छत्रपति शिवाजी महाराज के विचार, Shivaji Maharaj Quotes in Hindi

“एक छोटा कदम छोटे लक्ष्य के साथ साथ एक विशाल लक्ष्य भी हासिल करा देता है।”


“सर्वप्रथम राष्ट्र, फिर गुरु, फिर माता-पिता, फिर परमेश्वर अतः पहले खुद को नही राष्ट्र को देखना चाहिए।”


“अगर इंसान के पास आत्मबल है, तो वो पुरे संसार पर अपने हौसले से विजय पताका लहरा सकता है।”


“जो व्यक्ति सिर्फ अपने देश और सत्य के सामने झुकते है उनका आदर सभी जगह होता है।”


“किसी भी कार्य को करने से पहले उसके परिणाम को सोच लेना भी बेहतर होता है क्योकि आने वाली पीढ़ी आपकी ही अनुसरण करती है।”


“एक पुरुषार्थी भी, एक तेजस्वी विद्वान के सामने झुकता है। क्योकी पुरुर्षाथ भी विद्या से ही आती है।”


“यह जरुरी नही की गलती करके ही सीखा जाए, दुसरो की गलती से सीख लेते हुए भी सीखा जा सकता है।”


“नारी के सभी अधिकारों में, सबसे महान अधिकार माँ बनने का है।”


“बदला लेने की भावना मनुष्य को जलाती रहती है, संयम ही प्रतिशोध को काबू करने का एक मात्र उपाय है।”


“अंगूर को जब तक न पेरो वो मीठी मदिरा नही बनती, वैसे ही मनुष्य जब तक कष्ट मे पिसता नही, तब तक उसके अन्दर की सर्वोत्तम प्रतिभा बाहर नही आती।”


एक वीर योद्दा हमेसा विद्वानों के सामने ही झुकता है।”


“एक सफल मनुष्य अपने कर्तव्य की पराकाष्ठा के लिए, समुचित मानव जाति की चुनौती स्वीकार कर लेता है।”


“दुश्मन को कमजोर न समझो, तो अत्यधिक बलवान समझ कर डरो भी मत।”


“स्वतंत्रता एक वरदान है, जिसे पाने का अधिकारी हर किसी को है।”


“प्रतिशोध इंसान को जलाती रहती है, संयम ही प्रतिशोध को काबू करने का उपाय होता है।”


“जब हौसले बुलन्द हो, तो पहाङ भी एक मिट्टी का ढेर लगता है।”


“कभी भी अपना सर नही झुकाना चाहिए बल्कि हमेसा ऊचा ही रखना चाहिए।”…

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