Success stories in hindi motivational story

Today we are going to share with you success stories written in hindi. We always focus on motivating our readers through our stories. In that light these stories will inspire and motivate you to get success in life.

Great Success stories in hindi full of motivation

Below are the stories given one by one. With title in between to make story more clear for readers.

Success story अपनी सफलता का मार्ग खुद बनाये

इस दुनियाँ में कोई भी पूर्ण नहीं है. हाँ दुसरे के नजर में जरुर है. अगर किसी को यह लगता भी है की मैं पूर्ण हूँ. मुझे वह सारी चीज मिल गई- ज्ञान भी, धन-दौलत भी समझदारी भी तो वह झूठ बोल रहा है. दुनियाँ को दिखने के लिए वह पूर्ण होने का दावा करता है.

पूर्ण तो हम छोटी-सी-छोटी चीजो में हो सकते है. पैसे तो झूठी शान देखने के लिए होता है. अगर आपको ऐसा नहीं लगता है तो एक बात अपने दिमाग में लायें- ख़ुशी कहाँ पर है – गावं में या शहर में. शहर में पैसा-ही पैसा है.

मगर जो ख़ुशी, ईमानदारी, खुली हवा, खुली सोच, भाईचारा, बहुत सारी चीज है वह शहर में नहीं मिल सकता. बस आपको देखने की जरुरत है. Moral story in hindi -एक कहानी जो आपकी जीवन बदल देगी.

आप सफल होंगे या नहीं यह कोई और नहीं बता सकता. और अगर कोई बता रहा है तो उस पर विश्वास मत कीजिए. विश्वास कीजिए तो बस खुद पर. आप खुद तय करेंगे. हाँ कोई सफल आदमी यह जरुर बता सकता है की वह सफल कैसे हुआ, क्या करके सफल हुआ, क्या-क्या दिक्कतें हुई उसके राह में. मगर आपके साथ भी वही condition नहीं आएगा. आपके पास कुछ दूसरा प्रॉब्लम हो जो उसे न मिला हो. वह प्रॉब्लम को किसी और तरीके से निपटा हो जो की आप नहीं कर सकते.

Motivational thoughts – किसी के कहने पर विश्वास नहीं करें

Successful लोगो को पढो और उनसे सीखो मगर आँख बंद करके उनके बात पर विश्वास मत करो. ऐसा मत सोचो की successful लोगो ने कह दिया की तू success हो जाएगा तो मैं success हो जाऊंगा. वो बोल दिये की तू success नहीं हो सकता तो मैं अब कभी success नहीं हो सकता.

आपलोग को एक कहानी बताता हूँ जिससे आपलोग बढ़िया से कनेक्ट कर पाएंगे – Motivational success stories

मेरा एक मामा का लड़का था. मुझसे उम्र में कुछ छोटा होगा. वह एक बढ़िया सी company में …

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Hindi stories for class 8 with moral values

Hello readers , today we are writing for you hindi stories for class 8 students. With moral values both written in hindi and english. Hope you will love this story too.

Hindi stories for class 8

आप लोग आज short motivational story पढने को मिलेगा. इसमें एक लड़के का story है वो अभी 12वीं पास किया है और अपने सपने को पूरा करना चाहता है. कैसे करता है पढियें इस short motivational story में.

विनीत का आज 12वीं का result आ गया. जिसका वह कितने ही दिन से wait कर रहा था. वह अच्छे number से पास हुआ. ख़ुशी उसके चिहरे पर छलक रहा था. घरवाले भी खुश थे. अब उसे किसी बढ़िया कॉलेज में एडमिशन हो जाएगा.

इधर बिनीत के सपने कही और घूम रहे थे. वह अपने भाई निलेश (जो दूर का भाई था) की तरह writer बनना चाहता था. निलेश ही उसका आइडियल था. और उनकी तरह writer बनने का सपना लेकर बढ़ रहा था. result आते ही उसके सपनों के पंख लग गये. वह इस बारे में जानने के लिए अपने भाई के पास गया.

क्या बातचीत हुई

“आओ बिनीत, बैठो.” उसके भाई निलेश ने उसे बैठे हुए बोला- “exam का result भी आ गया. अब क्या करने का इरादा है?”

विनीत उनके room को बड़े ध्यान से देख रहा था. एक-एक चीज उसे रोमांचित कर रहा था. मेरा भी ऐसा ही एक room होगा. सारी चीजे अच्छे से रखी होगी. बैठ कर लिखने के लिए बढ़िया सा टेबल. उस पर इतनी सारी books.

