Romantic Punjabi Love Shayari

शर्ता ला के नी कदे प्यार हुँदा

ऐ जींद नी इतनी सस्ती सजना
हर कोई नी इदा हक़दार हुँदा
कोई वैद हाकिम नी इलाज़ करदा
जो भी इश्क़ बीमार हुँदा
जो रूह दे बीच बस गिया
ओ नी दिल दे बीचो बिछड हुँदा
होर ता सानु पता नी यारा
पर शर्ता ला के नी कदे प्यार हुँदा


आसी आ पंछी तेरे बागा दे

आसी आ पंछी तेरे बागा दे
किसी होर बाग़ नी बेह सकदे
तेरे हँसियां तो जींद बार देयीऐ
पर बिछोड़ा तेरा नी सेह सकदे
दुनिया सानू चाहे लख छड़ दे
आसी बस तेरे बाजो नई रह सकदे
साढी ख़ामोशी समझ सकें ता समझ लेई वे सजना
हर एक गल जुबानों नी कह सकदे…

पंजाबी शायरी – लेंखा विच बिछोड़े रह गए – Punjabi Shayari

लेंखा विच बिछोड़े

लेंखा विच बिछोड़े रह गए
अथरु रो रो थोड़े रह गए

इक न मनी उन्हें मेरी
हाथ भी मेरे जोड़े रह गए

जांदी वारी छड़ गया मैनू
पिज्हे वाल निचोड़े रह गए

फेर ओ कदे मुड़ नहीं आया
मोतिये दे फूल तोड़े रह गए

हुन्ह ते आ के मिल वे सजना
ज़िंदगी दे दिन थोड़े रह गए

 

Lekhan Vich Bichorey

Lekhan vich vichorey reh gaye
athro ro ro thorey reh gaye

Ik na manni unhee meri
Hath bhi meree jode reh gaye

Jandi vari chad gaya meenu
pijhey baal nechode reh gaye

pher o kade mud nahi aya
motiyee de phool thode reh gaye

hun ta aa ke mil weh sajna
Zindgi de din thode reh gaye…


चंगी गल नहीं

वेख -वेख हँसना , पर कुछ भी न कहना , चंगी गल नहीं
जानभूज़ के अनजान बने रहना , चंगी गल नहीं
प्यार करना , पर इजहार न करना , चंगी गल नहीं
किस्से दा प्यार तो विश्वास ही उठा देना , सच्ची ….चंगी गल नहीं

Changi Gal Nai

Vekh-vekh hasna, par kuch v na kehna, Changi gal nai
jab bujj ke anjan bane rehna, Changi gal nai
pyar karna, par ijhhar na karna, changi gal nai,
kisse da, pyar to vishwass hi utha dena, sachi……changi gal nai…


इक दिन मेरे अथरू

इक दिन मेरे अथरू मेरे तो पूछ बैठे
सानू रोज रोज क्यों रुलांदे हो , मैं बोलिया
मैं याद ता ओहनू करदा हाँ
तुसी अप्पे क्यों चले आंदे हो

Ikk Din Mere Athroo

Ikk Din Mere Athroo Mathon Puchh Baithe,
Saanu Roj Roj Kayon Bulaande Ho, Main boliyaa
Main Yaad Taan Ohnu Karda Haan,
Tussi aape Kyon Chale Aande Ho…


जिंद नू मुकाण लग पे

तेरी याद विच अथरु वहाँ लग पे
तेरी सोच विच निंद्रा गवाओं लग पे
यार तेरे जेहा लबना नहीं सानू होर कोई
इना सोचां विच जिंद नू मुकाण लग पे

Jind Nu Mukkan Laag Paee

Teri yaad vich athru wahaan lag pae
Teri soch vich nindra gawaon lag pae
Yaar tere jeha labna nahi sanu hor koi
Ena sochan vich jind nu mukkan lag pae..


