rok lende,je chalda koi zor hunda
assi tere piche kyoN rulde,,je tere jeha koi hor hunda…

Read More

छड़ दूँ सजना तकना तेरिया राहां नू – पंजाबी शायरी

रुक लेंन दे इन्हा सॉहा नू

छड़ दूँ सजना तकना तेरिया राहां नू
एक बार रुक लेंन दे इन्हा सॉहा नू


रंगलियाँ  बहाराँ

किसे नु मिल जंदिया न  रंगलियाँ  बहाराँ
किसे नु चमन भी नसीब न हुँदा
किसे दी कबर ते तामीर होंदे महल चौबारे
ते किसे नू कफ़न भी नसीब न हुँदा


जिंदगी दा कुछ हिसा

अपनी जिंदगी दा कुछ हिसा तेरे संग निभा चले हाँ
प्यार किता सी तनु रब तो ज़यादा
ताहियों धोखा खा चले हाँ
सी यकीं रब तो भी ज़यादा
पर तेनु आज गवा चले हाँ


ओ चन सी अम्ब्रा दा

वफ़ा समझ के जिनु निभोदें रे
ओ बेवफा सी जिस नु प्यार करदे रहे
में नफरत नू प्यार नाल तोल्दा  रिहा
पर ओ आसमान सी जमीन नाल की बोलदा
ओ चन सी अम्ब्रा दा
उस दी ख़ुशी लई हर रोज़ टूटे कई तारे सी
मेरा दिल बेचारा डुल सी जमीन दी
मुड धरती ते औन्दा दोबारा सी


दिल दा इलाज़

मेरे रबा मेरी गल दा जवाब ता दे
इस टूटे हुए दिल दा इलाज़ ता दे
सारी बीती है उम्र मेरी दुखां दे सहारे
होर किने दुःख लेखे न हिसाब ता दे…

Read More

चंद शेयर – गम , दर्द और जुदाई

कर्ज़दार की तरह

समझा लो तुम अपनी यादों को जरा
वक़्त बेवक़्त हमे तंग करती है, कर्ज़दार की तरह

अपनी ही यादें

लूट लेती है हमे अपनी ही यादें
वरना गैरों को क्या पता, इस दिल की दीवार कमजोर कहाँ से है

दिल टूटा तो एक आवाज आई

दिल टूटा तो एक आवाज आई
चिर के देखा तो एक चीज़ नजर आई
सोचा क्या होगा इस खाली दिल में
लहू से धो कर देखा तो तेरी तस्वीर नज़र आई

इक निशानी है हम

रख सको तो इक निशानी है हम
भूल जाओ तो इक कहानी है हम
ख़ुशी की धुप हो या ग़म के बादल
दोनों में जो बरसे वो पानी है हम

टूट चुके है

एक मुद्दत से टूट चुके है मेरे खुदा
उसने चाहा था की उसे टूट के चाहा जाये…

Read More