“क्या हुआ, कहा खोये हो?” निलेश ने ध्यान तोड़ते हुए बोला.

“नहीं, कही नहीं. मै भी आपके तरफ writer बनना चाहता हूँ.” बिनीत ने अपनी बात बता दिया.

“ये तो अच्छी बात है मगर कुछ जानते हो इस बारे में. जैसे कैसे लिखते है और भी सारी चीजे.”

“नहीं ये सब नहीं पता. आप बताओ. मैंने कुछ story और poem लिखे है.” उसने अपना लिखा हुआ दखाते हुए बोला.

निलेश ने बड़े ध्यान से उसे पढ़. उसे पता था अभी बहुत गलतियाँ है उसमे बहुत सारे सुधार की जरुरत है. निलेश के दिमाग और दिल में अलग-अलग बाते आने लगी. दिमाग अपना तथ्य लगाना शुरू कर दिया.

इसमे राइटिंग का कुछ पता नहीं. कैसे क्या करते है. कैसे अच्छा writer बनेगा. वही दिल कहता नहीं छोटी-मोटी गलतियाँ शुरू में होती है. यह बहुत ही बढ़िया राइटर बनेगा. और वह दिमाग और दिल की लड़ाई में अपने दिल की सुनी.

“विनीत मैं तुमको …

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आत्मज्ञान का संगीत Hindi inspirational story

आत्मज्ञान का संगीत Hindi inspirational story

रानी पद्मीनी ने आज गुरु दीक्षा ली है। पद्मीनी ने सांसारिक मोह माया को त्याग करने का व्रत धारण किया , जिसके कारण वह गरीबों में सुबह से दान – पुण्य का काम कर रही है।  रानी पद्मीनी को इससे पूर्व ऐसा अभूतपूर्व आभास नहीं हुआ था , जैसा आज दान – पुण्य करके हो रहा था।

रानी पद्मीनी थक – हारकर रात्रि के विश्राम के लिए गई , पद्मिनी के कान में एक दिव्य संगीत सुनाई पड़ी। इस संगीत की ध्वनियाँ इतनी कोमल और चित्ताकर्षक थी कि रानी पद्मीनी उस ध्वनि की ओर जाने से अपने आप को रोक नहीं पायी। रानी पद्मिनी ध्वनि का पीछा करते करते एक नदी के तट पर पहुंची।

रानी पद्मीनी को आभास हुआ यह कोमल ध्वनि नदी के उस पार से आ रही है। आसपास देखा एक नाव , नदी के तट पर बंधी हुई थी।  मल्लाह नाव में ही रात्रि विश्राम कर रहा था। रानी पद्मिनी ने मल्लाह को जगाया और नदी पार करवाने के लिए आग्रह किया।

मल्लाह ने यह कहते हुए नदी पार करने से इंकार कर दिया कि – ” अभी नदी पार करना उचित नहीं है , हवा तेज चल रही है। ”

रानी पद्मिनी ने अपना परिचय बताया – तुम जानते नहीं हो मैं कौन हूं ?

मैं रानी पद्मीनी हूं !

मल्लाह –  ” महारानी क्षमा करें ! तब तो नदी पार कराना और भी अनुचित होगा , क्योंकि आप रानी है और इस समय खतरा अधिक है।

रानी पद्मिनी की क्रोधाग्नि भड़की , किंतु रानी पद्मिनी ने धैर्य पूर्वक पुनः आग्रह किया।

भाई मल्लाह जो तुझे इनाम चाहिए वह मैं दे सकती हूं , तू मुझे नदी पार करा दे।

मल्लाह आप क्या दे सकती हैं ?

रानी पद्मिनी ने तत्काल अपने गले से रत्न जड़ित माला उतार कर मल्लाह को देते हुए कहा इससे तेरी सात पुस्ते घर बैठे खाएंगी।

मल्लाह  –  मगर यह मेरे किसी काम का नहीं , मैं इसको कहां रखूंगा ? हर समय चोरी का खतरा बना रहेगा।

रानी पद्मीनी –  मैं तुझे अपना संगमरमर से निर्मित महल दे दूंगी , जिसे देख पाना भी सभी लोगों के लिए नामुमकिन है।

मल्लाह  –  मैं इतने बड़े महल का क्या करूंगा ? यह मेरे किस काम की नहीं। मेरी कुटिया में हम लोग सभी एक साथ रहते हैं , महल में सब अलग – अलग रहेंगे। पेड़ – पौधों को पानी कौन देगा ? बगीचा …