इश्क़ दा गुंजल

बड़ा इश्क़ इश्क़ तू करदा हैं
कदी इश्क़ दा गुंजल खोल ता सही
तेनु मिटी विच रौल देवें
तू बोल दो प्यार दे बोल ता सही
प्यार घट ते दर्द हज़ार मिलदे
कदी इश्क़ दी टोकरी टोल ता सही

Ishaq Da Gooonjal

Bara ishaq ishaq tou karda
kadi ishaq da goonjal kohl …

इश्क़ दा जोर – पंजाबी शायरी

इश्क़ दा ख्वाब

इश्क़ दा जिस नू ख्वाब आ जाँदा ऐ ,
वक़्त समझो खराब आ जाँदा ऐ ,
मेहबूब आवे या न आवे
पर तारे गिन्नं दा हिसाब आ जाँदा ऐ

Ishq Da Khwaab

ISHQ da jisnu khwaab aa janda ae,
waqt samjho khraab aa janda ae,
mehboob aave ya na aave
par taare ginan da hisaab aa janda ae!


यारी

उस नाल यारी कदी न लाइयो
जिस नू अपने ते ग़रूर होवे

माँ बाप नू  बुरा न अखियो
भावें लख उन्हा दा कसूर होवे .

बुरे रस्ते न जइयो .
चाहे किनी भी मंज़िल दूर होवे .

राह जांदे नू दिल कदे न देयो .
चाहे लख मुँह ते नूर होवे  .

मोहबत सिर्फ ओथे करियो ..
जिथे प्यार निभां दा दस्तूर होवे …

Yari

Us Naal Yari kadi na laiyo
Jisnu Apne Te Gharoor hove

Maa Baap Nu Bura na Akhiyo
Bhaven Lakh Unna Da Kasoor hove.

Bure Rastey Na Jaiyo.
Chaye Kini vi manzil Dur hove.
Raah Jandey Nu Dill kade na Deyo.
Chahe Lakh Mooh Te Noor Hove.

Mohabat Sirf othe kariyo..
Jithe Piyar Nibhan da Dastoor hove…


इश्क़ दा जोर

बाँह फड़के रोक लेन्दे ,ये चल दा कोई ज़ोर हुँदा
असीं तेरे पीछे क्यों रुलदे , ये तेरे जिहा कोई होर हुँदा

Ishq Da Zor

Baah fadke rok lende,je chalda koi zor hunda
assi tere piche kyoN rulde,,je tere jeha koi hor hunda…

जो बोल ज़ुबानों निकल गया – Punjabi Shayari and Kalaam

जो बोल ज़ुबानों निकल गया

जो बोल ज़ुबानों निकल गया
ओ तीर कमानों निकल गया ..

मैं दिल विच ओहनूं लभणां वां
ओ दुर आसमानों निकल गया ..

ओहनूं मेरीया गलां याद रेह्याँ
पर मैं पहचानों निकल गया ..

हूण हाल फकीरा दा की पुछदे ओ
जद्ओ दर्द बयानों निकल गया ..

मैं घर दी अग्ग लुकाऊँदा सी
धुआं रोशन -दानों निकल गया ..

 


असां पानी बनके रूढ़ जाना 

बरसात विच असां पानी बनके रूढ़ जाना .
पतझड़ विच असां सूखे फूल बनके झड़ जाना .
की होया ये आज असां तेनु तंग करदे आँ .
इक दिन असां तेनु दसे बिना ही टूर जाना .

 


कुछ शौक सी यार फ़क़ीरी दा

कुछ शौक सी यार फ़क़ीरी दा
कुछ इश्क ने दर दर रौल दिता

कुछ सजना कसर न रखी सी
कुछ जहर रक़ीबा घोल दिता

कुछ हिज्र फ़िराक दा रंग चढ़िआ
कुछ दर्द माही अनमोल दिता

कुछ उँज भी राहवाँ औखियाँ सी
कुछ गल विच गम दा तौख भी सी

कुछ शहर दे लोक भी जालिम सी
कुछ सानू मरन शौक भी सी…

याद-ऐ-गम

तुम याद नहीं करते हम भुला नहीं सकते
तुम हँसा नहीं सकते हम रुला नहीं सकते
दोस्ती इतनी प्यारी है हमारी
तुम जान नहीं सकते और हम बता नहीं सकते

garflowerline

दिल गुमसुम जुबान खामोश क्यों है
यह आँखें आज नम क्यों है
जिन्हे कभी पाया ही न था
तो आज उन्हें हमे खोने का गम क्यों है