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Andheri si Zindagi Me Roshni Laye – Rite

Hello freindz… meri story bahut emotional hai but i want to share it…. meine 12th correspondence kari hai because finacially problem thi, papa bhi bahut bimar rhete the aur meri choti sisiter thi to me nai chati thi meri vajha se uske kisi bhi cheej me compromise ho, after completion of my 12th , june 2011. i took admission in b.com pass (correspodence) from du and i also doing job in ca firm, mere join ke 1 week ke baad ek ladke ne bhi join kiya his name is raj.hum dono ne phele din bilkul bhi baat nai kari, lekin dusre din humne baat kari vo bhi me unhe lunch ke liye bulaya tha, because lunch ka time ho gaya tha to mere seniors ne mujhe unhe bulane ke liye kaha mujhe ajeeb sa lag raha tha, jab me unhe bulane gayi to meine dekha ki vo kaam kar rahe the , jab meine unhe lunch ke liye chalne ke liye bola to unhone kaha ki me baad me karunga , abhi ap log kar lo.

Pata nai kyo mujhe unse baat karke bahut acha laga, aisa nai hai ki meine kabhi kisi male se baat nai kari, but unki awaj me ek kashish thi aur us din saturday tha, sunday ayaa us din pata nai kyo ghar me mann hi nai lag raha tha, fir monday ayaa vo bhi aye. fir us din se humarri baate start hui , pata nai but after 15 days meine unhe khud bol diya that i love u……. vo bahut hase unhone bola ki ek ladki ne ladke ko prupose kiya vo bhi itni jaldi, aur unhone bhi bola yes i love you.. unse baat karke khushi milti thi kyoki ghar me bahut jyada buri condition thi. meine raj ko is condition ke bare me bataya nai tha, meri ek best freind hai jinhe me apni badi sister manti hu meine raj se unko milvaya. mein aur raj pheli baar ghumne gaye the, cp unhone vaha mujhe apne bestfreind se milvaya.hum phele banglea sahib gaye aur fir humne bikaner me lunch kiya, and u know what me sunday ko mummy se jhoot bolkar gayi thi ki mummy aj office jana hai.

Fir unhe office se chutti leni thi because unke ca ke exams the november me , me bahut royi fir unhone samjhaya ki bas 2 months ki baat hai aur meri best …

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A Memory I just had

Excerpt: He was my source of life and happiness. I fell so deep in love that I couldn’t imagine to ever be this in love with anyone else.

I always dreamt of being treated like a princess.

The reality is different. I didn’t know. Nobody ever told me. I was naive. I still am. I just can’t get the unrealistic idea of someone loving me endlessly and genuine out of my mind. Something in me still screams and tries to reach that dream and that’s why I get disappointed every single time I am left alone. The thing is that its very hard for me to fall in love, it happens but it takes a lot of time.

Whatever.. my first love was in middle school. You can say that we were meant to be. You know in a class there is always the coolest girl and boy, and everyone knows they have something for each other and that they’ll get together, right? We were that couple. We were meant to be, but.. we were also meant to be broken, I guess. Still I loved him. I remember being so happy the time he asked me out. I felt unbelievably blessed and grateful for this boy. I remember praying to god and thanking him for this gift I got, that was love from the person I loved back. My life was in his hands. Or at least that’s what I wanted to think. He was my source of life and happiness. I fell so deep in love that I couldn’t imagine to ever be this in love with anyone else.

In my eyes he was perfect. Deep blue eyes, just like the ocean. Freckles that covered his porcelain white cheeks. His short light brown hair, that he kept short. His full lips and big strong hands that he had. His deep voice. His manliness. The way he laughed about jokes. The way he spoke, moved and watched at everything. The way that people behaved around him. In my memory all those moments of him feel so vivid.

Right now at this very moment I can see him sitting right in front of me, this 11 year old, looking me right in the eye. Looking at me as if I was the most amazing and captivating little thing on earth. We looked at each other as if we had discovered something …

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My Indelible Online Romance

“Guys…. I need to confess something.”

As soon as this words left my mouth I regretted and bit my lower lip out of nervousness. The eight queer eyes looked at me all in silence. Great! I am so dumb and such a party spoiler. I shouldn’t have done this. But I don’t even have a choice now. All this love and fame won’t be there if I carry on with the suspense.

Recently my book, “Falling For You Was The Best Thing” was declared the Book of The Year. Infinite readers and love from all over the world,was all what I was getting from these past weeks and honestly, I was cherishing all these lovely moments. But the contemplation of hiding a truth from my beloved readers, a question which everyone asked,whether a commoner or any interviewer still bugs me. All i ever did was smile mysteriously whenever this question was asked. But today I decided to confess them all the truth. Eight lucky readers got the chance to meet and dine with me and this was my only chance where I can reveal the real story. The dark story which is nothing compared to what I wrote in my book. Its now or never!

“What is it, Ana?” Franco, the blonde guy asked me.

I heaved a sigh and looked directly at them. They all were quiet as a lamb, waiting patiently and eagerly for me to start. A part of me was saying ‘No, let the world read your sunshine story. Let them believe in the happy ending.’ But I guess, I went for the other voice which asked me to confess.

“Ana… Are you okay?” My tranquility got broke by the question of Elsa. She had a worried look.

“Mmm… Yeah,sorry. Um-m I don’t know how to say this but their is something I need to confess something about yours all favorite character… Verone Smith.” I stopped to look at the expressions and as expected everyone had a hysterical look on their face. Without stopping, I continued, “Verone Smith was someone who is not just a character but someone real in my life…. I did not change his name in the book even because I couldn’t.”

“Who was he?” Cheryl asked.

The sounds of the  honking outside, people talking, the city-lights at distance, the eight faces sitting curiously in front of me and all other minor or …

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Broken Heart

High school experience:-

When I got enrolled in high school, I was wondering about the way my experience would be like. But I didn’t think about destiny. I never knew that there would be a sunrise waiting for me. So my first day there wasn’t ordinary like at all. It all started with a powerful sight! Because of it, my pain is still remaining.

When I saw her the first time, I fell deeply in her love, in her tricky web! She was just sitting over there, smiling to her peers and just talking about her summer vacation. She saw me, but she never talked to me. It seemed so hard for both of us to start the stranger’s conversation. It would be odd, at least at that level. But I never gave up staring at her unconsciously. And then came that moment, the first time when I get to talk to her. It was two weeks after the first day, which sounds pretty long! But yet, our conversation was brief and very serious.

I saw her shining green eyes, get a little bit more confidence and just said it. You may guess ‘I like your hairstyle or your shoes’ Or anything to get her attention. But I’ve never been that guy. I’m too shy to admit, even a little compliment. I told her “Your French is so fluent that it impressed me. She just smiled and said “thanks!”. I was stunned by her smile. It has a lot of magic. Its huge impact turned my life 360 degrees:

I just became another dude. But I kept treating her like all my peers. We only got to talk about homework, school project and that stuff… Unfortunately, things got so much worse, I became the pussy guy. All my classmates used to make their stupid bullies and call me names just because I was the kindest guy. Once, they said I was gay just because I wore a pink t-shirt. I felt so bad about it, and I got very mad.

But my tiny hero came and saved me with her little smile. She told me that my t-shirt was incredible, and she likes it. I could take that as a compliment, maybe build a first step in that relationship, but I just kept expressing my anger about it. I didn’t even thank her. It was very silly. And I really …

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My First Love

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Short Story of My First Love
Photo credit: fiona_adam from morguefile.com

My last year in high school was truly memorable because of a sweet little teen-age girl that took my heart. School year 1956-1957 has just started when one afternoon a teacher introduced us to each other. It has something to do with a project in Pilipino we are to work together. The chance encounter was brief. I never remember what we talked. All I can recall was how delicate and graceful her hands as she gesture when she speak.

The sound of her voice was so pleasing. Her almond shaped eyes smiles when she laughed. There was the bloom of crimson on her damp lips and shades of scarlet on her smooth face. Her scent is heavenly. As if an unseeable bouquet of garlands surrounds her. And the way her shiny black shoulder length hair sway when she move her head fascinate me . She was the most beautiful girl I have ever met. When we parted that afternoon, my heart deserted me and went with her. She was my first love.

I sleep very little the night we met. I dream of her with my eyes wide open. I beg God to hurry up morning. The next day I saw her again after school and this time we spend a little more time together. I walked her home and that was the beginning of our many promenades. We discovered we have a lot of things in common. We delight in each other’s company. We shared stories and laughed a lot. Yet I lack the courage to tell her how I feel. The thought of losing her should I open up my heart, kept the verses I rehearsed countless nights locked in my mind.

But on the last simbang gabi in 1956, with the morning chill of December and the dark of the night waning, I confessed to her she is my first love. She look me long and deep in the eyes as if searching the truth in what I said. Without a word I took her hand and she allowed me to kiss it. Then she look down and whispered she is afraid. She has never been in love before and don’t know what to do. I gently lifted her face. The light as dawn break showed the worry in her misty eyes. I draw her towards …

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राज बोहरे ठसकदार – A Short Story in Hindi

अपनी मोटरसाइकिल पर बोरे बांध रहे बालकिशन को उसकी पत्नी रति ने समझाया।

“सुनो !आज यह तीन बोरा टमाटर लेकर मंडी मत जाना , नहीं तो वही एक सौ रुपया  दाम मिलेगा। कल की तरह किसी हाथ ठेला वाले के साथ गली-गली जाकर बेच देना जिससे हजार रुपया कमा लोगे ।”

बालकिशन बोला “मुझसे नहीं होता हल्के और फर्जी काम।”

“राम राम! अरे तुम्हे हल्के और फर्जी काम क्यों लगा घर घर जाके माल बेचना?” रति हैरान थी।

” हल्का तो इसलिए कि गली गली भिखारियों की नाई आवाज लगाते फिर ना पड़ता है। फर्जी इसलिए कि कच्चे पीले और छोटे बेस्वाद टमाटर को लाल स्वादिष्ट टमाटर बता कर बेचना पड़ता है।”

रति अपना माथा ठोकते हुए बोली “आपके जैसा  ठसकदार आदमी नहीं देखा । अरे भले आदमी कभी टेलीविजन भी देख लिया करो ,जहां गुटखा, कोल्डड्रिंक और दूसरी किसम-किसम की लाखों खराब चीजें बेचने के लिए हमारे मुल्क के बड़े-बड़े फिल्मी सितारे और खिलाड़ी रात दिन घर-घर जाकर कैसे चिल्लाते रहते हैं।”

“हम जैसे किसान से ऐसे नाटक नहीं हो पाते ।” कहते बाल किशन ने मोटरसाइकिल को स्टार्ट करने के लिए जोर से किक मार दी।

Submitted By:-
Raj Bohare

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धूर्त मेंढक, जैसी करनी वैसी भरनी As You Sow, So Shall You Reap

एक बार की बात है कि एक चूहे और मेंढक में गहरी दोस्ती थी| उन दोनों ने जीवन भर एक दूसरे से मित्रता निभाने का वादा किया लेकिन चूहा तो ज़मीन पर रहता था और मेंढक पानी में|

उन्होंने एक दूसरे के साथ रहने की एक तरकीब निकाली| दोनों ने एक रस्सी से खुद को बाँध लिया ताकि हर जगह हम एक साथ जाएँगे और सारे सुख दुख एक साथ भोगेंगे|

जब तक दोनों ज़मीन पर रहे, तब तक तो सब कुछ अच्छा चल रहा था| अचानक मेंढक को एक शरारत सूझी और उसने पास के ही एक तालाब में छलाँग लगा दी| बस फिर क्या था रस्सी से बँधे होने के कारण चूहा भी पानी में गिर गया|

अब चूहा बहुत परेशान था, वह डूब रहा था और बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था| लेकिन मेंढक धूर्त था उसने अपने मित्र चूहे को नज़रअंदाज़ करते हुए टरटरते हुए ज़ोर ज़ोर से तैरना शुरू कर दिया|

धूर्त मेंढक, जैसी करनी वैसी भरनी As You Sow, So Shall You Reap अब तो चूहे की जान ही निकल गयी वह बड़ी मुश्किल से मेंढक को तालाब के किनारे तक खींच कर लाया|

जैसे ही दोनों ने ज़मीन पर पैर रखा अचानक एक चील आई और चूहे को झपट कर उड़ने लगी अब रस्सी से बँधे होने के कारण मेढक भी पंजे में आ गया उसने छूटने का बहुत प्रयास किया लेकिन रस्सी को तोड़ ना सका और अंत में दोनों को चील ने खा लिया|

अब तो चूहे के साथ मेंढक भी बेमौत मारा गया|

इसीलिए कहा जाता है की जो लोग दूसरों का बुरा करते हैं उसके साथ वह भी गड्ढे में गिरते हैं, तो जैसी करनी वैसी भरनी|

आज के दौर में अक्सर ही लोग अपने फायदे के लिए दूसरों के साथ जुड़ जाते हैं और काम निकलने पर किनारा कर लेते हैं| ऐसे में वह अपने साथी के बारे में तनिक भी नहीं सोचते परन्तु आगे चलकर बुरा करने वाले व्यक्ति को उसका परिणाम भुगतना ही पड़ता है|…

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